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Telecom Bill 2023: फर्जी सिम खरीदी या बेची तो होगी जेल, लगेगा लाखों का जुर्माना

Telecom Bill 2023: लोकसभा में बुधवार को पास होने के बाद गुरुवार को राज्यसभा में भी टेलीकॉम बिल 2023 पास हो गया। ये बिल 138 साल पुराने भारतीय टेलीग्राफ अधिनियम को रिप्लेस करेगा। नए बिल को राष्ट्रपति की मंजूरी मिलते ही ये कानून की शक्ल ले लेगा। जिसके बाद सिम कार्ड बेचने और खरीदने पर नए नियम लागू हो गए हैं। अब अगर कोई व्यक्ति कानून का उल्लंघन करता है तो उसपर लाखों का जुर्माना और कई साल की सजा का प्रावधान है।
टेलीकॉम बिल 2023 में क्या है?
नए बिल के तहत यदि कोई व्यक्ति टेलीकॉम गैजेट्स जैसे मोबाइल, सिमकार्ड, WiFi आदि के जरिए राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करता है या इस तरह के कार्य में लिप्त पाया जाता है, तो उसे 3 साल की सजा या 2 करोड़ का फाइन भरना होगा या उसे दोनों सजा भी दी जा सकती हैं। यदि टेलीकॉम ऑपरेटर को कोई नुकसान होता है तो 50 लाख का जुर्माना भी लगाया जा सकता है। इसके साथ ही सरकारी अधिकारी और सरकार के पास ये अधिकार होगा, कि वे संबंधित व्यक्ति के कनेक्शन को टैप और जरूरत पड़ने पर हमेशा के लिए रद्द भी कर सकते हैं।
फर्जी सिम लेने पर लगेगा 50 हजार जुर्माना
नए कानून के लागू होने के बाद अगर कोई व्यक्ति फर्जी आईडी से सिमकार्ड लेता है तो उसे 3 साल की सजा और 50 हजार का जुर्माना भरना पड़ सकता है। या ये दोनों सजाएं भी उसे मिल सकती हैं। सिम कार्ड बेचने वाले दुकानदारों के लिए वेरिफिकेशन जरूरी है। इसके बिना वे अब कोई भी सिम नहीं बेच पाएंगे। साथ ही ग्राहकों का भी बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन अब मेंडेटरी है।
बिना अनुमति प्रमोशनल मैसेज भेजना अपराध
नए बिल के तहत अब आपको प्रमोशनल मैसेज भेजने से पहले कंपनियों को आपकी अनुमति लेनी होगी। यदि बिना परमिशन के आपको कॉल की जाती है तो 2 लाख रुपए जुर्माने का प्रावधान है। हालांकि जनहित के मैसेज भेजने के लिए टेलीकॉम कंपनियों को आपकी परमिशन नहीं लेनी पड़ेगी। अगर कोई व्यक्ति किसी सिम को गलत तरीके से क्लोन करता है, यानि उसी सिम को अपने नाम पर इशू करता है तो ये भी एक क्राइम में गिना जाएगा।
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दिल्ली के चांदनी चौक में निर्माणाधीन इमारत ढही, 2 की मौत; कई लोगों के फंसे होने की आशंका

दिल्ली: चांदनी चौक इलाके में गुरुवार सुबह एक तीन मंजिला निर्माणाधीन इमारत ढह गई। हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है। घटना के बाद दमकल विभाग, NDRF, दिल्ली पुलिस और नगर निगम की टीमें राहत एवं बचाव अभियान में जुट गईं।
हादसा सुबह करीब 9:50 बजे चावड़ी बाजार मेट्रो स्टेशन के पास गली सत्तारा, शीश महल इलाके में हुआ। दिल्ली फायर सर्विस को सूचना मिलने के बाद दमकल की छह यूनिट मौके पर भेजी गईं। शुरुआती कार्रवाई में दो वाटर टेंडर, एक वाटर बाउजर, क्विक रिस्पॉन्स व्हीकल और एक इंसिडेंट रिस्पॉन्स टीम को रवाना किया गया था। बाद में अतिरिक्त संसाधन भी भेजे गए।
MCD ने दो इंजीनियरों को किया सस्पेंड
