ख़बर मध्यप्रदेश
Sagar: रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में मिले 23 हजार करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव, निवाड़ी में लगेगा स्टील प्लांट, फिल्म सिटी के रूप में डेवलप होगा खजुराहो

Sagar: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज सागर में रीजनल इंडस्ट्रीयल कॉन्क्लेव का शुभारंभ किया। आरआईएल सागर में कुल 23 हजार 181 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव हुए प्राप्त हुए। अगर सब कुछ सही रहा तो इनसे बुंदेलखंड में 27 हजार 375 लोगों को सीधे रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के शुभारंभ सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि भविष्य का बुंदेलखंड, विकसित बुंदेलखंड होगा। प्रदेश में उद्योगों के विकास का कार्य निरंतर जारी रहेगा। छोटे से छोटे उद्यमी की सहायता के लिए भी राज्य सरकार पूर्ण सहायोग प्रदान करेगी। केन-बेतवा परियोजना के क्रियान्वयन से बुंदेलखंड के ढाई लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता की वृद्धि होगी, जिससे बुंदेलखंड क्षेत्र का स्वरूप बदल जायेगा। उन्होंने कहा कि सागर में एयरपोर्ट का निर्माण होगा। इससे एविएशन क्षेत्र में संभावनाएं बढ़ेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खजुराहो को फिल्म सिटी के रूप में विकसित करेंगे।
6 जिलों में आरंभ हुए इन्वेस्टमेंट फेसिलिटेशन सेंटर
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आरआईसी सागर के शुभारंभ अवसर पर एमपीआईडीसी के सागर स्थित क्षेत्रीय कार्यालय का वर्चुअल भूमि-पूजन किया। उन्होंने सागर संभाग के 6 जिलों सागर, पन्ना, टीकमगढ़, निवाड़ी, छतरपुर और दमोह में इन्वेस्टमेंट फेसिलिटेशन सेंटर और संभागीय मुख्यालय में एमपीआईडीसी के रीजनल ऑफिस का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इसके साथ ही कोयंबटूर (तमिलनाडू) में एमपीआईडीसी के कार्यालय का भी वर्चुअल शुभारंभ किया। इस अवसर पर औद्योगिक क्षेत्र से सिंधगवां की जलापूर्ति के लिए नगर निगम सागर और एमपीआईडीसी के मध्य ट्रीटेड वाटर प्रदाय के लिए एमओयू का संपादन भी हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 96 औद्योगिक इकाइयों के आशय-पत्र जारी किए। इन इकाइयों को 240 एकड़ भूमि आवंटित की जाना है। इससे 1 हजार 560 करोड़ का पूंजी निवेश एवं 5 हजार 900 से अधिक व्यक्तियों को रोजगार प्रदाय किया जाना प्रस्तावित है।
सागर में 1700 करोड़ की लागत से स्थापित होगा डेटा सेंटर
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सागर संभाग के सभी जिलों में उद्योग तथा व्यापारिक गतिविधियां प्रारंभ होंगी। बीना में कई इकाइयां आएंगी। साथ ही 120 करोड़ की लागत से पेट्रोलियम क्षेत्र में भी निवेश हो रहा है। प्रदेश में सागर में चलने वाले डेटा सेंटर की स्थापना महत्वपूर्ण कदम है। यह 1700 करोड़ का निवेश है और इससे लगभग एक हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नए 6 लेन और 4 लेन मार्गों का लाभ भी बुंदेलखंड क्षेत्र को प्राप्त होगा।
