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Sagar: रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में मिले 23 हजार करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव, निवाड़ी में लगेगा स्टील प्लांट, फिल्म सिटी के रूप में डेवलप होगा खजुराहो

Sagar: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज सागर में रीजनल इंडस्ट्रीयल कॉन्क्लेव का शुभारंभ किया। आरआईएल सागर में कुल 23 हजार 181 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव हुए प्राप्त हुए। अगर सब कुछ सही रहा तो इनसे बुंदेलखंड में 27 हजार 375 लोगों को सीधे रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के शुभारंभ सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि भविष्य का बुंदेलखंड, विकसित बुंदेलखंड होगा। प्रदेश में उद्योगों के विकास का कार्य निरंतर जारी रहेगा। छोटे से छोटे उद्यमी की सहायता के लिए भी राज्य सरकार पूर्ण सहायोग प्रदान करेगी। केन-बेतवा परियोजना के क्रियान्वयन से बुंदेलखंड के ढाई लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता की वृद्धि होगी, जिससे बुंदेलखंड क्षेत्र का स्वरूप बदल जायेगा। उन्होंने कहा कि सागर में एयरपोर्ट का निर्माण होगा। इससे एविएशन क्षेत्र में संभावनाएं बढ़ेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खजुराहो को फिल्म सिटी के रूप में विकसित करेंगे।
6 जिलों में आरंभ हुए इन्वेस्टमेंट फेसिलिटेशन सेंटर
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आरआईसी सागर के शुभारंभ अवसर पर एमपीआईडीसी के सागर स्थित क्षेत्रीय कार्यालय का वर्चुअल भूमि-पूजन किया। उन्होंने सागर संभाग के 6 जिलों सागर, पन्ना, टीकमगढ़, निवाड़ी, छतरपुर और दमोह में इन्वेस्टमेंट फेसिलिटेशन सेंटर और संभागीय मुख्यालय में एमपीआईडीसी के रीजनल ऑफिस का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इसके साथ ही कोयंबटूर (तमिलनाडू) में एमपीआईडीसी के कार्यालय का भी वर्चुअल शुभारंभ किया। इस अवसर पर औद्योगिक क्षेत्र से सिंधगवां की जलापूर्ति के लिए नगर निगम सागर और एमपीआईडीसी के मध्य ट्रीटेड वाटर प्रदाय के लिए एमओयू का संपादन भी हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 96 औद्योगिक इकाइयों के आशय-पत्र जारी किए। इन इकाइयों को 240 एकड़ भूमि आवंटित की जाना है। इससे 1 हजार 560 करोड़ का पूंजी निवेश एवं 5 हजार 900 से अधिक व्यक्तियों को रोजगार प्रदाय किया जाना प्रस्तावित है।
सागर में 1700 करोड़ की लागत से स्थापित होगा डेटा सेंटर
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सागर संभाग के सभी जिलों में उद्योग तथा व्यापारिक गतिविधियां प्रारंभ होंगी। बीना में कई इकाइयां आएंगी। साथ ही 120 करोड़ की लागत से पेट्रोलियम क्षेत्र में भी निवेश हो रहा है। प्रदेश में सागर में चलने वाले डेटा सेंटर की स्थापना महत्वपूर्ण कदम है। यह 1700 करोड़ का निवेश है और इससे लगभग एक हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नए 6 लेन और 4 लेन मार्गों का लाभ भी बुंदेलखंड क्षेत्र को प्राप्त होगा।
