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PM Modi Rajya Sabha: जितना कीचड़ उछालोगे, कमल उतना खिलेगा, राज्यसभा में बोले मोदी

PM Modi Rajya Sabha: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर आज राज्यसभा में अपना संबोधन दिया। इस दौरान विपक्ष ने अडानी-मोदी भाई भाई के नारों के साथ संबोधन के बीच में जमकर हंगामा किया। लेकिन इसके बाद भी प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने गांधी-नेहरु परिवार के इतिहास से लेकर कांग्रेस सरकार की नीतियों तक पर सवाल उठाते हुए उन्हें कटघरे में खड़ा किया। प्रधानमंत्री मोदी ने देश के पहले प्रधानमंत्री पं. जवाहर लाल नेहरू का जिक्र करके गांधी परिवार पर अब तक का सबसे बड़ा हमला किया। आइए जानते हैं प्रधानमंत्री मोदी के राज्यसभा में भाषण की 10 बड़ी बातें।
1.जितना कीचड़ उछालोगे, कमल उतना ही ज्यादा खिलेगा
प्रधानमंत्री मोदी ने राज्यसभा में जैसे ही अपना संबोधन शुरू किया, विपक्षी सांसद सदन में हंगामा करने लगे। इस पर पीएम मोदी ने तंज कसते हुए कहा कि ‘सदन में जो भी बात होती है, उसे देश गंभीरता से सुनता है और गंभीरता से लेता है। लेकिन ये दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ लोगों की वाणी न सिर्फ सदन को, बल्कि देश को निराश करने वाली है।’ उन्होंने कहा कि ‘इस प्रकार की प्रवृत्ति के सदस्यों को यही कहूंगा कि कीचड़ उसके पास था, मेरे पास गुलाब। जो भी जिसके पास था, उसने दिया उछाल। जितना कीचड़ उछालोगे, कमल उतना ही ज्यादा खिलेगा। कमल खिलाने में प्रत्यक्ष या परोक्ष आपका जो भी योगदान है, इसके लिए मैं उनका भी आभार व्यक्त करता हूं।’
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2. 60 साल के शासन में देश को गड्ढे ही गड्ढे दिए
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कल अपने संबोधन में कहा था कि हमने 60 साल में देश को मजबूत बुनियाद दी। उन्होंने कहा था कि बुनियाद हमने बनाई, लेकिन उसका क्रेडिट मोदी ले रहा है। इस पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 2014 में आकर जब मैंने बारीकी से चीजों को देखने का प्रयास किया तो नजर आया कि कांग्रेस के परिवार ने 60 साल में गड्ढे ही गड्ढे कर दिए थे। उनका इरादा नेकी का होगा, लेकिन गड्ढे कर दिए थे।’ पीएम ने कहा कि उन्होंने ऐसी कार्यशैली और कल्चर बनाया कि एक भी चुनौती का परमानेंट सॉल्यूशन निकालने का न सोचा, न सूझा और न प्रयास किया। आज हम परमानेंट सॉल्यूशन की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।’
3. नेहरु सरनेम रखने से इतना डर क्यों- प्रधानमंत्री मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ‘600 से ज्यादा योजनाएं गांधी-नेहरू के परिवार के नाम पर हैं। अगर अब किसी कार्यक्रम में नेहरू जी का नाम नहीं प्रयोग हुआ तो कुछ लोगों का खून गर्म हो जाता था, लेकिन मुझे ये समझ नहीं आता कि उनकी पीढ़ी का कोई व्यक्ति नेहरू सरनेम रखने से डरता क्यों है। क्या शर्मिंदगी है नेहरू सरनेम रखने में। इतना बड़ा महान व्यक्ति आपको और आपके परिवार को मंजूर नहीं है और आप हमारा हिसाब मांगते हो।
4. एक प्रधानमंत्री ने 50 चुनी हुई सरकारों को गिराया
पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ‘जो लोग आज विपक्ष में बैठे हैं। उन्होंने राज्यों के अधिकारों को घज्जियां उड़ा दीं। मैं कच्चा-चिट्ठा खोलना चाहता हूं। जरा इतिहास उठाकर देख लीजिए वो कौन पार्टी थी, वो लोग कौन सत्ता में बैठे थे, जिन्होंने जिन्होंने आर्टिकल 356 का सबसे ज्यादा बार दुरुपयोग किया। 90 बार चुनी हुई सरकारों को गिरा दिया। वो लोग कौन थे, जिन्होंने आर्टिकल 356 का दुरुपयोग किया? वे लोग कौन हैं, जिन्होंने यह किया और चुनी हुई सरकारों को गिरा दिया। एक प्रधानमंत्री ने आर्टिकल 356 का 50 पर प्रयोग किया, वह नाम है इंदिरा गांधी।’
