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Chhattisgarh: मुख्यधारा में लौटे माओवादी कैडर, बस्तर में शांति, विश्वास और विकास की नई सुबह : मुख्यमंत्री साय

Jagdalpur: आज का दिन केवल बस्तर ही नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ और देश के लिए ऐतिहासिक है। वर्षों तक हिंसा और भय की छाया में जी रहे 210 माओवादी कैडरों ने आज “पूना मारगेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन” कार्यक्रम के अंतर्गत बंदूक छोड़कर संविधान को अपनाने का निर्णय लिया है। यह छत्तीसगढ़ में शांति, विश्वास और विकास के नए युग का शुभारंभ है। मुख्यमंत्री साय ने आज जगदलपुर में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए यह बात कही।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जो युवा कभी माओवाद की झूठी विचारधारा के जाल में उलझे हुए थे, वे आज लोकतंत्र की शक्ति, संविधान के आदर्शों और राज्य सरकार की संवेदनशील नीतियों पर विश्वास जताते हुए समाज की मुख्यधारा में लौट रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि कुल 210 आत्मसमर्पित माओवादी कैडरों में एक सेंट्रल कमेटी सदस्य, चार दण्डकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी सदस्य, एक रीजनल कमेटी सदस्य, 22 डिविजनल कमेटी सदस्य, 61 एरिया कमेटी सदस्य और 98 पार्टी सदस्य शामिल हैं। इन पर कुल 9 करोड़ 18 लाख रुपए का इनाम घोषित था।
समारोह में 210 माओवादी कैडरों ने कुल 153 हथियार समर्पित किए, जिनमें 19 AK-47, 17 SLR, 23 INSAS राइफलें, एक INSAS LMG, 36 .303 राइफलें, 4 कार्बाइन, 11 BGL लॉन्चर, 41 शॉटगन और एक पिस्तौल शामिल हैं।
मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर को अपने जीवन के सबसे भावनात्मक और संतोषजनक क्षणों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि जिन युवाओं ने बंदूकें नीचे रखकर संविधान को थामा, उन्होंने छत्तीसगढ़ के भविष्य में शांति और एकता के बीज बोए हैं। यह इस बात का प्रमाण है कि बदलाव नीतियों और विश्वास से आता है, भय और हिंसा से नहीं।
राज्य सरकार की “नक्सलवादी आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति 2025”, “नियद नेल्ला नार योजना” और “पूना मारगेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन” जैसी पहल आज न केवल बस्तर, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ में बदलाव की ठोस आधारशिला सिद्ध हो रही हैं। इन योजनाओं ने बंदूक और बारूद की जगह संवाद, संवेदना और विकास को स्थापित किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभूतपूर्व आत्मसमर्पण केंद्र एवं राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है। पुलिस, सुरक्षा बल, स्थानीय प्रशासन, सामाजिक संगठन और नागरिक समाज — सभी ने मिलकर जिस समन्वित और निरंतर प्रयास से यह परिवर्तन संभव किया, वह बस्तर के इतिहास में मील का पत्थर है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह दृश्य न केवल बस्तर बल्कि पूरे भारत के लिए प्रेरणा है- कि यदि नीयत साफ हो और नीतियाँ जनसंबंधी हों, तो हिंसा का अंत और शांति की शुरुआत संभव है।मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सामूहिक आत्मसमर्पण बस्तर में नक्सल उन्मूलन अभियान के इतिहास की सबसे बड़ी सफलता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आत्मसमर्पण हिंसा की जड़ को समाप्त करने की दिशा में निर्णायक कदम है। “अबूझमाड़ और उत्तर बस्तर, जहाँ कभी भय का शासन था, वहाँ आज विश्वास का शासन है। जो कल जंगलों में छिपे थे, आज वे समाज के निर्माण में सहभागी बन रहे हैं,”।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि डबल इंजन सरकार की यह दृढ़ प्रतिज्ञा है कि छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद से पूर्णतः मुक्त किया जाए। उन्होंने कहा — “प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी के नेतृत्व में हम इस लक्ष्य की ओर तेज़ी से बढ़ रहे हैं। बस्तर का यह परिवर्तन उसी संकल्प का प्रमाण है।”
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आत्मसमर्पित कैडरों के पुनर्वास और पुनर्स्थापन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। प्रत्येक व्यक्ति को स्वरोजगार, प्रशिक्षण, आवास, शिक्षा और आजीविका के अवसर प्रदान किए जाएंगे ताकि वे सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें और समाज के विकास में सक्रिय भूमिका निभा सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आत्मसमर्पण “पूना मारगेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन” के उस मूल भाव का विस्तार है, जो यह संदेश देता है कि परिवर्तन का मार्ग हिंसा नहीं, बल्कि विश्वास है। यह कार्यक्रम अब पूरे बस्तर क्षेत्र में पुनर्वास, शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका सुधार की दिशा में नई ऊर्जा लेकर आएगा।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह ऐतिहासिक घटना यह सिद्ध करती है कि जब सरकार की नीतियाँ संवेदनशील और जनकेंद्रित होती हैं, तब सबसे कठिन समस्याएँ भी सुलझाई जा सकती हैं। उन्होंने कहा — “हमारा लक्ष्य केवल नक्सलवाद का अंत नहीं, बल्कि एक नए बस्तर का निर्माण है — जहां हर घर में विश्वास और हर मन में विकास का उजाला हो।”
मुख्यमंत्री ने क्षेत्र की जनता, जनप्रतिनिधियों, मीडिया, सुरक्षा बलों और नागरिक समाज को इस परिवर्तन के सहयोगी बनने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि शांति, विकास और समृद्धि की यह यात्रा तभी स्थायी होगी जब समाज का प्रत्येक वर्ग इस परिवर्तन की भावना को आत्मसात करेगा।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बस्तर को नए उद्योग, बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य और कनेक्टिविटी के माध्यम से आत्मनिर्भर क्षेत्र में परिवर्तित करेगी। जंगलों की हरियाली के साथ यहाँ के युवाओं के जीवन में भी उजाला फैलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर के इतिहास में यह वह क्षण है, जब “बंदूक की गूंज” की जगह “विकास की गूंज” सुनाई दे रही है। यह उस बस्तर का पुनर्जन्म है, जहाँ अब भय नहीं, विश्वास और बंधुत्व का शासन होगा।
अंत में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा — “यह केवल आत्मसमर्पण नहीं, बल्कि आत्मजागरण की यात्रा है। यह छत्तीसगढ़ की नई पहचान है — शांति, विश्वास और विकास की। आने वाले समय में बस्तर न केवल नक्सल मुक्त होगा, बल्कि देश के लिए शांति और परिवर्तन का मॉडल बनेगा।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्रीद्वय अरुण साव और विजय शर्मा, सांसद महेश कश्यप, जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव, पुलिस महानिदेशक अरुणदेव गौतम, एडीजी सीआरपीएफ अमित कुमार, एडीजी बीएसएफ नामग्याल, एडीजी (एएनओ) विवेकानंद झा, बस्तर रेंज के आईजी सुंदरराज पी, बस्तर के सभी जिलों के पुलिस अधीक्षक तथा केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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CG Cabinet: आबकारी नीति 2026-27 मंजूर, नवा रायपुर में NMIMS और 4 स्टार्ट-अप सेंटर को हरी झंडी

