ख़बर छत्तीसगढ़
Chhattisgarh: गृहमंत्री शाह ने दी चेतावनी, बोले- सरेंडर करो, नहीं तो दो साल में मिटा देंगे नामो निशान

Kanker: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बीजेपी प्रत्याशी के पक्ष में प्रचार करने सोमवार को कांकेर पहुंचे। नरहरदेव मैदान में अमित शाह ने सभा को संबोधित करते हुए नक्सलियों को सीधी चेतावनी दी। अमित शाह ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि मोदी की सरकार फिर से बनवाइए हम दो साल में नक्सलवाद का नामो निशान मिटा देंगे। शाह ने मंच से नक्सलियों को चेतावनी देते हुए कहा कि अभी भी समय है सरेंडर कर दो नहीं तो परिणाम बहुत बुरा होगा। अमित शाह ने कहा कि पीएम मोदी ने देश मे आतंकवाद समाप्त कर दिया है अब नक्सलवाद अपनी अंतिम सांसे गिन रहा है।
दो साल में होगा लाल आतंक का खात्मा
अमित शाह ने कहा कि मौजूदा समय में बीजेपी की नई सरकार ने नक्सलियों से निपटने के लिए नया प्लान तैयार किया है। चार महीनों में ही 90 से ज्यादा नक्सलियों का सफाया हो चुका है। शाह ने कहा कि केंद्र में यदि तीसरी बार मोदी जी की सरकार आई तो दो साल के अंदर छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद को पूरी तरह से खत्म कर दिया जाएगा। छत्तीसगढ़ के नक्सलियों को हम कहना चाहते हैं कि आप सरेंडर कर दीजिए अब भी वक्त है यदि अब भी नक्सलियों ने सरेंडर नहीं किया तो चिंता ना करें आने वाले दो साल में छत्तीसगढ़ की धरती लाल आतंक से मुक्त होगी।
ख़बर छत्तीसगढ़
Arun Sao Action: बस्तर में धीमे निर्माण कार्यों पर सख्ती, 2 ठेकेदारों का पंजीयन निरस्त, 8 को नोटिस

Raipur: बस्तर में सड़कों और पुलों के निर्माण कार्यों में लगातार हो रही देरी पर उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने सख्त रुख अपनाया है। उनके निर्देश के बाद लोक निर्माण विभाग ने दो ठेकेदारों का पंजीयन निरस्त कर दिया है, जबकि आठ ठेकेदारों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इसके अलावा दो अन्य ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई के लिए मुख्य अभियंता से प्रतिवेदन भी मांगा गया है।
हाल ही में चार दिवसीय बस्तर प्रवास के दौरान उप मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन परियोजनाओं का निरीक्षण और विभागीय समीक्षा बैठकें ली थीं। इस दौरान उन्होंने कई कार्यों की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए जिम्मेदार ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
दो ठेकेदारों का पंजीयन दो वर्षों के लिए निरस्त
लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता ने चार पुल निर्माण कार्यों में लगातार खराब प्रगति के चलते मेसर्स गुप्ता कंस्ट्रक्शन कंपनी का पंजीयन दो वर्षों के लिए निरस्त कर दिया है।
कंपनी कोंडागांव जिले में भवरडींग नदी पर अदनार-तोतर मार्ग, घोटिया-मुंडा-चांदाबेड़ा मार्ग और पलना-मरीगांव-कुंडई मार्ग पर उच्च स्तरीय पुलों का निर्माण कर रही थी। इसके अलावा कबीरधाम जिले में बांटीपथरा-कुई (दमगढ़) मार्ग पर हॉफ नदी में पुल निर्माण का कार्य भी इसी कंपनी को सौंपा गया था।
वहीं कांकेर जिले में आमाबेड़ा-सेमर गांव मार्ग पर नेरूल नदी और बोड़ागांव-खासगांव-तरादुल मार्ग पर डुमरीकेल नाला में उच्च स्तरीय पुल निर्माण में देरी के कारण ठेकेदार निर्भय राम साहू का पंजीयन भी आगामी दो वर्षों के लिए निरस्त कर दिया गया है।
दो अन्य ठेकेदारों पर कार्रवाई की तैयारी
नारायणपुर-सोनपुर-मरोदा सड़क चौड़ीकरण एवं सुधार कार्य की धीमी प्रगति को लेकर ठेकेदार पंकज हालदार के खिलाफ आगे की कार्रवाई के लिए मुख्य अभियंता से रिपोर्ट मांगी गई है।
इसी तरह सुकमा जिले में पैकपारा-धनीकोड़ता मार्ग और केरलापाल-पटेलपारा-सिरसट्टी सड़क निर्माण में अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर ठेकेदार आशीष भदौरिया के मामले में भी मुख्य अभियंता से प्रतिवेदन तलब किया गया है।
8 ठेकेदारों को कारण बताओ नोटिस
लोक निर्माण विभाग ने बस्तर संभाग में कई सड़क परियोजनाओं की धीमी गति को लेकर आठ ठेकेदारों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं।
इनमें कांकेर-अमोड़ा-नरहरपुर मार्ग के ठेकेदार मेसर्स बीएमएस प्रोजेक्ट, कोंडागांव के हडेली-कुदूर मार्ग के ठेकेदार मेसर्स सुराना एंड कंपनी तथा जगदलपुर-चित्रकोट मार्ग के ठेकेदार मेसर्स एसके अरोरा शामिल हैं।
इसके अलावा सुकमा जिले में चिंतलनार-मरियागुड़म सड़क, कोंटा-गोलापल्ली मार्ग और भेज्जी-चिंतागुफा सड़क निर्माण कार्यों से जुड़े ठेकेदारों को भी नोटिस जारी किए गए हैं।
