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Dhar Bhojshala: शुक्रवार से शुरू होगा धार भोजशाला का सर्वे, ASI की टीम पहुंची धार

Dhar: वाराणसी की ज्ञानवापी की तर्ज पर आर्कियोलाॅजिक्ल सर्वे आफ इंडिया धार में शुक्रवार 22 मार्च से सर्वे शुरू करेगा। इसके लिए एएसआई की टीम धार पहुंच चुकी है और शुक्रवार से सर्वे शुरू हो जाएगा। केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय ने 20 मार्च को पत्र जारी कर इसकी सूचना जिला प्रशासन को दे दी थी। जिसके बाद आज गुरुवार को कलेक्टर प्रियंक मिश्रा, एसपी मनोज कुमार सिंह टीम के साथ भोजशाला पहुंचे और उन्होंने पूरे परिसर का निरीक्षण किया। बता दें कि धार भोजशाला को लेकर कई वर्षों से विवाद है। हिन्दू और मुस्लिम दोनों ही इस पर अपना हक जताते हैं। हिन्दू पक्ष का कहना है कि यहां सरस्वती मंदिर है, जबकि मुस्लिम पक्ष भोजशाला को इबादतगाह बताता है।
वैज्ञानिक सर्वे करेगी एएसआई की टीम
भोजशाला मामले में इंदौर में लगी याचिका पर सुनवाई के बाद फरवरी माह में हाईकोर्ट की इंदौर बैंच ने वैज्ञानिक सर्वे के आदेश दिए थे। हाईकोर्ट के निर्देश पर भोजशाला के सर्वे के लिए शुक्रवार से काम शुरू होगा। विशेषज्ञों की टीम आधुनिक मशीनों से यह जांचेगी, कि भोजशाला का जब निर्माण हुआ था, तब उसकी बनावट किस शैली की है और पत्थरों पर किस तरह के चिन्ह अंकित हैं। टीम अपनी रिपोर्ट हाईकोर्ट को सौंपेगी। जिसके आधार पर सुनवाई आगे बढ़ेगी।
1902 में भी हो चुका है ASI सर्वे
आर्कियोलाॅजिक्ल सर्वे आफ इंडिया ने भी 1902 में भी सर्वे हुआ था। उस सर्वे की जानकारी अफसरों ने कोर्ट के समक्ष रखी। पूर्व में हुए सर्वे में पाया गया था कि भोजशाला की वास्तुकला भारतीय शैली की है। भोजशाला में हिंदू चिन्ह, संस्कृत के शब्द आदि पाए गए है। विष्णु प्रतिमा भी है। उसके प्रमाण याचिकाकर्ता ने कोर्ट में पेश किए हैं। याचिका में कहा गया है कि भोजशाला में हिंदू समाज को नियमित पूजा का अधिकार है। वहां मुस्लिम समाज नमाज पढ़ता है। नमाज पढ़ने पर रोक लगाना चाहिए,क्योंकि वहां हिन्दू मंदिर है।
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रतलाम: गोवा एक्सप्रेस की ट्रॉली से टक्कर, रेलवे कर्मचारी की मौत; एक गंभीर, ट्रैक मेंटेनेंस के दौरान हुआ हादसा

रतलाम: मध्य प्रदेश में पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल में शुक्रवार सुबह रेल हादसे में एक कर्मचारी की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। मक्सी और पीर उमरोद रेलवे स्टेशन के बीच ग्राम झोंकर के पास ट्रैक मेंटेनेंस के दौरान गोवा एक्सप्रेस ट्रेन ने मार्ग निरीक्षक की ट्रॉली को टक्कर मार दी। हादसे के बाद करीब आधे घंटे तक रेल यातायात प्रभावित रहा।
भगवानसिंह की मौके पर मौत, दिलीप जायसवाल गंभीर
हादसे में ट्रैक सुधारक रेलकर्मी भगवानसिंह की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। वहीं, कर्मचारी दिलीप जायसवाल गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों कर्मचारी शाजापुर जिले के बलियासोन गांव के निवासी बताए गए हैं। घायल कर्मचारी को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज जारी है। टक्कर इतनी जोरदार थी कि मेंटेनेंस ट्रॉली बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।
ट्रैक की मरम्मत के दौरान हुआ हादसा
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, बेरछा रेलवे स्टेशन से करीब 14 किलोमीटर दूर मक्सी-पीर उमरोद रेलखंड पर झोंकर रेलवे फाटक के पास ट्रैक की मरम्मत और सुधार का काम चल रहा था। इसी दौरान मक्सी की ओर से आ रही डायवर्टेड गोवा एक्सप्रेस ने ट्रैक मेंटेनेंस में इस्तेमाल की जा रही मार्ग निरीक्षक की ट्रॉली को टक्कर मार दी। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही रेलवे की टीम घटनास्थल पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की।
आधे घंटे बाद बहाल हुआ रेल यातायात
