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CG Election 2023: 17 नवंबर को दूसरे चरण में 958 उम्मीदवार होंगे मैदान में, 1.63 करोड़ से अधिक मतदाता डालेंगे वोट

CG Election 2023(Raipur): छत्तीसगढ़ में विधानसभा आम निर्वाचन के लिए दूसरे चरण में 17 नवंबर को 70 विधानसभा क्षेत्रों में वोट डाले जाएंगे। दूसरे चरण में 70 विधानसभा क्षेत्रों में कुल 958 उम्मीदवार मैदान में हैं। राज्य के कुल एक करोड़ 63 लाख 14 हजार 479 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल इन उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे। इनमें 81 लाख 41 हजार 624 पुरुष मतदाता, 81 लाख 72 हजार 171 महिला मतदाता तथा 684 तृतीय लिंग मतदाता शामिल हैं।
सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक होगा मतदान
दूसरे चरण की 70 विधानसभा सीटों पर मतदान के लिए सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक का समय निर्धारित किया गया है। केवल बिन्द्रानवागढ़ विधानसभा क्षेत्र के नौ मतदान केंद्रों कामरभौदी, आमामोरा, ओढ, बड़े गोबरा, गंवरगांव, गरीबा, नागेश, सहबीनकछार और कोदोमाली में सुबह सात बजे से दोपहर तीन बजे तक मतदान होगा। इनके अलावा बिन्द्रानवागढ़ के शेष मतदान केंद्रों में अन्य 69 विधानसभा क्षेत्रों की तरह सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक वोट डाले जाएंगे।
इन 70 विधानसभा क्षेत्रों में होगा मतदान
विधानसभा आम निर्वाचन के लिए दूसरे चरण में भरतपुर-सोनहट, मनेन्द्रगढ़, बैकुंठपुर, प्रेमनगर, भटगांव, प्रतापपुर, रामानुजगंज, सामरी, लुण्ड्रा, अम्बिकापुर, सीतापुर, जशपुर, कुनकुरी, पत्थलगांव, लैलूंगा, रायगढ़, सारंगढ़, खरसिया, धर्मजयगढ़, रामपुर, कोरबा, कटघोरा, पाली-तानाखार, मरवाही, कोटा, लोरमी, मुंगेली, तखतपुर, बिल्हा, बिलासपुर, बेलतरा, मस्तूरी, अकलतरा, जांजगीर-चांपा, सक्ती, चंद्रपुर, जैजैपुर, पामगढ़, सराईपाली, बसना, खल्लारी, महासमुंद, बिलाईगढ़, कसडोल, बलौदाबाजार, भाटापारा, धरसींवा, रायपुर ग्रामीण, रायपुर नगर पश्चिम, रायपुर नगर उत्तर, रायपुर नगर दक्षिण, आरंग, अभनपुर, राजिम, बिन्द्रानवागढ़, सिहावा, कुरूद, धमतरी, संजारी-बालोद, डौंडीलोहारा, गुण्डरदेही, पाटन, दुर्ग ग्रामीण, दुर्ग शहर, भिलाई नगर, वैशाली नगर, अहिवारा, साजा, बेमेतरा और नवागढ़ विधानसभा क्षेत्रों में वोट डाले जाएंगे।
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Chhattisgarh: रायगढ़ में शुरू हुई अत्याधुनिक FSL लैब, अब स्थानीय स्तर पर होगी वैज्ञानिक जांच, पुलिस विवेचना होगी तेज

Raigarh: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में सुशासन तिहार के दौरान मुख्यमंत्री साय ने क्षेत्रीय न्यायिक विज्ञान प्रयोगशाला (FSL लैब) का शुभारंभ किया। राजामहल के पास शुरू हुई इस अत्याधुनिक प्रयोगशाला से रायगढ़, सक्ती और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिलों की पुलिस जांच व्यवस्था को बड़ी मजबूती मिलेगी।
नई लैब शुरू होने के बाद हत्या, दुष्कर्म, आत्महत्या और NDPS जैसे गंभीर मामलों की वैज्ञानिक जांच के लिए नमूनों को बिलासपुर भेजने की जरूरत काफी हद तक खत्म हो जाएगी। इससे जांच प्रक्रिया तेज होगी और मामलों के निपटारे में तेजी आएगी।
मुख्यमंत्री बोले- वैज्ञानिक जांच अपराध नियंत्रण का सबसे प्रभावी माध्यम
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार कानून व्यवस्था को आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक जांच प्रणाली से मजबूत बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि आज के समय में केवल पारंपरिक तरीकों से अपराधों की जांच संभव नहीं है और फॉरेंसिक जांच अपराधियों तक पहुंचने का सबसे प्रभावी माध्यम बन चुकी है। उन्होंने कहा कि रायगढ़ में अत्याधुनिक FSL लैब शुरू होने से पुलिस को बड़ी सुविधा मिलेगी और अपराध अनुसंधान अधिक प्रभावी होगा।
