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Sagar: रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में मिले 23 हजार करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव, निवाड़ी में लगेगा स्टील प्लांट, फिल्म सिटी के रूप में डेवलप होगा खजुराहो

Sagar: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज सागर में रीजनल इंडस्ट्रीयल कॉन्क्लेव का शुभारंभ किया। आरआईएल सागर में कुल 23 हजार 181 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव हुए प्राप्त हुए। अगर सब कुछ सही रहा तो इनसे बुंदेलखंड में 27 हजार 375 लोगों को सीधे रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के शुभारंभ सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि भविष्य का बुंदेलखंड, विकसित बुंदेलखंड होगा। प्रदेश में उद्योगों के विकास का कार्य निरंतर जारी रहेगा। छोटे से छोटे उद्यमी की सहायता के लिए भी राज्य सरकार पूर्ण सहायोग प्रदान करेगी। केन-बेतवा परियोजना के क्रियान्वयन से बुंदेलखंड के ढाई लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता की वृद्धि होगी, जिससे बुंदेलखंड क्षेत्र का स्वरूप बदल जायेगा। उन्होंने कहा कि सागर में एयरपोर्ट का निर्माण होगा। इससे एविएशन क्षेत्र में संभावनाएं बढ़ेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खजुराहो को फिल्म सिटी के रूप में विकसित करेंगे।
6 जिलों में आरंभ हुए इन्वेस्टमेंट फेसिलिटेशन सेंटर
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आरआईसी सागर के शुभारंभ अवसर पर एमपीआईडीसी के सागर स्थित क्षेत्रीय कार्यालय का वर्चुअल भूमि-पूजन किया। उन्होंने सागर संभाग के 6 जिलों सागर, पन्ना, टीकमगढ़, निवाड़ी, छतरपुर और दमोह में इन्वेस्टमेंट फेसिलिटेशन सेंटर और संभागीय मुख्यालय में एमपीआईडीसी के रीजनल ऑफिस का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इसके साथ ही कोयंबटूर (तमिलनाडू) में एमपीआईडीसी के कार्यालय का भी वर्चुअल शुभारंभ किया। इस अवसर पर औद्योगिक क्षेत्र से सिंधगवां की जलापूर्ति के लिए नगर निगम सागर और एमपीआईडीसी के मध्य ट्रीटेड वाटर प्रदाय के लिए एमओयू का संपादन भी हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 96 औद्योगिक इकाइयों के आशय-पत्र जारी किए। इन इकाइयों को 240 एकड़ भूमि आवंटित की जाना है। इससे 1 हजार 560 करोड़ का पूंजी निवेश एवं 5 हजार 900 से अधिक व्यक्तियों को रोजगार प्रदाय किया जाना प्रस्तावित है।
सागर में 1700 करोड़ की लागत से स्थापित होगा डेटा सेंटर
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सागर संभाग के सभी जिलों में उद्योग तथा व्यापारिक गतिविधियां प्रारंभ होंगी। बीना में कई इकाइयां आएंगी। साथ ही 120 करोड़ की लागत से पेट्रोलियम क्षेत्र में भी निवेश हो रहा है। प्रदेश में सागर में चलने वाले डेटा सेंटर की स्थापना महत्वपूर्ण कदम है। यह 1700 करोड़ का निवेश है और इससे लगभग एक हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नए 6 लेन और 4 लेन मार्गों का लाभ भी बुंदेलखंड क्षेत्र को प्राप्त होगा।
सागर में सिल्वर क्लस्टर का विकास होगा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस क्षेत्र में चांदी का कार्य करने वालों, बीड़ी तथा अगरबत्ती उद्योग से जुड़े लोगों को पूर्ण सहयोग प्रदान किया जायेगा। सागर में चांदी से जुड़ी गतिविधियों को प्रोत्साहित करने क्लस्टर विकसित किया जायेगा। उन्होंने कहा कि रीजनल इंडस्ट्रीयल कॉन्क्लेव से स्थानीय स्तर पर नई इकाइयों की स्थापना के लिए अनुकूल वातावरण बन रहा है। इससे स्थानीय गतिविधियों के साथ प्रदेश स्तर पर महत्व रखने वाले उद्योगों की स्थापना को भी गति देने में मदद मिल रही है।
