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Raipur: साय सरकार में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल हुआ कर्जमुक्त, अटल नगर देश का पहला ऋण मुक्त ग्रीनफील्ड शहर बना- वित्त मंत्री चौधरी

Raipur: प्रदेश के आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी ने छत्तीसगढ संवाद ऑडिटोरियम में प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी के नेतृत्व में आवास एवं पर्यावरण विभाग ने विगत दो वर्षों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। लोगों को किफायती आवास की उपलब्धता, बेहतर रहवासी सुविधा, आजीविका के साधनों के विकास के साथ ही पर्यावरण अनुकूल ईज आफ लिविंग का ध्यान रखते हुए इन दो सालों में काम किया गया है। विभाग द्वारा किये गये दो सालों से नागरिक जीवन बेहतर हुआ है और राज्य की उज्ज्वल भविष्य की ठोस नींव रख दी गई है।
मंत्री चौधरी ने बताया कि दो साल पहले छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल अनेक चुनौतियों का सामना कर रहा था। 3200 से अधिक आवासीय एवं व्यावसायिक संपत्तियों का विक्रय नहीं हो सका था। 735 करोड रुपए का बकाया था। मंडल को ऋण मुक्त करने के लिए यह राशि राज्य शासन द्वारा उपलब्ध कराई गई। वर्तमान में मंडल पर कोई ऋण नहीं है। जिन संपत्तियों का विक्रय लंबे समय से नहीं हुआ था, उनके विक्रय के लिए सरकार द्वारा एकमुश्त निपटान योजना ओटीएस-2 आरंभ की गई। इसके माध्यम से इन संपत्तियों पर 30 प्रतिशत तक की छूट उपलब्ध करायी गई। इस योजना को सफलता मिली और 9 महीनों में ही 1251 संपत्तियों का विक्रय हुआ और इस योजना के माध्यम से 190 करोड रुपए का राजस्व अर्जित किया गया। यह राशि आगामी परियोजनाओं में व्यय की जाएगी, ताकि अधिकतम हितग्राहियों को किफायती आवास एवं व्यावसायिक संपत्ति का लाभ मिल सके।
उन्होंने बताया कि भविष्य में अविक्रित स्टॉक से बचने के लिए नई निर्माण नीति लागू की गई है। अब मांग आधारित निर्माण को प्राथमिकता दी जाएगी। बाजार की वास्तविक आवश्यकता के अनुसार परियोजनाएं शुरू होंगी। इससे वित्तीय जोखिम कम होगा। नई नीति के अनुसार 60 प्रतिशत या प्रथम 3 माह में 30 प्रतिशत पंजीयन अनिवार्य किया गया है। इसके पश्चात ही निर्माण कार्य प्रारंभ होगा। यह व्यवस्था परियोजनाओं की व्यवहार्यता सुनिश्चित करेगी। नागरिकों की मांग को प्रत्यक्ष रूप से महत्व मिलेगा।
चौधरी ने कहा कि आवंटियों की सुविधा के लिए ऑनलाइन पोर्टल को और सुदृढ किया गया है। प्रक्रियाएं सरल और समयबद्ध हुई हैं। नागरिकों को कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। एआई आधारित चैटबॉट के माध्यम से 24×7 जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। मानव हस्तक्षेप की आवश्यकता कम हुई है। पारदर्शिता और सुविधा दोनों में वृद्धि हुई है।
मंत्री चौधरी ने रायपुर विकास प्राधिकरण की उपलब्धियों के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि 193 करोड रूपए की लागत से प्राधिकरण द्वारा पीएम यूनिटी मॉल का निर्माण किया जा रहा है। इसके साथ ही टिकरापारा में 168 फ्लैट का निर्माण प्रस्तावित है। जिसके लिए निविदा आमंत्रित की गई है। जनवरी से प्राधिकरण द्वारा ऑनलाईन प्रणाली की शुरूआत की गई है।
