ख़बर मध्यप्रदेश
MP News: बिल्डिंग परमिशन- कम्पाउडिंग के नियम सरल हों, जमीन नामांतरण में लापरवाही पर होगी कार्रवाई- मुख्यमंत्री

MP News(Bhopal): मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज मंगलवार को नगरीय विकास और आवास विभाग की समीक्षा बैठक की। इसमें मुख्यमंत्री ने कहा कि बिल्डिंग परमिशन और कम्पाउडिंग के नियम और प्रक्रिया का सरलीकरण किया जाए। नियम स्पष्ट और सरल हों, जिसे आम आदमी आसानी से समझ सके और उसे कोई परेशानी न हो। सीएम यादव ने कहा कि सामान्य व्यक्ति जीवन में एक बार मकान बनाता है, अत: बिल्डिंग परमिशन आदि की व्यवस्था ऐसी की जाएं, जिससे वह परेशान न हो और निर्धारित समय-सीमा में कार्य हो। नगरीय निकायों से नक्शे जल्दी पास कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि भवन अनुज्ञा से संबंधित सॉफ्टवेयर का आंकलन कर यह पता किया जाए कि वर्तमान में औसतन कितने दिनों में भवन अनुज्ञा जारी की जा रही है।
https://twitter.com/CMMadhyaPradesh/status/1737074290887987700
शहरों की बेहतर प्लानिंग सुनिश्चित की जाए
बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शासकीय भवनों के निर्माण के लिए भी नगरीय निकायों से अनुमति प्राप्त की जाएं। नगर निगम, लोक निर्माण विभाग, विकास प्राधिकरण, हाउसिंग बोर्ड, पर्यटन सहित शासकीय भवन निर्माण में संलग्न सभी एजेंसियां बिल्डिंग परमिशन लें और निर्माण में बिल्डिंग लाइन, ओपन स्पेस, पार्किंग आदि का अनिवार्यत: ध्यान रखें। टीडीआर व टीओडी के क्षेत्र में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि रहवासियों को सुविधा प्राप्त हो और शहरों की बेहतर प्लानिंग भी सुनिश्चित की जा सकें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सड़क चौड़ीकरण से संबंधित प्रोजेक्ट्स की प्लानिंग स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए बेहतर तरीके से की जाएं। यह सुनिश्चित किया जाए कि स्थानीय निवासियों की समस्याएं न बढ़ें, उन्हें सुविधा प्राप्त हो साथ ही सड़क चौड़ीकरण में बिजली संबंधी कार्यों में लोगों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाए।
सुनिश्चित करें कि कान्ह नदी का पानी, शुद्धिकरण के बाद ही क्षिप्रा नदी में मिले
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कान्ह नदी का पानी, शुद्धिकरण के बाद ही क्षिप्रा नदी में मिले, यह सुनिश्चित करने के लिए आधुनिकतम तकनीक का उपयोग करते हुए आवश्यक प्लांट लगाया जाएं। इस संबंध में जल संसाधन तथा नगरीय विकास एवं आवास विभाग की संयुक्त बैठक तत्काल आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए।
नगरीय निकाय और बड़ी पंचायतें करें मांस-मछली विक्रय के लिए भवनों का निर्माण
राज्य शासन द्वारा मांस और मछली के खुले में बिकने पर प्रतिबंध लगाया गया है। मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि इनके विक्रेताओं को परेशानी न हो, इस उद्देश्य से नगरीय निकायों द्वारा मांस-मछली मार्केट के लिए आवश्यक रूप से भवन निर्मित किए जाएं। जब तक भवन निर्मित नहीं होते तब तक मांस, मछली विक्रय के लिए स्थल निर्धारित कर अस्थाई शेड की व्यवस्था तत्काल सुनिश्चित की जाएं। नगरीय निकायों के साथ-साथ बड़ी ग्रामीण पंचायतों में भी यह सुविधा उपलब्ध कराई जाएं। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को इस संबंध में नगरीय विकास एवं आवास तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की संयुक्त बैठक लेकर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
नगरीय निकायों का वित्तीय प्रबंधन सशक्त किया जाए, वित्तीय अनियमितता पर सख्त कार्यवाही हो