CG Cabinet: छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद ने आबकारी नीति 2026-27 को मंजूरी दी। नवा रायपुर अटल नगर में NMIMS की स्थापना, STPI के साथ 4 उद्यमिता केंद्र और सरकारी अस्पतालों में लैब सुविधाओं को मजबूत करने के फैसले लिए गए। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में 21 जनवरी 2026 को सिविल लाइन स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य के विकास से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए। इन निर्णयों का सीधा असर शिक्षा, उद्योग, स्टार्ट-अप इकोसिस्टम और स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ेगा।
आबकारी नीति 2026-27 को मंजूरी
मंत्रिपरिषद ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए छत्तीसगढ़ आबकारी नीति के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की। साथ ही इससे जुड़ी सभी अनुषांगिक कार्यवाहियों के लिए संबंधित विभाग को अधिकृत किया गया।
नवा रायपुर में NMIMS की स्थापना को स्वीकृति
कैबिनेट ने नवा रायपुर अटल नगर के सेक्टर-18 में श्री विले पारले कलावनी मंडल (SVKM) को उनके प्रतिष्ठित नरसी मोंजी प्रबंधन अध्ययन संस्थान (NMIMS) की स्थापना के लिए लगभग 40 एकड़ भूमि 90 वर्षों की लीज पर एकमुश्त आवंटित करने का निर्णय लिया। SVKM वर्ष 1934 से शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत एक प्रतिष्ठित संस्था है, जो वर्तमान में देशभर में 30 से अधिक शैक्षणिक संस्थान संचालित कर रही है। यहां प्री-प्राइमरी से लेकर डॉक्टोरल स्तर तक एक लाख से अधिक छात्र अध्ययनरत हैं। वर्ष 2025 की NIRF यूनिवर्सिटी रैंकिंग में संस्था को 52वां स्थान प्राप्त हुआ था। नवा रायपुर में इस राष्ट्रीय स्तर के संस्थान की स्थापना से राज्य में उच्च एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को नई मजबूती मिलेगी।
STPI के साथ एमओयू, 4 नए उद्यमिता केंद्र स्थापित होंगे
मंत्रिपरिषद ने नवा रायपुर अटल नगर में चार नए उद्यमिता केंद्रों की स्थापना के लिए सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI) के साथ एमओयू को मंजूरी दी। इससे राज्य में आईटी/आईटीईएस उद्योग और तकनीकी स्टार्ट-अप इकोसिस्टम को बढ़ावा मिलेगा।
STPI देशभर में 68 केंद्र संचालित करता है, जिनमें से 60 टियर-2 और टियर-3 शहरों में स्थित हैं। छत्तीसगढ़ सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सहयोग से STPI आगामी 3 से 5 वर्षों में AI, मेडटेक (हर्बल मेडिसिन एवं वन उत्पाद आधारित), स्मार्ट सिटी और स्मार्ट एग्री जैसे डोमेन में 133 स्टार्ट-अप्स को बढ़ावा देगा।
इसके साथ ही ईएसडीएम उत्पादों के प्रोटोटाइप विकास के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एवं विकास (ESDD) केंद्र की स्थापना की जाएगी, जो हर साल 30 से 40 हार्डवेयर स्टार्ट-अप्स और MSME को तकनीकी सहयोग प्रदान करेगा।
सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में लैब सुविधाओं को मजबूती
