ख़बर मध्यप्रदेश
MPESB ने जारी किया संशोधित परीक्षा कैलेंडर: पुलिस कांस्टेबल, पटवारी समेत कई भर्तियां सितंबर से शुरू होंगी

भोपाल: मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) ने वर्ष 2026 के लिए विभिन्न भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं का संशोधित परीक्षा कैलेंडर जारी कर दिया है। नए कैलेंडर के अनुसार सितंबर से दिसंबर 2026 के बीच पुलिस कांस्टेबल, पटवारी, पंचायत सचिव, कृषि विस्तार अधिकारी, नायब तहसीलदार, सूबेदार, उप निरीक्षक, डिप्टी इंजीनियर और शिक्षक पात्रता परीक्षा समेत कई महत्वपूर्ण परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। मंडल ने स्पष्ट किया है कि यह संभावित परीक्षा कार्यक्रम है। प्रशासनिक आवश्यकता के अनुसार परीक्षा तिथियों में बदलाव किया जा सकता है।
पुलिस कांस्टेबल की सबसे बड़ी भर्ती
संशोधित कैलेंडर के मुताबिक पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा अक्टूबर-नवंबर 2026 में प्रस्तावित है। इसके तहत 7,500 पदों पर भर्ती होगी। वहीं, 1,000 पुलिस कांस्टेबल (ड्राइवर) पदों के लिए परीक्षा नवंबर 2026 में आयोजित की जाएगी।
इन भर्तियों की भी तैयारी
सितंबर 2026 में 2,784 कृषि विस्तार अधिकारी और 2,299 पदों वाली ग्रुप-2 सब ग्रुप-4 संयुक्त भर्ती परीक्षा आयोजित होने की संभावना है। इसमें ब्लॉक पंचायत अधिकारी, पंचायत समन्वय अधिकारी, सहायक निरीक्षक समेत अन्य पद शामिल हैं।
डिप्टी इंजीनियर, मानचित्रकार, लैब टेक्नीशियन और अन्य समकक्ष 700 पदों की भर्ती परीक्षा सितंबर-अक्टूबर में प्रस्तावित है। वहीं, उप निरीक्षक संवर्ग भर्ती परीक्षा भी इसी अवधि में कराई जाएगी।
नवंबर-दिसंबर में पंचायत सचिव और नायब तहसीलदार भर्ती
नवंबर-दिसंबर 2026 में 2,900 पंचायत सचिव एवं रोजगार सहायक पदों के लिए परीक्षा होगी। इसी दौरान 73 नायब तहसीलदार पदों की विभागीय भर्ती परीक्षा भी आयोजित की जाएगी। इसके अलावा सूबेदार (मंत्रालयिक), स्टेनोग्राफर एवं सहायक उप निरीक्षक (मंत्रालयिक) के 566 पदों पर भर्ती परीक्षा अक्टूबर-नवंबर में होगी।
इन परीक्षाओं का भी कार्यक्रम जारी
- कार्यरत शिक्षकों के लिए प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा – सितंबर/अक्टूबर 2026
- संस्कृति संचालनालय के अधीन शासकीय संगीत एवं ललित कला महाविद्यालयों के 33 पद- दिसंबर 2026
- ग्रुप-6 सब ग्रुप-1 भर्ती परीक्षा (700 पद)- दिसंबर 2026
ख़बर मध्यप्रदेश
MP News: नलखेड़ा में बरसाती नाले में बही श्रद्धालुओं की कार, 3 बच्चों समेत 8 की मौत; बगलामुखी मंदिर दर्शन के लिए आए थे

आगर मालवा: मध्य प्रदेश के आगर मालवा जिले के नलखेड़ा में शनिवार को दर्दनाक हादसा हो गया। मां बगलामुखी मंदिर के पास तेज बारिश के बाद उफनाए बरसाती नाले को पार करते समय श्रद्धालुओं से भरी कार तेज बहाव में बह गई। हादसे में 3 बच्चों, 2 महिलाओं और 3 पुरुषों समेत 8 लोगों की मौत हो गई। सभी श्रद्धालु मां बगलामुखी मंदिर में दर्शन के लिए नलखेड़ा पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि नाले में पानी का बहाव अचानक तेज हुआ और कार उसकी चपेट में आ गई।
रेस्क्यू टीम ने सभी शव बाहर निकाले
हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासन और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। नाले में तलाशी अभियान चलाकर कार सवार लोगों को बाहर निकालने की कोशिश की गई। रेस्क्यू टीम ने सभी 8 शव बरामद कर लिए हैं। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा जा रहा है और मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। हादसे के बाद बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर जुट गए। स्थानीय लोगों में प्रशासन को लेकर नाराजगी भी सामने आई और मौके पर नारेबाजी की गई।
प्रशासनिक अधिकारी मौके पर
हादसे के बाद जिला प्रशासन और पुलिस का अमला मौके पर मौजूद है। बचाव अभियान के साथ घटनास्थल पर भीड़ को नियंत्रित करने और आगे की कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन की ओर से नाले के आसपास लोगों को सावधानी बरतने की अपील की गई है। बारिश के दौरान तेज बहाव वाले नालों और नदी-नालों को पार करने से बचने की सलाह दी गई है।
कार में कितने लोग थे?
