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MP News: अमित शाह ने जारी किया एमपी का रिपोर्ट कार्ड, बोले- बीमारू राज्य बना बेमिसाल राज्य

MP News: केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज भोपाल के कुशाभाऊ कन्वेंशन सेंटर में मध्यप्रदेश सरकार का रिपोर्ट कार्ड (2003-2023) जारी किया। गरीब कल्याण महाअभियान में रिपोर्ट कार्ड(2003-2023) जारी कर अपने संबोधन में शाह ने कहा कि मध्य प्रदेश प्रगति के सभी क्षेत्रों में आगे है। भोपाल से लेकर हर चौपाल तक विकास हुआ है। मध्यप्रदेश में हॉलिस्टिक एप्रोच से कार्य हुआ है। मध्यप्रदेश को देश के विकसित राज्यों में पहुंचाने का प्रयास किया गया।
बीमारू राज्य बना बेमिसाल राज्य
गृह मंत्री शाह ने कहा कि मध्यप्रदेश कभी बीमारू कहा जाता था, आज बेमिसाल विकास का राज्य कहा जाता है। जो कभी बंटाढार माना जाता था, आज वह हर क्षेत्र में बुलंदियों पर खड़ा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1980 में आर्थिक क्षेत्र के विशेषज्ञ आशीष बोस ने तत्कालीन प्रधानमंत्री को एक प्रतिवेदन दिया था। जिसमें अविभाजित मध्यप्रदेश सहित, उत्तरप्रदेश, बिहार और राजस्थान को बीमारु राज्य कहा गया था। तब इन राज्यों को देश की ग्रोथ में बाधा मानते हुए कहा गया था कि इन राज्यों में सुधार आसान नहीं है। लेकिन मध्यप्रदेश ने इस टैग को खत्म किया।
मुख्यमंत्री शिवराज की थपथपाई पीठ
शाह ने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में मध्यप्रदेश को बीमारु राज्य से मुक्ति मिली है। प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने में सफलता मिली है। चाहे कृषि का क्षेत्र हो, युवाओं को स्वभाषा में मेडिकल और इंजीनियरिंग की पढ़ाई की सुविधा देने का प्रश्न हो, महिलाओं का कल्याण हो, सड़क, पानी, बिजली का क्षेत्र हो, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र हो, गरीबों को योजनाओं का लाभ दिलवाने का कार्य हो, सभी में मध्यप्रदेश ने बीस वर्ष में उल्लेखनीय कार्य किया है। बिजली, पानी, सड़क, स्वास्थ्य और सुशासन के साथ मजबूत कानून व्यवस्था से प्रदेश में आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिला है।
एमपी शुरू होते ही खुल जाती थी नींद- गृह मंत्री शाह
अमित शाह ने मध्यप्रदेश में खस्ताहाल सड़कों के दौर को याद करते हुए कहा कि पहले मध्यप्रदेश में जो सड़क निर्मित हुई थीं, तो सड़क में गड्ढा था या गड्ढे में सड़क थी मालूम नहीं पड़ता था। मैं कई बार दाहोद के रास्ते से महाकाल के दर्शन करने आया था। गहरी नींद में दाहोद तक सोते थे, जैसे ही एमपी शुरू होता था, गाड़ी गड्ढे में गिरते ही नींद खुल जाती थी। ऐसी 60,000 किलोमीटर सड़कें यहां थीं, अब 5,10,000 किलोमीटर सड़कें ग्रामीण सड़कों को मिलाकर बना दी गई हैं। राष्ट्रीय राज्य मार्ग 4800 किलोमीटर से बढ़कर 13000 किलोमीटर हुआ है।
मध्यप्रदेश को देश का सबसे अग्रणी राज्य बनाएंगे