केशलूर रेलवे ओवरब्रिज पर भी नोटिस
राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर केशलूर के पास निर्माणाधीन फोरलेन रेलवे ओवरब्रिज परियोजना की धीमी प्रगति पर भी विभाग ने 10 जून को ठेकेदार मेसर्स अशोक कुमार मित्तल को नोटिस जारी किया था। विभाग ने निर्माण कार्यों में तेजी लाने और निर्धारित माइलस्टोन के अनुसार प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
‘गुणवत्ता और समय-सीमा सर्वोच्च प्राथमिकता’
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि सड़क और पुल निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और समय-सीमा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। निर्धारित समय में परियोजनाएं पूरी नहीं होने से आम लोगों को परेशानी होती है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बस्तर में बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए सभी निर्माणाधीन परियोजनाओं को समय पर पूरा करना आवश्यक है और काम में लापरवाही या देरी करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
ख़बर छत्तीसगढ़
Chhattisgarh: शाला प्रवेश उत्सव को जनआंदोलन बनाने की अपील, CM साय ने जनप्रतिनिधियों को लिखा पत्र

Raipur: मुख्यमंत्री साय ने प्रदेशभर में 16 जून से 27 जून 2026 तक आयोजित होने वाले “शाला प्रवेश उत्सव” को जनआंदोलन का स्वरूप देने का आह्वान किया है। इसके लिए उन्होंने प्रदेश के सभी जनप्रतिनिधियों को पत्र लिखकर अभियान में सक्रिय सहभागिता की अपील की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज और राष्ट्र की प्रगति का सबसे मजबूत आधार है। ऐसे में यह सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है कि प्रदेश का कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।
हर बच्चे को स्कूल से जोड़ने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में प्रदेश के विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों और शिक्षा जगत से जुड़े सभी लोगों को नए शैक्षणिक सत्र की शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि शाला प्रवेश उत्सव का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक बालक और बालिका का विद्यालय में प्रवेश सुनिश्चित करना तथा नियमित अध्ययन से जोड़ना है। विशेष रूप से उन बच्चों की पहचान और नामांकन पर ध्यान दिया जाएगा जो अब तक स्कूल से नहीं जुड़े हैं या बीच में पढ़ाई छोड़ चुके हैं।
जनप्रतिनिधियों से विद्यालय पहुंचने की अपील
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंत्रियों, सांसदों, विधायकों, जिला पंचायत एवं जनपद पंचायत अध्यक्षों, महापौरों और नगरीय निकायों के जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया है कि वे अपने क्षेत्र के किसी विद्यालय में पहुंचकर इस अभियान में सहभागी बनें। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी से अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप मिलेगा और अधिक से अधिक बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जा सकेगा।
शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने पत्र में उल्लेख किया है कि राज्य सरकार विद्यालयी शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। पीएम श्री विद्यालयों के माध्यम से बेहतर शैक्षणिक वातावरण विकसित किया जा रहा है। इसके अलावा वर्ष 2026 से प्रदेश में 150 विवेकानंद विद्यालय स्थापित किए जाएंगे, जो गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के नए मानक तय करेंगे।
नई शिक्षा नीति के अनुरूप हो रहा विकास
मुख्यमंत्री ने बताया कि नई शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप शासकीय विद्यालयों को आधुनिक, तकनीक-संपन्न और छात्र-केंद्रित संस्थानों के रूप में विकसित किया जा रहा है। विद्यार्थियों को मध्यान्ह भोजन, नि:शुल्क पाठ्यपुस्तकें, गणवेश तथा बालिकाओं को सरस्वती साइकिल जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, ताकि आर्थिक कारणों से कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि जनप्रतिनिधियों के सहयोग और व्यापक जनभागीदारी से शाला प्रवेश उत्सव को सफल बनाते हुए प्रदेश के प्रत्येक बच्चे तक शिक्षा का अधिकार पहुंचाने के लक्ष्य को हासिल किया जा सकेगा।
ख़बर छत्तीसगढ़
जांजगीर-चांपा को 295 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात: CM साय ने 341 कार्यों का किया लोकार्पण-भूमिपूजन