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नगरीय निकायों के वित्तीय प्रबंधन को सशक्त करने की आवश्यकता है। यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि जिस मद के लिए राशि केन्द्र या राज्य सरकार से प्राप्त हुई है, नगरीय निकाय उन राशियों का उपयोग उस मद के लिए ही करें। नगरीय निकायों व प्राधिकरणों में डिपॉजिट अथवा लोन लेकर किए जाने वाले कार्यों के संबंध में सख्त वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित किया जाएं। सजग और समयानुकूल ऑडिट व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि बेहतर वित्तीय प्रावधान और विकास कार्य हो सकें। वित्तीय अनियमितता पर सख्त कार्यवाही करें।
जमीन की रजिस्ट्री के बाद नामांतरण में न हो लापरवाही, पांढुर्णा जिले में आयोजित ‘जनसंवाद’ में बोले मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज पांढुर्णा जिले में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में उपस्थित जनसमूह से चर्चा कर समस्याओं का समाधान किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि भूमि की रजिस्ट्री होने के बाद पटवारी को उसका नामांतरण करना पड़ेगा। लापरवाही करने वाले पटवारियों और जिम्मेदार अफसरों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
https://twitter.com/CMMadhyaPradesh/status/1737096186438336794
ख़बर मध्यप्रदेश
MP News: एमपी में TET अनिवार्यता पर संग्राम, 12 संगठनों का संयुक्त मोर्चा, 8 से 18 अप्रैल तक आंदोलन

MP TET Controversy: मध्यप्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) अनिवार्यता को लेकर विवाद अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। प्रदेश के 12 प्रमुख शिक्षक संगठनों ने एकजुट होकर “अध्यापक-शिक्षक संयुक्त मोर्चा” का गठन किया है और सरकार के खिलाफ सड़क से लेकर न्यायालय तक संघर्ष का ऐलान किया है। शिक्षक संगठनों का कहना है कि यह सिर्फ एक परीक्षा का मुद्दा नहीं, बल्कि सेवा सुरक्षा, अधिकार और भविष्य से जुड़ा मामला है। मोर्चा के अनुसार, सरकार द्वारा जारी आदेश ने करीब 1.5 लाख शिक्षकों को असमंजस की स्थिति में डाल दिया है।
8 से 18 अप्रैल तक आंदोलन का ऐलान
संयुक्त मोर्चा ने चरणबद्ध आंदोलन की रणनीति तैयार की है-
- 8 अप्रैल: जिला स्तर पर विरोध प्रदर्शन
- 11 अप्रैल: ब्लॉक स्तर पर धरना और जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन
- 18 अप्रैल: Bhopal में “मुख्यमंत्री अनुरोध यात्रा”
रिव्यू पिटीशन और आदेश निरस्त करने की मांग
शिक्षक संगठनों की प्रमुख मांग है कि सरकार सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ रिव्यू पिटीशन दायर करे। साथ ही लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) द्वारा जारी आदेश को तुरंत निरस्त किया जाए।
आदेश में अस्पष्टता से बढ़ी चिंता
शिक्षकों का आरोप है कि DPI के आदेश में यह स्पष्ट नहीं है कि किन शिक्षकों को TET देना अनिवार्य होगा और किन्हें छूट मिलेगी। इसी कारण शिक्षकों में असुरक्षा और भ्रम की स्थिति बनी हुई है। संयुक्त मोर्चा ने TET के अलावा सेवा अवधि की गणना और वरिष्ठता को लेकर भी स्पष्ट नीति बनाने की मांग की है।FEA
ख़बर मध्यप्रदेश
MP News: मध्य प्रदेश में बिजली महंगी, 4.80% टैरिफ बढ़ा, अब 7.05 रु/यूनिट, दूसरे राज्यों को सस्ती सप्लाई पर विवाद