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शिवराज ने अपने संबोधन में कहा कि मैं मध्यप्रदेश की 9 करोड़ जनता को भरोसा दिलाने आया हूं कि आने वाले अमृत काल के समय में मध्यप्रदेश को देश के सबसे विकसित राज्यों की श्रेणी में रखने के लिए और संपूर्ण आत्मनिर्भर राज्य बनाने की दिशा में हम काम करेंगे। वर्ष 2003 में 23 हज़ार करोड़ से बढ़कर आज मध्यप्रदेश का बजट 3 लाख 14 हज़ार करोड़ रुपए हो गया है। देश की 5 ट्रिलियन डॉलर अर्थ-व्यवस्था के संकल्प में मध्यप्रदेश 550 बिलियन डॉलर का योगदान देने के लिए तेजी से कार्य कर रहा है। हम मिलकर मध्यप्रदेश को देश का सबसे अग्रणी राज्य बनाएंगे।
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री शाह ने गिनाईं मध्यप्रदेश की उपलब्धियां
1.देश में यदि गत दस वर्ष में 10 प्रतिशत आबादी गरीबी के चक्र से बाहर निकली है, तो उसमें मध्यप्रदेश का सर्वाधिक योगदान है।
2.शाह ने कहा कि मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हर क्षेत्र में ढेर सारे परिवर्तन किए हैं। जहां तक प्रदेश के बजट के आकार की बात हो, यह वर्ष 2002 में 23 हजार 100 करोड़ था। अब यह 3 लाख 14 हजार करोड़ से अधिक है।
3.मध्यप्रदेश में शिक्षा का बजट 2556 करोड़ से बढ़कर 38 हजार करोड़ हुआ है। कोई भी समाज शिक्षा के विकास के बिना खड़ा नहीं हो सकता।
4.मध्यप्रदेश में पूर्व सरकार के समय स्वास्थ्य का बजट सिर्फ 580 करोड़ रुपए था, जो अब 16 हजार करोड़ है। इसमें आयुष्मान भारत योजना शामिल नहीं है।
5.सर्व शिक्षा अभियान में सिर्फ 844 रुपए की राशि खर्च होती थी, अब लगभग 7 हजार करोड़ रुपए खर्च हो रहे हैं।
6.अनुसूचित जाति जनजाति और पिछड़ा वर्ग कल्याण पर में भी बजट में वृद्धि हुई है। पहले जहां 1056 करोड़ रुपए की राशि खर्च होती थी, अब 64 हजार 390 करोड़ रुपए खर्च हो रहे हैं।
7.मध्यप्रदेश में प्रति व्यक्ति आय पहले 11 हजार 700 रुपए थी, जो अब बढ़कर एक लाख 40 हजार रुपए हो गई है।
8. एमएसएमई सेक्टर में साल भर में 4 हजार 299 उद्योगों के पंजीयन होते थे। अब इनकी संख्या 3 लाख 61 हजार है।
9.सड़क निर्माण में महत्वपूर्ण कार्य हुआ है। पहले सिर्फ 60हजार किलोमीटर सड़कें थीं। अब मध्यप्रदेश में 5 लाख 10 हजार किलोमीटर लम्बाई से अधिक की सड़कें हैं जो आठ गुना से भी ज्यादा हैं। एनएच सड़कों की लंबाई 4800 से बढ़कर 13 हजार किलोमीटर हो गई।
11.कृषि क्षेत्र में कृषि विकास दर साढ़े छह गुना बढ़ गई है। गेंहूं खरीदी 4 लाख 38 हजार मीट्रिक टन से 70 लाख 96 हजार मीट्रिक टन हो गई है। धान खरीदी 0.95 हजार मीट्रिक टन से बढ़कर 46 लाख 30 हजार मीट्रिक टन हो गई है। प्रदेश में 90 लाख से अधिक किसानों को 19 हजार करोड़ रुपए से अधिक लाभ दिए गए हैं।
12.मध्यप्रदेश में नि:शुल्क राशन वितरण का लाभ सिर्फ 52 लाख परिवारों को मिलता था, जो अब करीब सवा करोड़ लोगों को मिल रहा है।
13.मेडिकल सीटें 620 थीं जो अब 4 हजार से ज्यादा हैं।
14.प्रदेश में मेडिकल कॉलेज की संख्या 4 से बढ़कर 24 तक हो गई है।
15.एकलव्य आवासी आदर्श विद्यालय बिलकुल नहीं थे, इनकी संख्या अब 63 है।
16.आईटीआई की संख्या 159 से बढ़कर 1514 हो गई है।
17.पर्यटन क्षेत्र में सड़कों के बनने से पर्यटक संख्या बढ़ी है। एक समय सिर्फ 64 लाख पर्यटक प्रतिवर्ष आते थे, इनकी संख्या बढ़कर 9 करोड़ हो गई है।
