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Chhattisgarh: मुख्यमंत्री साय ने ई-प्रगति पोर्टल का किया शुभारंभ, बोले- 5 विभाग एवं 5 जिलों को मिला मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार

Raipur: गुड गवर्नेंस कागजों पर नहीं, बल्कि जनता के जीवन में सकारात्मक बदलाव और अधिकारियों के काम-काज में दिखना चाहिए। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी नवा रायपुर में आयोजित मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार 2025-26 कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री साय ने सुशासन एवं अभिसरण विभाग द्वारा आयोजित मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार 2025-26 में सुशासन एवं नवाचारों के लिए 5 विभागों एवं 5 जिलों को मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार से सम्मानित किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने ई-प्रगति पोर्टल का भी शुभारंभ किया, जिसके माध्यम से अब छत्तीसगढ़ के सभी विभागों के 25 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाले निर्माण कार्यों की निगरानी की जाएगी। इस पोर्टल के माध्यम से निर्माण की मंजूरी से लेकर बजट, मजदूरी, भुगतान, एमआईएस, स्ट्रक्चर लेवल सहित सभी पहलुओं की मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा मॉनिटरिंग की जाएगी।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि गुड गवर्नेंस का उद्देश्य यह है कि समाज के अंतिम व्यक्ति को बुनियादी सेवाओं के लिए भटकना न पड़े। पंचायतों में शुरू किए गए अटल डिजिटल सेवा केंद्रों के माध्यम से ग्रामीणों को आधार, पेंशन, बैंकिंग और बिल भुगतान जैसी सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हो रही हैं। हमारी सरकार ने तकनीकी नवाचारों के माध्यम से नागरिकों तक सुशासन की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करने के लिए अनेक पहल की हैं। इसी क्रम में आज ई-प्रगति पोर्टल का शुभारंभ किया गया है, जिसका उद्देश्य राज्य की वृहद परियोजनाओं एवं योजनाओं के क्रियान्वयन को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध बनाना है।
इस पोर्टल से योजनाओं की प्रगति का डेटा रियल-टाइम में उपलब्ध होगा। सभी विभागों, जिला प्रशासन तथा मुख्यमंत्री कार्यालय के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा। इससे राज्य में ई-गवर्नेंस को और मजबूती मिलेगी तथा नागरिकों को योजनाओं का लाभ समय पर और सहज रूप से प्राप्त हो सकेगा। उन्होंने सभी कलेक्टरों, सचिवों एवं संबंधित अधिकारियों से योजनाओं की प्रगति को नियमित रूप से अपडेट करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमने देश का पहला सुशासन एवं अभिसरण विभाग बनाया है, जो सभी योजनाओं के समन्वय और प्रभावी क्रियान्वयन का केंद्र है। पिछले दो वर्षों में हमने 400 से अधिक नीतिगत सुधार किए, पुराने अनुपयोगी नियम-कानून समाप्त किए और कई में संशोधन किए। इन सुधारों से प्रदेशवासियों का जीवन सरल हुआ और प्रशासन अधिक कुशल बना। आज मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार के माध्यम से 5 जिलों और 5 विभागों के नवाचारी प्रयासों को सम्मानित किया गया है। इससे अच्छा कार्य करने वाले अधिकारी प्रोत्साहित होंगे। आगामी वर्ष से 8 अलग-अलग क्षेत्रों में यह पुरस्कार प्रदान किया जाएगा, जिनमें ई-गवर्नेंस, सेवा वितरण, ग्रामीण और शहरी विकास जैसे क्षेत्र शामिल होंगे। इससे स्पष्ट है कि छत्तीसगढ़ में नवाचार और सुशासन की एक सशक्त संस्कृति विकसित हो रही है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शासन