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MP News: विश्व की सबसे बड़ी ग्राउण्ड वाटर रीचार्ज परियोजना होगी “ताप्ती बेसिन मेगा रीचार्ज”, एमपी और महाराष्ट्र के बीच शीघ्र होगा करार

Bhopal: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ताप्ती बेसिन मेगा रीचार्ज योजना विश्व की सबसे बड़ी ग्राउण्ड रीचार्ज परियोजना है। इस अंतर्राज्यीय संयुक्त परियोजना का अवरोध अब दूर हो गया है तथा हम शीघ्र ही महाराष्ट्र सरकार के साथ चर्चा कर करार करने की ओर बढ़ रहे हैं। जल्द ही केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री को भोपाल आमंत्रित कर करार की कार्यवाही की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को मंत्रालय में ताप्ती बेसिन मेगा रीचार्ज एवं कन्हान उप कछार परियोजनाओं के क्रियान्वयन के संबंध में बैठक कर अधिकारियों को निर्देश दिये।
उन्होंने कहा कि इन दोनों ही परियोजनाओं के शीघ्र क्रियान्वयन के लिए हम तेजी से प्रयास कर रहे हैं। ताप्ती मेगा रिचार्ज योजना के जरिए हम महाऱाष्ट्र सरकार के साथ मिलकर ताप्ती नदी की तीन धाराएं बनाकर राष्ट्रहित में नदी जल की बूंद-बूंद का उपयोग सुनिश्चित कर कृषि भूमि का कोना-कोना सिंचित करेंगे। बैठक में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, विधायक अर्चना चिटनीस, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा और मध्यप्रदेश एवं महाराष्ट्र के जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज योजना को राष्ट्रीय जल परियोजना घोषित कराने के लिए केन्द्र सरकार से चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा कि ताप्ती बेसिन और कन्हान उप कछार में मध्यप्रदेश द्वारा प्रस्तावित कन्हान (जामघाट) बहुउद्देशीय परियोजना में मध्यप्रदेश के जल हितों का विशेष ध्यान रखा जाए। इसके लिए महाराष्ट्र राज्य से सतत संवाद कर दोनों परियोजनाओं केक्रियान्वयन में तेजी लाएं। उन्होंने कहा कि ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज योजना में कुल 31.13 टी.एम.सी. जल का उपयोग होगा। इसमें से 11.76 टी.एम.सी मध्यप्रदेश को और 19.36 टी.एम.सी जल महाराष्ट्र राज्य के हिस्से में आएगा। इस परियोजना में प्रस्तावित बांध एवं नहरों से मध्यप्रदेश कुल 3 हजार 362 हेक्टेयर भूमि उपयोग में लाई जाएगी। परियोजना के अंतर्गत कोई गांव प्रभावित नहीं होगा। अत: इसमें पुनर्वास की भी आवश्यकता नहीं होगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश अपने विकास की यात्रा में सभी सेक्टर्स में लगातार काम कर रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में उनकी भावना के अनुसार हम मध्यप्रदेश की नदियों का आसपास के राज्यों से सुखद और दोनों राज्यों के हितों के बंटवारे के क्रम को लगातार बनाए हुए हैं। हमारे राज्य के किसानों के खेतों में सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिले, पीने के पानी के साथ-साथ औद्योगीकरण के लिए भी पर्याप्त पानी दिया जा सके और राज्यों के बीच में भी हमारा सुखद और सौहार्द्र बना रहे, इस निमित्त से हम वर्षों से लंबित जल बंटवारे के मसलों को हल करते हुए इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। इसी परिप्रेक्ष्य में आज हम महाराष्ट्र के साथ नदी जल बंटवारे के मसले के निराकरण के लिए प्राथमिक चरण की चर्चा के लिए आगे बढ़े हैं। महाराष्ट्र राज्य के मुख्यमंत्री की भी यही भावना है। वे भी चाहते हैं कि मध्यप्रदेश के साथ ताप्ती और कन्हान नदी की जो नदी जल परियोजनाएं वर्षों से लंबित थीं, उनके निराकरण के लिए ठोस प्रयास किए जाने चाहिए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री के मार्गदर्शन और उनके परामर्श से इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज परियोजना के पूरा होने पर मध्यप्रदेश के 1 लाख 23 हजार 82 हेक्टेयर भू-क्षेत्र और महाराष्ट्र के 2 लाख 34 हजार 706 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की स्थाई सुविधा उपलब्ध होगी। इस परियोजना से म.