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आगरा में मिले कोरोना वायरस के 6 पीड़ित, देश में कुल 12 मामलों की पुष्टि
नई दिल्ली/आगरा: केरल के बाद तेलंगाना और दिल्ली में सोमवार को कोरोना वायरस का एक-एक केस सामने आया था। इसके बाद जयपुर के सवाई मान सिंह अस्पताल में इटली के एक नागरिक का सैंपल कोरोना वायरस से पॉजिटिव पाया गया था। अब आगरा के 6 लोगों में कोरोना वायरस की पुष्टि हुई है। यह सभी लोग दिल्ली के मरीज के संपर्क में आए थे। सभी मरीजों और उनके परिवार को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया है। नए मामलों के सामने आने के बाद देश में कुल 16 मामले सामने आए हैं।
मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के साथ कोरोनावायरस को लेकर बातचीत की है। केजरीवाल ने कहा कि इसे रोकने के लिए सभी कारगर कदम उठाए जाएंगे, क्योंकि यह बहुत खतरनाक बीमारी है। प्रधानमंत्री ने भी इस पर चिंता जताई है। प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट भी किया- कोविड-19 को लेकर बनी स्थिति की मैंने विस्तार से समीक्षा की है। बाहर से भारत आने वाले लोगों की स्क्रीनिंग और तुरंत उपचार के लिए केंद्रीय मंत्री और राज्य साथ मिलकर काम कर रहे हैं। इसको लेकर घबराने की जरूरत नहीं है।’
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को एक यात्रा एडवाइजरी जारी करके 3 मार्च को या उससे पहले इटली, ईरान, दक्षिण कोरिया, जापान के उन नागरिकों को जारी नियमित वीजा या ई-वीजा निलंबित कर दिया जिन्होंने अभी तक भारत में प्रवेश नहीं किया है।
कोरोना वायरस से बचने के उपाय
- WHO की एक्सपर्ट के मुताबिक कोरोना के संक्रमण से बचने के लिए समय-समय पर साबून या जेल से हाथ धोते रहना चाहिए। दफ्तर में सेनेटाइजर का भी प्रयोग करते रहें।
- टिशू पेपर यूज करने के बाद उसे अपने आप पास बिल्कुल भी ना रहने दें, उसे तत्काल कूड़ेदान में डालें।
- बाहर से घर लौटें तो तत्काल नहा लें। साफ कपड़े पहनें।
- दूसरे छींक के प्रभाव में आने से खुद को बचाएं।
- खुद भी छींकने या खांसने के वक्त अपना मुंह ढक लें।
- थोड़ी भी तबियत खराब लगे तो तत्काल डॉक्टर से मिलें।
- खांसी और बुखार आने पर बिल्कुल भी लापरवाही ना बरतें, तत्काल डॉक्टर से मिलें।
- खांसी, सर्दी और बुखार से पीड़ित शख्स के संपर्क में बिल्कुल भी ना आएं।
- सार्वजनिक जगहों पर थूकने और मल-मूत्र त्याग करने से बचें।
- बहुत जरूरी ना हो तो इस वक्त ज्यादा भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें।
- संभव हो तो जीव-जंतुओं से दूरी बनाए रखें।
- अधपके मांस मछली बिल्कुल भी ना खाएं।
- मीट, मछली, चिकन मार्केट में जाने से बचें।
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Weather: देश में भीषण गर्मी का कहर, 47°C के पार पहुंचा पारा, कई राज्यों में बदले स्कूल-दफ्तरों के समय

Weather Update: भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक सोमवार को यूपी का बांदा और विदर्भ का ब्रह्मपुरी देश के सबसे गर्म इलाकों में शामिल रहे। यहां लगातार आठवें दिन तापमान 47 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। मध्य प्रदेश के खजुराहो में 47.2°C तापमान रिकॉर्ड किया गया, जबकि नौगांव 46.8°C के साथ देश के सबसे गर्म शहरों में शामिल रहा।
