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Chhattisgarh Jobs: सरकारी नौकरी पाने का सुनहरा अवसर, तीन विभागों में निकली भर्ती

Raipur: छत्तीसगढ़ शासन के विभिन्न विभागों में युवाओं की भर्ती का सिलसिला वृहद पैमाने पर शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर अब तक लगभग 19 विभागों में 8971 पदों की भर्ती के लिए वित्त विभाग ने अपनी मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री साय की मंशानुरूप विभागों में भर्ती की प्रक्रिया अनवरत रूप से जारी रहेगी।
मुख्यमंत्री साय की पहल पर वित्त विभाग ने आज नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण में 96 पद, विद्युत निरीक्षक कार्यालय में 27 और न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) में वैज्ञानिक अधिकारी के 28 रिक्त पदों पर भर्ती को स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस तरह तीनों विभागों में कुल 151 विभिन्न पदों पर भर्ती का रास्ता साफ हो गया है।
नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण में कुल 96 रिक्त पदों के तहत प्रबंधक (वित्त एवं लेखा) और प्रबंधक (जनसंपर्क) के 1-1 पदों पर एवं सहायक अभियंता (सिविल/लो.स्वा.या) के 8, सहायक अभियंता (विद्युत), सहायक अभियंता (यांत्रिकी) तथा सहायक अभियंता (आईटी/कम्प्यूटर साइंस) के 1-1 पदों पर भर्ती की जाएगी। इसके अलावा सहायक योजनाकार/वास्तुकार के कुल 4, सहायक प्रोग्रामर के 3, सहायक प्रबंधक (वित्त एवं लेखा) के 2, उप अभियंता (सिविल/लो.स्वा.या) के 21, उप अभियंता (यांत्रिकी) और उप अभियंता (आईटी/कम्प्यूटर साइंस) के 1-1 शीघ्रलेखक (हिन्दी/अंग्रेजी) के 13, लेखापाल के 3, सहायक मानचित्रकार के 4, अनुरेखक के 4 और सहायक ग्रेड-03 के 26 पदों पर भर्ती को मंजूरी दी गई है।
इसी तरह मुख्य विद्युत निरीक्षक कार्यालय में कुल 27 पदों पर भर्ती को वित्त से स्वीकृति प्रदान की गई है। जिसमें उपअभियंता के 13, सहायक ग्रेड-3 के 6, विद्युतकार के 5 और जांच अनुचर के 3 पद शामिल हैं। इसी तरह राज्य न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) में वैज्ञानिक अधिकारी के 28 रिक्त पदों पर भर्ती का रास्ता साफ हो गया है।
मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार वित्त विभाग से स्वीकृति मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, कृषि विभाग, ग्रामीण आजीविका मिशन, गृह विभाग, विधि विभाग, आदिम जाति कल्याण, वन एवं पर्यावरण विभाग, उच्च शिक्षा, खेल एवं युवा कल्याण, एनआरडीए, विद्युत विभाग अपने-अपने विभागों में भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाने में लगे हैं। नई भर्ती से विभागों की दक्षता में वृद्धि के साथ विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं को नई दिशा एवं गति मिलेगी और छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री साय लगातार छत्तीसगढ़ में युवाओं को शिक्षा एवं रोजगार में नए अवसर प्रदान करने के लिए कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री साय की पहल पर पुलिस विभाग सहित अन्य शासकीय भर्तियों में युवाओं के लिए निर्धारित अधिकतम आयु सीमा में पांच वर्ष की छूट का लाभ भी युवाओं को मिल रहा है।
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CG Teacher Recruitment: छत्तीसगढ़ में 5000 शिक्षकों की भर्ती का विज्ञापन जल्द, सहायक शिक्षक से व्याख्याता तक पद, व्यापम कराएगा परीक्षा

CG Teacher Recruitment: छत्तीसगढ़ में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर है। स्कूल शिक्षा विभाग जल्द ही 5,000 पदों पर भर्ती का विज्ञापन जारी करने जा रहा है। इन पदों में सहायक शिक्षक, शिक्षक, व्याख्याता और सहायक शिक्षक विज्ञान (प्रयोगशाला) शामिल हैं। राज्य सरकार ने परीक्षा आयोजन के लिए Chhattisgarh Professional Examination Board (छत्तीसगढ़ व्यापम) को अधिकृत किया है। विभाग ने भर्ती से संबंधित सभी औपचारिकताएं पूरी कर आवश्यक दस्तावेज व्यापम को सौंप दिए हैं।