सागर में सिल्वर क्लस्टर का विकास होगा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस क्षेत्र में चांदी का कार्य करने वालों, बीड़ी तथा अगरबत्ती उद्योग से जुड़े लोगों को पूर्ण सहयोग प्रदान किया जायेगा। सागर में चांदी से जुड़ी गतिविधियों को प्रोत्साहित करने क्लस्टर विकसित किया जायेगा। उन्होंने कहा कि रीजनल इंडस्ट्रीयल कॉन्क्लेव से स्थानीय स्तर पर नई इकाइयों की स्थापना के लिए अनुकूल वातावरण बन रहा है। इससे स्थानीय गतिविधियों के साथ प्रदेश स्तर पर महत्व रखने वाले उद्योगों की स्थापना को भी गति देने में मदद मिल रही है।
रीजनल इंडस्ट्रीयल कॉन्क्लेव मेंं आए उद्योगपतियों ने साझा किए अपने प्रस्ताव
1.निवाड़ी में 3200 करोड़ की लागत से इंटीग्रेटेड स्टील प्लांट लगेगा
पेसिफिक मेटा-स्टील के जे. पी. अग्रवाल ने कहा कि वे निवाड़ी में 3200 करोड़ की लागत से इंटीग्रेटेड स्टील प्लांट लगा रहे हैं। इससे 10 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा और प्रतिवर्ष लगभग 1 हजार करोड़ का राजस्व भी शासन को प्राप्त होगा। उन्होंनें मध्यप्रदेश में मेडीकल क्षेत्र में भी गतिविधियां आरंभ करने की योजना सांझा की।
2.बंसल समूह करेगा 1350 करोड़ रुपए का निवेश
कॉन्क्लेव में आए बंसल समूह के सुनील बंसल ने कहा कि चिकित्सा उद्योग क्षेत्र में बंसल समूह कार्य कर रहा है। सागर में किडनी प्रत्यारोपण की सुविधा समूह द्वारा प्रारंभ की गई है। बंसल ने प्रदेश में 4 सुपर स्पेशियेलिटी हॉस्पिटल, एक पांच सितारा होटल और ऊर्जा क्षेत्र में 1350 करोड़ रुपए के निवेश का प्रस्ताव दिया।
3.सागर ग्रुप की डाईग एण्ड प्रोसेसिंग क्षेत्र में लगभग 1400 करोड़ के निवेश की योजना
सागर ग्रुप के उद्योगपति सुधीर अग्रवाल ने कहा कि भोपाल के पास तामोट में उनकी इकाइयां कार्य कर रही हैं। टेक्सटाईल क्षेत्र में नए निवेश के प्रयास सागर ग्रुप कर रहा है। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोटी, कपड़ा, मकान सभी क्षेत्रों में ग्रुप कार्य कर रहा हैं। उनके समूह की डाईंग एण्ड प्रोसेसिंग क्षेत्र में लगभग 1400 करोड़ रुपए के निवेश की योजना है, इससे रोजगार के अवसर निर्मित होंगे। उन्होंने कहा कि उनका समूह कॉम्पटीशन नहीं, को-आपरेशन के सिद्धांत पर कार्य करता है।
4.मध्य भारत एग्रो का सर्वाधिक निवेश मध्यप्रदेश में
मध्य भारत एग्रो के पंकज ओसवाल ने कहा कि उनके समूह का सर्वाधिक निवेश मध्यप्रदेश में है। निवेश की उद्योग मित्र नीति तथा शासन का सहयोगी रवैया अतुलनीय है। उनका समूह सागर में सिंगल सुपर फॉस्फेट का उत्पादन कर रहा है। ओसवाल ने बताया कि उनके समूह की सागर के बंडा के पास 500 करोड़ रुपए निवेश की योजना है।
रीजनल इंडस्ट्री में प्राप्त प्रमुख निवेश प्रस्ताव और संभावित रोजगार
| स.क्र. | निवेशक इकाई का नाम | प्रस्तावित निवेश स्थान | सेक्टर | प्रस्तावितनिवेश (राशि करोड़ में) | प्रस्तावितरोजगार |
| 1 | पैसिफ़िकमेटा स्टील | निवाड़ी | स्टील निर्माण | 3200 | 1250 |
| 2 | पैरामाउंट केबल | सागर | केबल निर्माण | 250 | 375 |
| 3 | अवनि परिधि | छत्तरपुर | खनिज | 371 | 300 |
| 4 | इण्डस्ट्रीज एण्ड ट्रेडर्स वेलफेयर एसोसिएशन | बीना, सागर | गार्मेंट | 100 | 500 |
| 5 | मध्य भारत एग्रो प्राइवेट लिमिटेड | बंडा, सागर | रसायन एवं उर्वरक | 400 | 500 |
