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CG Cabinet: शहीद के आश्रित को अब दूसरे विभाग में भी मिल सकेगी अनुकंपा नियुक्ति, सोलर पैनल के लिए राज्य सरकार देगी सब्सिडी

Raipur: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां सिविल लाईन स्थित उनके निवास कार्यालय में आयोजित कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। मंत्रिपरिषद ने अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति सूची में तकनीकी कारणों से शामिल होने से वंचित जातियों को प्राप्त होने वाली कतिपय सुविधाएं के संबंध में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए डिहारी कोरवा, बघेल क्षत्री, संसारी उरांव तथा पबिया, पविया, पवीया समाज के विद्यार्थियों को अनुसूचित जनजाति के समतुल्य एवं डोमरा जाति के विद्यार्थियों को अनुसूचित जाति के समतुल्य राज्य मद से मात्र राज्य छात्रवृत्ति तथा शिष्यवृत्ति प्रदान किये जाने एवं छात्रावास-आश्रमों में स्वीकृत सीट के अधीन प्रवेश दिए जाने की सुविधा प्रदान करने की सहमति दी है।
शहीद के आश्रित को दूसरे विभागों में भी मिल सकेगी अनुकंपा नियुक्ति
मंत्रिपरिषद द्वारा शहीद पुलिसकर्मियों के सर्वाेच्च बलिदान को ध्यान में रखते हुए अनुकंपा नियुक्ति हेतु जारी एकजाई पुनरीक्षित निर्देश-2013 की कंडिका 13 (3) में संशोधन करते हुए निर्णय लिया है कि- नक्सली हिंसा में शहीद पुलिस सेवकों के प्रकरण में उनके परिवार के किसी भी पात्र सदस्य (महिला या पुरुष) को विकल्प के आधार पर पुलिस विभाग के अलावा, किसी अन्य विभाग में, राज्य के किसी भी जिला, संभाग में अनुकंपा नियुक्ति दी जा सकेगी। पहले अनुकंपा नियुक्ति यथासंभव उसी विभाग या कार्यालय में देने की व्यवस्था थी, जिसमें दिवंगत शासकीय सेवक निधन के पूर्व कार्यरत था।
सोलर पैनल लगाने के लिए राज्य सरकार देगी 30 हजार तक सब्सिडी
मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ में अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा देने और बिजली उपभोक्ताओं को आर्थिक लाभ पहुंचाने के लिए प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना अंतर्गत घर की छतों में सोलर रूफटॉप संयंत्र की स्थापना में राज्य शासन द्वारा उपभोक्ताओं को वित्तीय सहायता दिए जाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) के माध्यम से पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत घरेलू उपभोक्ताओं के घरों पर सोलर रूफटॉप संयंत्र लगाने पर केंद्रीय वित्तीय सहायता के साथ-साथ राज्य की ओर से अतिरिक्त वित्तीय सहायता भी दी जाएगी, जो सोलर प्लांट की क्षमता (1 किलोवाट, 2 किलोवाट, 3 किलोवाट और उससे अधिक) के आधार पर अलग-अलग होगी।
उदाहरण के लिए, 1 किलोवाट प्लांट के लिए कुल 45,000 रुपए, (30,000 रुपए केंद्रीय और 15,000 रुपए राज्य सहायता) जबकि 3 किलोवाट या उससे अधिक के प्लांट के लिए 1,08,000 रुपए (78,000 रुपए केंद्रीय और 30,000 रुपए राज्य सहायता) की मदद मिलेगी। हाउसिंग सोसाइटी/रेसिडेंशियल वेलफेयर एसोसिएशन के लिए भी इसी तरह की सहायता प्रस्तावित की गई है। यह अनुदान राशि CSPDCL को अग्रिम रूप से मिलेगी और वही इसे लाभार्थियों को देगी। वर्ष 2025-26 में 60,000 और 2026-27 में 70,000 सोलर पावर प्लांट की स्थापना का लक्ष्य रखा गया है। इससे वित्तीय वर्ष 2025-26 में 180 करोड़ एवं 2026-27 में 210 करोड़ रुपए का वित्तीय भार आएगा।
CSPDCL इस योजना की कार्यान्वयन एजेंसी होगी और नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE), भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार इसे लागू करेगी। कंपनी इस योजना के संचालन के लिए एक अलग बैंक खाता खोलेगी, जिसमें सब्सिडी की राशि रखी जाएगी और उसका हिसाब-किताब किया जाएगा। राज्य वित्तीय सहायता उन घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता से दी जाएगी जिनके सोलर प्लांट का ग्रिड सिंक्रोनाइजेशन 1 अप्रैल 2025 या उसके बाद हुआ है।