हादसे के बाद नगर निगम (MCD) ने बिल्डिंग विभाग के दो अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इनमें असिस्टेंट इंजीनियर मोहम्मद नईम और जूनियर इंजीनियर अमन दलाल शामिल हैं।
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, निर्माण के लिए बिल्डिंग प्लान स्वीकृत नहीं कराया गया था। हादसे के संबंध में अधिकारियों की जिम्मेदारी और निर्माण में हुई संभावित अनियमितताओं की जांच की जा रही है।
छत का सपोर्ट सिस्टम हटाते समय गिरने की बात
MCD के एक अधिकारी के मुताबिक, इमारत में निर्माण कार्य चल रहा था, लेकिन करीब 15 दिन पहले काम रोक दिया गया था। हादसे के समय मजदूर छत के नीचे लगाए गए सपोर्ट सिस्टम को हटा रहे थे। इसी दौरान इमारत ढह गई।
अधिकारी ने यह भी बताया कि निर्माण में इस्तेमाल सामग्री और उसके सेट होने की स्थिति इंजीनियरिंग मानकों के अनुरूप नहीं थी। हालांकि, हादसे के सटीक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
प्रत्यक्षदर्शी बोले- 3-4 महीने से चल रहा था निर्माण
प्रत्यक्षदर्शी मोहम्मद नईम के मुताबिक, इमारत में पिछले तीन से चार महीने से निर्माण कार्य चल रहा था। वहां तीन-चार लिंटर डाले जा चुके थे। प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि हादसे के दौरान ये सभी एक साथ ढह गए।
उनके मुताबिक, घटना के समय निर्माण स्थल पर करीब तीन-चार लोग मौजूद थे। उन्होंने मलबे से एक शव बाहर निकाले जाते हुए भी देखा।
NDRF और पुलिस का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
हादसे की सूचना मिलने के बाद NDRF, दिल्ली पुलिस, दमकल विभाग और MCD की टीमें मौके पर पहुंचीं। मलबे में फंसे लोगों की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि बचाव अभियान के दौरान स्थिति के अनुसार अतिरिक्त संसाधन लगाए जा रहे हैं।
मलबे में दबे लोगों की संख्या को लेकर शुरुआती रिपोर्टों में अलग-अलग जानकारी सामने आई है। इसलिए फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि कुल कितने लोग लापता हैं।
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मोदी कैबिनेट: 850 फास्ट ट्रैक कोर्ट को मंजूरी, ऊर्जा भंडारण के लिए ₹14,500 करोड़

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने बुधवार, 4 नवंबर को हुई केंद्रीय कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले लिए। इनमें रेप और बच्चों के यौन शोषण से जुड़े मामलों के जल्द निपटारे के लिए 850 फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट की योजना को अगले पांच साल तक जारी रखने की मंजूरी दी गई है। इसके अलावा बिजली स्टोर करने के लिए 92 गीगावाट-घंटे (GWh) क्षमता विकसित करने के लिए ₹14,500 करोड़ की योजना को मंजूरी मिली है।
कैबिनेट ने देश के डेटा कलेक्शन सिस्टम को आधुनिक बनाने के लिए ₹4,371.10 करोड़ और क्रिटिकल मिनरल्स की प्रोसेसिंग को बढ़ावा देने के लिए ₹2,814 करोड़ की योजना भी स्वीकृत की है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी दी।
1. रेप और POCSO मामलों के लिए 850 फास्ट ट्रैक कोर्ट
कैबिनेट ने रेप और बच्चों के यौन शोषण से जुड़े मामलों की तेजी से सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट (FTSC) योजना को पांच साल के लिए जारी रखने की मंजूरी दी है। यह योजना 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक लागू रहेगी।