भीषण गर्मी को देखते हुए पंजाब सरकार ने सरकारी स्कूलों और दफ्तरों के समय में बदलाव किया है। अब स्कूल और सरकारी कार्यालय सुबह 7:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक संचालित होंगे। वहीं चंडीगढ़ के स्कूलों में समर कैंप के दौरान आउटडोर एक्टिविटी पर रोक लगा दी गई है।
मानसून अभी भी केरल तट से दूर
मानसून की बात करें तो दक्षिण-पश्चिम मानसून पिछले तीन दिनों से केरलम के तट से 30-35 किलोमीटर दूर अटका हुआ है। हालांकि केरलम के तटीय इलाकों, तमिलनाडु और कर्नाटक में बारिश हो रही है, लेकिन मानसून के औपचारिक प्रवेश के लिए जरूरी सभी परिस्थितियां अभी पूरी नहीं हो सकी हैं। मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक उत्तर और मध्य भारत में भीषण गर्मी से राहत मिलने की संभावना कम है।
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NEET Paper Leak: NEET पेपर लीक पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, NTA को लगाई फटकार, कहा- 2024 से कोई सबक नहीं लिया

NEET Paper Leak: सुप्रीम कोर्ट ने NEET पेपर लीक मामले में सोमवार को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को कड़ी फटकार लसगाई। कोर्ट ने कहा कि यह बेहद दुखद है कि एजेंसी ने 2024 में सामने आए पेपर लीक मामले से कोई सबक नहीं लिया। जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (FAIMA), यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट (UDF) और अन्य याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि 2024 में भी यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था। तब एक मॉनिटरिंग कमेटी बनाई गई थी, जिसने कई महत्वपूर्ण सिफारिशें दी थीं और उन्हें स्वीकार भी किया गया था। इसके बावजूद अब फिर से पेपर लीक जैसे गंभीर मामले सामने आ रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने NTA को निर्देश दिया है कि वह गुरुवार तक हलफनामा दाखिल कर बताए कि 2024 में कोर्ट द्वारा दिए गए निर्देशों और मॉनिटरिंग कमेटी की सिफारिशों पर क्या कार्रवाई की गई। कोर्ट ने केंद्र सरकार और सीबीआई (CBI) से भी इस मामले में जवाब मांगा है। NEET परीक्षा में पारदर्शिता और सुरक्षा को लेकर लगातार उठ रहे सवालों के बीच सुप्रीम कोर्ट की यह टिप्पणी अहम मानी जा रही है।
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Petrol Diesel Price Hike: पेट्रोल-डीजल फिर महंगे, आज से पेट्रोल ₹2.61 और डीजल ₹2.71 प्रति लीटर बढ़ा, महंगाई की नई मार

Petrol Diesel Price Hike: देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में आज यानी 25 मई से बढ़ोतरी कर दी गई है। तेल कंपनियों ने पेट्रोल ₹2.61 प्रति लीटर और डीजल ₹2.71 प्रति लीटर महंगा कर दिया। इसके बाद राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत ₹102.12 और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर पहुंच गई है। करीब डेढ़ साल बाद हुई इस बढ़ोतरी का असर सिर्फ वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि रोजमर्रा की कई चीजें भी महंगी हो सकती हैं।
आम लोगों पर कैसे पड़ेगा असर, मालभाड़ा बढ़ेगा
डीजल महंगा होने से ट्रक, टेम्पो और मालवाहक वाहनों का खर्च बढ़ जाएगा। इसका सीधा असर दूसरे राज्यों से आने वाली सब्जियों, फलों, राशन और अन्य जरूरी सामानों की कीमतों पर पड़ सकता है।
खेती की लागत बढ़ेगी