कैबिनेट ने राज्य के सभी शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में गुणवत्तापूर्ण जांच सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए अहम निर्णय लिए। इसके तहत जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में लैब के प्रभावी संचालन, संसाधनों के सुदृढ़ीकरण और निर्धारित मानकों के अनुसार जांचों की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।
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छत्तीसगढ़ में धान उपार्जन पर सख्ती: अवैध परिवहन, भंडारण और मिलिंग पर राज्यभर में बड़ी कार्रवाई

Raipur: छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन व्यवस्था को पारदर्शी, निष्पक्ष और किसान-केंद्रित बनाए रखने के लिए राज्य सरकार ने अवैध धान परिवहन, भंडारण, विक्रय और मिलिंग अनियमितताओं के खिलाफ राज्यभर में सघन अभियान तेज कर दिया है। शासन के निर्देश पर राजस्व, खाद्य, मंडी और पुलिस विभाग की संयुक्त टीमें अंतर्राज्यीय सीमाओं, धान खरीदी केंद्रों, राइस मिलों और संदिग्ध स्थलों पर लगातार निगरानी कर रही हैं।
खाद्य सचिव रीना कंगाले ने स्पष्ट किया कि धान उपार्जन व्यवस्था में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकता है कि समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का लाभ केवल वास्तविक किसानों तक ही पहुंचे। बिचौलियों, फर्जी टोकन, मिलावट, अंतर्राज्यीय अवैध परिवहन और कस्टम मिलिंग में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ प्रारंभिक स्तर पर ही सख़्त कार्रवाई की जा रही है। नियमों के उल्लंघन पर छत्तीसगढ़ चावल उपार्जन आदेश 2016, आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 सहित अन्य प्रावधानों के तहत कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।
इसी क्रम में महासमुंद जिले के सरायपाली विकासखंड अंतर्गत रेहटीखोल क्षेत्र में संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ट्रक से 694 बोरा धान जब्त किया। लगभग 319 क्विंटल धान उड़ीसा से छत्तीसगढ़ बिना वैध दस्तावेज के लाया जा रहा था। ट्रक को मौके पर ही जब्त कर थाना सिंघोड़ा के सुपुर्द किया गया।
धान उपार्जन में अनियमितता पाए जाने पर धमतरी जिले की प्राथमिक कृषि सहकारी साख समिति मर्यादित मोहदी के समिति प्रबंधक और ऑपरेटर को सेवा से पृथक कर दिया गया है। निरीक्षण के दौरान मिलावटयुक्त धान, टोकन के दुरुपयोग और अवैध बिक्री के मामले सामने आए थे।
13 जनवरी 2026 को बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के ग्राम बिलारी (सोनाखान) में संयुक्त टीम ने अवैध रूप से परिवहन किए जा रहे 75 कट्टा धान सहित एक पिकअप वाहन जब्त कर पुलिस के हवाले किया।
सरगुजा जिले में राइस मिलों के सघन भौतिक सत्यापन के दौरान राजेश राइस मिल खोडरी और सिद्धिविनायक राइस मिल दरिमा में धान की भारी कमी पाई गई। कस्टम मिलिंग आदेश 2016 और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत संबंधित मिलों पर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
महासमुंद जिले में विभिन्न स्थानों पर की गई कार्रवाई में कुल 217 कट्टा धान और एक पिकअप वाहन जब्त किया गया। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में जिले में बीते दो दिनों में कुल 2986 कट्टा अवैध धान जब्त किया जा चुका है। कलेक्टर द्वारा अंतर्राज्यीय जांच चौकियों और धान खरीदी केंद्रों का औचक निरीक्षण कर सख़्त निर्देश जारी किए गए हैं।