मोबाइल फॉरेंसिक यूनिट से भी मिलेगी ताकत
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने इसे रायगढ़ जिले के लिए ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि अब स्थानीय स्तर पर वैज्ञानिक परीक्षण होने से पुलिस को समय पर जांच रिपोर्ट मिलेगी और पीड़ितों को जल्द न्याय मिल सकेगा। सरकार के अनुसार अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक यूनिट के जरिए पुलिस विवेचना और भी मजबूत होगी। इससे मौके पर ही तकनीकी साक्ष्य जुटाने और विश्लेषण करने में मदद मिलेगी।
अब स्थानीय स्तर पर होंगे अधिकांश परीक्षण
अब तक ब्लड सैंपल, विसरा, स्लाइड, मादक पदार्थ, केमिकल और अल्कोहल जांच के लिए पुलिस को बिलासपुर स्थित लैब पर निर्भर रहना पड़ता था। इससे जांच में देरी होती थी। लेकिन रायगढ़ में क्षेत्रीय FSL लैब शुरू होने के बाद अधिकांश परीक्षण स्थानीय स्तर पर ही संभव होंगे, जिससे विवेचना की समय-सीमा कम होगी और लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आएगी।
कार्यक्रम में लोकसभा सांसद राधेश्याम राठिया, राज्यसभा सांसद देवेन्द्र प्रताप सिंह, नगर निगम रायगढ़ के महापौर जीवर्धन चौहान, कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
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Chhattisgarh: जनगणना 2027 की तैयारी में छत्तीसगढ़ आगे, 60% से ज्यादा मकान सूचीकरण पूरा, GPM जिला बना नंबर-1

Census 2027: प्रदेश में जनगणना 2027 की तैयारियां तेज़ी से आगे बढ़ रही हैं। राज्य में मकान सूचीकरण ब्लॉकों (HLB) के गठन और सत्यापन का काम 60% से अधिक पूरा हो चुका है। आधिकारिक रिपोर्ट के मुताबिक अब तक कुल 48,742 ब्लॉकों में से 29,602 ब्लॉकों का कार्य पूरा कर लिया गया है, जो कुल लक्ष्य का 60.73% है। राज्य सरकार ने इस प्रगति को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की ‘सुशासन नीति’ और डिजिटल मॉनिटरिंग व्यवस्था का असर बताया है।
GPM जिला 100% लक्ष्य हासिल कर बना नंबर-1
राज्य में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिला सबसे आगे रहा है। जिले ने अपने सभी 528 मकान सूचीकरण ब्लॉकों का कार्य 100% पूरा कर राज्य में पहला स्थान हासिल किया है। इसके बाद जशपुर (99.87%) और मोहला- मानपुर-अंबागढ़ चौकी (99.84%) जिले भी पूर्णता के बेहद करीब हैं। इसके अलावा बेमेतरा (97.8%) और मुंगेली (96.52%) जिलों में भी काम लगभग खत्म होने की कगार पर है।
मुख्यमंत्री ने टीमों को दी बधाई
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जिला प्रशासन और मैदानी प्रगणकों को बधाई देते हुए कहा कि सटीक जनगणना ही भविष्य की विकास योजनाओं और जनकल्याणकारी नीतियों की मजबूत नींव बनेगी। उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीकों का उपयोग कर तय समय में काम पूरा करना सराहनीय है। साथ ही बड़े शहरों और नगर निगम क्षेत्रों में धीमी प्रगति पर चिंता जताते हुए अधिकारियों को मैदानी मॉनिटरिंग बढ़ाने के निर्देश दिए।
कलेक्टर बोले- माइक्रो प्लानिंग से मिली सफलता
GPM कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन ने कहा कि दुर्गम और आदिवासी बहुल क्षेत्र होने के बावजूद माइक्रो प्लानिंग और रोजाना डिजिटल मॉनिटरिंग की मदद से जिला ‘शून्य पेंडेंसी’ तक पहुंचा। उन्होंने कहा कि प्रगणकों, पर्यवेक्षकों और जिला प्रशासन की टीम भावना के कारण 17 मई की मध्यरात्रि तक 100% लक्ष्य हासिल कर लिया गया।
बड़े शहरों की रफ्तार धीमी
