ख़बर छत्तीसगढ़
दंतेवाड़ा: नक्सलियों ने किया IED ब्लास्ट, BJP विधायक भीमा मंडावी और ड्राइवर की मौत, 3 जवान शहीद
दंतेवाड़ा: लोकसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान से 2 दिन पहले नक्सलियों ने एक और बड़े हमले को अंजाम दिया है। मंगलवार दोपहर नकुलनार से करीब दो किलोमीटर दूर श्यामगिरी में बीजेपी विधायक को नक्सलियों ने आईईडी ब्लास्ट से उड़ा दिया। धमाका इतना भीषण था, कि बीजेपी विधायक भीमा मंडावी और उनके ड्राइवर की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं उनकी सुरक्षा में तैनात 3 पीएसओ भी हमले में शहीद हो गए हैं। नक्सलियों ने भीमा मंडावी के काफिले को निशाना तब बनाया, जब वो दंतेवाड़ा से चुनाव प्रचार खत्म कर लौट रहे थे। धमाके में मंडावी की बुलेटप्रूफ गाड़ी और सुरक्षाबलों की गाड़ी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई है। बता दें कि दंतेवाड़ा सीट से बीजेपी विधायक भीमा मंडावी पिछले विधानसभा चुनावों में बस्तर संभाग की 12 सीटों में इकलौते बीजेपी विधायक थे। मंडावी विधानसभा में भाजपा विधायक दल के उपनेता भी थे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दंतेवाड़ा नक्सली हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए मृतक विधायक भीमा मंडावी, उनके ड्राइवर और शहीद जवानों के परिवारों के प्रति संवेदना जाहिर की है। पीएम ने कहा, कि शहीदों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। वहीं मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नक्सली हमले का शिकार हुए विधायक भीमा मंडावी और शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा,’ झीरम हमले के बाद संसदीय लोकतंत्र पर यह एक और बड़ा और अत्यंत निंदनीय हमला है। मैं बेहद विचलित हूं, स्तब्ध हूं। दुःख व्यक्त करने के लिए मेरे पास शब्द नहीं हैं।’
https://twitter.com/ANI/status/1115608105654542337
https://twitter.com/bhupeshbaghel/status/1115615521838379012
https://twitter.com/ANI/status/1115605870417551360
https://twitter.com/ANI/status/1115603964249034752
ख़बर छत्तीसगढ़
SuShasan Tihar 2026: सीएम साय ने निर्माणाधीन पीएम आवास में किया श्रमदान, ‘लखपति दीदी’ की दुकान पहुंचकर खरीदा सामान

SuShasan Tihar 2026: छत्तीसगढ़ में चल रहे सुशासन तिहार के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का संवेदनशील और जमीन से जुड़ा अंदाज जशपुर जिले में देखने को मिला। एक ओर उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बन रहे घर में खुद ईंट जोड़कर श्रमदान किया, तो दूसरी ओर ‘लखपति दीदी’ सुमिला कोरवा की छोटी किराना दुकान पहुंचकर सामान खरीदा और खुद भुगतान भी किया। मुख्यमंत्री की इन दोनों पहल ने ग्रामीणों के बीच खास संदेश दिया।
निर्माणाधीन घर पहुंचे CM, ईंट जोड़कर किया श्रमदान
जशपुर जिले के पत्थलगांव विकासखंड के ग्राम भैंसामुड़ा में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अचानक प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बन रहे घरों का निरीक्षण करने पहुंच गए। इसी दौरान उनकी नजर हितग्राही अनुसुइया पैंकरा के निर्माणाधीन मकान पर पड़ी। मुख्यमंत्री तुरंत वाहन से उतरे और निर्माण कार्य का जायजा लेने लगे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मजदूरों और राजमिस्त्रियों से बातचीत की। फिर अचानक खुद कन्नी उठाकर सीमेंट-गारा लगाया और ईंट जोड़कर श्रमदान किया। मुख्यमंत्री को इस तरह निर्माण कार्य में हिस्सा लेते देख ग्रामीण भावुक हो गए।
