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अग्निपथ योजना को लेकर यूपी-बिहार में विरोध प्रदर्शनों के चलते 90 ट्रेनें निरस्त, चेक करें लिस्ट

नई दिल्ली: तीनों सेनाओं में भर्ती के लिए लाई गई अग्निपथ योजना के विरोध में प्रदर्शनों का दौर जारी है। इसके चलते शनिवार को 91 ट्रेनों को निरस्त किया गया। मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह ने बताया कि 32 एक्सप्रेस गाड़ी, चार विशेष गाड़ियां और 54 सवारी गाड़ियां निरस्त हुई। इसमें लखनऊ जं.-पाटलीपुत्र एक्सप्रेस, बनारस-पटना एक्सप्रेस, गोरखपुर-कोलकाता एक्सप्रेस, नई दिल्ली-दरभंगा एक्सप्रेस जैसी प्रमुख गाड़ियां शामिल हैं।
ये गाड़ियां निरस्त हुई
- बनारस-पटना एक्सप्रेस
- बलिया-सियालदह एक्सप्रेस
- गोरखपुर-कोलकाता एक्सप्रेस
- गोरखपुर-हटिया एक्सप्रेस
- लखनऊ जं.-पाटलीपुत्र एक्सप्रेस
- पाटलीपुत्र-लखनऊ जं. एक्सप्रेस
- छपरा-नौतनवा एक्सप्रेस
- नौतनवा-छपरा एक्सप्रेस
- छपरा-वाराणसी सिटी एक्सप्रेस
- वाराणसी सिटी-छपरा एक्सप्रेस
- गोरखपुर-बनारस एक्सप्रेस
- बनारस-गोरखपुर एक्सप्रेस
- अमृतसर-सहरसा एक्सप्रेस
- अमृतसर-कटिहार एक्सप्रेस
- दरभंगा-नई दिल्ली एक्सप्रेस
- रक्सौल-आनन्द विहार टर्मिनस एक्सप्रेस
- जयनगर-लोकमान्य तिलक टर्मिनस एक्सप्रेस
- सीतामढ़ी-आनन्द विहार टर्मिनस एक्सप्रेस
- जयनगर-नई दिल्ली एक्सप्रेस
- नई दिल्ली-दरभंगा एक्सप्रेस
- आनन्द विहार टर्मिनस-रक्सौल एक्सप्रेस
- नई दिल्ली-सहरसा एक्सप्रेस
- मुजफ्फरपुर-आनन्द विहार टर्मिनस एक्सप्रेस
- बरौनी-गोड़ियां एक्सप्रेस
- बरौनी-ग्वालियर एक्सप्रेस
- बरौनी-बान्द्रा टर्मिनस एक्सप्रेस
- बरौनी-लखनऊ जं. एक्सप्रेस
- नई दिल्ली-बरौनी एक्सप्रेस
- जयनगर-अमृतसर एक्सप्रेस
- दरभंगा-अमृतसर एक्सप्रेस
- दानापुर-सिकन्दराबाद एक्सप्रेस
- चार विशेष गाड़ियां निरस्त हुई
- सहरसा-नई दिल्ली विशेष गाड़ी
- दरभंगा-नई दिल्ली विशेष गाड़ी
- नई दिल्ली-सहरसा विशेष गाड़ी
- नई दिल्ली-दरभंगा विशेष गाड़ी
- बलिया-शाहगंज अनारक्षित विशेष गाड़ी
- शाहगंज-बलिया अनारक्षित विशेष गाड़ी
- बलिया-शाहगंज अनारक्षित विशेष गाड़ी
- शाहगंज-बलिया अनारक्षित विशेष गाड़ी
- भटनी-बरहज बाजार अनारक्षित विशेष गाड़ी
- बरहज बाजार-भटनी अनारक्षित विशेष गाड़ी
- भटनी-बरहज बाजार अनारक्षित विशेष गाड़ी
- बरहज बाजार-भटनी अनारक्षित विशेष गाड़ी
- सलेमपुर-बरहज बाजार अनारक्षित विशेष गाड़ी
- बरहज बाजार-सलेमपुर अनारक्षित विशेष गाड़ी
- सलेमपुर-बरहज बाजार अनारक्षित विशेष गाड़ी
- बरहज बाजार-सलेमपुर अनारक्षित विशेष गाड़ी
- भटनी-वाराणसी सिटी अनारक्षित विशेष गाड़ी
- वाराणसी सिटी-भटनी अनारक्षित विशेष गाड़ी
- बनारस-प्रयागराज रामबाग अनारक्षित विशेष गाड़ी
- प्रयागराज रामबाग-बनारस अनारक्षित विशेष गाड़ी
- नरकटियागंज-गोरखपुर अनारक्षित विशेष गाड़ी
- प्रयागराज रामबाग-मऊ अनारक्षित विशेष गाड़ी
- मऊ-प्रयागराज रामबाग अनारक्षित विशेष गाड़ी
- बलिया-वाराणसी सिटी अनारक्षित विशेष गाड़ी
