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Chhattisgarh: अनियमितता और लापरवाही पर सख्त साय सरकार, बस्तर से लेकर रायपुर तक हो रही कड़ी कार्रवाई

रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने विकास कार्यों में अनियमितता और लापरवाही करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर कड़ी कार्यवाही करते हुए जीरो टॉलरेंस का परिचय दिया है। राज्य शासन ने सड़क निर्माण और ओवरब्रिज मरम्मत कार्य में गड़बड़ी, लापरवाही, गुणवत्ताहीन कार्य और अनियमितता पर सख्ती बरतते हुए लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के विरुद्ध बस्तर से लेकर रायपुर तक कड़ी कार्रवाई की है। राज्य शासन ने बीजापुर में सड़क निर्माण में गड़बड़ी, भ्रष्टाचार, मिलीभगत, शासकीय राशि के अपव्यय और गुणवत्ताहीन कार्यों के दोषी अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर के साथ ही निलंबन की भी कार्रवाई की है। एक अधिकारी को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है। वहीं रायपुर में मोवा ओवरब्रिज की मरम्मत में अमानक एवं गुणवत्ताहीन कार्य और अनियमितता पर पांच अधिकारियों को निलंबित किया गया है।
राज्य में भ्रष्टाचार और गडबड़ी पर जीरो टॉलरेंस पर अमल करते हुए सरकार ने आज कई अधिकारियों के विरूद्ध बड़ी कार्रवाई की है। बीजापुर में आर.आर.पी.-1 (एल.डब्ल्यू.ई.) योजना के अंतर्गत 54.40 किमी लंबाई के अति महत्वपूर्ण प्रगतिरत नेलसनार-कोडोली-मिरतुल-गंगालुर मार्ग के कार्य के संबंध में गठित जांच दल से प्राप्त प्रतिवेदन में पाई गई गड़बड़ियों के गंभीर होने एवं संबंधित अधिकारियों के मिलीभगत होने के कारण सड़क निर्माण में शासकीय राशि के अपव्यय, गबन, त्रुटिपूर्ण मूल्यांकन प्रतिवेदन देने एवं ठेकेदार/निर्माण एजेंसी के साथ मिलकर भ्रष्टाचार करने के प्रथम दृष्टया साक्ष्य हैं।
राज्य शासन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सड़क निर्माण कार्य में गड़बड़ियों, गंभीर भ्रष्टाचार, मिलीभगत कर शासकीय राशि के अपव्यय एवं जानबूझकर गुणवत्ताविहीन निर्माण कार्य किए जाने के कारण तत्कालीन कार्यपालन अभियंता बी.एल. ध्रुव, अनुविभागीय अधिकारी आर.के. सिन्हा और उप अभियंता जी.एस. कोड़ोपी तथा अन्य संबंधित अधिकारियों के विरूद्ध प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम एवं अन्य सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज कराकर तत्काल लोक निर्माण विभाग को सूचित करने के निर्देश बस्तर परिक्षेत्र, जगदलपुर के मुख्य अभियंता को दिए हैं।
नेलसनार-कोडोली-मिरतुल-गंगालुर मार्ग के कार्य के संबंध में गठित जांच दल द्वारा बस्तर परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता एवं बस्तर मंडल के अधीक्षण अभियंता के साथ विगत 8 जनवरी और 9 जनवरी को कार्यस्थल का निरीक्षण किया गया। इस दौरान कई कमियां पाई गईं। मार्ग के निर्माण कार्य में 29.00 किमी से 32.00 किमी एवं 50/10 तक कुल 4.20 किमी बी.टी. (OGPC+SEAL COAT) कार्य में अधिकांश जगह सील कोट (SEAL COAT) उखड़ गए हैं, जो डी.एल.पी. 06/2025 तक में है। किमी 41/2 से 50/10 मार्ग के विभिन्न फर्लांग (Furlong) में 41/10, 42/2, 42/6, 42/8, 42/10, 43/2, 43/4, 43/8, 44/6, 44/8, 45/4, 45/6, 45/8, 45/10, 46/6, 47/2, 47/10 एवं 50/8 सड़क सतह सिंक पोथोल्स (SINK POTHOLES) उत्पन्न हो गए हैं, जो डी.एल.पी. 06/2025 तक में है। किमी 28/4, 30/6 एवं 40/2 में पुल के एप्रोच स्लैब अपर्याप्त मोटाई (Inadequate Thickness) एवं बिना रिइनफोर्समेंट (Reinforcement) के बैक फीलिंग मटेरियल (Back filling material) के कमजोर कॉम्पेक्शन (Poor compaction) होने से सेटल्ड (Settled) हो गया है। इस प्रकार निर्धारित मानक एवं मापदण्ड का पालन किए बिना ही कार्य कराया जाकर अनुविभागीय अधिकारी एवं उप अभियंता द्वारा अधिकार का दुरूपयोग कर अपने पदीय कर्तव्य के निर्वहन में अनियमितता बरती गई है। इस पर कठोर कार्रवाई करते हुए विभाग ने अनुविभागीय अधिकारी आर.के. सिन्हा, और उप अभियंता जी.एस. कोड़ोपी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए उनका मुख्यालय नवा रायपुर स्थित लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता कार्यालय निर्धारित किया गया है। निलंबन अवधि में दोनों को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।