रीजनल इंडस्ट्रीयल कॉन्क्लेव मेंं आए उद्योगपतियों ने साझा किए अपने प्रस्ताव
1.निवाड़ी में 3200 करोड़ की लागत से इंटीग्रेटेड स्टील प्लांट लगेगा
पेसिफिक मेटा-स्टील के जे. पी. अग्रवाल ने कहा कि वे निवाड़ी में 3200 करोड़ की लागत से इंटीग्रेटेड स्टील प्लांट लगा रहे हैं। इससे 10 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा और प्रतिवर्ष लगभग 1 हजार करोड़ का राजस्व भी शासन को प्राप्त होगा। उन्होंनें मध्यप्रदेश में मेडीकल क्षेत्र में भी गतिविधियां आरंभ करने की योजना सांझा की।
2.बंसल समूह करेगा 1350 करोड़ रुपए का निवेश
कॉन्क्लेव में आए बंसल समूह के सुनील बंसल ने कहा कि चिकित्सा उद्योग क्षेत्र में बंसल समूह कार्य कर रहा है। सागर में किडनी प्रत्यारोपण की सुविधा समूह द्वारा प्रारंभ की गई है। बंसल ने प्रदेश में 4 सुपर स्पेशियेलिटी हॉस्पिटल, एक पांच सितारा होटल और ऊर्जा क्षेत्र में 1350 करोड़ रुपए के निवेश का प्रस्ताव दिया।
3.सागर ग्रुप की डाईग एण्ड प्रोसेसिंग क्षेत्र में लगभग 1400 करोड़ के निवेश की योजना
सागर ग्रुप के उद्योगपति सुधीर अग्रवाल ने कहा कि भोपाल के पास तामोट में उनकी इकाइयां कार्य कर रही हैं। टेक्सटाईल क्षेत्र में नए निवेश के प्रयास सागर ग्रुप कर रहा है। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोटी, कपड़ा, मकान सभी क्षेत्रों में ग्रुप कार्य कर रहा हैं। उनके समूह की डाईंग एण्ड प्रोसेसिंग क्षेत्र में लगभग 1400 करोड़ रुपए के निवेश की योजना है, इससे रोजगार के अवसर निर्मित होंगे। उन्होंने कहा कि उनका समूह कॉम्पटीशन नहीं, को-आपरेशन के सिद्धांत पर कार्य करता है।
4.मध्य भारत एग्रो का सर्वाधिक निवेश मध्यप्रदेश में
मध्य भारत एग्रो के पंकज ओसवाल ने कहा कि उनके समूह का सर्वाधिक निवेश मध्यप्रदेश में है। निवेश की उद्योग मित्र नीति तथा शासन का सहयोगी रवैया अतुलनीय है। उनका समूह सागर में सिंगल सुपर फॉस्फेट का उत्पादन कर रहा है। ओसवाल ने बताया कि उनके समूह की सागर के बंडा के पास 500 करोड़ रुपए निवेश की योजना है।
रीजनल इंडस्ट्री में प्राप्त प्रमुख निवेश प्रस्ताव और संभावित रोजगार
| स.क्र. | निवेशक इकाई का नाम | प्रस्तावित निवेश स्थान | सेक्टर | प्रस्तावितनिवेश (राशि करोड़ में) | प्रस्तावितरोजगार |
| 1 | पैसिफ़िकमेटा स्टील | निवाड़ी | स्टील निर्माण | 3200 | 1250 |
| 2 | पैरामाउंट केबल | सागर | केबल निर्माण | 250 | 375 |
| 3 | अवनि परिधि | छत्तरपुर | खनिज | 371 | 300 |
| 4 | इण्डस्ट्रीज एण्ड ट्रेडर्स वेलफेयर एसोसिएशन | बीना, सागर | गार्मेंट | 100 | 500 |
| 5 | मध्य भारत एग्रो प्राइवेट लिमिटेड | बंडा, सागर | रसायन एवं उर्वरक | 400 | 500 |
| 6 | डाटा सेंटरिक्स | सुरख़ी, सागर | डेटा सेंटर निर्माण | 1700 | 850 |
| 7 | इको सीमेंट (गोयल ग्रुप) | पन्ना | सीमेंट | 2000 | 1000 |
| 8 | फ्लाई ओला | सागर, उमरिया, नीमच, सिंगरौली | एविएशन | 1800 | 300 |
| 9 | अलिंज़ पोर्टेबल पेट्रोल पंप प्राइवेट लिमिटेड | सागर सहित मध्यप्रदेश के विभिन्न शहर | ऊर्जा | 120 | 10000 |
| 10 | एमएसएमई विभाग से प्राप्त कुल निवेशप्रस्ताव | सागर संभाग के सभी ज़िले | विविध सेक्टर | 940 | 4500 |
| 11 | अल्पेक्स सोलर लिमिटेड | नर्मदापुरम | ऊर्जा | 750 | 1000 |
| 12 | असेड्सप्राइवेटलिमिटेड | भोपाल | इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सेमीकंडक्टर | 100 | 50 |
| 13 | आर. के. सेठिया एग्रो प्राइवेट लिमिटेड | नर्मदापुरम | कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण | 800 | 850 |
