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MP News: डॉ. मोहन यादव की कैबिनेट में शामिल हुए 28 नए मंत्री, 18 कैबिनेट और 10 राज्यमंत्रियों ने ली शपथ

MP Cabinet Expansion: मध्यप्रदेश में डॉ. मोहन यादव सरकार में 12 दिन इंतजार के बाद आज आखिरकार पहला मंत्रिमंडल विस्तार हो गया। राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने 28 नए मंत्रियों को शपथ दिलाई। जिसमें 18 कैबिनेट और 10 राज्यमंत्री शामिल हैं। डॉ. मोहन यादव की कैबिनेट में पूर्व की शिवराज सरकार के 6 मंत्री ही जगह बना पाए हैं। गोपाल भार्गव, भूपेंद्र सिंह और बृजेंद्र प्रताप सिंह जैसे दिग्गज नेताओं को डॉ. मोहन यादव मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली है।
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इन्होंने ली कैबिनेट मंत्री पद की शपथ
मुख्यमंत्री पद के दावेदार रहे कैलाश विजयवर्गीय और प्रहलाद पटेल को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने मंत्रिमंडल में बतौर कैबिनेट मंत्री शामिल किया है। पूर्व प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राकेश सिंह को भी कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। इसके अलावा गोविंद सिंह राजपूत, प्रद्युम्न सिंह तोमर, इंदर सिंह परमार, नारायण सिंह कुशवाह, कुंवर विजय शाह, विश्वास सारंग, करण सिंह वर्मा, उदयप्रताप सिंह, तुलसीराम सिलावट, एंदल सिंह कंसाना, राकेश शुक्ला, नागर सिंह चौहान, चैतन्य काश्यप, निर्मला भूरिया, संपतिया उईके ने भी कैबिनेट मंत्री पद की शपथ ली।
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इन्होंने ली राज्य मंत्री पद की शपथ
कृष्णा गौर, धर्मेंद्र लोधी, दिलीप जायसवाल, लखन पटेल, नारायण सिंह पंवार, गौतम टेटवाल, नरेंद्र शिवाजी पटेल, प्रतिमा बागरी, राधा सिंह, दिलीप अहिरवार।
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MP Cabinet: निमाड़ के 25,602 विस्थापित परिवार बनेंगे जमीन के मालिक, सरकार कराएगी मुफ्त रजिस्ट्री, 600 करोड़ का राजस्व छोड़ा

MP Cabinet Decision: सरदार सरोवर बांध के कारण निमाड़ अंचल के बड़वानी, अलीराजपुर, धार और खरगोन जिलों में विस्थापित हुए 25,602 परिवार अब अपने आवासीय भूखंडों के स्थायी मालिक बनेंगे। राज्य सरकार इन परिवारों को पट्टे पर दिए गए आवासीय भूखंडों की रजिस्ट्री नि:शुल्क कराएगी। इस फैसले के बाद ये परिवार अपने भूखंडों की खरीद-बिक्री, मॉर्टगेज कर बैंक से लोन लेने जैसे अधिकार भी हासिल कर सकेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
600 करोड़ का राजस्व छोड़ा, NNVDA करेगा प्रतिपूर्ति
सरकार के इस निर्णय से राज्य को करीब 600 करोड़ रुपए के राजस्व का नुकसान होगा। हालांकि कैबिनेट ने व्यवस्था दी है कि पहले से तय एसओपी के तहत रजिस्ट्री शुल्क और स्टाम्प ड्यूटी की यह राशि नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण (NVDA) द्वारा वहन की जाएगी।
8 विधानसभा क्षेत्रों के आदिवासी परिवारों को लाभ
एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप ने बताया कि इस फैसले से 8 विधानसभा क्षेत्रों के आदिवासी परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा। इनमें 4 सीटों पर कांग्रेस विधायक भी हैं, जिनमें नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का क्षेत्र शामिल है। मंत्री ने कहा कि सरकार ने यह निर्णय बिना किसी राजनीतिक भेदभाव के लिया है।
