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Chhattisgarh: बस्तर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का CM साय ने किया हवाई और जमीनी सर्वेक्षण, प्रभावितों का हाल जानने उनके बीच पहुंचे मुख्यमंत्री

Raipur: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज बस्तर संभाग के बाढ़ प्रभावित जिलों दंतेवाड़ा और बस्तर का हवाई सर्वेक्षण एवं जमीनी निरीक्षण किया। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का प्रत्यक्ष अवलोकन किया और राहत एवं पुनर्वास कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बाढ़ से प्रभावित प्रत्येक परिवार तक समय पर सहायता पहुंचना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए सभी स्तरों पर संवेदनशीलता तथा तत्परता आवश्यक है।


मुख्यमंत्री साय दंतेवाड़ा के चूड़ीटिकरा पारा में बनाए गए अस्थायी राहत शिविर पहुंचे, जहाँ उन्होंने बाढ़ प्रभावित परिवारों से भेंट कर उनकी समस्याओं को सुना। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हर पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है। उन्होंने प्रशासन को निर्देशित किया कि शिविरों में पर्याप्त भोजन, स्वच्छ पेयजल और सुरक्षित आवास की व्यवस्था निरंतर बनी रहे। उन्होंने कहा कि बाढ़ से प्रभावित सभी लोगों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जाए और उनके पुनर्वास के कार्य प्राथमिकता के आधार पर तेजी से किए जाएं।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि राहत शिविरों में सभी जरूरी व्यवस्थाओं के साथ-साथ प्रभावित परिवारों को राशन, बर्तन और कपड़े जैसे आवश्यक सामग्री भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने बाढ़ प्रभावितों को आवश्यकता अनुसार मकान की मरम्मत अथवा नए मकान निर्माण के लिए सहायता राशि समय पर देने के निर्देश दिए। सीएम साय ने कलेक्टर एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों को बाढ़ से हुई फसल क्षति, पशुधन हानि सहित अन्य नुकसानों का शीघ्र आंकलन कर प्रभावितों को सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री साय ने बाढ़ से क्षतिग्रस्त पुल का भी निरीक्षण किया और क्षेत्र की यातायात व्यवस्था तथा पुनर्निर्माण कार्यों की स्थिति का आकलन किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रभावित गांवों में सड़क, बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं की शीघ्र बहाली सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि राहत और पुनर्वास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाएँ कठिनाई अवश्य लाती हैं, परंतु प्रशासनिक तत्परता और जनसहयोग से इन कठिनाइयों का समय पर समाधान संभव है। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि राहत शिविरों और प्रभावित गाँवों में बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की विशेष देखभाल की जाए तथा स्वास्थ्य एवं शिक्षा से जुड़ी आवश्यक सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाए।
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य शिविर का जायजा लिया
मुख्यमंत्री साय ने यहां लगाए गए स्वास्थ्य शिविर का निरीक्षण किया। उन्होंने मेडिकल टीम से दवाइयों की उपलब्धता, डॉक्टरों की तैनाती और मरीजों को दी जा रही प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों से सीधे संवाद करते हुए यह भी पूछा कि क्या वे प्रशासन की मदद से संतुष्ट हैं। प्रभावितों ने जिला प्रशासन के त्वरित सहयोग पर संतोष व्यक्त किया।
