ख़बर छत्तीसगढ़
Chhattisgarh: नवा रायपुर के आसमान में वायु सेना के विमानों ने दिखाई कलाबाजी, रोमांचक एयर शो देख मंत्रमुग्ध हुए लोग

Raipur: छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना की 25वीं वर्षगांठ पर आज नवा रायपुर के सेंध जलाशय के ऊपर भारतीय वायु सेना की प्रतिष्ठित एरोबेटिक “सूर्यकिरण” की टीम ने रोमांचक एयर शो का प्रदर्शन किया। देश के उप राष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के साथ हजारों लोगों ने अद्भूत और रोमांचक एयर शो का आनंद लिया। आज प्रदेशवासियों के लिए वायु सेना का एयर शो कमाल का अनुभव रहा।
सेंध जलाशय के ऊपर वायु सेना के फाइटर प्लेन्स ने एक के बाद एक कई हवाई करतब दिखाए। आसमान में पंछियों के झुंड की तरह बिल्कुल क्रम से उड़ने वाले फाइटर प्लेन्स के माध्यम से वायु सेना के जांबाजों ने अपने नियंत्रण और शौर्य का अद्भुत प्रदर्शन किया। विमानों के माध्यम से जब आकाश में तिरंगा लहराया तो सेंध जलाशय भारत माता की जय के नारे से गूंज उठा।


एयर शो के दौरान “सूर्यकिरण” टीम के लीडर ग्रुप कैप्टन अजय दशरथी ने आसमान से छत्तीसगढ़वासियों को रजत महोत्सव की बधाई दी। वहीं छत्तीसगढ़ निवासी भारतीय वायु सेना के स्क्वाड्रन लीडर गौरव पटेल ने सेंध जलाशय के ऊपर अपने कॉकपिट से ‘जय जोहार’ और ‘छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया’ कहकर दर्शकों का अभिवादन किया। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप, खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, कौशल विकास मंत्री गुरू खुशवंत साहेब और सांसद बृजमोहन अग्रवाल सहित विभिन्न निगमों, मंडलों और आयोगों के पदाधिकारी भी एयर शो देखने पहुंचे थे।
“सूर्यकिरण” टीम ने अनुशासन, परस्पर विश्वास, सटीकता और उत्साह के साथ एक घंटे तक वायु सेना के विमानों के साथ कलाबाजी दिखाकर दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। नवा रायपुर के सेंध जलाशय में मौजूद हजारों दर्शक पायलटों के हैरतअंगेज साहस और करतबों को देखकर मंत्रमुग्ध होते रहे। विंग कमांडर ए.व्ही. सिंह के नेतृत्व में वन-एफ-9 और वन-एफ-8 हेलीकॉप्टर यूनिट ने वी-17 और वी-5 हेलीकॉप्टरों से स्लीपरी और स्काई-ऑपरेशन के करतब दिखाए। ‘आदिदेव’ नाम के इन हेलीकॉप्टरों से केवल 15 मीटर ऊंचाई पर स्थिर रहकर 14 गरूड़ कमांडोज रस्सी के सहारे नीचे उतरे। वहीं स्काई-ऑपरेशन के दौरान आठ गरूड़ कमांडोज रस्सी पर लटककर हेलीकॉप्टर से दर्शकों के सामने से आकाश में उड़ते हुए गुजरे। इन दोनों ऑपरेशनों को लड़ाई और आपदा के दौरान जनसामान्य को बचाने के लिए किया जाता है।
एयर शो में “सूर्यकिरण” की टीम के नौ हॉक-मार्क-123 फाइटर विमानों ने आसमान में हार्ट, डायमंड, लूप, ग्रोवर, डान लाइट, कॉम्बैट तेजस जैसे शानदार फार्मेशन बनाकर लोगों को रोमांचित किया। नीले आसमान में उड़ते लाल-सफेद जेट विमानों द्वारा तिरंगे की आकर्षक ट्रेल छोड़ने पर सेंध जलाशय परिसर तालियों और जय-हिंद के नारों से गूंज उठा। हज़ारों की संख्या में मौजूद नागरिक, युवा और बच्चे लगातार विमानों की कलाबाजियों को अपने कैमरों और मोबाइलों में कैद करते रहे।
वायु सेना के जाबांज फाइटर पायलटों ने आसमान में दिल की आकृति बनाकर 25वें राज्योत्सव की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने तिरंगे के तीन रंगों से डीएनए की आकृति बनाकर तिरंगे के प्रति अपना सम्मान प्रस्तुत किया। उन्होंने 360° में फाइटर जेट उड़ाते हुए उल्टा जेट भी उड़ाया। तेजस और युवाओं को समर्पित अंग्रेजी अक्षर ‘वाई’ की आकृति बनाने के साथ ही कई करतब दिखाए। टीम का प्रदर्शन केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि युवाओं में देशप्रेम, साहस और भारतीय सशस्त्र बलों में सेवा की प्रेरणा जगाने का संदेश भी देता है।