फरवरी 2026 में भर्ती प्रक्रिया शुरू होने की तैयारी है। चयन लिखित परीक्षा के माध्यम से किया जाएगा। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद यह कदम राज्य के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए उठाया गया है।
हजारों युवाओं को मिलेगा मौका
इस भर्ती से प्रदेश के हजारों युवाओं को सरकारी सेवा में अवसर मिलेगा। अलग-अलग योग्यता वाले अभ्यर्थियों के लिए अलग पद तय किए गए हैं, जिससे व्यापक स्तर पर रोजगार के अवसर बनेंगे। सरकार का मानना है कि इससे न सिर्फ बेरोजगार युवाओं को राहत मिलेगी, बल्कि स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था भी मजबूत होगी।
2023 भर्ती प्रक्रिया पूरी
स्कूल शिक्षा विभाग की शिक्षक सीधी भर्ती 2023 की प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है। पांचवें चरण में माननीय न्यायालय के निर्देशानुसार सेवा समाप्त किए गए 2621 बी.एड. अर्हताधारियों के स्थान पर डी.एड. अर्हताधारी अभ्यर्थियों को नियुक्ति का अवसर दिया गया है। विभाग जल्द ही विस्तृत दिशा-निर्देश और पात्रता संबंधी जानकारी जारी करेगा। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे आधिकारिक सूचना का इंतजार करें और नियमित रूप से व्यापम की वेबसाइट पर अपडेट देखते रहें।
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Holi Special Train 2026: होली के लिए भारतीय रेल की तैयारी, 1410+ स्पेशल ट्रेनें, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे से 15 ट्रेनें

Holi Special Train 2026: होली त्योहार के दौरान बढ़ती भीड़ को देखते हुए भारतीय रेल ने इस बार देशभर में 1410 से ज्यादा होली स्पेशल ट्रेनें चलाने का फैसला लिया है। इनमें दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की 15 स्पेशल ट्रेनें भी शामिल हैं। रेलवे के अनुसार, होली के समय तिरुपति और रक्सौल रूट पर भारी भीड़ रहती है। इसे ध्यान में रखते हुए इस मार्ग पर 3 जोड़ी (अप-डाउन) होली स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी।
तिरुपति–रक्सौल होली स्पेशल
- ट्रेन नंबर 07051 (तिरुपति से): 21 और 28 फरवरी, 7 मार्च 2026
- ट्रेन नंबर 07052 (रक्सौल से): 24 फरवरी, 3 और 10 मार्च 2026
यह ट्रेन तिरुपति से चलकर गोंदिया, दुर्ग, रायपुर, बिलासपुर और झारसुगुड़ा होते हुए रक्सौल पहुंचेगी। इससे छत्तीसगढ़ के यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा।
22 कोच, हर वर्ग के लिए सुविधा
स्पेशल ट्रेनों में कुल 22 कोच लगाए जाएंगे, जिनमें शामिल हैं:
- एसी टू टियर
- एसी थ्री टियर
- स्लीपर
- जनरल
- एसएलआर
इससे अलग-अलग श्रेणी के यात्रियों को सुविधा के अनुसार यात्रा का विकल्प मिलेगा।
पटना–चर्लपल्ली के बीच 7 स्पेशल ट्रेनें
होली के दौरान पटना–चर्लपल्ली रूट पर भी 7 स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी।
ट्रेन नंबर 03253 (पटना से): 9 से 30 मार्च 2026 तक हर सोमवार और बुधवार
ट्रेन नंबर 03254 और 03255 (चर्लपल्ली से): अलग-अलग निर्धारित तिथियों पर
रेलवे ने स्पष्ट किया है कि पटना–चर्लपल्ली स्पेशल ट्रेन पूरी तरह आरक्षित रहेगी। केवल कंफर्म टिकट वाले यात्रियों को ही यात्रा की अनुमति होगी। इन ट्रेनों में भी 22 कोच रहेंगे।
भीड़ से मिलेगी राहत
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि होली के समय ट्रेनों में अत्यधिक भीड़ रहती है। स्पेशल ट्रेनें चलाने से टिकट की उपलब्धता बढ़ेगी और यात्रियों को सुरक्षित व सुगम यात्रा का लाभ मिलेगा।