18.प्रदेश में तीन शहरों रीवा, ग्वालियर और जबलपुर में एयर पोर्ट विकास और टर्मिनल निर्माण के कार्य हो रहे हैं। इंदौर को दिल्ली- मुम्बई कॉरीडोर में शामिल किया गया।
19.प्रदेश की ऊर्जा क्षमता 29 हजार मेगावाट से भी अधिक है।
20.सिंचाई साधनों के विस्तार से 47 लाख हेक्टर से अधिक क्षेत्र सिंचित हो रहा है।
21.प्रदेश में 46 लाख से अधिक बालिकाओं को लाड़ली लक्ष्मी योजना और 53 लाख से अधिक बहनों को स्वसहायता समूहों से जोड़कर लाभान्वित किया गया है।
22.इंदौर और भोपाल में मेट्रो रेल परियोजनाएं क्रियान्वित हो रही हैं।
23. प्रदेश में जनजातीय समाज के हित में पेसा कानून लागू करने और जनजातीय संस्कृति दिखाने वाले संग्रहालय की स्थापना की जा रही है।
24.मध्यप्रदेश औद्योगिक निवेश के लिए फेवरेट डेस्टिनेशन बना है।
25.खंडवा जिले में ओंकारेश्वर में 2400 करोड़ रुपए लागत से विद्युत उत्पादन इकाई प्रारंभ की जा रही है।
26. प्रदेश में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण की पहल हुई है।
27. प्रदेश की आर्थिक विकास दर 16 प्रतिशत से अधिक है।
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MP News: मध्यप्रदेश में SIR के बाद 34.25 लाख नाम हटे, अब 5.39 करोड़ मतदाता, गोविंदपुरा में सबसे ज्यादा असर

MP SIR Update: मध्यप्रदेश में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की चार महीने चली प्रक्रिया के बाद मतदाता सूची में बड़ा बदलाव सामने आया है। प्रदेश में कुल 34 लाख 25 हजार 78 मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। SIR शुरू होने से पहले प्रदेश में कुल मतदाता संख्या 5 करोड़ 74 लाख 6 हजार 143 थी। प्रक्रिया पूरी होने के बाद ड्राफ्ट प्रकाशन में यह घटकर 5 करोड़ 31 लाख 31 हजार 983 रह गई। दावे-आपत्तियों की प्रक्रिया के दौरान 10 लाख 85 हजार 413 नए नाम जोड़े गए, जबकि 2 लाख 36 हजार 331 नाम और हटाए गए। इस तरह शुद्ध रूप से 8 लाख 49 हजार 82 मतदाता बढ़े और अब प्रदेश में कुल मतदाताओं की संख्या 5 करोड़ 39 लाख 81 हजार 65 हो गई है। यह ड्राफ्ट के मुकाबले 1.60 प्रतिशत की वृद्धि है।
गोविंदपुरा में सबसे ज्यादा नाम कटे
राजधानी Bhopal के गोविंदपुरा विधानसभा क्षेत्र में सबसे ज्यादा असर देखने को मिला, जहां 97 हजार से अधिक नाम काटे गए। यह क्षेत्र मंत्री Krishna Gaur का विधानसभा क्षेत्र है। इसके उलट भोपाल का हुजूर विधानसभा क्षेत्र अब मतदाता संख्या के मामले में गोविंदपुरा से आगे निकल गया है।
इंदौर-5 सबसे बड़ा, कोतमा सबसे छोटा
Indore की इंदौर-5 विधानसभा प्रदेश में सबसे ज्यादा मतदाताओं वाला क्षेत्र बन गया है। यहां 3 लाख 52 हजार 849 मतदाता दर्ज किए गए हैं। वहीं मंत्री Dilip Jaiswal का कोतमा विधानसभा क्षेत्र सबसे कम मतदाताओं वाला क्षेत्र है, जहां 1 लाख 39 हजार 559 वोटर हैं।
नाम जोड़ने-हटाने की प्रक्रिया जारी
मतदाता सूची में नाम जोड़ने या सुधार की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी। नया नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म-6 भरना होगा। सुधार या स्थानांतरण के लिए संबंधित फॉर्म जमा करें। ऑनलाइन आवेदन के लिए वोटर पोर्टल https://voters.eci.gov.in पर भी आवेदन कर सकते हैं।
SIR क्या है?