प्र. के बुरहानपुर एवं खण्डवा जिले की बुरहानपुर, नेपानगर, खकनार एवं खालवा की कुल चार तहसीलें लाभान्वित होंगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इसी प्रकार कन्हान उपकछार में जल उपयोगिता के लिए मध्यप्रदेश द्वारा प्रस्तावित छिंदवाड़ा कॉम्पलेक्स बहुउद्देशीय परियोजना के माध्यम से महाराष्ट्र के नागपुर शहर को भी पानी मिलेगा और हमारे छिंदवाड़ा जिले के कृषि क्षेत्र में भी पर्याप्त जल उपलब्ध होगा। हम प्रदेश की एक-एक नदी के एक-एक बूंद जल का समुचित उपयोग राष्ट्र और राज्य के हित में करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। जिस तरह पिछले दिनों हमने पार्वती-काली सिंध-चंबल परियोजना का राजस्थान के साथ कार्य प्रारंभ किया है, उसी प्रकार उत्तर प्रदेश के साथ केन-बेतवा नदी जोड़ो की बड़ी राष्ट्रीय परियोजना पर काम किया जा रहा है। इसी अनुक्रम में अब हमने इस तीसरी राष्ट्रीय नदी जल परियोजना के जरिए महाराष्ट्र राज्य के साथ आगे बढ़ने का निर्णय लिया है। इस परियोजना से महाराष्ट्र के उत्तर क्षेत्र एवं मध्यप्रदेश के दक्षिण क्षेत्र के हिस्से को पर्याप्त जल उपलब्ध कराएंगे। साथ ही बल्कि नागपुर जैसे बड़े शहर में पीने के पानी की समस्या और छिंदवाड़ा जिले में भी सिंचाई जल की समुचित आपूर्ति सुनिश्चित करेंगे।
ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज योजना
ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज योजना मध्यप्रदेश एवं महाराष्ट्र राज्यों की संयुक्त परियोजना के रूप में प्रस्तावित है। इस योजना से मध्यप्रदेश के 1,23,082 हेक्टेयर क्षेत्र में एवं महाराष्ट्र के 2,34,706 सेक्टर में सिंचाई प्रस्तावित है. योजना में भूजल भंडारण का विस्तार किया जाएगा, जिससे प्रदेश के बुरहानपुर एवं खंडवा जिलों की बुरहानपुर, नेपानगर, खकनार एवं खालवा तहसीलें लाभान्वित होंगी.
इस योजना के अंतर्गत पूर्व में पारंपरिक भंडारण हेतु 66 टीएमसी क्षमता का जल भराव बाँध प्रस्तावित किया गया था, जिससे 17 हज़ार हेक्टेयर से अधिक भूमि प्रभावित हो रही थी, जिसमें वन भूमि एवं बाघ अभ्यारण की भूमि भी शामिल थी। इसके अलावा 73 गांव की लगभग 14 हजार जनसंख्या भी प्रभावित हो रही थी। अब इस अवरोध को दूर करते हुए पारंपरिक जल भंडारण के स्थान पर भूजल पुनर्भरण योजना द्वारा जल भंडारण प्रस्तावित किया गया है।
ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज योजना के अंतर्गत मुख्य रूप से चार जल संरचनाएं प्रस्तावित हैं
खरिया गुटीघाट बांध स्थल पर लो डायवर्सन वियर :- यह वियर दोनों राज्यों की सीमा पर मध्य प्रदेश की खंडवा जिले की खालवा तहसील एवं महाराष्ट्र की अमरावती तहसील में प्रस्तावित है. इसकी जल भराव क्षमता 8.31 टीएमसी प्रस्तावित है।
दाई तट नहर प्रथम चरण :- प्रस्तावित खरिया गुटीघाट वियर क़े दाएं तट से 221 किलोमीटर लंबी नहर प्रस्तावित है, जो मध्य प्रदेश में 110 किलोमीटर बनेगी. इस नहर से मध्य प्रदेश के 55 हज़ार 89 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई होगी।
बाईं तट नहर प्रथम चरण :- प्रस्तावित खरिया गुटीघाट वियर के बाएं तट से 135.64 किलोमीटर लंबी नहर प्रस्तावित है जो मध्यप्रदेश में 100.42 किलोमीटर बनेगी। इस नहर से मध्यप्रदेश के 44 हज़ार 993 हेक्टर क्षेत्र में सिंचाई प्रस्तावित है।
बाईं तट नहर द्वितीय चरण :- यह नहर बाईं तट नहर प्रथम चरण के आर डी 90.89 कि मी से 14 किलोमीटर लम्बी टनल के माध्यम से प्रवाहित होगी. इसकी लंबाई 123.97 किलोमीटर होगी, जिससे केवल महाराष्ट्र के 80 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई प्रस्तावित है1