इस योजना पर कुल ₹3,788.04 करोड़ खर्च किए जाएंगे। इसमें केंद्र सरकार की हिस्सेदारी ₹2,353.15 करोड़ और राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों की हिस्सेदारी ₹1,434.89 करोड़ होगी। केंद्र का हिस्सा निर्भया फंड से दिया जाएगा।
योजना के तहत देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 850 फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट संचालित करने का प्रावधान है। इनमें POCSO मामलों की सुनवाई के लिए विशेष अदालतें भी शामिल होंगी।
हर कोर्ट में एक न्यायिक अधिकारी, एक विशेष लोक अभियोजक और छह सहायक कर्मचारियों की व्यवस्था होगी। इसका उद्देश्य रेप और POCSO एक्ट के लंबित मामलों का तेजी से निपटारा करना और पीड़ितों को समय पर न्याय दिलाना है।
2. बिजली स्टोर करने के लिए ₹14,500 करोड़ की योजना
कैबिनेट ने 92 GWh ग्रिड-स्केल एनर्जी स्टोरेज सिस्टम विकसित करने के लिए ₹14,500 करोड़ की वायबिलिटी गैप फंडिंग (VGF) योजना को मंजूरी दी है। यह योजना वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक लागू होगी। इस योजना का उद्देश्य बड़े स्तर पर बिजली को स्टोर करना है, ताकि जरूरत के समय उसका इस्तेमाल किया जा सके। इससे सौर और अन्य नवीकरणीय ऊर्जा का बेहतर उपयोग संभव होगा।
92 GWh की क्षमता को तीन हिस्सों में बांटा गया है:
- 30 GWh: बैटरी आधारित एनर्जी स्टोरेज सिस्टम।
- 60 GWh: पंप्ड स्टोरेज प्रोजेक्ट।
- 2 GWh: उभरती हुई ऊर्जा भंडारण तकनीकें।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि ऊर्जा भंडारण से बिजली ट्रांसमिशन लाइनों का बेहतर इस्तेमाल किया जा सकेगा।
उदाहरण के तौर पर, यदि किसी सौर ऊर्जा संयंत्र के लिए 10 मेगावाट की ट्रांसमिशन क्षमता तैयार की गई है, तो रात में सौर बिजली का उत्पादन नहीं होने के कारण इसका पूरा इस्तेमाल नहीं हो पाता। लेकिन दिन में उत्पादित बिजली को स्टोर करके रात में इस्तेमाल किया जा सकेगा। इससे मौजूदा ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर की उपयोगिता बढ़ेगी।
3. क्रिटिकल मिनरल्स की प्रोसेसिंग के लिए ₹2,814 करोड़
कैबिनेट ने महत्वपूर्ण खनिजों यानी क्रिटिकल मिनरल्स की प्रोसेसिंग को बढ़ावा देने के लिए ₹2,814 करोड़ की कैपिटल एक्सपेंडिचर सपोर्ट योजना को मंजूरी दी है। यह योजना पांच साल यानी वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक लागू होगी।
इसका उद्देश्य देश में खनिजों के प्रसंस्करण की क्षमता बढ़ाना और विनिर्माण उद्योगों को जरूरी कच्चा माल उपलब्ध कराना है।
योजना के तहत 24 चिन्हित महत्वपूर्ण खनिजों को शामिल किया गया है। इसमें खदानों से निकाले गए खनिजों के साथ-साथ रीसाइक्लिंग से प्राप्त खनिज भी शामिल होंगे।
इन खनिजों को प्रोसेस करके ऐसा कच्चा माल तैयार किया जाएगा, जिसका इस्तेमाल सेमीकंडक्टर, बैटरी, इलेक्ट्रॉनिक्स, रक्षा उपकरण और भारी मशीनरी जैसे उद्योगों में किया जा सके।
4. डेटा कलेक्शन सिस्टम के आधुनिकीकरण के लिए ₹4,371 करोड़
कैबिनेट ने देश की सांख्यिकी और डेटा संग्रह प्रणाली को आधुनिक बनाने के लिए ‘विकसित भारत इनिशिएटिव फॉर स्टैटिस्टिकल ट्रांसफॉर्मेशन, एनालिटिक्स एंड रिसर्च’ (VISTAR) योजना को मंजूरी दी है। इसके लिए ₹4,371.10 करोड़ का बजट तय किया गया है। यह योजना 2026-27 से 2030-31 तक चलेगी।