हादसे में कार सवार सभी 8 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। मृतकों में तीन बच्चे, दो महिलाएं और तीन पुरुष शामिल हैं। मृतकों की विस्तृत पहचान और उनके पते की आधिकारिक पुष्टि की प्रक्रिया जारी है।
नाले का पानी बना हादसे की वजह
बताया जा रहा है कि क्षेत्र में बारिश के बाद बरसाती नाले का जलस्तर और बहाव काफी बढ़ गया था। इसी दौरान कार नाले को पार कर रही थी। तेज बहाव में वाहन असंतुलित होकर पानी में बह गया। मां बगलामुखी मंदिर नलखेड़ा में लखुंदर नदी के किनारे स्थित है और यहां देशभर से श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
ख़बर मध्यप्रदेश
MP Weather: MP में मानसून की विदाई से पहले फिर बारिश, 21 सितंबर तक बरसेंगे बादल, 47 जिलों में हुई बारिश; सबलगढ़ में 4 इंच पानी गिरा

भोपाल: मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून अब अंतिम चरण में है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक प्रदेश में 21 सितंबर तक बारिश, गरज-चमक और तेज हवा का दौर बना रह सकता है। इसके बाद बारिश की गतिविधियां धीरे-धीरे सीमित होने की संभावना है। IMD के 17 सितंबर के बुलेटिन में भी पश्चिमी मध्य प्रदेश के लिए 18 से 21 सितंबर तक गरज-चमक और आंधी की चेतावनी दी गई है। शुक्रवार सुबह भोपाल के कोलार समेत कई इलाकों में बारिश हुई। पिछले 24 घंटे में प्रदेश के 47 जिलों के करीब 190 शहरों और कस्बों में बारिश रिकॉर्ड की गई।
18 से 21 सितंबर तक बारिश का दौर
मौसम विभाग के अनुसार 18 से 21 सितंबर के बीच प्रदेश में वर्षा की गतिविधियां बनी रहेंगी। 22 सितंबर से बारिश अपेक्षाकृत कम हो सकती है। मानसून की विदाई की शुरुआत पश्चिमी राजस्थान से होने का अनुमान है। इसके बाद यह मध्य प्रदेश से भी धीरे-धीरे विदा होगा। इस दौरान होने वाली बारिश से उन जिलों में बारिश का आंकड़ा सुधर सकता है, जहां अब तक सामान्य से कम पानी गिरा है।
अरब सागर में कम दबाव का क्षेत्र
मौसम विशेषज्ञ के मुताबिक सौराष्ट्र और उससे लगे उत्तर-पूर्वी अरब सागर के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से करीब 5.8 किमी की ऊंचाई तक फैला है। मानसून ट्रफ भी इस सिस्टम से होकर राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल होते हुए बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है। इन मौसमी सिस्टम के कारण मध्य भारत में नमी और बारिश की गतिविधियां बनी हुई हैं।
इसके अलावा उत्तर थाईलैंड के ऊपर बना ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण 18 सितंबर की शाम तक उत्तर अंडमान सागर के आसपास पहुंचने की संभावना है। इसके प्रभाव से 19 सितंबर के आसपास उत्तर अंडमान सागर में नया कम दबाव का क्षेत्र बन सकता है। इसके आगे दक्षिण ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश तट की ओर बढ़ने के संकेत हैं। इससे मध्य प्रदेश के मौसम में एक और बदलाव हो सकता है।
47 जिलों में बारिश, सबलगढ़ में 4 इंच
पिछले 24 घंटे में भोपाल, सीहोर, राजगढ़, रायसेन, विदिशा, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, सागर, दमोह, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, रीवा, सीधी, सिंगरौली, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी, पांढुर्णा, उज्जैन, देवास, शाजापुर, मंदसौर, नीमच, आगर-मालवा, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, धार, झाबुआ, अलीराजपुर, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन और बैतूल समेत कई जिलों में बारिश हुई।
MP में अब तक 88.9% बारिश