साय ने बाढ़ प्रभावितों की स्वास्थ्य जांच, बीमारों के उपचार और आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता के बारे में मौजूद अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने स्थिति सामान्य होने तक बाढ़ प्रभावितों को शिविर में नियमित स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के निर्देश दिए। उन्होंने बाढ़ के बाद संभावित उल्टी-दस्त तथा अन्य जलजनित मौसमी बीमारियों पर निरंतर निगरानी रखने और बचाव हेतु पेयजल स्रोतों का अनिवार्य रूप से क्लोरीनेशन करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री साय ने आमजन को पीने के शुद्ध पानी का उपयोग करने, स्वच्छता एवं साफ-सफाई बनाए रखने के लिए जागरूक करने पर बल दिया। उन्होंने नगरीय प्रशासन विभाग के अधिकारियों को प्रभावित वार्डों में नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
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छत्तीसगढ़ में धान उपार्जन पर सख्ती: अवैध परिवहन, भंडारण और मिलिंग पर राज्यभर में बड़ी कार्रवाई

Raipur: छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन व्यवस्था को पारदर्शी, निष्पक्ष और किसान-केंद्रित बनाए रखने के लिए राज्य सरकार ने अवैध धान परिवहन, भंडारण, विक्रय और मिलिंग अनियमितताओं के खिलाफ राज्यभर में सघन अभियान तेज कर दिया है। शासन के निर्देश पर राजस्व, खाद्य, मंडी और पुलिस विभाग की संयुक्त टीमें अंतर्राज्यीय सीमाओं, धान खरीदी केंद्रों, राइस मिलों और संदिग्ध स्थलों पर लगातार निगरानी कर रही हैं।
खाद्य सचिव रीना कंगाले ने स्पष्ट किया कि धान उपार्जन व्यवस्था में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकता है कि समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का लाभ केवल वास्तविक किसानों तक ही पहुंचे। बिचौलियों, फर्जी टोकन, मिलावट, अंतर्राज्यीय अवैध परिवहन और कस्टम मिलिंग में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ प्रारंभिक स्तर पर ही सख़्त कार्रवाई की जा रही है। नियमों के उल्लंघन पर छत्तीसगढ़ चावल उपार्जन आदेश 2016, आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 सहित अन्य प्रावधानों के तहत कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।
इसी क्रम में महासमुंद जिले के सरायपाली विकासखंड अंतर्गत रेहटीखोल क्षेत्र में संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ट्रक से 694 बोरा धान जब्त किया। लगभग 319 क्विंटल धान उड़ीसा से छत्तीसगढ़ बिना वैध दस्तावेज के लाया जा रहा था। ट्रक को मौके पर ही जब्त कर थाना सिंघोड़ा के सुपुर्द किया गया।
धान उपार्जन में अनियमितता पाए जाने पर धमतरी जिले की प्राथमिक कृषि सहकारी साख समिति मर्यादित मोहदी के समिति प्रबंधक और ऑपरेटर को सेवा से पृथक कर दिया गया है। निरीक्षण के दौरान मिलावटयुक्त धान, टोकन के दुरुपयोग और अवैध बिक्री के मामले सामने आए थे।
13 जनवरी 2026 को बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के ग्राम बिलारी (सोनाखान) में संयुक्त टीम ने अवैध रूप से परिवहन किए जा रहे 75 कट्टा धान सहित एक पिकअप वाहन जब्त कर पुलिस के हवाले किया।
सरगुजा जिले में राइस मिलों के सघन भौतिक सत्यापन के दौरान राजेश राइस मिल खोडरी और सिद्धिविनायक राइस मिल दरिमा में धान की भारी कमी पाई गई। कस्टम मिलिंग आदेश 2016 और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत संबंधित मिलों पर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
