ख़बर छत्तीसगढ़
राज्य सरकार ने स्थानांतरण नीति वर्ष 2022 जारी की, जाने जिला और राज्य स्तर पर कब तक हो सकेंगे ट्रांसफर

Chhattisgarh Transfer Policy Year 2022: राज्य सरकार द्वारा स्थानांतरण नीति वर्ष 2022 जारी कर दी है। इस आशय का आदेश शुक्रवार 12 अगस्त को मंत्रालय महानदी भवन स्थित सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी कर दिया गया है। जारी स्थानांतरण नीति के अनुसार 16 अगस्त, 2022 से 10 सितंबर 2022 तक जिला स्तर के तृतीय श्रेणी तथा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के स्थानांतरण जिले के माननीय प्रभारी मंत्रीजी के अनुमोदन से कलेक्टर द्वारा किए जा सकेंगे। इसके अलावा प्रभारी मंत्री के अनुमोदन उपरान्त स्थानांतरण आदेश तदानुसार प्रसारित होंगे।
- कलेक्टर यह सुनिश्चित करेंगे कि स्थानांतरण किये जाने वाला पद जिला संवर्ग का है तथा स्थानांतरण करने का अधिकार जिला स्तर पर है। स्थानांतरण प्रस्ताव, संबंधित विभाग के जिला स्तरीय अधिकारी द्वारा विस्तृत परीक्षण उपरान्त तैयार किया जाकर कलेक्टर के माध्यम से प्रभारी मंत्री को प्रस्तुत किये जाएंगे और प्रभारी मंत्री के अनुमोदन उपरान्त जिले के कलेक्टर द्वारा आदेश प्रसारित किये जाएंगे।
- तृतीय श्रेणी के कर्मचारियों के मामलों में उनके संवर्ग में कार्यरत कर्मचारियों की कुल संख्या के अधिकतम 10 प्रतिशत एवं चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के मामलों में अधिकतम 10 प्रतिशत तक स्थानांतरण किए जा सकेंगे। स्थानांतरण के समय ध्यान रखा जाए कि यदि अनुसूचित क्षेत्रों के शासकीय सेवक का गैर-अनुसूचित क्षेत्र में स्थानांतरण करने के प्रस्ताब है तो उसके एवजीदार का भी प्रस्ताव (जो गैर-अनुसूचित क्षेत्र से हो) अनिवार्यतः रखा जाए। आशय यह है कि ग्रामीण क्षेत्र में जितने प्रतिशत पद रिक्त है, शहरी क्षेत्रों में लगभग उसी के अनुरूप पद रिक्त रह सकें। ऐसी स्थिति निर्मित न हो कि शहरी क्षेत्रों में लगभग सभी पद भरें हो तथा ग्रामीण क्षेत्रों में काफी रिक्तियां बनी रहें।
- नीति में स्पष्ट है कि जिन पदों एवं स्थानों पर अधिकारी/कर्मचारी का आधिक्य है, ऐसे स्थानों से स्थानांतरण न्यूनता वाले स्थान हेतु हो। किसी भी परिस्थिति में न्यूनता वाले स्थान से आधिक्य वाले स्थान में स्थानांतरण नहीं किया जाएगा, ताकि संतुलन बना रहे एवं कमी वाले क्षेत्रों में पदों की पूर्ति हो सके। ऐसे शासकीय सेवक जो एक ही स्थान पर दिनांक 15 अगस्त, 2021 अथवा उससे पूर्व से कार्यरत हों, केवल उन्ही के स्थानांतरण किए जाएंगे।
- दिव्यांग शासकीय सेवकों की पदस्थापना यथासंभव आवागमन की दृष्टि से सुविधाजनक स्थान पर की जाए। जिला स्तर पर स्थानांतरण आदेशों का क्रियान्वयन 15 दिवस के भीतर तक सुनिश्चित किया जाएगा तथा स्थानांतरण पश्चात् नवीन पदस्थापना स्थान पर निर्धारित अवधि 15 दिन में कार्यभार ग्रहण नहीं करने पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाए। स्थानांतरण संबंधी उपरोक्त निर्देशों का पालन कराना कलेक्टर का दायित्व होगा।
राज्य स्तर पर स्थानांतरण