कन्हान उप कछार में प्रस्तावित छिंदवाड़ा कॉम्प्लेक्स बहुउद्देशीय परियोजना
- योजना की प्रशासकीय स्वीकृति राशि रुपए 5470.95 करोड़ की वर्ष 2019 में जारी की गई।
- इसके अंतर्गत संगम एक, संगम दो, रामघाट एवं पांढुर्णा बांध का निर्माण कार्य होगा।
- इसका सिंचाई क्षेत्र एक लाख 90 हजार 500 हेक्टेयर होगा।
- लाभान्वित विकासखंड में जुन्नारदेव, उमरेठ, छिंदवाड़ा, मोहखेड, पांढुर्णा, सोंसर एवं बिछुआ शामिल है।
- औद्योगिक क्षेत्र के लिए 20 मिलियन घन मीटर जल आरक्षित होगा।
- जल विद्युत उत्पादन 30 मेगावाट होगा।
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MP News: मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन खारिज, MP की तीनों सीटों पर BJP प्रत्याशी निर्विरोध तय

Bhopal: भोपाल। मध्य प्रदेश की तीसरी राज्यसभा सीट के लिए कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन मंगलवार को खारिज कर दिया गया। भाजपा द्वारा दर्ज कराई गई आपत्ति पर सुनवाई के बाद रिटर्निंग ऑफिसर अर्पित शर्मा ने यह फैसला सुनाया। इसके साथ ही राज्यसभा की तीनों सीटों पर भाजपा उम्मीदवारों का निर्विरोध निर्वाचन लगभग तय माना जा रहा है।
भाजपा ने आपत्ति दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि मीनाक्षी नटराजन ने हैदराबाद की एक अदालत में लंबित मामले की जानकारी अपने नामांकन पत्र में नहीं दी। इस संबंध में रिटर्निंग ऑफिसर ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर शाम 5:30 बजे तक जवाब देने का समय दिया था। अधिकारियों के अनुसार, कांग्रेस प्रत्याशी के जवाब से संतुष्ट नहीं होने पर उनका नामांकन निरस्त कर दिया गया।
कांग्रेस ने फैसले को बताया गलत
नामांकन खारिज होने के बाद कांग्रेस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर फैसले पर सवाल उठाए। पार्टी नेताओं ने कहा कि मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ कोई आपराधिक मामला लंबित नहीं है। उन्हें केवल अदालत से नोटिस प्राप्त हुआ था, जिसे आपराधिक प्रकरण नहीं माना जा सकता।
कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि वह इस फैसले को न्यायालय में चुनौती देगी। वहीं दिल्ली में कांग्रेस के राष्ट्रीय संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल के नेतृत्व में पार्टी प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग पहुंचकर विरोध दर्ज कराया और धरना भी दिया।
बेंगलुरु रवाना होने से पहले बदला घटनाक्रम
राज्यसभा चुनाव में संभावित क्रॉस वोटिंग की आशंका के बीच कांग्रेस ने अपने विधायकों की बाड़ाबंदी का फैसला लिया था। इसके तहत 38 विधायकों समेत 75 लोगों को लेकर एक चार्टर्ड विमान भोपाल से बेंगलुरु रवाना होने वाला था।
हालांकि उड़ान से पहले विमान को अनुमति मिलने में करीब दो घंटे की देरी हुई। कांग्रेस नेताओं ने इसे सरकार का दबाव बताया। बाद में विमान को उड़ान की मंजूरी मिल गई और शाम करीब 6:30 बजे विमान ने उड़ान भरी।
इसी दौरान मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज होने की सूचना मिलने पर विमान को रनवे से वापस लौटना पड़ा और पूरा घटनाक्रम राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया।
तीसरी सीट पर मुकाबला था रोचक
मध्य प्रदेश से राज्यसभा की तीन सीटों के लिए चुनाव होना था। भाजपा ने तरुण चुग, रजनीश अग्रवाल और महेश केवट को उम्मीदवार बनाया था, जबकि कांग्रेस ने मीनाक्षी नटराजन को मैदान में उतारा था। नामांकन खारिज होने के बाद अब भाजपा के तीनों उम्मीदवारों का निर्विरोध राज्यसभा पहुंचना लगभग तय माना जा रहा है।
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MP Cabinet: भोपाल मेट्रो के लिए ₹13,565 करोड़ मंजूर, कपास पर मंडी फीस आधी की गई