| 6 | डाटा सेंटरिक्स | सुरख़ी, सागर | डेटा सेंटर निर्माण | 1700 | 850 |
| 7 | इको सीमेंट (गोयल ग्रुप) | पन्ना | सीमेंट | 2000 | 1000 |
| 8 | फ्लाई ओला | सागर, उमरिया, नीमच, सिंगरौली | एविएशन | 1800 | 300 |
| 9 | अलिंज़ पोर्टेबल पेट्रोल पंप प्राइवेट लिमिटेड | सागर सहित मध्यप्रदेश के विभिन्न शहर | ऊर्जा | 120 | 10000 |
| 10 | एमएसएमई विभाग से प्राप्त कुल निवेशप्रस्ताव | सागर संभाग के सभी ज़िले | विविध सेक्टर | 940 | 4500 |
| 11 | अल्पेक्स सोलर लिमिटेड | नर्मदापुरम | ऊर्जा | 750 | 1000 |
| 12 | असेड्सप्राइवेटलिमिटेड | भोपाल | इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सेमीकंडक्टर | 100 | 50 |
| 13 | आर. के. सेठिया एग्रो प्राइवेट लिमिटेड | नर्मदापुरम | कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण | 800 | 850 |
| 14 | सिग्मा इंजीनियरिंग | भोपाल | ट्रांसफार्मर निर्माण | 200 | 150 |
| 15 | बारमाल्ट माल्टिंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड | सीहोर | कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण | 400 | 500 |
| 16 | दारा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड | सीहोर | पाइप निर्माण | 750 | 950 |
| 17 | इज ग्रीन मोबिलिटी (इस माय ट्रिप) | भोपाल | इलेक्ट्रिक व्हीकल निर्माण | 1000 | 2000 |
| 18 | बंसल ग्रुप | जबलपुर, भोपाल, ग्वालियर एवं इंदौर | हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर एवं होटल व्यवसाय | 1350 | 2000 |
| 19 | स्वर्ण भारत स्टील प्राइवेट लिमिटेड | सीहोर | स्टील निर्माण | 150 | 200 |
| 20 | इन्सोलेशन ग्रीन एनर्जी लिमिटेड | नर्मदापुरम | नवकरणीय ऊर्जा | 1600 | 400 |
| 21 | सनकाइंड इंडिया प्राइवेट लिमिटेड | नर्मदापुरम | नवकरणीय ऊर्जा | 1000 | 200 |
| 22 | नवीनीकरण ऊर्जा क्षेत्र की कंपनियों | नर्मदापुरम | नवकरणीय ऊर्जा | 4200 | 8500 |
| कुल | 23181 | 27375 |
ख़बर मध्यप्रदेश
MP Cabinet: तबादला नीति 2026 को मंजूरी, 1 से 15 जून तक होंगे ट्रांसफर, पति-पत्नी को एक जगह पोस्टिंग में राहत

Bhopal: मध्यप्रदेश में लंबे इंतजार के बाद तबादला नीति-2026 को मंजूरी मिल गई है। मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में नई ट्रांसफर पॉलिसी पर मुहर लगी। इसके तहत राज्य और जिला स्तर पर अधिकारियों-कर्मचारियों के तबादले 1 जून से 15 जून 2026 के बीच किए जाएंगे।
नई नीति में गंभीर बीमारी से जूझ रहे कर्मचारियों और पति-पत्नी को एक ही स्थान पर पदस्थापना देने के मामलों को प्राथमिकता दी गई है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि ए-प्लस कैटेगरी की नोटशीट वाले मामलों का निपटारा पहले किया जाएगा।
एमएसएमई मंत्री चैतन्य कश्यप ने बताया कि मुख्यमंत्री स्तर के लंबित मामलों का निराकरण 31 मई तक किया जाएगा। वहीं, स्कूल शिक्षा विभाग की तबादला नीति अलग से जारी होगी।
नई व्यवस्था के तहत अब स्वैच्छिक और प्रशासनिक तबादलों के लिए अलग-अलग सीमा तय की जाएगी। पहले दोनों को एक ही कोटे में शामिल किया जाता था, जिससे प्रशासनिक जरूरतों के अनुरूप बदलाव प्रभावित होते थे।