सागर में सिल्वर क्लस्टर का विकास होगा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस क्षेत्र में चांदी का कार्य करने वालों, बीड़ी तथा अगरबत्ती उद्योग से जुड़े लोगों को पूर्ण सहयोग प्रदान किया जायेगा। सागर में चांदी से जुड़ी गतिविधियों को प्रोत्साहित करने क्लस्टर विकसित किया जायेगा। उन्होंने कहा कि रीजनल इंडस्ट्रीयल कॉन्क्लेव से स्थानीय स्तर पर नई इकाइयों की स्थापना के लिए अनुकूल वातावरण बन रहा है। इससे स्थानीय गतिविधियों के साथ प्रदेश स्तर पर महत्व रखने वाले उद्योगों की स्थापना को भी गति देने में मदद मिल रही है।
रीजनल इंडस्ट्रीयल कॉन्क्लेव मेंं आए उद्योगपतियों ने साझा किए अपने प्रस्ताव
1.निवाड़ी में 3200 करोड़ की लागत से इंटीग्रेटेड स्टील प्लांट लगेगा
पेसिफिक मेटा-स्टील के जे. पी. अग्रवाल ने कहा कि वे निवाड़ी में 3200 करोड़ की लागत से इंटीग्रेटेड स्टील प्लांट लगा रहे हैं। इससे 10 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा और प्रतिवर्ष लगभग 1 हजार करोड़ का राजस्व भी शासन को प्राप्त होगा। उन्होंनें मध्यप्रदेश में मेडीकल क्षेत्र में भी गतिविधियां आरंभ करने की योजना सांझा की।
2.बंसल समूह करेगा 1350 करोड़ रुपए का निवेश
कॉन्क्लेव में आए बंसल समूह के सुनील बंसल ने कहा कि चिकित्सा उद्योग क्षेत्र में बंसल समूह कार्य कर रहा है। सागर में किडनी प्रत्यारोपण की सुविधा समूह द्वारा प्रारंभ की गई है। बंसल ने प्रदेश में 4 सुपर स्पेशियेलिटी हॉस्पिटल, एक पांच सितारा होटल और ऊर्जा क्षेत्र में 1350 करोड़ रुपए के निवेश का प्रस्ताव दिया।
3.सागर ग्रुप की डाईग एण्ड प्रोसेसिंग क्षेत्र में लगभग 1400 करोड़ के निवेश की योजना
सागर ग्रुप के उद्योगपति सुधीर अग्रवाल ने कहा कि भोपाल के पास तामोट में उनकी इकाइयां कार्य कर रही हैं। टेक्सटाईल क्षेत्र में नए निवेश के प्रयास सागर ग्रुप कर रहा है। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोटी, कपड़ा, मकान सभी क्षेत्रों में ग्रुप कार्य कर रहा हैं। उनके समूह की डाईंग एण्ड प्रोसेसिंग क्षेत्र में लगभग 1400 करोड़ रुपए के निवेश की योजना है, इससे रोजगार के अवसर निर्मित होंगे। उन्होंने कहा कि उनका समूह कॉम्पटीशन नहीं, को-आपरेशन के सिद्धांत पर कार्य करता है।
4.मध्य भारत एग्रो का सर्वाधिक निवेश मध्यप्रदेश में
मध्य भारत एग्रो के पंकज ओसवाल ने कहा कि उनके समूह का सर्वाधिक निवेश मध्यप्रदेश में है। निवेश की उद्योग मित्र नीति तथा शासन का सहयोगी रवैया अतुलनीय है। उनका समूह सागर में सिंगल सुपर फॉस्फेट का उत्पादन कर रहा है। ओसवाल ने बताया कि उनके समूह की सागर के बंडा के पास 500 करोड़ रुपए निवेश की योजना है।
रीजनल इंडस्ट्री में प्राप्त प्रमुख निवेश प्रस्ताव और संभावित रोजगार
| स.क्र. | निवेशक इकाई का नाम | प्रस्तावित निवेश स्थान | सेक्टर | प्रस्तावितनिवेश (राशि करोड़ में) | प्रस्तावितरोजगार |
| 1 | पैसिफ़िकमेटा स्टील | निवाड़ी | स्टील निर्माण | 3200 | 1250 |
| 2 | पैरामाउंट केबल | सागर | केबल निर्माण | 250 | 375 |
| 3 | अवनि परिधि | छत्तरपुर | खनिज | 371 | 300 |
| 4 | इण्डस्ट्रीज एण्ड ट्रेडर्स वेलफेयर एसोसिएशन | बीना, सागर | गार्मेंट | 100 | 500 |
| 5 | मध्य भारत एग्रो प्राइवेट लिमिटेड | बंडा, सागर | रसायन एवं उर्वरक | 400 | 500 |
| 6 | डाटा सेंटरिक्स | सुरख़ी, सागर | डेटा सेंटर निर्माण | 1700 | 850 |
| 7 | इको सीमेंट (गोयल ग्रुप) | पन्ना | सीमेंट | 2000 | 1000 |
| 8 | फ्लाई ओला | सागर, उमरिया, नीमच, सिंगरौली | एविएशन | 1800 | 300 |
| 9 | अलिंज़ पोर्टेबल पेट्रोल पंप प्राइवेट लिमिटेड | सागर सहित मध्यप्रदेश के विभिन्न शहर | ऊर्जा | 120 | 10000 |