स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) चुनाव आयोग की प्रक्रिया है, जिसके तहत 18 वर्ष से अधिक आयु के नए मतदाताओं को जोड़ा जाता है। मृत या स्थायी रूप से स्थानांतरित लोगों के नाम हटाए जाते हैं। डुप्लीकेट नामों को हटाया जाता है, नाम और पते की त्रुटियों को सुधारा जाता है और BLO घर-घर जाकर फॉर्म भरवाते हैं। 1951 से 2004 तक SIR हो चुका है, लेकिन पिछले 21 वर्षों से व्यापक पुनरीक्षण नहीं हुआ था। इस दौरान माइग्रेशन, डुप्लीकेट नाम और अन्य विसंगतियों को दूर करना आवश्यक हो गया था।
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MP Weather: MP में मौसम फिर पलटा: फरवरी में तीसरी बार बारिश, दिन का पारा गिरा; 23-24 को फिर बरसात के आसार

MP Weather: मध्य प्रदेश में फरवरी का महीना मौसम के लिहाज से असामान्य साबित हो रहा है। महीने की शुरुआत में ही दो बार ओले, आंधी और बारिश का दौर पड़ चुका है। इससे रबी फसलों को काफी नुकसान हुआ था और सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में सर्वे भी कराया था। 18 फरवरी से प्रदेश एक बार फिर भीग गया। 19 फरवरी को भी सिस्टम का असर बना रहा। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक 23 और 24 फरवरी को चौथी बार बारिश होने के आसार हैं। मौसम विभाग का कहना है कि किसानों को फसलों की सुरक्षा के लिए सतर्क रहने की जरूरत है, क्योंकि अगले सप्ताह फिर मौसम करवट ले सकता है।
दिन में ठंडक, रात में राहत
बारिश और सर्द हवाओं के कारण दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई। गुरुवार को कई शहरों में ठंडी हवा चली, जिससे लोगों को फिर से गर्म कपड़े निकालने पड़े। हालांकि, रात के तापमान में हल्की बढ़ोतरी देखी गई। प्रदेश के पांच बड़े शहर- भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर में न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। खजुराहो और कल्याणपुर में ही पारा 10 डिग्री से नीचे रहा, जबकि अन्य शहरों में तापमान इससे ज्यादा रहा।
अगले दो दिन कैसा रहेगा मौसम
21 फरवरी: बारिश का कोई अलर्ट नहीं, दिन में धूप खिलने की संभावना।
22 फरवरी: मौसम साफ रहेगा, फिलहाल कहीं भी बारिश की चेतावनी नहीं।
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MP Budget 2026-27: ₹4.38 लाख करोड़ का GYANII बजट, किसानों- महिलाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा फोकस

Bhopal: मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने 18 फरवरी को विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹4,38,317 करोड़ का बजट पेश किया। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने करीब डेढ़ घंटे के भाषण में इसे राज्य का पहला रोलिंग बजट बताया और कहा कि यह विकसित भारत @2047 के विजन के अनुरूप है। सरकार ने स्पष्ट किया कि लगातार तीसरी बार कोई नया टैक्स नहीं बढ़ाया गया है। इसके साथ ही सरकार ने स्पष्ट किया कि किसी भी सामाजिक योजना को बंद नहीं किया जा रहा, बल्कि उनमें पर्याप्त निवेश किया जा रहा है।