बिलासपुर जिले में धान उठाव में गंभीर अनियमितता सामने आने पर अमरनाथ एग्रो प्रोडक्ट राइस मिल को सील कर संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। मौके से 54 हजार क्विंटल से अधिक धान जब्त किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 16 करोड़ रुपये है। खाद्य विभाग के अनुसार जिले में अब तक 56 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य का धान जब्त किया जा चुका है। जिला प्रशासन ने साफ कहा है कि धान खरीदी, परिवहन, भंडारण और मिलिंग में किसी भी तरह की गड़बड़ी पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।
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रायपुर साहित्य उत्सव 2026: पुरखौती मुक्तांगन तक निःशुल्क बस सेवा, 23–25 जनवरी को साहित्य का महाकुंभ

Raipur: छत्तीसगढ़ की समृद्ध साहित्यिक, सांस्कृतिक और बौद्धिक परंपरा को राष्ट्रीय मंच पर सशक्त रूप से प्रस्तुत करने के उद्देश्य से रायपुर साहित्य उत्सव–2026 का आयोजन 23 से 25 जनवरी 2026 तक नवा रायपुर अटल नगर स्थित पुरखौती मुक्तांगन में किया जा रहा है। इस तीन दिवसीय साहित्यिक महोत्सव में आम नागरिकों, साहित्य प्रेमियों, विद्यार्थियों और युवाओं की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए शासन द्वारा निःशुल्क और सुगम यातायात व्यवस्था की गई है।
आयोजन स्थल तक पहुंच आसान बनाने के लिए रायपुर शहर के विभिन्न क्षेत्रों से कुल 6 विशेष बस रूट निर्धारित किए गए हैं। ये बसें तीनों दिन सुबह 9 बजे, 10:30 बजे, दोपहर 12 बजे, 1:30 बजे, 3 बजे और शाम 4:30 बजे निर्धारित समय-सारणी के अनुसार संचालित होंगी।
निर्धारित बस रूट
रूट क्रमांक 1:टाटीबंध – सरोना – रायपुरा चौक – कुशालपुर – भाठागांव चौक – संतोषी नगर चौक – पचपेड़ी नाका – एमएमआई – देवपुरी – डूमरतराई – माना मोड़ – टेमरी – माना कैंप – नवा रायपुर – पुरखौती मुक्तांगन
रूट क्रमांक 2:रेलवे स्टेशन – फाफाडीह चौक – डी. नगर – मेकाहारा – शास्त्री चौक – कालीबाड़ी – सिद्धार्थ चौक – पचपेड़ी नाका – एमएमआई – देवपुरी – डूमरतराई – माना मोड़ – टेमरी – माना कैंप – नवा रायपुर – पुरखौती मुक्तांगन
रूट क्रमांक 3:रेलवे स्टेशन – फाफाडीह चौक – मेकाहारा – घड़ी चौक – गांधी उद्यान – भगत सिंह चौक – तेलीबांधा – अवंतीबाई चौक – पं. दीनदयाल चौक – वीआईपी चौक – कृषि विश्वविद्यालय – लाभांडी – जोरा – नवा रायपुर – कैपिटल कॉम्प्लेक्स – पुरखौती मुक्तांगन
रूट क्रमांक 4:यूनिवर्सिटी गेट – साइंस कॉलेज – आयुर्वेदिक कॉलेज – आश्रम – आमापारा – आज़ाद चौक – कालीबाड़ी – सिद्धार्थ चौक – पचपेड़ी नाका – एमएमआई – देवपुरी – डूमरतराई – माना मोड़ – टेमरी – माना कैंप – नवा रायपुर – पुरखौती मुक्तांगन
रूट क्रमांक 5:कचना – मोवा – लोधीपारा – पंडरी – शास्त्री चौक – कालीबाड़ी चौक – सिद्धार्थ चौक – पचपेड़ी नाका – महावीर नगर – तेलीबांधा – अवंतीबाई चौक – पं. दीनदयाल चौक – वीआईपी चौक – कृषि विश्वविद्यालय – लाभांडी – जोरा – नवा रायपुर – कैपिटल कॉम्प्लेक्स – पुरखौती मुक्तांगन
रूट क्रमांक 6:भाठागांव – पचपेड़ी नाका – एमएमआई – देवपुरी – डूमरतराई – माना मोड़ – टेमरी – माना कैंप – नवा रायपुर – पुरखौती मुक्तांगन
साहित्य, संस्कृति और विचारों का संगम
