Connect with us

ख़बर देश

Telecom Bill 2023: फर्जी सिम खरीदी या बेची तो होगी जेल, लगेगा लाखों का जुर्माना

Published

on

Telecom Bill 2023: If you buy or sell fake SIM, you will face jail, fine of lakhs

Telecom Bill 2023: लोकसभा में बुधवार को पास होने के बाद गुरुवार को राज्यसभा में भी टेलीकॉम बिल 2023 पास हो गया। ये बिल 138 साल पुराने भारतीय टेलीग्राफ अधिनियम को रिप्लेस करेगा। नए बिल को राष्ट्रपति की मंजूरी मिलते ही ये कानून की शक्ल ले लेगा। जिसके बाद सिम कार्ड बेचने और खरीदने पर नए नियम लागू हो गए हैं। अब अगर कोई व्यक्ति कानून का उल्लंघन करता है तो उसपर लाखों का जुर्माना और कई साल की सजा का प्रावधान है।

टेलीकॉम बिल 2023 में क्या है?

नए बिल के तहत यदि कोई व्यक्ति टेलीकॉम गैजेट्स जैसे मोबाइल, सिमकार्ड, WiFi आदि के जरिए राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करता है या इस तरह के कार्य में लिप्त पाया जाता है, तो उसे 3 साल की सजा या 2 करोड़ का फाइन भरना होगा या उसे दोनों सजा भी दी जा सकती हैं। यदि टेलीकॉम ऑपरेटर को कोई नुकसान होता है तो 50 लाख का जुर्माना भी लगाया जा सकता है। इसके साथ ही सरकारी अधिकारी और सरकार के पास ये अधिकार होगा, कि वे संबंधित व्यक्ति के कनेक्शन को टैप और जरूरत पड़ने पर हमेशा के लिए रद्द भी कर सकते हैं।

फर्जी सिम लेने पर लगेगा 50 हजार जुर्माना

नए कानून के लागू होने के बाद अगर कोई व्यक्ति फर्जी आईडी से सिमकार्ड लेता है तो उसे 3 साल की सजा और 50 हजार का जुर्माना भरना पड़ सकता है। या ये दोनों सजाएं भी उसे मिल सकती हैं। सिम कार्ड बेचने वाले दुकानदारों के लिए वेरिफिकेशन जरूरी है। इसके बिना वे अब कोई भी सिम नहीं बेच पाएंगे। साथ ही ग्राहकों का भी बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन अब मेंडेटरी है।

Advertisement

बिना अनुमति प्रमोशनल मैसेज भेजना अपराध

नए बिल के तहत अब आपको प्रमोशनल मैसेज भेजने से पहले कंपनियों को आपकी अनुमति लेनी होगी। यदि बिना परमिशन के आपको कॉल की जाती है तो 2 लाख रुपए जुर्माने का प्रावधान है। हालांकि जनहित के मैसेज भेजने के लिए टेलीकॉम कंपनियों को आपकी परमिशन नहीं लेनी पड़ेगी। अगर कोई व्यक्ति किसी सिम को गलत तरीके से क्लोन करता है, यानि उसी सिम को अपने नाम पर इशू करता है तो ये भी एक क्राइम में गिना जाएगा।

ख़बर देश

UPI चार्ज पर रोक नहीं,सुप्रीम कोर्ट का फैसला, 2,000 रुपए से ज्यादा के पेमेंट पर 0.4% MDR तय

Published

on

UPI चार्ज, UPI MDR, UPI 0.4 प्रतिशत चार्ज, 2000 से ज्यादा UPI पेमेंट, सुप्रीम कोर्ट UPI, UPI Merchant Discount Rate, UPI charges 2026

नई दिल्ली: 2,000 रुपए से ज्यादा के चुनिंदा UPI मर्चेंट पेमेंट पर 0.4% Merchant Discount Rate (MDR) लगाने के केंद्र के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक लगाने से इनकार कर दिया है। हालांकि, कोर्ट ने केंद्र सरकार से इस व्यवस्था का आधार और कानूनी स्थिति स्पष्ट करने को कहा है।

चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की तीन सदस्यीय पीठ ने एडवोकेट अंजन दत्ता की जनहित याचिका पर सुनवाई की। सुप्रीम कोर्ट की 28 सितंबर की कॉज लिस्ट में भी यही पीठ इस मामले की सुनवाई के लिए सूचीबद्ध थी।

15 अक्टूबर से लागू होगा नया MDR

केंद्र सरकार के नए ढांचे के तहत 2,000 रुपए से ज्यादा के चुनिंदा Person-to-Merchant (P2M) UPI ट्रांजैक्शन पर 0.4% MDR लागू होगा। 75,000 रुपए या उससे अधिक के ट्रांजैक्शन पर यह शुल्क अधिकतम 300 रुपए तक सीमित रहेगा।

हालांकि, यह शुल्क सीधे आम UPI यूजर से वसूले जाने वाला चार्ज नहीं है। वित्त मंत्रालय के मुताबिक MDR मर्चेंट पेमेंट इकोसिस्टम में बैंकों, पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स और UPI ऐप प्रोवाइडर्स समेत संबंधित पक्षों के बीच वितरित होगा।

Advertisement

आम लोगों के पैसे भेजने पर चार्ज नहीं

सरकार ने स्पष्ट किया है कि Person-to-Person (P2P) UPI ट्रांजैक्शन पर कोई MDR नहीं लगेगा, चाहे रकम कितनी भी हो। 2,000 रुपए तक के मर्चेंट पेमेंट और छोटे व्यापारियों के लिए लागू जीरो-MDR व्यवस्था वाले ट्रांजैक्शन भी शुल्क से बाहर रहेंगे। सरकार के अनुसार करीब 96% P2M ट्रांजैक्शन प्रभावित नहीं होंगे।

याचिकाकर्ता ने उठाए ये सवाल

एडवोकेट अंजन दत्ता की PIL में 2,000 रुपए की सीमा तय करने के आधार पर सवाल उठाया गया है। याचिका में UPI और RuPay डेबिट कार्ड के लिए अलग-अलग व्यवस्था पर भी आपत्ति जताई गई है। याचिका में केंद्र के 14 सितंबर के नोटिफिकेशन और 15 सितंबर को घोषित MDR व्यवस्था को चुनौती दी गई है। साथ ही Payment and Settlement Systems Act, 2007 की धारा 10A की संवैधानिक वैधता को भी चुनौती दी गई है। याचिकाकर्ता का तर्क है कि इस प्रावधान से कार्यपालिका को यह तय करने का व्यापक अधिकार मिल जाता है कि किन इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट माध्यमों को शुल्क से छूट मिलेगी।

केंद्र ने कहा- छोटे कारोबारियों पर असर नहीं

Advertisement

सरकार की ओर से पहले ही कहा गया है कि नई व्यवस्था का उद्देश्य UPI इकोसिस्टम की दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करना है। सरकार के मुताबिक छोटे व्यापारियों और आम लोगों को अतिरिक्त शुल्क से बचाने के लिए कई श्रेणियों को MDR से बाहर रखा गया है। अभी 0.4% MDR व्यवस्था पर रोक नहीं लगी है। यानी तय ढांचे के अनुसार यह व्यवस्था 15 अक्टूबर से लागू होने वाली है, जबकि इसकी कानूनी वैधता पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई जारी रहेगी।

Continue Reading

ख़बर देश

रूस ने UNSC में भारत की स्थायी सदस्यता का समर्थन किया, लावरोव बोले- एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका का प्रतिनिधित्व बढ़े

Published

on

UNSC Permanent Membership, India UNSC Permanent Seat, Russia Supports India UNSC, Sergey Lavrov, भारत UNSC सदस्यता, भारत स्थायी सदस्यता, UNSC Reform, G4, UN Security Council

नई दिल्ली: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत की स्थायी सदस्यता की मांग को रूस का समर्थन मिला है। रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में कहा कि सुरक्षा परिषद में एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका का प्रतिनिधित्व बढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि रूस भारत और ब्राजील की स्थायी सदस्यता की उम्मीदवारी का समर्थन करता है।