में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए “पहल” और “प्रेरणा” योजनाएँ प्रारंभ की जा रही हैं। “पहल” से नए विचारों को सहयोग मिलेगा और “प्रेरणा” से सफल योजनाओं का विस्तार होगा। शीघ्र ही मुख्यमंत्री हेल्पलाइन भी प्रारंभ की जाएगी, जिससे शिकायत निवारण और जनभागीदारी मजबूत होगी। सेवाओं की उपलब्धता बेहतर बनाने के लिए प्रक्रियाओं का सरलीकरण किया जा रहा है और लोक सेवा गारंटी अधिनियम को LSG-2.0 के रूप में विकसित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बदलते दौर में तकनीक जीवनशैली का हिस्सा बन चुकी है। इसलिए हमने डिजिटल संसाधनों की शक्ति को पहचानते हुए तकनीक को सुशासन का प्रमुख हथियार बनाया है। सभी नागरिक सेवाओं को ऑनलाइन उपलब्ध कराना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। ई-ऑफिस ने सरकारी कामकाज में गति और पारदर्शिता दोनों सुनिश्चित की हैं। अब फाइलें हफ्तों-महीनों नहीं, बल्कि एक क्लिक पर आगे बढ़ती हैं। इससे कर्मचारियों और अधिकारियों की जवाबदेही भी तय हो रही है और भ्रष्टाचार की गुंजाइश कम हुई है। ई-ऑफिस मंत्रालय से प्रारंभ हुआ था और अब विभागाध्यक्ष कार्यालयों में भी लागू हो चुका है। आगामी कुछ महीनों में इसे सभी संभागों और जिलों में भी लागू किया जाएगा।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मुख्य सचिव विकास शील द्वारा ई-ऑफिस में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया जाना एक सराहनीय पहल है, जिससे कार्यसंस्कृति में सकारात्मक बदलाव आ रहा है। बायोमेट्रिक उपस्थिति को भी चरणबद्ध तरीके से सभी कार्यालयों में लागू किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि खनिज परिवहन की परमिट व्यवस्था को ऑनलाइन किया गया है, जिससे भ्रष्टाचार पर रोक लगी है और विकास कार्यों के लिए संसाधनों की सुरक्षा हुई है। इसी तरह शासकीय खरीदी को जेम पोर्टल से जोड़ा गया है, जिससे पारदर्शिता और प्रतिस्पर्धा बढ़ी है। उन्होंने अधिकारियों को खरीदी प्रक्रियाओं में समयबद्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि रजिस्ट्री विभाग में की गई 10 क्रांतिकारी पहल से अब नागरिक घर बैठे ही रजिस्ट्री कर पा रहे हैं। नई औद्योगिक नीति के तहत पिछले वर्ष 7.83 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 के माध्यम से निवेशकों को तेजी से स्वीकृति और क्लियरेंस दिए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से गांव-गांव जाकर 41 लाख आवेदनों का निराकरण किया गया। यह जनभागीदारी का सशक्त उदाहरण है।उन्होंने कहा कि सांसदों और विधायकों के पत्रों और आवेदनों का समय पर निराकरण होना चाहिए। अच्छे प्रशासन के लिए संवाद, समन्वय और फीडबैक आवश्यक हैं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कानून-व्यवस्था सुदृढ़ करने के साथ-साथ नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन आवश्यक है। सरकार के निर्णयों और उपलब्धियों का सही संचार भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ अंजोर विजन के अंतर्गत 2030 तक के लक्ष्यों की समीक्षा कर प्रदेश को समृद्ध और विकसित राज्य बनाने का स्पष्ट रोडमैप तैयार किया गया है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य सचिव विकास शील ने पुरस्कार प्रक्रिया में भाग लेने वाली सभी टीमों को बधाई दी।
जिला श्रेणी के विजेता नवाचार