सरकार ने यह भी तय किया है कि सभी ट्रांसफर ऑर्डर ऑनलाइन सिस्टम के जरिए जारी किए जाएंगे। जिन विभागों में ऑनलाइन व्यवस्था नहीं है, वहां ऑफलाइन आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। अनुसूचित क्षेत्रों में पहले रिक्त पद भरे जाएंगे, उसके बाद अन्य क्षेत्रों में पदस्थापना होगी।
तबादला नीति में कर्मचारी संख्या के हिसाब से ट्रांसफर की सीमा भी तय की गई है। जिन विभागों में 200 तक कर्मचारी हैं वहां 20% तक तबादले किए जा सकेंगे, जबकि 2000 से अधिक कर्मचारियों वाले विभागों में अधिकतम 5% तबादलों की अनुमति होगी।
सरकार ने गंभीर रूप से बीमार कर्मचारियों और रिटायरमेंट के करीब पहुंच चुके शिक्षकों को तबादलों से राहत देने का भी फैसला लिया है।
ख़बर मध्यप्रदेश
MP News: सूबेदार और SI भर्ती परीक्षा का रिजल्ट जारी, 1639 अभ्यर्थी अगले चरण के लिए चयनित

MPESB: मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (ESB) ने सूबेदार और उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा-2025 की मुख्य परीक्षा के दूसरे चरण का रिजल्ट जारी कर दिया है। भर्ती प्रक्रिया के तहत सीधी भर्ती के 500 पदों के लिए परीक्षा आयोजित की गई थी। रिजल्ट के आधार पर कुल 1639 उम्मीदवारों को अगले चरण के लिए चयनित किया गया है। इनमें 1166 पुरुष और 473 महिला अभ्यर्थी शामिल हैं। मुख्य परीक्षा भोपाल, जबलपुर, सागर और सीधी समेत भोपाल, जबलपुर, सागर और सीधी समेत प्रदेश के चार शहरों में आयोजित की गई थी।
अब होंगे PET, PMT और इंटरव्यू
ESB के मुताबिक मुख्य परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को अब भर्ती प्रक्रिया के अगले चरण से गुजरना होगा। इसमें फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट (PET), फिजिकल मेजरमेंट टेस्ट (PMT), इंटरव्यू, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और मेडिकल टेस्ट शामिल हैं। इन सभी चरणों के बाद फाइनल मेरिट के आधार पर चयन किया जाएगा।
एडमिट कार्ड और शेड्यूल अलग से होगा जारी
मंडल ने बताया कि अगले चरण की तारीख, परीक्षा केंद्र, एडमिट कार्ड और अन्य जरूरी जानकारी अलग से जारी की जाएगी। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे नियमित रूप से ESB की आधिकारिक वेबसाइट चेक करते रहें ताकि किसी महत्वपूर्ण अपडेट से चूक न हो।
फर्जी जानकारी से सावधान रहने की सलाह
ESB ने उम्मीदवारों से कहा है कि भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी केवल ऑफिशियल वेबसाइट से ही प्राप्त करें। सोशल मीडिया या अन्य प्लेटफॉर्म पर वायरल होने वाली भ्रामक सूचनाओं से बचने की भी सलाह दी गई है।
ख़बर मध्यप्रदेश
MP News: भोजशाला पर हाईकोर्ट के फैसले के बाद पहली पूजा, श्रद्धालुओं ने किए दर्शन, हनुमान चालीसा का पाठ

Indore/Dhar: भोजशाला को लेकर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच के फैसले के बाद शनिवार सुबह श्रद्धालुओं ने शांतिपूर्ण माहौल में पूजा-अर्चना की। हाईकोर्ट ने धार स्थित विवादित भोजशाला-कमाल मौला परिसर को राजा भोज कालीन वाग्देवी यानी देवी सरस्वती का मंदिर माना है और हिंदू पक्ष को पूजा का अधिकार दिया है। आज शनिवार को श्रद्धालु और विभिन्न समितियों के पदाधिकारी भोजशाला पहुंचे, जहां उन्होंने मां वाग्देवी के स्थान पर पूजा की और हनुमान चालीसा का पाठ किया। सुरक्षा के मद्देनजर पूरे परिसर और शहर में पुलिस बल तैनात रहा।