महासमुंद जिले में विभिन्न स्थानों पर की गई कार्रवाई में कुल 217 कट्टा धान और एक पिकअप वाहन जब्त किया गया। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में जिले में बीते दो दिनों में कुल 2986 कट्टा अवैध धान जब्त किया जा चुका है। कलेक्टर द्वारा अंतर्राज्यीय जांच चौकियों और धान खरीदी केंद्रों का औचक निरीक्षण कर सख़्त निर्देश जारी किए गए हैं।
बिलासपुर जिले में धान उठाव में गंभीर अनियमितता सामने आने पर अमरनाथ एग्रो प्रोडक्ट राइस मिल को सील कर संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। मौके से 54 हजार क्विंटल से अधिक धान जब्त किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 16 करोड़ रुपये है। खाद्य विभाग के अनुसार जिले में अब तक 56 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य का धान जब्त किया जा चुका है। जिला प्रशासन ने साफ कहा है कि धान खरीदी, परिवहन, भंडारण और मिलिंग में किसी भी तरह की गड़बड़ी पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।
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रायपुर साहित्य उत्सव 2026: पुरखौती मुक्तांगन तक निःशुल्क बस सेवा, 23–25 जनवरी को साहित्य का महाकुंभ

Raipur: छत्तीसगढ़ की समृद्ध साहित्यिक, सांस्कृतिक और बौद्धिक परंपरा को राष्ट्रीय मंच पर सशक्त रूप से प्रस्तुत करने के उद्देश्य से रायपुर साहित्य उत्सव–2026 का आयोजन 23 से 25 जनवरी 2026 तक नवा रायपुर अटल नगर स्थित पुरखौती मुक्तांगन में किया जा रहा है। इस तीन दिवसीय साहित्यिक महोत्सव में आम नागरिकों, साहित्य प्रेमियों, विद्यार्थियों और युवाओं की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए शासन द्वारा निःशुल्क और सुगम यातायात व्यवस्था की गई है।
आयोजन स्थल तक पहुंच आसान बनाने के लिए रायपुर शहर के विभिन्न क्षेत्रों से कुल 6 विशेष बस रूट निर्धारित किए गए हैं। ये बसें तीनों दिन सुबह 9 बजे, 10:30 बजे, दोपहर 12 बजे, 1:30 बजे, 3 बजे और शाम 4:30 बजे निर्धारित समय-सारणी के अनुसार संचालित होंगी।
निर्धारित बस रूट
रूट क्रमांक 1:टाटीबंध – सरोना – रायपुरा चौक – कुशालपुर – भाठागांव चौक – संतोषी नगर चौक – पचपेड़ी नाका – एमएमआई – देवपुरी – डूमरतराई – माना मोड़ – टेमरी – माना कैंप – नवा रायपुर – पुरखौती मुक्तांगन
रूट क्रमांक 2:रेलवे स्टेशन – फाफाडीह चौक – डी. नगर – मेकाहारा – शास्त्री चौक – कालीबाड़ी – सिद्धार्थ चौक – पचपेड़ी नाका – एमएमआई – देवपुरी – डूमरतराई – माना मोड़ – टेमरी – माना कैंप – नवा रायपुर – पुरखौती मुक्तांगन
रूट क्रमांक 3:रेलवे स्टेशन – फाफाडीह चौक – मेकाहारा – घड़ी चौक – गांधी उद्यान – भगत सिंह चौक – तेलीबांधा – अवंतीबाई चौक – पं. दीनदयाल चौक – वीआईपी चौक – कृषि विश्वविद्यालय – लाभांडी – जोरा – नवा रायपुर – कैपिटल कॉम्प्लेक्स – पुरखौती मुक्तांगन
रूट क्रमांक 4:यूनिवर्सिटी गेट – साइंस कॉलेज – आयुर्वेदिक कॉलेज – आश्रम – आमापारा – आज़ाद चौक – कालीबाड़ी – सिद्धार्थ चौक – पचपेड़ी नाका – एमएमआई – देवपुरी – डूमरतराई – माना मोड़ – टेमरी – माना कैंप – नवा रायपुर – पुरखौती मुक्तांगन
रूट क्रमांक 5:कचना – मोवा – लोधीपारा – पंडरी – शास्त्री चौक – कालीबाड़ी चौक – सिद्धार्थ चौक – पचपेड़ी नाका – महावीर नगर – तेलीबांधा – अवंतीबाई चौक – पं. दीनदयाल चौक – वीआईपी चौक – कृषि विश्वविद्यालय – लाभांडी – जोरा – नवा रायपुर – कैपिटल कॉम्प्लेक्स – पुरखौती मुक्तांगन
