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CG News: राष्ट्रपति मुर्मू में कोटा में बच्चों की आत्महत्या पर जताई चिंता, बोलीं- प्रतिस्पर्धा को सकारात्मक रूप से लेना चाहिए

CG News(Raipur): राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु आज अपने दो दिवसीय छत्तीसगढ़ प्रवास पर राजधानी रायपुर पहुंचीं। स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर छत्तीसगढ़ के राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राष्ट्रपति मुर्मु का आत्मीय स्वागत किया। एयरपोर्ट पर ही राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु राजधानी के गायत्री नगर स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर पहुंची। यहां उन्होंने भगवान जगन्नाथ, बलभद्र जी तथा सुभद्रा जी के दर्शन किए। यहां उन्होंने देशवासियों की सुख-समृद्धि एवं निरंतर प्रगति की कामना की।
कोटा में बच्चों की आत्महत्या पर जताई चिंता
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के वार्षिक परियोजना सकारात्मक परिवर्तन वर्ष का शुभारंभ करने पहुंची हैं। शांति सरोवर रिट्रीट सेंटर रायपुर में हो रहे समारोह में अपने संबोधन में राष्ट्रपति मुर्मू ने राजस्थान के कोटा में नीट की तैयारी कर रहे बच्चों की आत्महत्या पर चिंता व्यक्त की। राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि ‘कुछ दिन पहले नीट की तैयारी कर रहे दो विद्यार्थियों ने अपने जीवन, अपने सपनों, अपने भविष्य का अंत कर दिया। ऐसी घटनाएं नहीं होनी चाहिए, बल्कि हमें प्रतिस्पर्धा को सकारात्मक रूप से लेना चाहिए हार-जीत तो होती रहती है। राष्ट्रपति ने कहा कि बच्चों पर Competition का प्रेशर है, जितना जरूरी उनका करियर है, उतना ही जरूरी है कि वे जीवन की चुनौतियों का सामना कर सकें।
राष्ट्रपति ने दिए कुछ सुझाव
1.दिन का कुछ समय मोबाइल से दूर रहकर भी बिताएं।
2.साइंस और टेक्नोलॉजी के साथ आध्यात्मिकता को भी जोड़ें, तो जीवन आसान हो जाएगा।
3.अपनी रुचि के साथ सकारात्मक कार्य करते रहिए। ऐसे लोगों के साथ रहिए, जो आपको सही रास्ता दिखा सके।
4.धैर्य सुख का रास्ता है। यह कठिन है,लेकिन अभ्यास से यह रास्ता भी सहज हो जाता है।
ऐसा लगा जैसे कोई अपना, अपने ही घर आया-मुख्यमंत्री भूपेश बघेल
मुख्यमंत्री बघेल ने ब्रम्हकुमारी सेवा सरोवर में आयोजित सकारात्मक परिवर्तन वर्ष 2023 के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, कि आज पूरे देश की मुखिया के आगमन से हम छत्तीसगढ़ के लोग विशेष आत्मीयता का अनुभव कर रहे हैं। ऐसा लग रहा है जैसे कोई अपना, अपने ही घर आया है। यह प्रदेश एक आदिवासी प्रदेश है, अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के लोग भी बहुत बड़ी संख्या में यहां निवास करते हैं। यह प्रदेश किसानों का प्रदेश है, यह वंचितों का प्रदेश है। सभी वंचितों को न्याय मिले, यह संविधान की भावना है। आप संविधान की रक्षक हैं, आपके आगमन से छत्तीसगढ़ के लोग बहुत सुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
समय की आवश्यकता के अनुसार समाज में परिवर्तन आवश्यक- राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन
समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन ने कहा कि ‘सकारात्मक परिवर्तन का मतलब ऐसे परिवर्तन से है, जिसका लाभ व्यक्ति, परिवार, समाज और राष्ट्र को हो। जब कोई समाज सकारात्मक बदलाव को अपनाता है तब वह और अधिक मजबूत हो जाता है। हम सभी जानते हैं कि परिवर्तन प्रकृति का नियम है। जो रूढ़िवादी और परंपरावादी समाज अपनी मान्यताओं और परंपराओं को बदलना नहीं चाहता वह मुख्यधारा से कट जाता है। समय और आवश्यकता के अनुसार समाज में परिवर्तन आवश्यक हो जाता है। जब तूफान चलता है तो वही पेड़ सुरक्षित रहता है जो झुकना जानता है। इसलिए हमें परिस्थितियों के अनुसार ढलना चाहिए।