दुर्घटना के कारण रेल परिचालन करीब आधे घंटे तक प्रभावित रहा। रेलवे कर्मचारियों ने मौके पर स्थिति संभाली और आवश्यक कार्रवाई के बाद यातायात बहाल कराया। रतलाम रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार ने हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि गोवा एक्सप्रेस और ट्रॉली के बीच टक्कर में एक रेलकर्मी की मौत हुई है, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हुआ है। उन्होंने बताया कि दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है।
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मध्यप्रदेश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 11 जिलों के कलेक्टर बदले; सुखवीर सिंह CM के प्रमुख सचिव बने

भोपाल: मध्यप्रदेश में मंगलवार रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया। राज्य सरकार ने आईएएस अधिकारियों की तबादला सूची जारी कर कई जिलों के कलेक्टरों सहित मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया है। सुखवीर सिंह को मुख्यमंत्री का प्रमुख सचिव बनाया गया है। वे लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) का अतिरिक्त प्रभार भी संभालेंगे। भरत यादव को जनसंपर्क विभाग के सचिव का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
तबादलों में हरदा और नर्मदापुरम के कलेक्टरों को भी बदला गया है। पन्ना कलेक्टर ऊषा परमार को हटाकर उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग में अपर सचिव बनाया गया है। वहीं, बालाघाट, सिंगरौली, जबलपुर, रायसेन, शाजापुर, भिंड, बुरहानपुर और मऊगंज में भी प्रशासनिक बदलाव किए गए हैं।
2017 बैच के अधिकारियों को मिली कलेक्टरी
तबादला सूची में 2017 बैच के आईएएस अधिकारियों को कलेक्टर की जिम्मेदारी दी गई है। कुमार सत्यम को बालाघाट से हरदा का कलेक्टर बनाया गया है। आदित्य सिंह को बालाघाट का नया कलेक्टर बनाया गया है। वे पहले हरदा और अशोकनगर के कलेक्टर रह चुके हैं।
नर्मदापुरम और सिंगरौली में नई पदस्थापना
नर्मदापुरम कलेक्टर सोमेश मिश्रा को संचालक, एड्स नियंत्रण सोसाइटी और संचालक, भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास बनाया गया है। उनकी जगह आशीष वशिष्ठ को नर्मदापुरम का कलेक्टर नियुक्त किया गया है। सिंगरौली कलेक्टर गौरव बैनल को सामान्य प्रशासन विभाग में उप सचिव और कर्मचारी चयन मंडल का संचालक बनाया गया है। उनकी जगह मंत्रालय में उप सचिव रहे अंकित अस्थाना को सिंगरौली का कलेक्टर बनाया गया है।
जबलपुर, रायसेन और शाजापुर के कलेक्टर बदले
जबलपुर कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह को कृषि विपणन बोर्ड का प्रबंध संचालक-सह-आयुक्त मंडी बनाया गया है। रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा को जबलपुर भेजा गया है। रायसेन में रोहित सिसोनिया नए कलेक्टर होंगे। शाजापुर कलेक्टर ऋजु बाफना को उज्जैन संभाग में अपर आयुक्त राजस्व बनाया गया है। उनकी जगह इंदौर विकास प्राधिकरण के सीईओ परीक्षित संजयराव झाड़े को शाजापुर का कलेक्टर बनाया गया है।
भिंड, पन्ना, बुरहानपुर और मऊगंज में भी बदलाव
भिंड कलेक्टर किरोड़ी लाल मीना को वित्त विभाग में उप सचिव बनाया गया है। उनकी जगह पवन कुमार जैन को भिंड का कलेक्टर नियुक्त किया गया है। पन्ना कलेक्टर ऊषा परमार को उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग में अपर सचिव बनाया गया है। उनकी जगह बुरहानपुर कलेक्टर हर्ष सिंह को पन्ना भेजा गया है। बुरहानपुर में विवेक कुमार नए कलेक्टर होंगे।
मऊगंज कलेक्टर संजय कुमार जैन को किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग में उप सचिव बनाया गया है। उनकी जगह राजेश कुमार ओगरे को मऊगंज का कलेक्टर नियुक्त किया गया है।
हरदा कलेक्टर सिद्धार्थ जैन को वाणिज्यिक कर विभाग में उप सचिव बनाया गया है। उनकी जगह कुमार सत्यम को हरदा की जिम्मेदारी दी गई है।
रश्मि अरुण शमी को चिकित्सा शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी
वरिष्ठ आईएएस अधिकारी रश्मि अरुण शमी को लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग का अपर मुख्य सचिव बनाया गया है। उन्हें भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग की जिम्मेदारी भी दी गई है।
