ख़बर देश
PM Modi Rajya Sabha: जितना कीचड़ उछालोगे, कमल उतना खिलेगा, राज्यसभा में बोले मोदी

PM Modi Rajya Sabha: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर आज राज्यसभा में अपना संबोधन दिया। इस दौरान विपक्ष ने अडानी-मोदी भाई भाई के नारों के साथ संबोधन के बीच में जमकर हंगामा किया। लेकिन इसके बाद भी प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने गांधी-नेहरु परिवार के इतिहास से लेकर कांग्रेस सरकार की नीतियों तक पर सवाल उठाते हुए उन्हें कटघरे में खड़ा किया। प्रधानमंत्री मोदी ने देश के पहले प्रधानमंत्री पं. जवाहर लाल नेहरू का जिक्र करके गांधी परिवार पर अब तक का सबसे बड़ा हमला किया। आइए जानते हैं प्रधानमंत्री मोदी के राज्यसभा में भाषण की 10 बड़ी बातें।
1.जितना कीचड़ उछालोगे, कमल उतना ही ज्यादा खिलेगा
प्रधानमंत्री मोदी ने राज्यसभा में जैसे ही अपना संबोधन शुरू किया, विपक्षी सांसद सदन में हंगामा करने लगे। इस पर पीएम मोदी ने तंज कसते हुए कहा कि ‘सदन में जो भी बात होती है, उसे देश गंभीरता से सुनता है और गंभीरता से लेता है। लेकिन ये दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ लोगों की वाणी न सिर्फ सदन को, बल्कि देश को निराश करने वाली है।’ उन्होंने कहा कि ‘इस प्रकार की प्रवृत्ति के सदस्यों को यही कहूंगा कि कीचड़ उसके पास था, मेरे पास गुलाब। जो भी जिसके पास था, उसने दिया उछाल। जितना कीचड़ उछालोगे, कमल उतना ही ज्यादा खिलेगा। कमल खिलाने में प्रत्यक्ष या परोक्ष आपका जो भी योगदान है, इसके लिए मैं उनका भी आभार व्यक्त करता हूं।’
https://twitter.com/AHindinews/status/1623604848053878785?s=20&t=BpyEMtVU9SQvgQ7ai6HTaQ
2. 60 साल के शासन में देश को गड्ढे ही गड्ढे दिए
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कल अपने संबोधन में कहा था कि हमने 60 साल में देश को मजबूत बुनियाद दी। उन्होंने कहा था कि बुनियाद हमने बनाई, लेकिन उसका क्रेडिट मोदी ले रहा है। इस पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 2014 में आकर जब मैंने बारीकी से चीजों को देखने का प्रयास किया तो नजर आया कि कांग्रेस के परिवार ने 60 साल में गड्ढे ही गड्ढे कर दिए थे। उनका इरादा नेकी का होगा, लेकिन गड्ढे कर दिए थे।’ पीएम ने कहा कि उन्होंने ऐसी कार्यशैली और कल्चर बनाया कि एक भी चुनौती का परमानेंट सॉल्यूशन निकालने का न सोचा, न सूझा और न प्रयास किया। आज हम परमानेंट सॉल्यूशन की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।’
3. नेहरु सरनेम रखने से इतना डर क्यों- प्रधानमंत्री मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ‘600 से ज्यादा योजनाएं गांधी-नेहरू के परिवार के नाम पर हैं। अगर अब किसी कार्यक्रम में नेहरू जी का नाम नहीं प्रयोग हुआ तो कुछ लोगों का खून गर्म हो जाता था, लेकिन मुझे ये समझ नहीं आता कि उनकी पीढ़ी का कोई व्यक्ति नेहरू सरनेम रखने से डरता क्यों है। क्या शर्मिंदगी है नेहरू सरनेम रखने में। इतना बड़ा महान व्यक्ति आपको और आपके परिवार को मंजूर नहीं है और आप हमारा हिसाब मांगते हो।
4. एक प्रधानमंत्री ने 50 चुनी हुई सरकारों को गिराया
पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ‘जो लोग आज विपक्ष में बैठे हैं। उन्होंने राज्यों के अधिकारों को घज्जियां उड़ा दीं। मैं कच्चा-चिट्ठा खोलना चाहता हूं। जरा इतिहास उठाकर देख लीजिए वो कौन पार्टी थी, वो लोग कौन सत्ता में बैठे थे, जिन्होंने जिन्होंने आर्टिकल 356 का सबसे ज्यादा बार दुरुपयोग किया। 90 बार चुनी हुई सरकारों को गिरा दिया। वो लोग कौन थे, जिन्होंने आर्टिकल 356 का दुरुपयोग किया? वे लोग कौन हैं, जिन्होंने यह किया और चुनी हुई सरकारों को गिरा दिया। एक प्रधानमंत्री ने आर्टिकल 356 का 50 पर प्रयोग किया, वह नाम है इंदिरा गांधी।’
