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MP Cabinet: बैकलॉग पदों को भरने के लिए विशेष भर्ती अभियान में एक वर्ष की वृद्धि, 10 हजार पदों पर होना है भर्ती

Bhopal: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आज मंत्रि-परिषद की बैठक मंत्रालय में हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़े वर्गों तथा निःशक्तजनों के बैकलॉग/कैरीफारवर्ड पदों की पूर्ति के लिए विशेष भर्ती अभियान की समय-सीमा में 01 जुलाई 2024 से 30 जून, 2025 तक एक वर्ष की वृद्धि की गई। बैकलॉग के 17 हजार पद में से 7 हजार पद भरे जा चुके हैं। अभी 10 हजार पद शेष हैं जो भरे जाएगें।
मंत्रि-परिषद द्वारा विभागों को सुविधाजनक तरीके से क्लाउड सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए मध्यप्रदेश क्लाउड पॉलिसी-2024″ का अनुमोदन किया। इस निर्णय से म.प्र. राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम (एमपीएसईडीसी) के माध्यम से केंद्रीयकृत रूप से विभागों को क्लाउड सेवाएं उपलब्ध कराई जायेंगी एवं क्लाउड सेवाओं के भुगतान के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग को बजट उपलब्ध कराया जाएगा।
एमपीएसईडीसी से विभागों को क्लाउड सेवाएं प्रदाय करने से विभागों के द्वारा सीधे सेवाएं क्रय करने, डेटा सेंटर स्थापित करने और स्वयं क्लाउड सेवाओं को प्राप्त करने में होने वाले व्यय में बचत होगी। पूरे राज्य में एक केन्द्रीकृत संस्था (एमपीएसईडीसी) के द्वारा ये व्यवस्था करने से इकॉनॉमी ऑफ स्केल के कारण कुल व्यय में बचत होगी और क्लाउड सेवाओं का बेहतर प्रबंधन होगा।
क्लाउड एडॉप्शन फ्रेमवर्क की प्रक्रियाओं के सुचारु संचालन के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के म.प्र. राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम (एमपीएसईडीसी) में क्लाउड मानिटरिंग यूनिट (सीएमयू) की स्थापना की जायेगी। क्लाउड एडॉप्शन फ्रेमवर्क के सुचारु क्रियान्वयन के लिए क्लाउड मानिटरिंग यूनिट (सीएमयू) तैयार की जाने के लिए मानव संसाधन सेवाएं प्राप्त की जायेगीं।
स्मार्ट-पीडीएस क्रियान्वयन की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद द्वारा स्मार्ट-पीडीएस (Scheme for Modernization & Reforms through Technology in Public Distribution System) राज्य में लागू करने के क्रियान्वयन की स्वीकृति दी गई। इसके अतंर्गत लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत 8.35 करोड़ रुपए 3 वर्ष में व्यय किये जायेंगे। इससे सॉफ्टवेयर एप्लीकेशन के क्रियान्वयन, विस्तार एवं संधारण, डेटाबेस में भिन्नता, डेटा रिकवरी एवं साइबर सुरक्षा संबंधी कठिनाइयों का निराकरण होगा। केन्द्र सरकार द्वारा वन नेशन-वन राशनकार्ड से पात्र परिवारों को देश की किसी भी उचित मूल्य दुकान से राशन प्राप्त करने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
इंदौर स्थित सिरपुर वेटलैंड, रामसर साईट के संरक्षण एवं प्रबंधन के लिए सहमति प्रस्ताव स्वीकृत
मंत्रि-परिषद द्वारा अमृत धरोहर योजना अतंर्गत इंदौर स्थित सिरपुर वेटलैंड, रामसर साईट के संरक्षण एवं प्रबंधन के लिए लागत राशि 61 करोड़ 95 लाख 70 हजार रूपये की 40 प्रतिशत राशि राष्ट्रीय जलीय स्त्रोत संरक्षण कार्यक्रम (एन.पी.सी.ए.) अंतर्गत राज्य शासन द्वारा वहन करने ‘संबंधी सहमति के साथ प्रस्ताव केन्द्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को प्रेषित किये जाने का निर्णय लिया गया हैं।
