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CG Vyapam: छत्तीसगढ़ व्यापमं ने जारी किया परीक्षाओं का कैलेंडर, 2025 में 32 से अधिक परीक्षाएं लेगा व्यापम

Raipur: छत्तीसगढ़ में विभिन्न विभागों के रिक्त पदों के लिए भर्ती परीक्षा एवं प्रवेश परीक्षाओं के लिए व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) ने 2025 के लिए कैलेंडर जारी कर दिया है। व्यापमं द्वारा जारी किए गए वार्षिक कैलेंडर में 32 से अधिक परीक्षाओं की संभावित तिथियां दी गई हैं, जिसमें उप अभियंता, सहायक सांख्यिकी अधिकारी, मत्स्य निरीक्षक, एडीईओ से लेकर पुलिस कांस्टेबल, स्टॉफ नर्स, वार्ड ब्वॉय तक के पद शामिल हैं। ये परीक्षाएं 09 मार्च 2025 से शुरू हो कर 21 दिसम्बर 2025 तक चलेंगी।
संचालनालय कृषि विभाग के अंतर्गत जिनमें प्रयोगशाला सहायक 09 मार्च 2025 और सहायक सांख्यिकी अधिकारी 13 अप्रेल 2025, संचालनालय मछली पालन विभाग के अंतर्गत मत्स्य निरीक्षक 23 मार्च 2025, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अंतर्गत उप अभियंता (सिविल एवं वि/यां.), तकनीकी शिक्षा विभाग के अंतर्गत पी.पी.टी. और प्री.एम.सी.ए. का 01 मई, पी.ई.टी. एवं पी.पी.एच.टी. की परीक्षाएं 08 मई 2025 को होंगी। इसी तरह पीएटी-प्रीव्हीपीटी 15 मई, प्रीबीएड एवं प्रीडीएलएड 22 मई, बीएससी नर्सिंग 29 मई, एमएससी नर्सिंग और पोस्ट बेसिक नर्सिंग की परीक्षाएं 05 जून 2025 को, सहायक विकास विस्तार अधिकारी 15 जून, नगर सैनिक का 22 जून 2025 को परीक्षा संभावित है।
लोक निर्माण विभाग में उप अभियंता (सिविल) एवं उप अभियंता (विद्युत/यांत्रिकी) पदों के लिए परीक्षा तिथि 13 जुलाई 2025 निर्धारित की गई है। इसी प्रकार जल संसाधन विभाग में उप अभियंता (सिविल) एवं उप अभियंता (विद्युत/यांत्रिकी) पद के लिए परीक्षा 20 जुलाई, आयुक्त आबकारी में आबकारी आरक्षक पद के लिए 27 जुलाई, उच्च शिक्षा संचालनालय में प्रयोगशाला परिचारक पद के लिए परीक्षा 03 अगस्त, मुद्रण तथा लेखन सामग्री विभाग में डार्करूम असिस्टेंट, पेस्टिंग बॉय, ऑग्जीलरी, इंकमैन/इंकर, जूनियर बाईडर, हमाल, सफाई कर्मचारी, चौकीदार, भृत्य, हेल्पर (समूह-6) पदों के लिए परीक्षा 31 अगस्त तथा छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक (अपेक्स बैंक) एवं 06 जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक में कनिष्ठ प्रबंधक-(2) (कंसट्रक्शन, मेंटनेंस), उप प्रबंधक (उपयंत्री), कनिष्ठ प्रबंधक संवर्ग (कृषि विशेषज्ञ), कनिष्ठ प्रबंधक-(2), (आईटी, प्रोग्रामर), कनिष्ठ संवर्ग (आईटी विशेषज्ञ), उप प्रबंधक (प्रोग्रामर) एवं सहायक प्रबंधक (सहायक प्रोग्रामर) पदों की परीक्षा तिथि 7 सितम्बर 2025 निर्धारित की गई है।
व्यापमं द्वारा गृह पुलिस विभाग अंतर्गत आरक्षक संवर्ग 14 सितम्बर, स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत स्टाफ नर्स 21 सितम्बर एवं वार्ड ब्वॉय एवं वार्ड आया 12 अक्टूबर और ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक पुरूष एवं महिला परीक्षाएं 09 नवम्बर 2025 को आयोजित की जाएंगी। मुद्रण तथा लेखन सामग्री विभाग के विभिन्न पदों पर 30 नवम्बर, जल संसाधन विभाग के अंतर्गत अमीन 07 दिसम्बर, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर अंतर्गत अनुवादक 14 दिसम्बर और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अंतर्गत केमिस्ट पदों के लिए 21 दिसम्बर को संभावित परीक्षा तिथि जारी की गई है। विस्तृत जानकारी के लिए अभ्यर्थी व्यापमं की ऑफिशियल वेबसाइट vyapam.cgstate.gov.in पर विजिट कर सकते हैं।
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Raipur: छत्तीसगढ़ सरकार का खर्चों पर सख्त नियंत्रण, विदेश यात्राओं पर रोक, वर्चुअल बैठकों और EV को बढ़ावा