https://twitter.com/AHindinews/status/1623623262029910017?s=20&t=BpyEMtVU9SQvgQ7ai6HTaQ
5.पहले जिनको फायदा मिलता था, उनका चिल्लाना स्वाभाविक
पीएम मोदी ने केंद्र सरकार की कई योजनाओं का जिक्र करते हुए कांग्रेस को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, ‘हमने सीधे जनधन खाते में लाभार्थियों को पैसे भेजे। हम नया इको सिस्टम लाए। जिन लोगों को पुराने इको सिस्टम के फायदे मिलते थे, उनका चिल्लाना स्वाभाविक है। पहले परियोजनाएं लटकाने, भटकाने का कल्चर था। हमने टेक्नोलॉजी का प्लेटफॉर्म तैयार किया और इन्फ्रास्ट्रक्चर के प्रोजेक्ट को गति देने का काम किया। योजनाएं बनाने में महीनों लगते थे, आज सप्ताहभर में योजनाएं आगे बढ़ा दी जाती हैं।
6.जनधन, आधार और मोबाइल…ये हैं त्रि शक्ति
राज्यसभा में अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने त्रिशक्ति का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जनधन, आधार और मोबाइल… ये वो त्रिशक्ति है, जिससे पिछले कुछ वर्षों में 27 लाख करोड़ रुपये DBT के माध्यम से सीधे हितग्राहियों के खातों में गए हैं। इससे 2 लाख करोड़ रुपए से अधिक रुपया…जो किसी इको-सिस्टम के हाथों में जा सकता था, वो बच गया। अब जिनको ये पैसा नहीं मिल पाया, उनका चिल्लाना स्वाभाविक है।
7. पिछली सरकारों ने नॉर्थ-ईस्ट को किया अनदेखा
प्रधानमंत्री ने नॉर्थ ईस्ट का जिक्र करते हुए कांग्रेस को आड़े हाथां लेते हुए कहा, ‘नॉर्थ ईस्ट के गांवों में बिजली नहीं थी। इनके वोट बैंक नहीं थे इसलिए इनकी सरकार ने यहां बिजली पहुंचाने पर ध्यान नहीं दिया। हमने कहा कि हम मक्खन नहीं, पत्थर पर लकीर खींचेंगे। हमने 18 हजार गांवों में बिजली पहुंचाई। खुशी है कि दूरदराज के गांवों को आजादी के इतने सालों बाद आशा की किरण दिखाई दी।’ मोदी ने आगे कहा, ‘पहले की सरकारों में कुछ घंटे बिजली आती थी। पहले गांव में एक खंबा गाड़ देते थे तो हर साल उसकी एनिवर्सिरी मनाते थे। हम आज 22 घंटे बिजली देने में सफल हुए हैं। हमने लोगों को उनके भाग्य पर नहीं छोड़ा।
8. कांग्रेस ने की छोटे किसानों की उपेक्षा- प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में किसानों का जिक्र करते हुए कहा, ‘किसानों के लिए पहले क्या नीति थी? ऊपर के कुछ वर्ग को संभाल लेना और उन्हीं से अपनी राजनीति चलाना ही लक्ष्य था। छोटे किसान उपेक्षित थे, उनकी आवाज कोई नहीं सुनता था। हमारी सरकार ने छोटे किसानों पर ध्यान केंद्रित किया। उन्हें बैंकिंग से जोड़ा और आज साल में तीन बार किसान सम्मान निधि उनके खातों में जमा होती है। हमने मिलेट ईयर के लिए यूएन को लिखा। ये छोटे किसान उगाते हैं। जैसे श्रीफल का महत्व होता है, वैसे ही मिलेट को श्री अन्न का दर्जा मिले। इससे छोटे किसानों को मजबूती मिलेगी।
9. विपक्ष ने वैज्ञानिकों को किया बदनाम
प्रधानमंत्री मोदी ने कोरोनाकाल में वैक्सीन को लेकर हुई राजनीति पर भी विपक्ष को जमकर निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि ‘वैक्सीन बनाने वाले वैज्ञानिकों को नीचा दिखाने के लिए कितने प्रयास हुए। आर्टिकल लिखे गए, टीवी में बोला गया। ये हमारे वैज्ञानिकों को बदनाम करने का मौका नहीं छोड़ते। इन्हें देश की चिंता नहीं है, अपनी राजनीति की चिंता है। हमें खुशी है कि आज 100 करोड़ से ज्यादा मोबाइल मेरे देश के हाथ में है। कभी इम्पोर्ट करते थे, गर्व है आज एक्सपोर्ट कर रहे हैं।’
10.’एक अकेला कितनों पर भारी पड़ रहा है’
प्रधानमंत्री मोदी के तकरीबन डेढ़ घंटे के संबोधन के दौरान विपक्ष लगातार नारेबाजी और हंगामा करता रहा। जिस पर पीएम मोदी ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि देश की जनता की रोजी रोटी के लिए हमने काम किया। 140 करोड़ लोगों के लिए हमारी सरकार काम कर ही है। देश देख रहा है कि एक अकेला कितनों पर भारी पड़ रहा है। अरे नारे बोलने के लिए भी लोग बदलने पड़ रहे हैं। मैं घंटेभर से जवाब दे रहा हूं, रुका नहीं रहा। देश के लिए जीता हूं, देश के लिए कुछ करने के लिए निकला हूं। इसलिए राजनीतिक खेल खेलने वालों के अंदर अंदर हौसला नहीं है। वे बचने का रास्ता ढूंढ रहे हैं।