शासकीय सेवकों एवं पेंशनरों को देय मंहगाई भत्ते एवं मंहगाई राहत की दर में वृद्धि का अनुसमर्थन
मंत्रि-परिषद ने शासकीय सेवकों एवं पेंशनरों को सातवें वेतनमान में देय मंहगाई भत्ता / राहत की दर में 01 जुलाई, 2023 (भुगतान माह अगस्त, 2023) से सातवें वेतनमान में 4 प्रतिशत की वृद्धि की जाकर 46 प्रतिशत करने एवं राज्य शासन के छठवें वेतनमान में कार्यरत शासकीय सेवकों तथा राज्य शासन के उपक्रमों/ निगमों/ मण्डलों तथा अनुदान प्राप्त संस्थाओं के राज्य शासन में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत चौथे एवं पांचवें वेतनमान में अनुपातिक आधार पर मंहगाई भत्ते में वृद्धि का आदेश तथा राज्य के पेंशनरों को देय मंहगाई राहत में वृद्धि के लिए मुख्यमंत्री के आदेश का अनुसमर्थन किया।
अल्पकालीन फसल ऋण की डयू डेट बढ़ाने संबंधी अनुमोदन
मंत्रि-परिषद द्वारा वर्ष 2023-24 की खरीफ 2023 सीजन में वितरित अल्पकालीन फसल ऋण की ड्यू डेट बढ़ाने का अनुमोदन किया गया है। निर्णय अनुसार खरीफ 2023 सीजन के लिए निर्धारित ड्यू डेट 28 मार्च, 2024 को बढाकर 30 अप्रैल, 2024 किया गया था। साथ ही समर्थन मूल्य पर विभिन्न फसलों का विक्रय दिनांक 30 अप्रैल, 2024 तक करने वाले ऐसे किसान जिन्हें उनके उपज विक्रय राशि का भुगतान प्राप्त नहीं हुआ तथा उपार्जन की अंतिम तिथि तक फसलों का विक्रय करने वाले शेष किसानों के लिए खरीफ 2023 सीजन की निर्धारित डयू डेट 30 अप्रैल, 2024 से बढाकर 31 मई, 2024 का अनुमोदन किया गया।
“म.प्र. निजी सुरक्षा अभिकरण नियम 2024 का प्रारूप अनुमोदित
मंत्रि-परिषद द्वारा भारत सरकार द्वारा अधिसूचित “निजी सुरक्षा अभिकरण (रोकड़ परिवहन कार्यकलापों के लिए निजी सुरक्षा) नियम, 2018 के अनुक्रम में तैयार किए गए “मध्यप्रदेश निजी सुरक्षा अभिकरण (रोकड़ परिवहन कार्यकलापों के लिए निजी सुरक्षा) नियम, 2024 के प्रारूप को अधिसूचित करने का निर्णय लिया गया है। निजी सुरक्षा एजेंसियों को नगद हैंडलिंग और परिवहन के लिए सुरक्षा प्रदान हो सकेंगी।
“मध्यप्रदेश निजी सुरक्षा अभिकरण (विनियमन) नियम, 2024” को अधिसूचित करने का निर्णय
मंत्रि-परिषद द्वारा मध्य प्रदेश निजी सुरक्षा अभिकरण (विनियमन) नियम, 2012 अधिक्रमित करते हुए भारत सरकार गृह मंत्रालय द्वारा अधिसूचित मॉडल नियमों के समरूप में “मध्यप्रदेश निजी सुरक्षा अभिकरण (विनियमन) नियम, 2024” को अधिसूचित किये जाने का निर्णय लिया गया है। निजी सुरक्षा उद्योग के सामने आने वाले मुद्दों का समाधान करने और ईज ऑफ डूईंग बिजनेस, डिजिटल इंडिया और ईं-गवर्नेंस प्रमुख दृष्टिकोणों में तालमेल बिठाने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया हैं।
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MP Cabinet: मकर संक्रांति से पहले शिक्षकों को तोहफा, एमपी कैबिनेट में बड़ा फैसला