| 14 | सिग्मा इंजीनियरिंग | भोपाल | ट्रांसफार्मर निर्माण | 200 | 150 |
| 15 | बारमाल्ट माल्टिंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड | सीहोर | कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण | 400 | 500 |
| 16 | दारा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड | सीहोर | पाइप निर्माण | 750 | 950 |
| 17 | इज ग्रीन मोबिलिटी (इस माय ट्रिप) | भोपाल | इलेक्ट्रिक व्हीकल निर्माण | 1000 | 2000 |
| 18 | बंसल ग्रुप | जबलपुर, भोपाल, ग्वालियर एवं इंदौर | हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर एवं होटल व्यवसाय | 1350 | 2000 |
| 19 | स्वर्ण भारत स्टील प्राइवेट लिमिटेड | सीहोर | स्टील निर्माण | 150 | 200 |
| 20 | इन्सोलेशन ग्रीन एनर्जी लिमिटेड | नर्मदापुरम | नवकरणीय ऊर्जा | 1600 | 400 |
| 21 | सनकाइंड इंडिया प्राइवेट लिमिटेड | नर्मदापुरम | नवकरणीय ऊर्जा | 1000 | 200 |
| 22 | नवीनीकरण ऊर्जा क्षेत्र की कंपनियों | नर्मदापुरम | नवकरणीय ऊर्जा | 4200 | 8500 |
| कुल | 23181 | 27375 |
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Bhopal: एमपी बोर्ड रिजल्ट का इंतजार खत्म, 10वीं-12वीं के नतीजे 7 से 12 अप्रैल के बीच संभव

Bhopal: मध्यप्रदेश में एमपी बोर्ड के 10वीं और 12वीं के लाखों छात्रों का इंतजार अब जल्द खत्म होने वाला है। माध्यमिक शिक्षा मंडल इस साल 15 अप्रैल से पहले रिजल्ट जारी करने की तैयारी में है। संभावित तौर पर परिणाम 7 से 12 अप्रैल के बीच घोषित किए जा सकते हैं।
स्कूल शिक्षा विभाग के अनुसार, रिजल्ट से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं अंतिम चरण में हैं और इसे पूरी तरह त्रुटिरहित बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। विभाग की प्राथमिकता है कि समय पर परिणाम जारी कर छात्रों की आगे की पढ़ाई में कोई बाधा न आए।
इस वर्ष बोर्ड परीक्षाओं में करीब 16 लाख से अधिक छात्र शामिल हुए हैं। इनमें लगभग 9 लाख 7 हजार विद्यार्थी 10वीं और करीब 7 लाख छात्र 12वीं की परीक्षा में बैठे। इतनी बड़ी संख्या को देखते हुए पूरे प्रदेश में 3856 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे।
स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने बताया कि रिजल्ट जारी करने से पहले कॉपी जांच, क्रॉस चेकिंग और वैरिफिकेशन की प्रक्रिया तेजी से पूरी की जा रही है। हर स्तर पर सावधानी बरती जा रही है ताकि किसी भी प्रकार की त्रुटि न रह जाए।
उन्होंने कहा कि रिजल्ट पूरी तरह “फुलप्रूफ” होना चाहिए, जिससे छात्रों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। संभावना है कि अप्रैल के पहले पखवाड़े में ही परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे।
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MP News: एमपी हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, दूसरे राज्य का OBC सर्टिफिकेट मान्य नहीं, शादी से नहीं मिलेगा आरक्षण

Gwalior:मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में साफ किया है कि दूसरे राज्य से जारी OBC (अन्य पिछड़ा वर्ग) प्रमाण पत्र के आधार पर मध्य प्रदेश में आरक्षण का लाभ नहीं लिया जा सकता। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि विवाह के आधार पर किसी महिला को पति की जाति का आरक्षण लाभ नहीं मिलेगा। यह मामला अर्चना दांगी से जुड़ा है, जो मूल रूप से यूपी के जालौन की निवासी हैं। उन्होंने उच्च माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा-2018 पास की थी, लेकिन दस्तावेज सत्यापन के दौरान उनका चयन इस आधार पर निरस्त कर दिया गया कि उनका OBC प्रमाण पत्र उत्तर प्रदेश का था।