https://twitter.com/AHindinews/status/1623635850881024000?s=20&t=BpyEMtVU9SQvgQ7ai6HTaQ
ये भी पढ़ें:
https://khabritaau.com/operation-dost-indian-army-and-ndrf-are-winning-hearts-of-people-in-turkey/
ख़बर देश
Assembly Election 2026: 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव का ऐलान, 9, 23 और 29 अप्रैल को वोटिंग, 4 मई को आएंगे नतीजे

Assembly Election 2026: चुनाव आयोग ने रविवार को असम, केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी और पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया। पांचों राज्यों में कुल 824 सीटों पर चुनाव होंगे और 17.4 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बताया कि चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही पांचों राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में आचार संहिता तुरंत प्रभाव से लागू हो गई है।
वोटिंग शेड्यूल
पश्चिम बंगाल: 2 चरण में मतदान, 23 और 29 अप्रैल
तमिलनाडु: 23 अप्रैल को एक ही चरण में मतदान
केरल, असम और पुडुचेरी: 9 अप्रैल को सिंगल फेज में वोटिंग
पांचों राज्यों के चुनाव परिणाम: 4 मई को घोषित किए जाएंगे।
पिछली बार यानी 2021 में इन पांच राज्यों के चुनाव की घोषणा 26 फरवरी को हुई थी। उस समय पश्चिम बंगाल में 8 चरणों में मतदान कराया गया था, जबकि असम में 3 चरण और तमिलनाडु, केरल तथा पुडुचेरी में एक ही चरण में चुनाव हुए थे। इन सभी विधानसभाओं का कार्यकाल मई-जून 2026 में समाप्त हो रहा है, इसलिए समय पर नई सरकार के गठन के लिए चुनाव कार्यक्रम जारी किया गया है।
ख़बर देश
Commercial LPG Cylinder: 5 दिन बाद कमर्शियल LPG सिलेंडर की सप्लाई शुरू, 29 राज्यों में वितरण, कालाबाजारी पर देशभर में छापे

Commercial LPG Cylinder Supply: केंद्र सरकार ने 5 दिन बाद कमर्शियल LPG सिलेंडर की सप्लाई पर लगी रोक हटा दी है। पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार अब देश के 29 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कमर्शियल सिलेंडरों का वितरण फिर से शुरू कर दिया गया है। सरकार ने इससे पहले 9 मार्च को कमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई अस्थायी रूप से रोक दी थी, ताकि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए गैस की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।
कालाबाजारी और जमाखोरी के खिलाफ सख्ती
सरकार ने एलपीजी सिलेंडरों की कालाबाजारी और अवैध भंडारण रोकने के लिए देशभर में छापेमारी तेज कर दी है। कई राज्यों में संयुक्त टीमें बनाकर लगातार निरीक्षण और कार्रवाई की जा रही है। सरकार ने उपभोक्ताओं से कहा है कि गैस की कमी को लेकर घबराने की कोई जरूरत नहीं है और सप्लाई सामान्य बनी हुई है।
इंडस्ट्री और होटल को RDF पेलेट्स की अनुमति
पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मिनिस्ट्री की जॉइंट सेक्रेटरी (मार्केटिंग और ऑयल रिफाइनरी) सुजाता शर्मा ने कहा कि Delhi NCR की इंडस्ट्री, होटल, रेस्टोरेंट और अन्य संस्थानों को एक महीने के लिए नेचुरल गैस की जगह बायोमास से बने पेलेट्स इस्तेमाल करने की अस्थायी मंजूरी दी गई है। इनमें खास तौर पर Refuse Derived Fuel (RDF) पेलेट्स शामिल हैं, जो कचरे से तैयार किए जाते हैं और वैकल्पिक ईंधन के रूप में उपयोग किए जाते हैं। सरकार का कहना है कि यह कदम घरेलू गैस उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने और आपूर्ति संतुलन बनाए रखने के लिए उठाया गया है।