- वाराणसी सिटी-बलिया अनारक्षित विशेष गाड़ी
- आजमगढ़-वाराणसी सिटी अनारक्षित विशेष गाड़ी
- वाराणसी सिटी-आजमगढ़ अनारक्षित विशेष गाड़ी
- भटनी-वाराणसी सिटी अनारक्षित विशेष गाड़ी
- वाराणसी सिटी-भटनी अनारक्षित विशेष गाड़ी
- वाराणसी सिटी-छपरा अनारक्षित विशेष गाड़ी
- छपरा-वाराणसी सिटी अनारक्षित विशेष गाड़ी
- मऊ-छपरा अनारक्षित विशेष गाड़ी
- छपरा-मऊ अनारक्षित विशेष गाड़ी
- छपरा कचहरी-थावे अनारक्षित विशेष गाड़ी
- थावे-छपरा कचहरी अनारक्षित विशेष गाड़ी
- छपरा कचहरी-थावे अनारक्षित विशेष गाड़ी
- थावे-छपरा कचहरी अनारक्षित विशेष गाड़ी
- थावे-कप्तानगंज अनारक्षित विशेष गाड़ी
- कप्तानगंज-थावे अनारक्षित विशेष गाड़ी
- छपरा कचहरी-थावे अनारक्षित विशेष गाड़ी
- थावे-छपरा कचहरी अनारक्षित विशेष गाड़ी
- थावे-मसरख अनारक्षित विशेष गाड़ी
- मसरख-थावे अनारक्षित विशेष गाड़ी
- सीवान-थावे अनारक्षित विशेष गाड़ी
- थावे-सीवान अनारक्षित विशेष गाड़ी
- छपरा-औंड़िहार अनारक्षित विशेष गाड़ी
- औंड़िहार-छपरा अनारक्षित विशेष गाड़ी
- छपरा-सीवान अनारक्षित विशेष गाड़ी
- सीवान-छपरा अनारक्षित विशेष गाड़ी
- गोरखपुर-छपरा अनारक्षित विशेष गाड़ी
- छपरा-गोरखपुर अनारक्षित विशेष गाड़ी
- पंचदेवरी-सोनपुर अनारक्षित विशेष गाड़ी
- सोनपुर-छपरा अनारक्षित विशेष गाड़ी
- छपरा-सोनपुर अनारक्षित विशेष गाड़ी
- गोरखपुर-सीवान अनारक्षित विशेष गाड़ी
- सीवान-गोरखपुर अनारक्षित विशेष गाड़ी
- गोरखपुर-नरकटियागंज अनारक्षित विशेष गाड़ी
- नरकटियागंज-गोरखपुर अनारक्षित विशेष गाड़ी
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PM Modi Assam: असम के हाईवे पर एयरफोर्स विमान से उतरे PM मोदी, कहा- कांग्रेस देश विरोधी सोच वालों को देती है मंच

PM Modi Assam: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को असम दौरे पर अनोखे अंदाज में पहुंचे। वे वायुसेना के C-130 विमान से डिब्रूगढ़ के मोरन बाइपास स्थित इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ELF) पर उतरे। इस हाईवे एयरस्ट्रिप पर उतरने वाले वे देश के पहले प्रधानमंत्री बने।यह एयरस्ट्रिप सामरिक रूप से बेहद अहम मानी जाती है और चीन सीमा से करीब 300 किलोमीटर दूर है। पीएम की मौजूदगी में हाईवे पर राफेल और सुखोई समेत 16 लड़ाकू विमानों ने एरियल शो किया। करीब 30 मिनट तक चले इस प्रदर्शन में विमानों ने हाईवे से टेकऑफ और लैंडिंग कर ऑपरेशनल क्षमता दिखाई।
कांग्रेस पर सीधा हमला
गुवाहाटी में जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कांग्रेस पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में सेना के लिए हथियार खरीद में घोटाले होते थे। मोदी ने आरोप लगाया कि आज की कांग्रेस उन लोगों और विचारों के साथ खड़ी है जो देश का बुरा सोचते हैं। उनके मुताबिक, देश तोड़ने वाले नारे लगाने वालों को कांग्रेस सम्मान देती है और कंधे पर बैठाती है।
विकास और कनेक्टिविटी का जिक्र