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5.पहले जिनको फायदा मिलता था, उनका चिल्लाना स्वाभाविक
पीएम मोदी ने केंद्र सरकार की कई योजनाओं का जिक्र करते हुए कांग्रेस को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, ‘हमने सीधे जनधन खाते में लाभार्थियों को पैसे भेजे। हम नया इको सिस्टम लाए। जिन लोगों को पुराने इको सिस्टम के फायदे मिलते थे, उनका चिल्लाना स्वाभाविक है। पहले परियोजनाएं लटकाने, भटकाने का कल्चर था। हमने टेक्नोलॉजी का प्लेटफॉर्म तैयार किया और इन्फ्रास्ट्रक्चर के प्रोजेक्ट को गति देने का काम किया। योजनाएं बनाने में महीनों लगते थे, आज सप्ताहभर में योजनाएं आगे बढ़ा दी जाती हैं।
6.जनधन, आधार और मोबाइल…ये हैं त्रि शक्ति
राज्यसभा में अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने त्रिशक्ति का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जनधन, आधार और मोबाइल… ये वो त्रिशक्ति है, जिससे पिछले कुछ वर्षों में 27 लाख करोड़ रुपये DBT के माध्यम से सीधे हितग्राहियों के खातों में गए हैं। इससे 2 लाख करोड़ रुपए से अधिक रुपया…जो किसी इको-सिस्टम के हाथों में जा सकता था, वो बच गया। अब जिनको ये पैसा नहीं मिल पाया, उनका चिल्लाना स्वाभाविक है।
7. पिछली सरकारों ने नॉर्थ-ईस्ट को किया अनदेखा
प्रधानमंत्री ने नॉर्थ ईस्ट का जिक्र करते हुए कांग्रेस को आड़े हाथां लेते हुए कहा, ‘नॉर्थ ईस्ट के गांवों में बिजली नहीं थी। इनके वोट बैंक नहीं थे इसलिए इनकी सरकार ने यहां बिजली पहुंचाने पर ध्यान नहीं दिया। हमने कहा कि हम मक्खन नहीं, पत्थर पर लकीर खींचेंगे। हमने 18 हजार गांवों में बिजली पहुंचाई। खुशी है कि दूरदराज के गांवों को आजादी के इतने सालों बाद आशा की किरण दिखाई दी।’ मोदी ने आगे कहा, ‘पहले की सरकारों में कुछ घंटे बिजली आती थी। पहले गांव में एक खंबा गाड़ देते थे तो हर साल उसकी एनिवर्सिरी मनाते थे। हम आज 22 घंटे बिजली देने में सफल हुए हैं। हमने लोगों को उनके भाग्य पर नहीं छोड़ा।
8. कांग्रेस ने की छोटे किसानों की उपेक्षा- प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में किसानों का जिक्र करते हुए कहा, ‘किसानों के लिए पहले क्या नीति थी? ऊपर के कुछ वर्ग को संभाल लेना और उन्हीं से अपनी राजनीति चलाना ही लक्ष्य था। छोटे किसान उपेक्षित थे, उनकी आवाज कोई नहीं सुनता था। हमारी सरकार ने छोटे किसानों पर ध्यान केंद्रित किया। उन्हें बैंकिंग से जोड़ा और आज साल में तीन बार किसान सम्मान निधि उनके खातों में जमा होती है। हमने मिलेट ईयर के लिए यूएन को लिखा। ये छोटे किसान उगाते हैं। जैसे श्रीफल का महत्व होता है, वैसे ही मिलेट को श्री अन्न का दर्जा मिले। इससे छोटे किसानों को मजबूती मिलेगी।
9. विपक्ष ने वैज्ञानिकों को किया बदनाम
प्रधानमंत्री मोदी ने कोरोनाकाल में वैक्सीन को लेकर हुई राजनीति पर भी विपक्ष को जमकर निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि ‘वैक्सीन बनाने वाले वैज्ञानिकों को नीचा दिखाने के लिए कितने प्रयास हुए। आर्टिकल लिखे गए, टीवी में बोला गया। ये हमारे वैज्ञानिकों को बदनाम करने का मौका नहीं छोड़ते। इन्हें देश की चिंता नहीं है, अपनी राजनीति की चिंता है। हमें खुशी है कि आज 100 करोड़ से ज्यादा मोबाइल मेरे देश के हाथ में है। कभी इम्पोर्ट करते थे, गर्व है आज एक्सपोर्ट कर रहे हैं।’