‘छत्तीसगढ़ टाइगर फाउंडेशन’ सोसायटी का होगा गठन
मंत्रिपरिषद ने राज्य में वन्यजीव, खासकर बाघों के संरक्षण और ईको-पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण पहल करते हुए ‘‘छत्तीसगढ़ टाइगर फाउंडेशन सोसायटी‘‘ का गठन करने का निर्णय लिया है। यह सोसायटी वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत काम करेगी। मध्य प्रदेश में यह 1996 से संचालित है। इसका मुख्य लक्ष्य छत्तीसगढ़ में लगातार घट रही बाघों की आबादी (फिलहाल लगभग 18-20) को बचाना है। यह संस्था स्व-वित्तपोषित होगी, जिससे सरकारी खजाने पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा। यह सहयोग देने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं से फंड जुटाएगी।
यह सोसायटी बाघों और अन्य वन्यजीवों के संरक्षण से जुड़ी गतिविधियों में सीधे शामिल होगी। यह स्थानीय समुदाय की भागीदारी से ईको-टूरिज्म को बढ़ावा देगी, जिससे न केवल पर्यटन बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोज़गार और आय के अवसर भी पैदा होंगे। साथ ही, यह पर्यावरणीय शिक्षा, अनुसंधान और प्रशिक्षण को प्रोत्साहित करेगी, जिससे भविष्य के संरक्षणवादी तैयार होंगे। इस पहल से संरक्षण के लिए बाहरी धन, विशेषज्ञता और संसाधन मिलेंगे, जिससे स्थानीय समुदायों को रोज़गार के नए अवसर मिलेंगे और राज्य का पर्यावरणीय संतुलन बना रहेगा। यह छत्तीसगढ़ में वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित होगी, जो जैव विविधता की रक्षा के साथ-साथ ईको-टूरिज्म को भी मजबूत आधार देगी।
कैबिनेट के अन्य महत्वपूर्ण निर्णय
1.मंत्रिपरिषद द्वारा अशासकीय अनुदान प्राप्त शिक्षण संस्था ‘‘रामकृष्ण मिशन आश्रम नारायणपुर की सहयोगी संस्था ‘‘विवेकानंद इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल हेल्थ वेलफेयर एवं सेवाएं, छत्तीसगढ़ (विश्वास)‘‘ को रामकृष्ण मिशन आश्रम नारायणपुर में अंतर्भूत (मर्ज) करने का अनुमोदन किया गया।
2.उद्यानिकी महाविद्यालय (उद्यानिकी विश्वविद्यालय) की स्थापना के लिए बेमेतरा जिले के साजा तहसील अंतर्गत बेलगांव में राजगामी संपदा की 94.290 हेक्टेयर भूमि में से 100 एकड़ भूमि उद्यानिकी विभाग को निःशुल्क प्रदान करने का निर्णय लिया गया।
3.जशपुर जिले में महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा हर्बल व महुआ चाय जैसे पारंपरिक उत्पाद ‘JashPure’ ब्रांड के तहत तैयार किए जा रहे हैं। इन उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने और विपणन को बढ़ावा देने हेतु इस ब्रांड को राज्य शासन अथवा CSIDC को हस्तांतरित करने के प्रस्ताव का मंत्री परिषद ने अनुमोदन किया है।
4.ब्रांड हस्तांतरण से एग्रो व फूड प्रोसेसिंग इकाइयों को बढ़ावा मिलेगा, स्थानीय कच्चे माल की मांग बढ़ेगी और आदिवासी महिलाओं को रोजगार के अधिक अवसर मिलेंगे। ट्रेडमार्क हस्तांतरण से राज्य पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ेगा।
5. मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य में गौण खनिजों के सुव्यवस्थित अन्वेषण, पूर्वेक्षण एवं अधोसंरचना के विकास के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए ‘‘स्टेट मिनरल एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट‘‘ (एसएमईटी) के गठन की अधिसूचना के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।
6.छत्तीसगढ़ में स्टेट मिनिरल एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट के तहत समस्त गौण खनिजों से प्राप्त होने वाली रॉयल्टी 2 प्रतिशत राशि अतिरिक्त रूप से एसएमईटी फंड में जमा की जाएगी। जिसका उपयोग गौण खनिजों के अन्वेषण, अधोसंरचना विकास में उच्च तकनीकों का उपयोग, इन्फॉर्मेशन सिस्टिम, लॉजिस्टिक सपोर्ट, मानव संसाधनों के उन्नयन आदि में किया जा सकेगा। भारत सरकार के नेशनल मिनिरल एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट की तर्ज पर राज्य में स्टेट मिनिरल एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट का गठन किया जाएगा।