| 10 | एमएसएमई विभाग से प्राप्त कुल निवेशप्रस्ताव | सागर संभाग के सभी ज़िले | विविध सेक्टर | 940 | 4500 |
| 11 | अल्पेक्स सोलर लिमिटेड | नर्मदापुरम | ऊर्जा | 750 | 1000 |
| 12 | असेड्सप्राइवेटलिमिटेड | भोपाल | इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सेमीकंडक्टर | 100 | 50 |
| 13 | आर. के. सेठिया एग्रो प्राइवेट लिमिटेड | नर्मदापुरम | कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण | 800 | 850 |
| 14 | सिग्मा इंजीनियरिंग | भोपाल | ट्रांसफार्मर निर्माण | 200 | 150 |
| 15 | बारमाल्ट माल्टिंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड | सीहोर | कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण | 400 | 500 |
| 16 | दारा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड | सीहोर | पाइप निर्माण | 750 | 950 |
| 17 | इज ग्रीन मोबिलिटी (इस माय ट्रिप) | भोपाल | इलेक्ट्रिक व्हीकल निर्माण | 1000 | 2000 |
| 18 | बंसल ग्रुप | जबलपुर, भोपाल, ग्वालियर एवं इंदौर | हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर एवं होटल व्यवसाय | 1350 | 2000 |
| 19 | स्वर्ण भारत स्टील प्राइवेट लिमिटेड | सीहोर | स्टील निर्माण | 150 | 200 |
| 20 | इन्सोलेशन ग्रीन एनर्जी लिमिटेड | नर्मदापुरम | नवकरणीय ऊर्जा | 1600 | 400 |
| 21 | सनकाइंड इंडिया प्राइवेट लिमिटेड | नर्मदापुरम | नवकरणीय ऊर्जा | 1000 | 200 |
| 22 | नवीनीकरण ऊर्जा क्षेत्र की कंपनियों | नर्मदापुरम | नवकरणीय ऊर्जा | 4200 | 8500 |
| कुल | 23181 | 27375 |
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MP LPG Rule: मध्य प्रदेश में LPG पर नए निर्देश: होटल-मॉल और उद्योगों को फिलहाल नहीं मिलेंगे कमर्शियल सिलेंडर

Bhopal: मध्य प्रदेश सरकार ने एलपीजी की कालाबाजारी रोकने और घरेलू उपभोक्ताओं को नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए नए निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत फिलहाल होटल, मॉल, औद्योगिक क्षेत्रों और बल्क एलपीजी उपयोग करने वाली फैक्ट्रियों को कमर्शियल सिलेंडर की आपूर्ति नहीं की जाएगी। राज्य सरकार ने सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि वे गैस एजेंसियों के स्टॉक और वितरण व्यवस्था की नियमित समीक्षा करें और किसी भी तरह की जमाखोरी या अनियमितता पर सख्त कार्रवाई करें।
पेट्रोलियम उत्पादों की निगरानी के लिए समिति
राज्य सरकार ने पेट्रोलियम पदार्थों की उपलब्धता और निगरानी के लिए उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय मंत्रिमंडलीय समिति का गठन किया है। इस समिति में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और एमएसएमई मंत्री चैतन्य कश्यप भी शामिल हैं। समिति समय-समय पर बैठक कर केंद्र सरकार के निर्देशों के आधार पर नागरिकों के हित में उठाए जाने वाले कदमों की समीक्षा करेगी।
कलेक्टरों को खाद्य विभाग का पत्र
राज्य के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के कमिश्नर कर्मवीर शर्मा ने कलेक्टरों को पत्र लिखकर वर्तमान भू-राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए एलपीजी आपूर्ति को प्राथमिकता के आधार पर घरेलू उपभोक्ताओं के लिए सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय और तेल विपणन कंपनियों ने जानकारी दी है कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण एलपीजी आयात प्रभावित हो सकता है।
