Connect with us

ख़बर छत्तीसगढ़

राज्य सरकार ने स्थानांतरण नीति वर्ष 2022 जारी की, जाने जिला और राज्य स्तर पर कब तक हो सकेंगे ट्रांसफर

Published

on

Chhattisgarh old pension scheme

Chhattisgarh Transfer Policy Year 2022: राज्य सरकार द्वारा स्थानांतरण नीति वर्ष 2022 जारी कर दी है। इस आशय का आदेश शुक्रवार 12 अगस्त को मंत्रालय महानदी भवन स्थित सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी कर दिया गया है। जारी स्थानांतरण नीति के अनुसार 16 अगस्त, 2022 से 10 सितंबर 2022 तक जिला स्तर के तृतीय श्रेणी तथा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के स्थानांतरण जिले के माननीय प्रभारी मंत्रीजी के अनुमोदन से कलेक्टर द्वारा किए जा सकेंगे। इसके अलावा प्रभारी मंत्री के अनुमोदन उपरान्त स्थानांतरण आदेश तदानुसार प्रसारित होंगे।

  • कलेक्टर यह सुनिश्चित करेंगे कि स्थानांतरण किये जाने वाला पद जिला संवर्ग का है तथा स्थानांतरण करने का अधिकार जिला स्तर पर है। स्थानांतरण प्रस्ताव, संबंधित विभाग के जिला स्तरीय अधिकारी द्वारा विस्तृत परीक्षण उपरान्त तैयार किया जाकर कलेक्टर के माध्यम से प्रभारी मंत्री को प्रस्तुत किये जाएंगे और प्रभारी मंत्री के अनुमोदन उपरान्त जिले के कलेक्टर द्वारा आदेश प्रसारित किये जाएंगे।
  • तृतीय श्रेणी के कर्मचारियों के मामलों में उनके संवर्ग में कार्यरत कर्मचारियों की कुल संख्या के अधिकतम 10 प्रतिशत एवं चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के मामलों में अधिकतम 10 प्रतिशत तक स्थानांतरण किए जा सकेंगे। स्थानांतरण के समय ध्यान रखा जाए कि यदि अनुसूचित क्षेत्रों के शासकीय सेवक का गैर-अनुसूचित क्षेत्र में स्थानांतरण करने के प्रस्ताब है तो उसके एवजीदार का भी प्रस्ताव (जो गैर-अनुसूचित क्षेत्र से हो) अनिवार्यतः रखा जाए। आशय यह है कि ग्रामीण क्षेत्र में जितने प्रतिशत पद रिक्त है, शहरी क्षेत्रों में लगभग उसी के अनुरूप पद रिक्त रह सकें। ऐसी स्थिति निर्मित न हो कि शहरी क्षेत्रों में लगभग सभी पद भरें हो तथा ग्रामीण क्षेत्रों में काफी रिक्तियां बनी रहें।
  • नीति में स्पष्ट है कि जिन पदों एवं स्थानों पर अधिकारी/कर्मचारी का आधिक्य है, ऐसे स्थानों से स्थानांतरण न्यूनता वाले स्थान हेतु हो। किसी भी परिस्थिति में न्यूनता वाले स्थान से आधिक्य वाले स्थान में स्थानांतरण नहीं किया जाएगा, ताकि संतुलन बना रहे एवं कमी वाले क्षेत्रों में पदों की पूर्ति हो सके। ऐसे शासकीय सेवक जो एक ही स्थान पर दिनांक 15 अगस्त, 2021 अथवा उससे पूर्व से कार्यरत हों, केवल उन्ही के स्थानांतरण किए जाएंगे।
  • दिव्यांग शासकीय सेवकों की पदस्थापना यथासंभव आवागमन की दृष्टि से सुविधाजनक स्थान पर की जाए। जिला स्तर पर स्थानांतरण आदेशों का क्रियान्वयन 15 दिवस के भीतर तक सुनिश्चित किया जाएगा तथा स्थानांतरण पश्चात् नवीन पदस्थापना स्थान पर निर्धारित अवधि 15 दिन में कार्यभार ग्रहण नहीं करने पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाए। स्थानांतरण संबंधी उपरोक्त निर्देशों का पालन कराना कलेक्टर का दायित्व होगा।