बजट की आधार थीम: GYANII मॉडल
प्रधानमंत्री के ‘GYAN’ मंत्र को आगे बढ़ाते हुए राज्य सरकार ने इसमें एक अतिरिक्त ‘I’ जोड़कर इसे GYANII मॉडल नाम दिया है।
G-गरीब
Y- युवा
A-अन्नदाता,
N-नारी शक्ति
I-इंफ्रास्ट्रक्चर
I- इंडस्ट्री
इन प्राथमिकताओं के लिए बजट का बड़ा हिस्सा केंद्रित किया गया है।
महिलाओं और पोषण पर बड़ा प्रावधान
मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना: ₹23,882 करोड़
- महिला एवं बाल विकास विभाग: ₹32,730 करोड़
- ‘यशोदा दुग्ध प्रदाय योजना’ के तहत कक्षा 8वीं तक टेट्रा पैक दूध
- स्कूलों में मध्यान्ह भोजन के साथ दूध उपलब्ध कराने के लिए 5 वर्षों में ₹6,600 करोड़
किसान कल्याण वर्ष: कृषि पर रिकॉर्ड प्रबंधन
सरकार ने 2026 को किसान कल्याण वर्ष बताते हुए विभिन्न योजनाओं के तहत ₹1,15,013 करोड़ के प्रावधान का प्रबंधन किया है। इसके अलावा 1 लाख किसानों को सोलर पंप देने की योजना भी बजट में शामिल है।
- किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग: ₹31,758 करोड़
- पशुपालन एवं डेयरी: ₹2,365 करोड़
- सहकारिता विभाग: ₹1,679 करोड़
- उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण: ₹772 करोड़
- मछुआरा कल्याण एवं मत्स्य विकास: ₹413 करोड़
- खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण: ₹1,863 करोड़
इंफ्रास्ट्रक्चर और धार्मिक आयोजन
- जर्जर पुल-पुलियाओं की मरम्मत: ₹900 करोड़
- सड़कों के उन्नयन और मरम्मत के लिए अलग से प्रावधान
- वीबी-जी-राम-जी मद में ₹28,000 करोड़
- सिंहस्थ 2028 के लिए ₹3,060 करोड़
शिक्षा, युवा और प्रशासन
- 15 हजार शिक्षकों की भर्ती का ऐलान
- स्कूल शिक्षा विभाग: ₹36,730 करोड़
- उच्च शिक्षा विभाग: ₹4,247 करोड़
- खेल एवं युवा कल्याण: ₹715 करोड़
प्रशासनिक मजबूती के लिए
- गृह विभाग: ₹13,411 करोड़
- राजस्व विभाग: ₹13,876 करोड़
- विधि एवं विधायी कार्य: ₹3,829 करोड़
- सामान्य प्रशासन: ₹1,172 करोड़
- जेल विभाग: ₹895 करोड़
- संसदीय कार्य विभाग: ₹153 करोड़
पर्यावरण और विशेष प्रावधान
- पर्यावरण विभाग: ₹31 करोड़ (वन्य प्राणी संरक्षण सहित)
- भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास: ₹175 करोड़
क्या है नया और महत्वपूर्ण?
- पहला रोलिंग बजट मॉडल, जिससे दीर्घकालिक परियोजनाओं की निरंतर फंडिंग सुनिश्चित होगी।
- 2047 तक समृद्ध मध्य प्रदेश का लक्ष्य।
- सामाजिक योजनाओं में कटौती नहीं, बल्कि विस्तार की नीति।
- कृषि, महिला सशक्तिकरण और बुनियादी ढांचे को समान प्राथमिकता।
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MP Weather: मध्य प्रदेश में बारिश-आंधी का अलर्ट, 15 जिलों के लिये तेज बरसात, गरज-चमक और बिजली गिरने के आसार

MP Weather: मध्य प्रदेश में मौसम विभाग ने नए सिस्टम के कारण 15 जिलों के लिये बारिश-आंधी अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना भी जताई गई है। सबसे ज़्यादा असर 18 फरवरी को रहने की संभावना है। इसके बाद सिस्टम कमजोर होगा, लेकिन 19 फरवरी को हल्की बूंदाबांदी होने के आसार हैं।
कहां रहेगा मौसम सक्रिय?
