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Bihar News: सीतामढ़ी जिले में बनने जा रहा है मां जानकी का भव्य मंदिर, CM नीतीश शेयर किया डिजाइन

Sitamarhi:मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को सीतामढ़ी जिले के पुनौरा धाम में प्रस्तावित मां जानकी मंदिर के अंतिम डिजाइन को X पर शेयर किया है। बिहार के इस स्थान को देवी सीता का जन्मस्थान माना जाता है। बिहार सरकार ने पुनर्विकास कार्यों में तेजी लाने के लिए एक न्यास (ट्रस्ट) का भी गठन किया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने X पर मंदिर की कई तस्वीरें शेयर करते हुए अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने लिखा, “मुझे बताते हुए अत्यंत प्रसन्नता हो रही है कि जगत जननी मां जानकी की जन्मस्थली पुनौरा धाम, सीतामढ़ी को समग्र रूप से विकसित करने के लिये भव्य मंदिर सहित अन्य संरचनाओं का डिजाइन अब तैयार हो गया है, जिसे आपके साथ साझा किया जा रहा है।
सीएम नीतीश ने आगे लिखा कि निर्माण कार्य में तेजी लाने के लिए एक ट्रस्ट का गठन किया गया है और राज्य सरकार पुनौरा धाम में भव्य मंदिर निर्माण शीघ्र पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। नीतीश कुमार ने इसे सभी बिहारवासियों के लिए गौरव और सौभाग्य की बात बताया।
अयोध्या राम मंदिर के डिजाइन सलाहकार को मिली थी जिम्मेदारी
बिहार कैबिनेट ने हाल ही में “पुनौरा धाम जानकी मंदिर” के विकास के लिए डिजाइन सलाहकार के तौर पर नोएडा की एक निजी कंपनी को जिम्मेदारी देने की मंजूरी दी थी। यही कंपनी अयोध्या में राम मंदिर की मास्टर प्लानिंग और वास्तुकला सेवाओं के लिए सलाहकार थी। नीतीश कैबिनेट ने मंदिर के समग्र विकास के लिए पहले ही 120 करोड़ रुपये मंजूर किए थे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 13 दिसंबर 2023 को पुनौरा धाम जानकी मंदिर के समग्र विकास की आधारशिला रखी थी।
नए डेवलपमेंट प्लान में क्या-क्या है?
“पुनौरा धाम जानकी मंदिर” के नए डेवलपमेंट प्लान के तहत, राज्य सरकार ‘सीता-वाटिका’, ‘लव-कुश वाटिका’ विकसित करेगी। साथ ही परिक्रमा पथ, डिस्प्ले कियोस्क, कैफेटेरिया और बच्चों के लिए प्ले एरिया का भी निर्माण कराएगी। राज्य सरकार के अनुसार, पुनौरा धाम को जोड़ने वाली सभी सड़कों का भी विकास किया जा रहा है। इसके अलावा, तीर्थ स्थल के चारों ओर थीम आधारित द्वार और पार्किंग क्षेत्र का निर्माण भी किया जा रहा है।
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Bihar: नीतीश कुमार ने राज्यसभा के लिए भरा नामांकन, 8 मार्च को JDU जॉइन कर सकते हैं बेटे निशांत