पीएम ने कहा कि भाजपा सरकार ने पिछले 10 वर्षों में असम और नॉर्थ ईस्ट में अभूतपूर्व विकास किया है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के समय असम को टैक्स हिस्सेदारी में केवल 10 हजार करोड़ रुपए मिलते थे, जबकि अब यह राशि पांच गुना बढ़ चुकी है। उन्होंने ब्रह्मपुत्र पर बने Kumar Bhaskar Varma Setu का उद्घाटन किया और Indian Institute of Management Guwahati के अस्थायी परिसर का लोकार्पण भी किया। यह पिछले तीन महीनों में उनका तीसरा असम दौरा है। राज्य में इसी साल विधानसभा चुनाव होने हैं। 2016 से यहां NDA की सरकार है, जबकि उससे पहले 15 साल तक कांग्रेस सत्ता में रही।
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Vande Mataram: जन गण मन से पहले गाया जाएगा वंदे मातरम, सभी 6 अंतरे अनिवार्य, स्कूलों में राष्ट्रगीत से होगी पढ़ाई की शुरुआत; राष्ट्रपति कार्यक्रमों में भी बजे

Vande Mataram: केंद्र सरकार ने राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के गायन और बजाने को लेकर पहली बार विस्तृत प्रोटोकॉल जारी किए हैं। गृह मंत्रालय ने 28 जनवरी को 10 पेज का आदेश जारी किया, जिसकी जानकारी 11 फरवरी को सामने आई। नए निर्देशों के मुताबिक अब सरकारी कार्यक्रमों, स्कूलों और कई औपचारिक आयोजनों में ‘वंदे मातरम’ बजाना और सावधान मुद्रा में खड़ा होना अनिवार्य होगा।
किन मौकों पर अनिवार्य होगा राष्ट्रगीत
नई गाइडलाइन के अनुसार निम्न प्रमुख अवसरों पर ‘वंदे मातरम’ बजाया जाएगा-
- तिरंगा फहराने के कार्यक्रम
- राष्ट्रपति के आगमन पर
- राष्ट्रपति के राष्ट्र के नाम संबोधन से पहले और बाद में
- राज्यपालों के आगमन और भाषणों से पहले और बाद में
- पद्म पुरस्कार जैसे सिविलियन अवॉर्ड समारोह
- ऐसे कार्यक्रम जिनमें राष्ट्रपति मौजूद हों
इसके अलावा, मंत्रियों या अन्य महत्वपूर्ण व्यक्तियों की मौजूदगी वाले गैर-औपचारिक लेकिन महत्वपूर्ण आयोजनों में भी राष्ट्रगीत सामूहिक रूप से गाया जा सकता है, बशर्ते उसे पूरा सम्मान और शिष्टाचार दिया जाए।
पहले वंदे मातरम, फिर जन गण मन
PTI के मुताबिक आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी कार्यक्रम में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ और राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ दोनों गाए या बजाए जाएं, तो पहले ‘वंदे मातरम’ प्रस्तुत किया जाएगा। इस दौरान सभी को सावधान मुद्रा में खड़ा रहना होगा।
स्कूलों में 6 अंतरे अनिवार्य
नए नियमों के तहत अब सभी स्कूलों में दिन की शुरुआत राष्ट्रगीत से होगी। सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब केवल पहले दो नहीं, बल्कि ‘वंदे मातरम’ के सभी 6 अंतरे गाए जाएंगे। इनकी कुल अवधि 3 मिनट 10 सेकेंड तय की गई है। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि अब से राष्ट्रगीत का केवल आधिकारिक संस्करण ही गाया या बजाया जाएगा और इसे सामूहिक गायन के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।