एयर शो में छत्तीसगढ़ के स्क्वाड्रन लीडर गौरव पटेल का शामिल होना राज्यवासियों के लिए गर्व और भावनात्मक जुड़ाव का पल था। आसमान में अपने विमान को तेज गति से उड़ाते हुए पटेल ने अपने कॉकपिट से ‘जय जोहार’ और ‘छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया’ का जय घोष किया। फ्लाइट लेफ्टिनेंट सुश्री कंवल संधू ने अपनी लाइव कमेंट्री के दौरान एयर शो के रोमांचक वर्णन के साथ ही पायलटों के अनुशासन, समर्पण, प्रशिक्षण और जोखिम प्रबंधन की बारीकियों की जानकारी दी।
‘सूर्यकिरण’ एशिया की एकमात्र नौ लड़ाकू विमानों वाली एरोबैटिक टीम, 1996 में हुई थी स्थापना
भारतीय वायु सेना की सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम (Surya Kiran Aerobatic Team) एशिया की एकमात्र नौ लड़ाकू विमानों वाली एरोबैटिक टीम है। यह विशिष्ट टीम भारत में ही निर्मित एचएएल (HAL) लाइसेंस प्राप्त हॉक एमके-132 (Mk-132) विमान उड़ाती है। इन विमानों के ज़रिए भारतीय वायु सेना की सटीकता, पेशेवर उत्कृष्टता और कौशल का अद्भुत प्रदर्शन करती है, जिसमें रोमांचक हवाई करतब और बेहद सटीक फॉर्मेशन शामिल होते हैं। सूर्यकिरण टीम को उसका मिशन विशेष बनाता है। देश के युवाओं को भारतीय सशस्त्र बलों में शामिल होकर देशसेवा के लिए प्रेरित करना इनका मिशन है।
सूर्यकिरण टीम की स्थापना वर्ष 1996 में की गई थी। तब से यह टीम एशिया की एकमात्र नौ-विमानों वाली एरोबैटिक टीम होने का गौरव रखती है और दुनिया की कुछ चुनिंदा शीर्ष एरोबैटिक टीमों में शामिल है। यह असाधारण टीम अब तक भारत भर में 700 से अधिक प्रदर्शन कर चुकी है। साथ ही चीन, श्रीलंका, म्यांमार, थाईलैंड, सिंगापुर और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) जैसे कई देशों में भारत का प्रतिनिधित्व अंतरराष्ट्रीय एयर शोज़ में भी किया है। टीम मंं कुल 13 पायलट, 3 इंजीनियरिंग अधिकारी, 1 उद्घोषक (कमेन्टेटर) और 1 चिकित्सा अधिकारी शामिल हैं।
सूर्यकिरण टीम भारतीय वायुसेना की उस भावना को दर्शाती है जो उत्कृष्टता, अनुशासन और टीमवर्क पर आधारित है। टीम के सभी पायलट अत्यंत कठिन प्रशिक्षण से गुजरते हैं, जिसमें जटिल एरोबैटिक मूवमेंट्स का महीनों तक अभ्यास किया जाता है। उनका बेदाग़ तालमेल और नियंत्रण ही क्लोज़ फॉर्मेशन फ्लाइंग की नींव है जहाँ नौ विमान मानो एक ही आत्मा से संचालित प्रतीत होते हैं।
ख़बर छत्तीसगढ़
Raipur: छत्तीसगढ़ शिक्षा विभाग में बड़ा फेरबदल, 28 अधिकारियों के तबादले, कई जिलों को मिले नए डीईओ

Raipur: छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग ने राज्यभर में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 28 अधिकारियों के तबादले किए हैं। विभाग द्वारा जारी आदेश के तहत जिला शिक्षा अधिकारियों (डीईओ), विकासखंड शिक्षा अधिकारियों, सहायक संचालकों और प्राचार्यों को विभिन्न जिलों एवं कार्यालयों में नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
अवर सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। विभाग का कहना है कि यह कदम प्रशासनिक कसावट बढ़ाने, शैक्षणिक योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और जिलों में समन्वय मजबूत करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
कई जिलों में बदले प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी
जारी सूची के अनुसार महासमुंद, रायपुर, बिलासपुर, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, कोरिया, बलौदाबाजार-भाटापारा, रायगढ़, गरियाबंद, धमतरी, बेमेतरा, बीजापुर, नारायणपुर और बालोद सहित कई जिलों में प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारियों की नई पदस्थापना की गई है।
