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MP News: धर्मांतरण का कुचक्र MP की धरती पर नहीं चलेगा, 1 अप्रैल से बंद होंगे शराब अहाते- CM शिवराज

MP News: मुख्यमंत्री शिवराज ने लखनादौन में लघु वनोपज सहकारी समिति की क्षमता वृद्धि के लिए हुए प्रशिक्षण-सह-जागरूकता कार्यक्रम में एक बार फिर प्रदेश में छलपूर्वक धर्मांतरण करने वालों को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जनजातीय वर्ग में लोगों को प्रलोभन देकर उनका धर्मांतंरण करवाने की साजिश नहीं होने देंगे। धर्मांतरण का यह कुचक्र मध्यप्रदेश की धरती पर नहीं चलेगा। सीएम चौहान ने कहा कि अधिसूचित क्षेत्रों में जनजातीय भाई-बहनों के हितों के संरक्षण के लिये पेसा नियम लागू किया गया है। अब तेंदूपत्ता तोड़ने की जिम्मेदारी ग्रामसभा निभायेगी। इस कार्य के लिये तेंदूपत्ता संग्राहकों को प्रशिक्षण दिया जायेगा और उनकी मजदूरी राज्य सरकार देगी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 13 वन-मंडलों के प्राथमिक लघु वनोपज सहकारी समिति के तेंदूपत्ता संग्राहकों को 78 करोड़ रुपए की बोनस राशि वितरित की। साथ ही विभिन्न विभागों के 298 करोड़ 49 लाख रुपए लागत के 48 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन किया।
1 अप्रैल से बंद होंगे सभी शराब अहाते
मुख्यमंत्री चौहान ने कार्यक्रम में नई आबकारी नीति में किए गए प्रावधानों की जानकारी देते हुए बताया कि शराबखोरी जैसी सामाजिक बुराई को समाप्त करने के लिये राज्य शासन बड़ा फैसला किया है। प्रदेश में 1 अप्रैल से सभी शराब अहाते बंद किए जाएंगे। साथ ही मंदिर, स्कूल, कॉलेज परिसर से 100 मीटर दूरी में कोई भी शराब दुकान नहीं खोली जाएंगी।
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MP Weather: मार्च में ही झुलसा मध्य प्रदेश, नर्मदापुरम में 40.4°C, कई जिलों में लू का कहर

MP Weather News: मध्यप्रदेश में मार्च के दूसरे हफ्ते में ही भीषण गर्मी का असर दिखाई देने लगा है। नर्मदापुरम में लगातार तीसरे दिन लू चली और शनिवार को यहां अधिकतम तापमान 40.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 6.9 डिग्री ज्यादा है। पिछले दो दिनों से नर्मदापुरम में हीट वेव का असर बना हुआ था और तीसरे दिन भी गर्म हवाओं का दौर जारी रहा। हालांकि मौसम विभाग के अनुसार रविवार से लू से कुछ राहत मिलने की संभावना है।
खरगोन दूसरा सबसे गर्म शहर
नर्मदापुरम के बाद खरगोन प्रदेश का दूसरा सबसे गर्म शहर रहा, जहां तापमान 39.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा मंडला, रतलाम, दमोह, खंडवा, खजुराहो, रायसेन, शाजापुर, गुना, नरसिंहपुर, सतना, सिवनी, बैतूल, छिंदवाड़ा, टीकमगढ़, उमरिया, सागर और धार में तापमान 37 डिग्री या उससे अधिक दर्ज किया गया।
हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ा
तेज गर्मी के कारण हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ गया है। मौसम विभाग ने एडवायजरी जारी कर लोगों को दोपहर के समय जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी है। लोगों को ठंडा पानी पीने, शरीर को हाइड्रेट रखने और घर के अंदर तापमान कम रखने के लिए ओवन या गर्म उपकरणों का कम इस्तेमाल करने की भी सलाह दी गई है।
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MP LPG Rule: मध्य प्रदेश में LPG पर नए निर्देश: होटल-मॉल और उद्योगों को फिलहाल नहीं मिलेंगे कमर्शियल सिलेंडर