Bhopal: मध्यप्रदेश सरकार ने मकर संक्रांति से ठीक एक दिन पहले प्रदेश के शिक्षकों को बड़ी सौगात दी है। मंगलवार को हुई मोहन सरकार की कैबिनेट बैठक में प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में कार्यरत सहायक शिक्षक (LDT) और उच्च श्रेणी शिक्षक (UDT) को चौथा क्रमोन्नति वेतनमान देने का निर्णय लिया गया। सरकार के इस फैसले से प्रदेश के करीब 1.22 लाख शिक्षक लाभान्वित होंगे, जिन्होंने 35 वर्ष की सेवा पूरी कर ली है। लंबे समय से लंबित चौथे क्रमोन्नति वेतनमान की मांग को इस निर्णय के साथ पूरा कर दिया गया है।
सरकार के अनुसार, चौथा क्रमोन्नति वेतनमान लागू होने के बाद LDT शिक्षकों का औसत वेतन लगभग 1.15 लाख रुपये और UDT शिक्षकों का औसत वेतन 1.25 लाख रुपये से अधिक हो जाएगा।
1 जुलाई 2023 से लागू होगा नया वेतनमान
यह नया वेतनमान 1 जुलाई 2023 से प्रभावी माना जाएगा। जिन शिक्षकों की 35 साल की सेवा जुलाई 2023 से पहले पूरी हो चुकी है, उन्हें उसी तारीख से अब तक का पूरा एरियर मिलेगा। अनुमान है कि यह एरियर राशि 1.20 लाख से 1.80 लाख रुपये तक हो सकती है।
वहीं, जिन शिक्षकों की सेवा अवधि 2023 से 2026 के बीच 35 वर्ष पूरी करेगी, उन्हें सेवा पूर्ण होने की तिथि से एरियर का भुगतान किया जाएगा।
MP में लागू हुई स्पेस टेक नीति–2026
कैबिनेट बैठक में स्पेस टेक नीति–2026 को भी मंजूरी दे दी गई। इसके साथ ही मध्यप्रदेश, केरल और ओडिशा के बाद देश का तीसरा राज्य बन गया है जहां यह नीति लागू हुई है। इस नीति के जरिए उपग्रह निर्माण को बढ़ावा मिलेगा और कृषि, आपदा प्रबंधन व शहरी नियोजन में आधुनिक तकनीक के उपयोग को बढ़ाया जाएगा। सरकार का अनुमान है कि अगले पांच वर्षों में इससे ₹1000 करोड़ का निवेश और करीब 8 हजार रोजगार सृजित होंगे।
800 मेगावाट सोलर-स्टोरेज परियोजनाओं को मंजूरी
कैबिनेट ने सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 800 मेगावाट क्षमता की तीन सोलर-सह-स्टोरेज परियोजनाओं को हरी झंडी दी। इनमें—
300 मेगावाट (4 घंटे स्टोरेज)
300 मेगावाट (6 घंटे स्टोरेज)
200 मेगावाट (24 घंटे सोलर-सह-स्टोरेज)
शामिल हैं।
ई-कैबिनेट की शुरुआत, टैबलेट लेकर पहुंचे मंत्री
यह बैठक मोहन सरकार की पहली ई-कैबिनेट रही। मुख्यमंत्री सहित सभी मंत्री फाइलों की जगह टैबलेट लेकर बैठक में शामिल हुए। सरकार का उद्देश्य पेपरलेस सिस्टम को बढ़ावा देना, पारदर्शिता लाना और समय की बचत करना है।
‘संकल्प से समाधान’ अभियान 31 मार्च तक
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि ‘संकल्प से समाधान’ अभियान के तहत 16 विभागों की 91 योजनाओं के पात्र हितग्राहियों को घर-घर जाकर जोड़ा जाएगा। यह अभियान चार चरणों में संचालित होगा और 31 मार्च तक चलेगा।
अन्य अहम निर्णय
1.200 नए सांदीपनि विद्यालयों को मंजूरी, कुल लागत ₹2660 करोड़
2. वर्ष 2026 में आयोजित व्यापार मेलों के दौरान ऑटोमोबाइल पर 50% परिवहन टैक्स में छूट
3. SAF जवान के परिजनों को ₹90 लाख की अनुग्रह राशि देने का फैसला
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MP News: छतरपुर के नौगांव में मंदिर का निर्माणाधीन गेट गिरा, 1 की मौत, 3 मजदूर घायल

Chhatarpur: मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले के नौगांव में धौर्रा मंदिर का निर्माणाधीन गेट गिर गया। जिसके मलबे में दबकर एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि तीन घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसा शुक्रवार शाम निर्माण कार्य के दौरान हुआ। मृतक मजदूर छतरपुर के गंज के करारा गांव का रहने वाला है। बता दें कि धौर्रा हनुमान मंदिर मध्य प्रदेश-उत्तर प्रदेश केबॉर्डर पर स्थिति है। आसपास के इलाके के लोग दर्शन करने आते हैं।