10.’एक अकेला कितनों पर भारी पड़ रहा है’
प्रधानमंत्री मोदी के तकरीबन डेढ़ घंटे के संबोधन के दौरान विपक्ष लगातार नारेबाजी और हंगामा करता रहा। जिस पर पीएम मोदी ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि देश की जनता की रोजी रोटी के लिए हमने काम किया। 140 करोड़ लोगों के लिए हमारी सरकार काम कर ही है। देश देख रहा है कि एक अकेला कितनों पर भारी पड़ रहा है। अरे नारे बोलने के लिए भी लोग बदलने पड़ रहे हैं। मैं घंटेभर से जवाब दे रहा हूं, रुका नहीं रहा। देश के लिए जीता हूं, देश के लिए कुछ करने के लिए निकला हूं। इसलिए राजनीतिक खेल खेलने वालों के अंदर अंदर हौसला नहीं है। वे बचने का रास्ता ढूंढ रहे हैं।
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Vedic Clock: काशी विश्वनाथ मंदिर में लगी ‘विक्रमादित्य वैदिक घड़ी’, PM मोदी बोले- यह आधुनिक तकनीक और प्राचीन ज्ञान का संगम

Vedic Clock: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी स्थित श्री काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में स्थापित विश्व की अनूठी ‘विक्रमादित्य वैदिक घड़ी’ का सूक्ष्म अवलोकन किया। उन्होंने घड़ी के डिजिटल फलक पर प्रदर्शित भारतीय पंचांग, मुहूर्त, ग्रह-नक्षत्र और वैदिक कालगणना प्रणाली की सराहना करते हुए इसे आधुनिक तकनीक और भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा का अद्भुत संगम बताया।
यह वैदिक घड़ी सबसे पहले महाकाल की नगरी उज्जैन में स्थापित की गई थी, जिसका लोकार्पण प्रधानमंत्री मोदी ने 29 फरवरी 2024 को किया था। अब इसे देश के प्रमुख ज्योतिर्लिंगों में स्थापित करने की योजना पर काम किया जा रहा है। काशी विश्वनाथ मंदिर में स्थापित यह घड़ी सबसे पहले बाबा विश्वनाथ को समर्पित की गई है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 3 अप्रैल 2026 को यह वैदिक घड़ी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेंट की थी। इसके बाद 4 अप्रैल को इसे काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में स्थापित किया गया। मध्यप्रदेश सरकार का कहना है कि यह पहल भारत की गौरवशाली कालगणना परंपरा को आधुनिक तकनीक के जरिए नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास है।
सूर्योदय के आधार पर काम करती है घड़ी
‘विक्रमादित्य वैदिक घड़ी’ भारतीय वैदिक समय प्रणाली पर आधारित है। यह घड़ी सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक के समय की गणना करती है। एक वैदिक दिवस को 30 मुहूर्तों में बांटा गया है।
- सूर्योदय से सूर्यास्त तक 15 मुहूर्त
- सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक 15 मुहूर्त
घड़ी में वैदिक समय, भारतीय मानक समय (IST), पंचांग, विक्रम संवत, तिथि, मुहूर्त, योग, करण, नक्षत्र, सूर्य राशि, चंद्र राशि और ग्रहों की स्थिति जैसी जानकारियां दिखाई देती हैं।
मुहूर्त, कला और काष्ठा की गणना भी खास
- 1 मुहूर्त = 30 कला
- 1 कला = 96 सेकंड
- 1 कला = 30 काष्ठा
- 1 काष्ठा = 3.2 सेकंड
घड़ी सूर्य के कोण और स्थान विशेष के सूर्योदय-सूर्यास्त समय के अनुसार वैदिक समय प्रदर्शित करती है। यानी जिस शहर में यह घड़ी लगेगी, वहां के स्थानीय सूर्योदय के हिसाब से समय दिखाई देगा।
अयोध्या और सभी ज्योतिर्लिंगों में लगाने की तैयारी
मध्यप्रदेश सरकार अब अयोध्या के श्रीराम मंदिर समेत देश के सभी ज्योतिर्लिंगों में ऐसी वैदिक घड़ियां स्थापित करने की तैयारी कर रही है। इसे भारत की सांस्कृतिक और वैज्ञानिक विरासत को पुनर्जीवित करने की बड़ी पहल माना जा रहा है।