प्रदेश में अब तक 842.1 मिमी यानी 33.1 इंच बारिश हो चुकी है। यह सामान्य बारिश 905.3 मिमी यानी करीब 35.6 इंच से कम है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में अब तक सामान्य से करीब 7% कम बारिश हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश सामान्य से करीब 2% और पश्चिमी हिस्से में करीब 11% कम बताई गई है।
32 जिलों में सामान्य से कम बारिश
प्रदेश के कई जिलों में अभी भी बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे है। पूर्वी हिस्से में बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, मंडला, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 4% से 25% तक कम बारिश हुई है।
पश्चिमी हिस्से में अलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा समेत कई जिलों में बारिश सामान्य से कम है।
पिछले एक सप्ताह में कई जिलों के बारिश के आंकड़ों में सुधार हुआ है। मानसून की विदाई से पहले होने वाली बारिश से इन जिलों में स्थिति और बेहतर हो सकती है।
आज के अलर्ट को लेकर जरूरी अपडेट
17 सितंबर को जारी IMD बुलेटिन के मुताबिक पश्चिमी मध्य प्रदेश में 18 से 21 सितंबर तक गरज-चमक और आंधी की चेतावनी है। पूर्वी मध्य प्रदेश के लिए इस अवधि में ऐसी कोई व्यापक चेतावनी जारी नहीं की गई है। इसलिए स्थानीय पूर्वानुमानों में जिन जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है, वहां के लोगों को स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
ख़बर मध्यप्रदेश
MP में फिर बारिश का दौर: 17 से 19 सितंबर तक पश्चिमी हिस्से में बढ़ेगी गतिविधि; 18 से 21 तक पूर्वी जिलों में भी बारिश के आसार

भोपाल: मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई से पहले एक बार फिर बारिश का दौर बनने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक 17 से 19 सितंबर के बीच पश्चिमी मध्य प्रदेश में बारिश की गतिविधियां अधिक व्यापक हो सकती हैं। वहीं 18 से 21 सितंबर तक पूर्वी हिस्से में कहीं तेज तो कहीं हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं।
मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में मानसून की सक्रियता फिलहाल कमजोर हुई है, लेकिन 19 सितंबर के बाद नए मौसम तंत्र के सक्रिय होने की संभावना जताई जा रही है। इससे मानसून की विदाई से पहले बारिश का एक और दौर आ सकता है।
मंगलवार को धूप, बड़े शहरों में भी राहत
मंगलवार को पश्चिमी मध्य प्रदेश में निम्न दबाव क्षेत्र और मानसून ट्रफ की गतिविधि के बावजूद किसी जिले में तेज बारिश दर्ज नहीं हुई। भोपाल में दिन में धूप खिली रही। इंदौर और उज्जैन में भी मौसम अपेक्षाकृत साफ रहा। हालांकि IMD के पूर्वानुमान में पश्चिमी और पूर्वी मध्य प्रदेश दोनों में 17-18 सितंबर तक गरज-चमक और आंधी की संभावना दर्ज की गई है।
अब तक 33 इंच बारिश, सामान्य कोटे का 88.5% पूरा
प्रदेश में 1 जून से शुरू हुए मानसूनी सीजन में अब तक करीब 33 इंच बारिश हो चुकी है। सामान्य मौसमी बारिश करीब 37.3 इंच मानी गई है। इस लिहाज से प्रदेश में अब तक सामान्य बारिश का करीब 88.5% कोटा पूरा हो चुका है।
मानसून सीजन खत्म होने में करीब दो सप्ताह बाकी हैं। यदि आने वाले दिनों में बारिश होती है तो प्रदेश के मौजूदा बारिश के आंकड़े में और सुधार हो सकता है।
18 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
भोपाल और ग्वालियर समेत प्रदेश के 18 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश हो चुकी है। इनमें भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, छतरपुर, निवाड़ी, मैहर, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल और उमरिया शामिल हैं। इन जिलों में आगे होने वाली बारिश मौजूदा सामान्य से अधिक आंकड़े को और बढ़ा सकती है।
37 जिलों में अभी बारिश का कोटा अधूरा