Bhopal: मध्य प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं को झटका लगा है। मध्य प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नया टैरिफ जारी करते हुए औसतन 4.80% की बढ़ोतरी कर दी है। इससे राज्य के करीब 1.90 करोड़ उपभोक्ताओं के बिजली बिल बढ़ेंगे।नए टैरिफ के मुताबिक, आम उपभोक्ताओं के लिए बिजली की दर लगभग 7.05 रुपये प्रति यूनिट तय की गई है। वहीं, राज्य से बाहर सप्लाई की जाने वाली बिजली की दर 3.81 रुपये प्रति यूनिट रखी गई है। यानी प्रदेश के उपभोक्ताओं को करीब 3 रुपये प्रति यूनिट ज्यादा कीमत चुकानी होगी।
सरप्लस बिजली सस्ते में बाहर सप्लाई
टैरिफ आदेश के अनुसार राज्य में करीब 10,198 मिलियन यूनिट बिजली सरप्लस है। इस अतिरिक्त बिजली को दूसरे राज्यों को कम दर पर भेजा जा रहा है। 255 पेज के आदेश में यह अंतर स्पष्ट तौर पर दिखाया गया है।
निजी कंपनियों से समझौते बने वजह
मध्यप्रदेश नागरिक उपभोक्ता मंच के सदस्य मनीष शर्मा का कहना है कि सरकार निजी कंपनियों और अन्य राज्यों से बिजली खरीदने के लिए दीर्घकालिक समझौते (MoU) करती है। गर्मी में जब मांग बढ़ती है, तब इनका उपयोग होता है। लेकिन यदि खरीदी गई पूरी बिजली खपत नहीं होती, तब भी उसका भुगतान करना पड़ता है। ऐसे में अतिरिक्त बिजली को कम दर पर बाहर बेचना पड़ता है, जबकि राज्य के भीतर दरें बढ़ाकर लागत की भरपाई की जाती है।
कुछ श्रेणियों को मिली राहत
नए टैरिफ में मेट्रो और उच्च दाब (HT) वाले कुछ उपभोक्ताओं को राहत दी गई है। इन श्रेणियों में दरों में बढ़ोतरी नहीं की गई। गुड़ और शक्कर उद्योग से जुड़े उपभोक्ताओं को भी फायदा मिला है।
सरकार के पास बदलाव का अधिकार
Electricity Act 2003 की धारा 108 के तहत राज्य सरकार नियामक आयोग को निर्देश देकर इन दरों की दोबारा समीक्षा करवा सकती है। ऐसे में आने वाले समय में टैरिफ में बदलाव की संभावना भी बनी हुई है।
ख़बर मध्यप्रदेश
MP News: इंदौर में दिल दहला देने वाली वारदात, पेंटहाउस विवाद में महिला इंजीनियर की कार से कुचलकर हत्या

Indore: मध्य प्रदेश के इंदौर में पेंटहाउस को किराए पर देने के विवाद ने खौफनाक रूप ले लिया। लसूड़िया थाना क्षेत्र के शिव वाटिका टाउनशिप में एक युवक ने कार से कुचलकर महिला की हत्या कर दी। मृतका की पहचान शंपा पाठक पांडे के रूप में हुई है, जो Infosys में सॉफ्टवेयर इंजीनियर थीं। घटना बुधवार रात करीब 10:30 बजे एमआर-11 स्थित सागरश्री एन्क्लेव बिल्डिंग में हुई। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर आरोपी मोहित चौधरी और उसके पिता को गिरफ्तार कर लिया है।
पेंटहाउस बना विवाद की वजह
पुलिस के मुताबिक, बिल्डिंग में रहने वाले कुलदीप चौधरी ने अपना पेंटहाउस Airbnb के जरिए किराए पर दे रखा था। यहां रोज नए लोगों के आने से रहवासी नाराज थे और इसे लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। बुधवार रात इसी बात को लेकर कहासुनी बढ़ गई। रहवासियों ने पहले पेंटहाउस की बिजली बंद की, जिसके बाद दोनों पक्षों में मारपीट शुरू हो गई।
कार से कुचलने की पूरी वारदात
विवाद के दौरान आरोपी मोहित चौधरी कार लेकर मौके पर पहुंचा और तेज रफ्तार (60-70 किमी/घंटा) में पहले एक महिला कर्मचारी को टक्कर मारी। इसके बाद उसने शंपा पांडे को निशाना बनाया। घायल शंपा को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पूरी घटना बिल्डिंग के CCTV कैमरों में कैद हो गई है। पुलिस ने DVR जब्त कर जांच शुरू कर दी है।
पति का आरोप- जानबूझकर नहीं रोकी कार
मृतका के पति सौरभ पांडे ने बताया कि शोर सुनकर वे नीचे आए थे। इसी दौरान आरोपी ने तेज रफ्तार में कार चलाई। उनका कहना है कि आरोपी चाहता तो कार रोक सकता था, लेकिन उसने पहले टक्कर मारी और फिर कार नहीं रोकी, जिससे गंभीर चोट लगने से उनकी पत्नी की मौत हो गई।
ख़बर मध्यप्रदेश