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Chhattisgarh: ‘ऑल द बेस्ट, प्यारे बच्चों’- मुख्यमंत्री साय ने परीक्षा दे रहे विद्यार्थियों को दिया आत्मविश्वास और सफलता का संदेश

Raipur: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश के छात्र-छात्राओं को परीक्षाओं के अवसर पर शुभकामनाएं देते हुए उन्हें आत्मविश्वास और हौसले के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया है। उन्होंने विद्यार्थियों के नाम अपने आत्मीय संदेश में कहा कि परीक्षाओं का समय जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव होता है, जिसमें उत्साह के साथ थोड़ा तनाव भी स्वाभाविक है, लेकिन घबराने की आवश्यकता नहीं है।
मुख्यमंत्री ने बच्चों से कहा कि परीक्षाओं का समय आ गया है। मैं जानता हूं कि इन दिनों आपके मन में उत्साह भी है और थोड़ा सा तनाव भी। लेकिन सबसे पहले यह जान लीजिए- आप अकेले नहीं हैं, हम सब आपके साथ हैं।
उन्होंने कहा कि परीक्षाओं का समय कभी-कभी मन में घबराहट भी लेकर आता है। यह स्वाभाविक है। यदि आपको डर लग रहा है तो इसका अर्थ है कि आप अपनी पढ़ाई और अपने भविष्य को गंभीरता से लेते हैं।
उन्होंने कहा कि सबसे पहले यह समझ लीजिए- डर कमजोरी नहीं, बल्कि जिम्मेदारी का संकेत है। लेकिन इस डर को अपने आत्मविश्वास पर हावी न होने दें। आपने पूरे वर्ष मेहनत की है। हर दिन का प्रयास, हर अभ्यास, हर दोहराव- सब आपकी ताकत बनकर आपके साथ खड़े हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सभी नियमित पढ़ाई करें, कठिन विषयों को दोहराएँ, समय का संतुलन बनाए रखें। पर्याप्त नींद लें, पौष्टिक भोजन करें और कुछ समय के लिए मोबाइल से दूरी बनाकर अपने लक्ष्य पर पूरी तरह ध्यान केंद्रित करें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि छत्तीसगढ़ के सभी विद्यार्थी इस बार भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करेंगे और अपने परिवार तथा प्रदेश का नाम रोशन करेंगे।
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Chhattisgarh: राजिम कुंभ कल्प 2026 में आस्था का सागर, अरुण गोविल की ‘सुनो श्री राम कहानी’ से भाव-विभोर हुआ जनसमूह

Rajim Kumbh Kalp 2026: छत्तीसगढ़ के प्रयाग कहे जाने वाले राजिम में आयोजित राजिम कुंभ कल्प 2026 आस्था, संस्कृति और सनातन परंपरा का विराट उत्सव बनकर उभरा है। त्रिवेणी संगम के पावन तट पर आयोजित सांस्कृतिक संध्या में भक्ति का अद्भुत वातावरण देखने को मिला। इस अवसर पर सुप्रसिद्ध कलाकार और भगवान श्रीराम की भूमिका से घर-घर में पहचान बनाने वाले अरुण गोविल ने “सुनो श्री राम कहानी” की भावपूर्ण प्रस्तुति दी। उनकी वाणी और प्रस्तुति ने पूरे परिसर को भक्ति-रस में सराबोर कर दिया। श्रद्धालु देर तक मंत्रमुग्ध होकर रामकथा का श्रवण करते रहे।
मुख्यमंत्री से आत्मीय भेंट, आयोजन की सराहना
कार्यक्रम के दौरान अरुण गोविल ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आत्मीय मुलाकात की और राजिम कुंभ कल्प के भव्य आयोजन एवं सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं की सराहना की। मुख्यमंत्री ने उन्हें स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। अरुण गोविल ने कहा कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत, जनआस्था और लोगों का आत्मीय स्नेह उनके लिए अविस्मरणीय अनुभव है।
“राजिम कुंभ हमारी सांस्कृतिक चेतना का उत्सव”- मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राजिम कुंभ कल्प केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी सनातन परंपरा, सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक चेतना का जीवंत उत्सव है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आस्था, संस्कृति और पर्यटन के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। ऐसे आयोजनों से छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिल रही है।