लावरोव ने साथ ही सुरक्षा परिषद में पश्चिमी देशों की अतिरिक्त स्थायी सीटों का विरोध किया और जर्मनी तथा जापान का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने दोनों देशों पर सैन्यवाद और बदले की भावना की दिशा में बढ़ने का आरोप लगाया। ये लावरोव द्वारा व्यक्त किए गए रूस के राजनीतिक आकलन हैं। रूस ने UNSC सुधार के दौरान मौजूदा स्थायी सदस्यों के अधिकारों और वीटो व्यवस्था को बनाए रखने की बात भी कही है।

UNSC में भारत की स्थायी सीट की मांग क्यों?

भारत लंबे समय से सुरक्षा परिषद के विस्तार और स्थायी सदस्यता की मांग करता रहा है। भारत, ब्राजील, जर्मनी और जापान G4 के माध्यम से सुरक्षा परिषद में स्थायी और गैर-स्थायी दोनों श्रेणियों का विस्तार करने की मांग करते हैं।

भारत की दावेदारी के समर्थन में उसकी बड़ी आबादी, वैश्विक अर्थव्यवस्था में भूमिका, परमाणु क्षमता और संयुक्त राष्ट्र के विभिन्न अभियानों में योगदान जैसे मुद्दे सामने रखे जाते रहे हैं। हालांकि, स्थायी सदस्यता का फैसला अभी नहीं हुआ है और सदस्य देशों के बीच सुधार के स्वरूप पर सहमति नहीं बनी है।

Advertisement

भारत की मांग 1990 के दशक से जारी

भारत की सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता की मांग कई दशकों से चली आ रही है। 2008 से UN में सुरक्षा परिषद सुधार को लेकर अंतर-सरकारी वार्ता जारी है। भारत ने ब्राजील, जर्मनी और जापान के साथ G4 बनाकर भी स्थायी सदस्यता के लिए अभियान चलाया है। हाल के दिनों में भारत को कई देशों से समर्थन भी मिला है। सितंबर 2026 में Visegrád Group के चार देशों पोलैंड, हंगरी, स्लोवाकिया और चेक गणराज्य ने भी भारत की स्थायी सदस्यता का समर्थन किया।

UNSC में 15 सदस्य, 5 के पास वीटो

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में कुल 15 सदस्य हैं। इनमें अमेरिका, रूस, चीन, फ्रांस और ब्रिटेन पांच स्थायी सदस्य हैं। इनके पास वीटो पावर है। बाकी 10 सदस्य महासभा द्वारा दो साल के कार्यकाल के लिए चुने जाते हैं। किसी नए स्थायी सदस्य को शामिल करने के लिए UN चार्टर में संशोधन करना होगा। चार्टर के अनुच्छेद 108 के मुताबिक इसके लिए महासभा में दो-तिहाई बहुमत और संयुक्त राष्ट्र के दो-तिहाई सदस्य देशों द्वारा अनुसमर्थन जरूरी है, जिसमें सभी मौजूदा स्थायी सदस्यों का अनुसमर्थन भी शामिल है।

भारत की स्थायी सदस्यता की राह में क्या चुनौतियां हैं?

Advertisement

1. चीन का रुख

भारत की दावेदारी के संदर्भ में चीन का रुख एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। चीन और भारत के बीच कई रणनीतिक और क्षेत्रीय मतभेद हैं। सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्यों में चीन भी शामिल है, इसलिए चार्टर संशोधन की प्रक्रिया में उसकी भूमिका महत्वपूर्ण होगी।

2. G4 को लेकर अलग-अलग रुख

भारत, ब्राजील, जर्मनी और जापान एक साथ G4 के तहत सुरक्षा परिषद के विस्तार की मांग करते हैं। हालांकि, रूस ने अपने हालिया बयान में भारत और ब्राजील का समर्थन किया, जबकि जर्मनी और जापान के लिए अतिरिक्त पश्चिमी स्थायी सीटों का विरोध किया।

