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Independence Day: प्रधानमंत्री मोदी ने 11वीं बार लाल किले से फहराया तिरंगा, जाने संबोधन की बड़ी बातें

Independence Day: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को 78वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लगातार 11वीं बार लाल किले पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया। स्वतंत्रता दिवस पर, अपने तीसरे कार्यकाल का पहला संबोधन शुरू करते ही उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पीछे छोड़ दिया। मनमोहन सिंह ने 2004 से 2014 के दौरान लाल किले की प्राचीर से 10 बार तिरंगा फहराया था। इस मामले में मोदी पूर्व प्रधानमंत्रियों जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी के बाद तीसरे स्थान पर पहुंच गए हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने लालकिले की प्राचीर से अपने संबोधन में कहा कि बीते एक दशक में कई ऐसे सुधार किए गए हैं, जिनका असर अब दिखने लगा है और पूरी दुनिया में भारत की छवि सुधरी है। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में यूनिफॉर्म सिविल कोड, बांग्लादेश के हालात, बुनियादी ढांचे के विकास, सामान्य मानविकी की समस्याओं के निदान, निवेश आदि मुद्दों पर अपने विचार रखे। इस दौरान प्रधानमंत्री ने लोगों को आगाह करते हुए ये भी कहा कि कुछ लोग देश को निराशा के गर्त में डुबोना चाहते हैं, लेकिन हमें उनसे सावधान रहना होगा।
हमने गर्वनेंस को बदला-प्रधानमंत्री मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि हमारे देश में आजादी तो मिली, लेकिन लोगों को एक तरह से माई-बाप कल्चर से गुजरना पड़ा। आज हमने गर्वनेंस के इस मॉडल को बदला है, आज सरकार खुद लाभार्थी के घर गैस का चूल्हा, पानी बिजली पहुंचाती है। पीएम मोदी ने कहा कि लोगों के जीवन में सरकार का दखल कम हो, उसके लिए हमने कई कदम उठाए हैं। हमने देशवासियों के लिए डेढ़ हजार से ज्यादा कानूनों को खत्म कर दिया है। हमने छोटे-छोटे कानूनों से जेल जाने के प्रावधान से बाहर कर दिया है। सदियों से हमारे पास जो आपराधिक कानून थे, उन्हें आज हमने न्याय संहिता के रूप में पेश किया है। दंड नहीं न्याय को आधार बनाया है।
‘अगले पांच साल में 75 हजार मेडिकल सीटें बढ़ेंगी’
पीएम मोदी ने कहा कि, ‘हम रिसर्च पर फोकस कर रहे हैं। रिसर्च के लिए एक लाख करोड़ रुपये देने का फैसला किया गया है। जिससे नए अविष्कार हों। आज देश के युवा मेडिकल की पढ़ाई के लिए बाहर जा रहे हैं। इसलिए हमने पिछले दस साल में मेडिकल सीटों को एक लाख कर दिया है। करीब 25 हजार युवा मेडिकल एजुकेशन के लिए विदेश जा रहे हैं। इसलिए हमने तय किया है कि अगले पांच साल में मेडिकल लाइन में 75 हजार नई सीटें बनाई जाएंगी।’
‘महिलाओं पर अत्याचार करने वालों में डर पैदा करना जरूरी’
प्रधानमंत्री ने देश को संबोधित करते हुए महिलाओं पर हो रहे अत्याचारों और उनके खिलाफ हो रहे अपराध पर चिंता जताई। उन्होंने कहा, कि ‘हमाारी माताओं-बहनों के प्रति जो अत्याचार हो रहा है, उससे जनमानस में आक्रोश है। उसे हम महसूस कर रहे हैं। महिलाओं के खिलाफ अपराधों के जल्द जांच हो, अपराधी को जल्द सजा मिले। जब महिलाओं पर अत्याचार की घटना होती है तो खबरों में रहती है, मैं चाहता हूं कि पाप करने वालों की सजा पर चर्चा हो। उन्हें फांसी पर लटकाना चाहिए। ये डर पैदा करना जरूरी है।’
बांग्लादेश में हिदूओं की स्थिति पर जताई चिंता
पड़ोसी देश बांग्लादेश में फैली अराजकता की स्थिति पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ‘बांग्लादेश में जो कुछ हुआ है। पड़ोसी देश होने के नाते हम हालात को लेकर चिंतित हैं। हम उम्मीद करते हैं कि वहां हालात जल्द सामान्य होंगे। साथ ही वहां के हिंदू, अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो। हमारे पड़ोसी देश सुख और शांति के मार्ग पर चलें। शांति के प्रति हम समर्पित हैं। हम आने वाले दिनों में बांग्लादेश की विकास यात्रा में हमेशा शुभचिंतक रहेंगे। हम मानव जाति के लिए सोचने वाले लोग हैं।
