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Patna Metro: मुख्यमंत्री नीतिश कुमार ने पटना मेट्रो के पहले फेज का किया शुभारंभ, हर 20 मिनट के अंतराल पर मिलेगी मेट्रो

Patna: मेट्रो के लिए पटनावासियों का इंतजार आज खत्म हो गया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज सुबह पौने 12 बजे पटना मेट्रो के पहले फेज की सेवा का शुभारंभ कर दिया। यह आईएसबीटी स्टेशन से भूतनाथ तक लगभग चार किलोमीटर तक चलेगी। मेट्रो रेल सुरक्षा आयुक्त जनक कुमार गर्ग पहले ही प्रायरिटी कॉरिडोर के तीन स्टेशनों पर मेट्रो के परिचालन को हरी झंडी दे चुके थे। पटना मेट्रो के कोच को मधुबनी पेंटिंग से खास तौर पर सजाया गया है, जो बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करता है। कोचों में गेट, खिड़कियों और अंदरुनी हिस्सों पर गोलघर, महावीर मंदिर, महाबोधि वृक्ष, बुद्ध स्तूप और नालंदा के खंडहर जैसे बिहार के विश्वप्रसिद्ध पर्यटक स्थलों के आकर्षक स्टिकर लगाए गए हैं। पहले चरण का पूरा संचालन 2027 तक शुरू होने की संभावना है।
निर्माण के फेज वन में रुकनपुरा, राजा बाजार और चिड़ियाघर स्टेशन के साथ ही पाटलिपुत्र एलिवेटेड स्टेशन के बाद रुकनपुरा रैंप शामिल है। जिसकी कुल लागत 1,147.50 करोड़ रुपए है। वहीं, फेज दो में विकास भवन, विद्युत भवन और पटना जंक्शन स्टेशन के साथ विकास भवन से मीठापुर तक सुरंग का निर्माण भी शामिल है। जिसकी कुल लागत 1,148.3 करोड़ है। पटना मेट्रो की कुल लागत 13,925.5 करोड़ रुपए है, जिसमें जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (जेआइसीए), केंद्र सरकार और बिहार सरकार का योगदान है। पटना मेट्रो के दो कॉरिडोर रेड लाइन (16.86 किमी) और ब्लू लाइन (14.56) में कुल 24 होंगे।
हर 20 मिनट के अंतराल पर मिलेगी मेट्रो
पटना मेट्रो प्रबंधन के अनुसार, शुरुआत में मेट्रो की अधिकतम गति 40 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। आईएसबीटी से जीरो माइल का किराया 15 रुपए होगा। वहीं न्यू आईएसबीटी से भूतनाथ मेट्रो स्टेशन का किराया 30 रुपए निर्धारित किया गया है। यानी पटना मेट्रो का फिलहाल न्यूनतम किराया 15 रुपए और अधिकतम किराया 30 रुपए होगा। पहले चरण में आईएसबीटी मेट्रो स्टेशन से भूतनाथ रोड तक मेट्रो चलेगी। फिलहाल इसका परिचालन सुबह 8 बजे से रात 10 बजे तक किया जाएगा। हर 20 मिनट के अंतराल पर प्रत्येक स्टेशन पर मेट्रो उपलब्ध होगी। प्रतिदिन मेट्रो 40 से 42 फेरे लगाएगी। महिलाओं और दिव्यांगों के लिए प्रत्येक ट्रेन में 12-12 सीटें आरक्षित होंगी।
बिहार स्पेशल आर्म्ड पुलिस संभालेगी सुरक्षा की कमान
पटना मेट्रो की सुरक्षा बिहार स्पेशल आर्म्ड पुलिस (बीएसएपी) के जवान संभालेंगे। बीएसएपी के जवान मेट्रो पर चप्पे-चप्पे पर तैनात रहेंगे। प्रवेश द्वार से लेकर प्लेटफार्म तक इनकी तैनाती होगी। वहीं यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हर मेट्रो कोच में 360-डिग्री सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। प्रत्येक कोच में सभी दरवाजों के पास एक लाल रंग का पैनिक बटन दिया गया है।
इन सुविधाओं से लैस होंगे कोच
मेट्रो कोच में मोबाइल और लैपटॉप चार्जिंग की सुविधा होगी।कोच के अंदर डिस्प्ले बोर्ड पर अगले स्टेशन की जानकारी और घोषणाएं लगातार चलती रहेंगी। प्रत्येक कोच में कुल 138 सीटें हैं और उसमें 945 यात्री खड़े होकर यात्रा कर सकते है। आपात स्थिति के लिए दो इमरजेंसी बटन और माइक्रोफोन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। आपात स्थिति में बटन दबाने पर यात्री सीधे मेट्रो रेल के ड्राइवर से बात कर सकेंगे और सीसीटीवी फुटेज भी कंट्रोल रूम में भेजी जाएगी।