रूट क्रमांक 6:भाठागांव – पचपेड़ी नाका – एमएमआई – देवपुरी – डूमरतराई – माना मोड़ – टेमरी – माना कैंप – नवा रायपुर – पुरखौती मुक्तांगन
साहित्य, संस्कृति और विचारों का संगम
रायपुर साहित्य उत्सव–2026 छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक आत्मा, लोक परंपराओं और साहित्यिक चेतना को नई पीढ़ी से जोड़ने का सशक्त मंच बनेगा। इस दौरान देशभर से प्रतिष्ठित साहित्यकार, कवि, कथाकार, विचारक, कलाकार, पत्रकार और रंगकर्मी सहभागिता करेंगे।उत्सव में साहित्यिक संवाद, विचार-मंथन, समकालीन विषयों पर परिचर्चाएँ, कविता पाठ, कथा सत्र, पुस्तक विमोचन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और कला-प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे। विशेष आकर्षण के रूप में ओपन माइक सत्र का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें आम नागरिक, युवा और नवोदित रचनाकार कविता, कहानी, गीत या विचार प्रस्तुत कर सकेंगे। साथ ही, देश के प्रमुख प्रकाशन समूहों की पुस्तक स्टॉल भी लगाई जाएंगी। रायपुर साहित्य उत्सव–2026 में भाग लेने के लिए इच्छुक नागरिक, विद्यार्थी और साहित्य प्रेमी आधिकारिक वेबसाइट www.raipursahityautsav.org के माध्यम से पंजीयन कर सकते हैं।
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ऑटो एक्सपो 2026: वाहन खरीद पर 50% आरटीओ टैक्स छूट, 5 फरवरी तक मिलेगा सीधा फायदा

Auto Expo 2026: छत्तीसगढ़ में वाहन खरीदने वालों के लिए बड़ी राहत की खबर है। परिवहन विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार ऑटो एक्सपो–2026 के दौरान वाहन खरीद पर 50 प्रतिशत जीवनकाल कर (आरटीओ टैक्स) में छूट दी जा रही है। यह ऑटो एक्सपो 20 जनवरी से 5 फरवरी 2026 तक रायपुर के श्री राम बिजनेस पार्क, एमजीएम हॉस्पिटल के सामने, विधानसभा रोड, सड्डू में आयोजित किया जा रहा है।
रायपुर ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन द्वारा आयोजित इस ऑटो एक्सपो में खरीदे गए वाहनों पर आरटीओ टैक्स में एकमुश्त 50 प्रतिशत छूट का सीधा लाभ ग्राहकों को मिलेगा। इससे प्रदेश के आम नागरिकों को वाहन खरीद पर बड़ा आर्थिक फायदा होगा। यह छत्तीसगढ़ का पहला ऐसा ऑटो एक्सपो है, जिसका लाभ पूरे प्रदेश के नागरिक उठा सकेंगे। वाहन खरीदने के लिए लोगों को रायपुर आना अनिवार्य नहीं होगा। वे अपने शहर या गांव के निकटतम पंजीकृत डीलर के माध्यम से वाहन खरीदकर इस टैक्स छूट योजना का लाभ ले सकेंगे।
ऑटो एक्सपो–2026 के अंतर्गत वाहन का पंजीयन नागरिक अपने गृह जिले में ही करा सकेंगे। यानी खरीदे गए वाहन पर संबंधित जिले का आरटीओ कोड मिलेगा। दूरस्थ क्षेत्रों के डीलर्स की भागीदारी से छोटे व्यापारियों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे और स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।
रायपुर ऑटो एक्सपो में दोपहिया, तिपहिया, चारपहिया और व्यावसायिक वाहनों सहित सभी श्रेणियों के नवीनतम मॉडल एक ही स्थान पर उपलब्ध हैं। इससे आम नागरिकों को नई ऑटोमोबाइल तकनीक, फीचर्स और विकल्पों की जानकारी भी मिल रही है।
एक्सपो के दौरान देश के प्रमुख बैंक और फाइनेंस कंपनियां कम ब्याज दर पर वाहन ऋण उपलब्ध करा रही हैं, जबकि इंश्योरेंस कंपनियां रियायती दरों पर वाहन बीमा की सुविधा दे रही हैं। डीलर्स, बैंक और इंश्योरेंस कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा के कारण वाहनों की कीमतों में भी अतिरिक्त लाभ मिल रहा है।
