ख़बर देश
भव्य दिव्य काशी विश्वनाथ कॉरिडोर आज देश को समर्पित करेंगे प्रधानमंत्री मोदी, सीएम योगी का लेख- प्रधानमंत्री मोदी ने हिंदू स्वाभिमान की पुनर्स्थापना की

वाराणसी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज 900 करोड़ की लागत से करीब 33 महीने में तैयार हुए भव्य दिव्य काशी विश्वनाथ कॉरिडोर को विश्व को समर्पित करेंगे। इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी पहुंच गए हैं। पीएम मोदी यहां सबसे पहले काल भैरव मंदिर में पूजा अर्चना कर शहर कोतवाल की आरती की।
https://twitter.com/narendramodi/status/1470276082783834117?s=20
https://twitter.com/AHindinews/status/1470266984667385860?s=20
प्रधानमंत्री मोदी श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दोपहर करीब 1 बजे पूजा करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी गंगा तट से खुद जल लेकर बाबा विश्वनाथ मंदिर तक बने कॉरिडोर चल कर आएंगे और जलाभिषेक करेंगे। वे दोपहर 1:20 बजे काशी विश्वनाथ धाम का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद करीब शाम 6 बजे गंगा आरती में शामिल होंगे।
इस प्रोजेक्ट का शिलांन्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 मार्च 2019 को किया था, एक अध्यादेश के जरिए उत्तर प्रदेश सरकार ने मंदिर पर क्षेत्र को विशिष्ट क्षेत्र घोषित किया था। जिसके बाद आसपास के कई भवनों को अधिग्रहित किया गया था। काशी विश्वनाथ मंदिर का 1780 में जीर्णोद्धार महारानी अहिल्या बाई होल्कर ने किया था। इसके बाद महाराजा रणजीत सिंह ने 1853 में मंदिर के शिखर सहित अन्य स्थानों पर सोना जड़वाया था।
काशी विश्वनाथ कॉरिडोर उद्घाटन कार्यक्रम में बीजेपी शासित सभी राज्यों के मुख्यमंत्री भी शामिल होंगे। इसके साथ ही लोकार्पण के समय अमित शाह सोमनाथ में और बाकी 10 ज्योतिर्लिंगों में भी केंद्रीय मंत्री और सीएम रहेंगे मौजूद रहेंगे। 12 ज्योतिर्लिंग और 51 सिद्धपीठों के पुजारी भी इस कार्यक्रम में शामिल होंगे।
सीएम योगी ने पीएम मोदी को बताया इतिहास पुरुष
उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने लेख में लिखा है कि इतिहास का निर्माण करने वाले ही इतिहास पुरुष होते हैं। ऐसे इतिहास पुरुष सदियों में जन्म लेते हैं। काशी इन दिनों इतिहास के ऐसे ही एक अभूतपूर्व सृजन की साक्षी है। जो एक हजार साल के इतिहास में नहीं हो पाया था, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कर दिखाया। उन्होंने चार सौ साल से मुक्ति की प्रतीक्षा में टकटकी लगाए हुए हिंदू स्वाभिमान की पुनर्स्थापना की है। काशी विश्वनाथ धाम इसी दृढ़ संकल्प शक्ति की मिसाल है। मुग़ल शासकों की क्रूरता और विध्वंस के शिकार बाबा विश्वनाथ का वैभव काशी विश्वनाथ धाम के रूप में लौटा है।
https://twitter.com/myogiadityanath/status/1470231598658252806?s=20
कितना बदल गया बाबा विश्वनाथ का धाम
- काशी विश्वनाथ मंदिर का जो परिसर 5 हजार वर्ग फुट में भी नहीं था, अब उसका दायरा काशी विश्वनाथ विस्तारीकरण और सुंदरीकरण परियोजना के तहत बढ़कर 5 लाख 27 हजार 730 वर्ग फुट हो गया है।
- आर्किटेक्टों ने जो सर्वे किया उसमें कॉरिडोर को भव्य और दिव्य रूप देने के लिए मंदिर के आस-पास की तीन सौ से संपत्तियों की जरूरत थी । इसके लिए 320 मकान बाजार भाव से ज्यादा मूल्य पर खरीदे गए।
- पौराणिक, धार्मिक, अध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं स्थापत्य संबंधी सौन्दर्य बोध विकसित कर इस अद्भुत योजना के भीतर आने वाले निजी भवनों में छिप कर अपनी आभा खो चुके प्राचीन मंदिरों की पुनर्स्थापना की गई है।
- कॉरिडोर को 3 भागों में बांटा गया है। इसमें 4 बड़े-बड़े गेट और प्रदक्षिणा पथ पर संगमरमर के 22 शिलालेख लगाए गए हैं। जिसमें काशी की महिमा का वर्णन है।
- धाम में मकराना, चुनार के लाल बलुआ पत्थर सहित सात विशेष पत्थरों का इस्तेमाल किया गया है।
- कॉरिडोर में मंदिर चौक, मुमुक्षु भवन, तीन यात्री सुविधा केंद्र, चार शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, मल्टीपरपस हॉल, सिटी म्यूजियम, वाराणसी गैलरी जैसी सुख-सुविधाओं की भी व्यवस्था की गई है।