राज्य स्तर पर स्थानांतरण

  • राज्य स्तर पर स्थानांतरण दिनांक 10 सितंबर 2022 से 30 सितंबर 2022 तक विभाग द्वारा स्थानांतरण किए जा सकेंगे। इस हेतु विभाग द्वारा स्थानांतरण प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। प्रत्येक श्रेणी के स्थानांतरण विभाग के मंत्री के अनुमोदन से ही किए जा सकेंगे। राज्य स्तर पर स्थानांतरण प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी के अधिकारियों के मामलों में उनके संवर्ग में कार्यरत् अधिकारियों की कुल संख्या के अधिकतम 15-15 प्रतिशत तथा तृतीय श्रेणी एवं चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के मामलों में उनके संवर्ग में कार्यरत् अधिकारियों की कुल संख्या के अधिकतम 10-10 प्रतिशत तक स्थानांतरण किए जा सकेंगे।
  • विभागीय मंत्री से अनुमोदन प्राप्त करने हेतु स्थानांतरण प्रस्ताव सीधे विभागाध्यक्ष से मंत्री को प्रस्तुत नहीं किये जायेंगे। प्रस्ताव, नस्ती आवश्यक रूप से छत्तीसगढ़ कार्यपालक शासन के कार्य नियम तथा उन नियमों के अधीन जारी किये गये निर्देश तथा अनुदेश अर्थात् प्रशासकीय विभाग की सचिवालयीन प्रक्रिया अनुसार अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव, विशेष सचिव (स्वतंत्र प्रभार) के माध्यम से ही माननीय विभागीय मंत्री को अनुमोदन हेतु प्रस्तुत किये जाएंगे और अनुमोदन उपरान्त आदेश तदनुसार विभाग द्वारा प्रसारित किये जाएंगे।
  • विभागों का यह दायित्व होगा कि यदि अनुसूचित क्षेत्रों के शासकीय सेवक का गैर-अनुसूचित क्षेत्र में स्थानांतरण करने के प्रस्ताव है, तो उसके एवजीदार का भी प्रस्ताव (जो गैर-अनुसूचित क्षेत्र से हो) अनिवार्यतः रखा जाए। शहरी क्षेत्र एवं ग्रामीण क्षेत्रों में रिक्तियों का जो असंतुलन है, उसे संतुलित करने का विशेष ध्यान रखा जाए। आशय यह है कि ग्रामीण क्षेत्र में जितने प्रतिशत पद रिक्त है, शहरी क्षेत्रों में लगभग उसी के अनुरूप पद रिक्त रह सकें। ऐसी स्थिति निर्मित न हो कि शहरी क्षेत्रों में लगभग सभी पद भरें हो तथा ग्रामीण क्षेत्रों में काफी रिक्तियां बनी रहे।
  • जिन पदों एवं स्थानों पर अधिकारी, कर्मचारी का आधिक्य है, से स्थानों से स्थानांतरण न्यूनता वाले स्थान हेतु हो। किसी भी परिस्थिति में न्यूनता वाले स्थान से आधिक्य वाले स्थान में स्थानांतरण नहीं किया जाएगा, ताकि संतुलन बना रहे एवं कमी वाले क्षेत्रों में पदों की पूर्ति हो सके। 26 अनुसूचित क्षेत्र के शासकीय सेवक का गैर अनुसूचित क्षेत्र में स्थानांतरण होने पर उसके स्थान पर एवजीदार के आने के उपरांत ही उसे कार्यमुक्त किया जाए। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि अनुसूचित क्षेत्र के रिक्त पद भरे जाएं। छत्तीसगढ़ राज्य के बस्तर एवं सरगुजा संभाग में शासकीय योजनाओं के सुचारू रूप से क्रियान्वयन हेतु विभिन्न विभागों में रिक्त पदों की पूर्ति सर्वाेच्च प्राथमिकता के आधार पर की जाए।
  • दिव्यांग शासकीय सेवकों की पदस्थापना यथासंभव आवागमन की दृष्टि से सुविधाजनक स्थान पर की जाए। सामान्यतः स्थानांतरण द्वारा रिक्त होने वाले पद की पूर्ति उसी पद के समकक्ष अधिकारी की पदस्थापना से की जाए। वरिष्ठ अधिकारी का स्थानांतरण कर उस पद का प्रभार कनिष्ठ अधिकारी अथवा अन्य विभाग के अधिकारी को न दिया जाए। जिन कर्मचारियों की नियुक्ति विशेष कनिष्ठ कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा स्थानीय निवासी होने के आधार पर जिला विशेष में किये गये हैं, उनका स्थानांतरण उस जिले के बाहर नहीं किया जायेगा। किन्तु अधिसूचित जिलों में परस्पर (आपसी) स्थानांतरण किये जा सकेंगे।
  • विभागीय सचिव यह सुनिश्चित करेंगे कि स्थानांतरण आदेश पूर्व परीक्षण आधारित हो और उनका क्रियान्वयन 15 दिवस के भीतर किया जाएगा तथा स्थानांतरण आदेश निरस्त नही किये जाएंगे स्थानांतरण पश्चात् नवीन पदस्थापना स्थान पर निर्धारित अवधि में कार्यभार ग्रहण नहीं करने पर संबंधित अधिकारी, कर्मचारियों के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाए।