3. अफ्रीका के प्रतिनिधित्व पर सहमति

Advertisement

अफ्रीकी देशों की स्थायी सदस्यता भी UNSC सुधार की चर्चा का अहम हिस्सा है। कितनी सीटें हों और उनका स्वरूप क्या हो, इसे लेकर सदस्य देशों के बीच बातचीत जारी है।

4. वीटो पावर का सवाल

नए स्थायी सदस्यों को वीटो पावर मिलेगी या नहीं, यह सुधार प्रक्रिया का सबसे जटिल मुद्दों में से एक है। रूस ने मौजूदा स्थायी सदस्यों के अधिकारों और वीटो व्यवस्था को बनाए रखने की बात कही है।

Continue Reading

ख़बर देश

Cyclone Arnab: यूपी-बिहार समेत 8 राज्यों में भारी बारिश, 14 राज्यों में अलर्ट; यूपी में 13 की मौत

Published

on

चक्रवात अर्नब, Cyclone Arnab, यूपी में बारिश, बिहार में बारिश, 14 राज्यों में अलर्ट, यूपी बाढ़, लखनऊ जलभराव, उत्तराखंड लैंडस्लाइड

नई दिल्ली: बंगाल की खाड़ी में बने मौसमी सिस्टम के असर से उत्तर प्रदेश, बिहार समेत देश के कई राज्यों में भारी बारिश का दौर जारी है। सिस्टम के उत्तर-पूर्व दिशा में बढ़ने से राजस्थान और मध्य प्रदेश समेत 14 राज्यों में मौसम को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। यूपी में करीब 40-48 घंटे से बारिश और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं का दौर जारी है।

यूपी में 13 लोगों की मौत, 32 जिलों में बाढ़ का खतरा

उत्तर प्रदेश में लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है। अलग-अलग हादसों में 13 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। 32 जिलों में अचानक बाढ़ का खतरा बताया गया है। लखनऊ के कई इलाकों में करीब तीन फीट तक पानी भर गया, जबकि कई घरों में भी पानी घुस गया। तेज हवाओं के कारण पेड़ गिरने की घटनाएं भी हुई हैं। कन्नौज में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर तेज आंधी और बारिश के दौरान एक कार पलट गई। कार में सवार पांच लोगों के फंसने की सूचना है।

बिहार के 50 गांव बाढ़ से प्रभावित

बिहार में भी लगातार बारिश के कारण हालात बिगड़े हैं। सुपौल के करीब 50 गांव बाढ़ से प्रभावित बताए गए हैं। राज्य के 19 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। बारिश से जुड़ी घटनाओं में तीन लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है।

Advertisement

उत्तराखंड में बर्फबारी, लैंडस्लाइड से यातायात प्रभावित

उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश के साथ बर्फबारी हुई है। चमोली के हेमकुंड साहिब और बद्रीनाथ में बर्फबारी की खबर है। पिथौरागढ़-घाट सड़क पर लैंडस्लाइड के कारण 300 से ज्यादा वाहन फंस गए हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमानों के मुताबिक इस सिस्टम के प्रभाव से उत्तर और मध्य भारत के कई हिस्सों में बारिश का दौर आगे भी जारी रह सकता है।

Continue Reading

ख़बर देश

Deep Depression: आंध्र-ओडिशा तट से गुजरा डीप डिप्रेशन, 75 KM की रफ्तार से चली हवा, 5 हजार लोग सुरक्षित स्थानों पर भेजे गए

Published

on

अर्नब डीप डिप्रेशन, आंध्र प्रदेश ओडिशा मौसम, बंगाल की खाड़ी डीप डिप्रेशन, Odisha Heavy Rain, Andhra Pradesh Rain, Kalingapatnam Weather, Darjeeling Landslide Alert

