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राजस्व प्रकरणों में लेटलतीफी पर लगेगी लगाम, सीएम ऑफिस की भी रहेगी बराबर नजर

रायपुर: राजस्व प्रकरणों के तय समय सीमा में निराकरण के लिए आम आदमी और किसान काफी परेशान रहते हैं। इसको देखते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज अपने निवास कार्यालय से राजस्व प्रकरणों के निर्धारित समय सीमा में निराकरण की समीक्षा के लिए ऑनलाइन मानिटरिंग पोर्टल का शुभारंभ किया। इस पोर्टल के माध्यम से नामांतरण, खाता विभाजन, सीमांकन, व्यपवर्तन तथा वृक्ष कटाई समेत अन्य राजस्व कार्यों का मुख्यमंत्री कार्यालय, राजस्व मंत्री कार्यालय समेत वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा सतत् मानिटरिंग की जा सकती है।
राजस्व प्रकरणों का निराकरण लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत समय सीमा के भीतर किया जाना है। नामांतरण, खाता विभाजन, सीमांकन, व्यपवर्तन तथा वृक्ष कटाई के समय सीमा के बाहर के अनिराकृत प्रकरणों के निराकरण हेतु भुइयां साफ्टवेयर में ऑनलाइन मानिटरिंग पोर्टल की व्यवस्था की गई है। प्रकरणों का समय पर निराकरण हो, इसके लिए मॉनिटरिंग पोर्टल के माध्यम से मुख्यमंत्री कार्यालय, राजस्व मंत्री कार्यालय, मुख्य सचिव कार्यालय, सचिव राजस्व विभाग, संचालक भू-अभिलेख, संभाग आयुक्त एवं जिला कलेक्टर के स्तर से सीधे मॉनिटरिंग किया जाएगा।
4 नए एसडीएम कार्यालय, 23 नई तहसीलों की सौगात
मुख्यमंत्री बघेल की घोषणा के अनुसार बस्तर जिले में तोकापाल, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में मरवाही, सूरजपुर जिले में भैयाथान और गरियाबंद जिले में मैनपुर को नया अनुविभाग बनाया गया है। इन इलाकों के लोगों को अब SDM दफ्तर संबंधी काम काज के लिए जिलों के मुख्य दफ्तरों में जाने की जरूरत नहीं होगी। इसी तरह 23 नई तहसीलों की शुरुआत हुई। जिसमें बिलासपुर जिले में सीपत और बोदरी, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में सकोला (कोटमी), जांजगीर-चांपा जिले में अड़भार, रायगढ़ जिले में सरिया और छाल, कोरबा जिले में बरपाली, अजगरबहार और पसान, बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में चांदो, रघुनाथनगर और डोरा-कोचली, सूरजपुर जिले में बिहारपुर, बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में सुहेला और भटगांव, दुर्ग जिले में अहिवारा, बेमेतरा जिले में नांदघाट, उत्तर बस्तर कांकेर जिले में सरोना, दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा जिले में बारसूर, बीजापुर जिले में कुटरू और गंगालूर, नारायणपुर जिले में छोटे डोंगर और कोहकामेटा शामिल है। राजस्व, जमीन, आय, जाति प्रमाण पत्र बनाने के लिए अब इन क्षेत्रों के लोगों को सुविधा मिलेगी।
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Raipur: छत्तीसगढ़ में कमर्शियल LPG वितरण के नए नियम, खपत की सिर्फ 20% ही मिलेगी गैस, प्राथमिकता सूची तय