दूसरी ओर प्रदेश के 37 जिलों में बारिश सामान्य से कम हुई है। इनमें इंदौर, उज्जैन और जबलपुर जैसे प्रमुख जिले भी शामिल हैं। सबसे ज्यादा कमी वाले जिलों में आलीराजपुर शामिल है, जहां अब तक करीब 13.6 इंच बारिश दर्ज हुई है। इसके उलट निवाड़ी में सामान्य से करीब 49% ज्यादा बारिश हो चुकी है।
19 सितंबर के बाद भी बन सकता है नया सिस्टम
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक 19 सितंबर के बाद प्रदेश में एक नया मौसम तंत्र सक्रिय हो सकता है। इसके प्रभाव से मानसून की विदाई से पहले प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का एक और दौर देखने को मिल सकता है। IMD ने देश के कई हिस्सों में मानसून की वापसी की प्रक्रिया शुरू होने के संकेत दिए हैं, लेकिन बारिश की गतिविधियां पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं। यानी MP में मानसून की विदाई भले ही करीब है, लेकिन अगले कुछ दिन प्रदेश के कई हिस्सों के लिए बारिश लेकर आ सकते हैं।
ख़बर मध्यप्रदेश
मोहन कैबिनेट के बड़े फैसले: 42,490 करोड़ से ज्यादा के प्रस्ताव मंजूर; शिक्षा के लिए 36 हजार करोड़, 1.27 लाख हेक्टेयर में बढ़ेगी सिंचाई क्षमता

भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश के विकास, शिक्षा, सिंचाई, परिवहन और जनकल्याण से जुड़े कई प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। मंत्रिपरिषद ने 42,490 करोड़ रुपए से अधिक के प्रस्तावों को स्वीकृति दी। इनमें सबसे बड़ा हिस्सा केंद्र प्रवर्तित समग्र शिक्षा योजना की आगामी पांच वर्षों की निरंतरता के लिए 36,006.22 करोड़ रुपए का है। इसके अलावा परिवहन विभाग की 11 योजनाओं के लिए 1,166.60 करोड़, उद्यानिकी विभाग की आठ योजनाओं के लिए 491 करोड़ और तीन प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं के लिए 2,600 करोड़ रुपए से अधिक की स्वीकृति दी गई है।
समग्र शिक्षा योजना के लिए 36,006 करोड़
कैबिनेट ने वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक समग्र शिक्षा योजना को जारी रखने के लिए 36,006.22 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। योजना का उद्देश्य स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, शिक्षा के समान अवसर उपलब्ध कराना, सामाजिक एवं लैंगिक अंतर कम करना और व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देना है। इसमें पूर्व प्राथमिक से कक्षा 12 तक 4 से 18 वर्ष की आयु के विद्यार्थियों से जुड़ी शैक्षणिक व्यवस्थाएं शामिल हैं। शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों को मजबूत करने पर भी जोर दिया जाएगा।
तीन सिंचाई परियोजनाओं पर 2,607 करोड़ से ज्यादा
जल संसाधन क्षेत्र में उज्जैन की चितावद, सिंगरौली की गौंड और अशोकनगर की चंदेरी माइक्रो सिंचाई परियोजना को जारी रखने की मंजूरी दी गई। इन तीनों परियोजनाओं के लिए कुल 2,607 करोड़ रुपए से अधिक की राशि स्वीकृत हुई है। इससे 1.27 लाख हेक्टेयर से ज्यादा क्षेत्र में सिंचाई क्षमता विकसित होने की उम्मीद है।
- चितावद परियोजना- ₹1,846.05 करोड़
- गौंड परियोजना- ₹749.62 करोड़
- चंदेरी माइक्रो सिंचाई परियोजना – ₹11.49 करोड़
इन परियोजनाओं से संबंधित क्षेत्रों में सिंचाई सुविधा बढ़ने के साथ कृषि उत्पादन को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।
परिवहन की 11 योजनाओं के लिए ₹1,166.60 करोड़
कैबिनेट ने परिवहन विभाग की 11 योजनाओं को जारी रखने के लिए ₹1,166.60 करोड़ की मंजूरी दी है। इसमें उड़नदस्ता और चेक पॉइंट के लिए 377.41 करोड़, जिला स्थापना के लिए 361.89 करोड़, मुख्यालय के लिए 120.10 करोड़ और स्मार्ट कार्ड योजना के लिए 245.55 करोड़ रुपए शामिल हैं। इसके साथ सड़क सुरक्षा, ड्राइविंग प्रशिक्षण केंद्र, ग्रामीण परिवहन नीति, नेक व्यक्ति पुरस्कार और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ी योजनाएं भी जारी रहेंगी।