ख़बर देश
India LPG Supply Crisis: पश्चिम एशिया संकट के बीच भारत में LPG आपूर्ति सुरक्षित, 92,700 मीट्रिक टन गैस लेकर टैंकर भारत आ रहे

India LPG Supply Crisis: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत सरकार ने देश में रसोई गैस की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय कदम उठाए हैं। भारी मात्रा में एलपीजी लेकर दो बड़े टैंकर भारत की ओर बढ़ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर घरेलू बाजार में कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए एजेंसियों ने सख्त अभियान शुरू कर दिया है।
होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर भारत की ओर बढ़े टैंकर
रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण Strait of Hormuz को पार कर ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ नाम के एलपीजी टैंकर भारत की ओर बढ़ रहे हैं।पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार ये दोनों जहाज मिलकर करीब 92,700 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर आ रहे हैं। तय कार्यक्रम के मुताबिक ये टैंकर 16 और 17 मार्च को भारत के पश्चिमी तट पर स्थित प्रमुख बंदरगाहों- Mundra Port और Kandla Port पर पहुंचेंगे। इतनी बड़ी मात्रा में गैस की आवक से घरेलू और औद्योगिक मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी।
घबराहट में बढ़ी सिलेंडर बुकिंग
पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि मौजूदा भू-राजनीतिक स्थिति के कारण लोगों में घबराहट देखी जा रही है और सिलेंडर बुकिंग तेजी से बढ़ी है। जहां पहले करीब 75-76 लाख बुकिंग हो रही थीं, वहीं अब यह संख्या बढ़कर लगभग 88 लाख तक पहुंच गई है। उन्होंने लोगों से अपील की कि घबराकर गैस बुकिंग न करें और जरूरत होने पर ही सिलेंडर बुक करें।
बुकिंग के लिए तय समय अंतराल
सरकार ने स्पष्ट किया है कि शहरी क्षेत्रों में एक सिलेंडर डिलीवरी के बाद अगली बुकिंग के लिए 25 दिन का अंतराल ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन का अंतराल अनिवार्य है। यदि इससे पहले बुकिंग करने की कोशिश की जाती है तो सिस्टम बुकिंग स्वीकार नहीं करेगा। सरकार ने उपभोक्ताओं को IVRS, SMS, व्हाट्सऐप और मोबाइल ऐप के माध्यम से ऑनलाइन बुकिंग करने की सलाह दी है।
29 राज्यों में कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई
व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की मांग को देखते हुए सरकार ने राज्यों को अतिरिक्त एलपीजी आवंटित किया है। वर्तमान में 29 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में व्यावसायिक सिलेंडरों का वितरण शुरू हो चुका है।
कालाबाजारी पर देशव्यापी कार्रवाई
गैस की कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए कई राज्यों में संयुक्त टीमों ने छापेमारी शुरू की है। उत्तरप्रदेश में करीब 1400 स्थानों पर छापे मारे गए और 19 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया। इसके अलावा ओडिशा, आंध्रप्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान में भी कार्रवाई जारी है।
30 भारतीय नाविक सुरक्षित लौटे
समुद्री क्षेत्र से जुड़ी एक सकारात्मक खबर भी सामने आई है। पिछले 24 घंटों में 30 भारतीय नाविकों को सुरक्षित भारत वापस लाया गया, जिससे संकट के बीच राहत की खबर मिली है।
ख़बर देश
LPG cylinder booking rule: रसोई गैस सिलेंडर बुकिंग के नियम बदले, अब 25 दिन बाद ही कर सकेंगे अगली रीफिल बुकिंग

LPG cylinder booking rule: केंद्र सरकार ने घरेलू एलपीजी सिलेंडर की रीफिल बुकिंग के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब उपभोक्ता एक सिलेंडर की डिलीवरी के बाद दूसरा सिलेंडर 21 दिन के बजाय 25 दिन बाद ही बुक कर सकेंगे। सरकार ने यह कदम मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच गैस की जमाखोरी रोकने और सभी उपभोक्ताओं तक समान रूप से सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए उठाया है।
