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Los Angeles: जंगलों में भड़की आग में 1900 इमारतें खाक, कई हॉलीवुड स्टार्स के बंगले भी जले

Los Angeles Fire: अमेरिका के कैलिफोर्निया राज्य के लॉस एंजिल्स शहर के जंगलों में भड़की आग में कई हजार एकड़ जंगल राख हो चुके हैं। आग की लपटें अब मशहूर हॉलीवुड हिल्स तक पहुंच चुकी है, जिसने पेरिस हिल्टन, स्टीवन स्पिलबर्ग, मैंडी मूर, एश्टन कुचर समेत कई हॉलीवुड सितारों के घरों को भी अपनी चपेट में लिया है। एक्ट्रेस पेरिस हिल्टन ने एक्स पर एक वीडियो पोस्ट करते हुए कहा- परिवार के साथ बैठकर टीवी पर न्यूज में अपने मलीबू में स्थित बंगले को लाइव टीवी पर जलता देख बहुत दुख हो रहा है। इस घर को हमने मेहनत से तैयार किया था, जिसके साथ कई यादें जुड़ी हैं।
जंगल की भीषण आग की वजह से 1900 इमारतें पूरे तरह जल चुकी हैं, जबकि 28000 के करीब घरों को आग ने नुकसान पहुंचाया है। सुरक्षा को देखते हुए लॉस एंजिल्स इलाके के कई सारे स्कूल और कॉलेजों को भी बंद कर दिया गया है। बीबीसी के मुताबिक कैलिफोर्निया की आग जिस तरह फैल रही है, उसमें बीच हॉलीवुड हिल्स पर अमेरिकी फिल्म इंडस्ट्री की पहचान ‘हॉलीवुड बोर्ड’ के जलने का खतरा मंडरा रहा है।
जंगल में फैल रही आग से अब तक 5 लोगों ने अपनी जान गंवाई है। करीब 50 हजार लोगों को तुरंत अपना घर खाली कर सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए कहा गया है। वहीं करीब तीन लाख लोगों को सुरक्षित जगह पर जाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने शहर में इमरजेंसी घोषित कर दी है।
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Venezuela: अमेरिका ने वेनेज़ुएला पर हमला करके राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ा, पत्नी समेत अमेरिका लाया गया

Operation Absolute Resolve: अमेरिकी सेना ने 2-3 जनवरी की दरमियानी रात वेनेज़ुएला की राजधानी काराकास में हमला करके राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोर्स को गिरफ्तार कर लिया। ‘ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व’ नामक यह मिशन 2-3 जनवरी की रात को अंजाम दिया गया, जिसमें अमेरिका के 150 से अधिक एयरक्राफ्ट शामिल थे। शनिवार तड़के अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका ने वेनेज़ुएला पर हमला करके राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को ‘पकड़ लिया है।’ इसके साथ ही ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर निकोलस मादुरो की एक तस्वीर शेयर की है। साथ ही फ़्लोरिडा में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की है, जिसमें उन्होंने बताया है कि वेनेज़ुएला में अब अमेरिका की क्या भूमिका होगी।
ट्रंप ने शनिवार रात (भारतीय समयानुसार) ट्रुथ सोशल पर एक नई तस्वीर शेयर करते हुए लिखा है कि “निकोलस मादुरो यूएसएस इवो जीमा (एक युद्धपोत) पर।” इससे पहले फ़ॉक्स न्यूज़ से बात करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा था कि वेनेज़ुएला के नेता को इस युद्धपोत से अमेरिका लाया जा रहा है। इस तस्वीर में मादुरो की आंखों पर आई मास्क लगा है और वे ग्रे ट्रेकसूट पहने हुए हैं और कानों पर हेडफ़ोन है। इसके तुरंत बाद डोनाल्ड ट्रंप ने फ़्लोरिडा में अपने आवास मार-आ-लागो में एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर बताया है कि अमेरिका वेनेज़ुएला को “तब तक चलाएगा” तब तक कि सत्ता का “सुरक्षित, सही और समझदारी भरा परिवर्तन नहीं हो जाता।” अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने सेना की “ज़बरदस्त स्पीड, पावर, सटीकता और काबिलियत” की तारीफ की।