ख़बर देश
LPG cylinder booking rule: रसोई गैस सिलेंडर बुकिंग के नियम बदले, अब 25 दिन बाद ही कर सकेंगे अगली रीफिल बुकिंग

LPG cylinder booking rule: केंद्र सरकार ने घरेलू एलपीजी सिलेंडर की रीफिल बुकिंग के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब उपभोक्ता एक सिलेंडर की डिलीवरी के बाद दूसरा सिलेंडर 21 दिन के बजाय 25 दिन बाद ही बुक कर सकेंगे। सरकार ने यह कदम मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच गैस की जमाखोरी रोकने और सभी उपभोक्ताओं तक समान रूप से सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए उठाया है।
जमाखोरी रोकने के लिए बदला नियम
सरकार के अनुसार हाल के दिनों में यह देखा गया कि कई उपभोक्ता जरूरत न होने के बावजूद सिलेंडर बुक कर रहे थे और स्टॉक जमा कर रहे थे। इससे कई इलाकों में गैस सिलेंडर की उपलब्धता प्रभावित हो रही थी। वेटिंग पीरियड को 25 दिन करने से अनावश्यक बुकिंग पर रोक लगेगी और जिन लोगों को वास्तव में गैस की जरूरत है, उन्हें समय पर सिलेंडर मिल सकेगा।
पहले 21 दिन का नियम लागू किया गया था
पिछले कुछ दिनों में पैनिक बुकिंग की वजह से एलपीजी सिलेंडर की मांग में अचानक बढ़ोतरी देखी गई थी। इसे देखते हुए तेल कंपनियों ने शुक्रवार को घरेलू एलपीजी बुकिंग के लिए 21 दिन का लॉक-इन पीरियड लागू किया था। अब इसे बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है। इससे पहले सिलेंडर बुकिंग को लेकर ऐसा कोई निश्चित वेटिंग नियम लागू नहीं था।
ख़बर देश
LPG price hike: घरेलू LPG सिलेंडर 60 रुपए महंगा, दिल्ली में 913 रुपए हुआ दाम; कॉमर्शियल सिलेंडर भी 115 रुपए बढ़ा

LPG price hike: केंद्र सरकार ने घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमत में 60 रुपए की बढ़ोतरी कर दी है। इसके बाद दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाले LPG सिलेंडर की कीमत बढ़कर 913 रुपए हो गई है, जो पहले 853 रुपए थी। इसके साथ ही 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम में भी 115 रुपए का इजाफा किया गया है। अब यह सिलेंडर 1883 रुपए में मिलेगा। नई कीमतें 7 मार्च से लागू हो गई हैं।इससे पहले 8 अप्रैल 2025 को घरेलू LPG सिलेंडर के दाम में 50 रुपए की बढ़ोतरी की गई थी। यानी लगभग एक साल बाद फिर से घरेलू गैस की कीमतों में इजाफा हुआ है। वहीं 1 मार्च 2026 को कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत भी करीब 31 रुपए तक बढ़ाई गई थी।
गैस के दामों में यह बढ़ोतरी ऐसे समय पर हुई है जब मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और अमेरिका-इजराइल तथा ईरान के बीच टकराव के कारण गैस सप्लाई प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। संभावित संकट को देखते हुए केंद्र सरकार ने 5 मार्च को इमरजेंसी पावर का इस्तेमाल करते हुए देश की सभी ऑयल रिफाइनरी कंपनियों को LPG उत्पादन बढ़ाने का आदेश दिया था।
सरकार ने निर्देश दिया है कि रिफाइनरियां अब प्रोपेन और ब्यूटेन का इस्तेमाल सिर्फ रसोई गैस बनाने के लिए करेंगी। साथ ही कंपनियों को इन गैसों की सप्लाई सरकारी तेल कंपनियों- इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और भारत पेट्रोलियम—को प्राथमिकता के आधार पर देनी होगी। इसका मकसद देश के करोड़ों उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर की सप्लाई बिना रुकावट जारी रखना है।
गैस सप्लाई पर असर पड़ने की एक बड़ी वजह ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ का असुरक्षित होना भी है। यह समुद्री मार्ग फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है और दुनिया के करीब 20 प्रतिशत पेट्रोलियम उत्पाद इसी रास्ते से गुजरते हैं। भारत भी अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से आयात करता है।
इसके अलावा कतर के LNG प्लांट पर ड्रोन हमले के बाद वहां गैस उत्पादन प्रभावित हुआ है। कतर भारत को गैस सप्लाई करने वाले प्रमुख देशों में शामिल है और भारत अपनी करीब 40 प्रतिशत LNG वहीं से आयात करता है। ऐसे में मिडिल ईस्ट में जारी तनाव का असर भारत की गैस सप्लाई और कीमतों पर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।