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Bihar: नालंदा में शीतलाष्टमी मेले में भगदड़, 9 की मौत, 8 महिलाएं शामिल; 6 से ज्यादा घायल

Nalanda stampede: बिहार के नालंदा जिले में मंगलवार सुबह बड़ा हादसा हो गया। मघड़ा गांव स्थित माता शीतलाष्टमी मंदिर में शीतलाष्टमी मेले के दौरान भगदड़ मचने से 9 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 8 महिलाएं शामिल हैं। वहीं 6 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं।
भीड़ के दबाव में मची भगदड़
चैत्र महीने के आखिरी मंगलवार के चलते मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी थी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दर्शन करने की जल्दबाजी में लोग एक-दूसरे से आगे निकलने की कोशिश कर रहे थे, जिससे अचानक भगदड़ मच गई।
मंदिर का छोटा गर्भगृह बना वजह
बताया जा रहा है कि मंदिर का गर्भगृह छोटा होने के कारण भीड़ को नियंत्रित करना मुश्किल हो गया। कई श्रद्धालु लाइन में लगने के बजाय सीधे आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे थे, जिससे स्थिति बिगड़ गई।
2 मृतकों की पहचान, घायलों का इलाज जारी
हादसे में मारे गए 9 लोगों में से 2 की पहचान नालंदा निवासी रीता देवी (50) और रेखा देवी (45) के रूप में हुई है। घायलों को इलाज के लिए मॉडल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
प्रशासन ने मेला बंद कराया, जांच के आदेश
घटना के बाद प्रशासन ने मंदिर और मेले को बंद करा दिया है। बिहार शरीफ से अधिकारियों को मौके पर भेजा गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने घटना पर दुख जताते हुए मुख्य सचिव को जांच के निर्देश दिए हैं।
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Patna: बिहार में सियासी हलचल तेज, CM आवास पर जुटे कई बड़े नेता, नीतीश खुद छोड़ने निकले

Patna: बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। राजधानी पटना स्थित 1 अन्ने मार्ग पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सरकारी आवास पर रविवार को अचानक कई बड़े नेताओं का जमावड़ा लग गया। इस बैठक ने सियासी गलियारों में चर्चाओं को हवा दे दी है।
इन नेताओं की हुई मौजूदगी
मुख्यमंत्री आवास पर बिहार सरकार के वरिष्ठ मंत्री अशोक चौधरी और विजय कुमार चौधरी के साथ केंद्रीय मंत्री ललन सिंह और संजय झा पहुंचे। इसके अलावा बिजेंद्र यादव और चर्चित नेता अनंत सिंह भी मुख्यमंत्री से मुलाकात करने पहुंचे।
बैठक के बाद CM का खास अंदाज
बैठक खत्म होने के बाद एक दिलचस्प नजारा देखने को मिला। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार खुद अपनी बुलेटप्रूफ फॉर्च्यूनर में बैठे और विजय चौधरी, ललन सिंह व संजय झा को साथ लेकर उनके आवास तक छोड़ने गए। इसके बाद वे वापस अपने आवास लौट आए।
चर्चाओं का बाजार गर्म
हालांकि इस बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा हुई, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। लेकिन एक साथ इतने वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी और CM का खुद उन्हें छोड़ने जाना सियासी तौर पर अहम संकेत माना जा रहा है।
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Bihar: नीतीश कुमार ने राज्यसभा के लिए भरा नामांकन, 8 मार्च को JDU जॉइन कर सकते हैं बेटे निशांत