इसका उद्देश्य सरकारी आंकड़े जुटाने, उनकी जांच करने और उनका विश्लेषण करने की प्रक्रिया को बेहतर बनाना है। इससे सरकार को नीतियां बनाने के लिए अधिक भरोसेमंद आंकड़े मिल सकेंगे।
योजना के तहत सर्वेक्षण के तरीकों में सुधार, आंकड़ों की गुणवत्ता की जांच और डेटा संग्रह में होने वाली गलतियों को कम करने पर जोर दिया जाएगा। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की सांख्यिकी व्यवस्था को भी मजबूत किया जाएगा।
इसके अलावा आठवीं आर्थिक जनगणना को भी इस योजना के तहत समर्थन मिलेगा। विश्वविद्यालयों में सांख्यिकी और डेटा संग्रह से जुड़े प्रशिक्षण और पाठ्यक्रमों को बढ़ावा दिया जाएगा।
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अग्निवीरों को 2 साल का सेवा विस्तार, अब 6 साल तक कर सकेंगे देश की सेवा

नई दिल्ली: भारतीय सशस्त्र बलों में अग्निवीर के रूप में सेवा दे रहे युवाओं के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने बुधवार, 4 नवंबर को अग्निवीरों को दो साल का अतिरिक्त सेवा अवसर देने की घोषणा की। इसके बाद अग्निवीरों का कुल सेवा कार्यकाल चार साल से बढ़कर छह साल तक हो सकेगा।
नई व्यवस्था के तहत चार साल की सेवा पूरी करने वाले उन 75% अग्निवीरों को दो साल का अतिरिक्त कार्यकाल दिया जाएगा, जिन्हें पहले नियमित कैडर में शामिल नहीं किया जाता था। इस अवधि के बाद सेना में बने रहने के इच्छुक अग्निवीर निर्धारित चयन प्रक्रिया से गुजर सकेंगे। हालांकि, सेवा विस्तार का मतलब स्थायी नियुक्ति की गारंटी नहीं है।
25% अग्निवीरों को नियमित सेवा में शामिल करने का प्रावधान
अग्निपथ योजना की शुरुआत 14 जून 2022 को हुई थी। इसके तहत थल सेना, वायुसेना और नौसेना में युवाओं की भर्ती चार साल के लिए की जाती है।
योजना के मौजूदा प्रावधान के अनुसार, प्रत्येक बैच के अधिकतम 25% अग्निवीरों को चार साल की सेवा पूरी होने के बाद नियमित कैडर में शामिल किया जा सकता है। इसके लिए उनके प्रदर्शन, योग्यता और सशस्त्र बलों की जरूरतों को ध्यान में रखा जाता है।
अब शेष 75% अग्निवीरों को भी दो साल तक सेवा जारी रखने का अवसर मिलेगा। इस तरह उन्हें सेना में छह साल तक काम करने का मौका मिल सकेगा। अतिरिक्त अवधि पूरी होने के बाद नियमित सेवा में शामिल होने के लिए निर्धारित चयन प्रक्रिया लागू होगी।
दिसंबर तक 18,300 अग्निवीरों का कार्यकाल होना था पूरा
अग्निपथ योजना के पहले बैच में तीनों सेनाओं में करीब 24,400 अग्निवीर भर्ती हुए थे। इनमें से लगभग 18,300 अग्निवीरों का चार साल का कार्यकाल 31 दिसंबर 2026 तक पूरा होने वाला था। यह पहले बैच का करीब 75% हिस्सा है।
पहले की व्यवस्था के मुताबिक, नवंबर के मध्य से इन अग्निवीरों को चरणबद्ध तरीके से सेवा से मुक्त किया जाना था। नई व्यवस्था से उन्हें दो साल का अतिरिक्त सेवा अवसर मिलेगा।
तीनों सेनाओं में करीब 3.18 लाख अग्निवीर
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, वर्तमान में तीनों सेनाओं में करीब 3.18 लाख अग्निवीर सेवा दे रहे हैं। इनमें थल सेना, वायुसेना और नौसेना के अग्निवीर शामिल हैं।