दंतेवाड़ा जिले की “ब्लॉकचेन आधारित भूमि अभिलेख डिजिटलीकरण” पहल एक प्रमुख उदाहरण के रूप में सामने आई। इस नवाचार के माध्यम से मैनुअल और कागजी प्रक्रियाओं को समाप्त कर ब्लॉकचेन आधारित छेड़छाड़-रोधी प्रणाली लागू की गई, जिससे भूमि अभिलेख प्राप्त करने का समय हफ्तों से घटाकर कुछ ही मिनटों में संभव हो सका। इस पहल से दस्तावेज़ी धोखाधड़ी पूरी तरह समाप्त हुई और सेवा प्रदाय में अभूतपूर्व तेजी आई, जिसने आदिवासी और दूरस्थ क्षेत्रों में राजस्व प्रशासन के लिए एक नया मानक स्थापित किया।
जशपुर जिले की “निर्माण जशपुर” पहल ने यह दर्शाया कि एकीकृत डिजिटल मॉनिटरिंग किस प्रकार बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के क्रियान्वयन को प्रभावी बना सकती है। 16 विभागों की 7,300 से अधिक परियोजनाओं और 444 ग्राम पंचायतों को कवर करने वाली इस प्रणाली ने रियल-टाइम निगरानी, जियो-टैग्ड सत्यापन और GIS आधारित योजना को संभव बनाया, जिससे कार्यों की गुणवत्ता में सुधार हुआ और विलंब में उल्लेखनीय कमी आई।
मोहला–मानपुर–अंबागढ़ चौकी में लागू संवर्धित टेक-होम राशन (A-THR) नवाचार ने गंभीर कुपोषण जैसी चुनौती का प्रभावी समाधान प्रस्तुत किया। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के सहयोग से विकसित इस पोषण-घन आहार के माध्यम से गंभीर कुपोषित बच्चों में 77.5 प्रतिशत सुधार दर दर्ज की गई। यह पहल इस बात का उदाहरण है कि साक्ष्य-आधारित पोषण हस्तक्षेप बड़े पैमाने पर जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं।
गरियाबंद जिले की “हाथी ट्रैकिंग एवं अलर्ट ऐप” ने मानव–वन्यजीव संघर्ष को कम करने में तकनीक की भूमिका को सशक्त रूप से सामने रखा। AI आधारित ट्रैकिंग और रियल-टाइम अलर्ट व्यवस्था के माध्यम से मानव हताहतों की संख्या लगभग शून्य तक लाई गई, साथ ही फसल क्षति और मुआवजा बोझ में भी उल्लेखनीय कमी आई। राज्य के बाहर भी अपनाई जा चुकी यह पहल संघर्ष-संवेदनशील शासन का एक प्रभावी मॉडल बन चुकी है।
नारायणपुर जिले का “इंटिफाई इंटेलिजेंस टूल” आंतरिक सुरक्षा के क्षेत्र में डेटा एकीकरण की उपयोगिता को दर्शाता है। रियल-टाइम, जियो-स्पेशियल और पूर्वानुमान आधारित इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से 100 से अधिक नियोजित अभियानों का संचालन संभव हुआ, विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय बेहतर हुआ और वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में परिस्थितिजन्य जागरूकता को मजबूती मिली।
विभागीय श्रेणी के विजेता नवाचार
इसी तरह विभागीय श्रेणी में शिक्षा विभाग का “विद्या समीक्षा केंद्र (VSK)” डेटा-आधारित शिक्षा शासन का एक मजबूत स्तंभ बनकर उभरा। यह AI सक्षम प्लेटफॉर्म 56,000 से अधिक विद्यालयों, 2.83 लाख शिक्षकों और 57.5 लाख विद्यार्थियों की निगरानी करता है, जिससे ड्रॉपआउट की प्रारंभिक पहचान, संसाधनों का बेहतर उपयोग और साक्ष्य-आधारित निर्णय लेना संभव हो सका है।
वाणिज्य एवं उद्योग विभाग की “वन क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम” ने व्यवसाय सुगमता सुधार के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है। 16 विभागों की 136 सेवाओं को एकीकृत करते हुए इस प्रणाली ने अनुमोदन, प्रोत्साहन, शिकायत निवारण और निरीक्षण प्रक्रियाओं को सरल बनाया, जिससे विलंब कम हुआ और पारदर्शिता के साथ निवेशकों का विश्वास बढ़ा।
वाणिज्य कर (आबकारी) विभाग की समग्र ई-गवर्नेंस सुधार पहल ने राजस्व संग्रह और अनुपालन व्यवस्था को सुदृढ़ किया।एंड-टू-एंड डिजिटलीकरण, ट्रैक एंड ट्रेस प्रणाली और रियल-टाइम डैशबोर्ड के माध्यम से विभाग ने ₹5,425 करोड़ का राजस्व अर्जित किया और पारदर्शिता तथा नियामक निगरानी के नए मानक स्थापित किए।
वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की “FDS 2.0 – ई-कुबेर डिजिटल भुगतान प्रणाली” ने मैनुअल चेक आधारित प्रक्रियाओं को समाप्त कर पूर्णतः कैशलेस, RBI एकीकृत भुगतान व्यवस्था लागू की। इसके माध्यम से ₹1,776 करोड़ से अधिक के 18 लाख लेन-देन पूर्ण हुए, जिससे दूरस्थ और नक्सल प्रभावित वन क्षेत्रों में भी समय पर मजदूरी भुगतान, आजीविका सुरक्षा और पारदर्शी फंड प्रवाह सुनिश्चित हुआ।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा मनरेगा अंतर्गत लागू QR कोड आधारित सूचना स्वप्रकटीकरण व्यवस्था ने नागरिक-केंद्रित शासन को नई मजबूती दी। QR कोड के माध्यम से ग्रामीणों को वास्तविक समय की योजना जानकारी उपलब्ध कराकर इस पहल ने मध्यस्थों पर निर्भरता कम की और 11,000 से अधिक ग्राम पंचायतों में पारदर्शिता को सुदृढ़ किया।
कार्यक्रम में स्वागत उद्बोधन सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सचिव श्री राहुल भगत ने दिया तथा धन्यवाद ज्ञापन संयुक्त सचिव श्री मयंक अग्रवाल ने किया। इस अवसर पर डीजीपी श्री अरुण देव गौतम, अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, एससीएस गृह श्री मनोज पिंगुआ, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक, सुशासन एवं अभिसरण विभाग के संचालक श्री रजत बंसल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
इन सभी नवाचारों के माध्यम से यह स्पष्ट है कि छत्तीसगढ़ में शासन केवल योजनाओं के क्रियान्वयन तक सीमित नहीं है, बल्कि परिणामों, प्रभाव और नागरिक विश्वास पर केंद्रित एक नई प्रशासनिक संस्कृति विकसित हो रही है। मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार 2025–26 के अंतर्गत सम्मानित ये जिले और विभाग सुशासन, पारदर्शिता, तकनीकी नवाचार और जनकल्याण के नए मानक स्थापित कर रहे हैं। यह उपलब्धियाँ न केवल राज्य के प्रशासनिक तंत्र की क्षमता को दर्शाती हैं, बल्कि विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता और भविष्य के लिए स्पष्ट दृष्टि को भी सुदृढ़ करती हैं।
जिला श्रेणी के विजेता नवाचार
दंतेवाड़ा जिले की “ब्लॉकचेन आधारित भूमि अभिलेख डिजिटलीकरण” पहल एक प्रमुख उदाहरण के रूप में सामने आई। इस नवाचार के माध्यम से मैनुअल और कागजी प्रक्रियाओं को समाप्त कर ब्लॉकचेन आधारित छेड़छाड़-रोधी प्रणाली लागू की गई, जिससे भूमि अभिलेख प्राप्त करने का समय हफ्तों से घटाकर कुछ ही मिनटों में संभव हो सका। इस पहल से दस्तावेज़ी धोखाधड़ी पूरी तरह समाप्त हुई और सेवा प्रदाय में अभूतपूर्व तेजी आई, जिसने आदिवासी और दूरस्थ क्षेत्रों में राजस्व प्रशासन के लिए एक नया मानक स्थापित किया।
जशपुर जिले की “निर्माण जशपुर” पहल ने यह दर्शाया कि एकीकृत डिजिटल मॉनिटरिंग किस प्रकार बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के क्रियान्वयन को प्रभावी बना सकती है। 16 विभागों की 7,300 से अधिक परियोजनाओं और 444 ग्राम पंचायतों को कवर करने वाली इस प्रणाली ने रियल-टाइम निगरानी, जियो-टैग्ड सत्यापन और GIS आधारित योजना को संभव बनाया, जिससे कार्यों की गुणवत्ता में सुधार हुआ और विलंब में उल्लेखनीय कमी आई।
मोहला–मानपुर–अंबागढ़ चौकी में लागू संवर्धित टेक-होम राशन (A-THR) नवाचार ने गंभीर कुपोषण जैसी चुनौती का प्रभावी समाधान प्रस्तुत किया। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के सहयोग से विकसित इस पोषण-घन आहार के माध्यम से गंभीर कुपोषित बच्चों में 77.5 प्रतिशत सुधार दर दर्ज की गई। यह पहल इस बात का उदाहरण है कि साक्ष्य-आधारित पोषण हस्तक्षेप बड़े पैमाने पर जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं।