विशाखापट्टनम/भुवनेश्वर: बंगाल की खाड़ी में बना डीप डिप्रेशन बुधवार देर रात उत्तर आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा के तट को पार कर गया। मौसम विभाग के मुताबिक सिस्टम ने करीब रात 11 बजे से 1 बजे के बीच कलिंगपट्टनम के पास तट पार किया। इस दौरान हवा की रफ्तार 55-65 किमी/घंटे रही और झोंके 75 किमी/घंटे तक पहुंचे। इसके प्रभाव से आंध्र प्रदेश और ओडिशा के कई इलाकों में भारी बारिश हुई।

ओडिशा में 5 हजार लोग सुरक्षित स्थानों पर भेजे

भारी बारिश और जलभराव की आशंका को देखते हुए ओडिशा के दक्षिणी जिलों में बड़े पैमाने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। रिपोर्टों के मुताबिक करीब 5 हजार लोगों को सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट किया गया। कई इलाकों में तेज बारिश के कारण सड़क संपर्क प्रभावित हुआ और कुछ पुलों पर पानी बहने लगा।

ओडिशा के कई जिलों में स्कूल बंद रखे गए हैं। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में राहत और बचाव टीमों को तैनात किया है। दक्षिणी जिलों में बाढ़ और जलभराव की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

श्रीकाकुलम में 75 KM तक की रफ्तार से हवाएं

Advertisement

आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले में कलिंगपट्टनम के आसपास तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हुई। तटीय इलाकों में 55-65 किमी/घंटे की हवाएं और 75 किमी/घंटे तक के झोंके दर्ज किए गए। विजयवाड़ा में भी लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में पानी भर गया। शहर के कई स्कूलों में लगातार दूसरे दिन छुट्टी रखी गई।

सिस्टम 3 KM प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ा

मौसम विभाग के मुताबिक तट पार करने से पहले सिस्टम पिछले छह घंटे में करीब 3 किमी प्रति घंटे की गति से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ रहा था। तट पार करने के बाद यह आंध्र प्रदेश के अंदरूनी हिस्सों की ओर बढ़ा। IMD ने आंध्र प्रदेश और ओडिशा के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की थी। तटीय इलाकों में समुद्र की स्थिति भी खराब रही।

बंगाल में भारी बारिश, दार्जिलिंग-कलिम्पोंग में लैंडस्लाइड का खतरा

डीप डिप्रेशन का असर पश्चिम बंगाल तक भी पहुंचा है। राज्य के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का अनुमान है। दार्जिलिंग और कलिम्पोंग के पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की चेतावनी जारी की गई है। IMD ने इन इलाकों में 24 सितंबर को भारी से बहुत भारी बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई थी।

Advertisement

‘अर्नब’ नाम को लेकर भी जरूरी अपडेट

इस सिस्टम को कई रिपोर्टों में ‘अर्नब’ कहा जा रहा है, लेकिन IMD के आधिकारिक बुलेटिन में इसे डीप डिप्रेशन बताया गया है। मौसम विभाग ने 23 सितंबर को स्पष्ट किया था कि सिस्टम के डीप डिप्रेशन के रूप में ही तट पार करने की संभावना है। इसलिए फिलहाल इसे ‘अर्नब चक्रवात’ कहना तकनीकी रूप से सही नहीं होगा। चक्रवात बनने पर ही इस नाम का औपचारिक इस्तेमाल होता।

Continue Reading

ख़बर देश

BJP ने सभी राज्यों के प्रभारी घोषित किए, राम माधव को तमिलनाडु-उत्तराखंड, MP में बिप्लब देब प्रभारी

Published

on

BJP State Incharge List 2026, भाजपा प्रदेश प्रभारी सूची, स्मृति ईरानी छत्तीसगढ़ प्रभारी, राम माधव उत्तराखंड प्रभारी, विनोद तावड़े यूपी प्रभारी, BJP New Incharge List

नई दिल्ली: भाजपा ने बुधवार को देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए नए प्रभारी और सह-प्रभारियों की घोषणा कर दी। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की ओर से जारी सूची में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को छत्तीसगढ़ और हरियाणा, जबकि राम माधव को तमिलनाडु और उत्तराखंड की जिम्मेदारी दी गई है। पार्टी ने सुनील बंसल को पश्चिम बंगाल और तेलंगाना, हरीश द्विवेदी को बिहार और कर्नाटक तथा सतीश पूनिया को जम्मू-कश्मीर और पंजाब का प्रभारी बनाया है।