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Chhattisgarh: भारतनेट के तहत छत्तीसगढ़ को ₹3,942 करोड़ की मंजूरी, 11,682 ग्राम पंचायतें होंगी कनेक्ट

Raipur: छत्तीसगढ़ को डिजिटल आधारभूत संरचना के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि मिली है। भारत सरकार के संचार मंत्रालय ने संशोधित भारतनेट प्रोग्राम (Amended BharatNet Program – ABP) के तहत राज्य के लिए ₹3,942 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की है। इस महत्वाकांक्षी योजना के जरिए प्रदेश की 11,682 ग्राम पंचायतों को रिंग टोपोलॉजी आधारित नेटवर्क से जोड़ा जाएगा, जिससे ग्रामीण इलाकों में तेज, सुरक्षित और निर्बाध डिजिटल कनेक्टिविटी सुनिश्चित की जा सकेगी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसे ग्रामीण डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि डिजिटल कनेक्टिविटी केवल इंटरनेट सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विकसित छत्तीसगढ़ की नई जीवनरेखा बनेगी। रिंग टोपोलॉजी आधारित नेटवर्क संरचना से सेवाओं की विश्वसनीयता बढ़ेगी और नेटवर्क फेल होने की स्थिति में भी वैकल्पिक मार्ग से कनेक्टिविटी जारी रहेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना के माध्यम से ई-गवर्नेंस सेवाओं का दायरा बढ़ेगा, ऑनलाइन शिक्षा को मजबूती मिलेगी और टेलीमेडिसिन के जरिए दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंच सकेंगी। साथ ही, ग्रामीण युवाओं, स्टार्टअप्स और उद्यमियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़कर रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। इससे गांवों को डिजिटल अर्थव्यवस्था की मुख्यधारा से जोड़ा जा सकेगा।
मुख्यमंत्री ने इस स्वीकृति के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से छत्तीसगढ़ डिजिटल रूप से सशक्त, सुरक्षित और आत्मनिर्भर राज्य के रूप में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
राज्य सरकार का मानना है कि इस परियोजना के पूर्ण होने के बाद प्रशासनिक पारदर्शिता, सेवा वितरण की गति और ग्रामीण विकास के मानकों में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा। डिजिटल नेटवर्क को मजबूत कर छत्तीसगढ़ ‘विकसित भारत’ की अवधारणा में महत्वपूर्ण योगदान देने की दिशा में अग्रसर है।
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Raipur: ‘होली गिले-शिकवे भुलाने का पर्व’, रायपुर प्रेस क्लब के रंगोत्सव में झूमे सीएम विष्णु देव साय, बजाया नगाड़ा

Raipur: राजधानी में आयोजित रायपुर प्रेस क्लब के होली मिलन समारोह “रंगोत्सव” और “महामूर्ख सम्मेलन 2026” में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शामिल हुए। इस मौके पर उन्होंने प्रदेशवासियों को होली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि सद्भाव, अपनत्व और गिले-शिकवे भुलाकर संबंधों को मजबूत करने का पर्व है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रायपुर प्रेस क्लब में पर्वों को मिल-जुलकर मनाने की गौरवशाली परंपरा रही है। वर्षों से होली मिलन और सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से सामाजिक सद्भाव को सशक्त किया जा रहा है। उन्होंने प्रेस क्लब परिवार का आभार जताते हुए कामना की कि यह उत्सव सभी के जीवन में नई ऊर्जा, सकारात्मकता और उत्साह लेकर आए।
समारोह में मुख्यमंत्री का स्वागत अनोखे अंदाज में किया गया। प्रेस क्लब के सदस्यों ने उन्हें मिर्ची की माला पहनाई और त्रिशूलनुमा पिचकारी भेंट की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने होली विशेषांक ‘सेंसलेस टाइम्स’ का विमोचन भी किया। कार्यक्रम में उत्साह का चरम उस समय देखने को मिला जब मुख्यमंत्री ने स्वयं नगाड़ा बजाकर माहौल में रंग घोल दिया। नगाड़े की थाप पर पत्रकारों और अतिथियों ने तालियां बजाकर उत्साह व्यक्त किया।