Janjgir Champa News: मुख्यमंत्री साय ने जांजगीर-चांपा जिले को 295 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों की बड़ी सौगात दी है। नवागढ़ विकासखंड के ग्राम पोंड़ी (राछा) में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 341 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया।
इनमें 70.10 करोड़ रुपए से अधिक लागत के 159 कार्यों का लोकार्पण तथा 224.90 करोड़ रुपए से अधिक लागत के 182 कार्यों का भूमिपूजन शामिल है। इन परियोजनाओं से सड़क, पेयजल, सिंचाई, स्वास्थ्य, नगरीय अधोसंरचना और ग्रामीण विकास से जुड़ी सुविधाओं का विस्तार होगा।
जिले के लिए ऐतिहासिक दिन: मुख्यमंत्री
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विधिविधान से पूजा-अर्चना कर विकास कार्यों का भूमिपूजन किया और बटन दबाकर पूर्ण हो चुके कार्यों का लोकार्पण कर उन्हें जनता को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि जांजगीर-चांपा जिले के लिए यह ऐतिहासिक दिन है। करीब 295 करोड़ रुपए के विकास कार्यों से क्षेत्र में आधारभूत सुविधाएं मजबूत होंगी और लोगों का जीवन अधिक सुगम बनेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के सभी क्षेत्रों के संतुलित और समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। सड़क, पेयजल, सिंचाई, स्वास्थ्य और अधोसंरचना से जुड़े कार्यों के माध्यम से लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
कई विभागों की परियोजनाएं शामिल
मुख्यमंत्री द्वारा लोकार्पित 159 कार्यों में जल संसाधन, वन विभाग, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, लोक निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, सीजीएमएससी, नगरीय प्रशासन तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की परियोजनाएं शामिल हैं।
वहीं 182 कार्यों के भूमिपूजन में जल संसाधन विभाग, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, लोक निर्माण विभाग, सीजीएमएससी, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल, नगरीय प्रशासन तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं।
विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना लक्ष्य
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि विकास कार्य केवल निर्माण परियोजनाएं नहीं होते, बल्कि लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का माध्यम बनते हैं। राज्य सरकार का उद्देश्य विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है और इसी सोच के साथ जनकल्याण तथा अधोसंरचना विकास के कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है।
उन्होंने विश्वास जताया कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से जिले में विकास की नई संभावनाएं पैदा होंगी और आम नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा।
कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, सांसद कमलेश जांगड़े तथा छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष सौरभ सिंह सहित जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
ख़बर छत्तीसगढ़
Jashpur Rail Project: इतिहास में पहली बार रेल मानचित्र पर उभरेगा जशपुर, धरमजयगढ़-पत्थलगांव-लोहरदगा रेल परियोजना को केंद्र की मंजूरी

Jashpur: जिले के लिए लंबे समय से प्रतीक्षित रेल संपर्क का सपना अब साकार होने की दिशा में बढ़ गया है। केंद्र सरकार के रेल मंत्रालय ने धरमजयगढ़-पत्थलगांव-लोहरदगा नई रेल लाइन परियोजना को विशेष रेल परियोजना के रूप में अधिसूचित कर दिया है। इसके साथ ही जशपुर को पहली बार राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से जोड़ने का रास्ता साफ हो गया है।
करीब 291.881 किलोमीटर लंबी यह रेल लाइन रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ से शुरू होकर जशपुर जिले के पत्थलगांव होते हुए झारखंड के लोहरदगा तक पहुंचेगी। परियोजना के लागू होने से जशपुर के सामाजिक, आर्थिक और औद्योगिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री साय ने जताया आभार
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस परियोजना को विशेष रेल परियोजना के रूप में अधिसूचित किए जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय जशपुर और पूरे उत्तर छत्तीसगढ़ के विकास के लिए ऐतिहासिक साबित होगा। लंबे समय से रेल संपर्क की प्रतीक्षा कर रहे क्षेत्र को इससे नई पहचान मिलेगी।