लोक निर्माण विभाग ने नेलसनार-कोडोली-मिरतुल-गंगालुर मार्ग के कार्य में निर्धारित मानक एवं मापदण्ड का पालन किए बिना ही कार्य कराए जाने को कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही, उदासीनता एवं स्वेच्छाचारिता को गंभीर कदाचार मानते हुए बीजापुर के सेवानिवृत्त प्रभारी कार्यपालन अभियंता बी.एल. ध्रुव को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उन्हें जारी नोटिस में विभाग ने कहा है कि क्यों न उक्त कृत्य के लिए आपके विरूद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाए। उन्हें इस संबंध में अपना लिखित प्रतिवाद नोटिस प्राप्ति के 15 दिवस की समयावधि में प्रस्तुत करने को कहा गया है। लिखित प्रतिवाद निर्धारित समयावधि में प्राप्त नहीं होने पर संबंधित के विरूद्ध नियमानुसार एकपक्षीय कार्यवाही की जाएगी।
मोवा ओवरब्रिज मरम्मत कार्य में गडबड़ी पर पांच अधिकारी निलंबित, उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कार्य का निरीक्षण कर जांच के दिए थे आदेश
लोक निर्माण विभाग ने रायपुर के मोवा रेलवे ओवरब्रिज की मरम्मत में अमानक एवं गुणवत्ताहीन कार्य तथा अनियमितता पर भी बड़ी कार्रवाई की है। जांच के बाद विभाग ने पांच अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। ओवरब्रिज में डामरीकरण कार्य में शिकायतों का संज्ञान लेकर उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने कार्य का औचक निरीक्षण किया था। उन्होंने निरीक्षण के दौरान कार्यस्थल पर गुणवत्ताहीन कार्य/खराबी पाई थी। इस संबंध में लोक निर्माण विभाग के सेतु परिक्षेत्र, रायपुर के मुख्य अभियंता द्वारा केन्द्रीय गुणवत्ता एवं अनुसंधान प्रयोगशाला, लोक निर्माण विभाग, रायपुर से जांच प्रतिवेदन प्राप्त की गई, जिसमें औसत बिटुमिन कंटेंट, कंबाईन्ड डेन्सिटी, मटेरियल के ग्रेडेशन मानक स्तर से कम पाया गया। इस प्रकार अमानक स्तर एवं गुणवत्ता के मापदण्डों का पालन किए बिना ही डामरीकरण का कार्य कराया जाकर कार्यपालन अभियंता, अनुविभागीय अधिकारी एवं उप अभियंताओं द्वारा अधिकार का दुरूपयोग कर अपने पदीय कर्तव्य के निर्वहन में अनियमितता बरती गई है। इस पर कड़ी कार्रवाई करते हुए विभाग ने कार्यपालन अभियंता विवेक शुक्ला, अनुविभागीय अधिकारी रोशन कुमार साहू तथा उप अभियंता राजीव मिश्रा, देवव्रत यमराज और तन्मय गुप्ता को निलंबित किया है। निलंबन अवधि में इन सभी का मुख्यालय नवा रायपुर स्थित लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता कार्यालय निर्धारित किया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।
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Raipur: छत्तीसगढ़ में 370 नई एम्बुलेंस की शुरुआत, 15 मिनट में शहर, 30 मिनट में गांव पहुंचेगी 108 सेवा

Raipur: छत्तीसगढ़ में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री साय ने मंगलवार को 370 नई एम्बुलेंस को हरी झंडी दिखाकर प्रदेश के सभी जिलों के लिए रवाना किया। इनमें 300 बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS) और 70 एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट (ALS) एम्बुलेंस शामिल हैं।
15 मिनट शहर, 30 मिनट गांव में पहुंचेगी सेवा