सिनेमा हॉल में लागू नहीं होंगे नियम
गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि नए नियम सिनेमा हॉल पर लागू नहीं होंगे। फिल्मों से पहले ‘वंदे मातरम’ बजाना और खड़ा होना अनिवार्य नहीं होगा। यदि किसी न्यूजरील या डॉक्यूमेंट्री के हिस्से के रूप में राष्ट्रगीत बजता है, तो दर्शकों के लिए खड़ा होना जरूरी नहीं होगा। मंत्रालय के अनुसार, ऐसी स्थिति में खड़े होने से प्रदर्शन में व्यवधान और अव्यवस्था हो सकती है।
150 साल पूरे होने पर विशेष पहल
केंद्र सरकार इस समय ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में कार्यक्रम आयोजित कर रही है। ऐसे में राष्ट्रगीत के गायन को लेकर यह विस्तृत प्रोटोकॉल प्रतीकात्मक और औपचारिक दोनों रूप से अहम माना जा रहा है।
इतिहास: 1875 में रचना, 1896 में पहली बार सार्वजनिक गायन
बंकिम चंद्र चटर्जी ने 7 नवंबर 1875 को ‘वंदे मातरम’ लिखा। 1882 में यह उनके उपन्यास आनंदमठ में प्रकाशित हुआ। 1896 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अधिवेशन में रवींद्रनाथ टैगोर ने इसे पहली बार सार्वजनिक मंच से गाया। ‘वंदे मातरम’ का अर्थ है— हे मां, मैं तुम्हें नमन करता हूं। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान यह गीत आजादी के आंदोलन का नारा बन गया था।
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AI content पर सख्ती: X, YouTube, Facebook को AI पोस्ट पर लेबल लगाना होगा; डीपफेक 3 घंटे में हटाने का आदेश

AI content: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे X (ट्विटर), यूट्यूब, स्नैपचैट और फेसबुक को अब अपने प्लेटफॉर्म पर शेयर किए जाने वाले AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से बने कंटेंट पर साफ-साफ लेबल लगाना होगा। इसके साथ ही डीपफेक वीडियो और फोटो को शिकायत मिलने के 3 घंटे के भीतर हटाना अनिवार्य होगा।
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने मंगलवार को इस संबंध में आदेश जारी किया है। इसके तहत IT रूल्स 2021 में बदलाव किया गया है। बदले हुए नियम 20 फरवरी से लागू होंगे। सरकार ने इन नियमों का ड्राफ्ट 22 अक्टूबर 2025 को जारी किया था।
नए नियमों का मकसद डीपफेक और AI से बने कंटेंट को पहचानने, लेबल करने और ट्रेस करने की व्यवस्था को मजबूत करना है। अब AI से तैयार किसी भी कंटेंट पर यह स्पष्ट रूप से लिखना होगा कि यह असली नहीं, बल्कि AI-जनरेटेड है। सरकार का मानना है कि इससे मिसइनफॉर्मेशन, फेक न्यूज और चुनावी धांधली जैसी समस्याओं पर रोक लगेगी।
सभी AI ऑडियो-वीडियो पर लेबल अनिवार्य
नए नियम 3(3) के तहत, जो भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘सिंथेटिकली जेनरेटेड इंफॉर्मेशन’ यानी AI कंटेंट बनाने या अपलोड करने की सुविधा देता है, उसे हर ऐसे कंटेंट पर प्रॉमिनेंट लेबल लगाना होगा। साथ ही परमानेंट यूनिक मेटाडेटा या आइडेंटिफायर एम्बेड करना भी जरूरी होगा।
