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MP Rise-2025 Conclave: रतलाम में आए 30,402 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव, 35 हजार से अधिक लोगों को मिलेगा रोजगार

Ratlam: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि देश के साथ-साथ अब मध्यप्रदेश भी बदल रहा है। यहां विकास के सभी क्षेत्रों में नवाचार हो रहे हैं। हर क्षेत्र में निवेश का अच्छा माहौल बना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के औद्योगिक विकास का यह कारवां रूकेगा नहीं, बल्कि अब और तेज गति से आगे बढ़ेगा। रतलाम पहले सेव, साड़ियों और सोने के लिए जाना जाता था लेकिन अब यही रतलाम स्किल, स्केल और स्टार्टअप्स के लिए जाना जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रतलाम की राइज कॉन्क्लेव में 30402 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिससे 35 हजार 520 रोजगार का सृजन होगा। उन्होंने कहा कि निवेशकों को प्रोत्साहित करने के लिए वे 29 जून को सूरत में रोड-शो करने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को रतलाम में आयोजित रीजनल इंडस्ट्री, स्किल एंड एम्प्लॉयमेंट (राईस) कॉन्क्लेव को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव की प्रमुख घोषणाएं
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिगत ग्रीन एनर्जी को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से पूर्व स्थापित एमएसएमई इकाइयों द्वारा यदि केवल नवकरणीय संयंत्र की स्थापना के लिये पृथक से निवेश किया जाता है, तो इन इकाइयों को भी नवकरणीय ऊर्जा संयंत्र में किये गये निवेश पर उद्योग विकास अनुदान की सहायता दी जायेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रतलाम में मेगा इन्वेस्टमेंट रीजन से लगे लगी 6 ग्राम बिबड़ौद, पलसोड़ी, रामपुरिया, सरवनीखुर्द, जामथुन एवं जुलवानिया क्षेत्र एवं आबादी में स्थानीय निवासियों की सुविधा के लिये मार्ग निर्माण, सामुदायिक भवन एवं आवश्यक अधोसंरचना विकास के लिये प्रति ग्राम पंचायत 50 लाख की राशि स्वीकृत करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने निवेश क्षेत्र इण्डस्ट्रीयल पार्क एवं रतलाम क्षेत्र की औद्योगिक इकाइयों की सुविधा के लिये नवीन क्षेत्र में 220 केवी विद्युत लाईन की व्यवस्था करने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि रतलाम के पोलो ग्राउंड में अंतर्राष्ट्रीय मानकों पर हॉकी का एस्ट्रो टर्फ बनाया जायेगा। साथ ही रतलाम में बड़ी हवाई पट्टी का निर्माण होगा। उन्होंने कहा कि कालिका माता परिसर के विकास के लिये सैटेलाइट टाउन बनाया जायेगा।
4 लाख से अधिक हितग्राहियों को मिला 3861 करोड़ रूपए का ऋण
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रीजनल इंडस्ट्री, स्किल एंड एम्प्लॉयमेंट (राईस) कॉन्क्लेव में प्रदेश के 4 लाख से अधिक हितग्राहियों को स्व-रोजगार के लिए 3861 करोड़ रूपए की ऋण राशि सिंगल क्लिक के जरिए उनके खातों में हस्तांतरित की। मुख्यमंत्री ने 6000 करोड़ रूपए से अधिक निवेश करने और 17600 से अधिक रोजगार प्रदान करने वाली 35 वृहद औद्योगिक इकाइयों को भूमि आवंटन पत्र भी प्रदान किए। साथ ही 2012 करोड़ रूपए से अधिक लागत की 94 औद्योगिक इकाइयों और क्लस्टर्स का भूमिपूजन और लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने सिंगल क्लिक के जरिए ही 288 एमएसएमई इकाइयों को 270 करोड़ रूपए की प्रोत्साहन राशि और 140 वृहद औद्योगिक इकाइयों को 425 करोड़ रूपए की वित्तीय सहायता राशि हस्तांतरित की। मुख्यमंत्री ने 538 एमएसएमई इकाइयों को भू-खंड आवंटन पत्र भी प्रदान किए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश में हर महीने इन्वेस्टर समिट के साथ उद्योग और रोजगार को बढ़ाने के लिए कई कार्यक्रम हो रहे हैं। राज्य सरकार प्रदेश और देश के अलग-अलग शहरों में निवेशकों के लिए रोड शो और अन्य कार्यक्रम आयोजित कर रही है। सरकार व्यापार-व्यवसाय के लिए अपनी नीतियों के बल पर ठोस कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि रतलाम के महालक्ष्मी मंदिर में दीवाली पर हर व्यापारी लाखों की संपत्ति रखते हैं आज यहां भी निवेश की बारिश हो गई।
अंतर्राष्ट्रीय एमएसएमई दिवस के अवसर पर उद्यमियों और अधिकारियों का अभिनंदन है। बदलते दौर में प्रदेश को प्रधानमंत्री मोदी के द्वारा अनेक सौगातें मिल रही हैं। रतलाम की कनेक्टिविटी अन्य राज्यों के साथ बेहतर है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस के माध्यम से यहां से 6 घंटे में दिल्ली और 6 घंटे में मुंबई पहुंच सकते हैं। आगामी वर्षों में व्यापारियों को माल परिवहन के लिए एयर कार्गों सेवा प्रदान करेंगे। गुड्स को हवाई मार्ग से बाहर भेजेंगे। महाराष्ट्र सरकार से पोर्ट पर मध्यप्रदेश के व्यापारियों के लिए सुविधाएं शुरू करने के लिए चर्चा की है। सरकार के लिए छोटे से छोटा निवेशक अहम है। दुनिया हमारी अर्थव्यवस्था को देखकर दंग है। आपके कारखानों से कई लोगों के घरों का चूल्हा जलता है। फैक्ट्रियां भगवान के मंदिर की तरह है।
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Ujjain: 44 घंटे खुले रहेंगे महाकाल के पट, 15 फरवरी को महाशिवरात्रि, 10 लाख श्रद्धालुओं की संभावना

Ujjain: विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर मंदिर में इस वर्ष महाशिवरात्रि 15 फरवरी 2026 (रविवार) को धूमधाम और भक्ति के साथ मनाई जाएगी। पर्व को लेकर उज्जैन पूरी तरह शिवमय हो चुका है। 6 फरवरी से शिव नवरात्रि और भगवान महादेव के विवाहोत्सव की शुरुआत हो चुकी है, जो 16 फरवरी तक चलेगा। महाशिवरात्रि के अवसर पर इस बार महाकाल मंदिर के पट लगातार 44 घंटे तक श्रद्धालुओं के लिए खुले रहेंगे। 15 फरवरी सुबह 6 बजे से दर्शन शुरू होंगे और 16 फरवरी सुबह तक बिना किसी अवकाश के जारी रहेंगे। 16 फरवरी दोपहर 12 बजे विशेष भस्म आरती के साथ शिव नवरात्रि का समापन होगा।
महाकाल मंदिर में दोपहर की भस्म आरती वर्ष में केवल एक बार, महाशिवरात्रि पर ही की जाती है। इससे पहले भगवान महाकाल को फलों, फूलों और सप्तधान्य से बना भव्य सेहरा अर्पित किया जाएगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार महाशिवरात्रि भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह का पर्व है। इस दिन चारों प्रहर पूजा, व्रत और जप का विशेष महत्व है। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि इस दिन विधिपूर्वक पूजन से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
10 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं की संभावना