मौसम विभाग ने 15 जिलों में अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में 18 फरवरी को बारिश के साथ तेज हवा, गरज-चमक और बिजली गिरने का ख़तरा है।
- ग्वालियर
- श्योपुर
- मुरैना
- भिंड
- दतिया
- शिवपुरी
- गुना
- अशोकनगर
- राजगढ़
- आगर-मालवा
- नीमच
- मंदसौर
- निवाड़ी
- टीकमगढ़
- छतरपुर
फरवरी में तीसरी बार बारिश
फरवरी की शुरुआत में ही प्रदेश में दो बार बारिश, ओले और आंधी की घटनाएं हो चुकी हैं, जिन्होंने फसलों को नुकसान पहुँचाया था। उसके बाद सरकार ने प्रभावित फसलों का सर्वे पूरा कराया। अब 18 फरवरी से यह सिस्टम तीसरी बार प्रदेश पर सक्रिय होगा और भारी बरसात की संभावना से मौसम प्रभावित रहेगा।
अगले 2 दिनों का मौसम
17 फरवरी:
कई जिलों में बादल छाए रहने की संभावना, लेकिन बारिश कम।
भोपाल और इंदौर में दिन भर गर्मी का असर रहेगा।
18 फरवरी:
मौसम का असर बढ़ेगा। 15 जिलों में बारिश-आंधी तथा गरज-चमक का अलर्ट।
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MP News: 16 फरवरी से विधानसभा का बजट सत्र: 18 को बजट पेश, 3478 सवालों से घिरेगी सरकार

MP Budget Session 2026: विधानसभा का बजट सत्र सोमवार, 16 फरवरी से शुरू होगा। सत्र की शुरुआत राज्यपाल मंगूभाई पटेल के अभिभाषण से होगी। पहले दिन राज्यपाल के अभिभाषण पर कृतज्ञता ज्ञापन प्रस्ताव भी पेश किया जाएगा। यह सत्र 6 मार्च तक चलेगा और कुल 12 बैठकें निर्धारित की गई हैं।
18 फरवरी को आएगा बजट
18 फरवरी को सरकार वित्तीय वर्ष 2025-26 का बजट पेश करेगी। इसी सत्र में तीसरा अनुपूरक बजट भी सदन में रखा जाएगा। बजट के दौरान सरकार की आर्थिक प्राथमिकताएं, चुनावी वादों की प्रगति और राजस्व-व्यय संतुलन पर खास नजर रहेगी। विपक्ष ने साफ संकेत दिए हैं कि बेरोजगारी, कृषि भुगतान, लाड़ली बहना योजना, कर्ज और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरा जाएगा।
3478 सवालों की बौछार
बजट सत्र के लिए विधायकों ने कुल 3478 प्रश्न लगाए हैं। इनमें 1750 तारांकित प्रश्न, 1728 अतारांकित प्रश्न, इसके अलावा 236 ध्यानाकर्षण सूचनाएं दी गई हैं। विधानसभा नियमों के मुताबिक प्रतिदिन केवल दो ध्यानाकर्षण पर ही चर्चा संभव है। यानी पूरे सत्र में अधिकतम 24 मामलों पर ही चर्चा हो सकेगी।
10 स्थगन प्रस्ताव भी नोटिस में
विधायकों ने अति आवश्यक महत्व के 10 मुद्दों पर स्थगन प्रस्ताव की सूचना दी है। किन प्रस्तावों को चर्चा के लिए मंजूरी मिलेगी, इसका फैसला कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में किया जाएगा।
