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Delhi: टेकऑफ से पहले बड़ा हादसा टला, दिल्ली एयरपोर्ट पर स्विस विमान के इंजन में आग, 6 यात्री घायल

Delhi: दिल्ली एयरपोर्ट पर शनिवार देर रात एक बड़ा विमान हादसा टल गया। स्विस एयरलाइंस की फ्लाइट LX147 टेकऑफ के दौरान तकनीकी खराबी का शिकार हो गई। जानकारी के मुताबिक, यह फ्लाइट रात 1:08 बजे ज्यूरिख के लिए उड़ान भरने वाली थी। जैसे ही विमान रनवे पर टेकऑफ के लिए बढ़ा, उसका एक इंजन फेल हो गया और उसमें आग लग गई। साथ ही बाईं ओर लैंडिंग गियर से धुआं निकलता देखा गया।
स्थिति को भांपते हुए पायलट ने तुरंत विमान को रोक दिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। इसके बाद सभी यात्रियों को इमरजेंसी स्लाइड के जरिए सुरक्षित बाहर निकाला गया। इस दौरान 6 यात्री घायल हो गए, जिन्हें प्राथमिक इलाज दिया गया।
एयरलाइन ने बयान जारी कर कहा कि घटना के समय विमान एयरबस A330 था। स्थानीय टीम मौके पर मौजूद है और यात्रियों की देखभाल की जा रही है। कंपनी ने बताया कि घटना के कारणों की जांच के लिए उनकी टीम जल्द ही दिल्ली पहुंचेगी और स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर जांच करेगी। फिलहाल सभी यात्री सुरक्षित हैं और स्थिति नियंत्रण में है। इस घटना में पायलट की सतर्कता और त्वरित निर्णय से एक बड़ा हादसा टल गया।
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Maoist surrender: तेलंगाना में 47 माओवादियों का सरेंडर, AK-47 समेत भारी हथियार सौंपे

Maoist surrender: तेलंगाना में माओवाद के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। राज्य के DGP बी. शिवधर रेड्डी ने बताया कि शनिवार को 47 माओवादी कैडरों ने आत्मसमर्पण कर दिया। ये सभी माओवादी दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी, साउथ बस्तर रीजनल कमेटी की 9वीं और 30वीं प्लाटून और पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी से जुड़े हुए थे।
अलग-अलग स्तर के कैडर शामिल
सरेंडर करने वालों में संगठन के कई स्तर के सदस्य शामिल हैं। इनमें 1 स्टेट कमेटी मेंबर, 3 डिवीजन कमेटी मेंबर
24 एरिया कमेटी मेंबर, 19 पार्टी मेंबर शामिल हैं। एक साथ इतनी बड़ी संख्या में आत्मसमर्पण को सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
AK-47, LMG समेत भारी हथियार सौंपे
DGP के मुताबिक, माओवादियों ने आत्मसमर्पण के दौरान हथियार और गोला-बारूद भी पुलिस को सौंपा। इनमें 4 AK-47 राइफल, 3 SLR, 1 लाइट मशीन गन (LMG), 2 INSAS राइफल, 2 .410 मस्केट, 1 पिस्टल शामिल हैं। कुल मिलाकर 32 हथियार, 26 मैगजीन, 515 राउंड कारतूस और 10 बंडल कार्डेक्स वायर पुलिस को सौंपे गए।
पुनर्वास नीति और ऑपरेशन का असर
DGP बी. शिवधर रेड्डी ने कहा कि यह आत्मसमर्पण सरकार की पुनर्वास नीति और लगातार चल रहे ऑपरेशनों का नतीजा है। सुरक्षा बलों के दबाव और विकास कार्यों के चलते माओवादी अब मुख्यधारा में लौटने का फैसला कर रहे हैं।
“तेलंगाना में अब माओवादी मूवमेंट नहीं”
DGP ने दावा किया कि राज्य में अब माओवादी गतिविधि नहीं के बराबर रह गई है। जो लोग अभी भी जंगलों में सक्रिय हैं, उन्हें सरेंडर कर सामान्य जीवन में लौटने का मौका दिया जा रहा है।
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Heatwave: देशभर में भीषण गर्मी का कहर, प्रयागराज 45.2°C पर टॉप, 5 राज्यों के 14 शहरों में पारा 44°C पार