Bhopal: मध्य प्रदेश सरकार ने एलपीजी की कालाबाजारी रोकने और घरेलू उपभोक्ताओं को नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए नए निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत फिलहाल होटल, मॉल, औद्योगिक क्षेत्रों और बल्क एलपीजी उपयोग करने वाली फैक्ट्रियों को कमर्शियल सिलेंडर की आपूर्ति नहीं की जाएगी। राज्य सरकार ने सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि वे गैस एजेंसियों के स्टॉक और वितरण व्यवस्था की नियमित समीक्षा करें और किसी भी तरह की जमाखोरी या अनियमितता पर सख्त कार्रवाई करें।
पेट्रोलियम उत्पादों की निगरानी के लिए समिति
राज्य सरकार ने पेट्रोलियम पदार्थों की उपलब्धता और निगरानी के लिए उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय मंत्रिमंडलीय समिति का गठन किया है। इस समिति में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और एमएसएमई मंत्री चैतन्य कश्यप भी शामिल हैं। समिति समय-समय पर बैठक कर केंद्र सरकार के निर्देशों के आधार पर नागरिकों के हित में उठाए जाने वाले कदमों की समीक्षा करेगी।
कलेक्टरों को खाद्य विभाग का पत्र
राज्य के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के कमिश्नर कर्मवीर शर्मा ने कलेक्टरों को पत्र लिखकर वर्तमान भू-राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए एलपीजी आपूर्ति को प्राथमिकता के आधार पर घरेलू उपभोक्ताओं के लिए सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय और तेल विपणन कंपनियों ने जानकारी दी है कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण एलपीजी आयात प्रभावित हो सकता है।
25 दिन बाद ही होगी नई बुकिंग
सरकार ने यह भी निर्देश दिया है कि अब एलपीजी सिलेंडर की रिफिल बुकिंग पिछली डिलीवरी के 25 दिन बाद ही स्वीकार की जाएगी।इसका उद्देश्य कालाबाजारी और अनियमित वितरण को रोकना तथा सभी उपभोक्ताओं को समान रूप से गैस उपलब्ध कराना है।
कमर्शियल उपयोग पर अस्थायी रोक
सरकार ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल चिकित्सालयों और शैक्षणिक संस्थानों को छोड़कर अन्य व्यावसायिक उपभोक्ताओं जैसे होटल, मॉल, औद्योगिक इकाइयों और फैक्ट्रियों को कमर्शियल एलपीजी (Bulk और Packed) की आपूर्ति नहीं की जाएगी।
जिला स्तर पर होगी नियमित समीक्षा
सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि वे खाद्य विभाग और ऑयल कंपनियों के अधिकारियों के साथ नियमित बैठक कर एलपीजी स्टॉक और वितरण व्यवस्था की समीक्षा करें। साथ ही बड़े व्यावसायिक उपभोक्ताओं को उपलब्ध स्टॉक का विवेकपूर्ण उपयोग करने और जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक ईंधन स्रोत अपनाने की सलाह देने को भी कहा गया है।
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MP Weather: मध्यप्रदेश में बढ़ने लगी गर्मी, कई जिलों में तापमान 38°C तक पहुंचने का अनुमान

Bhopal: मध्यप्रदेश में अब गर्मी का असर धीरे-धीरे बढ़ने लगा है। मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिम भारत और उससे लगे मध्य भारत के क्षेत्रों में अधिकतम तापमान सामान्य से 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक अधिक रहने की संभावना है। अगले कुछ दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है, जिससे दिन के समय गर्मी महसूस होने लगेगी। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार पिछले कुछ दिनों से मध्यप्रदेश सहित मध्य भारत के कई क्षेत्रों में तापमान सामान्य से ज्यादा दर्ज किया जा रहा है। इससे संकेत मिल रहे हैं कि इस साल गर्मी का मौसम अपेक्षाकृत जल्दी सक्रिय हो सकता है।
बारिश की कमी से बढ़ सकती है गर्मी
मौसम विभाग के अनुसार इस वर्ष देश में शीतकालीन वर्षा सामान्य से काफी कम रही है। मध्य भारत क्षेत्र में भी सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। बारिश कम होने के कारण जमीन में नमी घट जाती है, जिससे तापमान तेजी से बढ़ने की संभावना रहती है।
इन क्षेत्रों में ज्यादा रहेगा असर
आईएमडी के अनुसार प्रदेश के मालवा, निमाड़, बुंदेलखंड और ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में मार्च के दूसरे पखवाड़े में तापमान तेजी से बढ़ सकता है। इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, सागर, खंडवा, खरगोन और बुरहानपुर जैसे जिलों में दिन का तापमान 35 से 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है।
अप्रैल में लू चलने की आशंका
मौसम विभाग का कहना है कि यदि मार्च के अंत तक मौसम शुष्क बना रहता है और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय नहीं होते, तो अप्रैल में प्रदेश के कुछ हिस्सों में लू (हीटवेव) चलने की स्थिति बन सकती है। खासतौर पर मालवा-निमाड़ और बुंदेलखंड क्षेत्र में इसका असर अधिक देखने को मिल सकता है।
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MP News: त्योहारों से पहले हाईअलर्ट, भोपाल कंट्रोल रूम से सीएम की सख्त चेतावनी, ‘कानून-व्यवस्था पर कोई समझौता नहीं’