उन्होंने कहा कि नवा रायपुर अटल नगर के विकास के लिए बीते 2 सालों में ऐतिहासिक निर्णय हुए हैं। नवा रायपुर अटल नगर देश का पहला ऋण मुक्त ग्रीनफील्ड शहर बना है। यह उपलब्धि राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय मानी जा रही है। प्राधिकरण द्वारा 1,345 करोड़ के संपूर्ण ऋण का भुगतान किया गया। यह ऋण पूर्ववर्ती विकास परियोजनाओं से संबंधित था। अनुशासित वित्तीय प्रबंधन से यह संभव हो सका। किसी नए ऋण का बोझ नहीं डाला गया। ऋण चुकता होने के साथ 5,030 करोड मूल्य की भूमि और संपत्ति गिरवी-मुक्त हुई। अब ये परिसंपत्तियां पूरी तरह स्वतंत्र हैं। इससे निवेश और विकास प्रस्तावों को गति मिलेगी।
नवा रायपुर में औद्योगिक एवं व्यावसायिक गतिविधि बढ़ाने के लिए भी उल्लेखनीय पहल की गई है। 132 एकड क्षेत्र में टेक्सटाइल पार्क विकसित किया जा रहा है। टेक्सटाइल पार्क में लगभग 2,000 करोड के निवेश का अनुमान है। यह निवेश राज्य की औद्योगिक अर्थव्यवस्था को सशक्त करेगा। एमएसएमई और बड़े उद्योगों को अवसर मिलेंगे। निर्यात क्षमता में वृद्धि होगी। इस परियोजना से 12,000 से अधिक रोजगार सृजित होने की संभावना है। प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार दोनों शामिल होंगे। स्थानीय युवाओं को अवसर मिलेंगे तथा क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी।
सेमीकंडक्टर और आईटी क्षेत्र में 1,800 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है। यह पहल उन्नत 5जी और 6 जी तकनीक को ध्यान में रखकर की गई है। इससे राज्य को तकनीकी मानचित्र पर नई पहचान मिलेगी। डिजिटल इकोसिस्टम मजबूत होगा। आईटी क्षेत्र से लगभग 10,000 नए रोजगार सृजित होने की संभावना है। उच्च कौशल आधारित रोजगार उपलब्ध होंगे। स्टार्टअप और तकनीकी कंपनियों को बढ़ावा मिलेगा।
चौधरी ने कहा कि नवा रायपुर टेक-हब के रूप में उभरेगा। नवा रायपुर को कॉन्फ्रेंस कैपिटल के रूप में विकसित किया जा रहा है। राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय आयोजनों को आकर्षित करने की योजना है। एमआईसीई टूरिज्म को बढावा मिलेगा। सेवा और पर्यटन क्षेत्र को नई गति मिलेगी। चौधरी ने बताया कि शहर को वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में भी विकसित किया जा रहा है। आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और खुले स्थल उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इवेंट आधारित अर्थव्यवस्था को बढावा मिलेगा। स्थानीय सेवाओं में रोजगार बढ़ेगा। 400 करोड की लागत से इनलैंड मरीना परियोजना विकसित की जा रही है। यह पर्यटन और शहरी सौंदर्य दोनों को बढ़ाएगी। मनोरंजन के नए अवसर सृजित होंगे। ग्रीन और ब्लू इंफ्रास्ट्रक्चर को जोड़ा गया है।
120 करोड की लागत से आर्ट ऑफ लिविंग सेंटर विकसित किया जाएगा। यह आध्यात्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का केंद्र बनेगा। वेलनेस टूरिज्म को प्रोत्साहन मिलेगा। शहर की सामाजिक पहचान मजबूत होगी। 230 करोड की लागत से साइंस सिटी विकसित की जा रही है। इससे शिक्षा और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा। छात्रों और युवाओं को विज्ञान से जोड़ने का उद्देश्य है। भविष्य उन्मुख सोच को प्रोत्साहन मिलेगा।
नवा रायपुर को मेडिकल हब बनाने के उद्देश्य से मेडी सिटी विकसित की जा रही है। यहां उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी। क्षेत्रीय स्वास्थ्य सुविधाओं पर दबाव कम होगा। मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा। मेडी सिटी में 300 बिस्तरों वाला हॉस्पिटल बॉम्बे हॉस्पिटल ट्रस्ट द्वारा विकसित किया जा रहा है। एजु सिटी के अंतर्गत NIFT और NIELIT को भूमि आवंटन की प्रक्रिया प्रगति पर है। डिजाइन और आईटी शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा। उच्च शिक्षा संस्थानों का क्लस्टर विकसित होगा। देश विदेश के नामी शैक्षणिक संस्थानों के आने से नवा रायपुर ज्ञान केंद्र के रूप में उभरेगा।