- राज्य स्तर पर स्थानांतरण दिनांक 10 सितंबर 2022 से 30 सितंबर 2022 तक विभाग द्वारा स्थानांतरण किए जा सकेंगे। इस हेतु विभाग द्वारा स्थानांतरण प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। प्रत्येक श्रेणी के स्थानांतरण विभाग के मंत्री के अनुमोदन से ही किए जा सकेंगे। राज्य स्तर पर स्थानांतरण प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी के अधिकारियों के मामलों में उनके संवर्ग में कार्यरत् अधिकारियों की कुल संख्या के अधिकतम 15-15 प्रतिशत तथा तृतीय श्रेणी एवं चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के मामलों में उनके संवर्ग में कार्यरत् अधिकारियों की कुल संख्या के अधिकतम 10-10 प्रतिशत तक स्थानांतरण किए जा सकेंगे।
- विभागीय मंत्री से अनुमोदन प्राप्त करने हेतु स्थानांतरण प्रस्ताव सीधे विभागाध्यक्ष से मंत्री को प्रस्तुत नहीं किये जायेंगे। प्रस्ताव, नस्ती आवश्यक रूप से छत्तीसगढ़ कार्यपालक शासन के कार्य नियम तथा उन नियमों के अधीन जारी किये गये निर्देश तथा अनुदेश अर्थात् प्रशासकीय विभाग की सचिवालयीन प्रक्रिया अनुसार अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव, विशेष सचिव (स्वतंत्र प्रभार) के माध्यम से ही माननीय विभागीय मंत्री को अनुमोदन हेतु प्रस्तुत किये जाएंगे और अनुमोदन उपरान्त आदेश तदनुसार विभाग द्वारा प्रसारित किये जाएंगे।
- विभागों का यह दायित्व होगा कि यदि अनुसूचित क्षेत्रों के शासकीय सेवक का गैर-अनुसूचित क्षेत्र में स्थानांतरण करने के प्रस्ताव है, तो उसके एवजीदार का भी प्रस्ताव (जो गैर-अनुसूचित क्षेत्र से हो) अनिवार्यतः रखा जाए। शहरी क्षेत्र एवं ग्रामीण क्षेत्रों में रिक्तियों का जो असंतुलन है, उसे संतुलित करने का विशेष ध्यान रखा जाए। आशय यह है कि ग्रामीण क्षेत्र में जितने प्रतिशत पद रिक्त है, शहरी क्षेत्रों में लगभग उसी के अनुरूप पद रिक्त रह सकें। ऐसी स्थिति निर्मित न हो कि शहरी क्षेत्रों में लगभग सभी पद भरें हो तथा ग्रामीण क्षेत्रों में काफी रिक्तियां बनी रहे।
- जिन पदों एवं स्थानों पर अधिकारी, कर्मचारी का आधिक्य है, से स्थानों से स्थानांतरण न्यूनता वाले स्थान हेतु हो। किसी भी परिस्थिति में न्यूनता वाले स्थान से आधिक्य वाले स्थान में स्थानांतरण नहीं किया जाएगा, ताकि संतुलन बना रहे एवं कमी वाले क्षेत्रों में पदों की पूर्ति हो सके। 26 अनुसूचित क्षेत्र के शासकीय सेवक का गैर अनुसूचित क्षेत्र में स्थानांतरण होने पर उसके स्थान पर एवजीदार के आने के उपरांत ही उसे कार्यमुक्त किया जाए। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि अनुसूचित क्षेत्र के रिक्त पद भरे जाएं। छत्तीसगढ़ राज्य के बस्तर एवं सरगुजा संभाग में शासकीय योजनाओं के सुचारू रूप से क्रियान्वयन हेतु विभिन्न विभागों में रिक्त पदों की पूर्ति सर्वाेच्च प्राथमिकता के आधार पर की जाए।