गरियाबंद जिले की “हाथी ट्रैकिंग एवं अलर्ट ऐप” ने मानव–वन्यजीव संघर्ष को कम करने में तकनीक की भूमिका को सशक्त रूप से सामने रखा। AI आधारित ट्रैकिंग और रियल-टाइम अलर्ट व्यवस्था के माध्यम से मानव हताहतों की संख्या लगभग शून्य तक लाई गई, साथ ही फसल क्षति और मुआवजा बोझ में भी उल्लेखनीय कमी आई। राज्य के बाहर भी अपनाई जा चुकी यह पहल संघर्ष-संवेदनशील शासन का एक प्रभावी मॉडल बन चुकी है।
नारायणपुर जिले का “इंटिफाई इंटेलिजेंस टूल” आंतरिक सुरक्षा के क्षेत्र में डेटा एकीकरण की उपयोगिता को दर्शाता है। रियल-टाइम, जियो-स्पेशियल और पूर्वानुमान आधारित इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से 100 से अधिक नियोजित अभियानों का संचालन संभव हुआ, विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय बेहतर हुआ और वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में परिस्थितिजन्य जागरूकता को मजबूती मिली।
विभागीय श्रेणी के विजेता नवाचार
इसी तरह विभागीय श्रेणी में शिक्षा विभाग का “विद्या समीक्षा केंद्र (VSK)” डेटा-आधारित शिक्षा शासन का एक मजबूत स्तंभ बनकर उभरा। यह AI सक्षम प्लेटफॉर्म 56,000 से अधिक विद्यालयों, 2.83 लाख शिक्षकों और 57.5 लाख विद्यार्थियों की निगरानी करता है, जिससे ड्रॉपआउट की प्रारंभिक पहचान, संसाधनों का बेहतर उपयोग और साक्ष्य-आधारित निर्णय लेना संभव हो सका है।
वाणिज्य एवं उद्योग विभाग की “वन क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम” ने व्यवसाय सुगमता सुधार के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है। 16 विभागों की 136 सेवाओं को एकीकृत करते हुए इस प्रणाली ने अनुमोदन, प्रोत्साहन, शिकायत निवारण और निरीक्षण प्रक्रियाओं को सरल बनाया, जिससे विलंब कम हुआ और पारदर्शिता के साथ निवेशकों का विश्वास बढ़ा।
वाणिज्य कर (आबकारी) विभाग की समग्र ई-गवर्नेंस सुधार पहल ने राजस्व संग्रह और अनुपालन व्यवस्था को सुदृढ़ किया।एंड-टू-एंड डिजिटलीकरण, ट्रैक एंड ट्रेस प्रणाली और रियल-टाइम डैशबोर्ड के माध्यम से विभाग ने ₹5,425 करोड़ का राजस्व अर्जित किया और पारदर्शिता तथा नियामक निगरानी के नए मानक स्थापित किए।
वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की “FDS 2.0 – ई-कुबेर डिजिटल भुगतान प्रणाली” ने मैनुअल चेक आधारित प्रक्रियाओं को समाप्त कर पूर्णतः कैशलेस, RBI एकीकृत भुगतान व्यवस्था लागू की। इसके माध्यम से ₹1,776 करोड़ से अधिक के 18 लाख लेन-देन पूर्ण हुए, जिससे दूरस्थ और नक्सल प्रभावित वन क्षेत्रों में भी समय पर मजदूरी भुगतान, आजीविका सुरक्षा और पारदर्शी फंड प्रवाह सुनिश्चित हुआ।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा मनरेगा अंतर्गत लागू QR कोड आधारित सूचना स्वप्रकटीकरण व्यवस्था ने नागरिक-केंद्रित शासन को नई मजबूती दी। QR कोड के माध्यम से ग्रामीणों को वास्तविक समय की योजना जानकारी उपलब्ध कराकर इस पहल ने मध्यस्थों पर निर्भरता कम की और 11,000 से अधिक ग्राम पंचायतों में पारदर्शिता को सुदृढ़ किया।
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Chhattisgarh: किसानों को धान खरीदी की अंतर की राशि होली से पहले मिलेगी, जी राम जी योजना’ में मिलेगा 125 दिन का रोजगार- मुख्यमंत्री साय

Raipur: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए कहा कि राज्य सरकार सुशासन, विकास और सुरक्षा के संकल्प के साथ तेजी से आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार पर कड़े प्रहार किए गए हैं और कई आरोपी जेल में हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत दो वर्षों में करीब 7 करोड़ पौधे लगाए गए हैं। भारतीय वन संरक्षण, देहरादून की रिपोर्ट के अनुसार राज्य में वन एवं वृक्ष आवरण में 683 वर्ग किमी की वृद्धि दर्ज की गई है।