Raipur: छत्तीसगढ़ में गैस आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए राज्य सरकार ने कमर्शियल LPG वितरण के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। खाद्य विभाग की सचिव रीना बाबा साहब कंगाले ने ऑयल कंपनियों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया।बैठक में तय किया गया कि अब कमर्शियल LPG उपभोक्ताओं को पिछले महीने की कुल खपत का अधिकतम 20% ही गैस उपलब्ध कराई जाएगी। यह कदम सीमित स्टॉक के बेहतर प्रबंधन और सभी आवश्यक संस्थानों तक गैस पहुंचाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
रिफिल बुकिंग के नए नियम
सरकार ने उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए रिफिल बुकिंग की समय सीमा भी तय की है। इसमें शहरी क्षेत्रों में 25 दिन के भीतर, ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन के भीतर एलपीजी सिलेंडर रिफिल की सुविधा दी जाएगी। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि उपभोक्ताओं को समय पर गैस मिलती रहे और अनावश्यक दबाव न बने।
सुरक्षा और निगरानी के सख्त निर्देश
जिला प्रशासन को LPG गोदामों और वितरण केंद्रों पर पुलिस और होमगार्ड की तैनाती के निर्देश दिए गए हैं, ताकि भीड़ और अव्यवस्था को रोका जा सके। साथ ही वितरकों को अपने फोन नंबर सक्रिय रखने और शिकायतों का तुरंत समाधान करने के लिए कहा गया है।
इन संस्थानों को मिलेगी प्राथमिकता
उपलब्ध स्टॉक के आधार पर सरकार ने गैस वितरण के लिए प्राथमिकता श्रेणियां तय की हैं-
- शैक्षणिक संस्थान और अस्पताल
- सैन्य और अर्द्धसैन्य कैंप
- जेल और समाज कल्याण संस्थान
- रेलवे और एयरपोर्ट कैंटीन
- सरकारी कार्यालय और गेस्ट हाउस
- होटल, रेस्टोरेंट और पशु आहार इकाइयां
रोजाना होगी मॉनिटरिंग
सरकार ने ऑयल कंपनियों को निर्देश दिया है कि कमर्शियल LPG स्टॉक और वितरण की दैनिक समीक्षा करें और इसकी रिपोर्ट हर दिन विभाग को भेजें। इससे सप्लाई चेन पर नजर बनी रहेगी और किसी भी समस्या का तुरंत समाधान किया जा सकेगा। बैठक में भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन के प्रादेशिक प्रबंधक दिलीप मीणा, हिंदुस्तान पैट्रोलियम कॉरपोरेशन के क्षेत्रीय प्रबंधक मंगेश डोंगरे सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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Bastar: नक्सलवाद पर बड़ी चोट, हार्डकोर कमांडर पापाराव समेत 18 माओवादियों का आत्मसमर्पण

Bastar naxal surrender: छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियान को बड़ी सफलता मिली है। जगदलपुर में मोस्ट वॉन्टेड हार्डकोर नक्सली कमांडर पापाराव ने अपने 17 साथियों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया। सुरक्षा एजेंसियां इसे नक्सल नेटवर्क के लिए बड़ा झटका मान रही हैं। मुख्यमंत्री साय ने इस घटनाक्रम को नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक प्रहार बताया। उन्होंने कहा कि बस्तर में अब हिंसा की विचारधारा कमजोर पड़ रही है और नक्सलवाद अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है।
सरकार की नीति से बदला माहौल
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की पुनर्वास और विश्वास आधारित नीतियों का असर अब जमीन पर दिख रहा है। भटके हुए युवा मुख्यधारा में लौट रहे हैं और आत्मसमर्पण की राह चुन रहे हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर में अब बंदूक की आवाज की जगह विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की चर्चा हो रही है, जिससे लोगों का भरोसा बढ़ा है।
केंद्र के नेतृत्व को दिया श्रेय
मुख्यमंत्री ने इस सफलता का श्रेय प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व को दिया। उन्होंने सुरक्षाबलों की रणनीति और साहस की भी सराहना की।
बस्तर में बदलती तस्वीर
सरकार का दावा है कि बस्तर क्षेत्र, जो लंबे समय तक नक्सल हिंसा से प्रभावित रहा, अब तेजी से विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहा है। सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में हो रहे कामों से जनजीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि आने वाले समय में माओवाद का पूरी तरह खात्मा होगा और बस्तर शांति व विकास का नया मॉडल बनेगा।
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Chhattisgarh: मुख्यमंत्री साय ने 4.95 लाख भूमिहीन मजदूरों को 495 करोड़ की दी सौगात, नवरात्रि पर खातों में राशि ट्रांसफर

Balodabazar: छत्तीसगढ़ में किसानों की होली के बाद अब भूमिहीन कृषि मजदूरों के लिए नवरात्रि भी खुशियों भरी रही। राज्य सरकार ने दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत 4.95 लाख से अधिक लाभार्थियों के खातों में 495 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि ट्रांसफर की।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बलौदाबाजार में आयोजित कार्यक्रम में यह राशि अंतरित करते हुए कहा कि यह सिर्फ आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि श्रम और सम्मान को सशक्त करने की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत भूमिहीन कृषि मजदूरों को हर साल 10 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है।
किसानों और महिलाओं को भी मिला लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के तहत सरकार तेजी से वादों को पूरा कर रही है। धान खरीदी के अंतर की राशि मिलने से किसानों ने इस बार उत्साह के साथ होली मनाई, वहीं महतारी वंदन योजना से महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है।
प्रधानमंत्री आवास योजना का भी लाभ
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को मकानों की चाबियां सौंपीं। उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में 18 लाख से अधिक आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं, जिससे हजारों परिवारों को स्थायी आवास मिला है। मुख्यमंत्री साय ने धान की खरीदी 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से करने, सिंचाई के लिए 10 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का प्रावधान करने और तेंदूपत्ता संग्रहण दर बढ़ाने जैसे फैसलों का भी जिक्र किया। इसके साथ ही चरण पादुका योजना, रामलला दर्शन और मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के जरिए सामाजिक और धार्मिक सशक्तिकरण पर भी जोर दिया जा रहा है।
बिजली बिल और बस्तर पर फोकस
मुख्यमंत्री ने बिजली बिल समाधान योजना के तहत लंबित बिलों में राहत देने और आसान किस्तों की सुविधा का जिक्र किया। वहीं बस्तर क्षेत्र में नक्सलवाद के कम होने और विकास की गति तेज होने का भी दावा किया। राजस्व मंत्री ने कहा कि सरकार पारदर्शिता के साथ योजनाओं का क्रियान्वयन कर रही है और अब राशि सीधे लोगों के खातों में पहुंच रही है, जिससे भ्रष्टाचार पर रोक लगी है।
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Chhattisgarh: जशपुर में 19.51 करोड़ के विकास कार्यों का भूमिपूजन, ऑडिटोरियम, सड़कें और मुक्तिधाम बनेंगे