- दिव्यांग शासकीय सेवकों की पदस्थापना यथासंभव आवागमन की दृष्टि से सुविधाजनक स्थान पर की जाए। सामान्यतः स्थानांतरण द्वारा रिक्त होने वाले पद की पूर्ति उसी पद के समकक्ष अधिकारी की पदस्थापना से की जाए। वरिष्ठ अधिकारी का स्थानांतरण कर उस पद का प्रभार कनिष्ठ अधिकारी अथवा अन्य विभाग के अधिकारी को न दिया जाए। जिन कर्मचारियों की नियुक्ति विशेष कनिष्ठ कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा स्थानीय निवासी होने के आधार पर जिला विशेष में किये गये हैं, उनका स्थानांतरण उस जिले के बाहर नहीं किया जायेगा। किन्तु अधिसूचित जिलों में परस्पर (आपसी) स्थानांतरण किये जा सकेंगे।
- विभागीय सचिव यह सुनिश्चित करेंगे कि स्थानांतरण आदेश पूर्व परीक्षण आधारित हो और उनका क्रियान्वयन 15 दिवस के भीतर किया जाएगा तथा स्थानांतरण आदेश निरस्त नही किये जाएंगे स्थानांतरण पश्चात् नवीन पदस्थापना स्थान पर निर्धारित अवधि में कार्यभार ग्रहण नहीं करने पर संबंधित अधिकारी, कर्मचारियों के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाए।
स्कूल शिक्षा विभाग के लिए विशेष उपबंध
- नीति के मुताबिक ऐसे स्थानांतरण नहीं किए जायेंगे जिनके फलस्वरूप कोई स्कूल शिक्षक विहीन या एकल शिक्षकीय हो जाए। ऐसे स्थानांतरण नहीं किये जाएंगे जिनके फलस्वरूप किसी स्कूल में किसी विषय को पढ़ाने वाले शिक्षकों की संख्या शून्य हो जाये। ऐसे स्थानांतरण नहीं किये जाएंगे जिनके फलस्वरूप किसी स्कूल में छात्र-शिक्षक अनुपात 40 से अधिक या 20 से कम हो जाये।
- अनुसूचित क्षेत्रों से कोई भी स्थानांतरण एक्जीदार की पदस्थापना किए बिना नहीं किया जायेगा। स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी-हिन्दी माध्यम स्कूल एवं कार्यालयों में प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ किसी भी कर्मचारी का स्थानांतरण बिना प्रतिनियुक्ति समाप्त किये नहीं किये जायेंगे। स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत कार्यरत प्रथम श्रेणी, द्वितीय श्रेणी, तृतीय श्रेणी एवं चतुर्थ श्रेणी अधिकारियों-कर्मचारियों के मामलों में उनके संवर्ग में कार्यरत् कर्मचारियों की कुल संख्या के अधिकतम 5 प्रतिशत तक स्थानांतरण किये जा सकेंगे।
- ई-संवर्ग से टी संवर्ग एवं टी संवर्ग से ई संवर्ग में स्थानांतरण नहीं किये जायेंगे, अर्थात अपने-अपने संवर्ग में ही स्थानांतरण किये जा सकेंगे। ई-संवर्ग से टी संवर्ग एवं टी-संवर्ग से ई संवर्ग में किये स्थानांतरण शून्य माना जायेगा, अर्थात् उक्त स्थानांतरण प्रभावशील नहीं होंगे।
- सहायक शिक्षक, शिक्षक, व्याख्याता एवं प्राचार्य संवर्ग के स्थानांतरण के संबंध में शाला विशेष में शैक्षणिक व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए स्थानांतरण किया जाएगा। शैक्षणिक व्यवस्था से यहां आशय शाला में कक्षावार विद्यार्थियों की संख्या, विषयवार शिक्षकों की स्वीकृत पदों की संख्या तथा उसके विषयवार कार्यरत शिक्षकों की संख्या से है। किसी भी स्थिति में ग्रामीण क्षेत्रों से नगरीय क्षेत्रों की शालाओं में स्थानांतरण को प्रोत्साहन नहीं दिया जाएगा।
ख़बर छत्तीसगढ़
Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में LPG बुकिंग संख्या में आई कमी, 1.30 लाख से घटकर फिर पुराने स्तर पर पहुंची मांग