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि “तैयार स्थिति” में होने के बावजूद, वेनेज़ुएला की सेना “पूरी तरह से घबरा गई और बहुत जल्दी नाकाम हो गई। “उन्होंने आगे कहा कि इस ऑपरेशन के दौरान कोई भी अमेरिकी सैनिक नहीं मारा गया, और न ही उनके हथियार या सामान को कोई नुक़सान पहुंचा। वहीं अमेरिका की अटॉर्नी जनरल ने बताया है कि न्यूयॉर्क के सदर्न डिस्ट्रिक्ट में मादुरो और उनकी पत्नी के ख़िलाफ़ कानूनी मामला चलेगा।
इधर वेनेज़ुएला की उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने देश के राष्ट्रपति के जीवित होने का सबूत मांगा है। उन्होंने कहा है कि मादुरो और उनकी पत्नी के बारे में कुछ भी अता-पता नहीं है। वहीं, रूस, चीन और कोलंबिया ने अमेरिका के हमलों की निंदा की है। रूसी विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा है कि “अमेरिका ने वेनेज़ुएला के खिलाफ सशस्त्र हमला किया है, जो गहरी चिंता की बात है और जिसकी निंदा की जानी चाहिए।”
बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो पर आरोप लगाते रहे हैं कि वो अमेरिका में मादक पदार्थों की तस्करी और अपराध फैलाने में शामिल हैं। जानकारी के मुताबिक राष्ट्रपति मादुरो और उनकी पत्नी को अमेरिकी सेना की डेल्टा फ़ोर्स ने पकड़ा है। डेल्टा फोर्स अमेरिकी सेना की आतंकवाद विरोधी सबसे बड़ी यूनिट है। ‘ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व’ में F-22, F-35, F-18 फाइटर जेट्स, B-1 बॉम्बर एयरक्राफ्ट और ड्रोन समेत 150 से अधिक एयरक्राफ्ट शामिल थे। ईस्टर्न टाइम के अनुसार ये मिशन 10 बजकर 46 मिनट पर शुरू किया और 2 बजकर 1 मिनट पर अमेरिकी सेना मादुरो के कंपाउंट में खड़ी थी।
अमेरिका के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल डैन केन के अनुसार, ‘ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व’ के नाम से जाना जाने वाला यह मिशन 2 जनवरी की सबसे अंधेरी रातों के दौरान अंजाम दिया गया था और यह महीनों की योजना, पूर्वाभ्यास और अंतर-एजेंसी समन्वय का परिणाम था। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने मार-ए-लागो से दिए बयान में कहा कि अमेरिकी सेना इतनी तेजी के साथ आगे बढ़ी कि मादुरो को बचने का मौका ही नहीं मिला। अमेरिकी सेना ने सिर्फ 30 मिनट के अंदर काराकास में सात बड़े विस्फोट करके निकोलस मादुरो को गिरफ्तार कर लिया।
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Switzerland Ski Resort Fire: नए साल के जश्न के दौरान विस्फोट, 40 की मौत, वजह फिलहाल साफ नहीं

Switzerland Ski Resort Fire: स्विट्जरलैंड में नए साल 2026 का जश्न कुछ ही मिनटों में भयावह त्रासदी में बदल गया। यहां एक लक्जरी स्की रिसॉर्ट में न्यू ईयर पार्टी के दौरान बार में भीषण आग लग गई। आग और धुएं के बीच फंसे लोगों ने जान बचाने के लिए खिड़कियां तोड़ दीं। स्विस प्रशासन के अनुसार इस हादसे में दर्जनों लोगों की मौत की आशंका है, जबकि 100 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
कैसे हुआ हादसा?