याचिकाकर्ता का तर्क खारिज
याचिकाकर्ता ने दलील दी थी कि दांगी जाति दोनों राज्यों में OBC सूची में शामिल है और विवाह के बाद वे मध्य प्रदेश की निवासी बन चुकी हैं, इसलिए उन्हें आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए। हालांकि, कोर्ट ने इस तर्क को खारिज कर दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि जाति का निर्धारण जन्म से होता है, न कि विवाह या निवास बदलने से। दूसरे राज्य का जाति प्रमाण पत्र मध्य प्रदेश में मान्य नहीं होगा।
सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला
कोर्ट ने Supreme Court of India के पूर्व फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति दूसरे राज्य में जाकर अपनी जाति का आरक्षण लाभ नहीं ले सकता, भले ही वह जाति दोनों राज्यों में सूचीबद्ध क्यों न हो।
शादी से सामाजिक पहचान बदल सकती है, आरक्षण नहीं
न्यायालय ने स्पष्ट किया कि विवाह के बाद महिला सामाजिक रूप से पति की जाति का हिस्सा बन सकती है, लेकिन आरक्षण का लाभ नहीं ले सकती, क्योंकि यह सामाजिक और शैक्षणिक पिछड़ेपन पर आधारित होता है। इन्हीं आधारों पर हाईकोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए संबंधित अधिकारियों के निर्णय को सही और विधिसम्मत बताया।
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MP News: एमपी में TET अनिवार्यता पर संग्राम, 12 संगठनों का संयुक्त मोर्चा, 8 से 18 अप्रैल तक आंदोलन

MP TET Controversy: मध्यप्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) अनिवार्यता को लेकर विवाद अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। प्रदेश के 12 प्रमुख शिक्षक संगठनों ने एकजुट होकर “अध्यापक-शिक्षक संयुक्त मोर्चा” का गठन किया है और सरकार के खिलाफ सड़क से लेकर न्यायालय तक संघर्ष का ऐलान किया है। शिक्षक संगठनों का कहना है कि यह सिर्फ एक परीक्षा का मुद्दा नहीं, बल्कि सेवा सुरक्षा, अधिकार और भविष्य से जुड़ा मामला है। मोर्चा के अनुसार, सरकार द्वारा जारी आदेश ने करीब 1.5 लाख शिक्षकों को असमंजस की स्थिति में डाल दिया है।
8 से 18 अप्रैल तक आंदोलन का ऐलान
संयुक्त मोर्चा ने चरणबद्ध आंदोलन की रणनीति तैयार की है-
- 8 अप्रैल: जिला स्तर पर विरोध प्रदर्शन
- 11 अप्रैल: ब्लॉक स्तर पर धरना और जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन
- 18 अप्रैल: Bhopal में “मुख्यमंत्री अनुरोध यात्रा”
रिव्यू पिटीशन और आदेश निरस्त करने की मांग
शिक्षक संगठनों की प्रमुख मांग है कि सरकार सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ रिव्यू पिटीशन दायर करे। साथ ही लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) द्वारा जारी आदेश को तुरंत निरस्त किया जाए।
आदेश में अस्पष्टता से बढ़ी चिंता
शिक्षकों का आरोप है कि DPI के आदेश में यह स्पष्ट नहीं है कि किन शिक्षकों को TET देना अनिवार्य होगा और किन्हें छूट मिलेगी। इसी कारण शिक्षकों में असुरक्षा और भ्रम की स्थिति बनी हुई है। संयुक्त मोर्चा ने TET के अलावा सेवा अवधि की गणना और वरिष्ठता को लेकर भी स्पष्ट नीति बनाने की मांग की है।FEA
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MP News: मध्य प्रदेश में बिजली महंगी, 4.80% टैरिफ बढ़ा, अब 7.05 रु/यूनिट, दूसरे राज्यों को सस्ती सप्लाई पर विवाद