25 दिन बाद ही होगी नई बुकिंग
सरकार ने यह भी निर्देश दिया है कि अब एलपीजी सिलेंडर की रिफिल बुकिंग पिछली डिलीवरी के 25 दिन बाद ही स्वीकार की जाएगी।इसका उद्देश्य कालाबाजारी और अनियमित वितरण को रोकना तथा सभी उपभोक्ताओं को समान रूप से गैस उपलब्ध कराना है।
कमर्शियल उपयोग पर अस्थायी रोक
सरकार ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल चिकित्सालयों और शैक्षणिक संस्थानों को छोड़कर अन्य व्यावसायिक उपभोक्ताओं जैसे होटल, मॉल, औद्योगिक इकाइयों और फैक्ट्रियों को कमर्शियल एलपीजी (Bulk और Packed) की आपूर्ति नहीं की जाएगी।
जिला स्तर पर होगी नियमित समीक्षा
सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि वे खाद्य विभाग और ऑयल कंपनियों के अधिकारियों के साथ नियमित बैठक कर एलपीजी स्टॉक और वितरण व्यवस्था की समीक्षा करें। साथ ही बड़े व्यावसायिक उपभोक्ताओं को उपलब्ध स्टॉक का विवेकपूर्ण उपयोग करने और जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक ईंधन स्रोत अपनाने की सलाह देने को भी कहा गया है।
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MP Weather: मध्यप्रदेश में बढ़ने लगी गर्मी, कई जिलों में तापमान 38°C तक पहुंचने का अनुमान

Bhopal: मध्यप्रदेश में अब गर्मी का असर धीरे-धीरे बढ़ने लगा है। मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिम भारत और उससे लगे मध्य भारत के क्षेत्रों में अधिकतम तापमान सामान्य से 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक अधिक रहने की संभावना है। अगले कुछ दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है, जिससे दिन के समय गर्मी महसूस होने लगेगी। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार पिछले कुछ दिनों से मध्यप्रदेश सहित मध्य भारत के कई क्षेत्रों में तापमान सामान्य से ज्यादा दर्ज किया जा रहा है। इससे संकेत मिल रहे हैं कि इस साल गर्मी का मौसम अपेक्षाकृत जल्दी सक्रिय हो सकता है।
बारिश की कमी से बढ़ सकती है गर्मी
मौसम विभाग के अनुसार इस वर्ष देश में शीतकालीन वर्षा सामान्य से काफी कम रही है। मध्य भारत क्षेत्र में भी सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। बारिश कम होने के कारण जमीन में नमी घट जाती है, जिससे तापमान तेजी से बढ़ने की संभावना रहती है।
इन क्षेत्रों में ज्यादा रहेगा असर
आईएमडी के अनुसार प्रदेश के मालवा, निमाड़, बुंदेलखंड और ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में मार्च के दूसरे पखवाड़े में तापमान तेजी से बढ़ सकता है। इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, सागर, खंडवा, खरगोन और बुरहानपुर जैसे जिलों में दिन का तापमान 35 से 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है।
अप्रैल में लू चलने की आशंका
मौसम विभाग का कहना है कि यदि मार्च के अंत तक मौसम शुष्क बना रहता है और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय नहीं होते, तो अप्रैल में प्रदेश के कुछ हिस्सों में लू (हीटवेव) चलने की स्थिति बन सकती है। खासतौर पर मालवा-निमाड़ और बुंदेलखंड क्षेत्र में इसका असर अधिक देखने को मिल सकता है।
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MP News: त्योहारों से पहले हाईअलर्ट, भोपाल कंट्रोल रूम से सीएम की सख्त चेतावनी, ‘कानून-व्यवस्था पर कोई समझौता नहीं’