घटना की जानकारी लगते ही छतरपुर सीएमएचओ आरके गुप्ता और सिविल सर्जन शरद चौरसिया जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने घायलों के इलाज की जानकारी ली और उनके इलाज के निर्देश दिए। कलेक्टर के आदेश पर मृतक के परिजन को तत्काल 20 हजार रुपए और घायलों के परिवार को 5000 रुपए की सहायता दी गई है।
निर्माण कार्य की जांच करेगी तकनीकी टीम
धौर्रा मंदिर के निर्माणाधीन गेट की निर्माण सामग्री की जांच के लिए एक तकनीकी टीम गठित जा रही है। नौगांव एसडीएम जीएस पटेल ने कहा- हादसा लेंटर की कमी या निर्माण सामग्री की खराब क्वालिटी के कारण हुआ, यह तकनीकी टीम की जांच के बाद स्पष्ट होगा। टीआई बाल्मिक चौबे ने बताया कि मंदिर के गेट का निर्माण चल रहा था। इसी दौरान हादसा हो गया। एक मजदूर की मौत हो गई है। 3 अस्पताल में भर्ती हैं। वहीं, नगर पालिका अध्यक्ष अनूप तिवारी बोले- नगर पालिका द्वारा कराए जा रहे कामों की समय-समय पर जांच की जाती है। हादसे की जांच के निर्देश दिए हैं। जो भी अधिकारी-कर्मचारी या ठेकेदार लापरवाही के लिए जिम्मेदार पाया जाएगा, उस पर कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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MP Weather: मध्यप्रदेश में कड़ाके की ठंड, शीतलहर ने बढ़ाई गलन, कई जिलों में स्कूलों के टाइम बदले

Bhopal: मध्यप्रदेश में कड़ाके की ठंड, घने कोहरे और शीत लहर का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। कई जिलों में शीतलहर के चलते जनजीवन प्रभावित हो रहा है। वहीं बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को देखते हुए राज्य के विभिन्न जिलों में स्कूलों की समय-सारिणी में बदलाव किया गया है। वहीं कुछ जगह अवकाश की घोषणा भी की गई है। राजधानी भोपाल में बढ़ती ठंड और कोहरे को देखते हुए नर्सरी से कक्षा आठवीं तक के सभी स्कूल अब सुबह 9:30 बजे के बाद ही संचालित होंगे। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में भी पड़ रही कड़ाके की ठंड
शीतलहर के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए ग्वालियर जिले में कक्षा 1 से 8वीं तक के विद्यार्थियों के लिए 5 और 6 जनवरी को अवकाश घोषित किया गया है। कलेक्टर रुचिका चौहान के निर्देश पर डीईओ ने यह आदेश जारी किया है। यह आदेश एमपी बोर्ड, सीबीएसई और आईसीएसई से संबद्ध सभी शासकीय एवं अशासकीय, मान्यता प्राप्त स्कूलों पर लागू होगा। श्योपुर जिले में भी स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है। जिले में नर्सरी से कक्षा आठवीं तक की कक्षाएं सुबह 9:30 बजे से पहले नहीं लगेंगी।
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MP News: विदिशा में छेड़छाड़ का विरोध करने पर युवक की हत्या, चाकुओं से गोदकर ली जान

Vidisha: मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। इंद्रप्रस्थ कॉलोनी में शनिवार, 3 जनवरी रात एक युवती के साथ छेड़छाड़ का विरोध करने पर 22 साल के शुभम चौबे की चाकू से गोदकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। पूरी घटना CCTV में कैद हो गई, जिसमें कुछ लोग युवक के साथ मारपीट करते नजर आ रहे हैं। वारदात के बाद इलाके में दहशत है। मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र की इंद्रप्रस्थ कॉलोनी का है।