मंत्री ओपी चौधरी ने बताया कि नगर तथा ग्राम निवेश विभाग द्वारा भी बीते दो साल में उल्लेखनीय कार्य किये गये हैं। नियमों को अधिक सरल, व्यावहारिक और किफायती बनाने के उद्देशेय से राज्य में पहली बार किफायती जन आवास नियम, 2025 लागू किया गया है। इससे आवास निर्माण को प्रोत्साहन मिलेगा। नागरिकों और डेवलपर्स दोनों को लाभ होगा। अब कृषि भूमि में भी किफायती आवास स्वीकार किया गया है। प्रक्रिया सरल और समयबद्ध हुई है। कॉलोनाइजर्स द्वारा सामुदायिक खुले स्थान की अनिवार्यता 10 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत की गई है। इससे परियोजनाओं की लागत में कमी आएगी। किफायती आवास अधिक व्यवहार्य बनेंगे। फिर भी आवश्यक खुले स्थान सुरक्षित रहेंगे।
मंत्री चौधरी ने बताया इसके अतिरिक्त केंद्रीय रिफॉर्म के अंतर्गत छत्तीसगढ़ भूमि विकास नियम 1984 में भी संशोधन किये गये हैं। औद्योगिक क्षेत्रों में न्यूनतम पहुंच मार्ग की चौड़ाई कम की गई है। अब 7.5 से 9 मीटर चौड़ाई स्वीकार्य है। पहले यह 12 मीटर होनी अनिवार्य थी। इससे भूमि का बेहतर उपयोग संभव होगा। औद्योगिक क्षेत्रों में ग्राउंड कवरेज 60 प्रतिशत से बढाकर 70 प्रतिशत किया गया है। उद्योगों को अधिक निर्माण क्षेत्र मिलेगा। उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी। इससे औद्योगिक विस्तार आसान होगा।
छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा उद्योगों द्वारा पर्यावरणीय उत्सर्जनों के निगरानी हेतु रियल टाइम सिस्टम लागू किया गया है। ऑनलाइन के माध्यम से निरंतर निगरानी हो रही है, जिससे पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ी है। उत्सर्जन सीमा से अधिक होने पर तुरंत अलर्ट जारी होता है। तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई संभव होती है। नियमों के पालन में सख्ती आई है। स्वचालित नोटिस प्रणाली लागू की गई है। इससे प्रशासनिक प्रक्रिया तेज हुई है तथा मानव हस्तक्षेप पर निर्भरता कम हुई है।
आवास एवं पर्यावरण विभाग की उपलब्धियां छत्तीसगढ़ को वित्तीय रूप से सक्षम, निवेश-अनुकूल, पर्यावरण-संवेदनशील और नागरिक केंद्रित राज्य के रूप में स्थापित करती हैं। विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में विभाग द्वारा की गई पहल अत्यंत महत्वपूर्ण हैं और इसके लिए दीर्घकालीन विकास की ठोस नींव तैयार हुई है। इस अवसर पर अनुराग सिंह देव, अध्यक्ष, छत्तीसगढ गृह निर्माण मंडल, नन्द कुमार साहू, अध्यक्ष, रायपुर विकास प्राधिकरण, विधायक रायमुनी भगत, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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CG Cabinet: 10 जिलों में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स, पायलट ट्रेनिंग संस्थान, स्टार्टअप नीति और क्लाउड फर्स्ट पॉलिसी को मंजूरी

Raipur: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रदेश के विकास, सुरक्षा और डिजिटल सशक्तिकरण से जुड़े कई अहम निर्णय लिए गए। कैबिनेट ने प्रदेश में मादक पदार्थों की रोकथाम को सशक्त बनाने के लिए 10 जिलों में जिला स्तरीय एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के गठन को मंजूरी दी गई है। इसके लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 के मुख्य बजट में 100 नए पद स्वीकृत किए गए हैं। यह व्यवस्था रायपुर, महासमुंद, बिलासपुर, दुर्ग, बस्तर, सरगुजा, कबीरधाम, जशपुर, राजनांदगांव और कोरबा जिलों में लागू होगी।