स्कूल शिक्षा विभाग के लिए विशेष उपबंध

  • नीति के मुताबिक ऐसे स्थानांतरण नहीं किए जायेंगे जिनके फलस्वरूप कोई स्कूल शिक्षक विहीन या एकल शिक्षकीय हो जाए। ऐसे स्थानांतरण नहीं किये जाएंगे जिनके फलस्वरूप किसी स्कूल में किसी विषय को पढ़ाने वाले शिक्षकों की संख्या शून्य हो जाये। ऐसे स्थानांतरण नहीं किये जाएंगे जिनके फलस्वरूप किसी स्कूल में छात्र-शिक्षक अनुपात 40 से अधिक या 20 से कम हो जाये।
  • अनुसूचित क्षेत्रों से कोई भी स्थानांतरण एक्जीदार की पदस्थापना किए बिना नहीं किया जायेगा। स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी-हिन्दी माध्यम स्कूल एवं कार्यालयों में प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ किसी भी कर्मचारी का स्थानांतरण बिना प्रतिनियुक्ति समाप्त किये नहीं किये जायेंगे। स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत कार्यरत प्रथम श्रेणी, द्वितीय श्रेणी, तृतीय श्रेणी एवं चतुर्थ श्रेणी अधिकारियों-कर्मचारियों के मामलों में उनके संवर्ग में कार्यरत् कर्मचारियों की कुल संख्या के अधिकतम 5 प्रतिशत तक स्थानांतरण किये जा सकेंगे।
  • ई-संवर्ग से टी संवर्ग एवं टी संवर्ग से ई संवर्ग में स्थानांतरण नहीं किये जायेंगे, अर्थात अपने-अपने संवर्ग में ही स्थानांतरण किये जा सकेंगे। ई-संवर्ग से टी संवर्ग एवं टी-संवर्ग से ई संवर्ग में किये स्थानांतरण शून्य माना जायेगा, अर्थात् उक्त स्थानांतरण प्रभावशील नहीं होंगे।
  • सहायक शिक्षक, शिक्षक, व्याख्याता एवं प्राचार्य संवर्ग के स्थानांतरण के संबंध में शाला विशेष में शैक्षणिक व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए स्थानांतरण किया जाएगा। शैक्षणिक व्यवस्था से यहां आशय शाला में कक्षावार विद्यार्थियों की संख्या, विषयवार शिक्षकों की स्वीकृत पदों की संख्या तथा उसके विषयवार कार्यरत शिक्षकों की संख्या से है। किसी भी स्थिति में ग्रामीण क्षेत्रों से नगरीय क्षेत्रों की शालाओं में स्थानांतरण को प्रोत्साहन नहीं दिया जाएगा।