लेबल विजुअल कंटेंट में कम से कम 10% एरिया कवर करेगा, जबकि ऑडियो कंटेंट में पहले 10% हिस्से में इसे सुनाना अनिवार्य होगा। इस मेटाडेटा को बदला, छिपाया या डिलीट नहीं किया जा सकेगा। प्लेटफॉर्म्स को ऐसे टेक्निकल सिस्टम अपनाने होंगे, जिससे अपलोड के वक्त ही AI कंटेंट की पहचान हो सके।
नए IT नियमों में ये 3 बड़े बदलाव
लेबल हटाना या छिपाना नामुमकिन: सोशल मीडिया कंपनियां AI लेबल या मेटाडेटा को हटाने या छिपाने की अनुमति नहीं दे सकेंगी।
गैरकानूनी और भ्रामक कंटेंट पर रोक: कंपनियों को ऐसे ऑटोमेटेड टूल्स इस्तेमाल करने होंगे, जो AI से बने गैरकानूनी, अश्लील या धोखाधड़ी वाले कंटेंट को रोक सकें।
हर 3 महीने में यूजर्स को चेतावनी: प्लेटफॉर्म्स को हर 3 महीने में कम से कम एक बार यूजर्स को वॉर्निंग देना अनिवार्य होगा कि AI का गलत इस्तेमाल करने पर जुर्माना या सजा हो सकती है।
यूजर्स और इंडस्ट्री पर क्या असर पड़ेगा?
इन नियमों से यूजर्स फेक और असली कंटेंट के बीच आसानी से फर्क कर पाएंगे और मिसइनफॉर्मेशन में कमी आएगी। हालांकि, क्रिएटर्स को AI कंटेंट पर लेबलिंग जैसे अतिरिक्त स्टेप्स अपनाने होंगे। वहीं इंडस्ट्री के लिए मेटाडेटा और वेरिफिकेशन सिस्टम में निवेश करना एक चुनौती हो सकता है, जिससे ऑपरेशनल लागत बढ़ेगी।
मंत्रालय ने क्या कहा?
सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने कहा कि ये कदम ‘ओपन, सेफ, ट्रस्टेड और अकाउंटेबल इंटरनेट’ बनाने की दिशा में उठाया गया है। इससे जनरेटिव AI से पैदा होने वाली मिसइनफॉर्मेशन, इम्पर्सनेशन और चुनावी हेरफेर जैसी जोखिमों से निपटने में मदद मिलेगी और इंटरनेट ज्यादा भरोसेमंद बनेगा।
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Lok Sabha Speaker: लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव, विपक्ष के 118 सांसदों ने दिया नोटिस; 9 मार्च को हो सकती है चर्चा

Lok Sabha Speaker: विपक्ष ने मंगलवार को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस लोकसभा सचिवालय को सौंप दिया। इस नोटिस पर विपक्ष के 118 सांसदों के हस्ताक्षर हैं। न्यूज एजेंसी IANS ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा और उसके नतीजे तक ओम बिरला लोकसभा की कार्यवाही नहीं चलाएंगे। प्रस्ताव गिरने के बाद ही वे स्पीकर की कुर्सी संभालेंगे।
एजेंसी के अनुसार, विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर सदन में 9 मार्च को चर्चा हो सकती है। मौजूदा बजट सत्र का यह चरण 13 फरवरी को खत्म हो रहा है, जबकि इसके बाद 8 मार्च से संसद की कार्यवाही दोबारा शुरू होगी। इससे पहले बजट सत्र के 10वें दिन संसद की कार्यवाही हंगामे के चलते दो बार स्थगित करनी पड़ी। दोपहर 2 बजे के बाद सदन की कार्यवाही शुरू हो सकी, जिसमें शशि थरूर ने बजट पर चर्चा की शुरुआत की।