Patna: बिहार की राजनीति में गुरुवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विधानसभा पहुंचकर राज्यसभा सदस्य के लिए नामांकन दाखिल कर दिया। उनके साथ भाजपा अध्यक्ष Nitin Nabin, केंद्रीय मंत्री Ram Nath Thakur, Upendra Kushwaha और Shivesh Kumar ने भी नामांकन पत्र दाखिल किए। इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद रहे। नामांकन के बाद जेडीयू ने बिहार सरकार में गृह विभाग पर अपना दावा ठोक दिया है। फिलहाल यह विभाग भाजपा के पास है और सम्राट चौधरी राज्य के गृहमंत्री हैं। राजनीतिक हलकों में इसे सत्ता संतुलन से जोड़कर देखा जा रहा है।
इसी बीच जेडीयू सूत्रों के हवाले से खबर है कि नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार 8 मार्च को जेडीयू की सदस्यता ले सकते हैं। पार्टी में शामिल होने के बाद संगठन में उनकी भूमिका को लेकर फैसला किया जाएगा। बताया जा रहा है कि पहले उनकी जॉइनिंग गुरुवार को ही प्रस्तावित थी और इसके लिए जेडीयू कार्यालय में कार्यकर्ताओं के लिए भोज की भी तैयारी की गई थी, लेकिन राज्यसभा नामांकन कार्यक्रम के कारण इसे टाल दिया गया।
अमित शाह बोले- नीतीश का कार्यकाल इतिहास में स्वर्णिम पन्ना
नामांकन के बाद अमित शाह ने नीतीश कुमार के राजनीतिक सफर की सराहना करते हुए कहा कि उनका कार्यकाल बिहार के इतिहास में स्वर्णिम पृष्ठ के रूप में दर्ज होगा। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने राज्य को जंगलराज से बाहर निकालकर विकास की राह पर आगे बढ़ाया। शाह ने यह भी कहा कि इतने लंबे राजनीतिक जीवन में उन पर भ्रष्टाचार का कोई आरोप नहीं लगा, जो अपने आप में बड़ी उपलब्धि है।
नई सरकार को पूरा समर्थन देंगे: नीतीश
नामांकन से पहले नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा कि संसदीय जीवन की शुरुआत से ही उनकी इच्छा रही है कि वे संसद के दोनों सदनों के सदस्य बनें। इसी इच्छा के तहत वे इस बार राज्यसभा का चुनाव लड़ रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार की नई सरकार को उनका पूरा समर्थन रहेगा।
तेजस्वी का आरोप- बीजेपी ने महाराष्ट्र मॉडल लागू किया
नीतीश कुमार के इस फैसले पर विपक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। आरजेडी नेता Tejashwi Yadav ने कहा कि बिहार में भाजपा ने महाराष्ट्र मॉडल लागू किया है और नीतीश कुमार को इतना दबाव में रखा गया कि उन्हें इस्तीफा देना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा अपने सहयोगियों को खत्म करने की रणनीति पर काम करती है।
कार्यकर्ताओं में नाराजगी, CM आवास के बाहर हंगामा
नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की खबर सामने आने के बाद जेडीयू कार्यकर्ताओं में नाराजगी भी देखने को मिली। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मुख्यमंत्री आवास के बाहर जुट गए और उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार बिहार छोड़कर दिल्ली नहीं जाएं। कई कार्यकर्ता भावुक होकर रोते नजर आए। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने भाजपा कोटे के मंत्री Surendra Mehta, जेडीयू एमएलसी Sanjay Gandhi और जेडीयू विधायक Prem Mukhiya को मुख्यमंत्री आवास जाने से रोक दिया। जेडीयू कार्यालय में भी कुछ नाराज कार्यकर्ताओं ने तोड़फोड़ की।
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Bihar: क्या राज्यसभा जाएंगे नीतीश कुमार? CM आवास पर 6 घंटे मंथन, बेटे निशांत के नाम की भी चर्चा