रायपुर ऑटो एक्सपो–2026 में रायपुर जिले के 95 डीलर्स और अन्य जिलों के 171 डीलर्स, कुल 266 डीलर्स भाग ले रहे हैं, जिससे प्रदेशभर के नागरिकों को वाहनों के व्यापक विकल्प उपलब्ध हो रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2025 में आयोजित ऑटो एक्सपो में 29,348 वाहनों की बिक्री हुई थी और नागरिकों को लगभग 120 करोड़ रुपये की आरटीओ टैक्स छूट का लाभ मिला था। इसी को देखते हुए ऑटो एक्सपो–2026 से भी बड़े पैमाने पर लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
कुल मिलाकर, ऑटो एक्सपो–2026 छत्तीसगढ़ के नागरिकों के लिए कम कीमत पर वाहन खरीदने, टैक्स में भारी छूट पाने और स्थानीय स्तर पर पंजीयन सुविधा प्राप्त करने का एक महत्वपूर्ण अवसर साबित हो रहा है।
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रायपुर साहित्य उत्सव 2026: साहित्य प्रेमियों के लिए बड़ी सुविधा, तीन दिनों तक निःशुल्क बस सेवा

Raipur: रायपुर साहित्य उत्सव 2026 के दौरान आम नागरिकों, साहित्य प्रेमियों, विद्यार्थियों और युवाओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए शहर में निःशुल्क बस सेवा संचालित की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि परिवहन की किसी भी असुविधा के कारण कोई भी व्यक्ति इस महत्वपूर्ण साहित्यिक आयोजन में शामिल होने से वंचित न रह जाए।
यह निःशुल्क बस सेवा 23, 24 और 25 जनवरी 2026—तीन दिनों तक लगातार संचालित की जाएगी। इन दिनों बसों में यात्रा पूरी तरह निःशुल्क रहेगी, जिससे शहरवासी बिना किसी अतिरिक्त खर्च के रायपुर साहित्य उत्सव में सहभागिता कर सकेंगे। यह व्यवस्था विशेष रूप से विद्यार्थियों, वरिष्ठ नागरिकों और साहित्य प्रेमियों के लिए अत्यंत लाभकारी मानी जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस सुविधा के अंतर्गत लगभग 15 बसें चलाई जाएंगी। ये बसें उत्सव स्थल तक आने-जाने—दोनों दिशाओं में संचालित होंगी, ताकि कार्यक्रम समाप्ति के बाद भी दर्शकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। भीड़ को देखते हुए बसों की संख्या इस तरह निर्धारित की गई है कि आवागमन सुचारु बना रहे।
शहर के अधिकतम क्षेत्रों को इस सुविधा से जोड़ने के लिए कुल 6 प्रमुख रूट तय किए गए हैं। इन रूट्स के माध्यम से रायपुर के विभिन्न हिस्सों से लोग सीधे उत्सव स्थल तक पहुंच सकेंगे। सभी बसें पुराने रायपुर क्षेत्र से पुरखौती मुक्तांगन, नवा रायपुर स्थित रायपुर साहित्य उत्सव स्थल तक संचालित की जाएंगी।
निःशुल्क बस सेवा में शामिल सभी बसों पर रायपुर साहित्य उत्सव की विशेष ब्रांडिंग की जाएगी। इससे न केवल शहर में साहित्य उत्सव का उत्साहपूर्ण माहौल बनेगा, बल्कि नागरिकों के बीच आयोजन को लेकर जागरूकता भी बढ़ेगी और पूरे रायपुर में उत्सव की पहचान स्पष्ट रूप से दिखाई देगी।
बसों की विस्तृत समय-सारणी शीघ्र जारी की जाएगी, जिसे विभिन्न माध्यमों से सार्वजनिक किया जाएगा ताकि नागरिक अपनी सुविधा के अनुसार यात्रा की योजना बना सकें। प्रशासन द्वारा यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि बस सेवा समयबद्ध, सुरक्षित और सुव्यवस्थित रूप से संचालित हो।
उल्लेखनीय है कि रायपुर साहित्य उत्सव छत्तीसगढ़ की समृद्ध साहित्यिक और सांस्कृतिक परंपरा को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। निःशुल्क बस सेवा की यह व्यवस्था अधिकाधिक नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है, ताकि समाज के हर वर्ग को इस साहित्यिक उत्सव से जुड़ने का अवसर मिल सके।