देश को सेक्युलर सिविल कोड की जरूरत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लालकिले की प्राचीर से कहा ‘हमारे देश में यूनिफॉर्म सिविल कोड की चर्चा चल रही है। देश की सुप्रीम कोर्ट भी हमें यूनिफॉर्म सिविल कोड के लिए कह रही है और देश के संविधान निर्माताओं का भी ये सपना था। जो कानून धर्म के आधार पर देश को बांटते हैं, जो ऊंच नीच का कारण बनते हैं। वैसे कानूनों के लिए देश में कोई जगह नहीं हो सकती। हमने सांप्रदायिक सिविल कोड में 75 साल बिताए हैं, अब हमें सेक्यूलर सिविल कोड की तरफ जाना होगा। देश में सेक्युलर सिविल कोड होना चाहिए तब जाकर धर्म के आधार पर भेदभाव से मुक्ति मिलेगी।’
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Nagpur Factory Blast: नागपुर में एसबीएल एनर्जी फैक्ट्री में भीषण विस्फोट, 17 कर्मचारियों की मौत, 18 घायल

Nagpur Factory Blast: महाराष्ट्र के नागपुर जिले के राउलगांव स्थित एसबीएल एनर्जी लिमिटेड में रविवार सुबह करीब 7 बजे बड़ा धमाका हो गया। डेटोनेटर निर्माण के दौरान हुए इस विस्फोट में 17 कर्मचारियों की मौत हो गई, जबकि 18 लोग घायल बताए जा रहे हैं। पीएम मोदी ने मृतकों के परिजनों के लिए 2-2 लाख और घायलों को ₹50,000 सहायता राशि की घोषणा की है।
बताया जा रहा है कि प्लांट में डेटोनेटर तैयार करने की प्रक्रिया चल रही थी, तभी अचानक जोरदार विस्फोट हो गया। धमाका इतना भीषण था कि आसपास के इलाकों तक आवाज सुनाई दी और फैक्ट्री परिसर में मलबा फैल गया। फायर ब्रिगेड के अनुसार विस्फोट से प्लांट के अंदर भारी तबाही हुई है। आग पर काबू पाने की कोशिश की जा रही है और मलबा हटाने का काम जारी है।
क्या डेटोनेटर बनाते समय हुआ विस्फोट?
नागपुर के कलमेश्वर स्थित यह कंपनी औद्योगिक विस्फोटक और डेटोनेटर बनाने वाली प्रमुख इकाई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, डेटोनेटर निर्माण प्रक्रिया के दौरान यह हादसा हुआ। हादसे के समय प्लांट में 30 से अधिक कर्मचारी मौजूद थे। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने ट्वीट कर घटना पर शोक जताया। उन्होंने बताया कि NDRF और SDRF की टीमें मौके पर मौजूद हैं और राहत-बचाव कार्य जारी है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि घायलों को तुरंत नागपुर ले जाया गया है। आपातकालीन आदेश जारी कर दिए गए हैं।
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Weather Update: देशभर में बदला मौसम, पिथौरागढ़ में बर्फबारी, MP में आंधी-ओले, राजस्थान में 40°C की चेतावनी

Weather Update: देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। पहाड़ों में बर्फबारी तो मैदानों में आंधी-बारिश और कहीं तेज गर्मी का असर दिख रहा है। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले की Panchachuli समेत कई ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी हुई है। पिछले तीन दिनों से लगातार बर्फ गिरने से तापमान में गिरावट आई है। मौसम विभाग के मुताबिक 27 और 28 फरवरी से मौसम बदलेगा और पहाड़ी जिलों में बारिश के आसार हैं।
मध्य प्रदेश में आंधी-बारिश, फसलों पर असर
Madhya Pradesh में पिछले दो दिनों में इंदौर, उज्जैन, रतलाम, बैतूल और सीहोर सहित 20 से ज्यादा जिलों में तेज आंधी और बारिश हुई। कुछ इलाकों में ओले भी गिरे, जिससे गेहूं और चने की फसलों को नुकसान पहुंचा है। मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को मौसम साफ रहेगा, लेकिन मार्च की शुरुआत में फिर बारिश हो सकती है।
राजस्थान में बढ़ी गर्मी, होली पर हीटवेव का खतरा
Rajasthan में गर्मी ने समय से पहले दस्तक दे दी है। बाड़मेर में अधिकतम तापमान 36.3°C दर्ज किया गया। ज्यादातर जिलों में तापमान सामान्य से 2 से 5 डिग्री ज्यादा चल रहा है। मौसम विभाग ने होली के आसपास हीटवेव की चेतावनी जारी की है। इस दौरान पारा 40°C तक पहुंच सकता है।