लोक शिक्षण संचालनालय, संयुक्त संचालक कार्यालयों और अन्य प्रशासनिक इकाइयों में भी अधिकारियों की नई तैनाती की गई है।
इन अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी
स्थानांतरण आदेश के अनुसार लोक शिक्षण संचालनालय में पदस्थ प्रभारी उप संचालक बी.एल. देवांगन को प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी महासमुंद बनाया गया है। वहीं रायपुर के प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी हिमांशु भारतीय को प्रभारी उप संचालक, लोक शिक्षण संचालनालय की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
सहायक संचालक एम.जी. सतीश कुमार को रायपुर का प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी बनाया गया है। बिलासपुर में विजय कुमार ताण्डे के स्थान पर रमेश्वर जायसवाल को प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी की जिम्मेदारी दी गई है।
इसके अलावा मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, कोरिया, बलौदाबाजार-भाटापारा, रायगढ़, गरियाबंद, धमतरी, बेमेतरा, बीजापुर और नारायणपुर सहित अन्य जिलों में भी नए प्रभारी डीईओ नियुक्त किए गए हैं।
शिक्षा प्रशासन में दिखेगा व्यापक बदलाव
विभाग ने कई विकासखंड शिक्षा अधिकारियों और सहायक संचालकों को पदोन्नत जिम्मेदारियां देते हुए जिला स्तर पर पदस्थ किया है। वहीं कुछ अधिकारियों को संचालनालय और संभागीय कार्यालयों में स्थानांतरित किया गया है।
स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि विभागीय कार्यों में गति लाने, शैक्षणिक योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और प्रशासनिक समन्वय को मजबूत करने के लिए यह पुनर्संरचना की गई है। उन्होंने कहा कि इस निर्णय के बाद राज्य के शिक्षा प्रशासन में व्यापक स्तर पर सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा।
ख़बर छत्तीसगढ़
Sai Cabinet के बड़े फैसले: किसानों को वैकल्पिक फसलों पर ₹15 हजार प्रति एकड़ सहायता, 240 ई-बसों को मंजूरी

Raipur: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय महानदी भवन में हुई कैबिनेट बैठक में किसानों, सार्वजनिक परिवहन, खनन, ऊर्जा और नवा रायपुर विकास से जुड़े कई अहम फैसलों पर मुहर लगी। मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी को IPO के जरिए शेयर बाजार में सूचीबद्ध करने की सैद्धांतिक मंजूरी दी। वहीं खरीफ 2026 से कृषक उन्नति योजना के नए स्वरूप को भी स्वीकृति दी गई।
धान छोड़ अन्य फसल लेने पर ₹15 हजार प्रति एकड़
कैबिनेट ने फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब धान के स्थान पर दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी और कपास जैसी फसलें लेने वाले किसानों को प्रति एकड़ 15 हजार रुपए की आदान सहायता मिलेगी।
योजना का लाभ एकीकृत किसान पोर्टल, एग्रीस्टेक पंजीयन और डिजिटल क्रॉप सर्वे के आधार पर दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे किसानों की आय बढ़ेगी, जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और धान पर निर्भरता कम होगी।
पावर ट्रांसमिशन कंपनी लाएगी IPO
कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड को IPO के माध्यम से स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध करने की सैद्धांतिक सहमति दी है। इससे आम निवेशकों को कंपनी में निवेश का अवसर मिलेगा और कंपनी की वित्तीय क्षमता तथा पारदर्शिता मजबूत होगी।
240 इलेक्ट्रिक बसों का रास्ता साफ