उद्यानिकी की 8 योजनाओं के लिए ₹491 करोड़
उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग की आठ योजनाओं को 2030-31 तक जारी रखने के लिए ₹491 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं। इसमें फल पौधरोपण और मसाला क्षेत्र विस्तार के लिए 100-100 करोड़, संरक्षित खेती के लिए 85 करोड़, फसल बीमा और खाद्य प्रसंस्करण के लिए 53-53 करोड़ तथा कोल्ड चेन के लिए 50 करोड़ रुपए का प्रावधान शामिल है। सरकार का फोकस फल, मसाला और प्रसंस्कृत खाद्य क्षेत्र में उत्पादन बढ़ाने के साथ किसानों की आय में वृद्धि पर है।
तीन नए जिलों में खनिज कार्यालय, 21 पद मंजूर
नवगठित मैहर, मऊगंज और पांढुर्णा जिलों में खनिज शाखा स्थापित करने के लिए 21 नए पदों को मंजूरी दी गई है। प्रत्येक जिले में सात-सात पद स्वीकृत किए गए हैं। इससे नए जिलों में खनिज प्रशासन और संबंधित कार्यों के संचालन के लिए अलग व्यवस्था मजबूत होगी।
अनूपपुर-शहडोल के 4 हाई स्कूलों के लिए 36 पद
अनूपपुर और शहडोल में माध्यमिक शाला से हाई स्कूल में उन्नयित चार विद्यालयों के लिए 36 नियमित पद स्वीकृत किए गए हैं। इनमें 4 प्राचार्य हाई स्कूल, 24 माध्यमिक शिक्षक, 4 प्राथमिक शिक्षक, 4 सहायक ग्रेड-3 के पद शामिल हैं। इन पदों की स्वीकृति से उन्नयित स्कूलों में शिक्षकीय और प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत होगी।
लाड़ली बहनों को ₹250 अतिरिक्त सहायता का अनुसमर्थन
कैबिनेट ने रक्षाबंधन के अवसर पर लाड़ली बहनों को अगस्त की नियमित सहायता राशि के साथ ₹250 की अतिरिक्त विशेष आर्थिक सहायता दिए जाने के मुख्यमंत्री के 20 अगस्त के आदेश का अनुसमर्थन किया। यह राशि रक्षाबंधन के अवसर पर विशेष सहायता के रूप में दी गई थी।
मार्कफेड को ₹2,220 करोड़ का ब्याज मुक्त ऋण
कैबिनेट ने रबी विपणन वर्ष 2024-25 की खाद्यान्न साख-सीमा ऋण की शेष राशि चुकाने के लिए मार्कफेड को ₹2,220.62 करोड़ का ब्याज मुक्त ऋण देने का फैसला किया है। इस राशि का पुनर्भुगतान 30 सितंबर 2026 तक सुनिश्चित किया जाना है।
विकास और जनकल्याण पर कैबिनेट का फोकस
मंगलवार की बैठक में शिक्षा, सिंचाई, परिवहन, उद्यानिकी, प्रशासनिक ढांचे और सामाजिक कल्याण से जुड़े फैसले लिए गए। खास तौर पर समग्र शिक्षा योजना और सिंचाई परियोजनाओं को मिली मंजूरी से शिक्षा के साथ कृषि क्षेत्र में भी आने वाले वर्षों में निवेश बढ़ने की उम्मीद है। कैबिनेट ने मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण की 26 मई 2026 को हुई 64वीं साधिकार समिति की बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी भी ली।
ख़बर मध्यप्रदेश
MP News: छात्रा की पिटाई का वायरल वीडियो मामला, 4 सहेलियों पर FIR, परिजन बोले- जिस युवक से माफी मंगवाई, उसके खिलाफ पुलिस कार्रवाई क्यों नहीं कर रही?

सतना: मध्यप्रदेश के सतना के कोलगवां थाना क्षेत्र में एक छात्रा को सुनसान जगह पर ले जाकर पीटने और उसका वीडियो बनाकर वायरल करने के मामले में पुलिस ने चार छात्राओं के खिलाफ FIR दर्ज की है। मामला सामने आने के बाद पुलिस की कार्रवाई पर पीड़िता के परिजनों ने सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि घटना के पीछे जिस युवक श्रवण सेन की भूमिका होने की बात सामने आ रही है, उसका नाम शिकायत और पीड़िता के बयान में आने के बावजूद पुलिस ने अब तक उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं की है।
पुलिस ने चार छात्राओं के खिलाफ BNS की धारा 296(बी), 115(2), 351(3) और 3(5) के तहत केस दर्ज किया है। परिजनों का सवाल है कि यदि जांच में युवक की भूमिका स्पष्ट है तो उसके खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस किस स्तर के और सबूत का इंतजार कर रही है?