Bhopal: मध्य प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं को झटका लगा है। मध्य प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नया टैरिफ जारी करते हुए औसतन 4.80% की बढ़ोतरी कर दी है। इससे राज्य के करीब 1.90 करोड़ उपभोक्ताओं के बिजली बिल बढ़ेंगे।नए टैरिफ के मुताबिक, आम उपभोक्ताओं के लिए बिजली की दर लगभग 7.05 रुपये प्रति यूनिट तय की गई है। वहीं, राज्य से बाहर सप्लाई की जाने वाली बिजली की दर 3.81 रुपये प्रति यूनिट रखी गई है। यानी प्रदेश के उपभोक्ताओं को करीब 3 रुपये प्रति यूनिट ज्यादा कीमत चुकानी होगी।
सरप्लस बिजली सस्ते में बाहर सप्लाई
टैरिफ आदेश के अनुसार राज्य में करीब 10,198 मिलियन यूनिट बिजली सरप्लस है। इस अतिरिक्त बिजली को दूसरे राज्यों को कम दर पर भेजा जा रहा है। 255 पेज के आदेश में यह अंतर स्पष्ट तौर पर दिखाया गया है।
निजी कंपनियों से समझौते बने वजह
मध्यप्रदेश नागरिक उपभोक्ता मंच के सदस्य मनीष शर्मा का कहना है कि सरकार निजी कंपनियों और अन्य राज्यों से बिजली खरीदने के लिए दीर्घकालिक समझौते (MoU) करती है। गर्मी में जब मांग बढ़ती है, तब इनका उपयोग होता है। लेकिन यदि खरीदी गई पूरी बिजली खपत नहीं होती, तब भी उसका भुगतान करना पड़ता है। ऐसे में अतिरिक्त बिजली को कम दर पर बाहर बेचना पड़ता है, जबकि राज्य के भीतर दरें बढ़ाकर लागत की भरपाई की जाती है।
कुछ श्रेणियों को मिली राहत
नए टैरिफ में मेट्रो और उच्च दाब (HT) वाले कुछ उपभोक्ताओं को राहत दी गई है। इन श्रेणियों में दरों में बढ़ोतरी नहीं की गई। गुड़ और शक्कर उद्योग से जुड़े उपभोक्ताओं को भी फायदा मिला है।
सरकार के पास बदलाव का अधिकार
Electricity Act 2003 की धारा 108 के तहत राज्य सरकार नियामक आयोग को निर्देश देकर इन दरों की दोबारा समीक्षा करवा सकती है। ऐसे में आने वाले समय में टैरिफ में बदलाव की संभावना भी बनी हुई है।
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MP News: इंदौर में दिल दहला देने वाली वारदात, पेंटहाउस विवाद में महिला इंजीनियर की कार से कुचलकर हत्या

Indore: मध्य प्रदेश के इंदौर में पेंटहाउस को किराए पर देने के विवाद ने खौफनाक रूप ले लिया। लसूड़िया थाना क्षेत्र के शिव वाटिका टाउनशिप में एक युवक ने कार से कुचलकर महिला की हत्या कर दी। मृतका की पहचान शंपा पाठक पांडे के रूप में हुई है, जो Infosys में सॉफ्टवेयर इंजीनियर थीं। घटना बुधवार रात करीब 10:30 बजे एमआर-11 स्थित सागरश्री एन्क्लेव बिल्डिंग में हुई। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर आरोपी मोहित चौधरी और उसके पिता को गिरफ्तार कर लिया है।
पेंटहाउस बना विवाद की वजह
पुलिस के मुताबिक, बिल्डिंग में रहने वाले कुलदीप चौधरी ने अपना पेंटहाउस Airbnb के जरिए किराए पर दे रखा था। यहां रोज नए लोगों के आने से रहवासी नाराज थे और इसे लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। बुधवार रात इसी बात को लेकर कहासुनी बढ़ गई। रहवासियों ने पहले पेंटहाउस की बिजली बंद की, जिसके बाद दोनों पक्षों में मारपीट शुरू हो गई।
कार से कुचलने की पूरी वारदात
विवाद के दौरान आरोपी मोहित चौधरी कार लेकर मौके पर पहुंचा और तेज रफ्तार (60-70 किमी/घंटा) में पहले एक महिला कर्मचारी को टक्कर मारी। इसके बाद उसने शंपा पांडे को निशाना बनाया। घायल शंपा को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पूरी घटना बिल्डिंग के CCTV कैमरों में कैद हो गई है। पुलिस ने DVR जब्त कर जांच शुरू कर दी है।
पति का आरोप- जानबूझकर नहीं रोकी कार
मृतका के पति सौरभ पांडे ने बताया कि शोर सुनकर वे नीचे आए थे। इसी दौरान आरोपी ने तेज रफ्तार में कार चलाई। उनका कहना है कि आरोपी चाहता तो कार रोक सकता था, लेकिन उसने पहले टक्कर मारी और फिर कार नहीं रोकी, जिससे गंभीर चोट लगने से उनकी पत्नी की मौत हो गई।
