इसी दौरान पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की किताब को लेकर भी विवाद गहराता गया। पेंगुइन पब्लिशिंग हाउस ने सफाई जारी करते हुए कहा कि यह किताब अभी तक प्रकाशित नहीं हुई है और न ही इसकी कोई प्रिंट या डिजिटल कॉपी आधिकारिक तौर पर सामने आई है। कंपनी के मुताबिक पब्लिशिंग के सभी अधिकार उनके पास हैं और उनकी ओर से किताब का कोई हिस्सा सार्वजनिक नहीं किया गया।
पेंगुइन की यह सफाई उस वक्त आई है, जब किताब की अनअथॉराइज्ड कॉपियों के लीक और ऑनलाइन सर्कुलेशन का दावा किया गया। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने FIR भी दर्ज की है। दरअसल, राहुल गांधी लोकसभा में पूर्व आर्मी चीफ की किताब लेकर पहुंचे थे। विपक्ष इस बात पर अड़ा है कि राहुल गांधी को सदन में इस मुद्दे पर बोलने दिया जाए, जिसे लेकर लगातार हंगामा हो रहा है।
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RSS: संघ कहेगा तो तुरंत पद छोड़ दूंगा; 75 साल की उम्र कोई नियम नहीं- मोहन भागवत

RSS: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने रविवार को कहा कि संघ का निर्णय उनके लिए सर्वोपरि है। यदि संगठन उन्हें पद छोड़ने को कहेगा, तो वे बिना किसी सवाल के तुरंत जिम्मेदारी छोड़ देंगे। उन्होंने यह बयान मुंबई में आयोजित RSS के शताब्दी वर्ष कार्यक्रम के दौरान दिया।
भागवत ने 75 साल की उम्र के बाद पद छोड़ने की चर्चा पर कहा कि यह संघ की परंपरा जरूर है, लेकिन कोई लिखित या बाध्यकारी नियम नहीं। उन्होंने यह भी साफ किया कि RSS में नेतृत्व जाति के आधार पर नहीं तय होता। सरसंघचालक बनने के लिए क्षत्रिय, वैश्य, शूद्र या ब्राह्मण होना कोई योग्यता नहीं है। जो व्यक्ति हिंदू समाज और संगठन के लिए निष्ठा से काम करता है, वही इस जिम्मेदारी के योग्य होता है।
कार्यक्रम के दौरान भागवत ने समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर कहा कि इसे सभी वर्गों को विश्वास में लेकर बनाया जाना चाहिए, ताकि समाज में मतभेद न बढ़ें। भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर उन्होंने उम्मीद जताई कि यह भारत के हितों को ध्यान में रखकर किया गया होगा और देश को इससे नुकसान नहीं होगा।
घुसपैठ के मुद्दे पर RSS प्रमुख ने कहा कि सरकार को इस दिशा में अभी और काम करना है। पहचान कर निष्कासन की प्रक्रिया जरूरी है, जो पहले ठीक से नहीं हो पा रही थी, लेकिन अब धीरे-धीरे शुरू हुई है।
RSS की कार्यशैली पर बोलते हुए भागवत ने कहा कि संघ का उद्देश्य प्रचार नहीं, बल्कि समाज में संस्कार विकसित करना है। जरूरत से ज्यादा प्रचार दिखावे और फिर अहंकार को जन्म देता है। उन्होंने कहा कि प्रचार बारिश की तरह होना चाहिए—सही समय पर और सीमित मात्रा में।
भाषा को लेकर उन्होंने साफ कहा कि संघ की कार्यप्रणाली में अंग्रेजी कभी मुख्य भाषा नहीं बनेगी। जहां जरूरत होती है वहां अंग्रेजी का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन मातृभाषा को प्राथमिकता देना जरूरी है। वीर सावरकर को भारत रत्न दिए जाने के सवाल पर भागवत ने कहा कि अगर ऐसा होता है, तो इससे सम्मान की गरिमा और बढ़ेगी।




