केसी गुप्ता को खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। जॉन किंग्सली ए.आर. को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) विभाग का सचिव बनाया गया है। शोभित जैन को कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
संकेत एस. भोंडवे को आवासीय आयुक्त, मध्यप्रदेश भवन, नई दिल्ली का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। स्वतंत्र कुमार सिंह को औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग का सचिव बनाया गया है। कुमार पुरुषोत्तम को उद्योग विभाग का सचिव और एमएसएमई विभाग का अतिरिक्त प्रभार दिए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
संदीप केरकेट्टा बने इंदौर विकास प्राधिकरण के सीईओ
संदीप केरकेट्टा को इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) का सीईओ बनाया गया है। अंशुमन राज को मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम का प्रबंध संचालक और समग्र सामाजिक सुरक्षा मिशन का मिशन संचालक नियुक्त किया गया है।
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MP News: लाड़ली बहनों को 14 अक्टूबर को मिलेगी 41वीं किस्त, खाते में आएंगे ₹1,500

भोपाल: मध्यप्रदेश की लाड़ली बहना योजना की हितग्राही महिलाओं के लिए 14 अक्टूबर का दिन अहम होगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव नवरात्रि के दौरान उमरिया जिले के गुरुवाही गांव में आयोजित कार्यक्रम से योजना की 41वीं किस्त जारी करेंगे। सिंगल क्लिक के जरिए करीब 1.25 करोड़ पात्र महिलाओं के बैंक खातों में 1,500-1,500 रुपये ट्रांसफर किए जाएंगे।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री क्षेत्र के विकास कार्यों की भी सौगात देंगे। वे करीब 144.16 करोड़ रुपये की लागत वाले 136 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन करेंगे।
जून 2023 में शुरू हुई थी योजना
लाड़ली बहना योजना की शुरुआत जून 2023 में हुई थी। इसका उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और उनकी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए आर्थिक सहायता देना है। योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये दिए जा रहे हैं।
वहीं, सामाजिक सुरक्षा पेंशन पाने वाली पात्र महिलाओं को योजना के नियमों के अनुसार हर महीने 900 रुपये की सहायता मिलती है। राशि सीधे आधार से जुड़े और डीबीटी सक्रिय बैंक खातों में भेजी जाती है।
सितंबर 2026 तक योजना की 40 किस्तें जारी की जा चुकी हैं। अब 14 अक्टूबर को 41वीं किस्त जारी की जाएगी। इसके अलावा अगस्त 2023, 2024, 2025 और 2026 में महिलाओं को चार बार 250-250 रुपये की अतिरिक्त सहायता भी दी गई थी।
योजना के लिए 23,882 करोड़ रुपये से ज्यादा का बजट
वित्तीय वर्ष 2026-27 में लाड़ली बहना योजना के लिए 23,882.81 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। योजना के तहत पात्र महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता दी जाती है।
144.16 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन
उमरिया जिले के गुरुवाही गांव में होने वाले कार्यक्रम में मुख्यमंत्री 136 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन करेंगे। इनकी कुल लागत करीब 144.16 करोड़ रुपये है। इनमें 68 कार्यों का लोकार्पण और 68 कार्यों का भूमि-पूजन शामिल है। बांधवगढ़ और मानपुर विधानसभा क्षेत्रों के विकास कार्य भी इस सूची में शामिल हैं। कार्यक्रम के दौरान पूरे हो चुके कार्यों का लोकार्पण और नए निर्माण कार्यों का भूमि-पूजन किया जाएगा।
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MP News: प्रदेश के पूर्व मंत्री डॉ. ढाल सिंह बिसेन बने उत्तराखंड के राज्यपाल, 4 बार विधायक और बालाघाट से सांसद रह चुके

भोपाल: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को मध्यप्रदेश के पूर्व मंत्री डॉ. ढाल सिंह बिसेन को उत्तराखंड का राज्यपाल नियुक्त किया। सिवनी जिले के पिपरिया गांव में जन्मे बिसेन चार बार विधायक रह चुके हैं। वे मध्यप्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री और राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।
2019 में बालाघाट से बने थे सांसद