Bhopal: होली और रमजान सहित आगामी त्योहारों को लेकर मध्यप्रदेश में कानून-व्यवस्था की तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री डॉ. Mohan Yadav ने भोपाल पुलिस कमिश्नरेट के कंट्रोल रूम पहुंचकर प्रदेशभर के अधिकारियों के साथ बैठक की और स्पष्ट कहा कि शांति और सौहार्द से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी जिलों के एसपी बैठक से जुड़े। त्योहारों से पहले हुई इस बैठक के बाद प्रशासन अलर्ट मोड में है। सरकार का साफ संदेश है- शांति, सुरक्षा और सौहार्द से कोई समझौता नहीं होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून-व्यवस्था के मामले में किसी भी स्तर पर कोई समझौता स्वीकार नहीं होगा। त्योहार शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हों, इसके लिए प्रशासन और पुलिस पूरी सतर्कता बरतें। उन्होंने दोहराया कि मध्यप्रदेश शांति का टापू है और इसे हर हाल में बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है।
होली इस बार दो दिन मनाई जा रही है, जिसे देखते हुए राज्य सरकार ने दो दिन का अवकाश घोषित किया है। अतिरिक्त भीड़ और आयोजनों को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने, अफवाहों और भड़काऊ गतिविधियों पर तत्काल कार्रवाई करने तथा सोशल मीडिया मॉनिटरिंग बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जुलूसों, शोभायात्राओं और अन्य धार्मिक आयोजनों के दौरान पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाए। जिला स्तर पर लगातार मॉनिटरिंग हो और किसी भी घटना पर तुरंत प्रतिक्रिया दी जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जनता का विश्वास बनाए रखना प्रशासन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
बैठक में पुलिस महानिदेशक Kailash Makwana और पुलिस आयुक्त Sanjay Kumar सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री सचिवालय और पुलिस विभाग के शीर्ष अधिकारियों ने भी तैयारियों की समीक्षा की। विदेश में फंसे प्रदेशवासियों के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र स्तर पर समन्वय जारी है और प्रधानमंत्री व केंद्रीय गृहमंत्री इस मामले को गंभीरता से देख रहे हैं। राज्य सरकार भी लगातार नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर हर संभव सहायता दी जाएगी।
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MP News: मध्यप्रदेश में SIR के बाद 34.25 लाख नाम हटे, अब 5.39 करोड़ मतदाता, गोविंदपुरा में सबसे ज्यादा असर

MP SIR Update: मध्यप्रदेश में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की चार महीने चली प्रक्रिया के बाद मतदाता सूची में बड़ा बदलाव सामने आया है। प्रदेश में कुल 34 लाख 25 हजार 78 मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। SIR शुरू होने से पहले प्रदेश में कुल मतदाता संख्या 5 करोड़ 74 लाख 6 हजार 143 थी। प्रक्रिया पूरी होने के बाद ड्राफ्ट प्रकाशन में यह घटकर 5 करोड़ 31 लाख 31 हजार 983 रह गई। दावे-आपत्तियों की प्रक्रिया के दौरान 10 लाख 85 हजार 413 नए नाम जोड़े गए, जबकि 2 लाख 36 हजार 331 नाम और हटाए गए। इस तरह शुद्ध रूप से 8 लाख 49 हजार 82 मतदाता बढ़े और अब प्रदेश में कुल मतदाताओं की संख्या 5 करोड़ 39 लाख 81 हजार 65 हो गई है। यह ड्राफ्ट के मुकाबले 1.60 प्रतिशत की वृद्धि है।