वनांचल क्षेत्र जुड़ेगा विकास की मुख्यधारा से
जशपुर जिला अब तक रेल संपर्क से वंचित रहा है। परिवहन के लिए लोगों को मुख्य रूप से सड़क मार्ग पर निर्भर रहना पड़ता था। नई रेल लाइन बनने से यात्रियों को सुरक्षित, सुलभ और किफायती परिवहन सुविधा मिलेगी। इसका लाभ विद्यार्थियों, किसानों, व्यापारियों, नौकरीपेशा लोगों और आम नागरिकों को सीधे तौर पर मिलेगा।
किसानों को मिलेगा बड़ा फायदा
रेल संपर्क स्थापित होने के बाद जशपुर के कृषि और उद्यानिकी उत्पादों को देश के बड़े बाजारों तक पहुंचाना आसान हो जाएगा। जैविक खेती, सुगंधित धान, मक्का, दलहन, सब्जियां और बागवानी उत्पादों के लिए प्रसिद्ध इस क्षेत्र के किसानों को बेहतर बाजार और बेहतर मूल्य मिलने की संभावना बढ़ेगी। परिवहन लागत कम होने से स्थानीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता भी मजबूत होगी।
पर्यटन को मिलेगी नई उड़ान
प्राकृतिक सौंदर्य, जलप्रपातों, घने जंगलों और धार्मिक स्थलों के लिए प्रसिद्ध जशपुर में रेल संपर्क से पर्यटन को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा। पर्यटकों की संख्या बढ़ने से होटल, परिवहन, हस्तशिल्प, स्थानीय उत्पादों और सेवा क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं होंगी सुलभ
नई रेल लाइन से विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा संस्थानों तक पहुंचने में सुविधा होगी। वहीं गंभीर मरीजों को बड़े शहरों के अस्पतालों तक जल्दी पहुंचाया जा सकेगा। इससे शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता में भी सुधार होगा।
रोजगार और निवेश की बढ़ेंगी संभावनाएं
परियोजना के निर्माण और संचालन के दौरान प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों रोजगार के अवसर सृजित होंगे। बेहतर कनेक्टिविटी के कारण औद्योगिक और व्यावसायिक निवेश भी बढ़ेगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में रेल, सड़क, ऊर्जा और अन्य आधारभूत अधोसंरचना परियोजनाओं के माध्यम से प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य तेजी से हो रहा है।
उन्होंने कहा धरमजयगढ़-पत्थलगांव-लोहरदगा रेल परियोजना इसी संकल्प का सशक्त उदाहरण है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना आने वाले वर्षों में जशपुर और आसपास के क्षेत्रों की तस्वीर और तकदीर दोनों बदलने की क्षमता रखती है।
ख़बर छत्तीसगढ़
Raipur: छत्तीसगढ़ में 16 जून से ही खुलेंगे स्कूल, 1 जुलाई से सत्र शुरू होने की खबर फर्जी, शिक्षा विभाग ने किया स्पष्ट

Raipur: छत्तीसगढ़ में शैक्षणिक सत्र 2026-27 को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही भ्रामक खबरों पर स्कूल शिक्षा विभाग ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। लोक शिक्षण संचालनालय ने कहा है कि राज्य की सभी शासकीय और अशासकीय स्कूलों में नया शैक्षणिक सत्र 16 जून 2026 से ही शुरू होगा। संचालक, लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा 12 जून 2026 को जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि प्रदेश के सभी विद्यालयों का नियमित संचालन निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 16 जून (मंगलवार) से प्रारंभ किया जाएगा।
1 जुलाई से स्कूल खुलने की खबर को बताया फर्जी
विभाग के संज्ञान में आया था कि सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर यह सूचना प्रसारित की जा रही है कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत 1 जुलाई 2026 से होगी। इस पर स्पष्टीकरण जारी करते हुए विभाग ने कहा कि ऐसी जानकारी पूरी तरह असत्य, भ्रामक और फर्जी है। लोक शिक्षण संचालनालय ने स्पष्ट किया है कि विद्यालय संचालन की अधिकृत तिथि 16 जून 2026 ही है और इसमें किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया गया है।
अभिभावकों और विद्यार्थियों से अपील
शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों, अभिभावकों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे केवल विभाग द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें। विभाग ने कहा कि सोशल मीडिया पर प्रसारित अपुष्ट और भ्रामक जानकारियों से बचें तथा किसी भी सूचना की पुष्टि आधिकारिक स्रोतों से ही करें। अधिकारियों के अनुसार, नए शैक्षणिक सत्र की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और प्रदेशभर के स्कूल 16 जून से नियमित रूप से संचालित होंगे।





