सुनसान जगह ले जाकर छात्रा को पीटा, वीडियो भी बनाया
पीड़िता के मुताबिक उसकी सहेलियां उसे नगर वन के पास एक सुनसान जगह पर लेकर गई थीं। वहां चार छात्राओं ने उसके साथ मारपीट की। आरोप है कि घटना का वीडियो भी बनाया गया। बताया जा रहा कि आरोपियों ने बाद में वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक घटना के करीब 38 दिन बाद मामला पुलिस तक पहुंचा और इसके बाद कोलगवां थाना पुलिस ने FIR दर्ज की। पुलिस ने वायरल वीडियो की भी जांच शुरू की है।
परिजनों का आरोप- विवाद की जड़ में श्रवण सेन
पीड़िता के परिजनों का कहना है कि पूरे विवाद में श्रवण सेन नाम के युवक की भूमिका महत्वपूर्ण है। उनका दावा है कि पीड़िता के बयान और उसके मोबाइल में मौजूद चैट से भी इस युवक से जुड़े तथ्य सामने आते हैं। पीड़िता ने पुलिस को दिए बयान में बताया है कि आरोपी छात्राओं में से एक उससे झाली निवासी श्रवण सेन से बात करने के लिए कह रही थी। पीड़िता के इनकार करने के बाद उसके साथ मारपीट शुरू कर दी गई।
वीडियो कॉल पर युवक से माफी मांगने का आरोप
पीड़िता के मुताबिक मारपीट के दौरान श्रवण सेन को वीडियो कॉल से जोड़ा गया। आरोप है कि उससे श्रवण से माफी मांगने के लिए कहा गया। पीड़िता का दावा है कि जब तक उसने माफी नहीं मांगी, तब तक उसे छोड़ा नहीं गया। उसे यह धमकी भी दी गई कि यदि उसने युवक से बात नहीं की या घटना के बारे में किसी को बताया तो उसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया जाएगा। बाद में वीडियो के वायरल होने की बात सामने आई।
पुलिस की कार्रवाई पर सबसे बड़ा सवाल
मामले में पुलिस ने चार छात्राओं के खिलाफ धाराएं लगाकर FIR तो दर्ज कर ली, लेकिन परिजन सवाल उठा रहे हैं कि वीडियो कॉल में जिस युवक को कथित तौर पर जोड़े जाने और माफी मंगवाने की बात सामने आई है, उसके खिलाफ FIR क्यों दर्ज नहीं की गई? परिजनों का कहना है कि जब शिकायत में युवक का नाम और उससे जुड़ी कथित चैट का जिक्र है, तो पुलिस ने अभी तक उसके खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं की?
पुलिस बोली- जांच के आधार पर होगी कार्रवाई
कोलगवां थाना पुलिस के मुताबिकप गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी के आरोप में चार छात्राओं के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस ने वायरल वीडियो का परीक्षण भी कराया है और मामले की जांच जारी है।पुलिस का कहना है कि युवक की भूमिका जांच में सामने आने पर उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
ख़बर छत्तीसगढ़24 hours agoChhattisgarh: स्कूलों में दशहरा, दीपावली और शीतकालीन अवकाश की तारीखें घोषित, 15 दिन बंद रहेंगे स्कूल
ख़बर बिहार3 hours agoBihar: जमुई में छात्रा से बदसलूकी का मुख्य आरोपी पुलिस मुठभेड़ में घायल, पैर में लगी गोली
ख़बर उत्तरप्रदेश6 hours agoयूपी में 34 IAS अफसरों के तबादले, 14 जिलों के DM बदले, 5 मौजूदा DM को दूसरे जिलों की कमान
ख़बर देश4 hours agoTelangana: आदिलाबाद RIMS के SNCU में आग, 2 नवजातों की मौत; 27 बच्चे थे भर्ती
खेल खिलाड़ी2 hours agoAsian Games 2026: एशियन गेम्स में भारत की महिला क्रिकेट टीम फिर चैंपियन, श्रीलंका को 147 रन से हराया


