प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत रायपुर, दुर्ग-भिलाई, बिलासपुर और कोरबा में कुल 240 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन का मार्ग प्रशस्त हो गया है। कैबिनेट ने पेमेंट सिक्योरिटी मैकेनिज्म (PSM) के तहत आवश्यक मंजूरी प्रदान की। इससे शहरी क्षेत्रों में आधुनिक, सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था विकसित होगी।
राशन कार्डधारियों को मिलता रहेगा चना
कैबिनेट ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में चना वितरण जारी रखने का फैसला किया। इसके लिए राज्य नागरिक आपूर्ति निगम को NeML ई-ऑक्शन प्लेटफॉर्म से चना खरीदने की अनुमति दी गई है।
योग अब चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन
योग को समाज कल्याण विभाग से हटाकर चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत लाने का निर्णय लिया गया है। सरकार का मानना है कि इससे योग शिक्षा, प्रशिक्षण और अनुसंधान गतिविधियों का बेहतर संचालन हो सकेगा।
नवा रायपुर में स्टाम्प ड्यूटी छूट बढ़ी
नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण को भूमि क्रय पर दी जा रही स्टाम्प ड्यूटी छूट की अवधि 31 मार्च 2028 तक बढ़ा दी गई है। इससे भूमि अधिग्रहण और विकास परियोजनाओं को गति मिलेगी।
अवैध खनन पर सख्ती
कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ खनिज नियम 2009 में संशोधन को मंजूरी दी है। अब खनिज परिवहन करने वाले वाहनों में RFID टैग और वाहन ट्रैकिंग सिस्टम अनिवार्य होगा। इसके अलावा खनिजों की मात्रा और गुणवत्ता निर्धारण के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाएगा। सरकार का दावा है कि इससे अवैध खनन और परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित होगा।
प्रमुख फैसले एक नजर में
- किसानों को वैकल्पिक फसलों पर ₹15 हजार प्रति एकड़ सहायता
- छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी का IPO
- 240 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन को मंजूरी
- PDS में चना वितरण जारी रहेगा
- योग को चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन किया गया
- नवा रायपुर में स्टाम्प ड्यूटी छूट 2028 तक बढ़ी
- खनिज परिवहन में RFID और GPS ट्रैकिंग अनिवार्य
ख़बर छत्तीसगढ़
Chhattisgarh: किसानों को खाद-बीज की कमी नहीं होने देंगे- CM साय, सुपेबेड़ा पेयजल योजना के लिए 7 करोड़ मंजूर

Raipur: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में किसानों को खाद और बीज की उपलब्धता में किसी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए। छोटे और सीमांत किसानों को प्राथमिकता के आधार पर उर्वरक उपलब्ध कराया जाए तथा इसकी जवाबदेही संबंधित जिलों के कलेक्टरों की होगी।
मुख्यमंत्री शनिवार को गरियाबंद जिला पंचायत कार्यालय में आयोजित रायपुर संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। करीब साढ़े तीन घंटे चली इस मैराथन बैठक में रायपुर, गरियाबंद, धमतरी, महासमुंद और बलौदाबाजार जिलों की विकास योजनाओं, कानून-व्यवस्था और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की समीक्षा की गई।
सुपेबेड़ा की पेयजल समस्या के समाधान के लिए 7 करोड़ मंजूर
बैठक में मुख्यमंत्री ने गरियाबंद जिले के सुपेबेड़ा क्षेत्र की लंबे समय से चली आ रही पेयजल समस्या के स्थायी समाधान के लिए बड़ा फैसला लिया। उन्होंने तेल नदी पर एनीकट निर्माण हेतु 7 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की। मुख्यमंत्री ने कहा कि पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं का स्थायी समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