Patna: बिहार की राजनीति में बुधवार शाम हलचल तेज हो गई, जब मुख्यमंत्री Nitish Kumar के संभावित राज्यसभा जाने की अटकलों के बीच CM आवास पर अहम बैठक बुलाई गई। शाम 6 बजे से शुरू हुई इस बैठक में जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष Sanjay Jha और मंत्री Vijay Kumar Chaudhary मौजूद रहे।
बैठक के दौरान विजय चौधरी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि अंतिम फैसला खुद नीतीश कुमार को लेना है। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि पार्टी के कई वरिष्ठ नेता नहीं चाहते कि नीतीश सक्रिय राज्य की राजनीति छोड़कर दिल्ली जाएं। इस बीच उनके बेटे निशांत कुमार के नाम की भी राजनीतिक गलियारों में चर्चा शुरू हो गई है, लेकिन पार्टी की ओर से इन अटकलों का अब तक कोई आधिकारिक खंडन नहीं किया गया है।
सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय मंत्री राम नाथ ठाकुर का राज्यसभा जाना लगभग तय माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि उन्होंने नामांकन से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। वहीं, जेडीयू संगठन में भी फेरबदल के संकेत मिले हैं। उमेश कुशवाहा को फिर से प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने पर मुहर लग गई है।
इन सियासी हलचलों के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पटना दौरे को भी अहम माना जा रहा है। वे नितिन नवीन के नामांकन कार्यक्रम में शामिल होंगे। ऐसे में राज्यसभा चुनाव और संभावित राजनीतिक बदलाव को लेकर बिहार की सियासत में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।फिलहाल, सबकी नजरें नीतीश कुमार के अंतिम फैसले पर टिकी हैं, जो आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति की दिशा तय कर सकता है।
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Bihar: अपराधी सुधरें या बिहार छोड़ें, डिप्टी CM सम्राट चौधरी की खुली चेतावनी, नए कार्यालय से सख्त संदेश

Samrat Choudhary: बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपराधियों को एक बार फिर खुली चुनौती दी है। पुराने सचिवालय स्थित नवनिर्मित कार्यालय में विधिवत कार्यभार संभालते ही उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता अपराध के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ है। कार्यभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने गृह विभाग और बिहार पुलिस के वरीय अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में राज्य की कानून-व्यवस्था की स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई।
‘बिहार अपराधियों का पनाहगाह नहीं’
समीक्षा बैठक के दौरान सम्राट चौधरी ने दो-टूक शब्दों में कहा कि बिहार अब अपराधियों के लिए सुरक्षित पनाहगाह नहीं रहेगा। जो कानून को चुनौती देंगे, उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने साफ कहा- अपराधी या तो खुद को सुधार लें, अन्यथा उन्हें बिहार छोड़ना होगा। पुलिस को अपराध और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की पूरी स्वतंत्रता है।
पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर
गृह मंत्री के तौर पर सम्राट चौधरी ने विभागीय कार्यप्रणाली में बदलाव, पारदर्शिता और जनता के प्रति जवाबदेही बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने राजधानी पटना में ट्रैफिक व्यवस्था को सुगम बनाने पर भी अधिकारियों से चर्चा की। उन्होंने पुलिस प्रशासन को निर्देश दिया कि आम लोगों के दिलों में विश्वास और सुरक्षा की भावना मजबूत होनी चाहिए। पुलिस की छवि जनहितैषी बने, इस दिशा में विशेष प्रयास करने की जरूरत है।
