एसओजी के गठन को हरी झंडी
कैबिनेट ने पुलिस मुख्यालय की विशेष शाखा के अंतर्गत स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) के गठन के लिए 44 नए पदों को स्वीकृति दी है। एसओजी किसी भी आतंकी हमले, बड़ी घटना या गंभीर खतरे की स्थिति में त्वरित कार्रवाई कर हालात को नियंत्रित करने का कार्य करेगी।
छत्तीसगढ़ में पायलट प्रशिक्षण की सुविधा
राज्य के विभिन्न एयरपोर्ट और हवाई पट्टियों पर फ्लाइट ट्रेनिंग ऑर्गनाइजेशन (FTO) की स्थापना के निर्णय को मंजूरी दी गई है। निजी सहभागिता से शुरू होने वाले इस संस्थान से युवाओं को पायलट प्रशिक्षण के साथ-साथ विमानन क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। इससे एयरक्राफ्ट रिसाइकिलिंग, हेलीकॉप्टर बंकिंग और एयरो स्पोर्ट्स जैसी सुविधाओं का भी विकास होगा।
स्टार्टअप नीति 2025-26 को मंजूरी
कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-26 को मंजूरी दी है। इस नीति से राज्य में स्टार्टअप इकोसिस्टम, इनक्यूबेटर्स और निवेशकों को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही स्टेट्स स्टार्टअप रैंकिंग में सुधार से छत्तीसगढ़ निवेश के लिए आकर्षक केंद्र बनेगा।
35 आवासीय कॉलोनियां नगरीय निकायों को सौंपने का निर्णय
गृह निर्माण मंडल और रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा निर्मित और पूर्ण हो चुकी 35 आवासीय कॉलोनियों को नगर निगम और नगर पालिकाओं को सौंपने का फैसला लिया गया है। इससे कॉलोनीवासियों को पानी, बिजली, सड़क, सफाई जैसी मूलभूत सुविधाएं मिलेंगी और दोहरे रखरखाव शुल्क से राहत मिलेगी।
नवा रायपुर में बहुमंजिला शासकीय भवन बनेगा
नवा रायपुर अटल नगर में शासकीय विभागों और निगम-मंडलों के लिए एक वृहद बहुमंजिला भवन के निर्माण को मंजूरी दी गई है। इससे भूमि का बेहतर उपयोग होगा और विभिन्न विभाग एक ही परिसर में संचालित हो सकेंगे।
सिरपुर और अरपा क्षेत्र के विकास को गति
सिरपुर और अरपा विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण के तहत शासकीय भूमि के आबंटन का अधिकार संबंधित जिलों के कलेक्टरों को दिया गया है। विकास कार्यों को तेज करने के लिए भूमि आबंटन ₹1 प्रीमियम और भू-भाटक पर किया जाएगा।
छत्तीसगढ़ क्लाउड फर्स्ट नीति लागू
कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ क्लाउड फर्स्ट नीति को लागू करने की मंजूरी दी है। इसके तहत सभी शासकीय विभाग केवल भारत सरकार द्वारा अनुमोदित क्लाउड सेवा प्रदाताओं से ही सेवाएं लेंगे। इस नीति से आईटी लागत में कमी, बेहतर साइबर सुरक्षा और नागरिक सेवाओं की 24×7 उपलब्धता सुनिश्चित होगी।
मोबाइल टावर योजना को मंजूरी
डिजिटल कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए मोबाइल टावर योजना को स्वीकृति दी गई है। इसके तहत नेटवर्क विहीन और वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में मोबाइल टावर स्थापित किए जाएंगे। इससे ई-गवर्नेंस, स्वास्थ्य, शिक्षा, डीबीटी और डायल-112 जैसी सेवाओं की पहुंच दूरस्थ इलाकों तक आसान होगी।
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Raipur: धान खरीदी को लेकर सरकार का बड़ा फैसला, CM साय के निर्देश पर किसानों को 2 दिन की अतिरिक्त राहत