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि, स्विट्जरलैंड के क्रांस-मोंटाना में हुए इस भीषण अग्निकांड की शुरुआत शैंपेन की बोतलों पर लगाए गए स्पार्कलर्स से हुई। दो गवाहों ने एक फ्रांसीसी चैनल को बताया कि न्यू ईयर पार्टी के दौरान वेट्रेस शैंपेन की बोतलें लेकर चल रही थीं, जिन पर स्पार्कलर्स जल रहे थे। ये बोतलें जब छत के बेहद करीब लाई गईं, तो आग लग गई। कुछ ही सेकंड में लपटें फैल गईं और पूरा हॉल धुएं से भर गया। पार्टी का माहौल पलभर में अफरा-तफरी और चीख-पुकार में बदल गया।
किस समय हुआ?
पुलिस ने बताया स्थानीय समयानुसार यह आग 31 दिसंबर और 1 जनवरी की दरमियानी रात करीब 1:30 बजे लगी। यह हादसा लक्जरी अल्पाइन स्की रिसॉर्ट शहर के बीचों-बीच स्थित ले कॉन्स्टेलेशन बार में हुआ। पुलिस ने गुरुवार को जारी बयान में कहा कि आग लगने की सूचना मिलते ही दमकल और आपातकालीन सेवाओं को मौके पर भेजा गया। हालांकि, जब तक राहत दल पहुंचे, तब तक आग काफी फैल चुकी थी। बार के अंदर मौजूद लोग धुएं और लपटों में फंस गए। शुरुआती जांच में आग लगने का कारण दुर्घटना माना जा रहा है और किसी तरह के हमले की आशंका से इनकार किया गया है।
जांच जारी, हमले से इनकार
स्विस प्रशासन ने इलाके को सील कर दिया है और बचाव व पहचान का काम जारी है। कैंटन के अभियोजक ने कहा कि आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है और फिलहाल किसी हमले की आशंका नहीं है। प्रशासन का कहना है कि यह एक आग की घटना है और इसके हर पहलू की गहन जांच की जाएगी।
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Bangladesh violence: बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हमले जारी, एक और युवक को भीड़ ने मारा

Bangladesh violence: बांग्लादेश में जारी अशांति के बीच एक और बड़ी खबर सामने आ रही है। बांग्लादेश के राजबाड़ी जिले के पांगशा उपजिला में बुधवार रात एक और हिंदू युवक की भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। यह घटना रात करीब 11 बजे कलीमोहर यूनियन के होसेंदंगा गांव में हुई, जिसके बाद गांव में दहशत का माहौल बन गया। मृतक की पहचान अमृत मंडल, उर्फ सम्राट, के रूप में हुई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने बताया कि सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची और अमृत मंडल को गंभीर हालत में भीड़ से बचाया। जानकारी के अनुसार घटना के दौरान पुलिस ने अमृत मंडल के एक साथी मोहम्मद सलीम को मौके से गिरफ्तार किया है।
भीड़ के हमले में गंभीर घायल अमृत मंडल की इलाज के दौरान मौत
पुलिस ने बताया कि अमृत मंडल, उर्फ सम्राट की गंभीर हालात को देखते हए उसे तुरंत पांगशा उपजिला स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान रात करीब 2 बजे डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पुलिस ने सलीम के पास से एक पिस्टल और एक देसी बंदूक बरामद की और उसे हिरासत में ले लिया। मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए राजबाड़ी सदर अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और इस घटना में शामिल अन्य लोगों की तलाश जारी है।
दिसंबर महीने में चार हिंदुओं की हत्या