एक तरफ जहां ग्रामीण और दूरस्थ जिलों ने बाजी मारी है, वहीं राज्य के बड़े शहरों और नगर निगम (Municipal Corporation) क्षेत्रों में काम की रफ्तार चिंताजनक रूप से धीमी दर्ज की गई है। रायगढ़ नगर निगम सूची में सबसे निचले पायदान पर है, जहां महज 4.65% काम ही पूरा हो सका है। औद्योगिक हब भिलाई नगर में केवल 7.84% और रिसाली में 8.33% कार्य ही संपन्न हुआ है। राजधानी रायपुर की बात करें तो यहां कुल 1,964 ब्लॉकों में से केवल 203 ही पूरे हो पाए हैं, जो कि कुल लक्ष्य का मात्र 10.34% है। कि राहत की बात यह है कि अधिकांश जिलों में काम शुरू हो चुका है और प्रशासन ने बचे हुए कार्यों को तेजी से पूरा करने के लिए विशेष नोडल अधिकारियों की तैनाती के निर्देश दिए हैं।
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Raipur: छत्तीसगढ़ सरकार का खर्चों पर सख्त नियंत्रण, विदेश यात्राओं पर रोक, वर्चुअल बैठकों और EV को बढ़ावा

Raipur: छत्तीसगढ़ सरकार ने शासकीय खर्चों में कटौती और वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए नए निर्देश जारी किए हैं। वित्त विभाग द्वारा जारी आदेशों के तहत सरकारी संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग, अनावश्यक खर्चों पर रोक और डिजिटल कार्यप्रणाली को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है। वित्त विभाग के सचिव रोहित यादव द्वारा जारी ये निर्देश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं और 30 सितंबर 2026 तक प्रभावी रहेंगे। निर्देश सभी विभागों, संभागीय आयुक्तों, कलेक्टरों और विभागाध्यक्षों को भेजे गए हैं।
कारकेड और ईंधन खर्च पर नियंत्रण
सरकार ने मुख्यमंत्री, मंत्रिपरिषद, निगम-मंडल और आयोगों के पदाधिकारियों के कारकेड में केवल जरूरी वाहनों के उपयोग के निर्देश दिए हैं। साथ ही पेट्रोल और डीजल पर होने वाले खर्च को न्यूनतम रखने के लिए वाहन पूलिंग व्यवस्था लागू करने को कहा गया है।
इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा
राज्य के सरकारी वाहनों को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक वाहनों में बदलने की तैयारी की जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे ईंधन खर्च कम होगा और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
विदेश यात्राओं पर रोक
नई गाइडलाइन के अनुसार अत्यंत जरूरी परिस्थितियों को छोड़कर सरकारी खर्च पर विदेश यात्राओं पर रोक रहेगी। किसी भी आवश्यक विदेशी दौरे के लिए मुख्यमंत्री की पूर्व अनुमति अनिवार्य होगी।
ऑनलाइन बैठकों पर जोर
वित्त विभाग ने भौतिक बैठकों की जगह वर्चुअल और ऑनलाइन बैठकों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। विभागीय समीक्षा बैठकें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित होंगी और फिजिकल मीटिंग्स को यथासंभव महीने में एक बार तक सीमित रखा जाएगा।
बिजली और कागज बचाने पर फोकस
निर्देशों में कार्यालयीन समय के बाद सभी लाइट, पंखे, एसी और कंप्यूटर बंद रखने को अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा बैठकों में प्रिंटेड दस्तावेजों की जगह PDF और PPT जैसे डिजिटल दस्तावेजों के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जाएगा।
साथ ही कार्यालयीन पत्राचार और नोटशीट को अनिवार्य रूप से e-Office के माध्यम से संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि कागज और स्टेशनरी खर्च में कमी लाई जा सके।
iGOT कर्मयोगी पोर्टल पर जोर
सरकार ने प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए भौतिक ट्रेनिंग की जगह iGOT Karmayogi पोर्टल के अधिकतम उपयोग के निर्देश दिए हैं। विभागों से अपने प्रशिक्षण पाठ्यक्रम इस पोर्टल पर अपलोड करने को कहा गया है। सरकार का मानना है कि इन उपायों से न केवल खर्चों में कमी आएगी, बल्कि प्रशासनिक दक्षता और जवाबदेही में भी सुधार होगा।
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Raipur: छत्तीसगढ़ में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं, अफवाहों से बचें, जरूरत अनुसार ही ईंधन लें- CM विष्णुदेव साय