हितग्राही अनुसुइया पैंकरा ने कहा कि उनका वर्षों पुराना पक्के घर का सपना अब पूरा हो रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि अब परिवार को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन मिलेगा। मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद राजमिस्त्री मोहन चक्रेश से भी बातचीत की और उनकी आय, रोजगार व परिवार की स्थिति की जानकारी ली। साथ ही शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।
‘लखपति दीदी’ की दुकान पहुंचे मुख्यमंत्री
सुशासन तिहार के दौरान मुख्यमंत्री का एक और अलग अंदाज जशपुर के चंदागढ़ गांव में देखने को मिला। यहां वे अचानक ‘लखपति दीदी’ सुमिला कोरवा की किराना दुकान पहुंच गए। मुख्यमंत्री को सामने देखकर सुमिला भावुक हो गईं और उन्होंने लौंग-इलायची खिलाकर पारंपरिक स्वागत किया।
बातचीत में सुमिला ने बताया कि उन्होंने मुद्रा योजना के तहत 1 लाख रुपए का लोन लेकर दुकान शुरू की थी। अब उनकी दुकान गांव में अच्छी तरह चल रही है। दुकान में किराना सामान के साथ फोटो कॉपी मशीन और फ्रिज जैसी सुविधाएं भी हैं।
मुख्यमंत्री ने दुकान से ठंडा पानी और फलाहारी चिवड़ा खरीदा। जब सुमिला ने पैसे लेने से मना किया तो मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए कहा, “यह आपकी मेहनत की कमाई है, इसे जरूर लीजिए।”
‘करोड़पति दीदी’ बनने का दिया आशीर्वाद
मुख्यमंत्री साय ने सुमिला की मेहनत की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है। उन्होंने कहा, “आपने मेहनत से ‘लखपति दीदी’ बनने का सफर तय किया है, आगे चलकर ‘करोड़पति दीदी’ भी बनेंगी।” सुमिला ने बताया कि खेती के साथ उन्होंने दुकान शुरू की थी। अब दुकान परिवार की आय का बड़ा जरिया बन चुकी है। उनकी बेटी प्रियंका स्कूल में प्रथम आई है और छुट्टियों में दुकान संभालने में मदद करती है। मुख्यमंत्री का यह सहज और मानवीय व्यवहार ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बना रहा। लोगों ने कहा कि पहली बार किसी मुख्यमंत्री को इतने करीब से गांव में लोगों के बीच देखा।
ख़बर छत्तीसगढ़
Chhattisgarh: डिजिटल जनगणना 2027 की शुरुआत, 51 हजार कर्मचारी घर-घर पहुंच रहे, पहली बार मोबाइल ऐप से जुटेगा डेटा

Census 2027: छत्तीसगढ़ में ‘भारत की जनगणना 2027’ का पहला चरण शुरू हो गया है। 1 मई से राज्यभर में मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का फील्ड वर्क शुरू हुआ, जो 30 मई 2026 तक चलेगा। इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल मोड में की जा रही है। इसके लिए प्रदेशभर में 51 हजार 300 प्रगणक और 9 हजार पर्यवेक्षकों की तैनाती की गई है, जो घर-घर जाकर मोबाइल ऐप के जरिए जानकारी जुटा रहे हैं।
पहली बार डिजिटल माध्यम से हो रही इस जनगणना में मकानों की स्थिति, परिवारों को उपलब्ध सुविधाओं और परिसंपत्तियों से जुड़े कुल 33 सवालों का डेटा एकत्र किया जा रहा है। सरकार का दावा है कि इससे प्रक्रिया ज्यादा तेज, पारदर्शी और सटीक बनेगी।
जनगणना कार्य को लेकर प्रशासन ने सख्ती भी दिखाई है। रायपुर नगर निगम में ड्यूटी से अनुपस्थित रहने वाले 44 कर्मचारियों को जनगणना अधिनियम 1948 और छत्तीसगढ़ सिविल आचरण नियमों के तहत नोटिस जारी किया गया है। अधिकारियों ने साफ कहा है कि जनगणना कार्य में लापरवाही या बाधा डालना दंडनीय अपराध माना जाएगा।
इस अभियान में दूरस्थ इलाकों से भी सकारात्मक तस्वीर सामने आई है। बस्तर जिले की तोकापाल तहसील के ग्राम गाटम में एक प्रगणक ने विषम परिस्थितियों के बावजूद पहले ही दिन अपना काम पूरा कर लिया। इससे फील्ड में काम कर रहे कर्मचारियों का उत्साह बढ़ा है। कई जिलों में कलेक्टर और नगर निगम आयुक्त खुद मैदान में उतरकर निरीक्षण कर रहे हैं।