Bhopal: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में बुनियादी ढांचे, कृषि, डिजिटल विकास और सार्वजनिक वितरण प्रणाली से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगी। कैबिनेट ने लगभग 13,800 करोड़ रुपए के विकास प्रस्तावों को मंजूरी दी। इनमें भोपाल मेट्रो परियोजना के लिए 13,565.84 करोड़ रुपए की पुनरीक्षित लागत, किसानों के लिए नई मंडी शुल्क व्यवस्था और IT सेक्टर के लिए 235.63 करोड़ रुपए का प्रावधान शामिल है।
भोपाल मेट्रो के लिए 13,565 करोड़ रुपए मंजूर
कैबिनेट ने भोपाल मेट्रो रेल परियोजना की संशोधित लागत को मंजूरी दे दी है। परियोजना की मूल लागत 6,941.40 करोड़ रुपए थी, जिसमें 3,092.22 करोड़ रुपए की अतिरिक्त लागत जोड़ी गई है। इसके साथ ही अतिरिक्त वित्तपोषण को मिलाकर कुल स्वीकृत राशि 13,565.84 करोड़ रुपए हो गई है। सरकार का कहना है कि इससे भोपाल के सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क को मजबूती मिलेगी और भविष्य की यातायात जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी।
कपास पर मंडी फीस आधी
प्रदेश की 158 जिनिंग मिलों को राहत देते हुए कैबिनेट ने कपास पर मंडी फीस 1% से घटाकर 0.5% कर दी है।सरकार का मानना है कि इससे कपास उद्योग की लागत कम होगी, प्रदेश की जिनिंग मिलें प्रतिस्पर्धी बनेंगी और दूसरे राज्यों में उद्योगों के पलायन पर रोक लगेगी। साथ ही रोजगार और GST संग्रह में भी वृद्धि होगी।
किसानों के लिए मंडी शुल्क बढ़ा
कैबिनेट ने सामान्य मंडी शुल्क को एक रुपए से बढ़ाकर 1.50 रुपए प्रति सौ रुपए कर दिया है। इससे सरकार को लगभग 500 करोड़ रुपए की अतिरिक्त आय होने का अनुमान है। इस राशि का उपयोग किसान सड़क निधि, कृषि अनुसंधान, वेयरहाउस, कोल्ड स्टोरेज, लॉजिस्टिक हब और कृषि अधोसंरचना विकास पर किया जाएगा।
IT और AI विकास पर 235 करोड़ खर्च
राज्य में डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन को बढ़ावा देने के लिए 2026 से 2031 तक की अवधि के लिए 235.63 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं। इसमें 180.20 करोड़ रुपए IT संवर्ग परामर्श सेवाओं के लिए, सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी कार्य योजना के लिए 55.43 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। मंजूर की गई कुल राशि का उपयोग AI, बिग डेटा एनालिटिक्स, ब्लॉकचेन, साइबर सुरक्षा और डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत करने में किया जाएगा।
गेहूं-धान खरीदी के लिए 8,600 करोड़ की गारंटी
रबी और खरीफ सीजन में समर्थन मूल्य पर फसल खरीदी को सुचारू बनाए रखने के लिए कैबिनेट ने एमपी स्टेट सिविल सप्लाईज कॉर्पोरेशन और मार्कफेड को 8,600 करोड़ रुपए की निःशुल्क शासकीय प्रत्याभूति (गारंटी) देने की मंजूरी दी है। इसके अलावा एमपी स्टेट सिविल सप्लाईज कॉर्पोरेशन को 29,500 करोड़ रुपए तक की अतिरिक्त सरकारी गारंटी भी स्वीकृत की गई है।
कैबिनेट के प्रमुख फैसले
- भोपाल मेट्रो के लिए ₹13,565.84 करोड़ मंजूर
- कपास पर मंडी फीस 1% से घटाकर 0.5%
- मंडी शुल्क ₹1 से बढ़ाकर ₹1.50
- IT और ई-गवर्नेंस के लिए ₹235.63 करोड़
- MPSCSC और मार्कफेड को ₹8,600 करोड़ की गारंटी
- किसानों के लिए कोल्ड स्टोरेज और वेयरहाउस नेटवर्क को बढ़ावा
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MP News: भाजपा ने खेला OBC कार्ड, महेश केवट को राज्यसभा उम्मीदवार बनाया, MP की तीसरी सीट पर मुकाबला दिलचस्प

Bhopal: मध्य प्रदेश की तीसरी राज्यसभा सीट के लिए भाजपा ने बड़ा राजनीतिक दांव खेलते हुए अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के नेता महेश केवट को उम्मीदवार बनाया है। बुंदेलखंड के निवाड़ी जिले से आने वाले महेश केवट सोमवार को अपना नामांकन दाखिल करेंगे। उनके मैदान में उतरने से राज्यसभा चुनाव का मुकाबला और रोचक हो गया है।