Raipur: छत्तीसगढ़ में पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता को लेकर फैल रही आशंकाओं के बीच मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने प्रदेशवासियों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि राज्य में ईंधन का पर्याप्त भंडारण उपलब्ध है और सभी ऑयल डिपो में नियमित रूप से सप्लाई जारी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार और ऑयल कंपनियां पूरी समन्वय व्यवस्था के साथ स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद भारत सरकार ने ईंधन आपूर्ति को लेकर जरूरी तैयारियां की हैं और किसी प्रकार की कमी की स्थिति नहीं है।
जरूरत अनुसार ही लें ईंधन
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi ने भी देशवासियों से अनावश्यक खरीदारी और भंडारण से बचने की अपील की है। उन्होंने लोगों से संयम और जिम्मेदारी दिखाने का आग्रह करते हुए कहा कि केवल आवश्यकता अनुसार ही पेट्रोल-डीजल लें और किसी भी भ्रामक सूचना या अफवाह से दूर रहें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों की जागरूकता, सहयोग और संयम से छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में ईंधन व्यवस्था सुचारू बनी रहेगी। उन्होंने नागरिकों से राष्ट्रहित में सकारात्मक सोच और जिम्मेदार व्यवहार अपनाने की अपील भी की।
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Raipur: राजधानी को जल्द मिलेगी ट्रैफिक से राहत, कचना ओवर-ब्रिज का 96% काम पूरा, जल्द शुरू होगा यातायात

Raipur: राजधानी रायपुर में खम्हारडीह-कचना रेलवे क्रॉसिंग पर बन रहा बहुप्रतीक्षित रेलवे ओवर-ब्रिज अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। उप मुख्यमंत्री और लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने गुरुवार को निर्माणाधीन ओवर-ब्रिज का निरीक्षण कर अधिकारियों और निर्माण एजेंसी को जल्द से जल्द काम पूरा करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान उप मुख्यमंत्री ने ओवर-ब्रिज पर पैदल चलकर तकनीकी मानकों की जानकारी ली और यहां बेहतर गुणवत्ता की लाइटिंग व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस दौरान लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल, प्रमुख अभियंता V. K. Bhatpahari और सेतु संभाग के मुख्य अभियंता एसके कोरी भी मौजूद रहे।
जल्द खुलेगा ओवर-ब्रिज, हजारों लोगों को मिलेगी राहत
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि कचना ओवर-ब्रिज का करीब 96 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है और शेष काम तेजी से किया जा रहा है। ओवर-ब्रिज शुरू होने के बाद रायपुर शहर और आसपास के गांवों के हजारों लोगों को रेलवे फाटक बंद होने और ट्रैफिक जाम की समस्या से राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार राजधानी की यातायात व्यवस्था को बेहतर, तेज और व्यवस्थित बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। कचना ओवर-ब्रिज इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण परियोजना है, जिसका लंबे समय से लोग इंतजार कर रहे थे।
49 करोड़ की लागत से बन रहा पुल
लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के मुताबिक रायपुर-वाल्टेयर रेलवे लाइन पर खम्हारडीह और कचना के बीच लगभग 49 करोड़ रुपए की लागत से यह रेलवे ओवर-ब्रिज बनाया जा रहा है। पुल के रेलवे हिस्से के साथ दोनों ओर पहुंच मार्ग और संरचना का काम पूरा हो चुका है। फिलहाल पेंटिंग और फिनिशिंग का काम चल रहा है। इसके बाद नाली निर्माण और लाइटिंग कार्य शुरू किया जाएगा। ओवर-ब्रिज शुरू होने के बाद इस रूट पर यातायात अधिक व्यवस्थित और तेज होने की उम्मीद है।

