नैनो यूरिया और नैनो डीएपी को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कृषि अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे गांव-गांव जाकर किसानों को नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के उपयोग और उसके लाभों की जानकारी दें। उन्होंने कहा कि आधुनिक कृषि तकनीकों के उपयोग से उत्पादन बढ़ाने और लागत कम करने में मदद मिलेगी।
अवैध रेत उत्खनन पर सख्ती
मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों के अवैध दोहन को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे
मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आम नागरिकों को योजनाओं का लाभ लेने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए और शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए।
इन योजनाओं की हुई समीक्षा
बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, आयुष्मान भारत योजना, जल जीवन मिशन, बिहान, तेंदूपत्ता संग्रहण, महतारी वंदन योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि तथा धान उपार्जन एवं उठाव की प्रगति की समीक्षा की गई।
मुख्यमंत्री ने आयुष्मान कार्ड के शत-प्रतिशत कवरेज, टीबी मुक्त पंचायतों के निर्माण, जल जीवन मिशन के समयबद्ध क्रियान्वयन और पीएम किसान सम्मान निधि के पात्र हितग्राहियों तक लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए।
AI तकनीक से बेहतर होगी पढ़ाई
शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन स्कूलों में विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की कमी है, वहां कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित तकनीकों का उपयोग कर पढ़ाई की गुणवत्ता बेहतर बनाई जाए। उन्होंने स्कूलों में सीखने के स्तर को सुधारने, नियमित मॉनिटरिंग और नवाचार आधारित शिक्षण पद्धतियों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया।
नए आपराधिक कानूनों और सड़क सुरक्षा पर फोकस
मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था, सड़क सुरक्षा और देश में लागू तीन नए आपराधिक कानूनों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को प्रशिक्षण कार्यक्रम और जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। साथ ही नशा मुक्ति अभियान को प्रभावी बनाने पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार केवल शिकायत निवारण का अभियान नहीं, बल्कि शासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का माध्यम है।
ख़बर छत्तीसगढ़
Sushasan Tihar 2026: आम और बरगद की छांव में मुख्यमंत्री की चौपाल, खाट पर बैठकर सुनी ग्रामीणों की समस्याएं, नर्सिंग कॉलेज से लेकर बैंक शाखा तक की घोषणाएं

Sushasan Tihar 2026: सुशासन तिहार 2026 के तहत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शनिवार को गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के ग्राम निमधा और सक्ती जिले के ग्राम ठठारी में ग्रामीणों के बीच पहुंचकर जनचौपाल लगाई। आम और बरगद के पेड़ों की छांव में ग्रामीणों के बीच बैठकर मुख्यमंत्री ने उनकी समस्याएं सुनीं, योजनाओं की जमीनी हकीकत जानी और कई महत्वपूर्ण विकास कार्यों की घोषणाएं कीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य केवल योजनाओं की समीक्षा करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
निमधा में खाट पर बैठकर किया जनसंवाद
मरवाही विकासखंड के ग्राम निमधा में मुख्यमंत्री आम के पेड़ की छांव में खाट पर बैठकर ग्रामीणों से रूबरू हुए। उन्होंने बिजली, पानी, राशन, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और आवास जैसी मूलभूत सुविधाओं को लेकर लोगों से सीधे फीडबैक लिया।