Continue Reading
Advertisement

ख़बर छत्तीसगढ़

Raipur: ‘सरकारी वाहन चरणबद्ध तरीके से होंगे EV में तब्दील’, मुख्यमंत्री साय का बड़ा बयान

Published

on

Vishnu Deo Sai, fuel conservation campaign, Chhattisgarh EV policy, electric government vehicles, Narendra Modi fuel saving appeal, Chhattisgarh news, EV vehicles CG, public transport appeal, green energy India, khabritaau.com

Raipur: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ईंधन संरक्षण और संसाधनों के संयमित उपयोग को लेकर बड़ा संदेश दिया है।मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी के आह्वान का समर्थन करते हुए कहा कि पेट्रोल-डीजल जैसे संसाधनों का जिम्मेदारी से उपयोग करना हर नागरिक का राष्ट्रीय दायित्व है।

‘ऊर्जा संरक्षण राष्ट्रनिर्माण में योगदान’

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ऊर्जा संरक्षण केवल आर्थिक जरूरत नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा बचत की दिशा में उठाया गया हर कदम राष्ट्रनिर्माण में योगदान है।

सरकारी कारकेड में कम होंगे वाहन

मुख्यमंत्री ने बताया कि अब उनके आधिकारिक दौरों में केवल अत्यावश्यक वाहनों को ही कारकेड में शामिल किया जाएगा। साथ ही मंत्रियों और विभिन्न निगम-मंडलों के पदाधिकारियों से भी सरकारी वाहनों और संसाधनों के सीमित उपयोग की अपील की गई है।

Advertisement

सरकारी वाहन बनेंगे इलेक्ट्रिक

राज्य सरकार ने सरकारी परिवहन व्यवस्था को पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में भी पहल शुरू कर दी है। सीएम साय ने कहा कि शासकीय वाहनों को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) में बदला जाएगा। इससे ईंधन की बचत के साथ प्रदूषण नियंत्रण और हरित ऊर्जा को भी बढ़ावा मिलेगा।

जनता से सार्वजनिक परिवहन अपनाने की अपील

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अधिक से अधिक सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने, कारपूलिंग अपनाने और अनावश्यक निजी वाहनों के इस्तेमाल से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी आदतों में बदलाव लाकर बड़े सकारात्मक परिणाम हासिल किए जा सकते हैं।

‘नेशन फर्स्ट’ की भावना से जुड़ें लोग

Advertisement

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ईंधन संरक्षण को जनभागीदारी का अभियान बनाना समय की जरूरत है। उन्होंने लोगों से ‘नेशन फर्स्ट’ की भावना के साथ ऊर्जा सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक मजबूती के लिए जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाने का आह्वान किया।

Continue Reading

ख़बर छत्तीसगढ़

Raipur: छत्तीसगढ़ SI और प्लाटून कमांडर भर्ती परीक्षा 12 जुलाई को, 63 हजार से ज्यादा अभ्यर्थी होंगे शामिल

Published

on

CGPSC SI exam 2026, Chhattisgarh SI recruitment, Platoon Commander exam, CG Police recruitment, CGPSC admit card, Chhattisgarh police exam date, Subedar exam 2026, CGPSC news, Raipur news, khabritaau.com