Raipur: छत्तीसगढ़ सरकार ने किसानों के हित में बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर प्रदेश में धान खरीदी की प्रक्रिया को दो दिन के लिए बढ़ा दिया गया है। अब पात्र किसान 5 और 6 फरवरी 2026 को भी अपना धान बेच सकेंगे। सरकार ने यह राहत उन किसानों को दी है, जो किसी कारणवश तय समय में धान विक्रय नहीं कर पाए थे। इस अतिरिक्त अवधि में तीन श्रेणियों के किसान धान विक्रय के लिए पात्र होंगे-
1.वे किसान, जिन्होंने 10 जनवरी 2026 के बाद टोकन के लिए आवेदन किया, लेकिन सत्यापन नहीं हो पाया।
2.वे किसान, जिन्होंने 10 जनवरी के बाद आवेदन किया और सत्यापन के बाद उनके पास धान पाया गया।
3.वे किसान, जिन्हें 28, 29 और 30 जनवरी 2026 को टोकन मिला था, लेकिन तय तारीख पर धान नहीं बेच सके।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए बारदाना और हमालों की समुचित व्यवस्था करने के भी आदेश संबंधित अधिकारियों को दिए गए हैं। राज्य सरकार का यह निर्णय किसानों के प्रति संवेदनशीलता और उनकी उपज के सुरक्षित व सुचारु विक्रय के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
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Chhattisgarh: CM साय ने छत्तीसगढ़ के पहले स्पेस सेंटर का किया उद्घाटन, कैप्टन शुभांशु शुक्ला बोले- यह मेरी नहीं, पूरे भारत की अंतरिक्ष यात्रा

Raipur: छत्तीसगढ़ में अब बच्चों के अंतरिक्ष सपनों को नई उड़ान मिलने जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नवा रायपुर के राखी में प्रदेश के पहले अंतरिक्ष केंद्र का शुभारंभ किया। यह केंद्र जिला प्रशासन द्वारा संचालित प्रोजेक्ट अंतरिक्ष के तहत शुरू किया गया है। इस अवसर पर भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन और अंतरिक्ष यात्री डॉ. शुभांशु शुक्ला भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि अंतरिक्ष संगवारी पहल का विस्तार पूरे प्रदेश में किया जाएगा और सभी जिलों में अंतरिक्ष केंद्र खोले जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह केंद्र सिर्फ एक भवन नहीं, बल्कि बच्चों के सपनों की प्रयोगशाला है, जहां विज्ञान को किताबों से बाहर निकालकर प्रयोग और अनुसंधान के जरिए समझा जाएगा।
“आज से बच्चों के सपनों को पंख मिल रहे हैं”- CM साय
मुख्यमंत्री ने बच्चों से संवाद करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की मिट्टी में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। जशपुर जिले के बच्चों द्वारा रॉकेट निर्माण का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि सही अवसर मिलने पर यहां के बच्चे देश-दुनिया में नाम रोशन कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में यह अंतरिक्ष केंद्र बच्चों को सैटेलाइट निर्माण, ट्रैकिंग, मौसम पूर्वानुमान, क्लाउड मैपिंग जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण देगा। इससे न सिर्फ रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि किसानों को भी सटीक मौसम और फसल संबंधी जानकारी मिलेगी। तकनीक आधारित रोजगार से युवाओं का महानगरों की ओर पलायन भी रुकेगा।
अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला बोले- यह सिर्फ मेरी नहीं, पूरे भारत की यात्रा है
ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने अपने अंतरिक्ष मिशन के अनुभव साझा करते हुए कहा कि रॉकेट लॉन्च के समय कुछ ही मिनटों में गति शून्य से 30 हजार किमी प्रति घंटा तक पहुंच जाती है। उन्होंने छत्तीसगढ़ को ऊर्जावान प्रदेश बताते हुए कहा कि यहां के बच्चों में गजब की जिज्ञासा और क्षमता है। उन्होंने बताया कि अंतरिक्ष में 20 दिनों के प्रवास के दौरान उन्होंने पृथ्वी की 320 बार परिक्रमा की और लगभग 1.4 करोड़ किलोमीटर की दूरी तय की। शुक्ला ने कहा, “41 साल बाद भारत ने दोबारा अंतरिक्ष में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। यह यात्रा मेरी नहीं, पूरे भारतवासियों की यात्रा थी।”
परीक्षा और रॉकेट लॉन्च का दिया उदाहरण
शुभांशु शुक्ला ने कहा कि जैसे परीक्षा में प्रश्नपत्र सामने आते ही कुछ पल के लिए सब कुछ भूल सा जाता है, ठीक वैसा ही अहसास रॉकेट लॉन्च के समय होता है। ऐसे समय में संयम और अपनी मेहनत पर भरोसा ही सबसे बड़ी ताकत होती है।
मंत्रियों ने भी सराहा प्रयास
कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि शुभांशु शुक्ला युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं। वन मंत्री और प्रभारी मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि यह पहल सरकार की दूरदर्शी सोच को दर्शाती है और आने वाली पीढ़ी को भविष्य के लिए तैयार करेगी। कार्यक्रम में डीपीएस और सैनिक स्कूल राजनांदगांव के छात्रों ने अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला को पोर्ट्रेट भेंट किया। बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे, जनप्रतिनिधि और अधिकारी कार्यक्रम में मौजूद रहे।
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छत्तीसगढ़ को रेलवे का मेगा बजट: 2026-27 में ₹7,470 करोड़, 24 गुना बढ़ा आवंटन; CM साय ने PM मोदी का जताया आभार

Raipur: छत्तीसगढ़ में रेलवे अधोसंरचना के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा दांव खेला है। वित्त वर्ष 2026-27 में ₹7,470 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया है, जो साल 2009-14 की तुलना में करीब 24 गुना ज्यादा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस ऐतिहासिक फैसले के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार जताया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि डबल इंजन सरकार के लगातार प्रयासों से छत्तीसगढ़ रेलवे विकास के मामले में तेजी से आगे बढ़ रहा है। फिलहाल राज्य में ₹51,080 करोड़ की रेल परियोजनाएं अलग-अलग चरणों में चल रही हैं। इनमें नए रेल ट्रैक, स्टेशनों का पुनर्विकास और सुरक्षा से जुड़े अहम काम शामिल हैं।
बस्तर को बड़ी सौगात
मुख्यमंत्री ने बताया कि रावघाट–जगदलपुर रेल प्रोजेक्ट की शुरुआत बस्तर के जनजातीय क्षेत्रों के लिए गेमचेंजर साबित होगी। इससे न सिर्फ कनेक्टिविटी बढ़ेगी, बल्कि व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच भी आसान होगी।
फ्रेट कॉरिडोर और ज्यादा ट्रेनें
परमलकसा–खरसिया कॉरिडोर के साथ नए फ्रेट कॉरिडोर को भी मंजूरी मिल चुकी है। इन प्रोजेक्ट्स के पूरे होने के बाद छत्तीसगढ़ में यात्री ट्रेनों की संख्या लगभग दोगुनी होने की उम्मीद है।
32 स्टेशनों का हो रहा कायाकल्प
अमृत स्टेशन योजना के तहत राज्य के 32 रेलवे स्टेशनों को आधुनिक बनाया जा रहा है। डोंगरगढ़ (फेज-I), अंबिकापुर, भानुप्रतापपुर, भिलाई और उरकुरा जैसे स्टेशन पहले ही नए रूप में तैयार हो चुके हैं।
वंदे भारत और अमृत भारत एक्सप्रेस
फिलहाल छत्तीसगढ़ में वंदे भारत एक्सप्रेस की 2 जोड़ी, अमृत भारत एक्सप्रेस की 1 जोड़ी चल रही हैं, जो यात्रियों को तेज, सुरक्षित और आधुनिक रेल सुविधा दे रही हैं।
100% विद्युतीकरण, कवच सुरक्षा