Raipur: छत्तीसगढ़ सरकार ने शासकीय खर्चों में कटौती और वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए नए निर्देश जारी किए हैं। वित्त विभाग द्वारा जारी आदेशों के तहत सरकारी संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग, अनावश्यक खर्चों पर रोक और डिजिटल कार्यप्रणाली को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है। वित्त विभाग के सचिव रोहित यादव द्वारा जारी ये निर्देश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं और 30 सितंबर 2026 तक प्रभावी रहेंगे। निर्देश सभी विभागों, संभागीय आयुक्तों, कलेक्टरों और विभागाध्यक्षों को भेजे गए हैं।
कारकेड और ईंधन खर्च पर नियंत्रण
सरकार ने मुख्यमंत्री, मंत्रिपरिषद, निगम-मंडल और आयोगों के पदाधिकारियों के कारकेड में केवल जरूरी वाहनों के उपयोग के निर्देश दिए हैं। साथ ही पेट्रोल और डीजल पर होने वाले खर्च को न्यूनतम रखने के लिए वाहन पूलिंग व्यवस्था लागू करने को कहा गया है।
इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा
राज्य के सरकारी वाहनों को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक वाहनों में बदलने की तैयारी की जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे ईंधन खर्च कम होगा और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
विदेश यात्राओं पर रोक
नई गाइडलाइन के अनुसार अत्यंत जरूरी परिस्थितियों को छोड़कर सरकारी खर्च पर विदेश यात्राओं पर रोक रहेगी। किसी भी आवश्यक विदेशी दौरे के लिए मुख्यमंत्री की पूर्व अनुमति अनिवार्य होगी।
ऑनलाइन बैठकों पर जोर
वित्त विभाग ने भौतिक बैठकों की जगह वर्चुअल और ऑनलाइन बैठकों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। विभागीय समीक्षा बैठकें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित होंगी और फिजिकल मीटिंग्स को यथासंभव महीने में एक बार तक सीमित रखा जाएगा।
बिजली और कागज बचाने पर फोकस
निर्देशों में कार्यालयीन समय के बाद सभी लाइट, पंखे, एसी और कंप्यूटर बंद रखने को अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा बैठकों में प्रिंटेड दस्तावेजों की जगह PDF और PPT जैसे डिजिटल दस्तावेजों के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जाएगा।
साथ ही कार्यालयीन पत्राचार और नोटशीट को अनिवार्य रूप से e-Office के माध्यम से संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि कागज और स्टेशनरी खर्च में कमी लाई जा सके।
iGOT कर्मयोगी पोर्टल पर जोर
सरकार ने प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए भौतिक ट्रेनिंग की जगह iGOT Karmayogi पोर्टल के अधिकतम उपयोग के निर्देश दिए हैं। विभागों से अपने प्रशिक्षण पाठ्यक्रम इस पोर्टल पर अपलोड करने को कहा गया है। सरकार का मानना है कि इन उपायों से न केवल खर्चों में कमी आएगी, बल्कि प्रशासनिक दक्षता और जवाबदेही में भी सुधार होगा।
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Raipur: छत्तीसगढ़ में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं, अफवाहों से बचें, जरूरत अनुसार ही ईंधन लें- CM विष्णुदेव साय

Raipur: छत्तीसगढ़ में पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता को लेकर फैल रही आशंकाओं के बीच मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने प्रदेशवासियों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि राज्य में ईंधन का पर्याप्त भंडारण उपलब्ध है और सभी ऑयल डिपो में नियमित रूप से सप्लाई जारी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार और ऑयल कंपनियां पूरी समन्वय व्यवस्था के साथ स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद भारत सरकार ने ईंधन आपूर्ति को लेकर जरूरी तैयारियां की हैं और किसी प्रकार की कमी की स्थिति नहीं है।
जरूरत अनुसार ही लें ईंधन