जनप्रतिनिधियों और संत-महात्माओं की उपस्थिति
कार्यक्रम में खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, महासमुंद सांसद रूपकुमारी चौधरी, राजिम विधायक रोहित साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधि, संत-महात्मा और श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
धार्मिक पर्यटन को मिल रही नई दिशा
उल्लेखनीय है कि राजिम कुंभ कल्प 2026 के माध्यम से छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान, धार्मिक पर्यटन और आध्यात्मिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर सशक्त मंच मिल रहा है। राज्य सरकार द्वारा आयोजित यह महोत्सव आस्था और पर्यटन संवर्धन का प्रभावी माध्यम बनकर उभर रहा है।
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Chhattisgarh: ‘राजिम कुंभ कल्प छत्तीसगढ़ की अस्मिता’, CM विष्णु देव साय बोले- बनेगी 50 लाख की सर्वसुविधायुक्त धर्मशाला

Rajim Kumbh Kalp 2026: राजिम में आयोजित राजिम कुंभ कल्प 2026 के समापन समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह आयोजन छत्तीसगढ़ की आध्यात्मिक चेतना, सांस्कृतिक गौरव और सामाजिक समरसता का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि राजिम कुंभ केवल धार्मिक मेला नहीं, बल्कि प्रदेश की अस्मिता और पहचान का प्रतीक पर्व है। मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए राजिम में सर्वसुविधायुक्त धर्मशाला निर्माण हेतु 50 लाख रुपए की घोषणा की। साथ ही राजिम बैराज कार्य को शीघ्र प्रारंभ करने और लंबित विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
भगवान राजीव लोचन मंदिर एवं कुलेश्वरनाथ महादेव मंदिर में की पूजा अर्चना
मुख्यमंत्री ने मुख्य मंच पर राजीव लोचन मंदिर में भगवान राजीव लोचन की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने अपने उद्बोधन की शुरुआत भगवान श्री राजीव लोचन, कुलेश्वर महादेव, राजिम दाई, छत्तीसगढ़ महतारी और भारत माता के जयघोष के साथ की। उन्होंने कहा कि महानदी, पैरी और सोंढूर नदियों के त्रिवेणी संगम की यह पावन भूमि सदियों से तप और साधना की साक्षी रही है। “छत्तीसगढ़ का प्रयाग” कहे जाने वाले राजिम की आध्यात्मिक गरिमा विशेष है।
‘भगवान शिव त्याग, संयम और सेवा के प्रतीक’
महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान शिव त्याग, संयम और सेवा के प्रतीक हैं। राज्य सरकार ने श्रद्धालुओं के लिए आवागमन, स्वच्छता, पेयजल, स्वास्थ्य सेवा, प्रकाश और सुरक्षा की व्यापक व्यवस्था सुनिश्चित की थी। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में राजिम कुंभ मेला-स्थल को और अधिक सुव्यवस्थित व भव्य बनाया जाएगा और इसे राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित आध्यात्मिक आयोजन के रूप में विकसित किया जाएगा।
मंत्रियों ने भी रखा पक्ष
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री दयाल दास बघेल ने कहा कि राजिम कुंभ कल्प सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता का विराट उत्सव है। इस वर्ष पंचकोसी धाम और द्वादश ज्योतिर्लिंग की थीम ने आयोजन को विशेष स्वरूप दिया। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि सरकार इसे राष्ट्रीय धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे स्थानीय रोजगार और अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। कार्यक्रम में राजिम विधायक रोहित साहू, अभनपुर विधायक इंद्रकुमार साहू सहित संत-महात्मा और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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