किसानों को ट्रैक्टर, हार्वेस्टर और पंपिंग सेट चलाने में ज्यादा खर्च करना होगा। इससे खेती की लागत बढ़ेगी और आने वाले समय में अनाज व कृषि उत्पाद महंगे हो सकते हैं।
बस-ऑटो का किराया बढ़ सकता है
सार्वजनिक परिवहन, स्कूल बस और ऑटो-रिक्शा संचालक भी किराया बढ़ा सकते हैं। इससे रोज सफर करने वालों का मासिक बजट प्रभावित होगा।
मार्च 2024 से स्थिर थे दाम
देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें मार्च 2024 से स्थिर बनी हुई थीं। लोकसभा चुनाव से ठीक पहले केंद्र सरकार ने जनता को राहत देते हुए दोनों ईंधनों पर ₹2 प्रति लीटर की कटौती की थी। हालांकि भारत में ईंधन कीमतें तकनीकी रूप से बाजार आधारित हैं और तेल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की औसत कीमत के आधार पर रोजाना रेट तय कर सकती हैं, लेकिन राजनीतिक और आर्थिक कारणों से लंबे समय तक कीमतों में बदलाव नहीं किया गया।
तेल कंपनियों को भारी नुकसान का दावा
सरकार के अनुसार, Indian Oil Corporation, Bharat Petroleum और Hindustan Petroleum जैसी सरकारी तेल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की ऊंची कीमतों की वजह से नुकसान झेल रही थीं। पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा के मुताबिक, कंपनियों को पेट्रोल, डीजल और एलपीजी बिक्री पर हर महीने करीब ₹30 हजार करोड़ का घाटा हो रहा था।
पहले एक्साइज ड्यूटी में दी गई थी राहत
सरकार ने मार्च 2024 में पेट्रोल और डीजल के दाम नियंत्रित रखने के लिए स्पेशल एक्साइज ड्यूटी में ₹10-10 प्रति लीटर की कटौती की थी। इसके बाद पेट्रोल पर स्पेशल एक्साइज ड्यूटी ₹13 से घटकर ₹3 प्रति लीटर रह गई थी, जबकि डीजल पर यह ₹10 से घटाकर शून्य कर दी गई थी। कटौती के बाद पेट्रोल पर कुल केंद्रीय एक्साइज ड्यूटी ₹21.90 से घटकर ₹11.90 और डीजल पर ₹17.80 से घटकर ₹7.80 प्रति लीटर रह गई थी।FEA
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Heatwave India: देश में भीषण गर्मी का कहर, 10 राज्यों में अगले 7 दिन हीटवेव अलर्ट; बांदा लगातार तीसरे दिन सबसे गर्म

Heatwave India: देशभर में गर्मी ने लोगों की हालत खराब कर दी है। मौसम एजेंसी Skymet Weather के मुताबिक मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, छत्तीसगढ़, ओडिशा, महाराष्ट्र और गुजरात समेत 10 राज्यों में अगले एक हफ्ते तक भीषण गर्मी और लू चलने की संभावना है।
एजेंसी ने कहा है कि इन राज्यों में अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक बना रह सकता है। पश्चिमी विक्षोभ कमजोर पड़ने और किसी सक्रिय मौसम प्रणाली के नहीं होने से फिलहाल बारिश की संभावना बेहद कम है।
मंगलवार को मध्य प्रदेश, यूपी, राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब और महाराष्ट्र के 22 शहरों में तापमान 45°C के पार पहुंच गया। उत्तर प्रदेश के 22 जिलों में पारा 40°C से ऊपर दर्ज किया गया।
बांदा बना देश का सबसे गर्म शहर
उत्तर प्रदेश का बांदा लगातार तीसरे दिन देश का सबसे गर्म शहर रहा। यहां मंगलवार को अधिकतम तापमान 48.2°C रिकॉर्ड किया गया। इससे पहले भी पिछले दो दिनों में तापमान 46°C से ऊपर रहा था।
बांदा में 15 मई 2022 को 49°C तापमान का रिकॉर्ड दर्ज किया गया था। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक गर्म हवाओं से राहत मिलने की संभावना कम है।
क्यों बढ़ रही है गर्मी?