जनचौपाल के दौरान ग्रामीणों और मरवाही विधायक प्रणव कुमार मरपच्ची ने जिले में नर्सिंग कॉलेज, ग्राम निमधा में मिनी स्टेडियम और सर्वसमाज के लिए विशाल मंगल भवन की मांग रखी। मुख्यमंत्री ने तीनों मांगों को तत्काल स्वीकृति देते हुए घोषणा की।
राजस्व अधिकारियों को दी सख्त चेतावनी
राजस्व विभाग से जुड़ी शिकायतें सामने आने पर मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि जनता की समस्याओं के समाधान में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि समय पर निराकरण नहीं करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।
महिलाओं को दिया ‘करोड़पति दीदी’ बनने का मंत्र
मुख्यमंत्री ने स्व-सहायता समूहों की महिलाओं और लखपति दीदियों से संवाद करते हुए कहा कि अब लक्ष्य केवल लखपति बनना नहीं, बल्कि करोड़पति दीदी बनना होना चाहिए।
महिलाओं ने बताया कि महतारी वंदन योजना की राशि बच्चों की पढ़ाई और घरेलू जरूरतों में सहयोग कर रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि हाल ही में योजना की 28वीं किस्त के तहत प्रदेश की लगभग 70 लाख महिलाओं के खातों में राशि अंतरित की गई है।
‘आजीविका गाथा’ पुस्तक का विमोचन
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ से जुड़ी महिलाओं ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने महिला स्व-सहायता समूहों की सफलता की कहानियों पर आधारित ‘आजीविका गाथा’ कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक महिलाओं के संघर्ष, आत्मनिर्भरता और सफलता की प्रेरक यात्रा का दस्तावेज है।
स्थानीय व्यंजनों का लिया स्वाद
ग्रामीण परिवेश में आयोजित चौपाल के दौरान मुख्यमंत्री ने सरई के दोना-पत्तल में परोसे गए जामुन, कोईलार भाजी, बेल का शरबत, आम की चटनी और आमपना का स्वाद भी लिया।
बरगद की छांव में सजी ठठारी की चौपाल
इसके बाद मुख्यमंत्री सक्ती जिले के ग्राम ठठारी पहुंचे, जहां चतुर्भुज तालाब पार स्थित विशाल बरगद के पेड़ की छांव में जनचौपाल लगाई गई। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों के बीच बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं और योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति का आकलन किया। उन्होंने ग्रामीणों से महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, बिजली, पानी और अन्य मूलभूत सुविधाओं की जानकारी ली।
सीएम हेल्पलाइन जल्द होगी शुरू
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में जल्द ही अत्याधुनिक सीएम हेल्पलाइन शुरू की जाएगी। नागरिक टोल फ्री नंबर, ईमेल और व्हाट्सएप के माध्यम से शिकायत दर्ज करा सकेंगे। शिकायतों के समयबद्ध समाधान की व्यवस्था होगी और लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी।
ठठारी को मिली कई सौगातें
ग्रामीणों की मांग पर मुख्यमंत्री ने चतुर्भुज विष्णु मंदिर के निकट श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आरती घाट निर्माण की घोषणा की। साथ ही ठठारी में बैंक शाखा खोलने और क्षेत्र में सड़क निर्माण कार्य स्वीकृत करने का ऐलान किया।
मुख्यमंत्री ने कलेक्टर को ठठारी को नगर पंचायत बनाने का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में ठठारी को नगर पंचायत का दर्जा दिया जाएगा।
विकास और सुशासन पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में तेजी से विकास कार्य किए जा रहे हैं। बस्तर में भी शांति और विकास का नया वातावरण स्थापित हुआ है। उन्होंने कहा कि सुशासन का वास्तविक अर्थ शासन और जनता के बीच विश्वास, संवाद और सहभागिता को मजबूत करना है। जब जनप्रतिनिधि और अधिकारी सीधे जनता के बीच पहुंचते हैं, तभी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना सुनिश्चित होता है।