ख़बर देश
Iran-israel war: ईरान-इजराइल तनाव बढ़ा तो भारत में LPG संकट का खतरा, सरकार ने रिफाइनरी कंपनियों को दिया उत्पादन बढ़ाने का आदेश

Iran-israel war: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और ईरान-इजराइल टकराव के बीच भारत में रसोई गैस की सप्लाई प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है। संभावित संकट को देखते हुए केंद्र सरकार ने देश की सभी ऑयल रिफाइनरी कंपनियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने का आदेश दिया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार ने इमरजेंसी पावर का इस्तेमाल करते हुए यह निर्देश जारी किया है। इसके तहत अब रिफाइनरी कंपनियां अपने पास मौजूद प्रोपेन और ब्यूटेन का इस्तेमाल केवल एलपीजी बनाने के लिए करेंगी और इन गैसों का उपयोग किसी अन्य औद्योगिक काम में नहीं किया जाएगा।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्रोपेन और ब्यूटेन की सप्लाई सरकारी तेल कंपनियों को प्राथमिकता के आधार पर दी जाएगी। इनमें इंडियन ऑयल, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और भारत पेट्रोलियम जैसी कंपनियां शामिल हैं। इस फैसले का मकसद देश के करीब 33.2 करोड़ एलपीजी उपभोक्ताओं को बिना रुकावट गैस सिलेंडर उपलब्ध कराना है।
एलपीजी यानी लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस प्रोपेन और ब्यूटेन के मिश्रण से बनती है। ये दोनों गैसें कच्चे तेल की रिफाइनिंग के दौरान निकलती हैं और इनका इस्तेमाल पेट्रोकेमिकल उद्योगों में भी किया जाता है।
सरकार के इस फैसले का असर प्राइवेट कंपनियों पर भी पड़ सकता है। खासकर रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसी कंपनियों के पेट्रोकेमिकल प्रोडक्शन और एक्सपोर्ट पर इसका असर देखने को मिल सकता है। उद्योग विशेषज्ञों के मुताबिक, प्रोपेन और ब्यूटेन को पेट्रोकेमिकल उत्पादों की बजाय एलपीजी बनाने में लगाने से कंपनियों के मुनाफे पर दबाव पड़ सकता है।
इधर, कतर से गैस सप्लाई में आई रुकावट ने भी चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्ट्स के अनुसार मिडिल ईस्ट में हालात बिगड़ने के बाद कतर के कुछ एलएनजी प्लांट्स का उत्पादन प्रभावित हुआ है, जिससे भारत में गैस सप्लाई में लगभग 40 प्रतिशत तक की कमी की आशंका जताई जा रही है।
भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेश से आयात करता है। देश करीब 40 प्रतिशत एलएनजी कतर से मंगाता है, जिसका इस्तेमाल बाद में सीएनजी और पीएनजी के रूप में किया जाता है। सप्लाई बाधित होने की स्थिति में इनकी कीमतों में भी बढ़ोतरी हो सकती है। सबसे बड़ी चिंता ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ के रास्ते को लेकर है। यह समुद्री मार्ग मिडिल ईस्ट से तेल और गैस सप्लाई का प्रमुख रास्ता है।
सैन्य संघर्ष लंबा खिंचने पर इस रूट पर जहाजों की आवाजाही और कम हुई तो भारत समेत कई देशों की ऊर्जा सप्लाई प्रभावित हो सकती है। इसी आशंका को देखते हुए सरकार ने पहले से तैयारी करते हुए घरेलू स्तर पर एलपीजी उत्पादन बढ़ाने की रणनीति अपनाई है।
ख़बर देश
Nagpur Factory Blast: नागपुर में एसबीएल एनर्जी फैक्ट्री में भीषण विस्फोट, 17 कर्मचारियों की मौत, 18 घायल

Nagpur Factory Blast: महाराष्ट्र के नागपुर जिले के राउलगांव स्थित एसबीएल एनर्जी लिमिटेड में रविवार सुबह करीब 7 बजे बड़ा धमाका हो गया। डेटोनेटर निर्माण के दौरान हुए इस विस्फोट में 17 कर्मचारियों की मौत हो गई, जबकि 18 लोग घायल बताए जा रहे हैं। पीएम मोदी ने मृतकों के परिजनों के लिए 2-2 लाख और घायलों को ₹50,000 सहायता राशि की घोषणा की है।
बताया जा रहा है कि प्लांट में डेटोनेटर तैयार करने की प्रक्रिया चल रही थी, तभी अचानक जोरदार विस्फोट हो गया। धमाका इतना भीषण था कि आसपास के इलाकों तक आवाज सुनाई दी और फैक्ट्री परिसर में मलबा फैल गया। फायर ब्रिगेड के अनुसार विस्फोट से प्लांट के अंदर भारी तबाही हुई है। आग पर काबू पाने की कोशिश की जा रही है और मलबा हटाने का काम जारी है।
क्या डेटोनेटर बनाते समय हुआ विस्फोट?