गोविंदपुरा में सबसे ज्यादा नाम कटे
राजधानी Bhopal के गोविंदपुरा विधानसभा क्षेत्र में सबसे ज्यादा असर देखने को मिला, जहां 97 हजार से अधिक नाम काटे गए। यह क्षेत्र मंत्री Krishna Gaur का विधानसभा क्षेत्र है। इसके उलट भोपाल का हुजूर विधानसभा क्षेत्र अब मतदाता संख्या के मामले में गोविंदपुरा से आगे निकल गया है।
इंदौर-5 सबसे बड़ा, कोतमा सबसे छोटा
Indore की इंदौर-5 विधानसभा प्रदेश में सबसे ज्यादा मतदाताओं वाला क्षेत्र बन गया है। यहां 3 लाख 52 हजार 849 मतदाता दर्ज किए गए हैं। वहीं मंत्री Dilip Jaiswal का कोतमा विधानसभा क्षेत्र सबसे कम मतदाताओं वाला क्षेत्र है, जहां 1 लाख 39 हजार 559 वोटर हैं।
नाम जोड़ने-हटाने की प्रक्रिया जारी
मतदाता सूची में नाम जोड़ने या सुधार की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी। नया नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म-6 भरना होगा। सुधार या स्थानांतरण के लिए संबंधित फॉर्म जमा करें। ऑनलाइन आवेदन के लिए वोटर पोर्टल https://voters.eci.gov.in पर भी आवेदन कर सकते हैं।
SIR क्या है?
स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) चुनाव आयोग की प्रक्रिया है, जिसके तहत 18 वर्ष से अधिक आयु के नए मतदाताओं को जोड़ा जाता है। मृत या स्थायी रूप से स्थानांतरित लोगों के नाम हटाए जाते हैं। डुप्लीकेट नामों को हटाया जाता है, नाम और पते की त्रुटियों को सुधारा जाता है और BLO घर-घर जाकर फॉर्म भरवाते हैं। 1951 से 2004 तक SIR हो चुका है, लेकिन पिछले 21 वर्षों से व्यापक पुनरीक्षण नहीं हुआ था। इस दौरान माइग्रेशन, डुप्लीकेट नाम और अन्य विसंगतियों को दूर करना आवश्यक हो गया था।
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MP Weather: MP में मौसम फिर पलटा: फरवरी में तीसरी बार बारिश, दिन का पारा गिरा; 23-24 को फिर बरसात के आसार

MP Weather: मध्य प्रदेश में फरवरी का महीना मौसम के लिहाज से असामान्य साबित हो रहा है। महीने की शुरुआत में ही दो बार ओले, आंधी और बारिश का दौर पड़ चुका है। इससे रबी फसलों को काफी नुकसान हुआ था और सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में सर्वे भी कराया था। 18 फरवरी से प्रदेश एक बार फिर भीग गया। 19 फरवरी को भी सिस्टम का असर बना रहा। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक 23 और 24 फरवरी को चौथी बार बारिश होने के आसार हैं। मौसम विभाग का कहना है कि किसानों को फसलों की सुरक्षा के लिए सतर्क रहने की जरूरत है, क्योंकि अगले सप्ताह फिर मौसम करवट ले सकता है।
दिन में ठंडक, रात में राहत
बारिश और सर्द हवाओं के कारण दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई। गुरुवार को कई शहरों में ठंडी हवा चली, जिससे लोगों को फिर से गर्म कपड़े निकालने पड़े। हालांकि, रात के तापमान में हल्की बढ़ोतरी देखी गई। प्रदेश के पांच बड़े शहर- भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर में न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। खजुराहो और कल्याणपुर में ही पारा 10 डिग्री से नीचे रहा, जबकि अन्य शहरों में तापमान इससे ज्यादा रहा।
अगले दो दिन कैसा रहेगा मौसम
21 फरवरी: बारिश का कोई अलर्ट नहीं, दिन में धूप खिलने की संभावना।
22 फरवरी: मौसम साफ रहेगा, फिलहाल कहीं भी बारिश की चेतावनी नहीं।