सरकार ने लक्ष्य तय किया है कि 108 एंबुलेंस सर्विस के जरिए शहरी क्षेत्रों में 15 मिनट और ग्रामीण क्षेत्रों में 30 मिनट के भीतर एम्बुलेंस उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे मरीजों को समय पर इलाज मिल सके।
नवजातों के लिए ‘चलते-फिरते ICU’ की शुरुआत
इस पहल के तहत पहली बार प्रदेश में 5 नियोनेटल ALS एम्बुलेंस शुरू की गई हैं। ये एम्बुलेंस नवजात शिशुओं के लिए ICU जैसी सुविधाओं से लैस हैं, जिनमें इन्क्यूबेटर, वेंटिलेटर, डिफिब्रिलेटर, ऑक्सीजन सपोर्ट और 41 तरह की आपातकालीन दवाएं उपलब्ध हैं।
स्वास्थ्य मंत्री बोले- ऐतिहासिक दिन
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इसे राज्य के लिए ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि इससे लाखों लोगों को त्वरित चिकित्सा सुविधा मिलेगी। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ देश का दूसरा राज्य बन गया है, जहां नियोनेटल एम्बुलेंस सेवा शुरू हुई है।
ग्राउंड पर ही मिलेगा प्राथमिक और उन्नत इलाज
नई BLS और ALS एम्बुलेंस में बीपी मॉनिटर, पल्स ऑक्सीमीटर, ईसीजी, ग्लूकोमीटर जैसी जांच सुविधाएं उपलब्ध हैं। गंभीर मरीजों के लिए पोर्टेबल वेंटिलेटर, सिरिंज पंप और अन्य आधुनिक उपकरण भी लगाए गए हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा बदलाव
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दो वर्षों में स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े सुधार हुए हैं। उप-स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के उन्नयन से अब लोगों को छोटे इलाज के लिए दूर शहर नहीं जाना पड़ रहा।
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Raipur: प्रॉपर्टी टैक्स जमा करने की डेडलाइन बढ़ी, अब 30 अप्रैल तक बिना सरचार्ज भर सकेंगे टैक्स

Raipur:प्रॉपर्टी टैक्स जमा करने वाले नागरिकों को बड़ी राहत मिली है। नगरीय प्रशासन-विकास विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए संपत्ति कर भुगतान की अंतिम तारीख बढ़ाकर अब 30 अप्रैल 2026 कर दी है। पहले यह डेडलाइन 31 मार्च तय थी।
30 दिन का अतिरिक्त समय दिया गया
विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार सभी नगरीय निकायों को 30 दिनों का अतिरिक्त समय दिया गया है। राजस्व वसूली लक्ष्य पूरा न होने और अन्य प्रशासनिक कारणों को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
30 अप्रैल तक नहीं लगेगा कोई अतिरिक्त शुल्क
अब करदाता 30 अप्रैल तक बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के अपना प्रॉपर्टी टैक्स जमा कर सकेंगे। इसके बाद भुगतान करने पर 17% सरचार्ज देना अनिवार्य होगा।
एक दिन में 9.58 करोड़ की वसूली
डेडलाइन से पहले टैक्स जमा करने के लिए शहर में भारी भीड़ देखने को मिली। 30 मार्च को सुबह 10 बजे से रात 9 बजे तक 8,768 करदाताओं ने कुल 9 करोड़ 58 लाख 61 हजार 442 रुपए जमा किए। नगर निगम के सभी 10 जोनों के राजस्व कार्यालयों में दिनभर लंबी कतारें लगी रहीं।
बकायादारों पर सख्ती जारी
नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि बकाया टैक्स नहीं चुकाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। इसके तहत दुकानों और व्यवसायिक परिसरों को सील किया जा रहा है, जबकि घरों में नल कनेक्शन काटने की कार्रवाई भी लगातार चल रही है।
छुट्टी के दिन भी खुले रहेंगे दफ्तर
31 मार्च यानी आज महावीर जयंती के सरकारी अवकाश के बावजूद नगर निगम के सभी जोनों के राजस्व कार्यालय खुले रहेंगे, ताकि लोग अंतिम समय में भी अपना टैक्स जमा कर सकें।
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Khelo India Tribal Games 2026: खेल के साथ पर्यटन का संगम, छत्तीसगढ़ की मेहमाननवाज़ी ने जीता दिल