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 2019 के लोकसभा चुनाव में डॉ. बिसेन को बालाघाट सीट से उम्मीदवार बनाया था। चुनाव जीतने के बाद वे 17वीं लोकसभा के सदस्य बने और 2024 तक सांसद रहे।
विधायक से राज्यपाल तक का सफर
डॉ. बिसेन का राजनीतिक सफर मध्यप्रदेश की राजनीति से शुरू हुआ। विधायक और मंत्री के रूप में जिम्मेदारी निभाने के बाद उन्होंने लोकसभा में बालाघाट सीट से प्रतिनिधित्व किया। अब उन्हें उत्तराखंड के राज्यपाल की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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MP में हेलीकॉप्टर से पकड़े 97 कृष्णमृग, शुजालपुर में बोमा तकनीक से रेस्क्यू अभियान

शुजालपुर: मध्यप्रदेश के शुजालपुर में फसलों को नुकसान पहुंचा रहे कृष्णमृगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए विशेष रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया है। शनिवार को हेलीकॉप्टर की मदद से हांका लगाकर बोमा तकनीक के जरिए 97 कृष्णमृगों को पकड़ा गया। 9 से 31 अक्टूबर तक चलने वाले इस अभियान में दक्षिण अफ्रीका के 14 विशेषज्ञों समेत करीब 200 कर्मचारी जुटे हैं।
हेलीकॉप्टर से हांका लगाकर पकड़े 97 कृष्णमृग
शुजालपुर के ग्राम हन्नूखेड़ी में वन विभाग ने शनिवार को अभियान शुरू किया। हेलीकॉप्टर की मदद से कृष्णमृगों को निर्धारित दिशा में ले जाकर बोमा पद्धति से तैयार सुरक्षित घेरे में पहुंचाया गया। पहले चरण में 97 कृष्णमृग पकड़े गए।
दोपहर में तापमान 29 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंचने के बाद विशेषज्ञों की सलाह पर अभियान रोक दिया गया। रेस्क्यू का अगला चरण रविवार सुबह शुरू करने की योजना बनाई गई।
दक्षिण अफ्रीका के 14 विशेषज्ञ संभाल रहे जिम्मेदारी
अभियान में दक्षिण अफ्रीका की ‘कंजर्वेशन सॉल्यूशन’ टीम के 14 विशेषज्ञ शामिल हैं। इनके साथ वन विभाग, राजस्व और पुलिस प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी भी तैनात हैं। भोपाल और अन्य जिलों से पहुंचे करीब 200 कर्मचारी अभियान में सहयोग कर रहे हैं। हेलीकॉप्टर से हांका लगाकर बोमा तकनीक के जरिए कृष्णमृगों को पकड़ने की यह पहल लगातार दूसरे साल शुजालपुर से शुरू हुई है। पिछले साल भी इसी इलाके में इस पद्धति का इस्तेमाल किया गया था।
क्या है बोमा तकनीक?
बोमा तकनीक में वन्यजीवों को धीरे-धीरे एक खास तरीके से बनाए गए सुरक्षित घेरे की ओर ले जाया जाता है। घेरे की बनावट ऐसी होती है कि जानवरों को नियंत्रित तरीके से भीतर लाकर सुरक्षित पकड़ा जा सके। इस अभियान में हेलीकॉप्टर की मदद से कृष्णमृगों को निर्धारित दिशा में बढ़ाया जाता है। पूरी प्रक्रिया विशेषज्ञों की निगरानी में होती है, ताकि वन्यजीवों को चोट और अनावश्यक तनाव से बचाया जा सके।
प्रमुख सचिव समेत अधिकारियों ने परखी तैयारियां
अभियान शुरू होने से एक दिन पहले, 9 अक्टूबर को प्रमुख सचिव वन राघवेंद्र कुमार सिंह, वन बल प्रमुख शुभांजन सेन, मुख्य वन्यजीव अभिरक्षक डॉ. समिता राजौरा, कलेक्टर ऋजु बाफना और नोडल अधिकारी डॉ. किरण बिसेन ने हन्नूखेड़ी पहुंचकर तैयारियों का निरीक्षण किया। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि अभियान के दौरान संबंधित खेतों में सिंचाई और कृषि कार्य रोककर रखें। बच्चों को बोमा स्थल से दूर रखें और पालतू मवेशियों को बाड़े में बांधकर रखें। हेलीकॉप्टर की आवाज सुनकर मौके पर भीड़ नहीं लगाने की भी हिदायत दी गई है।
फसलों को नुकसान से राहत दिलाने की कोशिश
कृष्णमृग और नीलगाय खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। इसी समस्या से राहत दिलाने के लिए वन विभाग पहले भी जिले में अभियान चलाकर कृष्णमृगों और नीलगायों को दूसरे स्थानों पर पहुंचा चुका है। इस बार भी अभियान में स्थानीय ग्रामीणों की मदद ली जाएगी। क्षेत्र में वन्यजीवों की मौजूदगी की जानकारी होने के कारण ग्रामीण रेस्क्यू टीम के लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं। उनके सहयोग से अभियान स्थल पर अनावश्यक भीड़ को नियंत्रित करने में भी मदद मिलेगी।
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