बाणसागर बांध से मैहर-कटनी के लिए दो नई सिंचाई परियोजनाएं मंजूर
कैबिनेट ने सोन नदी पर बने बाणसागर बांध से मैहर और कटनी जिलों के लिए दो नई सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी दी है। 620.65 करोड़ रुपए की लागत से 14,300 से अधिक किसानों की 23,500 हेक्टेयर जमीन सिंचित होगी।
परियोजनाओं का विवरण
धनवाही सूक्ष्म दबाव सिंचाई परियोजना: लागत: 53.73 करोड़
9 गांव, 3,500 हेक्टेयर क्षेत्र
2,810 किसान लाभान्वित
बरही-बरही सूक्ष्म लिफ्ट सिंचाई परियोजना: लागत: 566.92 करोड़
27 गांव, 20,000 हेक्टेयर क्षेत्र
11,500 किसान लाभान्वित
समाज कल्याण बोर्ड के कर्मचारियों का संविलियन
राज्य सरकार द्वारा भंग किए गए राज्य समाज कल्याण बोर्ड के कर्मचारियों का संविलियन अब महिला एवं बाल विकास विभाग में किया जाएगा। कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। इससे बोर्ड से जुड़े 7 कर्मचारियों की नौकरी पर बना संकट खत्म हो गया है।
जनहित की 10 योजनाओं की अवधि 5 साल बढ़ी
कैबिनेट ने 6 विभागों की जनहित से जुड़ी 10 योजनाओं की अवधि मार्च 2026 से बढ़ाकर मार्च 2030 तक कर दी है। इन योजनाओं के लिए 15,009 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं।
प्रमुख योजनाएं
मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल 2.0)
विधानसभा क्षेत्र निर्वाचन योजना
डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना
ब्लॉक ग्रांट योजना
पशु विकास एवं गौ संवर्धन योजना
किशोर कल्याण निधि योजना
घरेलू हिंसा पीड़िता सहायता योजना
अल्पसंख्यक स्वरोजगार/उद्यम योजना
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MP News: केंद्रीय करों में MP का हिस्सा घटा: अगले 5 साल में हर साल 7500 करोड़ का नुकसान, इस साल ही 2314 करोड़ कम मिलेंगे

Bhopal: मध्य प्रदेश की केंद्रीय करों में हिस्सेदारी बढ़ने की उम्मीदों को झटका लगा है। केंद्र सरकार ने 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों को मंजूरी दे दी है। इसके तहत अप्रैल 2026 से मार्च 2031 तक एमपी की हिस्सेदारी 7.86% से घटाकर 7.34% कर दी गई है।वित्त विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, 0.503% की इस कटौती से राज्य को हर साल करीब 7500 करोड़ रुपए का नुकसान होगा। सिर्फ भविष्य ही नहीं, मौजूदा वित्तीय वर्ष में भी असर दिखेगा। पहले जहां 31 मार्च 2026 तक 1,11,662 करोड़ रुपए मिलने का अनुमान था, वह अब घटकर 1,09,348 करोड़ रुपए रह गया है। यानी इस साल ही प्रदेश को 2314 करोड़ रुपए कम मिलेंगे। यह कटौती ऐसे वक्त में हुई है जब राज्य सरकार कई योजनाओं में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की तैयारी कर रही है, जिससे वित्तीय दबाव और बढ़ सकता है।
एक्सपर्ट की राय: कैपिटल एक्सपेंडिचर से मिल सकती है राहत
हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि केंद्रीय करों में हिस्सेदारी घटने के बावजूद कैपिटल एक्सपेंडिचर (पूंजीगत खर्च) के जरिए मध्य प्रदेश को फायदा मिल सकता है। अनुमान है कि केंद्रीय करों की हिस्सेदारी से इस बार एमपी को करीब 1.12 लाख करोड़ रुपए मिल सकते हैं। साथ ही इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए 2000 करोड़ रुपए अतिरिक्त मिलने की संभावना है।
टियर-2 और टियर-3 शहरों को 12 लाख करोड़ का पैकेज
रविवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपना 9वां केंद्रीय बजट पेश किया। बजट में टियर-2 और टियर-3 शहरों के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए 12 लाख करोड़ रुपए का बड़ा प्रावधान किया गया है। इसका फायदा मध्य प्रदेश के करीब 10 शहरों को मिल सकता है। भोपाल, इंदौर जैसे बड़े शहरों को 7 हजार करोड़ रुपए तक, बाकी शहरों को करीब 5 हजार करोड़ रुपए मिलने का अनुमान है। यह राशि सड़क, जल आपूर्ति, सीवरेज और अन्य बुनियादी सुविधाओं पर खर्च की जाएगी।
भोपाल को मिल सकती है यूनिवर्सिटी टाउनशिप
देश में प्रस्तावित 5 यूनिवर्सिटी टाउनशिप में से एक भोपाल को मिलने की संभावना है। एयरपोर्ट के पास भौंरी क्षेत्र में राज्य सरकार पहले से ही AI और नॉलेज सिटी विकसित कर रही है। अगर इसे यूनिवर्सिटी टाउनशिप में बदला गया, तो केंद्र को पहला प्रस्ताव तुरंत भेजा जा सकता है।
सिंहस्थ 2028 के लिए स्पेशल पैकेज नहीं
मध्य प्रदेश सरकार ने सिंहस्थ 2028 के आयोजन के लिए 20 हजार करोड़ रुपए के स्पेशल पैकेज की मांग की थी, लेकिन इस बजट में केंद्र की ओर से इस पर कोई घोषणा नहीं की गई।
अमृत बॉन्ड से नगर निगमों को फायदा
भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर और उज्जैन जैसे बड़े नगर निगम 1000 करोड़ रुपए तक के अमृत बॉन्ड जारी कर सकेंगे। 200 करोड़ तक के बॉन्ड पर केंद्र सरकार 18% की सहायता देगी। अमृत 2.0 मिशन के तहत 2025-26 के लिए 7022 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं, जिनका फोकस जल आपूर्ति और सीवरेज पर है।
महिला अमृत मित्र की तैनाती
पेयजल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए 10,000 ‘महिला अमृत मित्र’ तैनात की जाएंगी। ये महिलाएं स्थानीय स्तर पर पानी की जांच करेंगी, ताकि पेयजल और सीवरेज लाइनों के संपर्क से होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
किसानों, छात्राओं और स्वास्थ्य सेक्टर को राहत
75 लाख छोटे किसानों को फायदा
ड्रोन तकनीक, डिजिटल कृषि मिशन और माइक्रो इरिगेशन के जरिए छोटे किसानों की आय बढ़ाने पर जोर दिया गया है।
हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल
मध्य प्रदेश के 55 जिलों में गर्ल्स हॉस्टल बनाए जाएंगे, जिससे खासकर आदिवासी इलाकों की छात्राओं को फायदा मिलेगा।
हर जिला अस्पताल में ट्रॉमा सेंटर
अब प्रदेश के सभी 52 जिला अस्पतालों में ट्रॉमा सेंटर स्थापित किए जाएंगे।
टेक्सटाइल सेक्टर को बढ़ावा
पीएम मित्र पार्क से प्रदेश में 3 लाख रोजगार और 6 लाख किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
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MP Weather: प्रदेश में दो सिस्टम एक्टिव, 30+ जिलों में बारिश-ओले, ग्वालियर में ढाई इंच पानी, फसलों को नुकसान

Bhopal: मध्य प्रदेश में दो मौसम प्रणालियों के सक्रिय होने से बारिश, तेज आंधी और ओलावृष्टि का दौर जारी है। बीते 24 घंटे में भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर समेत 30 से ज्यादा जिलों में बारिश दर्ज की गई। सबसे ज्यादा बारिश ग्वालियर में ढाई इंच हुई, जबकि 8 जिलों में ओलावृष्टि भी दर्ज की गई है। इससे गेहूं, चना और सरसों की फसलों को नुकसान पहुंचा है।
मौसम विभाग के मुताबिक, भोपाल, इंदौर, हरदा, विदिशा, नर्मदापुरम, खंडवा, बड़वानी, रतलाम, श्योपुर, उज्जैन, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, रीवा, सतना, टीकमगढ़, छतरपुर, शाजापुर, मंदसौर, आगर-मालवा, देवास, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, खरगोन, सीहोर, सागर, मऊगंज, धार सहित कई जिलों में बारिश का दौर रहा।