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi ने भी देशवासियों से अनावश्यक खरीदारी और भंडारण से बचने की अपील की है। उन्होंने लोगों से संयम और जिम्मेदारी दिखाने का आग्रह करते हुए कहा कि केवल आवश्यकता अनुसार ही पेट्रोल-डीजल लें और किसी भी भ्रामक सूचना या अफवाह से दूर रहें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों की जागरूकता, सहयोग और संयम से छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में ईंधन व्यवस्था सुचारू बनी रहेगी। उन्होंने नागरिकों से राष्ट्रहित में सकारात्मक सोच और जिम्मेदार व्यवहार अपनाने की अपील भी की।
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Raipur: राजधानी को जल्द मिलेगी ट्रैफिक से राहत, कचना ओवर-ब्रिज का 96% काम पूरा, जल्द शुरू होगा यातायात

Raipur: राजधानी रायपुर में खम्हारडीह-कचना रेलवे क्रॉसिंग पर बन रहा बहुप्रतीक्षित रेलवे ओवर-ब्रिज अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। उप मुख्यमंत्री और लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने गुरुवार को निर्माणाधीन ओवर-ब्रिज का निरीक्षण कर अधिकारियों और निर्माण एजेंसी को जल्द से जल्द काम पूरा करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान उप मुख्यमंत्री ने ओवर-ब्रिज पर पैदल चलकर तकनीकी मानकों की जानकारी ली और यहां बेहतर गुणवत्ता की लाइटिंग व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस दौरान लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल, प्रमुख अभियंता V. K. Bhatpahari और सेतु संभाग के मुख्य अभियंता एसके कोरी भी मौजूद रहे।
जल्द खुलेगा ओवर-ब्रिज, हजारों लोगों को मिलेगी राहत
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि कचना ओवर-ब्रिज का करीब 96 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है और शेष काम तेजी से किया जा रहा है। ओवर-ब्रिज शुरू होने के बाद रायपुर शहर और आसपास के गांवों के हजारों लोगों को रेलवे फाटक बंद होने और ट्रैफिक जाम की समस्या से राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार राजधानी की यातायात व्यवस्था को बेहतर, तेज और व्यवस्थित बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। कचना ओवर-ब्रिज इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण परियोजना है, जिसका लंबे समय से लोग इंतजार कर रहे थे।
49 करोड़ की लागत से बन रहा पुल
लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के मुताबिक रायपुर-वाल्टेयर रेलवे लाइन पर खम्हारडीह और कचना के बीच लगभग 49 करोड़ रुपए की लागत से यह रेलवे ओवर-ब्रिज बनाया जा रहा है। पुल के रेलवे हिस्से के साथ दोनों ओर पहुंच मार्ग और संरचना का काम पूरा हो चुका है। फिलहाल पेंटिंग और फिनिशिंग का काम चल रहा है। इसके बाद नाली निर्माण और लाइटिंग कार्य शुरू किया जाएगा। ओवर-ब्रिज शुरू होने के बाद इस रूट पर यातायात अधिक व्यवस्थित और तेज होने की उम्मीद है।
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Chhattisgarh: LEADS 2025 रिपोर्ट में चमका राज्य, ‘हाई परफॉर्मर’ राज्य बना, सड़क-परिवहन और रोजगार में तेजी

Raipur: बेहतर सड़क, तेज़ परिवहन व्यवस्था और बढ़ते रोजगार अवसरों के दम पर छत्तीसगढ़ ने राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। भारत सरकार के उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) की LEADS 2025 रिपोर्ट में राज्य को ‘हाई परफॉर्मर’ का दर्जा मिला है।
राज्य सरकार ने इसे सुशासन, मजबूत कनेक्टिविटी और जनहितकारी योजनाओं का सकारात्मक परिणाम बताया है। सरकार का दावा है कि इसका सीधा फायदा आम जनता, किसानों, व्यापारियों और युवाओं को मिलेगा।
विष्णु देव साय ने कहा कि सरकार केवल उद्योगों के विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि आम लोगों का जीवन आसान बनाने पर फोकस कर रही है। बेहतर सड़क और परिवहन व्यवस्था से किसानों की उपज तेजी से बाजार तक पहुंच रही है, व्यापार को गति मिल रही है और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पारदर्शिता और तेज़ निर्णय प्रक्रिया के कारण राज्य में निवेश बढ़ रहा है। गांव से शहर तक कनेक्टिविटी मजबूत करने, वेयरहाउसिंग सुविधाएं बढ़ाने और उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल तैयार करने पर लगातार काम किया जा रहा है।