UP में विनोद तावड़े, गुजरात में तरुण चुग

उत्तर प्रदेश, पंजाब और गुजरात के प्रभारियों की नियुक्ति भाजपा पहले ही 18 अगस्त को कर चुकी थी। इसमें विनोद तावड़े को उत्तर प्रदेश, सतीश पूनिया को पंजाब और तरुण चुग को गुजरात का प्रभारी बनाया गया था। नई सूची में इन नियुक्तियों को बरकरार रखा गया है।

उत्तर प्रदेश में विनोद तावड़े के साथ चार सह-प्रभारी भी नियुक्त किए गए हैं। पार्टी अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश संगठन की तैयारियों पर फोकस कर रही है।

स्मृति ईरानी को दो राज्यों की जिम्मेदारी

Advertisement

अगस्त में घोषित भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम में स्मृति ईरानी को राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया था। अब उन्हें छत्तीसगढ़ और हरियाणा का प्रदेश प्रभारी बनाया गया है। छत्तीसगढ़ में सिद्धार्थ शंभू सह-प्रभारी होंगे। हरियाणा में स्मृति ईरानी के साथ भोला सिंह को सह-प्रभारी बनाया गया है।

महाराष्ट्र में पांडा प्रभारी, मालवीय सह-प्रभारी

महाराष्ट्र में बैजयंत जय पांडा को प्रभारी बनाया गया है। उनके साथ अमित मालवीय और कमलजीत सहरावत को सह-प्रभारी नियुक्त किया गया है। इसलिए मूल कॉपी में “महाराष्ट्र में दो प्रभारी” वाली बात को सुधारना चाहिए—अमित मालवीय सह-प्रभारी हैं।

मध्यप्रदेश की जिम्मेदारी पूर्व त्रिपुरा मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब को मिली है। राजस्थान में संजय भाटिया प्रभारी होंगे और कविता पाटीदार व कुलजीत सिंह चहल सह-प्रभारी बनाए गए हैं।

12 राज्यों-केंद्र शासित प्रदेशों में सह-प्रभारी नहीं

Advertisement

नई सूची में कई छोटे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में केवल प्रभारी नियुक्त किए गए हैं। इनमें अंडमान-निकोबार, अरुणाचल प्रदेश, चंडीगढ़, दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव, लद्दाख, लक्षद्वीप, मणिपुर, मिजोरम, नगालैंड, पुडुचेरी, सिक्किम और त्रिपुरा शामिल हैं।

6 नेताओं के पास दोहरी जिम्मेदारी

नई सूची में पांच नेताओं को दो-दो राज्यों का प्रभारी बनाया गया है—हरीश द्विवेदी (बिहार-कर्नाटक), स्मृति ईरानी (छत्तीसगढ़-हरियाणा), सतीश पूनिया (जम्मू-कश्मीर-पंजाब), राम माधव (तमिलनाडु-उत्तराखंड) और सुनील बंसल (तेलंगाना-पश्चिम बंगाल)। इसके अलावा अनिल एंटनी नगालैंड के प्रभारी और गोवा के सह-प्रभारी हैं। इस तरह कुल छह नेताओं के पास एक से अधिक राज्यों की संगठनात्मक जिम्मेदारी है।

Continue Reading

Advertisment

ख़बर उत्तर प्रदेश

अभी तक की बड़ी खबरें

WEBSITE PROPRIETOR & EDITOR DETAILS

Editor/ Director :- Somesh Singh Senger
Web News Portal: Khabritaau.com
Website : www.khabritaau.com
Company : Khabritaau News
Publication Place: Raipur (CG), Bhopal (MP) & Lucknow (UP)
Email:- khabritaau@gmail.com
Mob: +91 6264 084 601

DPR Links

Trending