मुख्यमंत्री साय ने बताया कि 2014 के बाद से अब तक करीब 1,200 किमी नए रेल ट्रैक, 100% रेल विद्युतीकरण, 170 फ्लाईओवर और अंडरपास और ‘कवच’ जैसी अत्याधुनिक सुरक्षा प्रणाली लागू की जा चुकी है। इससे छत्तीसगढ़ रेलवे के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों की सूची में शामिल हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह विकास सिर्फ पटरियों तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे व्यापार, पर्यटन, उद्योग, रोजगार और आम लोगों की जिंदगी को नई रफ्तार मिल रही है।
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छत्तीसगढ़: गरियाबंद में दो समुदायों में हिंसक झड़प, घरों और गाड़ियों में आग; पुलिस पर पथराव, जवान घायल

Gariaband:छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में रविवार को पुराने विवाद को लेकर दो समुदायों के बीच हिंसक झड़प हो गई। मामला फिंगेश्वर थाना क्षेत्र के बकली गांव का है। विवाद इतना बढ़ गया कि एक पक्ष के लोगों ने दूसरे पक्ष के घरों पर हमला कर आग लगा दी, वहीं 3 से 4 वाहनों को भी जला दिया गया। स्थिति बिगड़ते देख पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन गुस्साए लोगों ने पुलिस पर भी पथराव कर दिया। इस दौरान एक जवान घायल हो गया, जिसे बेहोशी की हालत में अस्पताल ले जाया गया।
गांव छावनी में तब्दील, IG पहुंचे मौके पर
हिंसा की सूचना मिलते ही गांव में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया। फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस को भी मौके पर बुलाया गया। देर रात IG खुद गांव पहुंचे, जिसके बाद हालात पर काबू पाया गया। फिलहाल माहौल शांत है, लेकिन गांव में कर्फ्यू जैसे हालात बने हुए हैं।पुलिस ने अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
लूटपाट और मारपीट से जुड़ा है विवाद
पुलिस के अनुसार, इस घटना की जड़ चार महीने पुराना मामला है। हथखोज गांव में कुछ युवकों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें वे राहगीरों से लूटपाट और मारपीट करते नजर आए थे। इस मामले में फिंगेश्वर पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
जेल से छूटने के बाद फिर भड़की हिंसा
रविवार (1 फरवरी) सुबह करीब 11 बजे, जेल से छूटे आरोपियों ने बकली गांव में शिकायतकर्ता को देखते ही मारपीट शुरू कर दी। देखते ही देखते यह विवाद दो समुदायों के बीच खुले संघर्ष में बदल गया। एक समुदाय के लोगों पर हथियारों से हमला किया गया, जिसके बाद दूसरे समुदाय का गुस्सा भड़क उठा।
आरोपियों के घरों में लगाई आग
हमले के बाद आक्रोशित लोगों ने आरोपियों के घरों में आग लगा दी। आगजनी में कई मकान क्षतिग्रस्त हुए और 3 से 4 वाहन पूरी तरह जल गए।
ग्रामीणों का दावा: मंदिर तोड़ने का पुराना विवाद
घटना को लेकर गांव के लोगों ने बताया कि यह विवाद डेढ़ साल पुराने शिव मंदिर तोड़ने के मामले से जुड़ा है। उनका कहना है कि जिन लोगों पर हमला करने का आरोप है, वही लोग पहले भी गांव का मंदिर तोड़ चुके हैं। यह मामला अभी कोर्ट में विचाराधीन है और आरोपी फिलहाल जमानत पर बाहर हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि इसी विवाद को लेकर गांव में तनाव बना हुआ है।
पुलिस कर रही जांच
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है। गांव में अतिरिक्त बल तैनात है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। किसी भी अफवाह से बचने की अपील की गई है।
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