हाईकोर्ट ने ASI का 2003 आदेश आंशिक रूप से रद्द किया
हिंदू पक्ष के वकील विष्णु शंकर जैन ने बताया कि हाईकोर्ट ने 7 अप्रैल 2003 के ASI के उस आदेश को आंशिक रूप से निरस्त कर दिया है, जिसमें मुस्लिम समुदाय को शुक्रवार को निर्धारित समय के लिए नमाज की अनुमति दी गई थी।ASI के वकील ने बताया कि भोजशाला को 1904 से संरक्षित स्मारक का दर्जा प्राप्त है और इसका प्रशासन, निगरानी तथा नियमन पूरी तरह ASI के पास ही रहेगा। कोर्ट ने ऐतिहासिक तथ्यों के आधार पर माना कि इसका निर्माण भोज-परमार वंश के समय हुआ था।
श्रद्धालुओं ने कहा- मंदिर था, है और रहेगा
शनिवार सुबह भोज उत्सव समिति और भोजशाला मुक्ति यज्ञ से जुड़े पदाधिकारी भी परिसर पहुंचे। इनमें विश्वास पांडे, गोपाल शर्मा, श्रीश दुबे, केशव शर्मा और अशोक जैन शामिल रहे। सभी ने यज्ञ कुंड और वाग्देवी स्थल पर पुष्प अर्पित कर पूजा की। भोजशाला मुक्ति यज्ञ के संयोजक Gopal Sharma ने कहा कि भोजशाला का “कण-कण” यह दर्शाता है कि यह मंदिर है। उन्होंने कहा कि मुस्लिम पक्ष को सुप्रीम कोर्ट जाने की स्वतंत्रता है, लेकिन भोजशाला मंदिर था, है और रहेगा।
सुप्रीम कोर्ट में दायर हुईं कैविएट याचिकाएं
मुस्लिम पक्ष द्वारा सुप्रीम कोर्ट जाने की संभावना के बीच हिंदू पक्ष ने सर्वोच्च न्यायालय में दो कैविएट याचिकाएं दायर की हैं। वकील विष्णु शंकर जैन ने कहा कि हाईकोर्ट ने लंदन के संग्रहालय में रखी वाग्देवी की मूल प्रतिमा को वापस लाने की मांग पर भी विचार किया है।
ख़बर मध्यप्रदेश
MP News: भोजशाला पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, धार की भोजशाला को वाग्देवी मंदिर माना, ASI को सौंपा प्रबंधन

इंदौर/धार: भोजशाला को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद पर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। शुक्रवार को दिए गए निर्णय में हाईकोर्ट ने भोजशाला को वाग्देवी यानी देवी सरस्वती का मंदिर माना है। कोर्ट ने कहा कि उसने पुरातात्विक और ऐतिहासिक तथ्यों, ASI की सर्वे रिपोर्ट और अयोध्या मामले के फैसले को आधार बनाकर यह निर्णय दिया है।
न्यूज वेबसाइट Bar and Bench के मुताबिक अदालत ने कहा कि यह एक ऐतिहासिक और संरक्षित स्थल है, जिसे देवी सरस्वती का मंदिर माना जाएगा। कोर्ट ने केंद्र सरकार और एएसआई को निर्देश दिए कि वे मंदिर के प्रबंधन को लेकर निर्णय लें। साथ ही कहा कि 1958 के ASI एक्ट के तहत इस संपत्ति का प्रबंधन एएसआई के पास ही रहेगा।
हिंदुओं की पूजा और मुस्लिमों की नमाज से जुड़े आदेश रद्द
हाईकोर्ट ने ASI के 2003 के उस आदेश को भी रद्द कर दिया, जिसमें हिंदुओं को पूजा का अधिकार नहीं दिया गया था। साथ ही उस आदेश को भी निरस्त कर दिया, जिसमें मुस्लिम पक्ष को नमाज पढ़ने की अनुमति दी गई थी।
कोर्ट ने कहा कि भोजशाला में सरस्वती मंदिर और संस्कृत शिक्षा केंद्र होने के साक्ष्य मिले हैं। अदालत ने यह भी कहा कि ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व वाले स्मारकों, मंदिरों और गर्भगृह से जुड़ी धार्मिक आस्था का संरक्षण करना सरकार की जिम्मेदारी है।