Patna: बिहार की राजनीति में गुरुवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विधानसभा पहुंचकर राज्यसभा सदस्य के लिए नामांकन दाखिल कर दिया। उनके साथ भाजपा अध्यक्ष Nitin Nabin, केंद्रीय मंत्री Ram Nath Thakur, Upendra Kushwaha और Shivesh Kumar ने भी नामांकन पत्र दाखिल किए। इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद रहे। नामांकन के बाद जेडीयू ने बिहार सरकार में गृह विभाग पर अपना दावा ठोक दिया है। फिलहाल यह विभाग भाजपा के पास है और सम्राट चौधरी राज्य के गृहमंत्री हैं। राजनीतिक हलकों में इसे सत्ता संतुलन से जोड़कर देखा जा रहा है।
इसी बीच जेडीयू सूत्रों के हवाले से खबर है कि नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार 8 मार्च को जेडीयू की सदस्यता ले सकते हैं। पार्टी में शामिल होने के बाद संगठन में उनकी भूमिका को लेकर फैसला किया जाएगा। बताया जा रहा है कि पहले उनकी जॉइनिंग गुरुवार को ही प्रस्तावित थी और इसके लिए जेडीयू कार्यालय में कार्यकर्ताओं के लिए भोज की भी तैयारी की गई थी, लेकिन राज्यसभा नामांकन कार्यक्रम के कारण इसे टाल दिया गया।
अमित शाह बोले- नीतीश का कार्यकाल इतिहास में स्वर्णिम पन्ना
नामांकन के बाद अमित शाह ने नीतीश कुमार के राजनीतिक सफर की सराहना करते हुए कहा कि उनका कार्यकाल बिहार के इतिहास में स्वर्णिम पृष्ठ के रूप में दर्ज होगा। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने राज्य को जंगलराज से बाहर निकालकर विकास की राह पर आगे बढ़ाया। शाह ने यह भी कहा कि इतने लंबे राजनीतिक जीवन में उन पर भ्रष्टाचार का कोई आरोप नहीं लगा, जो अपने आप में बड़ी उपलब्धि है।
नई सरकार को पूरा समर्थन देंगे: नीतीश
नामांकन से पहले नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा कि संसदीय जीवन की शुरुआत से ही उनकी इच्छा रही है कि वे संसद के दोनों सदनों के सदस्य बनें। इसी इच्छा के तहत वे इस बार राज्यसभा का चुनाव लड़ रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार की नई सरकार को उनका पूरा समर्थन रहेगा।
तेजस्वी का आरोप- बीजेपी ने महाराष्ट्र मॉडल लागू किया
नीतीश कुमार के इस फैसले पर विपक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। आरजेडी नेता Tejashwi Yadav ने कहा कि बिहार में भाजपा ने महाराष्ट्र मॉडल लागू किया है और नीतीश कुमार को इतना दबाव में रखा गया कि उन्हें इस्तीफा देना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा अपने सहयोगियों को खत्म करने की रणनीति पर काम करती है।
कार्यकर्ताओं में नाराजगी, CM आवास के बाहर हंगामा
नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की खबर सामने आने के बाद जेडीयू कार्यकर्ताओं में नाराजगी भी देखने को मिली। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मुख्यमंत्री आवास के बाहर जुट गए और उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार बिहार छोड़कर दिल्ली नहीं जाएं। कई कार्यकर्ता भावुक होकर रोते नजर आए। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने भाजपा कोटे के मंत्री Surendra Mehta, जेडीयू एमएलसी Sanjay Gandhi और जेडीयू विधायक Prem Mukhiya को मुख्यमंत्री आवास जाने से रोक दिया। जेडीयू कार्यालय में भी कुछ नाराज कार्यकर्ताओं ने तोड़फोड़ की।
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Bihar: क्या राज्यसभा जाएंगे नीतीश कुमार? CM आवास पर 6 घंटे मंथन, बेटे निशांत के नाम की भी चर्चा

Patna: बिहार की राजनीति में बुधवार शाम हलचल तेज हो गई, जब मुख्यमंत्री Nitish Kumar के संभावित राज्यसभा जाने की अटकलों के बीच CM आवास पर अहम बैठक बुलाई गई। शाम 6 बजे से शुरू हुई इस बैठक में जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष Sanjay Jha और मंत्री Vijay Kumar Chaudhary मौजूद रहे।
बैठक के दौरान विजय चौधरी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि अंतिम फैसला खुद नीतीश कुमार को लेना है। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि पार्टी के कई वरिष्ठ नेता नहीं चाहते कि नीतीश सक्रिय राज्य की राजनीति छोड़कर दिल्ली जाएं। इस बीच उनके बेटे निशांत कुमार के नाम की भी राजनीतिक गलियारों में चर्चा शुरू हो गई है, लेकिन पार्टी की ओर से इन अटकलों का अब तक कोई आधिकारिक खंडन नहीं किया गया है।
सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय मंत्री राम नाथ ठाकुर का राज्यसभा जाना लगभग तय माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि उन्होंने नामांकन से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। वहीं, जेडीयू संगठन में भी फेरबदल के संकेत मिले हैं। उमेश कुशवाहा को फिर से प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने पर मुहर लग गई है।
इन सियासी हलचलों के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पटना दौरे को भी अहम माना जा रहा है। वे नितिन नवीन के नामांकन कार्यक्रम में शामिल होंगे। ऐसे में राज्यसभा चुनाव और संभावित राजनीतिक बदलाव को लेकर बिहार की सियासत में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।फिलहाल, सबकी नजरें नीतीश कुमार के अंतिम फैसले पर टिकी हैं, जो आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति की दिशा तय कर सकता है।
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Bihar: अपराधी सुधरें या बिहार छोड़ें, डिप्टी CM सम्राट चौधरी की खुली चेतावनी, नए कार्यालय से सख्त संदेश