Raipur: पश्चिम एशिया संकट के प्रभाव के चलते प्रदेश में 6 मार्च से 16 मार्च के दौरान दैनिक एलपीजी बुकिंग में आई असामान्य वृद्धि अब धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। सामान्यतः प्रदेश में एक दिन में औसत 74 हजार एलपीजी की बुकिंग दर्ज होती थी, जो कि 6 मार्च के बाद अचानक बढ़कर 1.30 लाख तक पहुंच गई थी। किन्तु राज्य शासन तथा ऑयल कंपनियों की सतत् मॉनिटरिंग और एलपीजी आपूर्ति में वृद्धि के कारण दैनिक एलपीजी बुकिंग में पिछले दो सप्ताह में लगातार कमी देखी गई है।
खाद्य सचिव रीना बाबासाहेब कंगाले ने जानकारी दी कि राज्य शासन द्वारा खाद्य विभाग एवं ऑयल कंपनियों के अधिकारियों की राज्य स्तरीय समिति का गठन किया गया है, जिसके द्वारा दैनिक बुकिंग, जिलों को प्रदाय एलपीजी रिफिल सिलेंडर, वितरित सिलेंडर, पेंडिंग बुकिंग संख्या और जिलों में उपलब्ध एलपीजी रिफिल सिलेंडर के स्टॉक की प्रतिदिन समीक्षा की जा रही है।
खाद्य सचिव ने कहा कि पेंडिंग बुकिंग को क्लीयर करने हेतु जिलों को मांग के अनुरूप एलपीजी सिलेंडर प्रदाय किया जा रहा है। साथ ही घरेलू एलपीजी के दुरुपयोग को रोकने हेतु संदिग्ध स्थानों की जांच कर प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। अब तक कुल 97 छापों में 3,847 सिलेंडर जप्त किए गए हैं तथा 9 व्यक्तियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई गई है।
राज्य शासन के इन प्रयासों के परिणामस्वरूप 16 मार्च की लंबित बुकिंग संख्या की तुलना में 31 मार्च तक लंबित बुकिंग संख्या में 1.08 लाख की कमी आई है, जिससे घरेलू एलपीजी आपूर्ति की व्यवस्था धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। राज्य में एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है तथा आम उपभोक्ताओं को एलपीजी प्राप्ति में कोई समस्या न हो, इसके लिए सभी आवश्यक प्रबंध राज्य शासन द्वारा किए गए हैं।
राज्य शासन द्वारा कमर्शियल गैस की आपूर्ति भी 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 40 प्रतिशत कर दी गई है, ताकि सभी आवश्यक सेवाओं के साथ-साथ होटल, रेस्टोरेंट, सामुदायिक कैंटीन और कमर्शियल गैस उपभोक्ताओं को बेहतर आपूर्ति सुनिश्चित हो सके। साथ ही आवश्यक एवं महत्वपूर्ण उद्योगों को भी 20 प्रतिशत कमर्शियल गैस प्रदाय किया जा रहा है।
प्रदेश में पेट्रोल एवं डीजल का भी पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है तथा सभी जिलों के कुल 2465 पेट्रोल/डीजल पंपों में समुचित स्टॉक उपलब्ध है। ऑयल डिपो से नियमित रूप से पेट्रोल एवं डीजल का प्रदाय किया जा रहा है।
ख़बर छत्तीसगढ़
Raipur: छत्तीसगढ़ में 370 नई एम्बुलेंस की शुरुआत, 15 मिनट में शहर, 30 मिनट में गांव पहुंचेगी 108 सेवा

Raipur: छत्तीसगढ़ में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री साय ने मंगलवार को 370 नई एम्बुलेंस को हरी झंडी दिखाकर प्रदेश के सभी जिलों के लिए रवाना किया। इनमें 300 बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS) और 70 एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट (ALS) एम्बुलेंस शामिल हैं।
15 मिनट शहर, 30 मिनट गांव में पहुंचेगी सेवा