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मोरध्वज आरंग महोत्सव 2026 का भव्य समापन, मुख्यमंत्री साय ने की विकास से जुड़ी अहम घोषणाएं

Raipur:राजा मोरध्वज की त्याग, धर्म और सत्यनिष्ठा की गौरवशाली परंपरा को समर्पित मोरध्वज आरंग महोत्सव–2026 का भव्य समापन ऐतिहासिक गरिमा और उत्साहपूर्ण वातावरण के साथ सम्पन्न हुआ। समापन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राजा मोरध्वज का जीवन छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक चेतना और नैतिक मूल्यों का अमर प्रतीक है, जो आज भी समाज को सत्य, कर्तव्य और सेवा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आरंग की पुण्यभूमि त्रेता युग में प्रभु श्रीराम के चरण-स्पर्श से और द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण की स्मृतियों से अनुप्राणित रही है। उन्होंने बागेश्वर बाबा में विधिवत जलाभिषेक एवं पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और निरंतर विकास की कामना की।
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के सर्वांगीण विकास को गति देने वाली कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने समोदा उप तहसील को पूर्ण तहसील का दर्जा देने तथा वहां पूर्णकालिक तहसीलदार की पदस्थापना की घोषणा की। इसके साथ ही मोरध्वज महोत्सव के लिए शासकीय अनुदान ₹5 लाख से बढ़ाकर ₹10 लाख किए जाने की घोषणा भी की गई। मुख्यमंत्री ने क्षेत्र में प्रस्तावित खेल परिसर सहित अन्य अधोसंरचना विकास कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराने का आश्वासन दिया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार “मोदी की गारंटी” के अनुरूप जनहित को सर्वोपरि रखते हुए कार्य कर रही है। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, रोजगार और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण को सरकार की विकास नीति का प्रमुख आधार बताया। उन्होंने कहा कि संवेदनशील शासन, त्वरित निर्णय और जनता से सीधा संवाद ही सरकार की कार्यशैली की पहचान है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रसिद्ध सैंड आर्टिस्ट हेमचंद साहू को रेत से भगवान श्रीकृष्ण, भगवान श्रीराम और भगवान बागेश्वरनाथ की दिव्य आकृतियां उकेरने के लिए सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कलाकार की सृजनशीलता की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी कला न केवल हमारी आस्था और सांस्कृतिक विरासत को सशक्त करती है, बल्कि छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान भी दिलाती है।
समापन समारोह में जनप्रतिनिधियों, साधु-संतों, मातृशक्ति, युवाओं और बड़ी संख्या में उपस्थित नागरिकों की सहभागिता ने आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया। मुख्यमंत्री ने आयोजन समिति को सफल एवं भव्य आयोजन के लिए बधाई देते हुए प्रदेशवासियों को मोरध्वज आरंग महोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
समारोह में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल, गुरु बालकदास साहेब, सांसद विजय बघेल, बृजमोहन अग्रवाल, विधायक इंद्रकुमार साहू, मोतीलाल साहू, रोहित साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
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