पुलिस प्रशासन ने महाशिवरात्रि पर 10 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के उज्जैन पहुंचने का अनुमान जताया है। इसे लेकर एडीजी राकेश गुप्ता की अध्यक्षता में पुलिस कंट्रोल रूम में समीक्षा बैठक हुई। बैठक में डीआईजी नवनीत भसीन, एसपी प्रदीप शर्मा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। भीड़ और सुरक्षा प्रबंधन के लिए 1500 पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। इनमें 150 महिला पुलिसकर्मी महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा में तैनात रहेंगी। वीआईपी दर्शन व्यवस्था के लिए 250 पुलिसकर्मी अलग से जिम्मेदारी संभालेंगे।
हाईटेक निगरानी और विशेष ट्रैफिक प्लान
मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में 200 सीसीटीवी कैमरे और 5 ड्रोन से निगरानी रखी जाएगी। एआई आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम भी सक्रिय रहेगा। यातायात व्यवस्था के लिए विशेष पार्किंग जोन बनाए जा रहे हैं और भीड़ बढ़ने पर रूट डायवर्जन लागू किया जाएगा।
40 मिनट में दर्शन कराने का लक्ष्य
प्रशासन ने अधिकतम 40 मिनट में दर्शन कराने का लक्ष्य तय किया है। महाकाल लोक से मंदिर तक विशेष मार्ग व्यवस्था लागू होगी। हर 300 मीटर पर पेयजल और चिकित्सा सहायता केंद्र स्थापित किए जाएंगे। मेडिकल हेल्थ पॉइंट, दिव्यांगजन और वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष सहायता डेस्क भी तैयार किए जा रहे हैं। 13 फरवरी तक सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएंगी।
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MP बोर्ड परीक्षा 10 फरवरी से: 10वीं-12वीं में 16 लाख से ज्यादा छात्र, 3856 केंद्रों पर CCTV और फ्लाइंग स्क्वॉड

MP Board Exam 2026: मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल की बोर्ड परीक्षाओं की शुरुआत अलग-अलग तारीखों पर हो रही है। 12वीं की बोर्ड परीक्षा 10 फरवरी से, जबकि 10वीं की परीक्षा 13 फरवरी से शुरू होगी। इस बार प्रदेश भर में 16 लाख से ज्यादा छात्र बोर्ड परीक्षा देंगे। इतनी बड़ी संख्या को देखते हुए शिक्षा विभाग और प्रशासन ने परीक्षा को नकलमुक्त और व्यवस्थित ढंग से कराने के लिए कड़े इंतजाम किए हैं। पूरे प्रदेश में 3856 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। सभी परीक्षाएं सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित होंगी।
10वीं में 9 लाख, 12वीं में 7 लाख छात्र
इस साल कक्षा 10वीं की परीक्षा में 9 लाख 7 हजार छात्र, जबकि कक्षा 12वीं की परीक्षा में करीब 7 लाख विद्यार्थी शामिल होंगे। राजधानी भोपाल में ही 10वीं के 30,746 और 12वीं के 26,627 छात्र परीक्षा देंगे। यहां 104 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।
हर जिले में फ्लाइंग स्क्वॉड, पुलिस-प्रशासन की निगरानी
नकल रोकने के लिए हर जिले में चार फ्लाइंग स्क्वॉड गठित किए गए हैं। इनमें दो स्क्वॉड विकासखंड स्तर पर और दो जिला स्तर पर काम करेंगे। हर स्क्वॉड में तीन-तीन अधिकारी शामिल रहेंगे, ताकि किसी भी गड़बड़ी पर तुरंत कार्रवाई हो सके।
संवेदनशील केंद्रों पर CCTV, प्रश्न-पत्र वितरण की वीडियोग्राफी
संवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है। इन केंद्रों की मॉनिटरिंग भोपाल स्थित बोर्ड कार्यालय से की जाएगी। इसके अलावा थानों से प्रश्न-पत्र निकालने से लेकर परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी अनिवार्य की गई है।