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Chhattisgarh: किसानों को धान खरीदी की अंतर की राशि होली से पहले मिलेगी, जी राम जी योजना’ में मिलेगा 125 दिन का रोजगार- मुख्यमंत्री साय

Raipur: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए कहा कि राज्य सरकार सुशासन, विकास और सुरक्षा के संकल्प के साथ तेजी से आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार पर कड़े प्रहार किए गए हैं और कई आरोपी जेल में हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत दो वर्षों में करीब 7 करोड़ पौधे लगाए गए हैं। भारतीय वन संरक्षण, देहरादून की रिपोर्ट के अनुसार राज्य में वन एवं वृक्ष आवरण में 683 वर्ग किमी की वृद्धि दर्ज की गई है।
नक्सलवाद पर निर्णायक लड़ाई
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ रही है और 31 मार्च तक इसके समूल उन्मूलन की उम्मीद है। बस्तर में अब स्कूल, अस्पताल और विकास कार्य तेजी से बढ़ रहे हैं। पुनर्वास नीति के तहत बड़ी संख्या में नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है।
किसानों और ग्रामीण विकास पर फोकस
- 21 क्विंटल प्रति एकड़ तक धान की खरीदी ₹3100 प्रति क्विंटल
- अंतर की राशि होली से पहले किसानों को मिलेगी
- ‘जी राम जी योजना’ में 125 दिन का रोजगार (मनरेगा से अधिक)
- सिंचाई परियोजनाओं के लिए 10,700 करोड़ रुपए स्वीकृत
आवास और अधोसंरचना
- प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 10 महीनों में 5 लाख से अधिक आवास पूर्ण
- रेल सेक्टर में 51 हजार करोड़ से अधिक की परियोजनाएं प्रगति पर
- अमृत स्टेशन योजना के तहत 32 रेलवे स्टेशपनों का आधुनिकीकरण
- 500 नए मोबाइल टावर स्वीकृत
ऊर्जा और डिजिटल गवर्नेंस
- हाफ बिजली बिल से आगे बढ़कर मुफ्त बिजली की दिशा में प्रयास
- प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत 27 हजार से अधिक घर सौर ऊर्जा से रोशन
- ई-ऑफिस प्रणाली लागू, फाइलों का डिजिटल निपटारा
- सुशासन एवं अभिसरण विभाग का गठन
स्वास्थ्य और शिक्षा
- 5 नए मेडिकल कॉलेज (मनेंद्रगढ़, कबीरधाम, जांजगीर-चांपा, दंतेवाड़ा, कुनकुरी)
- एम्स रायपुर में रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत
- आयुष्मान भारत योजना के तहत 4551 करोड़ रुपए का भुगतान
- ग्रामीण स्कूलों में शिक्षकों की युक्तियुक्त पदस्थापना
सांस्कृतिक और पर्यटन पहल
- बस्तर पंडुम में 54 हजार कलाकारों का पंजीयन
- नया रायपुर ट्राइबल म्यूजियम में बढ़ी पर्यटक संख्या
- रामलला दर्शन योजना से 42 हजार लोग लाभान्वित
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Chhattisgarh Budget 2026-27: 1.72 लाख करोड़ का ‘संकल्प’ बजट पेश, किसानों को ब्याज मुक्त कर्ज और बालिकाओं को ₹1.5 लाख

Chhattisgarh Budget 2026-27: छत्तीसगढ़ विधानसभा में वित्त मंत्री OP Choudhary ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1 लाख 72 हजार करोड़ रुपए का बजट पेश किया। ‘संकल्प’ थीम पर आधारित इस बजट में किसानों, महिलाओं, युवाओं और आदिवासी क्षेत्रों के लिए कई बड़ी घोषणाएं की गईं। राज्य सरकार का यह तीसरा बजट है, जो ‘ज्ञान’ और ‘गति’ के बाद अब ‘संकल्प’ थीम पर केंद्रित है।
छत्तीसगढ़ विधानसभा में वित्त मंत्री OP Choudhary ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1 लाख 72 हजार करोड़ रुपए का बजट पेश किया। ‘संकल्प’ थीम पर आधारित इस बजट में किसानों, महिलाओं, युवाओं और आदिवासी क्षेत्रों के लिए कई बड़ी घोषणाएं की गईं। राज्य सरकार का यह तीसरा बजट है, जो ‘ज्ञान’ और ‘गति’ के बाद अब ‘संकल्प’ थीम पर केंद्रित है। सरकार ने आदिवासी अंचलों पर विशेष ध्यान दिया है।