Bhopal: होली और रमजान सहित आगामी त्योहारों को लेकर मध्यप्रदेश में कानून-व्यवस्था की तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री डॉ. Mohan Yadav ने भोपाल पुलिस कमिश्नरेट के कंट्रोल रूम पहुंचकर प्रदेशभर के अधिकारियों के साथ बैठक की और स्पष्ट कहा कि शांति और सौहार्द से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी जिलों के एसपी बैठक से जुड़े। त्योहारों से पहले हुई इस बैठक के बाद प्रशासन अलर्ट मोड में है। सरकार का साफ संदेश है- शांति, सुरक्षा और सौहार्द से कोई समझौता नहीं होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून-व्यवस्था के मामले में किसी भी स्तर पर कोई समझौता स्वीकार नहीं होगा। त्योहार शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हों, इसके लिए प्रशासन और पुलिस पूरी सतर्कता बरतें। उन्होंने दोहराया कि मध्यप्रदेश शांति का टापू है और इसे हर हाल में बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है।
होली इस बार दो दिन मनाई जा रही है, जिसे देखते हुए राज्य सरकार ने दो दिन का अवकाश घोषित किया है। अतिरिक्त भीड़ और आयोजनों को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने, अफवाहों और भड़काऊ गतिविधियों पर तत्काल कार्रवाई करने तथा सोशल मीडिया मॉनिटरिंग बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जुलूसों, शोभायात्राओं और अन्य धार्मिक आयोजनों के दौरान पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाए। जिला स्तर पर लगातार मॉनिटरिंग हो और किसी भी घटना पर तुरंत प्रतिक्रिया दी जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जनता का विश्वास बनाए रखना प्रशासन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
बैठक में पुलिस महानिदेशक Kailash Makwana और पुलिस आयुक्त Sanjay Kumar सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री सचिवालय और पुलिस विभाग के शीर्ष अधिकारियों ने भी तैयारियों की समीक्षा की। विदेश में फंसे प्रदेशवासियों के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र स्तर पर समन्वय जारी है और प्रधानमंत्री व केंद्रीय गृहमंत्री इस मामले को गंभीरता से देख रहे हैं। राज्य सरकार भी लगातार नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर हर संभव सहायता दी जाएगी।
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MP News: मध्यप्रदेश में SIR के बाद 34.25 लाख नाम हटे, अब 5.39 करोड़ मतदाता, गोविंदपुरा में सबसे ज्यादा असर

MP SIR Update: मध्यप्रदेश में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की चार महीने चली प्रक्रिया के बाद मतदाता सूची में बड़ा बदलाव सामने आया है। प्रदेश में कुल 34 लाख 25 हजार 78 मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। SIR शुरू होने से पहले प्रदेश में कुल मतदाता संख्या 5 करोड़ 74 लाख 6 हजार 143 थी। प्रक्रिया पूरी होने के बाद ड्राफ्ट प्रकाशन में यह घटकर 5 करोड़ 31 लाख 31 हजार 983 रह गई। दावे-आपत्तियों की प्रक्रिया के दौरान 10 लाख 85 हजार 413 नए नाम जोड़े गए, जबकि 2 लाख 36 हजार 331 नाम और हटाए गए। इस तरह शुद्ध रूप से 8 लाख 49 हजार 82 मतदाता बढ़े और अब प्रदेश में कुल मतदाताओं की संख्या 5 करोड़ 39 लाख 81 हजार 65 हो गई है। यह ड्राफ्ट के मुकाबले 1.60 प्रतिशत की वृद्धि है।
गोविंदपुरा में सबसे ज्यादा नाम कटे
राजधानी Bhopal के गोविंदपुरा विधानसभा क्षेत्र में सबसे ज्यादा असर देखने को मिला, जहां 97 हजार से अधिक नाम काटे गए। यह क्षेत्र मंत्री Krishna Gaur का विधानसभा क्षेत्र है। इसके उलट भोपाल का हुजूर विधानसभा क्षेत्र अब मतदाता संख्या के मामले में गोविंदपुरा से आगे निकल गया है।
इंदौर-5 सबसे बड़ा, कोतमा सबसे छोटा
Indore की इंदौर-5 विधानसभा प्रदेश में सबसे ज्यादा मतदाताओं वाला क्षेत्र बन गया है। यहां 3 लाख 52 हजार 849 मतदाता दर्ज किए गए हैं। वहीं मंत्री Dilip Jaiswal का कोतमा विधानसभा क्षेत्र सबसे कम मतदाताओं वाला क्षेत्र है, जहां 1 लाख 39 हजार 559 वोटर हैं।
नाम जोड़ने-हटाने की प्रक्रिया जारी
मतदाता सूची में नाम जोड़ने या सुधार की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी। नया नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म-6 भरना होगा। सुधार या स्थानांतरण के लिए संबंधित फॉर्म जमा करें। ऑनलाइन आवेदन के लिए वोटर पोर्टल https://voters.eci.gov.in पर भी आवेदन कर सकते हैं।
SIR क्या है?
स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) चुनाव आयोग की प्रक्रिया है, जिसके तहत 18 वर्ष से अधिक आयु के नए मतदाताओं को जोड़ा जाता है। मृत या स्थायी रूप से स्थानांतरित लोगों के नाम हटाए जाते हैं। डुप्लीकेट नामों को हटाया जाता है, नाम और पते की त्रुटियों को सुधारा जाता है और BLO घर-घर जाकर फॉर्म भरवाते हैं। 1951 से 2004 तक SIR हो चुका है, लेकिन पिछले 21 वर्षों से व्यापक पुनरीक्षण नहीं हुआ था। इस दौरान माइग्रेशन, डुप्लीकेट नाम और अन्य विसंगतियों को दूर करना आवश्यक हो गया था।



