ढोल-नगाड़ों और फाग गीतों की धुन पर मुख्यमंत्री भी पत्रकार साथियों के साथ उत्सव में शामिल हुए। पूरे आयोजन में संगीत, संस्कृति और भाईचारे का सुंदर संगम नजर आया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार पंकज झा, सलाहकार आर कृष्णा दास, सांसद संतोष पांडेय, विधायक सुनील सोनी, मोतीलाल साहू और प्रेस क्लब अध्यक्ष मोहन तिवारी सहित बड़ी संख्या में पत्रकार, जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
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Naxal Surrender: 15 माओवादियों ने किया सरेंडर, ‘नक्सल-मुक्त बस्तर’ की ओर बड़ा कदम, सीएम विष्णु देव साय बोले- सुशासन पर बढ़ा भरोसा

Naxal Surrender Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में नक्सल मोर्चे पर सरकार को बड़ी सफलता मिली है। महासमुंद जिले के सीमावर्ती क्षेत्र में सक्रिय 15 सशस्त्र माओवादियों ने हिंसा का रास्ता छोड़ मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया। मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने इसे ‘नक्सल-मुक्त बस्तर’ के सपने की दिशा में अहम पड़ाव बताया और कहा कि सुशासन, सुरक्षा और विकास की नीति पर लोगों का विश्वास लगातार बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभावी पुनर्वास नीति, सुरक्षा बलों की सतत कार्रवाई और विकास कार्यों के विस्तार का सकारात्मक परिणाम अब सामने आ रहा है। आत्मसमर्पण करने वालों में 9 महिलाएं और 6 पुरुष शामिल हैं, जिन पर कुल 73 लाख रुपए का इनाम घोषित था। सभी ने हथियारों के साथ आत्मसमर्पण किया है। सरकार का मानना है कि यह कदम इस बात का संकेत है कि भटके हुए युवा लोकतंत्र और विकास की राह पर लौटना चाहते हैं।
साय ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व और केंद्रीय गृहमंत्री Amit Shah के मार्गदर्शन में देशभर में नक्सलवाद के उन्मूलन की दिशा में निर्णायक कार्रवाई हो रही है। राज्य सरकार केंद्र के साथ समन्वय बनाकर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा के साथ-साथ आधारभूत अधोसंरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसरों का तेजी से विस्तार कर रही है।
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि सरकार का अटल संकल्प भयमुक्त और विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण करना है। उन्होंने मुख्यधारा में लौटे युवाओं का स्वागत करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और भरोसा दिलाया कि पुनर्वास नीति के तहत उन्हें हर संभव सहयोग दिया जाएगा।
बस्तर संभाग में लगातार हो रही कार्रवाइयों और सरेंडर की बढ़ती संख्या को सरकार ‘विकसित छत्तीसगढ़’ की दिशा में सकारात्मक संकेत मान रही है। प्रशासन का दावा है कि सुरक्षा और विकास की दोहरी रणनीति से नक्सल प्रभाव वाले इलाकों में हालात तेजी से बदल रहे हैं।
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Chhattisgarh: किसानों के खातों में 10,324 करोड़ ट्रांसफर, CM विष्णु देव साय ने होली से पहले दी बड़ी सौगात

Bilaspur: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज बिलासपुर जिले के रहंगी (बिल्हा विकासखंड) से वर्चुअल माध्यम से प्रदेशभर के किसानों से संवाद करते हुए 25.28 लाख किसानों के खातों में 10,324 करोड़ रुपए से अधिक की राशि टांसफर की। यह राशि कृषक उन्नति योजना के तहत दी गई। बिलासपुर जिले के 1,25,352 किसानों को 494.38 करोड़ रुपए मिले। मुख्यमंत्री ने कहा कि होली से पहले किसानों को यह सौगात देकर सरकार ने उनके सम्मान और समृद्धि के संकल्प को दोहराया है।
263 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात
- कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 15.99 करोड़ के 7 कार्यों का लोकार्पण
- 247.18 करोड़ के 82 कार्यों का शिलान्यास
- कुल 263.17 करोड़ रुपए के 89 विकास कार्यों से जिले को नई रफ्तार मिलने की बात कही।
किसानों के लिए क्या-क्या घोषणाएं?