महेश केवट केवट समाज से आते हैं और लंबे समय से क्षेत्रीय राजनीति में सक्रिय रहे हैं। वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की पृष्ठभूमि से जुड़े माने जाते हैं। हाल ही में 24 अप्रैल को राज्य सरकार ने उन्हें मध्य प्रदेश मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास बोर्ड का अध्यक्ष नियुक्त किया था।
निष्कासन से राज्यसभा तक का सफर
महेश केवट का नाम पहले भी राजनीतिक कारणों से चर्चा में रहा है। नगरीय निकाय चुनाव के दौरान उन पर भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ प्रचार करने के आरोप लगे थे। पार्टी विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता के आरोप में उन्हें छह वर्ष के लिए निष्कासित कर दिया गया था।
हालांकि बाद के वर्षों में उन्होंने संगठन के साथ सक्रिय रूप से काम किया और पार्टी नेतृत्व का विश्वास दोबारा हासिल किया। अब राज्यसभा उम्मीदवार बनाए जाने को उनके राजनीतिक पुनर्वास और बढ़ते प्रभाव के रूप में देखा जा रहा है।
सामाजिक समीकरण साधने की कोशिश
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा ने सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए महेश केवट पर दांव लगाया है। केवट समाज में उनकी मजबूत पकड़ और बुंदेलखंड क्षेत्र में सक्रियता को उम्मीदवार चयन का प्रमुख आधार माना जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार तीसरे उम्मीदवार के चयन को लेकर भाजपा के शीर्ष नेतृत्व और प्रदेश संगठन के बीच कई दौर की चर्चा हुई। एसटी, एससी और अति पिछड़े वर्ग से उम्मीदवार उतारने के विकल्पों पर भी विचार किया गया। अंततः महेश केवट के नाम पर सहमति बनी।
मीनाक्षी नटराजन से होगा मुकाबला
राज्यसभा चुनाव में महेश केवट का मुकाबला कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन से होगा। कांग्रेस ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के राज्यसभा कार्यकाल समाप्त होने के बाद मीनाक्षी नटराजन को मैदान में उतारा है।
भाजपा पहले ही दो सीटों पर रजनीश अग्रवाल और तरुण चुग को उम्मीदवार घोषित कर चुकी है। तीसरी सीट के लिए अंतिम समय में महेश केवट के नाम की घोषणा ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है।
क्या कहता है चुनावी गणित?
मध्य प्रदेश विधानसभा में वर्तमान में 228 विधायक मतदान के पात्र हैं। राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 58 वोटों की जरूरत होती है।
- भाजपा के विधायक: 164
- कांग्रेस के विधायक: 63
- एक सीट जीतने के लिए जरूरी वोट: 58
गणित के अनुसार भाजपा अपनी दो सीटें आसानी से जीत सकती है। इसके बाद उसके पास करीब 48 वोट बचेंगे। तीसरी सीट जीतने के लिए उसे लगभग 10 अतिरिक्त वोटों की आवश्यकता होगी। यही वजह है कि इस सीट पर क्रॉस वोटिंग की संभावनाओं और दोनों दलों की रणनीतियों पर राजनीतिक नजरें टिकी हुई हैं। भाजपा को अतिरिक्त समर्थन मिलने की उम्मीद है, जबकि कांग्रेस अपने विधायकों को एकजुट रखने की कोशिश में जुटी है।
18 जून को होगा मतदान
मध्य प्रदेश से राज्यसभा की तीन सीटों का कार्यकाल 21 जून को समाप्त हो रहा है। इनमें दो सीटें भाजपा और एक सीट कांग्रेस के खाते की हैं। नामांकन की अंतिम तारीख 8 जून है, जबकि मतदान 18 जून को होगा। तीसरी सीट पर मुकाबला अब राज्य की राजनीति का सबसे दिलचस्प चुनावी मुकाबला बनता नजर आ रहा है।
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राज्यसभा चुनाव 2026: BJP ने तरुण चुग और रजनीश अग्रवाल को बनाया उम्मीदवार, कांग्रेस ने मीनाक्षी नटराजन पर लगाया दांव