Raipur:छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने सूबेदार, उप निरीक्षक संवर्ग और प्लाटून कमांडर भर्ती की प्रारंभिक लिखित परीक्षा की तारीख घोषित कर दी है। यह परीक्षा 12 जुलाई 2026 (रविवार) को सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित होगी। भर्ती प्रक्रिया के लिए राज्य के 33 जिलों से कुल 1 लाख 37 हजार 323 ऑनलाइन आवेदन प्राप्त हुए थे। दस्तावेज सत्यापन और शारीरिक माप परीक्षण के बाद 63 हजार 342 अभ्यर्थियों को परीक्षा के लिए पात्र घोषित किया गया है।

33 जिलों में बनाए गए परीक्षा केंद्र

प्रारंभिक परीक्षा के लिए राज्य के सभी 33 जिलों में परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इनमें रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, जगदलपुर, अंबिकापुर, राजनांदगांव और कोरबा समेत अन्य जिले शामिल हैं।

परीक्षा से 15 दिन पहले जारी होंगे एडमिट कार्ड

CGPSC के मुताबिक परीक्षा के प्रवेश पत्र परीक्षा तिथि से 15 दिन पहले जारी किए जाएंगे। अभ्यर्थी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट से एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकेंगे। आयोग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी उम्मीदवार को अलग से SMS या डाक के जरिए प्रवेश पत्र नहीं भेजे जाएंगे।

Advertisement
Continue Reading

ख़बर छत्तीसगढ़

Chhattisgarh: दुर्ग में गैस सिलेंडर ब्लास्ट से एक ही परिवार के 4 लोगों की मौत, सरकार देगी 5-5 लाख की सहायता

Published

on

Durg gas cylinder blast, Kumhari blast news, Chhattisgarh accident news, Vishnu Deo Sai, Shyam Bihari Jaiswal, Durg Khapri incident, gas blast Chhattisgarh, Raipur news, CG breaking news, khabritaau.com

Durg: दुर्ग जिले के कुम्हारी थाना क्षेत्र स्थित खपरी में गैस सिलेंडर ब्लास्ट की दर्दनाक घटना में एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई। हादसे में होमदास वैष्णव (40), लक्ष्मी वैष्णव (18), चांदनी वैष्णव (17) और 2 साल की मासूम गोपिका वैष्णव की मौके पर ही जान चली गई। घटना की जानकारी मिलते ही मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल और गजेंद्र यादव तत्काल घटनास्थल पहुंचे। दोनों मंत्रियों ने मौके का निरीक्षण कर राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की और स्थानीय लोगों से चर्चा कर पूरी घटना की जानकारी ली।

प्रत्येक मृतक के परिजनों को 9-9 लाख की सहायता

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मृतकों के परिजनों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की। सरकार की ओर से प्रत्येक मृतक के परिजन को 5-5 लाख रुपए दिए जाएंगे। इसके अलावा जिला प्रशासन द्वारा आरबीसी 6-4 के तहत 4-4 लाख रुपए की अतिरिक्त सहायता राशि भी प्रदान की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने जताया शोक

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की। घटनास्थल पर कई जनप्रतिनिधि समेत जिला प्रशासन की टीम भी मौके पर मौजूद रही।

Advertisement
Continue Reading

ख़बर छत्तीसगढ़

Raipur: छत्तीसगढ़ में नर्सिंग स्टाफ के पदनाम बदले, ‘नर्सिंग सिस्टर’ अब कहलाएंगी ‘सीनियर नर्सिंग ऑफिसर’

Published

on

Chhattisgarh nursing officer, Nursing Sister new name, Staff Nurse renamed, Shyam Bihari Jaiswal, Nurses Day 2026, Raipur Ambedkar Hospital, Chhattisgarh health news, Nursing Officer CG, Vishnu Deo Sai, khabritaau.com