बांग्लादेश में दिसंबर महीने में, चार हिंदू नागरिकों की बेरहमी से हुई हत्या ने अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठा दिए। इनमें से किसी का गला रेत दिया गया, किसी को पीट-पीटकर मार डाला गया, तो कहीं सरेआम सड़क पर लाश को लटकाकर खौफ का संदेश दिया गया। मृतकों में अमृत मंडल, दीपू दास, जोगेश चंद्र रॉय और सुबर्णा रॉय का नाम शामिल हैं। अलग-अलग जगहों में हुई इन वारदातों का तरीका अलग था, लेकिन एक बात कॉमन थी- मृतकों की धार्मिक पहचान।
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Australia: सिडनी के बॉन्डी बीच पर त्योहार मना रहे यहूदियों पर दो आतंकियों ने की फायरिंग, 11 की मौत, 29 घायल

Sydney Bondi Beach Firing: ऑस्ट्रेलिया के बॉन्डी बीच पर रविवार दोपहर हनुक्का त्योहार मना रहे यहूदियों पर दो बंदूकधारियों ने अचानक गोलीबारी शुरू कर दी। इसमें 11 लोगों की मौत हो गई। वहीं, 29 लोग घायल हुए हैं। अधिकारियों के अनुसार सिडनी में फायरिंग से दहशत मचाने वाला एक हमलावर मारा गया है। जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल है। इस हमले के आतंकी होने की आशंका है। हालांकि आधिकारिक रूप से अभी इसे आतंकवादी हमला घोषित नहीं किया गया है। मारे गए हमलावर की पहचान नावीद अकरम के रूप में हुई है।
ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने बयान जारी कर कहा, “बॉन्डी में दृश्य चौंकाने वाले और पीड़ादायक हैं। पुलिस और आपातकालीन सेवाएं जान बचाने के लिए मौके पर जुटी हुई हैं। यह घटना ऑस्ट्रेलिया के लिए दुर्लभ है, जहां बंदूक नियंत्रण सख्त हैं। जांच जारी है, और अधिकारी लोगों से इलाके से दूर रहने की अपील कर रहे हैं। पीड़ितों और उनके परिवारों के प्रति संवेदना। यह एक दुखद दिन है।” वहीं न्यू साउथ वेल्स प्रीमियर क्रिस मिन्स ने इसे “गंभीर रूप से परेशान करने वाला” हादसा बताया है।
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Earthquake: जापान में 7.6 तीव्रता का भूकंप, तटीय इलाकों में सुनामी का अलर्ट जारी

Earthquake:जापान में भूकंप के तेज झटके के बाद सुनामी का अलर्ट जारी किया गया है। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी(JMA) के अनुसार, आओमोरी प्रांत में 7.6 तीव्रता का भूकंप आया। JMA के मुताबिक, भूकंप धरती की लगभग 50 किलोमीटर की गहराई में आया था। मौसम विभाग ने आओमोरी, इवाते और होक्काइडो प्रांतों के लिए सुनामी की चेतावनी जारी की है। जानकारी के मुताबिक सोमवार (8 दिसंबर, 2025) की रात करीब 11:15 बजे जापान के आओमोरी प्रांत के पूर्वी तट के पास 7.6 तीव्रता का भूकंप आया। इसके बाद आओमोरी, इवाते और होक्काइडो प्रांतों के तटीय इलाकों के लिए चेतावनी जारी की गई है। प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों और ऊंचाई वाले इलाकों में जाने की सलाह दी गई है। भूकंप के बाद स्थिति से निपटने के लिए जापान के प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में एक आपदा प्रबंधन कार्यालय (Crisis Management Office) को स्थापित किया गया है।
अमेरिका के जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) ने दी जानकारी
अमेरिका के जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) ने जापान में आए भूकंप के बारे में जानकारी साझा की। USGS ने कहा कि इसका तीव्र भूकंप का केंद्र ऊपरी जापान के शहर मिसावा से 73 किलोमीटर पूर्व-उत्तर में था। उल्लेखनीय है कि सोमवार (8 दिसंबर, 2025) से पहले दक्षिणी-पश्चिमी जापान के एक दूर के द्वीप पर 5.5 तीव्रता का भूकंप आया था। हालांकि, तब सुनामी को लेकर चेतावनी जारी नहीं की गई थी।
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