डिजिटल साक्षरता का असर भी देखने को मिला है। 16 से 30 अप्रैल के बीच राज्य में 1 लाख 49 हजार 862 परिवारों ने वेब पोर्टल के जरिए स्वयं अपनी गणना पूरी की। इसे प्रशासन ने बड़ी उपलब्धि बताया है।
जनगणना निदेशालय ने नागरिकों को भरोसा दिलाया है कि उनकी सभी व्यक्तिगत जानकारियां पूरी तरह गोपनीय रहेंगी। जनगणना अधिनियम 1948 के तहत इन आंकड़ों का इस्तेमाल टैक्स, पुलिस जांच या कोर्ट केस में नहीं किया जा सकता। यहां तक कि सूचना के अधिकार (RTI) के जरिए भी व्यक्तिगत डेटा साझा नहीं होगा। इन आंकड़ों का उपयोग केवल योजनाएं बनाने और जनकल्याणकारी कार्यों के लिए किया जाएगा।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि जब प्रगणक घर पहुंचे तो सही और सटीक जानकारी दें, क्योंकि यह केवल सरकारी प्रक्रिया नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण में नागरिकों की भागीदारी है।
ख़बर छत्तीसगढ़
SuShasan Tihar 2026: गांव-गांव पहुंचे मंत्री, पहले ही दिन हजारों आवेदन; मौके पर ही कई समस्याओं का समाधान

SuShasan Tihar 2026: छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में शुक्रवार से प्रदेशव्यापी ‘सुशासन तिहार 2026’ की शुरुआत हो गई। 1 मई से 10 जून तक चलने वाले इस अभियान का उद्देश्य आम जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान कर शासन और लोगों के बीच सीधा संवाद स्थापित करना है। अभियान के पहले दिन ही प्रदेश के कई जिलों में जनसमस्या निवारण शिविर लगाए गए, जहां मंत्री, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी खुद मौजूद रहे।
सरकार का दावा है कि यह अभियान पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन की दिशा में बड़ा कदम है। शिविरों में लोगों ने जमीन, राशन, पेंशन, स्वास्थ्य, रोजगार और विभिन्न योजनाओं से जुड़े आवेदन दिए। कई मामलों का मौके पर ही निराकरण भी किया गया।
बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के ग्राम रिसदा में आयोजित शिविर में भारी भीड़ उमड़ी। यहां 573 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें करीब 47 प्रतिशत मामलों का तुरंत समाधान कर दिया गया। राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी आवेदनों का तय समय-सीमा में निराकरण हो और आवेदकों से संतुष्टि फीडबैक भी लिया जाए।
कोरबा जिले के कटघोरा विकासखंड के ग्राम धनरास में आयोजित शिविर में 332 आवेदन मिले, जिनमें से 103 का तत्काल निराकरण किया गया। वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि सुशासन तिहार शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बन रहा है।
रायपुर जिले के अभनपुर विकासखंड के ग्राम कठिया में आयोजित शिविर में मंत्री गुरु खुशवंत साहेब की मौजूदगी में कई हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिया गया। महिलाओं को मनरेगा जॉब कार्ड वितरित किए गए, जबकि दिव्यांग हितग्राही योगेश यादव को मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल प्रदान की गई।
शिविरों में अलग-अलग विभागों द्वारा वन-स्टॉप समाधान केंद्र भी बनाए गए थे। यहां आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, किसान क्रेडिट कार्ड, उज्ज्वला योजना, कृषि उपकरण और मत्स्य पालन सामग्री जैसी सुविधाएं मौके पर उपलब्ध कराई गईं। स्वास्थ्य विभाग ने कई स्थानों पर डिजिटल एक्स-रे जैसी सेवाएं भी दीं, जिससे ग्रामीणों को राहत मिली।