Raipur: अंतर्राष्ट्रीय नर्सेस दिवस के मौके पर छत्तीसगढ़ सरकार ने नर्सिंग संवर्ग के पदनाम में बड़ा बदलाव किया है।स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने घोषणा की कि अब “नर्सिंग सिस्टर” को “सीनियर नर्सिंग ऑफिसर” और “स्टाफ नर्स” को “नर्सिंग ऑफिसर” कहा जाएगा।

रायपुर के अंबेडकर अस्पताल में हुई घोषणा

यह घोषणा डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय रायपुर में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय नर्सेस दिवस कार्यक्रम के दौरान की गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नर्सिंग अधिकारी, नर्सिंग छात्र-छात्राएं और अस्पताल के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

‘नर्सें स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़’

स्वास्थ्य मंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि नर्सें स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ होती हैं और मरीजों की देखभाल में उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि नर्सिंग स्टाफ दिन-रात समर्पण और सेवा भाव से मरीजों की सेवा करता है। कोविड काल में नर्सों की भूमिका को याद करते हुए मंत्री ने कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी नर्सिंग स्टाफ ने अद्भुत सेवा भावना दिखाई थी।

Advertisement

‘नर्स का दर्जा मां के समान’

मंत्री जायसवाल ने कहा कि चिकित्सा सेवा में नर्स मां के समान होती है, क्योंकि वे मरीजों की देखभाल परिवार की तरह करती हैं। उन्होंने नर्सिंग पेशे को मानवीय संवेदनाओं और सेवा का सबसे बड़ा उदाहरण बताया।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का जताया आभार

स्वास्थ्य मंत्री ने मुख्यमंत्री साय का आभार जताते हुए कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है और लंबे समय से लंबित व्यवस्थाओं को पूरा किया जा रहा है।

नर्सिंग अधिकारियों का किया सम्मान

Advertisement

कार्यक्रम में सीनियर नर्सिंग ऑफिसर डॉ. रीना राजपूत, नीलिमा शर्मा, रंजना सिंह ठाकुर, सुमन देवांगन, कोमेश्वरी नवरंगे, प्रगति सतपुते, शीतल सोनी और नमिता डेनियल सहित कई नर्सिंग अधिकारियों को सम्मानित किया गया।

Continue Reading

ख़बर छत्तीसगढ़

Chhattisgarh: सीएम साय ने हटकेश्वर महादेव मंदिर में किया जलाभिषेक, प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना

Published

on

Vishnu Deo Sai, Hatkeshwar Mahadev Temple, Raipur news, Mahadev Ghat Raipur, Somnath Swabhiman Parv, Chhattisgarh CM, Vishnu Deo Sai puja, Raipur Mahadev temple, Chhattisgarh politics, khabritaau.com

Raipur: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोमवार को राजधानी रायपुर स्थित महादेव घाट के हटकेश्वर महादेव मंदिर में भगवान शिव का जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की। उन्होंने महादेव से प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में हुए शामिल

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय महादेव घाट स्थित मंदिर परिसर में आयोजित सोमनाथ स्वाभिमान पर्व कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की और भगवान शिव का आशीर्वाद लिया।

कई मंत्री और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद

कार्यक्रम में कृषि मंत्री राम विचार नेताम, वन मंत्री केदार कश्यप, राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। इसके अलावा विधायक पुरंदर मिश्रा, रायपुर महापौर मीनल चौबे और जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

Advertisement
Continue Reading

Advertisment

ख़बर उत्तर प्रदेश

अभी तक की बड़ी खबरें

WEBSITE PROPRIETOR & EDITOR DETAILS

Editor/ Director :- Somesh Singh Senger
Web News Portal: Khabritaau.com
Website : www.khabritaau.com
Company : Khabritaau News
Publication Place: Raipur (CG), Bhopal (MP) & Lucknow (UP)
Email:- khabritaau@gmail.com
Mob: +91 6264 084 601

DPR Links

Trending