ग्वालियर में सबसे ज्यादा ढाई इंच, गुना, शिवपुरी और सागर में करीब 1 इंच, दतिया में पौन इंच और राजगढ़ में आधा इंच बारिश दर्ज की गई। वहीं उज्जैन, शाजापुर, आगर-मालवा, देवास, मुरैना, सीहोर, सागर, रायसेन सहित कई जिलों में ओले भी गिरे।
बारिश और ओलावृष्टि के बीच बुधवार सुबह घना कोहरा भी छाया रहा। ग्वालियर में सबसे कम विजिबिलिटी दर्ज की गई, जहां 50 मीटर के बाद कुछ नजर नहीं आया। इसके अलावा खजुराहो, भोपाल, दतिया, नर्मदापुरम, नौगांव, रीवा, सतना, राजगढ़, सागर, गुना, रायसेन, श्योपुर, बालाघाट, उमरिया, सिवनी, मंडला, छिंदवाड़ा, दमोह और जबलपुर में भी कोहरा दर्ज किया गया। हालांकि, रात के तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिली है।
ग्वालियर-शिवपुरी में स्कूलों की छुट्टी
बारिश और ठंड को देखते हुए ग्वालियर प्रशासन ने बुधवार को कक्षा 8वीं तक के स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी है। भोपाल और इंदौर में मंगलवार को गरज-चमक के साथ बारिश हुई, जबकि ग्वालियर में लगातार बारिश के चलते ठंड बढ़ गई।
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MP News: 5-डे वीक की मांग पर मध्य प्रदेश में बैंककर्मियों की हड़ताल, 40 हजार कर्मचारी रहेंगे बाहर, 7 हजार से ज्यादा ब्रांच बंद

Bhopal: पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करने की मांग को लेकर मंगलवार को मध्य प्रदेश में बड़े पैमाने पर बैंककर्मियों की हड़ताल रहेगी। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर प्रदेश के करीब 40 हजार बैंक कर्मचारी और अधिकारी कामकाज से दूर रहेंगे। इसका असर 7 हजार से अधिक बैंक शाखाओं पर पड़ेगा और करोड़ों रुपये के दैनिक लेन-देन प्रभावित हो सकते हैं।
भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर समेत प्रदेश के लगभग सभी जिलों में बैंकों पर ताले लटके नजर आ सकते हैं। हड़ताल के चलते चेक क्लियरेंस, कैश ट्रांजैक्शन और अन्य बैंकिंग सेवाएं बाधित रहेंगी। इसके अलावा कई जगहों पर एटीएम में नकदी की कमी की स्थिति भी बन सकती है।
इन बैंकों में कामकाज रहेगा ठप
यूनियन पदाधिकारियों के अनुसार, हड़ताल में सरकारी क्षेत्र की 12 प्रमुख बैंकें शामिल होंगी। इनमें
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा, बैंक ऑफ इंडिया, केनरा बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, यूको बैंक और बैंक ऑफ महाराष्ट्र शामिल हैं।
इसके अलावा कुछ निजी क्षेत्र की बैंकों में भी कामकाज प्रभावित हो सकता है।
सिर्फ एक मांग, लेकिन लंबे समय से लंबित
बैंककर्मियों की प्रमुख मांग है कि बैंकिंग सेक्टर में भी पूरी तरह 5-डे वीक सिस्टम लागू किया जाए और मौजूदा व्यवस्था के तहत केवल दूसरे व चौथे शनिवार की जगह सभी शनिवारों को अवकाश घोषित किया जाए। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस मध्य प्रदेश के को-ऑर्डिनेटर वीके शर्मा ने बताया कि देशभर में करीब 8 लाख बैंक कर्मचारी और अधिकारी इस हड़ताल में शामिल होंगे, जिनमें एमपी के लगभग 40 हजार कर्मचारी हैं।
2015 से चल रही है मांग
शर्मा के अनुसार, वर्ष 2015 में 10वें द्विपक्षीय समझौते/7वें जॉइंट नोट के दौरान इस मांग पर सहमति बनी थी। उस समय दूसरे और चौथे शनिवार को अवकाश घोषित किया गया और बाकी शनिवारों को पूरा कार्य दिवस बनाया गया था। साथ ही भविष्य में सभी शनिवारों को अवकाश देने पर विचार का आश्वासन भी दिया गया था।