मुस्लिम पक्ष सुप्रीम कोर्ट जाएगा
भोजशाला को कमाल मौला मस्जिद बताने वाले मुस्लिम पक्ष ने हाईकोर्ट के फैसले पर असहमति जताई है। धार शहर काजी वकार सादिक ने कहा कि वे फैसले का सम्मान करते हैं, लेकिन इसकी समीक्षा के बाद सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ अधिवक्ता सलमान खुर्शीद और शोभा मेनन ने अदालत में मुस्लिम पक्ष की ओर से तथ्य रखे थे।फिलहाल भोजशाला के मुख्य द्वार पर बैरिकेडिंग कर दी गई है और सुरक्षा के मद्देनजर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
ख़बर मध्यप्रदेश
MP News: TET पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, बोला- पास करना ही होगा, जो छूट मिलनी थी, मिल चुकी

MP TET:सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को लेकर अहम टिप्पणी करते हुए साफ कहा है कि अब किसी भी शिक्षक की नियुक्ति बिना TET पास किए नहीं की जा सकती। बुधवार को हुई सुनवाई में कोर्ट ने कहा कि पात्रता परीक्षा में जो छूट दी जानी थी, वह पहले ही दी जा चुकी है। यह मामला वर्ष 1998 से 2009 के बीच नियुक्त उन शिक्षकों से जुड़ा है, जिन्हें बिना TET परीक्षा के नौकरी मिली थी। राज्य सरकार और शिक्षक संगठनों ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर कर ऐसे शिक्षकों को परीक्षा से छूट देने की मांग की थी।
सुप्रीम कोर्ट बोला- 5 साल की राहत पहले ही मिल चुकी
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि वर्ष 2017 में नियम लागू होने के बाद शिक्षकों को पहले ही 5 साल की छूट दी जा चुकी है। अब National Council for Teacher Education यानी NCTE द्वारा तय नियमों का पालन सभी राज्यों और शिक्षकों को करना होगा। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि भविष्य में होने वाली किसी भी शिक्षक भर्ती में TET पास करना अनिवार्य रहेगा।
डेढ़ लाख शिक्षकों पर असर संभव
मध्य प्रदेश में ऐसे शिक्षकों की संख्या करीब 1.5 लाख बताई जा रही है, जिनकी नियुक्ति 1998 से 2009 के बीच बिना TET के हुई थी। ये नियुक्तियां राज्य सरकार की मेरिट प्रक्रिया के तहत की गई थीं। सुप्रीम कोर्ट के 1 सितंबर 2025 के आदेश के बाद स्कूल शिक्षा विभाग ने इन शिक्षकों के लिए TET अनिवार्य करने के निर्देश जारी किए थे।
फेल हुए तो नौकरी जा सकती है
सुप्रीम कोर्ट ने अपने पुराने आदेश में कहा था कि यदि कोई शिक्षक पात्रता परीक्षा पास नहीं करता है तो उसकी सेवा समाप्त की जा सकती है। इसके बाद प्रदेशभर में शिक्षक संगठनों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए थे। शिक्षकों ने मुख्यमंत्री, स्कूल शिक्षा मंत्री और जनप्रतिनिधियों के माध्यम से केंद्र सरकार और सुप्रीम कोर्ट से फैसले पर पुनर्विचार की मांग की थी। इसी के बाद मध्य प्रदेश सरकार समेत कई शिक्षक संगठनों ने पुनर्विचार याचिका दायर की।
अभी अंतिम फैसला बाकी
बुधवार को 70 से अधिक याचिकाओं पर सुनवाई हुई। कई वरिष्ठ अधिवक्ताओं और रिटायर्ड जजों की ओर से दलीलें पेश की गईं, लेकिन फिलहाल शिक्षकों को राहत मिलने की संभावना कम दिखाई दे रही है। मामले में अंतिम फैसला अभी आना बाकी है।


