पुलिस ने जानकारी दी है कि शुभम चौबे करैया खेड़ा रोड का रहने वाला था। उसने आरोपी चुन्नी और उसके साथियों को युवती से छेड़छाड़ करने से रोका था। शनिवार रात चुन्नी अपने साथियों संग बाइक से इंद्रप्रस्थ कॉलोनी पहुंचा। उसने शुभम को बाहर बुलाया और फिर इस घटना को अंजाम दिया। पहले बहस, फिर मारपीट और उसके बाद उन लोगों ने शुभम पर चाकू से ताबड़तोड़ वार किए।
आरोपियों के हमले में युवक शुभम लहूलुहान हो गया और सड़क पर तड़पता रहा। वारदात के बाद आरोपी उसे इसी हालत में छोड़ मौके से फरार हो गए। इसके बाद स्थानीय लोग उसे तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने शुभम को मृत घोषित कर दिया। घटना के सामने आए CCTV फुटेज में देखने मिल रहा है कि किस तरह बाइक पर सवार होकर कई लोग आए और उन्होंने शुभम संग मारपीट शुरू कर दी।
पुलिस फिलहाल घटना की जांच में जुटी है। आरोपियों की तलाश की जा रही है। विदिशा के ASP डॉ. प्रशांत ने कहा है कि हत्या चाकू से की गई है। सीसीटीवी फुटेज मिले हैं। घटनास्थल की बारीकी से जांच की जा रही है। सीसीटीवी के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उनकी तलाश की जा रही है।
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MP News: पाइपलाइन में लीकेज से दूषित हुआ पानी बना 14 मौतों की वजह, रिपोर्ट में हुई पुष्टि

Indore: इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से होने वाली मौतों का सिलसिला नहीं रुक रहा है। गुरुवार को बस्ती के दो परिवारों ने दावा किया कि उनके परिजनों की मौत भी उल्टी-दस्त के कारण हुई। लैब से आई सरकारी जांच रिपोर्ट में भी दूषित पानी से मौतों और बीमारियों पर सरकारी रिपोर्ट की मुहर भी लग गई है। हालांकि प्रशासन डायरिया से चार मौतें ही मान रहा है। जबकि 25 दिसंबर से 31 दिसंबर तक 12 मौतें हो चुकी हैं।
राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (NHRC) ने दूषित पानी से मौतों की मीडिया रिपोर्ट पर स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग के अनुसार, अगर मीडिया रिपोर्ट में कही गई बातें सही हैं तो इससे यह पीड़ितों के मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन का मुद्दा उठता है। शिकायतों के बावजूद कथित रूप से अधिकारियों ने दूषित पानी की आपूर्ति के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। बता दें कि देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से अब तक 14 लोगों की मौत की जानकारी मिली है। वहीं, करीब 1400 लोग इन्फेक्शन के शिकार हुए हैं।
CMHO डॉ. माधव हसानी ने कहा- महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज की लैब में जांचे गए पानी के नमूनों की रिपोर्ट आज स्वास्थ्य विभाग को मिल गई है। इसमें साफ तौर पर पुष्टि हुई है कि दूषित पानी पीने से ही लोग बीमार पड़े और उनकी जान गई। हसानी ने कहा- पाइपलाइन में लीकेज के कारण पानी दूषित हुआ है। यह किस जगह और किस लेवल का है, इसके बारे में संबंधित अधिकारी ही बता पाएंगे।