स्कूलों को निर्देश: संशोधित टाइम टेबल हर छात्र तक पहुंचे
माध्यमिक शिक्षा मंडल ने संशोधित टाइम टेबल पहले ही जारी कर दिया है। छात्रों में भ्रम न हो, इसके लिए सभी स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि यह जानकारी हर छात्र और अभिभावक तक नोटिस बोर्ड, असेंबली और व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए पहुंचाई जाए।
परीक्षा केंद्रों पर सख्त एंट्री नियम
जिला शिक्षा अधिकारी एनके अहिरवार ने बताया कि परीक्षार्थियों को सुबह 8:30 बजे के बाद परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। परीक्षा केंद्रों के आसपास अनावश्यक भीड़ पर रोक रहेगी और सभी केंद्रों पर लगातार निगरानी की जाएगी।
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MP News: रीवा में रफ्तार का कहर, ऑडी कार ने बाइक सवार परिवार को रौंदा, पिता-बेटा और भांजी की मौके पर मौत

Rewa: मध्यप्रदेश के रीवा जिले में शनिवार दोपहर एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। रीवा-रायपुर मार्ग पर कोष्टा गांव के पास तेज रफ्तार ऑडी कार ने बाइक सवार परिवार को पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और तीनों सवार उछलकर दूर जा गिरे। हादसे में बाइक चला रहे भागवत विश्वकर्मा, उनके छोटे बेटे शिवम विश्वकर्मा और भांजी शीतल विश्वकर्मा की मौके पर ही मौत हो गई। टक्कर के बाद सड़क पर अफरा-तफरी मच गई और कुछ ही देर में लोगों की भारी भीड़ जुट गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ऑडी कार रायपुर की ओर से तेज रफ्तार में आ रही थी और पीछे से बाइक को टक्कर मार दी। हादसे के बाद कार चालक मौके से फरार हो गया।
भगवान को पहला शादी का कार्ड देने जा रहे थे
पुलिस के अनुसार, मृतक भागवत विश्वकर्मा के बेटे शुभम की 25 फरवरी को शादी तय थी। हिंदू परंपरा के अनुसार, शादी का पहला निमंत्रण भगवान को अर्पित किया जाता है। इसी रस्म के तहत पूरा परिवार बाइक से चिरहुला नाथ मंदिर जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही यह हादसा उनकी जिंदगी छीन ले गया।
ऑडी कार जब्त, ड्राइवर की तलाश जारी
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। हादसे में शामिल ऑडी कार को जब्त कर लिया गया है। पुलिस फरार ड्राइवर की तलाश में जुटी हुई है और आसपास के CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
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MP Cabinet: निमाड़ के 25,602 विस्थापित परिवार बनेंगे जमीन के मालिक, सरकार कराएगी मुफ्त रजिस्ट्री, 600 करोड़ का राजस्व छोड़ा

MP Cabinet Decision: सरदार सरोवर बांध के कारण निमाड़ अंचल के बड़वानी, अलीराजपुर, धार और खरगोन जिलों में विस्थापित हुए 25,602 परिवार अब अपने आवासीय भूखंडों के स्थायी मालिक बनेंगे। राज्य सरकार इन परिवारों को पट्टे पर दिए गए आवासीय भूखंडों की रजिस्ट्री नि:शुल्क कराएगी। इस फैसले के बाद ये परिवार अपने भूखंडों की खरीद-बिक्री, मॉर्टगेज कर बैंक से लोन लेने जैसे अधिकार भी हासिल कर सकेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
600 करोड़ का राजस्व छोड़ा, NNVDA करेगा प्रतिपूर्ति