2023 में बनी सहमति, फिर भी मंजूरी नहीं
साल 2023 में हुई बातचीत में यह सहमति बनी कि सोमवार से शुक्रवार तक प्रतिदिन 40 मिनट अतिरिक्त कार्य समय बढ़ाकर शेष शनिवारों को अवकाश घोषित किया जाएगा। यह प्रस्ताव सरकार को भेजा गया, लेकिन पिछले दो वर्षों से मंजूरी लंबित है। सरकार की ओर से कोई ठोस निर्णय नहीं आने के कारण बैंक यूनियनों ने एक बार फिर हड़ताल का रास्ता अपनाया है।
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Ujjain: तराना हिंसा के तीन दिन बाद हालात सामान्य, 25 उपद्रवी गिरफ्तार, रासुका के तहत सख्त कार्रवाई

Ujjain: तराना में बजरंग दल के नगर मंत्री सोहिल ठाकुर पर हमले के बाद भड़की सांप्रदायिक हिंसा पर काबू पाने में पुलिस-प्रशासन को करीब तीन दिन का समय लग गया। शनिवार को स्थिति सामान्य होने के बाद प्रशासन ने शहर में शांति बहाल होने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक, अब तक 25 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। हिंसा फैलाने और माहौल बिगाड़ने में शामिल आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत कार्रवाई की जा रही है।
72 घंटे तक बेकाबू रहे हालात, आगजनी और पथराव
22 जनवरी, गुरुवार रात से तराना में हालात बिगड़ने लगे थे। उपद्रवियों ने शहर में जमकर तोड़फोड़, पथराव और आगजनी की। इस दौरान 12 बसें, 10 से अधिक कारें, कई बाइकें क्षतिग्रस्त कर दी गईं। इसके अलावा एक दुकान, एक बस और एक आरामशीन टाल को आग के हवाले कर दिया गया। कई घरों पर पथराव हुआ। करीब 72 घंटे बाद शनिवार को स्थिति पूरी तरह शांत हुई।
CCTV फुटेज से पहचान, रातभर चला सर्च ऑपरेशन
पुलिस ने हालात काबू में आने के बाद रातभर सर्च ऑपरेशन चलाया। CCTV फुटेज के आधार पर उपद्रवियों की पहचान कर 25 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। बलराम जोशी मार्ग पर घरों में की गई तोड़फोड़ और पथराव को लेकर एक और एफआईआर दर्ज की गई है। स्थानीय निवासी शक्तिबाला जोशी की शिकायत पर छह से अधिक आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि अन्य चिन्हित आरोपियों की तलाश जारी है।
लाखों का नुकसान, व्यापार प्रभावित
हिंसा की घटनाओं से तराना के रहवासी दहशत में हैं। लोगों का कहना है कि दो गुटों की आपसी रंजिश में पूरा नगर हिंसा की चपेट में आ गया। बसों और कारों में हुई तोड़फोड़ से लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। तीन दिन बाद बाजार तो खुले, लेकिन सामान्य रौनक नहीं लौट पाई। शाम को हिंदुवादी संगठनों ने थाने पहुंचकर कार्रवाई को लेकर सवाल भी उठाए।
शांति और सौहार्द की अपील
घटना के बाद शहर काजी ने नागरिकों से शांति बनाए रखने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। विधायक महेश परमार ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए अमन-चैन और भाईचारे की अपील की। पूर्व भाजपा विधायक ताराचंद गोयल ने प्रशासन पर भरोसा जताया। वहीं, तिलभांडेश्वर मंदिर के महंत मोहन भारती महाराज (जूना अखाड़ा) ने तराना की पुरानी परंपरा—शांति, सामंजस्य और सद्भाव—को याद दिलाते हुए संयम बरतने का संदेश दिया।
एसपी प्रदीप शर्मा ने कहा, ‘बाजार खुल चुके हैं। CCTV फुटेज के आधार पर 25 उपद्रवी गिरफ्तार किए गए हैं। इनके आपराधिक रिकॉर्ड हैं और माहौल खराब करने में उनकी भूमिका सामने आई है। रासुका के तहत सख्त कार्रवाई की जा रही है।’
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