Khelo India Tribal Games 2026: छत्तीसगढ़ में आयोजित ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026’ केवल खेल तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह आयोजन राज्य के पर्यटन और सांस्कृतिक वैभव का भी शानदार प्रदर्शन बन गया है। देशभर से आए खिलाड़ी यहां खेल के साथ-साथ छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक और प्राकृतिक खूबसूरती का अनुभव भी कर रहे हैं। अंडमान-निकोबार से आए खिलाड़ियों को Sirpur और बारनवापारा अभयारण्य (Barnawapara Wildlife Sanctuary) का भ्रमण कराया गया, जिसने उनके अनुभव को और खास बना दिया।
सिरपुर की ऐतिहासिक विरासत ने किया प्रभावित
छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल द्वारा कराए गए दौरे में खिलाड़ियों ने सिरपुर के प्राचीन मंदिरों, बौद्ध विहारों और पुरातात्विक स्थलों को करीब से देखा। इस ऐतिहासिक नगरी की समृद्ध विरासत और संस्कृति ने खिलाड़ियों को काफी प्रभावित किया।बारनवापारा अभयारण्य की हरियाली, घने जंगल और शांत वातावरण ने खिलाड़ियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। यहां स्थित हरेली इको रिसॉर्ट में खिलाड़ियों ने स्थानीय व्यंजनों का भी आनंद लिया।
बांबू राफ्टिंग बना खास आकर्षण
खिलाड़ियों के लिए सबसे रोमांचक अनुभव रहा बांबू राफ्टिंग, जिसमें उन्होंने उत्साह के साथ भाग लिया। प्राकृतिक जलधाराओं के बीच यह गतिविधि न केवल मनोरंजक रही, बल्कि टीम भावना को भी मजबूत करने वाली साबित हुई।
मेहमाननवाजी ने जीता दिल
छत्तीसगढ़ की आत्मीयता और मेहमाननवाज़ी ने खिलाड़ियों को खासा प्रभावित किया। अंडमान-निकोबार के खिलाड़ियों ने राज्य सरकार और पर्यटन मंडल का आभार जताते हुए इसे अपने जीवन का यादगार अनुभव बताया।
राज्य की सकारात्मक छवि को मिला बढ़ावा
‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स’ के जरिए छत्तीसगढ़ न केवल खेल प्रतिभाओं को मंच दे रहा है, बल्कि अपनी सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन स्थलों को भी राष्ट्रीय पहचान दिला रहा है। यह आयोजन राज्य की बहुआयामी छवि को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम साबित हो रहा है।
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Raipur: पश्चिम एशिया तनाव पर छत्तीसगढ़ अलर्ट, CM साय की हाई लेवल बैठक, कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश

Raipur: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच छत्तीसगढ़ सरकार अलर्ट मोड में आ गई है। मुख्यमंत्री साय ने रायपुर स्थित निवास कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी संभागायुक्तों, आईजी, कलेक्टरों और एसपी के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में पेट्रोल, डीजल, एलपीजी गैस, उर्वरक और अन्य आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता और सप्लाई सिस्टम की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य में किसी भी जरूरी वस्तु की कमी नहीं है और नागरिक अफवाहों से दूर रहें।
मोदी सरकार के आश्वासन का जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने भी राज्यों के साथ चर्चा कर भरोसा दिलाया है कि देश में जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति सुचारू बनी हुई है। उन्होंने कहा कि वर्तमान स्थिति कोविड जैसी नहीं है, लेकिन सतर्कता जरूरी है।
कालाबाजारी और जमाखोरी पर सख्ती
CM साय ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पेट्रोल, गैस और अन्य जरूरी वस्तुओं की कालाबाजारी या जमाखोरी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसियों की नियमित मॉनिटरिंग करने के भी निर्देश दिए गए।
कंट्रोल रूम नंबर जारी
राज्य स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। आम नागरिक गैस सप्लाई या कालाबाजारी से जुड़ी शिकायत के लिए 1800-233-3663 पर कॉल कर सकते हैं। मुख्य सचिव विकास शील ने बताया कि इस नंबर का व्यापक प्रचार किया जाएगा ताकि लोगों तक सही जानकारी समय पर पहुंच सके।