Heatwave:देश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी और लू का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार को प्रयागराज देश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां तापमान 45.2°C दर्ज किया गया। वहीं अकोला में पारा 45°C और अमरावती में 44.8°C तक पहुंच गया। मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर में बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और हल्के कपड़े पहनने की सलाह दी है। खासतौर पर बच्चों और बुजुर्गों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।
14 शहरों में 44°C के पार पारा
उत्तर-पश्चिम, उत्तर, मध्य और पश्चिम भारत के 5 राज्यों के 14 शहरों में तापमान 44°C से ऊपर दर्ज किया गया। इनमें वाराणसी, बांदा, रोहतक, झारसुगुड़ा, टिटलागढ़, अकोला, अमरावती, वर्धा, चंद्रपुर, यवतमाल, बाड़मेर, हमीरपुर, आगरा और राजनांदगांव शामिल हैं।
यूपी के 60 जिलों में रेड अलर्ट
उत्तप्रदेश के 60 जिलों में लू का रेड अलर्ट जारी किया गया है। वहीं उड़ीसा के झारसुगुड़ा में लगातार दूसरे दिन तापमान 44.8°C दर्ज हुआ। मध्यप्रदेश के 11 जिलों में हीटवेव का अलर्ट है, जबकि पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश में भी गर्मी का असर दिखने लगा है। यहां ऊना का तापमान 41.1°C तक पहुंच गया।
अगले 2 दिन और बढ़ेगी गर्मी
26 अप्रैल:
छत्तीसगढ़, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, मध्य प्रदेश, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में हीटवेव की संभावना
आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, गुजरात, ओडिशा और तमिलनाडु में उमस भरी गर्मी।
27 अप्रैल:
बिहार, छत्तीसगढ़, हरियाणा, दिल्ली, मध्य प्रदेश, पंजाब, महाराष्ट्र, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में लू का प्रकोप जारी
कई जगहों पर गर्म रातें (Warm Nights) रहने की आशंका।
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Raghav Chadha: आप को बड़ा झटका, राघव चड्ढा BJP में शामिल, दावा- आप के 10 में से 7 सांसद साथ

Raghav Chadha: आम आदमी पार्टी (AAP) को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। पर्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने शुक्रवार शाम 4 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बीजेपी में शामिल होने का ऐलान किया। इसके बाद चड्ढा बीजेपी मुख्यालय पहुंचे, जहां राघव के साथ संदीप पाठक और अशोक मित्तल को राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने पार्टी की सदस्यता दिलाई।
राघव चड्ढा ने दावा किया कि उनके साथ हरभजन सिंह, विक्रमजीत सिंह साहनी, स्वाति मालीवाल, राजेंदर गुप्ता भी हमारे साथ हैं। हालांकि, बाकी चार सांसद अभी सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं।
राघव ने कहा- “हम पार्टी के दो-तिहाई सांसद हैं, इसलिए दलबदल कानून लागू नहीं होगा। हमने संवैधानिक प्रावधानों के तहत यह फैसला लिया है।” उन्होंने यह भी कहा- “पिछले कुछ समय से मुझे लग रहा था कि मैं गलत पार्टी में सही व्यक्ति हूं।”
वहीं आप की ही एक अन्य राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने सोशल मीडिया पर कहा कि वे फिलहाल इटानगर में हैं और दिल्ली लौटने के बाद इस मुद्दे पर विस्तार से बात करेंगी। यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब पंजाब में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। इस बड़े दलबदल से राज्य की राजनीति पर गहरा असर पड़ने की संभावना है।


