जमाखोरी रोकने के लिए बदला नियम
सरकार के अनुसार हाल के दिनों में यह देखा गया कि कई उपभोक्ता जरूरत न होने के बावजूद सिलेंडर बुक कर रहे थे और स्टॉक जमा कर रहे थे। इससे कई इलाकों में गैस सिलेंडर की उपलब्धता प्रभावित हो रही थी। वेटिंग पीरियड को 25 दिन करने से अनावश्यक बुकिंग पर रोक लगेगी और जिन लोगों को वास्तव में गैस की जरूरत है, उन्हें समय पर सिलेंडर मिल सकेगा।
पहले 21 दिन का नियम लागू किया गया था
पिछले कुछ दिनों में पैनिक बुकिंग की वजह से एलपीजी सिलेंडर की मांग में अचानक बढ़ोतरी देखी गई थी। इसे देखते हुए तेल कंपनियों ने शुक्रवार को घरेलू एलपीजी बुकिंग के लिए 21 दिन का लॉक-इन पीरियड लागू किया था। अब इसे बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है। इससे पहले सिलेंडर बुकिंग को लेकर ऐसा कोई निश्चित वेटिंग नियम लागू नहीं था।
ख़बर देश
LPG price hike: घरेलू LPG सिलेंडर 60 रुपए महंगा, दिल्ली में 913 रुपए हुआ दाम; कॉमर्शियल सिलेंडर भी 115 रुपए बढ़ा

LPG price hike: केंद्र सरकार ने घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमत में 60 रुपए की बढ़ोतरी कर दी है। इसके बाद दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाले LPG सिलेंडर की कीमत बढ़कर 913 रुपए हो गई है, जो पहले 853 रुपए थी। इसके साथ ही 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम में भी 115 रुपए का इजाफा किया गया है। अब यह सिलेंडर 1883 रुपए में मिलेगा। नई कीमतें 7 मार्च से लागू हो गई हैं।इससे पहले 8 अप्रैल 2025 को घरेलू LPG सिलेंडर के दाम में 50 रुपए की बढ़ोतरी की गई थी। यानी लगभग एक साल बाद फिर से घरेलू गैस की कीमतों में इजाफा हुआ है। वहीं 1 मार्च 2026 को कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत भी करीब 31 रुपए तक बढ़ाई गई थी।
गैस के दामों में यह बढ़ोतरी ऐसे समय पर हुई है जब मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और अमेरिका-इजराइल तथा ईरान के बीच टकराव के कारण गैस सप्लाई प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। संभावित संकट को देखते हुए केंद्र सरकार ने 5 मार्च को इमरजेंसी पावर का इस्तेमाल करते हुए देश की सभी ऑयल रिफाइनरी कंपनियों को LPG उत्पादन बढ़ाने का आदेश दिया था।
सरकार ने निर्देश दिया है कि रिफाइनरियां अब प्रोपेन और ब्यूटेन का इस्तेमाल सिर्फ रसोई गैस बनाने के लिए करेंगी। साथ ही कंपनियों को इन गैसों की सप्लाई सरकारी तेल कंपनियों- इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और भारत पेट्रोलियम—को प्राथमिकता के आधार पर देनी होगी। इसका मकसद देश के करोड़ों उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर की सप्लाई बिना रुकावट जारी रखना है।
गैस सप्लाई पर असर पड़ने की एक बड़ी वजह ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ का असुरक्षित होना भी है। यह समुद्री मार्ग फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है और दुनिया के करीब 20 प्रतिशत पेट्रोलियम उत्पाद इसी रास्ते से गुजरते हैं। भारत भी अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से आयात करता है।
इसके अलावा कतर के LNG प्लांट पर ड्रोन हमले के बाद वहां गैस उत्पादन प्रभावित हुआ है। कतर भारत को गैस सप्लाई करने वाले प्रमुख देशों में शामिल है और भारत अपनी करीब 40 प्रतिशत LNG वहीं से आयात करता है। ऐसे में मिडिल ईस्ट में जारी तनाव का असर भारत की गैस सप्लाई और कीमतों पर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।


