MP News: चार्जिंग के दौरान कार में लगी आग से 8 की मौत, शॉर्ट सर्किट से 3 मंजिला मकान में फैली आग

Indore: इंदौर में एक दर्दनाक हादसे में इलेक्ट्रिक कार में चार्जिंग के दौरान लगी आग ने 8 लोगों की जान ले ली, जबकि 4 लोग घायल हो गए। घटना बुधवार तड़के 3:30 से 4 बजे के बीच बंगाली चौराहे के पास ग्रेटर बृजेश्वरी कॉलोनी में हुई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार एक नामी कंपनी की EV में शॉर्ट सर्किट से आग लगी, जिसने देखते ही देखते पूरे 3 मंजिला मकान को अपनी चपेट में ले लिया। घर में लगे डिजिटल लॉक समय पर नहीं खुल पाए, जिससे अंदर सो रहे लोगों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला।
परिवार के 8 लोगों की मौत, मेहमान भी शामिल
हादसे में रबर कारोबारी मनोज पुगलिया, उनकी गर्भवती बहू सिमरन सहित कुल 8 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में से 6 लोग रिश्तेदार थे, जो किशनगंज से मंगलवार को ही इंदौर आए थे। पुलिस के अनुसार आग ने घर में रखे गैस सिलेंडरों को भी चपेट में ले लिया, जिससे एक के बाद एक धमाके हुए और मकान का हिस्सा ढह गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि सूचना देने के करीब एक घंटे बाद फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची, तब तक आग विकराल रूप ले चुकी थी।
एक साथ 7 चिताएं जलीं
मृतकों का अंतिम संस्कार तिलकनगर मुक्तिधाम में किया गया, जहां एक साथ 7 चिताएं जलीं। एक बच्चे के शव को दफनाया गया। प्रधानमंत्री मोदी ने हादसे पर शोक जताते हुए मृतकों के परिजनों को ₹2-2 लाख और घायलों को ₹50 हजार की सहायता राशि देने की घोषणा की। वहीं मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी घटना पर दुख व्यक्त करते हुए मृतकों को श्रद्धांजलि दी।
ख़बर मध्यप्रदेश
MP Cabinet: मोहन कैबिनेट के बड़े फैसले, गेहूं पर ₹40 प्रति क्विंटल बोनस, PWD के लिए ₹4525 करोड़ मंजूर

Bhopal: मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में मंगलवार को किसानों और विकास कार्यों से जुड़े कई बड़े फैसले लिए गए। कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए मंत्री चैतन्य कश्यप ने बताया कि रबी सीजन 2026-27 में किसानों को समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद पर ₹40 प्रति क्विंटल बोनस दिया जाएगा।
PWD के लिए ₹4525 करोड़ की मंजूरी
लोक निर्माण विभाग के तहत प्रदेश में विकास और अनुरक्षण कार्यों के लिए ₹4525 करोड़ की स्वीकृति दी गई है। उज्जैन में 5.32 किमी लंबा 4-लेन और 2-लेन ऐलिवेटेड कॉरिडोर बनेगा। इस प्रोजेक्ट के लिए ₹945.20 करोड़ की मंजूरी दी गई।
रोड डेवलपमेंट और योजनाओं को बढ़ावा
- मध्यप्रदेश रोड डेवलपमेंट प्रोग्राम-6: ₹1543 करोड़
- रोड डेवलपमेंट प्रोग्राम-7: ₹1476 करोड़
- एनडीबी फंडेड सड़क-पुल योजना: ₹50.10 करोड़
- जनभागीदारी योजना: ₹7.38 करोड़ (2031 तक जारी)
भवनों के रखरखाव पर भी बड़ा खर्च
- शासकीय आवास और विश्राम गृह: ₹200.35 करोड़
- कार्यालय भवन, सतपुड़ा-विंध्याचल भवन और शौर्य स्मारक: ₹300.70 करोड़ (2031 तक)
रीवा में सिंचाई परियोजना को मंजूरी
- कैबिनेट ने रीवा की पनवार माइक्रो सिंचाई परियोजना के लिए ₹228.42 करोड़ मंजूर
- 7350 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा
- जवा और त्योंथर तहसील के 37 गांवों को फायदा
नियमों में बदलाव भी मंजूर
कैबिनेट ने मध्यप्रदेश भंडार क्रय और सेवा उपार्जन नियम को MSME विभाग से वित्त विभाग के अंतर्गत करने का फैसला भी लिया। सरकार ने स्पष्ट किया कि इससे राज्य पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ेगा।

