सरकार के इस निर्णय से राज्य को करीब 600 करोड़ रुपए के राजस्व का नुकसान होगा। हालांकि कैबिनेट ने व्यवस्था दी है कि पहले से तय एसओपी के तहत रजिस्ट्री शुल्क और स्टाम्प ड्यूटी की यह राशि नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण (NVDA) द्वारा वहन की जाएगी।
8 विधानसभा क्षेत्रों के आदिवासी परिवारों को लाभ
एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप ने बताया कि इस फैसले से 8 विधानसभा क्षेत्रों के आदिवासी परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा। इनमें 4 सीटों पर कांग्रेस विधायक भी हैं, जिनमें नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का क्षेत्र शामिल है। मंत्री ने कहा कि सरकार ने यह निर्णय बिना किसी राजनीतिक भेदभाव के लिया है।
बाणसागर बांध से मैहर-कटनी के लिए दो नई सिंचाई परियोजनाएं मंजूर
कैबिनेट ने सोन नदी पर बने बाणसागर बांध से मैहर और कटनी जिलों के लिए दो नई सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी दी है। 620.65 करोड़ रुपए की लागत से 14,300 से अधिक किसानों की 23,500 हेक्टेयर जमीन सिंचित होगी।
परियोजनाओं का विवरण
धनवाही सूक्ष्म दबाव सिंचाई परियोजना: लागत: 53.73 करोड़
9 गांव, 3,500 हेक्टेयर क्षेत्र
2,810 किसान लाभान्वित
बरही-बरही सूक्ष्म लिफ्ट सिंचाई परियोजना: लागत: 566.92 करोड़
27 गांव, 20,000 हेक्टेयर क्षेत्र
11,500 किसान लाभान्वित
समाज कल्याण बोर्ड के कर्मचारियों का संविलियन
राज्य सरकार द्वारा भंग किए गए राज्य समाज कल्याण बोर्ड के कर्मचारियों का संविलियन अब महिला एवं बाल विकास विभाग में किया जाएगा। कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। इससे बोर्ड से जुड़े 7 कर्मचारियों की नौकरी पर बना संकट खत्म हो गया है।
जनहित की 10 योजनाओं की अवधि 5 साल बढ़ी
कैबिनेट ने 6 विभागों की जनहित से जुड़ी 10 योजनाओं की अवधि मार्च 2026 से बढ़ाकर मार्च 2030 तक कर दी है। इन योजनाओं के लिए 15,009 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं।
प्रमुख योजनाएं
मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल 2.0)
विधानसभा क्षेत्र निर्वाचन योजना
डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना
ब्लॉक ग्रांट योजना
पशु विकास एवं गौ संवर्धन योजना
किशोर कल्याण निधि योजना
घरेलू हिंसा पीड़िता सहायता योजना
अल्पसंख्यक स्वरोजगार/उद्यम योजना
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MP News: केंद्रीय करों में MP का हिस्सा घटा: अगले 5 साल में हर साल 7500 करोड़ का नुकसान, इस साल ही 2314 करोड़ कम मिलेंगे

Bhopal: मध्य प्रदेश की केंद्रीय करों में हिस्सेदारी बढ़ने की उम्मीदों को झटका लगा है। केंद्र सरकार ने 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों को मंजूरी दे दी है। इसके तहत अप्रैल 2026 से मार्च 2031 तक एमपी की हिस्सेदारी 7.86% से घटाकर 7.34% कर दी गई है।वित्त विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, 0.503% की इस कटौती से राज्य को हर साल करीब 7500 करोड़ रुपए का नुकसान होगा। सिर्फ भविष्य ही नहीं, मौजूदा वित्तीय वर्ष में भी असर दिखेगा। पहले जहां 31 मार्च 2026 तक 1,11,662 करोड़ रुपए मिलने का अनुमान था, वह अब घटकर 1,09,348 करोड़ रुपए रह गया है। यानी इस साल ही प्रदेश को 2314 करोड़ रुपए कम मिलेंगे। यह कटौती ऐसे वक्त में हुई है जब राज्य सरकार कई योजनाओं में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की तैयारी कर रही है, जिससे वित्तीय दबाव और बढ़ सकता है।