रायपुर साहित्य उत्सव–2026 छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक आत्मा, लोक परंपराओं और साहित्यिक चेतना को नई पीढ़ी से जोड़ने का सशक्त मंच बनेगा। इस दौरान देशभर से प्रतिष्ठित साहित्यकार, कवि, कथाकार, विचारक, कलाकार, पत्रकार और रंगकर्मी सहभागिता करेंगे।उत्सव में साहित्यिक संवाद, विचार-मंथन, समकालीन विषयों पर परिचर्चाएँ, कविता पाठ, कथा सत्र, पुस्तक विमोचन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और कला-प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे। विशेष आकर्षण के रूप में ओपन माइक सत्र का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें आम नागरिक, युवा और नवोदित रचनाकार कविता, कहानी, गीत या विचार प्रस्तुत कर सकेंगे। साथ ही, देश के प्रमुख प्रकाशन समूहों की पुस्तक स्टॉल भी लगाई जाएंगी। रायपुर साहित्य उत्सव–2026 में भाग लेने के लिए इच्छुक नागरिक, विद्यार्थी और साहित्य प्रेमी आधिकारिक वेबसाइट www.raipursahityautsav.org के माध्यम से पंजीयन कर सकते हैं।
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ऑटो एक्सपो 2026: वाहन खरीद पर 50% आरटीओ टैक्स छूट, 5 फरवरी तक मिलेगा सीधा फायदा

Auto Expo 2026: छत्तीसगढ़ में वाहन खरीदने वालों के लिए बड़ी राहत की खबर है। परिवहन विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार ऑटो एक्सपो–2026 के दौरान वाहन खरीद पर 50 प्रतिशत जीवनकाल कर (आरटीओ टैक्स) में छूट दी जा रही है। यह ऑटो एक्सपो 20 जनवरी से 5 फरवरी 2026 तक रायपुर के श्री राम बिजनेस पार्क, एमजीएम हॉस्पिटल के सामने, विधानसभा रोड, सड्डू में आयोजित किया जा रहा है।
रायपुर ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन द्वारा आयोजित इस ऑटो एक्सपो में खरीदे गए वाहनों पर आरटीओ टैक्स में एकमुश्त 50 प्रतिशत छूट का सीधा लाभ ग्राहकों को मिलेगा। इससे प्रदेश के आम नागरिकों को वाहन खरीद पर बड़ा आर्थिक फायदा होगा। यह छत्तीसगढ़ का पहला ऐसा ऑटो एक्सपो है, जिसका लाभ पूरे प्रदेश के नागरिक उठा सकेंगे। वाहन खरीदने के लिए लोगों को रायपुर आना अनिवार्य नहीं होगा। वे अपने शहर या गांव के निकटतम पंजीकृत डीलर के माध्यम से वाहन खरीदकर इस टैक्स छूट योजना का लाभ ले सकेंगे।
ऑटो एक्सपो–2026 के अंतर्गत वाहन का पंजीयन नागरिक अपने गृह जिले में ही करा सकेंगे। यानी खरीदे गए वाहन पर संबंधित जिले का आरटीओ कोड मिलेगा। दूरस्थ क्षेत्रों के डीलर्स की भागीदारी से छोटे व्यापारियों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे और स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।
रायपुर ऑटो एक्सपो में दोपहिया, तिपहिया, चारपहिया और व्यावसायिक वाहनों सहित सभी श्रेणियों के नवीनतम मॉडल एक ही स्थान पर उपलब्ध हैं। इससे आम नागरिकों को नई ऑटोमोबाइल तकनीक, फीचर्स और विकल्पों की जानकारी भी मिल रही है।
एक्सपो के दौरान देश के प्रमुख बैंक और फाइनेंस कंपनियां कम ब्याज दर पर वाहन ऋण उपलब्ध करा रही हैं, जबकि इंश्योरेंस कंपनियां रियायती दरों पर वाहन बीमा की सुविधा दे रही हैं। डीलर्स, बैंक और इंश्योरेंस कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा के कारण वाहनों की कीमतों में भी अतिरिक्त लाभ मिल रहा है।