सरकार ने लक्ष्य तय किया है कि 108 एंबुलेंस सर्विस के जरिए शहरी क्षेत्रों में 15 मिनट और ग्रामीण क्षेत्रों में 30 मिनट के भीतर एम्बुलेंस उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे मरीजों को समय पर इलाज मिल सके।
नवजातों के लिए ‘चलते-फिरते ICU’ की शुरुआत
इस पहल के तहत पहली बार प्रदेश में 5 नियोनेटल ALS एम्बुलेंस शुरू की गई हैं। ये एम्बुलेंस नवजात शिशुओं के लिए ICU जैसी सुविधाओं से लैस हैं, जिनमें इन्क्यूबेटर, वेंटिलेटर, डिफिब्रिलेटर, ऑक्सीजन सपोर्ट और 41 तरह की आपातकालीन दवाएं उपलब्ध हैं।
स्वास्थ्य मंत्री बोले- ऐतिहासिक दिन
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इसे राज्य के लिए ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि इससे लाखों लोगों को त्वरित चिकित्सा सुविधा मिलेगी। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ देश का दूसरा राज्य बन गया है, जहां नियोनेटल एम्बुलेंस सेवा शुरू हुई है।
ग्राउंड पर ही मिलेगा प्राथमिक और उन्नत इलाज
नई BLS और ALS एम्बुलेंस में बीपी मॉनिटर, पल्स ऑक्सीमीटर, ईसीजी, ग्लूकोमीटर जैसी जांच सुविधाएं उपलब्ध हैं। गंभीर मरीजों के लिए पोर्टेबल वेंटिलेटर, सिरिंज पंप और अन्य आधुनिक उपकरण भी लगाए गए हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा बदलाव
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दो वर्षों में स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े सुधार हुए हैं। उप-स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के उन्नयन से अब लोगों को छोटे इलाज के लिए दूर शहर नहीं जाना पड़ रहा।
ख़बर छत्तीसगढ़
Raipur: प्रॉपर्टी टैक्स जमा करने की डेडलाइन बढ़ी, अब 30 अप्रैल तक बिना सरचार्ज भर सकेंगे टैक्स

Raipur:प्रॉपर्टी टैक्स जमा करने वाले नागरिकों को बड़ी राहत मिली है। नगरीय प्रशासन-विकास विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए संपत्ति कर भुगतान की अंतिम तारीख बढ़ाकर अब 30 अप्रैल 2026 कर दी है। पहले यह डेडलाइन 31 मार्च तय थी।
30 दिन का अतिरिक्त समय दिया गया
विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार सभी नगरीय निकायों को 30 दिनों का अतिरिक्त समय दिया गया है। राजस्व वसूली लक्ष्य पूरा न होने और अन्य प्रशासनिक कारणों को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
30 अप्रैल तक नहीं लगेगा कोई अतिरिक्त शुल्क
अब करदाता 30 अप्रैल तक बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के अपना प्रॉपर्टी टैक्स जमा कर सकेंगे। इसके बाद भुगतान करने पर 17% सरचार्ज देना अनिवार्य होगा।
एक दिन में 9.58 करोड़ की वसूली
डेडलाइन से पहले टैक्स जमा करने के लिए शहर में भारी भीड़ देखने को मिली। 30 मार्च को सुबह 10 बजे से रात 9 बजे तक 8,768 करदाताओं ने कुल 9 करोड़ 58 लाख 61 हजार 442 रुपए जमा किए। नगर निगम के सभी 10 जोनों के राजस्व कार्यालयों में दिनभर लंबी कतारें लगी रहीं।
बकायादारों पर सख्ती जारी
नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि बकाया टैक्स नहीं चुकाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। इसके तहत दुकानों और व्यवसायिक परिसरों को सील किया जा रहा है, जबकि घरों में नल कनेक्शन काटने की कार्रवाई भी लगातार चल रही है।