नक्सलवाद पर निर्णायक लड़ाई
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ रही है और 31 मार्च तक इसके समूल उन्मूलन की उम्मीद है। बस्तर में अब स्कूल, अस्पताल और विकास कार्य तेजी से बढ़ रहे हैं। पुनर्वास नीति के तहत बड़ी संख्या में नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है।
किसानों और ग्रामीण विकास पर फोकस
- 21 क्विंटल प्रति एकड़ तक धान की खरीदी ₹3100 प्रति क्विंटल
- अंतर की राशि होली से पहले किसानों को मिलेगी
- ‘जी राम जी योजना’ में 125 दिन का रोजगार (मनरेगा से अधिक)
- सिंचाई परियोजनाओं के लिए 10,700 करोड़ रुपए स्वीकृत
आवास और अधोसंरचना
- प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 10 महीनों में 5 लाख से अधिक आवास पूर्ण
- रेल सेक्टर में 51 हजार करोड़ से अधिक की परियोजनाएं प्रगति पर
- अमृत स्टेशन योजना के तहत 32 रेलवे स्टेशपनों का आधुनिकीकरण
- 500 नए मोबाइल टावर स्वीकृत
ऊर्जा और डिजिटल गवर्नेंस
- हाफ बिजली बिल से आगे बढ़कर मुफ्त बिजली की दिशा में प्रयास
- प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत 27 हजार से अधिक घर सौर ऊर्जा से रोशन
- ई-ऑफिस प्रणाली लागू, फाइलों का डिजिटल निपटारा
- सुशासन एवं अभिसरण विभाग का गठन
स्वास्थ्य और शिक्षा
- 5 नए मेडिकल कॉलेज (मनेंद्रगढ़, कबीरधाम, जांजगीर-चांपा, दंतेवाड़ा, कुनकुरी)
- एम्स रायपुर में रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत
- आयुष्मान भारत योजना के तहत 4551 करोड़ रुपए का भुगतान
- ग्रामीण स्कूलों में शिक्षकों की युक्तियुक्त पदस्थापना
सांस्कृतिक और पर्यटन पहल
- बस्तर पंडुम में 54 हजार कलाकारों का पंजीयन
- नया रायपुर ट्राइबल म्यूजियम में बढ़ी पर्यटक संख्या
- रामलला दर्शन योजना से 42 हजार लोग लाभान्वित
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Chhattisgarh Budget 2026-27: 1.72 लाख करोड़ का ‘संकल्प’ बजट पेश, किसानों को ब्याज मुक्त कर्ज और बालिकाओं को ₹1.5 लाख

Chhattisgarh Budget 2026-27: छत्तीसगढ़ विधानसभा में वित्त मंत्री OP Choudhary ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1 लाख 72 हजार करोड़ रुपए का बजट पेश किया। ‘संकल्प’ थीम पर आधारित इस बजट में किसानों, महिलाओं, युवाओं और आदिवासी क्षेत्रों के लिए कई बड़ी घोषणाएं की गईं। राज्य सरकार का यह तीसरा बजट है, जो ‘ज्ञान’ और ‘गति’ के बाद अब ‘संकल्प’ थीम पर केंद्रित है।
छत्तीसगढ़ विधानसभा में वित्त मंत्री OP Choudhary ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1 लाख 72 हजार करोड़ रुपए का बजट पेश किया। ‘संकल्प’ थीम पर आधारित इस बजट में किसानों, महिलाओं, युवाओं और आदिवासी क्षेत्रों के लिए कई बड़ी घोषणाएं की गईं। राज्य सरकार का यह तीसरा बजट है, जो ‘ज्ञान’ और ‘गति’ के बाद अब ‘संकल्प’ थीम पर केंद्रित है। सरकार ने आदिवासी अंचलों पर विशेष ध्यान दिया है।
किसानों और बालिकाओं के लिए बड़ी घोषणाएं
- किसानों को ब्याज मुक्त कर्ज देने की घोषणा
- 18 वर्ष पूर्ण करने पर बालिकाओं को ₹1.5 लाख की सहायता
- गन्ना किसानों के लिए ₹60 करोड़ बोनस प्रावधान
- खाद्य सुरक्षा के लिए ₹6500 करोड़ का प्रावधान
स्वास्थ्य और शिक्षा पर बड़ा खर्च
- रायपुर में 200 बिस्तर का मातृ-शिशु अस्पताल
- मनेंद्रगढ़-चिरमिरी में जिला अस्पताल
- दंतेवाड़ा, मनेंद्रगढ़, कबीरधाम, जांजगीर-चांपा और कुनकुरी में नए मेडिकल कॉलेज
- आयुष्मान योजना के लिए ₹1500 करोड़
- राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के लिए ₹2000 करोड़
- स्कूल शिक्षा विभाग को सर्वाधिक ₹22 हजार करोड़