Samrat Choudhary: बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपराधियों को एक बार फिर खुली चुनौती दी है। पुराने सचिवालय स्थित नवनिर्मित कार्यालय में विधिवत कार्यभार संभालते ही उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता अपराध के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ है। कार्यभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने गृह विभाग और बिहार पुलिस के वरीय अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में राज्य की कानून-व्यवस्था की स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई।
‘बिहार अपराधियों का पनाहगाह नहीं’
समीक्षा बैठक के दौरान सम्राट चौधरी ने दो-टूक शब्दों में कहा कि बिहार अब अपराधियों के लिए सुरक्षित पनाहगाह नहीं रहेगा। जो कानून को चुनौती देंगे, उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने साफ कहा- अपराधी या तो खुद को सुधार लें, अन्यथा उन्हें बिहार छोड़ना होगा। पुलिस को अपराध और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की पूरी स्वतंत्रता है।
पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर
गृह मंत्री के तौर पर सम्राट चौधरी ने विभागीय कार्यप्रणाली में बदलाव, पारदर्शिता और जनता के प्रति जवाबदेही बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने राजधानी पटना में ट्रैफिक व्यवस्था को सुगम बनाने पर भी अधिकारियों से चर्चा की। उन्होंने पुलिस प्रशासन को निर्देश दिया कि आम लोगों के दिलों में विश्वास और सुरक्षा की भावना मजबूत होनी चाहिए। पुलिस की छवि जनहितैषी बने, इस दिशा में विशेष प्रयास करने की जरूरत है।
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Patna: 31 साल पुराने केस में पप्पू यादव गिरफ्तार, बेहोशी के बाद PMCH लाया गया; देर रात आवास पर 3 घंटे चला हाईवोल्टेज ड्रामा

Patna: पूर्णिया से सांसद और जन अधिकार पार्टी के नेता राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव को शनिवार सुबह इलाज के लिए पटना के PMCH लाया गया। गिरफ्तारी के दौरान चोट लगने के बाद उन्हें सिर दर्द और धड़कन तेज होने की शिकायत है। इससे पहले पटना पुलिस ने उन्हें शुक्रवार देर रात करीब 12 बजे गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई 31 साल पुराने (1995) एक मामले में पटना की विशेष अदालत के गिरफ्तारी आदेश के बाद की गई।
मंदिरी आवास पर पुलिस की रेड, इलाका बना छावनी
शुक्रवार रात पप्पू यादव के मंदिरी स्थित आवास पर सिटी एसपी, 5 डीएसपी, 6 थानेदार और करीब 100 पुलिसकर्मी पहुंचे। उनके घर और आसपास का इलाका पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया। पुलिस के पहुंचने पर पप्पू यादव घर के सबसे ऊपरी फ्लोर पर थे। इस दौरान सूचना मिलते ही उनके समर्थक बड़ी संख्या में मौके पर जुट गए।
बेहोशी के बाद हालात बिगड़े
करीब 3 घंटे तक हाईवोल्टेज ड्रामा चला। गिरफ्तारी के वक्त पप्पू यादव बेहोश हो गए, जिसके बाद समर्थक भड़क उठे। पुलिस और समर्थकों के बीच हाथापाई हुई। कुछ समर्थक पुलिस की गाड़ी पर चढ़ गए, हालांकि हालात पर बाद में काबू पा लिया गया।
IGIMS के बाद PMCH शिफ्ट
गिरफ्तारी के बाद पप्पू यादव को पहले IGIMS में मेडिकल जांच के लिए ले जाया गया। इसके बाद वे पुलिस कस्टडी में रहे। शनिवार सुबह उन्हें स्ट्रेचर पर PMCH लाया गया। सूत्रों के मुताबिक, आज उनकी कोर्ट में पेशी हो सकती है।
पुलिस का पक्ष
पटना के सिटी एसपी भानु प्रताप सिंह ने बताया, “यह 1995 का मामला है। ट्रायल चल रहा था। सांसद को कोर्ट में उपस्थित होना था, लेकिन वे तय तारीख पर नहीं पहुंचे, इसी कारण गिरफ्तारी की गई।”
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Patna: पटना में RJD की बड़ी बैठक, तेजस्वी यादव बने कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष

Patna: राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की अहम बैठक पटना के मौर्या होटल में चल रही है। इस बैठक में बड़ा संगठनात्मक फैसला लेते हुए तेजस्वी यादव को पार्टी का कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। बैठक की अध्यक्षता खुद राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव कर रहे हैं। इस मौके पर राबड़ी देवी, मीसा भारती और संजय यादव भी मौजूद रहे। देशभर से आए करीब 200 डेलिगेट्स और कार्यकारिणी सदस्य इस बैठक में हिस्सा ले रहे हैं।
लालू यादव ने सौंपा जिम्मेदारी का संकेत
स्वास्थ्य कारणों और आने वाले राजनीतिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए लालू प्रसाद यादव संगठन की जिम्मेदारी धीरे-धीरे अगली पीढ़ी को सौंपने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। तेजस्वी यादव को कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाना इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
क्यों अहम है यह फैसला?
तेजस्वी यादव पहले ही बिहार में विपक्ष के सबसे बड़े चेहरे के तौर पर स्थापित हो चुके हैं। अब कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद उन्हें पार्टी के राष्ट्रीय स्तर पर फैसले लेने की औपचारिक शक्ति मिल गई है। सूत्रों के मुताबिक, आगामी चुनावों और संगठन को मजबूती देने के लिए पार्टी को एक ऊर्जावान और युवा नेतृत्व की जरूरत महसूस की जा रही थी। तेजस्वी को यह जिम्मेदारी देकर राजद ने युवाओं को सीधा संदेश देने की कोशिश की है।
