छुट्टी के दिन भी खुले रहेंगे दफ्तर
31 मार्च यानी आज महावीर जयंती के सरकारी अवकाश के बावजूद नगर निगम के सभी जोनों के राजस्व कार्यालय खुले रहेंगे, ताकि लोग अंतिम समय में भी अपना टैक्स जमा कर सकें।
ख़बर छत्तीसगढ़
Khelo India Tribal Games 2026: खेल के साथ पर्यटन का संगम, छत्तीसगढ़ की मेहमाननवाज़ी ने जीता दिल

Khelo India Tribal Games 2026: छत्तीसगढ़ में आयोजित ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026’ केवल खेल तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह आयोजन राज्य के पर्यटन और सांस्कृतिक वैभव का भी शानदार प्रदर्शन बन गया है। देशभर से आए खिलाड़ी यहां खेल के साथ-साथ छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक और प्राकृतिक खूबसूरती का अनुभव भी कर रहे हैं। अंडमान-निकोबार से आए खिलाड़ियों को Sirpur और बारनवापारा अभयारण्य (Barnawapara Wildlife Sanctuary) का भ्रमण कराया गया, जिसने उनके अनुभव को और खास बना दिया।
सिरपुर की ऐतिहासिक विरासत ने किया प्रभावित
छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल द्वारा कराए गए दौरे में खिलाड़ियों ने सिरपुर के प्राचीन मंदिरों, बौद्ध विहारों और पुरातात्विक स्थलों को करीब से देखा। इस ऐतिहासिक नगरी की समृद्ध विरासत और संस्कृति ने खिलाड़ियों को काफी प्रभावित किया।बारनवापारा अभयारण्य की हरियाली, घने जंगल और शांत वातावरण ने खिलाड़ियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। यहां स्थित हरेली इको रिसॉर्ट में खिलाड़ियों ने स्थानीय व्यंजनों का भी आनंद लिया।
बांबू राफ्टिंग बना खास आकर्षण
खिलाड़ियों के लिए सबसे रोमांचक अनुभव रहा बांबू राफ्टिंग, जिसमें उन्होंने उत्साह के साथ भाग लिया। प्राकृतिक जलधाराओं के बीच यह गतिविधि न केवल मनोरंजक रही, बल्कि टीम भावना को भी मजबूत करने वाली साबित हुई।
मेहमाननवाजी ने जीता दिल
छत्तीसगढ़ की आत्मीयता और मेहमाननवाज़ी ने खिलाड़ियों को खासा प्रभावित किया। अंडमान-निकोबार के खिलाड़ियों ने राज्य सरकार और पर्यटन मंडल का आभार जताते हुए इसे अपने जीवन का यादगार अनुभव बताया।
राज्य की सकारात्मक छवि को मिला बढ़ावा
‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स’ के जरिए छत्तीसगढ़ न केवल खेल प्रतिभाओं को मंच दे रहा है, बल्कि अपनी सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन स्थलों को भी राष्ट्रीय पहचान दिला रहा है। यह आयोजन राज्य की बहुआयामी छवि को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम साबित हो रहा है।
ख़बर छत्तीसगढ़
Raipur: पश्चिम एशिया तनाव पर छत्तीसगढ़ अलर्ट, CM साय की हाई लेवल बैठक, कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश

Raipur: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच छत्तीसगढ़ सरकार अलर्ट मोड में आ गई है। मुख्यमंत्री साय ने रायपुर स्थित निवास कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी संभागायुक्तों, आईजी, कलेक्टरों और एसपी के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में पेट्रोल, डीजल, एलपीजी गैस, उर्वरक और अन्य आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता और सप्लाई सिस्टम की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य में किसी भी जरूरी वस्तु की कमी नहीं है और नागरिक अफवाहों से दूर रहें।
मोदी सरकार के आश्वासन का जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने भी राज्यों के साथ चर्चा कर भरोसा दिलाया है कि देश में जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति सुचारू बनी हुई है। उन्होंने कहा कि वर्तमान स्थिति कोविड जैसी नहीं है, लेकिन सतर्कता जरूरी है।
कालाबाजारी और जमाखोरी पर सख्ती
CM साय ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पेट्रोल, गैस और अन्य जरूरी वस्तुओं की कालाबाजारी या जमाखोरी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसियों की नियमित मॉनिटरिंग करने के भी निर्देश दिए गए।
कंट्रोल रूम नंबर जारी
राज्य स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। आम नागरिक गैस सप्लाई या कालाबाजारी से जुड़ी शिकायत के लिए 1800-233-3663 पर कॉल कर सकते हैं। मुख्य सचिव विकास शील ने बताया कि इस नंबर का व्यापक प्रचार किया जाएगा ताकि लोगों तक सही जानकारी समय पर पहुंच सके।
तेल कंपनियों ने दी राहत की जानकारी
बैठक में एचपीसीएल, बीपीसीएल और आईओसीएल के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि प्रदेश में गैस एवं पेट्रोलियम पदार्थों की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति नियमित रूप से जारी है। गैस सिलेंडरों की ऑनलाइन बुकिंग सामान्य रूप से संचालित है।
उर्वरक की भी पर्याप्त उपलब्धता
अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में खाद की भी कोई कमी नहीं है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि उर्वरकों की जमाखोरी पर रोक लगाई जाए और सभी किसानों को जरूरत के अनुसार समान वितरण सुनिश्चित किया जाए।
महत्वपूर्ण संस्थानों को प्राथमिकता
सरकार ने अस्पताल, छात्रावास, शैक्षणिक संस्थान, रेलवे, सैन्य और अर्द्धसैनिक कैंप सहित जरूरी सेवाओं में गैस सप्लाई निर्बाध रखने के निर्देश दिए हैं।
राज्यभर में कार्रवाई जारी
सरकार की सख्ती का असर भी दिख रहा है। अब तक 335 स्थानों पर छापेमारी की गई है। 3841 गैस सिलेंडर जब्त किए गए हैं और 97 एफआईआर दर्ज की गई हैं। मुख्यमंत्री ने सीमावर्ती चेकपोस्ट पर भी सख्ती बढ़ाने और पेट्रोल-डीजल की अवैध बिक्री रोकने के निर्देश दिए हैं।
ख़बर मध्यप्रदेश22 hours agoMP News: एमपी हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, दूसरे राज्य का OBC सर्टिफिकेट मान्य नहीं, शादी से नहीं मिलेगा आरक्षण
ख़बर छत्तीसगढ़15 hours agoChhattisgarh: छत्तीसगढ़ में LPG बुकिंग संख्या में आई कमी, 1.30 लाख से घटकर फिर पुराने स्तर पर पहुंची मांग
ख़बर देश12 hours agoJalna accident: जालना एक्सप्रेसवे हादसा, तेज रफ्तार ट्रक ने टेम्पो को मारी टक्कर, 8 महिला मजदूरों की मौत





