सिक्किम में भारी बर्फबारी, 2736 टूरिस्ट फंसे
सिक्किम के ऊंचाई वाले इलाकों में मंगलवार को भारी बर्फबारी हुई। Tsomgo Lake और 15th माइल के पास बर्फ जमने से सड़कें जाम हो गईं। करीब 2,736 पर्यटकों को ले जा रही 541 टूरिस्ट गाड़ियां फंस गईं। सिक्किम पुलिस और Border Roads Organisation (BRO) की टीम ने सभी पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकाला।
अगले दो दिन का मौसम अनुमान
26 फरवरी
छत्तीसगढ़ में एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश और गरज-चमक की स्थिति रह सकती है। अधिकतम तापमान में लगभग 2 डिग्री गिरावट के बाद फिर धीरे-धीरे बढ़ोतरी होगी। यह बदलाव अस्थायी माना जा रहा है।
27 फरवरी
हिमाचल प्रदेश में वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होगा। चंबा, कांगड़ा, कुल्लू और लाहौल-स्पीति की ऊंची चोटियों पर हल्की बर्फबारी के आसार हैं। अन्य क्षेत्रों में मौसम साफ रहेगा। ऊंचाई वाले इलाकों में तापमान में गिरावट दर्ज हो सकती है।
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Jharkhand Plane Crash: झारखंड के चतरा में एयर एंबुलेंस क्रैश, पायलट, डॉक्टर, मरीज समेत सवार सभी 7 लोगों की मौत

Jharkhand Plane Crash: झारखंड से दिल्ली जा रहा एक चार्टर्ड एयर एंबुलेंस विमान सोमवार शाम चतरा जिले में क्रैश हो गया। हादसे में विमान में सवार सभी 7 लोगों की मौत हो गई।रे डबर्ड कंपनी का Redbird Aviation संचालित बीचक्राफ्ट किंग एयर B90L एयर एंबुलेंस रांची से दिल्ली जा रहा था। यह विमान रांची एयरपोर्ट से शाम 7:11 बजे रवाना हुआ था। करीब 7:34 बजे एयरक्राफ्ट का कम्युनिकेशन टूट गया। थोड़ी देर बाद विमान झारखंड के Chatra जिले के समरिया इलाके के जंगलों में क्रैश हो गया।
कौन-कौन थे सवार?
विमान में सवार कैप्टन विवेक विकास भगत (पायलट), कैप्टन सबराजदीप सिंह (को-पायलट), संजय कुमार (मरीज), अर्चना देवी (परिजन), धूरू कुमार (परिजन), विकास कुमार गुप्ता (डॉक्टर) और सचिन कुमार मिश्रा (पैरामेडिकल स्टाफ) की हादसे में मौत हो गई।
65% जले मरीज को ले जाया जा रहा था दिल्ली
रांची के देवकमल हॉस्पिटल के CEO अनंत सिन्हा ने PTI को बताया कि मरीज संजय कुमार (41), जो लातेहार जिले के चंदवा के निवासी थे, को 16 फरवरी को 65% तक जली हालत में अस्पताल लाया गया था। अस्पताल में प्राथमिक इलाज के बाद परिवार ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए दिल्ली ले जाने का निर्णय लिया। सोमवार शाम करीब 4:30 बजे उन्हें एयर एंबुलेंस से दिल्ली भेजा गया।
DGCA का बयान
Directorate General of Civil Aviation (DGCA) के मुताबिक विमान ने शाम 7:10-7:11 बजे रांची से उड़ान भरी थी। करीब 7:30 बजे खराब मौसम के कारण डायवर्जन की अनुमति मांगी। इसके कुछ ही देर बाद कोलकाता एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क और रडार कनेक्शन टूट गया। इसके बाद विमान क्रैश हो गया। DGCA ने हादसे की जांच शुरू कर दी है। मौसम, तकनीकी खराबी और अन्य संभावित कारणों की पड़ताल की जा रही है।
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India Advisory: भारतीय नागरिकों को तुरंत ईरान छोड़ने की सलाह, तेहरान स्थित भारतीय दूतावास की एडवाइजरी

Indians Leave Iran: मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव और हालिया विरोध प्रदर्शनों के बीच Embassy of India, Tehran ने ईरान में रह रहे सभी भारतीय नागरिकों को देश तुरंत छोड़ने की सख्त सलाह दी है। दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी एडवाइजरी में कहा कि छात्र, तीर्थयात्री, व्यापारी और पर्यटक समेत सभी भारतीय नागरिक उपलब्ध साधनों, जिसमें कमर्शियल फ्लाइट्स भी शामिल हैं, के जरिए जल्द से जल्द ईरान छोड़ दें। यह एडवाइजरी 5 जनवरी 2026 और 14 जनवरी 2026 को जारी की गई पूर्व सलाहों का पुनरावलोकन है, लेकिन इस बार स्थिति को और अधिक गंभीर बताया गया है।
एडवाइजरी में क्या कहा गया?