सरकार का कहना है कि सुशासन तिहार सिर्फ शिकायत निवारण अभियान नहीं, बल्कि लोगों को योजनाओं के प्रति जागरूक कर आत्मनिर्भर बनाने की पहल भी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय खुद अभियान की मॉनिटरिंग कर रहे हैं और समय-समय पर औचक निरीक्षण भी करेंगे।
ख़बर छत्तीसगढ़
Raipur: अवैध रेत खनन पर सख्त हुई साय सरकार, कलेक्टरों को चेताया- लापरवाही हुई तो तय होगी जिम्मेदारी

Raipur: छत्तीसगढ़ सरकार ने अवैध रेत खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ कार्रवाई और तेज कर दी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर खनिज विभाग ने साफ कर दिया है कि प्रदेश में “जीरो टॉलरेंस” नीति के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
खनिज विभाग के सचिव और मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद ने बुधवार को रेत आपूर्ति वाले प्रमुख 11 जिलों के कलेक्टरों की वर्चुअल बैठक लेकर स्थिति की समीक्षा की। बैठक में रायपुर, बिलासपुर, बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा, सक्ती, महासमुंद, गरियाबंद, धमतरी, एमसीबी, बलरामपुर और कांकेर जिलों के अधिकारी शामिल हुए।
“रेत की कमी नहीं होनी चाहिए”
बैठक में सचिव दयानंद ने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रदेश में रेत की आपूर्ति किसी भी हालत में प्रभावित नहीं होनी चाहिए। सभी स्वीकृत रेत खदानों से उनकी क्षमता के अनुसार उत्पादन कराया जाए और आम लोगों को उचित दरों पर रेत उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने पीएम आवास योजना के हितग्राहियों को रॉयल्टी मुक्त रेत उपलब्ध कराने के आदेशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही चेतावनी दी कि इस योजना की आड़ में किसी भी तरह की अवैध गतिविधि नहीं होनी चाहिए।
कई जिलों की धीमी प्रगति पर नाराजगी
खनिज सचिव ने रेत खदानों की नीलामी प्रक्रिया की समीक्षा के दौरान पाया कि गरियाबंद, कांकेर और जांजगीर-चांपा जिलों में 100 प्रतिशत से ज्यादा नीलामी हो चुकी है। वहीं धमतरी, बिलासपुर और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-बैकुंठपुर जिलों में प्रगति धीमी रही। इस पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए संबंधित कलेक्टरों को तुरंत अधिक खदानों की नीलामी प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए। साथ ही खनन योजना और पर्यावरण स्वीकृति की प्रक्रिया को प्राथमिकता से पूरा करने को कहा।
मीडिया रिपोर्ट और शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई के निर्देश
बैठक में सचिव दयानंद ने कहा कि अवैध खनन वाले क्षेत्रों की पहचान कर लगातार कार्रवाई की जाए। मीडिया में प्रकाशित खबरों और शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच और कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने दो टूक कहा कि यदि किसी जिले में केंद्रीय उड़नदस्ता दल को जाकर कार्रवाई करनी पड़ रही है, तो यह संबंधित जिला प्रशासन की लापरवाही मानी जाएगी।
ड्रोन सर्वे में गड़बड़ी मिली तो होगी कार्रवाई
खनिज सचिव ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि ड्रोन सर्वे या केंद्रीय उड़नदस्ता जांच में किसी जिले में अवैध खनन के प्रमाण मिलते हैं, तो संबंधित कलेक्टर और खनिज अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। सरकार ने साफ संकेत दिए हैं कि अवैध खनन के खिलाफ अब प्रशासनिक जवाबदेही भी तय होगी।
ख़बर छत्तीसगढ़
Raipur: छत्तीसगढ़ विधानसभा में 33% महिला आरक्षण पर 10 घंटे बहस, विपक्ष के वॉकआउट के बीच शासकीय संकल्प पारित