तेल कंपनियों ने दी राहत की जानकारी
बैठक में एचपीसीएल, बीपीसीएल और आईओसीएल के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि प्रदेश में गैस एवं पेट्रोलियम पदार्थों की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति नियमित रूप से जारी है। गैस सिलेंडरों की ऑनलाइन बुकिंग सामान्य रूप से संचालित है।
उर्वरक की भी पर्याप्त उपलब्धता
अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में खाद की भी कोई कमी नहीं है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि उर्वरकों की जमाखोरी पर रोक लगाई जाए और सभी किसानों को जरूरत के अनुसार समान वितरण सुनिश्चित किया जाए।
महत्वपूर्ण संस्थानों को प्राथमिकता
सरकार ने अस्पताल, छात्रावास, शैक्षणिक संस्थान, रेलवे, सैन्य और अर्द्धसैनिक कैंप सहित जरूरी सेवाओं में गैस सप्लाई निर्बाध रखने के निर्देश दिए हैं।
राज्यभर में कार्रवाई जारी
सरकार की सख्ती का असर भी दिख रहा है। अब तक 335 स्थानों पर छापेमारी की गई है। 3841 गैस सिलेंडर जब्त किए गए हैं और 97 एफआईआर दर्ज की गई हैं। मुख्यमंत्री ने सीमावर्ती चेकपोस्ट पर भी सख्ती बढ़ाने और पेट्रोल-डीजल की अवैध बिक्री रोकने के निर्देश दिए हैं।
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Raipur: छत्तीसगढ़ में कमर्शियल LPG वितरण के नए नियम, खपत की सिर्फ 20% ही मिलेगी गैस, प्राथमिकता सूची तय

Raipur: छत्तीसगढ़ में गैस आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए राज्य सरकार ने कमर्शियल LPG वितरण के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। खाद्य विभाग की सचिव रीना बाबा साहब कंगाले ने ऑयल कंपनियों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया।बैठक में तय किया गया कि अब कमर्शियल LPG उपभोक्ताओं को पिछले महीने की कुल खपत का अधिकतम 20% ही गैस उपलब्ध कराई जाएगी। यह कदम सीमित स्टॉक के बेहतर प्रबंधन और सभी आवश्यक संस्थानों तक गैस पहुंचाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
रिफिल बुकिंग के नए नियम
सरकार ने उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए रिफिल बुकिंग की समय सीमा भी तय की है। इसमें शहरी क्षेत्रों में 25 दिन के भीतर, ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन के भीतर एलपीजी सिलेंडर रिफिल की सुविधा दी जाएगी। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि उपभोक्ताओं को समय पर गैस मिलती रहे और अनावश्यक दबाव न बने।
सुरक्षा और निगरानी के सख्त निर्देश
जिला प्रशासन को LPG गोदामों और वितरण केंद्रों पर पुलिस और होमगार्ड की तैनाती के निर्देश दिए गए हैं, ताकि भीड़ और अव्यवस्था को रोका जा सके। साथ ही वितरकों को अपने फोन नंबर सक्रिय रखने और शिकायतों का तुरंत समाधान करने के लिए कहा गया है।
इन संस्थानों को मिलेगी प्राथमिकता
उपलब्ध स्टॉक के आधार पर सरकार ने गैस वितरण के लिए प्राथमिकता श्रेणियां तय की हैं-
- शैक्षणिक संस्थान और अस्पताल
- सैन्य और अर्द्धसैन्य कैंप
- जेल और समाज कल्याण संस्थान
- रेलवे और एयरपोर्ट कैंटीन
- सरकारी कार्यालय और गेस्ट हाउस
- होटल, रेस्टोरेंट और पशु आहार इकाइयां
रोजाना होगी मॉनिटरिंग
सरकार ने ऑयल कंपनियों को निर्देश दिया है कि कमर्शियल LPG स्टॉक और वितरण की दैनिक समीक्षा करें और इसकी रिपोर्ट हर दिन विभाग को भेजें। इससे सप्लाई चेन पर नजर बनी रहेगी और किसी भी समस्या का तुरंत समाधान किया जा सकेगा। बैठक में भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन के प्रादेशिक प्रबंधक दिलीप मीणा, हिंदुस्तान पैट्रोलियम कॉरपोरेशन के क्षेत्रीय प्रबंधक मंगेश डोंगरे सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।