सरकार का यह फैसला ऐसे समय आया है, जब अग्निपथ योजना के पहले बैच की चार साल की सेवा अवधि पूरी होने वाली है। नई व्यवस्था से प्रशिक्षित और अनुभवी युवाओं को सशस्त्र बलों में कुछ और समय तक सेवा देने का अवसर मिलेगा।
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आंध्र प्रदेश में चक्रवात मुरासु से भारी तबाही, 2 की मौत; 52 हजार हेक्टेयर फसल प्रभावित

चक्रवात मुरासु: देश के तीन राज्यों में मौसम के अलग-अलग तेवर देखने को मिल रहे हैं। आंध्र प्रदेश में चक्रवाती तूफान मुरासु ने भारी नुकसान पहुंचाया है। तूफान के कारण दो लोगों की मौत हो गई, जबकि 52 हजार हेक्टेयर से ज्यादा क्षेत्र में फसलें प्रभावित हुई हैं। 12,230 लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया गया है। शुरुआती आकलन में राज्य को करीब 344 करोड़ रुपये के नुकसान की बात सामने आई है।
उत्तर प्रदेश में मौसम बदलने लगा है। तापमान में गिरावट के साथ कई जिलों में सुबह कोहरा छाया रहा। वहीं, दिल्ली में बुधवार सुबह वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच गया। राजधानी का AQI 605 दर्ज किया गया।
आंध्र प्रदेश में चक्रवात का कहर, 35 से ज्यादा ट्रेनें रद्द
आंध्र प्रदेश में चक्रवाती तूफान मुरासु के प्रभाव से भारी नुकसान हुआ है। तूफान के कारण दो लोगों की मौत हुई है और 52 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में फसलें प्रभावित हुई हैं।
प्रभावित इलाकों से 12,230 लोगों को सुरक्षित निकालकर राहत शिविरों में पहुंचाया गया है। शुरुआती आकलन के मुताबिक, राज्य को करीब 344 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
तूफान के कारण रेल यातायात भी प्रभावित हुआ है। 35 से ज्यादा ट्रेनें रद्द करनी पड़ी हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, बुधवार को भी आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में भारी बारिश हो सकती है।
यूपी में ठंड की दस्तक, 10 से ज्यादा जिलों में कोहरा
उत्तर प्रदेश में तापमान में गिरावट के साथ ठंड का असर बढ़ने लगा है। बीते 24 घंटों में तापमान में करीब 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की गई। बुधवार सुबह लखनऊ, वाराणसी, मुरादाबाद, बिजनौर और हापुड़ समेत 10 से अधिक जिलों में कोहरा छाया रहा। मौसम के इस बदलाव से सुबह के समय दृश्यता प्रभावित हुई। अगले 48 घंटों में पूर्वांचल के कुछ जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है।
दिल्ली में प्रदूषण खतरनाक स्तर पर, AQI 605 दर्ज
दिल्ली में बुधवार सुबह वायु प्रदूषण का स्तर बेहद खराब रहा। सुबह 7:41 बजे राजधानी का कुल एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 605 दर्ज किया गया। इंडिया गेट के आसपास AQI 414 रिकॉर्ड किया गया। इसे भी गंभीर श्रेणी में रखा गया है। प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी परेशानी से जूझ रहे लोगों को बाहर निकलते समय सावधानी बरतनी चाहिए।
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राजस्थान में रेलवे ट्रैक पर धमाका, पटरी के नीचे के सीमेंट ब्लॉक टूटे; 6 ट्रेनें रद्द