- धान बेचने वाले किसानों को अंतर की राशि
- शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण सुविधा
- किसान क्रेडिट कार्ड का विस्तार
- भूमिहीन कृषि मजदूरों को भी सहायता
- खाद पर सब्सिडी और सिंचाई विस्तार
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में धान की सर्वाधिक कीमत दी जा रही है और इस बार बारदाने की कोई समस्या नहीं आई।
PM ने इन योजनाओं का जिक्र
मुख्यमंत्री ने बताया कि नरेंद्र मोदी द्वारा किसानों को 6000 रुपए सम्मान निधि दी जा रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पहली कैबिनेट में 18 लाख आवास स्वीकृत किए गए थे। उन्होंने कहा कि मार्च 2026 तक नक्सलवाद समाप्त करने का लक्ष्य है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री Amit Shah के संकल्प के अनुरूप है।
सामाजिक घोषणाएं
- सतनामी समाज के सामुदायिक भवन हेतु 50 लाख रुपए
- पत्थरखान में आदिवासी समाज के भवन हेतु 50 लाख रुपए
- चकरभाटा PHC का CHC में उन्नयन
- मंगला स्कूल का हाई स्कूल में उन्नयन
- रहंगी खेल मैदान में बाउंड्रीवॉल और स्टेज निर्माण
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Chhattisgarh: किसानों को धान खरीदी की अंतर की राशि होली से पहले मिलेगी, जी राम जी योजना’ में मिलेगा 125 दिन का रोजगार- मुख्यमंत्री साय

Raipur: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए कहा कि राज्य सरकार सुशासन, विकास और सुरक्षा के संकल्प के साथ तेजी से आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार पर कड़े प्रहार किए गए हैं और कई आरोपी जेल में हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत दो वर्षों में करीब 7 करोड़ पौधे लगाए गए हैं। भारतीय वन संरक्षण, देहरादून की रिपोर्ट के अनुसार राज्य में वन एवं वृक्ष आवरण में 683 वर्ग किमी की वृद्धि दर्ज की गई है।
नक्सलवाद पर निर्णायक लड़ाई
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ रही है और 31 मार्च तक इसके समूल उन्मूलन की उम्मीद है। बस्तर में अब स्कूल, अस्पताल और विकास कार्य तेजी से बढ़ रहे हैं। पुनर्वास नीति के तहत बड़ी संख्या में नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है।
किसानों और ग्रामीण विकास पर फोकस
- 21 क्विंटल प्रति एकड़ तक धान की खरीदी ₹3100 प्रति क्विंटल
- अंतर की राशि होली से पहले किसानों को मिलेगी
- ‘जी राम जी योजना’ में 125 दिन का रोजगार (मनरेगा से अधिक)
- सिंचाई परियोजनाओं के लिए 10,700 करोड़ रुपए स्वीकृत
आवास और अधोसंरचना
- प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 10 महीनों में 5 लाख से अधिक आवास पूर्ण
- रेल सेक्टर में 51 हजार करोड़ से अधिक की परियोजनाएं प्रगति पर
- अमृत स्टेशन योजना के तहत 32 रेलवे स्टेशपनों का आधुनिकीकरण
- 500 नए मोबाइल टावर स्वीकृत
ऊर्जा और डिजिटल गवर्नेंस
- हाफ बिजली बिल से आगे बढ़कर मुफ्त बिजली की दिशा में प्रयास
- प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत 27 हजार से अधिक घर सौर ऊर्जा से रोशन
- ई-ऑफिस प्रणाली लागू, फाइलों का डिजिटल निपटारा
- सुशासन एवं अभिसरण विभाग का गठन
स्वास्थ्य और शिक्षा
- 5 नए मेडिकल कॉलेज (मनेंद्रगढ़, कबीरधाम, जांजगीर-चांपा, दंतेवाड़ा, कुनकुरी)
- एम्स रायपुर में रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत
- आयुष्मान भारत योजना के तहत 4551 करोड़ रुपए का भुगतान
- ग्रामीण स्कूलों में शिक्षकों की युक्तियुक्त पदस्थापना
सांस्कृतिक और पर्यटन पहल
- बस्तर पंडुम में 54 हजार कलाकारों का पंजीयन
- नया रायपुर ट्राइबल म्यूजियम में बढ़ी पर्यटक संख्या
- रामलला दर्शन योजना से 42 हजार लोग लाभान्वित
