नागपुर के कलमेश्वर स्थित यह कंपनी औद्योगिक विस्फोटक और डेटोनेटर बनाने वाली प्रमुख इकाई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, डेटोनेटर निर्माण प्रक्रिया के दौरान यह हादसा हुआ। हादसे के समय प्लांट में 30 से अधिक कर्मचारी मौजूद थे। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने ट्वीट कर घटना पर शोक जताया। उन्होंने बताया कि NDRF और SDRF की टीमें मौके पर मौजूद हैं और राहत-बचाव कार्य जारी है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि घायलों को तुरंत नागपुर ले जाया गया है। आपातकालीन आदेश जारी कर दिए गए हैं।
ख़बर देश
Weather Update: देशभर में बदला मौसम, पिथौरागढ़ में बर्फबारी, MP में आंधी-ओले, राजस्थान में 40°C की चेतावनी

Weather Update: देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। पहाड़ों में बर्फबारी तो मैदानों में आंधी-बारिश और कहीं तेज गर्मी का असर दिख रहा है। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले की Panchachuli समेत कई ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी हुई है। पिछले तीन दिनों से लगातार बर्फ गिरने से तापमान में गिरावट आई है। मौसम विभाग के मुताबिक 27 और 28 फरवरी से मौसम बदलेगा और पहाड़ी जिलों में बारिश के आसार हैं।
मध्य प्रदेश में आंधी-बारिश, फसलों पर असर
Madhya Pradesh में पिछले दो दिनों में इंदौर, उज्जैन, रतलाम, बैतूल और सीहोर सहित 20 से ज्यादा जिलों में तेज आंधी और बारिश हुई। कुछ इलाकों में ओले भी गिरे, जिससे गेहूं और चने की फसलों को नुकसान पहुंचा है। मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को मौसम साफ रहेगा, लेकिन मार्च की शुरुआत में फिर बारिश हो सकती है।
राजस्थान में बढ़ी गर्मी, होली पर हीटवेव का खतरा
Rajasthan में गर्मी ने समय से पहले दस्तक दे दी है। बाड़मेर में अधिकतम तापमान 36.3°C दर्ज किया गया। ज्यादातर जिलों में तापमान सामान्य से 2 से 5 डिग्री ज्यादा चल रहा है। मौसम विभाग ने होली के आसपास हीटवेव की चेतावनी जारी की है। इस दौरान पारा 40°C तक पहुंच सकता है।
सिक्किम में भारी बर्फबारी, 2736 टूरिस्ट फंसे
सिक्किम के ऊंचाई वाले इलाकों में मंगलवार को भारी बर्फबारी हुई। Tsomgo Lake और 15th माइल के पास बर्फ जमने से सड़कें जाम हो गईं। करीब 2,736 पर्यटकों को ले जा रही 541 टूरिस्ट गाड़ियां फंस गईं। सिक्किम पुलिस और Border Roads Organisation (BRO) की टीम ने सभी पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकाला।
अगले दो दिन का मौसम अनुमान
26 फरवरी
छत्तीसगढ़ में एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश और गरज-चमक की स्थिति रह सकती है। अधिकतम तापमान में लगभग 2 डिग्री गिरावट के बाद फिर धीरे-धीरे बढ़ोतरी होगी। यह बदलाव अस्थायी माना जा रहा है।
27 फरवरी
हिमाचल प्रदेश में वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होगा। चंबा, कांगड़ा, कुल्लू और लाहौल-स्पीति की ऊंची चोटियों पर हल्की बर्फबारी के आसार हैं। अन्य क्षेत्रों में मौसम साफ रहेगा। ऊंचाई वाले इलाकों में तापमान में गिरावट दर्ज हो सकती है।


