बस्तर-सरगुजा पर फोकस
- अबूझमाड़ और जगरगुंडा में 2 एजुकेशन सिटी (₹100 करोड़)
- बस्तर एवं सरगुजा विकास प्राधिकरण के लिए ₹75 करोड़
- धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के लिए ₹200 करोड़
- 1500 बस्तर फाइटर्स पदों का सृजन
- मैनपाट पर्यटन विकास के लिए ₹5 करोड़
5 बड़े मिशन लॉन्च
- मुख्यमंत्री एआई मिशन
- मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन
- मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन
- मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन
- मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं निपुण मिशन
हर मिशन के लिए ₹100 करोड़ का प्रावधान रखा गया है।
उद्योग और अधोसंरचना
- 23 नए औद्योगिक पार्क (₹250 करोड़)
- 5 प्रमुख शहरों के एयरपोर्ट पर छत्तीसगढ़ी उत्पादों के शोरूम
- 15 नए थाने खोले जाएंगे
- ई-वाहनों पर सब्सिडी
- नवा रायपुर में राष्ट्रीय तीरंदाजी अकादमी
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Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ की फाइनल वोटर लिस्ट जारी, प्रदेश में अब 1.87 करोड़ मतदाता, 2.34 लाख नए नाम जुड़े

Raipur: छत्तीसगढ़ में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत दावे-आपत्तियों की प्रक्रिया पूरी होने के बाद फाइनल वोटर लिस्ट जारी कर दी गई है। 21 फरवरी 2026 को जारी अंतिम मतदाता सूची के अनुसार प्रदेश में अब कुल 1 करोड़ 87 लाख 30 हजार 914 मतदाता हो गए हैं। ड्राफ्ट प्रकाशन के बाद कुल 2 लाख 34 हजार 994 मतदाताओं की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वहीं अंतिम सूची में 1 लाख 8 हजार 807 नाम हटाए गए हैं।
किस जिले में कितने नाम कटे?
सबसे ज्यादा नाम रायपुर में कटे, जहां लगभग 30 हजार मतदाताओं को सूची से हटाया गया। कोरबा में 15 हजार और Durg में करीब 7 हजार नाम हटाए गए। हटाए गए नामों में मृतक, स्थायी रूप से स्थानांतरित और डुप्लीकेट मतदाता शामिल हैं।
दुर्ग में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी
अंतिम प्रकाशन के बाद सबसे ज्यादा करीब 30 हजार नए मतदाता दुर्ग जिले में जुड़े हैं। वहीं रायपुर में सबसे कम 521 नए नाम जुड़े हैं।ड्राफ्ट से पहले राज्य में 2 करोड़ 12 लाख 30 हजार 737 मतदाता थे। ड्राफ्ट प्रकाशन के बाद यह संख्या घटकर 1 करोड़ 84 लाख 95 हजार 920 रह गई थी, जो अब बढ़कर 1 करोड़ 87 लाख 30 हजार 914 हो गई है।
4 महीने चला SIR अभियान
- 27 अक्टूबर 2025 से शुरू हुआ अभियान राज्य के 33 जिलों में मिशन मोड पर चलाया गया
- 27,196 बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) ने घर-घर सर्वे किया
- करीब 1.84 करोड़ मतदाताओं के गणना फॉर्म का डिजिटलीकरण किया गया
- मृत, स्थानांतरित और डुप्लीकेट नामों की पहचान कर सूची अपडेट की गई
- 23 दिसंबर 2025 से 22 जनवरी 2026 तक दावे-आपत्तियां ली गईं और 14 फरवरी 2026 तक सभी आवेदनों का निराकरण किया गया
राजनीतिक दलों को उपलब्ध कराई गई सूची
मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को प्रत्येक जिले में अंतिम मतदाता सूची की दो प्रतियां (एक फोटोयुक्त प्रिंटेड और एक बिना फोटो सॉफ्ट कॉपी) निशुल्क उपलब्ध कराई गई हैं।
ऑनलाइन ऐसे चेक करें अपना नाम
मतदाता सूची सभी मतदान केंद्रों और निर्धारित स्थानों पर उपलब्ध है। इसके अलावा जिला निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट Chief Electoral Officer Chhattisgarh की आधिकारिक वेबसाइट https://ceochhattisgarh.nic.in मतदाता यहां अपना नाम, विधानसभा और अन्य विवरण जांच सकते हैं।
नाम कट गया तो क्या करें?