ख़बर छत्तीसगढ़
Bilaspur: सीएंम साय ने बिलासपुर को दी 134 करोड़ की सौगात, महतारी वंदन की 28वीं किस्त जारी, वृद्धाश्रम और दिव्यांग केंद्र का किया शिलान्यास

Bilaspur: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सुशासन तिहार के तहत बिलासपुर के हेमूनगर में आयोजित जिला स्तरीय समाधान शिविर में 134 करोड़ रुपये से अधिक लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना की 28वीं किस्त जारी की और कई महत्वपूर्ण विकास घोषणाएं भी कीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन, विकास और जनकल्याण राज्य सरकार की पहचान है। सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।
80 दिव्यांगों को मिली मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 80 दिव्यांगजनों को मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल वितरित की। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को प्रतीकात्मक रूप से आवास की चाबियां सौंपीं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य लोगों को आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराना है।
22.65 करोड़ से बनेगा 200 सीटर वृद्धाश्रम
मुख्यमंत्री ने एसईसीएल के CSR फंड से 22 करोड़ 65 लाख रुपये की लागत से बनने वाले 200 सीटर बहुउद्देशीय वृद्धाश्रम भवन का शिलान्यास किया। यहां वरिष्ठ नागरिकों को प्राकृतिक चिकित्सा, योग, फिजियोथेरेपी और पुनर्वास जैसी आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी।
दिव्यांगों के लिए बनेगा 500 सीटर पुनर्वास केंद्र
सीएम साय ने 18 करोड़ 76 लाख रुपये की लागत से बनने वाले 500 सीटर दिव्यांगजन शिक्षण-प्रशिक्षण एवं बहुउद्देशीय पुनर्वास केंद्र की आधारशिला भी रखी। इस केंद्र में शिक्षा, कौशल विकास, स्पीच थेरेपी, ऑडिटरी ट्रेनिंग और फिजियोथेरेपी जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
जिला अस्पताल को मिली अत्याधुनिक CT स्कैन मशीन
मुख्यमंत्री ने जिला अस्पताल में 4 करोड़ 50 लाख रुपये की लागत से स्थापित अत्याधुनिक CT स्कैन मशीन का लोकार्पण किया। इससे गंभीर बीमारियों की जांच स्थानीय स्तर पर ही संभव हो सकेगी।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन जल्द होगी शुरू
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ई-डिस्ट्रिक्ट के तहत 400 से अधिक सरकारी सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध करा चुकी है। वहीं आम लोगों की शिकायतों के समयबद्ध निराकरण के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन सेवा भी जल्द शुरू की जाएगी।
बस्तर में नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक सफलता
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन, सुरक्षा बलों की कार्रवाई और बस्तर की जनता के सहयोग से नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक सफलता मिल रही है। बस्तर में सड़क, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा और पेयजल जैसी सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है।
बेलतरा कॉलेज का नाम होगा सखाराम सूर्यवंशी के नाम पर
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बेलतरा महाविद्यालय का नामकरण स्वर्गीय सखाराम सूर्यवंशी के नाम पर करने की घोषणा की। इसके अलावा बेलतरा विधानसभा क्षेत्र में पांच मंगल भवनों के निर्माण की भी घोषणा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिलासपुर के सर्वांगीण विकास के लिए राज्य सरकार विशेष कार्ययोजना पर काम कर रही है और जिले की सभी महत्वपूर्ण परियोजनाओं को प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाएगा।


