श्रीगंगानगर: राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में अनूपगढ़-सूरतगढ़ रेलवे ट्रैक पर मंगलवार रात धमाका हो गया। रात करीब 9:45 बजे हुए ब्लास्ट से पटरी के नीचे लगे सीमेंट के दो ब्लॉक पूरी तरह टूट गए। पटरियों के बीच करीब दो फीट गहरा गड्ढा बन गया। धमाके की आवाज करीब 200 मीटर दूर तक सुनाई दी।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और रेलवे के अधिकारी मौके पर पहुंचे। बाद में इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB), क्राइम इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID) और एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) की टीमें भी जांच के लिए पहुंचीं। एहतियात के तौर पर इस रेलखंड पर बुधवार सुबह 9 बजे तक ट्रैफिक बंद किया गया। इस रूट की छह ट्रेनें रद्द कर दी गईं।
धमाके से 45 मिनट पहले गुजरी थी पैसेंजर ट्रेन
रामसिंहपुर के सीआई राम प्रताप के मुताबिक, मंगलवार रात करीब 8:30 बजे अनूपगढ़ जंक्शन से सूरतगढ़ की ओर पैसेंजर ट्रेन रवाना हुई थी। यह ट्रेन रात करीब 9 बजे 50 जीबी गांव के पास से गुजरी। इसके लगभग 45 मिनट बाद रात 9:45 बजे रेलवे ट्रैक पर धमाके की आवाज सुनाई दी।
आवाज सुनकर करीब 200 मीटर दूर स्थित ढाणी में रहने वाले ग्रामीण रेलवे लाइन की ओर पहुंचे। उन्होंने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद रात करीब 11 बजे पुलिस और अन्य अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे।
IB, CID और ATS ने संभाली जांच
घटना की गंभीरता को देखते हुए रात करीब 2 बजे IB और CID की टीमें मौके पर पहुंचीं। इसके लगभग 15 मिनट बाद ATS के एडिशनल एसपी सुरेंद्र कुमार भी घटनास्थल पर पहुंचे।
श्रीगंगानगर के एसपी हरिशंकर के अनुसार, रेलवे ट्रैक को हुए नुकसान की प्रकृति और इसके पीछे की वजह की जांच की जा रही है। फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) और बम निरोधक दस्ते की मदद से मौके से सैंपल जुटाए जा रहे हैं। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि विस्फोट में किस सामग्री का इस्तेमाल हुआ था और इसके पीछे किसका हाथ है।
रेलवे ट्रैक पर यातायात रोका, ट्रेनों पर असर
सुरक्षा और जांच के लिए अनूपगढ़-सूरतगढ़ रेलखंड पर बुधवार सुबह 9 बजे तक यातायात बंद रखा गया। शुरुआती स्थानीय रिपोर्टों में इस रूट की छह ट्रेनें रद्द होने की जानकारी दी गई थी। हालांकि, रेलवे से जुड़ी बाद की रिपोर्टों में दो पैसेंजर ट्रेन सेवाओं को रद्द किए जाने की पुष्टि की गई है। यात्रियों को यात्रा से पहले रेलवे की ताजा सूचना जांचने की सलाह दी गई है।
हाल में बरामद RDX से संबंध की पुष्टि नहीं
श्रीगंगानगर सीमावर्ती जिला है। हाल ही में जिले के रावला मंडी क्षेत्र से 7.5 किलो RDX सहित हथियार और अन्य संदिग्ध सामग्री बरामद किए जाने की खबर सामने आई थी। इस वजह से रेलवे ट्रैक पर हुए धमाके को लेकर सुरक्षा एजेंसियां सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं। हालांकि, एसपी हरिशंकर ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल रेलवे ट्रैक की घटना और पहले बरामद RDX के बीच कोई संबंध सामने नहीं आया है। जांच पूरी होने के बाद ही धमाके की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।
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