विशेषज्ञों के मुताबिक वेस्टर्न डिस्टर्बेंस कमजोर पड़ चुका है और देश के अधिकांश हिस्सों में कोई प्रभावी वेदर सिस्टम सक्रिय नहीं है। इसी वजह से तेज धूप, सूखी हवाएं और हीटवेव जैसी स्थिति बनी हुई है।
लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
- दोपहर 12 से 4 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें
- ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं
- हल्के और सूती कपड़े पहनें
- बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें
- धूप में निकलते समय सिर ढककर रखें
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SC: सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, खतरनाक आवारा कुत्तों को मारा जा सकता है, लोगों की सुरक्षा सबसे जरूरी

New Delhi: सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों को लेकर अहम टिप्पणी करते हुए कहा है कि रेबीज से संक्रमित, बेहद बीमार या खतरनाक आवारा कुत्तों को जरूरत पड़ने पर इंजेक्शन देकर मारा जा सकता है। अदालत ने कहा कि लोगों की जान की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और गरिमा के साथ जीने के अधिकार में कुत्तों के खतरे से मुक्त जीवन भी शामिल है।
जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच ने नवंबर 2025 में जारी निर्देशों को वापस लेने की मांग वाली सभी याचिकाएं खारिज कर दीं।
स्कूल, अस्पताल और सार्वजनिक जगहों से हटाने के निर्देश बरकरार
सुप्रीम कोर्ट ने नवंबर 2025 में आदेश दिया था कि स्कूलों, अस्पतालों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और अन्य सार्वजनिक स्थानों से आवारा कुत्तों को हटाया जाए। कोर्ट ने कहा था कि इन्हें शेल्टर होम्स में रखा जाए और दोबारा सड़कों पर न छोड़ा जाए।
साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर आवारा कुत्तों को खाना खिलाने पर भी रोक लगाने के निर्देश दिए गए थे। इन आदेशों के खिलाफ कई डॉग लवर्स और NGOs ने याचिकाएं दायर की थीं, जिन्हें अब अदालत ने खारिज कर दिया है।
कोर्ट ने कई राज्यों की घटनाओं का दिया उदाहरण
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने देशभर में बढ़ती डॉग बाइट घटनाओं पर चिंता जताई। अदालत ने कहा कि राजस्थान के श्री गंगानगर में एक महीने के भीतर कुत्तों के काटने की 1084 घटनाएं सामने आईं। तमिलनाडु में साल के पहले चार महीनों में करीब 2 लाख डॉग बाइट केस दर्ज हुए। इधर सूरत में एक जर्मन पर्यटक को आवारा कुत्ते ने काट लिया। कोर्ट ने कहा कि ऐसी घटनाओं से शहरी प्रशासन पर लोगों का भरोसा कमजोर होता है।
सुप्रीम कोर्ट के 9 बड़े निर्देश
अदालत ने राज्यों और स्थानीय निकायों को कई सख्त निर्देश दिए हैं:-
- हर जिले में कम से कम एक पूरी तरह कार्यरत ABC सेंटर (Animal Birth Control Centre) बनाया जाए।
- अधिक आबादी वाले क्षेत्रों में ABC सेंटरों की संख्या बढ़ाई जाए।
- एंटी-रेबीज दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
- राष्ट्रीय राजमार्गों पर आवारा पशुओं को हटाने के लिए NHAI जरूरी कदम उठाए।
- गंभीर और खतरनाक मामलों में कानून के तहत यूथेनेशिया (दया मृत्यु) की अनुमति दी जा सकती है।
- आदेश लागू करने वाले नगर निगम और सरकारी अधिकारियों को कानूनी सुरक्षा दी जाए।
- जनवरी में कोर्ट ने दी थी चेतावनी
29 जनवरी की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि उसकी टिप्पणियों को मजाक समझना गलत होगा। अदालत ने स्पष्ट कहा था कि अगर किसी व्यक्ति की मौत या चोट आवारा कुत्तों के हमले में होती है, तो स्थानीय प्रशासन के साथ डॉग फीडर्स की जिम्मेदारी भी तय की जा सकती है।
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