- नया नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म-6 भरें
- संशोधन या स्थानांतरण के लिए फॉर्म-8 भरें
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Jashpur: CM विष्णुदेव साय ने बच्चों के बीच मनाया 62वां जन्मदिन, जगन्नाथ मंदिर में पूजा कर प्रदेश की खुशहाली की कामना

Jashpur: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने अपना 62वां जन्मदिन जशपुर जिले में सादगी और आत्मीयता के साथ मनाया। इस अवसर पर उन्होंने जहां बगिया स्थित बालक आश्रम के बच्चों के बीच पहुंचकर खुशियां बांटी, वहीं दोकड़ा के ऐतिहासिक Shri Jagannath Temple Dokda में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।
बच्चों के साथ पारिवारिक माहौल में जन्मदिन
मुख्यमंत्री जब बगिया स्थित बालक आश्रम पहुंचे तो बच्चों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी। बच्चे दौड़कर उनके पास आए और माहौल कुछ ही पलों में पारिवारिक उत्सव में बदल गया। मुख्यमंत्री ने बच्चों के साथ केक काटा, उनसे बातचीत की, उनके नाम पूछे और पढ़ाई व सपनों के बारे में जाना। उन्होंने बच्चों को अपने हाथों से केक और चॉकलेट खिलाई तथा सिर पर हाथ फेरकर आशीर्वाद दिया। मुख्यमंत्री ने कहा, “आप सबकी मुस्कान ही मेरे जन्मदिन का सबसे बड़ा उपहार है।” उनके इन शब्दों ने बच्चों के मन में आत्मीयता और विश्वास का भाव भर दिया।
जगन्नाथ मंदिर में की विशेष पूजा
अपने जन्मदिन के अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने दोकड़ा स्थित प्राचीन श्री जगन्नाथ मंदिर पहुंचकर भगवान श्री जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इस दौरान उनकी धर्मपत्नी कौशल्या साय और परिवार के अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे।उन्होंने मंदिर परिसर में परिक्रमा कर प्रदेशवासियों के स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि और निरंतर प्रगति की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनकल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और प्रदेश के विकास के लिए शासन पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रहा है।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की उपस्थिति
इस अवसर पर विधायक गोमती साय, कमिश्नर नरेंद्र दुग्गा, आईजी दीपक कुमार झा, कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उम्मेद सिंह सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री का यह जन्मदिन समारोह सादगी, संवेदनशीलता और जनसंपर्क का प्रतीक बन गया, जिसने बच्चों और स्थानीय नागरिकों के मन में गहरी छाप छोड़ी।
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CG Teacher Recruitment: छत्तीसगढ़ में 5000 शिक्षकों की भर्ती का विज्ञापन जल्द, सहायक शिक्षक से व्याख्याता तक पद, व्यापम कराएगा परीक्षा

CG Teacher Recruitment: छत्तीसगढ़ में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर है। स्कूल शिक्षा विभाग जल्द ही 5,000 पदों पर भर्ती का विज्ञापन जारी करने जा रहा है। इन पदों में सहायक शिक्षक, शिक्षक, व्याख्याता और सहायक शिक्षक विज्ञान (प्रयोगशाला) शामिल हैं। राज्य सरकार ने परीक्षा आयोजन के लिए Chhattisgarh Professional Examination Board (छत्तीसगढ़ व्यापम) को अधिकृत किया है। विभाग ने भर्ती से संबंधित सभी औपचारिकताएं पूरी कर आवश्यक दस्तावेज व्यापम को सौंप दिए हैं।
फरवरी 2026 में भर्ती प्रक्रिया शुरू होने की तैयारी है। चयन लिखित परीक्षा के माध्यम से किया जाएगा। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद यह कदम राज्य के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए उठाया गया है।
हजारों युवाओं को मिलेगा मौका
इस भर्ती से प्रदेश के हजारों युवाओं को सरकारी सेवा में अवसर मिलेगा। अलग-अलग योग्यता वाले अभ्यर्थियों के लिए अलग पद तय किए गए हैं, जिससे व्यापक स्तर पर रोजगार के अवसर बनेंगे। सरकार का मानना है कि इससे न सिर्फ बेरोजगार युवाओं को राहत मिलेगी, बल्कि स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था भी मजबूत होगी।
2023 भर्ती प्रक्रिया पूरी
स्कूल शिक्षा विभाग की शिक्षक सीधी भर्ती 2023 की प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है। पांचवें चरण में माननीय न्यायालय के निर्देशानुसार सेवा समाप्त किए गए 2621 बी.एड. अर्हताधारियों के स्थान पर डी.एड. अर्हताधारी अभ्यर्थियों को नियुक्ति का अवसर दिया गया है। विभाग जल्द ही विस्तृत दिशा-निर्देश और पात्रता संबंधी जानकारी जारी करेगा। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे आधिकारिक सूचना का इंतजार करें और नियमित रूप से व्यापम की वेबसाइट पर अपडेट देखते रहें।