लॉजिस्टिक्स नीति 2025 से बढ़ेगी रफ्तार
लखन लाल देवांगन ने कहा कि राज्य में लॉजिस्टिक्स और परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाया जा रहा है, जिससे उद्योगों के साथ छोटे व्यापारियों, किसानों और स्थानीय उद्यमियों को भी फायदा मिलेगा।
राज्य सरकार की लॉजिस्टिक्स नीति 2025 के तहत परिवहन लागत कम करने, माल ढुलाई को तेज़ बनाने और निवेश आकर्षित करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग सेक्टर को उद्योग का दर्जा मिलने से निवेश और रोजगार की नई संभावनाएं बन रही हैं।
रायपुर में बनेगा सिटी लॉजिस्टिक्स प्लान
Raipur के लिए तैयार सिटी लॉजिस्टिक्स प्लान के जरिए ट्रैफिक दबाव कम करने और माल परिवहन को व्यवस्थित बनाने पर काम किया जाएगा। वहीं OneClick Single Window Portal के माध्यम से उद्योगों के लिए अनुमति प्रक्रिया आसान बनाई गई है, जिससे निवेशकों को तेजी से मंजूरी मिल रही है।
वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार ने कहा कि छत्तीसगढ़ तेजी से आधुनिक और तकनीक-सक्षम लॉजिस्टिक्स व्यवस्था विकसित कर रहा है। इससे व्यापार, उद्योग और रोजगार को नई गति मिल रही है और राज्य उभरते औद्योगिक एवं निवेश केंद्र के रूप में पहचान बना रहा है।
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Raipur: ‘सरकारी वाहन चरणबद्ध तरीके से होंगे EV में तब्दील’, मुख्यमंत्री साय का बड़ा बयान

Raipur: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ईंधन संरक्षण और संसाधनों के संयमित उपयोग को लेकर बड़ा संदेश दिया है।मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी के आह्वान का समर्थन करते हुए कहा कि पेट्रोल-डीजल जैसे संसाधनों का जिम्मेदारी से उपयोग करना हर नागरिक का राष्ट्रीय दायित्व है।
‘ऊर्जा संरक्षण राष्ट्रनिर्माण में योगदान’
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ऊर्जा संरक्षण केवल आर्थिक जरूरत नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा बचत की दिशा में उठाया गया हर कदम राष्ट्रनिर्माण में योगदान है।
सरकारी कारकेड में कम होंगे वाहन
मुख्यमंत्री ने बताया कि अब उनके आधिकारिक दौरों में केवल अत्यावश्यक वाहनों को ही कारकेड में शामिल किया जाएगा। साथ ही मंत्रियों और विभिन्न निगम-मंडलों के पदाधिकारियों से भी सरकारी वाहनों और संसाधनों के सीमित उपयोग की अपील की गई है।
सरकारी वाहन बनेंगे इलेक्ट्रिक
राज्य सरकार ने सरकारी परिवहन व्यवस्था को पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में भी पहल शुरू कर दी है। सीएम साय ने कहा कि शासकीय वाहनों को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) में बदला जाएगा। इससे ईंधन की बचत के साथ प्रदूषण नियंत्रण और हरित ऊर्जा को भी बढ़ावा मिलेगा।
जनता से सार्वजनिक परिवहन अपनाने की अपील
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अधिक से अधिक सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने, कारपूलिंग अपनाने और अनावश्यक निजी वाहनों के इस्तेमाल से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी आदतों में बदलाव लाकर बड़े सकारात्मक परिणाम हासिल किए जा सकते हैं।
‘नेशन फर्स्ट’ की भावना से जुड़ें लोग
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ईंधन संरक्षण को जनभागीदारी का अभियान बनाना समय की जरूरत है। उन्होंने लोगों से ‘नेशन फर्स्ट’ की भावना के साथ ऊर्जा सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक मजबूती के लिए जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाने का आह्वान किया।
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