रायपुर ऑटो एक्सपो–2026 में रायपुर जिले के 95 डीलर्स और अन्य जिलों के 171 डीलर्स, कुल 266 डीलर्स भाग ले रहे हैं, जिससे प्रदेशभर के नागरिकों को वाहनों के व्यापक विकल्प उपलब्ध हो रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2025 में आयोजित ऑटो एक्सपो में 29,348 वाहनों की बिक्री हुई थी और नागरिकों को लगभग 120 करोड़ रुपये की आरटीओ टैक्स छूट का लाभ मिला था। इसी को देखते हुए ऑटो एक्सपो–2026 से भी बड़े पैमाने पर लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
कुल मिलाकर, ऑटो एक्सपो–2026 छत्तीसगढ़ के नागरिकों के लिए कम कीमत पर वाहन खरीदने, टैक्स में भारी छूट पाने और स्थानीय स्तर पर पंजीयन सुविधा प्राप्त करने का एक महत्वपूर्ण अवसर साबित हो रहा है।
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रायपुर साहित्य उत्सव 2026: साहित्य प्रेमियों के लिए बड़ी सुविधा, तीन दिनों तक निःशुल्क बस सेवा

Raipur: रायपुर साहित्य उत्सव 2026 के दौरान आम नागरिकों, साहित्य प्रेमियों, विद्यार्थियों और युवाओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए शहर में निःशुल्क बस सेवा संचालित की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि परिवहन की किसी भी असुविधा के कारण कोई भी व्यक्ति इस महत्वपूर्ण साहित्यिक आयोजन में शामिल होने से वंचित न रह जाए।
यह निःशुल्क बस सेवा 23, 24 और 25 जनवरी 2026—तीन दिनों तक लगातार संचालित की जाएगी। इन दिनों बसों में यात्रा पूरी तरह निःशुल्क रहेगी, जिससे शहरवासी बिना किसी अतिरिक्त खर्च के रायपुर साहित्य उत्सव में सहभागिता कर सकेंगे। यह व्यवस्था विशेष रूप से विद्यार्थियों, वरिष्ठ नागरिकों और साहित्य प्रेमियों के लिए अत्यंत लाभकारी मानी जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस सुविधा के अंतर्गत लगभग 15 बसें चलाई जाएंगी। ये बसें उत्सव स्थल तक आने-जाने—दोनों दिशाओं में संचालित होंगी, ताकि कार्यक्रम समाप्ति के बाद भी दर्शकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। भीड़ को देखते हुए बसों की संख्या इस तरह निर्धारित की गई है कि आवागमन सुचारु बना रहे।
शहर के अधिकतम क्षेत्रों को इस सुविधा से जोड़ने के लिए कुल 6 प्रमुख रूट तय किए गए हैं। इन रूट्स के माध्यम से रायपुर के विभिन्न हिस्सों से लोग सीधे उत्सव स्थल तक पहुंच सकेंगे। सभी बसें पुराने रायपुर क्षेत्र से पुरखौती मुक्तांगन, नवा रायपुर स्थित रायपुर साहित्य उत्सव स्थल तक संचालित की जाएंगी।
निःशुल्क बस सेवा में शामिल सभी बसों पर रायपुर साहित्य उत्सव की विशेष ब्रांडिंग की जाएगी। इससे न केवल शहर में साहित्य उत्सव का उत्साहपूर्ण माहौल बनेगा, बल्कि नागरिकों के बीच आयोजन को लेकर जागरूकता भी बढ़ेगी और पूरे रायपुर में उत्सव की पहचान स्पष्ट रूप से दिखाई देगी।
बसों की विस्तृत समय-सारणी शीघ्र जारी की जाएगी, जिसे विभिन्न माध्यमों से सार्वजनिक किया जाएगा ताकि नागरिक अपनी सुविधा के अनुसार यात्रा की योजना बना सकें। प्रशासन द्वारा यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि बस सेवा समयबद्ध, सुरक्षित और सुव्यवस्थित रूप से संचालित हो।
उल्लेखनीय है कि रायपुर साहित्य उत्सव छत्तीसगढ़ की समृद्ध साहित्यिक और सांस्कृतिक परंपरा को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। निःशुल्क बस सेवा की यह व्यवस्था अधिकाधिक नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है, ताकि समाज के हर वर्ग को इस साहित्यिक उत्सव से जुड़ने का अवसर मिल सके।