Bhopal: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने राज्यसभा चुनाव 2026 के लिए अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने 11 प्रत्याशियों के नामों को मंजूरी दी है। मध्य प्रदेश की दो राज्यसभा सीटों के लिए भाजपा ने राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुग और प्रदेश मंत्री रजनीश अग्रवाल को उम्मीदवार बनाया है। देश के 12 राज्यों की 26 राज्यसभा सीटों पर 18 जून को मतदान होना है। मतदान के बाद उसी दिन परिणाम भी घोषित किए जाने की संभावना है।
BJP ने 11 उम्मीदवारों का किया ऐलान
भाजपा की सूची में गुजरात से 4, मध्य प्रदेश और राजस्थान से 2-2, अरुणाचल प्रदेश और मणिपुर से 1-1 तथा ओडिशा राज्यसभा उपचुनाव के लिए 1 उम्मीदवार को टिकट दिया गया है। मध्य प्रदेश में भाजपा ने संगठन के वरिष्ठ नेता तरुण चुग और प्रदेश मंत्री रजनीश अग्रवाल पर भरोसा जताया है।
कांग्रेस ने मीनाक्षी नटराजन को दिया टिकट
वहीं कांग्रेस ने भी 5 राज्यों की 7 राज्यसभा सीटों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। मध्य प्रदेश से पार्टी ने पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन को उम्मीदवार बनाया है। मीनाक्षी नटराजन मंदसौर लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं और उन्हें कांग्रेस नेता राहुल गांधी का करीबी माना जाता है।
दिग्विजय सिंह की सीट हो रही खाली
राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह का कार्यकाल 21 जून को समाप्त हो रहा है। उन्होंने तीसरी बार राज्यसभा जाने से इनकार कर दिया था। इसके बाद कांग्रेस में राज्यसभा टिकट को लेकर कई नेताओं की सक्रियता बढ़ गई थी। हालांकि पार्टी नेतृत्व की सहमति के बाद मीनाक्षी नटराजन के नाम पर अंतिम मुहर लगी।
कब होगा नामांकन?
- भाजपा प्रत्याशी रजनीश अग्रवाल 6 जून को नामांकन दाखिल करेंगे।
- भाजपा प्रत्याशी तरुण चुग भी 6 जून को नामांकन भरेंगे।
- कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन 8 जून को नामांकन दाखिल करेंगी।
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MP Weather: MP में मानसून से पहले मौसम बदला, 29 जिलों में आंधी-बारिश

Bhopal: मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की आधिकारिक एंट्री भले ही 20 जून के बाद होने की संभावना है, लेकिन उससे पहले प्री-मानसून गतिविधियां पूरे प्रदेश में जोर पकड़ चुकी हैं। पिछले 24 घंटे के दौरान 29 जिलों में आंधी, बारिश और कुछ जगहों पर ओलावृष्टि दर्ज की गई।
सबसे ज्यादा बारिश श्योपुर में हुई, जहां करीब पौने 2 इंच पानी गिरा। तेज बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। राजधानी भोपाल में भी रातभर बारिश का दौर जारी रहा। गुरुवार सुबह तक कई क्षेत्रों में बूंदाबांदी होती रही।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार मंडला में पौन इंच बारिश दर्ज की गई, जबकि भोपाल, नर्मदापुरम और राजगढ़ में करीब आधा इंच पानी बरसा। कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश ने लोगों को गर्मी से राहत दी।
इन जिलों में तेज आंधी-बारिश
मौसम विभाग के मुताबिक गुना, दमोह, सागर, उमरिया, मलाजखंड, रायसेन, सीहोर, शाजापुर, विदिशा और मैहर में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। इसके अलावा बैतूल, हरदा, पन्ना, छतरपुर, निवाड़ी, रीवा, धार, बड़वानी, बुरहानपुर, मुरैना, अशोकनगर, जबलपुर, नरसिंहपुर और शहडोल समेत कई जिलों में भी वर्षा दर्ज की गई।
भोपाल में ओले भी गिरे
राजधानी भोपाल के कुछ इलाकों में बारिश के साथ ओलावृष्टि की भी सूचना मिली है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां जारी रह सकती हैं और कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार लगातार सक्रिय हो रही प्री-मानसून गतिविधियां मानसून की प्रगति के लिए अनुकूल संकेत मानी जा रही हैं।
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