Jashpur: जशपुर को विकास की बड़ी सौगात देते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 19 करोड़ 51 लाख रुपए से अधिक लागत के 6 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। जशपुरनगर में पुलिस लाइन हेलीपैड के पास आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के संतुलित विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने नगर पालिका क्षेत्र में दो प्रमुख निर्माण कार्यों की शुरुआत की। इसमें वार्ड 18 भागलपुर में 35.46 लाख रुपए से मुक्तिधाम निर्माण होगा। वहीं वार्ड 16 में 6.76 करोड़ रुपए से आधुनिक ऑडिटोरियम बनाया जाएगा। इनसे शहरवासियों को बेहतर सामाजिक और सांस्कृतिक सुविधाएं मिलेंगी।
4 सड़कों से गांवों की कनेक्टिविटी मजबूत
ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन सुधारने के लिए चार सड़कों का भूमिपूजन किया गया-
- चटकपुर-रेंगारबहार मार्ग (₹2.89 करोड़)
- कुनकुरी-औंरीजोर–मतलूटोली-पटेलपारा मार्ग (₹3.01 करोड़)
- रानीबंध-चिड़ाटांगर-उपरकछार मार्ग (₹3.29 करोड़)
- धुरीअम्बा-कटुखोसा मार्ग (₹3.18 करोड़)
इन सड़कों से ग्रामीण कनेक्टिविटी बढ़ेगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।
CM बोले-संतुलित विकास हमारी प्राथमिकता
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि सरकार का फोकस शहरों में आधुनिक सुविधाएं और गांवों में मजबूत बुनियादी ढांचा विकसित करना है। उन्होंने विश्वास जताया कि इन परियोजनाओं से जशपुर क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को नई रफ्तार मिलेगी।
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Chhattisgarh: प्रदेश में एलपीजी आपूर्ति सुचारु, कमर्शियल उपभोक्ताओं के लिए नई प्राथमिकता व्यवस्था लागू

Raipur: छत्तीसगढ़ में एलपीजी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। खाद्य सचिव रीना बाबासाहेब कंगाले के निर्देश पर कमर्शियल गैस उपभोक्ताओं के लिए प्राथमिकता आधारित वितरण व्यवस्था लागू की गई है। सरकार का फोकस इस बात पर है कि घरेलू उपभोक्ताओं को गैस की कमी का सामना न करना पड़े। इसके लिए भारत सरकार और ऑयल कंपनियों के दिशा-निर्देशों के अनुसार कमर्शियल उपभोक्ताओं को पिछले महीनों की खपत के आधार पर अधिकतम 20% तक एलपीजी देने पर सहमति बनी है।
नई व्यवस्था के तहत आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता दी गई है। शैक्षणिक संस्थानों, अस्पतालों, सैन्य और अर्द्धसैन्य कैंप, जेल, हॉस्टल, समाज कल्याण संस्थान, रेलवे और एयरपोर्ट कैंटीन को 100% गैस आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। वहीं शासकीय कार्यालयों, सार्वजनिक उपक्रमों और उनके गेस्ट हाउस व कैंटीन को 50% तथा पशु आहार संयंत्र, बीज उत्पादन इकाइयों, होटल और रेस्टोरेंट को 20% गैस आपूर्ति दी जाएगी।
सरकार ने पारदर्शिता बनाए रखने के लिए कमर्शियल एलपीजी वितरण की रोजाना मॉनिटरिंग का भी निर्णय लिया है। ऑयल कंपनियां इसकी दैनिक रिपोर्ट खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग को देंगी। खाद्य सचिव ने कहा कि आम नागरिकों को बिना बाधा गैस उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि आवश्यक सेवाओं पर इसका कोई असर न पड़े।


