एक्सपर्ट की राय: कैपिटल एक्सपेंडिचर से मिल सकती है राहत
हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि केंद्रीय करों में हिस्सेदारी घटने के बावजूद कैपिटल एक्सपेंडिचर (पूंजीगत खर्च) के जरिए मध्य प्रदेश को फायदा मिल सकता है। अनुमान है कि केंद्रीय करों की हिस्सेदारी से इस बार एमपी को करीब 1.12 लाख करोड़ रुपए मिल सकते हैं। साथ ही इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए 2000 करोड़ रुपए अतिरिक्त मिलने की संभावना है।
टियर-2 और टियर-3 शहरों को 12 लाख करोड़ का पैकेज
रविवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपना 9वां केंद्रीय बजट पेश किया। बजट में टियर-2 और टियर-3 शहरों के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए 12 लाख करोड़ रुपए का बड़ा प्रावधान किया गया है। इसका फायदा मध्य प्रदेश के करीब 10 शहरों को मिल सकता है। भोपाल, इंदौर जैसे बड़े शहरों को 7 हजार करोड़ रुपए तक, बाकी शहरों को करीब 5 हजार करोड़ रुपए मिलने का अनुमान है। यह राशि सड़क, जल आपूर्ति, सीवरेज और अन्य बुनियादी सुविधाओं पर खर्च की जाएगी।
भोपाल को मिल सकती है यूनिवर्सिटी टाउनशिप
देश में प्रस्तावित 5 यूनिवर्सिटी टाउनशिप में से एक भोपाल को मिलने की संभावना है। एयरपोर्ट के पास भौंरी क्षेत्र में राज्य सरकार पहले से ही AI और नॉलेज सिटी विकसित कर रही है। अगर इसे यूनिवर्सिटी टाउनशिप में बदला गया, तो केंद्र को पहला प्रस्ताव तुरंत भेजा जा सकता है।
सिंहस्थ 2028 के लिए स्पेशल पैकेज नहीं
मध्य प्रदेश सरकार ने सिंहस्थ 2028 के आयोजन के लिए 20 हजार करोड़ रुपए के स्पेशल पैकेज की मांग की थी, लेकिन इस बजट में केंद्र की ओर से इस पर कोई घोषणा नहीं की गई।
अमृत बॉन्ड से नगर निगमों को फायदा
भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर और उज्जैन जैसे बड़े नगर निगम 1000 करोड़ रुपए तक के अमृत बॉन्ड जारी कर सकेंगे। 200 करोड़ तक के बॉन्ड पर केंद्र सरकार 18% की सहायता देगी। अमृत 2.0 मिशन के तहत 2025-26 के लिए 7022 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं, जिनका फोकस जल आपूर्ति और सीवरेज पर है।
महिला अमृत मित्र की तैनाती
पेयजल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए 10,000 ‘महिला अमृत मित्र’ तैनात की जाएंगी। ये महिलाएं स्थानीय स्तर पर पानी की जांच करेंगी, ताकि पेयजल और सीवरेज लाइनों के संपर्क से होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
किसानों, छात्राओं और स्वास्थ्य सेक्टर को राहत
75 लाख छोटे किसानों को फायदा
ड्रोन तकनीक, डिजिटल कृषि मिशन और माइक्रो इरिगेशन के जरिए छोटे किसानों की आय बढ़ाने पर जोर दिया गया है।
हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल
मध्य प्रदेश के 55 जिलों में गर्ल्स हॉस्टल बनाए जाएंगे, जिससे खासकर आदिवासी इलाकों की छात्राओं को फायदा मिलेगा।
हर जिला अस्पताल में ट्रॉमा सेंटर
अब प्रदेश के सभी 52 जिला अस्पतालों में ट्रॉमा सेंटर स्थापित किए जाएंगे।
टेक्सटाइल सेक्टर को बढ़ावा
पीएम मित्र पार्क से प्रदेश में 3 लाख रोजगार और 6 लाख किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
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