दूतावास ने कहा, “ईरान में वर्तमान स्थिति के मद्देनजर, भारतीय नागरिकों को कमर्शियल फ्लाइट्स समेत सभी उपलब्ध साधनों से ईरान छोड़ने की सलाह दी जाती है। 14 जनवरी 2026 की एडवाइजरी दोहराई जाती है कि सभी भारतीय नागरिक और PIO सतर्क रहें, विरोध प्रदर्शन वाले इलाकों से दूर रहें और स्थानीय मीडिया पर नजर रखें।” दूतावास ने यह भी कहा कि सभी भारतीय अपने पासपोर्ट, पहचान पत्र और अन्य यात्रा दस्तावेज हमेशा तैयार रखें और किसी भी सहायता के लिए दूतावास से संपर्क करें।
हेल्पलाइन नंबर जारी
भारतीय नागरिक इन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं:
- +98 912 810 9115
- +98 912 810 9109
- +98 912 810 9102
- +98 993 217 9359
ईमेल: cons.tehran@mea.gov.in
क्यों जारी हुई यह एडवाइजरी?
1.ईरान में आंतरिक स्थिति
जनवरी 2026 में देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों के दौरान हिंसक झड़पों में हजारों लोगों की मौत की खबरें सामने आई थीं। फरवरी में विश्वविद्यालयों के खुलने के बाद छात्रों ने फिर बड़े पैमाने पर प्रदर्शन शुरू किए। राजधानी Tehran, Mashhad समेत कई शहरों में प्रदर्शन और सुरक्षा बलों के बीच झड़पें हुई हैं।
2.अमेरिका-ईरान तनाव
United States और Iran के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य गतिविधियों में वृद्धि की खबरें हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, संभावित अमेरिकी हमलों की आशंका के बीच यह एडवाइजरी जारी की गई है।
पिछली एडवाइजरी क्या थी?
- 5 जनवरी 2026: गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह
- 14 जनवरी 2026: सतर्क रहने और विरोध स्थलों से दूर रहने की अपील
- अब (फरवरी 2026): स्थिति गंभीर, तुरंत देश छोड़ने की सलाह
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Delhi: JNU में देर रात बवाल, ABVP और लेफ्ट समर्थित संगठनों में झड़प, कई छात्र घायल

Delhi: दिल्ली स्थित Jawaharlal Nehru University (JNU) में एक बार फिर छात्र संगठनों के बीच झड़प का मामला सामने आया है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के अनुसार 22 फरवरी की रात करीब 1:30 बजे पथराव और मारपीट की घटना हुई, जिसमें ABVP के मीडिया संयोजक विजय जायसवाल गंभीर रूप से घायल हो गए। आरोप है कि देर रात दो गुट आमने-सामने आ गए और विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। बताया जा रहा है कि स्कूल बिल्डिंग पर ताला लगाए जाने के मुद्दे पर लेफ्ट समर्थित छात्र संगठनों के कदम का ABVP ने विरोध किया, जिसके बाद बहस बढ़ी और हंगामा शुरू हो गया।
क्या है पूरा मामला?
सूत्रों के मुताबिक, स्कूल बिल्डिंग पर ताला लगाए जाने के फैसले से विवाद की शुरुआत हुई। ABVP ने इसका विरोध किया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जो कथित तौर पर पथराव और मारपीट तक पहुंच गई। ABVP का दावा है कि इस दौरान कई छात्रों के साथ मारपीट की गई और परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
ABVP का आरोप और मांग
ABVP ने अपने आधिकारिक X (पूर्व ट्विटर) हैंडल पर पोस्ट कर घटना को “भीषण हिंसा” बताया। संगठन का कहना है कि वामपंथी गुटों ने शांतिपूर्वक पुस्तकालय में पढ़ रहे छात्रों को निशाना बनाया। संगठन ने आरोप लगाया कि 70 से अधिक लोगों की भीड़ ने हमला किया और तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। ABVP ने Delhi Police से तुरंत हस्तक्षेप कर कड़ी कार्रवाई करने की अपील की है।
हमले को लेकर गंभीर आरोप
ABVP के एक कार्यकर्ता ने दावा किया कि विचारधारा से असहमत छात्रों को निशाना बनाया गया। आरोप है कि विश्वविद्यालय सुरक्षा और पुलिस की मौजूदगी के बावजूद मारपीट हुई। कुछ छात्रों ने आरोप लगाया कि भीड़ छात्रों की ओर बढ़ी और लाठियों, घूंसे व लातों से हमला किया गया। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हो पाई है।
जांच और मौजूदा स्थिति
घटना के बाद परिसर में तनाव का माहौल बना हुआ है। मामले को लेकर छात्र संगठनों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस की ओर से आधिकारिक बयान का इंतजार है।
