Raipur: छत्तीसगढ़ विधानसभा में महिला आरक्षण को लेकर शुक्रवार को जोरदार राजनीतिक घमासान देखने को मिला। लोकसभा और विधानसभा में परिसीमन के बाद 33 फीसदी महिला आरक्षण लागू करने संबंधी शासकीय संकल्प को विपक्ष की गैरमौजूदगी में पारित कर दिया गया। सदन में इस मुद्दे पर करीब 10 घंटे तक चर्चा चली, जिसमें सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायकों के बीच कई बार तीखी बहस और नोकझोंक हुई।
बहस के दौरान कांग्रेस ने सदन से वॉकआउट कर दिया। इसके बाद सत्ता पक्ष ने संकल्प पारित कराया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने बताया कि अगला मानसून सत्र जुलाई के दूसरे सप्ताह में संभावित है। इसके साथ ही सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई।
विपक्ष बोला- जनगणना के बाद लागू हो आरक्षण
सदन में विपक्ष ने कहा कि सरकार पहले निंदा प्रस्ताव की बात कर रही थी, लेकिन अब शासकीय संकल्प लाकर चर्चा कर रही है। कांग्रेस का कहना था कि महिला आरक्षण जनगणना और परिसीमन के बाद ही लागू किया जाना चाहिए।
नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा की “पुरुषवादी और मनुवादी सोच” महिलाओं को बराबरी का अधिकार नहीं देना चाहती। उन्होंने कहा कि यदि 850 सीटों पर 33 प्रतिशत आरक्षण लागू होता तो करीब 280 सीटें महिलाओं को मिलतीं, जिससे पुरुष वर्चस्व पर असर पड़ता।
कांग्रेस विधायक अनिला भेड़िया ने भी आरक्षण बिल को “चुनावी झुनझुना” बताते हुए कहा कि महिलाओं को उनके अधिकारों का पूरा ज्ञान है और वे समझती हैं कि 2023 में बिल पास होने के बावजूद अब तक लागू क्यों नहीं हुआ।
मुख्यमंत्री साय बोले- विरोध के लिए विरोध कर रहा विपक्ष
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि केंद्र सरकार महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने के लिए नारी शक्ति वंदन संशोधन अधिनियम लेकर आई, लेकिन विपक्ष ने परिसीमन और जनगणना का मुद्दा उठाकर इसका विरोध किया, जो समझ से परे है।
साय ने कहा कि परिसीमन से बड़े क्षेत्रों का विभाजन होता है और ज्यादा लोगों को प्रतिनिधित्व का अवसर मिलता है। उन्होंने अपना उदाहरण देते हुए कहा कि रायगढ़ लोकसभा क्षेत्र लगभग 350 किलोमीटर तक फैला है, जहां एक सांसद के लिए हर क्षेत्र तक पहुंचना मुश्किल होता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने इस मुद्दे पर सकारात्मक पहल की, लेकिन विपक्ष ने सिर्फ राजनीति के लिए इसका विरोध किया। उन्होंने कहा कि जनता ऐसे रवैये को कभी माफ नहीं करेगी।
महिला एवं बाल विकास मंत्री ने क्या कहा
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि सरकार महिला आरक्षण लागू करने की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष को महिलाओं को आरक्षण दिया जाना रास नहीं आ रहा, इसलिए हर बार इसका विरोध किया जाता है।
सदन में मौजूद थीं 500 से ज्यादा महिला जनप्रतिनिधि
इस विशेष चर्चा के दौरान विधानसभा में 500 से ज्यादा महिला जनप्रतिनिधि मौजूद रहीं। महिला आरक्षण पर हुई बहस को लेकर पूरे दिन सदन में राजनीतिक माहौल गर्म रहा।
ख़बर छत्तीसगढ़5 hours agoSuShasan Tihar 2026: सीएम साय ने निर्माणाधीन पीएम आवास में किया श्रमदान, ‘लखपति दीदी’ की दुकान पहुंचकर खरीदा सामान
ख़बर मध्यप्रदेश10 hours agoMP News: मध्यप्रदेश में 62 IPS अधिकारियों के तबादले, 20 जिलों के एसपी बदले
ख़बर देश11 hours agoDelhi: दिल्ली के विवेक विहार में भीषण आग, 9 लोगों की मौत, AC में धमाके से आग लगी
ख़बर उत्तरप्रदेश4 hours agoUP News: अंबेडकरनगर में दिल दहला देने वाली वारदात, मां ने 4 बच्चों की हत्या की, पति के सऊदी में दूसरी शादी करने से थी नाराज


