किसानों और बालिकाओं के लिए बड़ी घोषणाएं
- किसानों को ब्याज मुक्त कर्ज देने की घोषणा
- 18 वर्ष पूर्ण करने पर बालिकाओं को ₹1.5 लाख की सहायता
- गन्ना किसानों के लिए ₹60 करोड़ बोनस प्रावधान
- खाद्य सुरक्षा के लिए ₹6500 करोड़ का प्रावधान
स्वास्थ्य और शिक्षा पर बड़ा खर्च
- रायपुर में 200 बिस्तर का मातृ-शिशु अस्पताल
- मनेंद्रगढ़-चिरमिरी में जिला अस्पताल
- दंतेवाड़ा, मनेंद्रगढ़, कबीरधाम, जांजगीर-चांपा और कुनकुरी में नए मेडिकल कॉलेज
- आयुष्मान योजना के लिए ₹1500 करोड़
- राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के लिए ₹2000 करोड़
- स्कूल शिक्षा विभाग को सर्वाधिक ₹22 हजार करोड़
बस्तर-सरगुजा पर फोकस
- अबूझमाड़ और जगरगुंडा में 2 एजुकेशन सिटी (₹100 करोड़)
- बस्तर एवं सरगुजा विकास प्राधिकरण के लिए ₹75 करोड़
- धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के लिए ₹200 करोड़
- 1500 बस्तर फाइटर्स पदों का सृजन
- मैनपाट पर्यटन विकास के लिए ₹5 करोड़
5 बड़े मिशन लॉन्च
- मुख्यमंत्री एआई मिशन
- मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन
- मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन
- मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन
- मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं निपुण मिशन
हर मिशन के लिए ₹100 करोड़ का प्रावधान रखा गया है।
उद्योग और अधोसंरचना
- 23 नए औद्योगिक पार्क (₹250 करोड़)
- 5 प्रमुख शहरों के एयरपोर्ट पर छत्तीसगढ़ी उत्पादों के शोरूम
- 15 नए थाने खोले जाएंगे
- ई-वाहनों पर सब्सिडी
- नवा रायपुर में राष्ट्रीय तीरंदाजी अकादमी
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Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ की फाइनल वोटर लिस्ट जारी, प्रदेश में अब 1.87 करोड़ मतदाता, 2.34 लाख नए नाम जुड़े

Raipur: छत्तीसगढ़ में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत दावे-आपत्तियों की प्रक्रिया पूरी होने के बाद फाइनल वोटर लिस्ट जारी कर दी गई है। 21 फरवरी 2026 को जारी अंतिम मतदाता सूची के अनुसार प्रदेश में अब कुल 1 करोड़ 87 लाख 30 हजार 914 मतदाता हो गए हैं। ड्राफ्ट प्रकाशन के बाद कुल 2 लाख 34 हजार 994 मतदाताओं की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वहीं अंतिम सूची में 1 लाख 8 हजार 807 नाम हटाए गए हैं।
किस जिले में कितने नाम कटे?
सबसे ज्यादा नाम रायपुर में कटे, जहां लगभग 30 हजार मतदाताओं को सूची से हटाया गया। कोरबा में 15 हजार और Durg में करीब 7 हजार नाम हटाए गए। हटाए गए नामों में मृतक, स्थायी रूप से स्थानांतरित और डुप्लीकेट मतदाता शामिल हैं।
दुर्ग में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी
अंतिम प्रकाशन के बाद सबसे ज्यादा करीब 30 हजार नए मतदाता दुर्ग जिले में जुड़े हैं। वहीं रायपुर में सबसे कम 521 नए नाम जुड़े हैं।ड्राफ्ट से पहले राज्य में 2 करोड़ 12 लाख 30 हजार 737 मतदाता थे। ड्राफ्ट प्रकाशन के बाद यह संख्या घटकर 1 करोड़ 84 लाख 95 हजार 920 रह गई थी, जो अब बढ़कर 1 करोड़ 87 लाख 30 हजार 914 हो गई है।
4 महीने चला SIR अभियान
- 27 अक्टूबर 2025 से शुरू हुआ अभियान राज्य के 33 जिलों में मिशन मोड पर चलाया गया
- 27,196 बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) ने घर-घर सर्वे किया
- करीब 1.84 करोड़ मतदाताओं के गणना फॉर्म का डिजिटलीकरण किया गया
- मृत, स्थानांतरित और डुप्लीकेट नामों की पहचान कर सूची अपडेट की गई
- 23 दिसंबर 2025 से 22 जनवरी 2026 तक दावे-आपत्तियां ली गईं और 14 फरवरी 2026 तक सभी आवेदनों का निराकरण किया गया
राजनीतिक दलों को उपलब्ध कराई गई सूची
मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को प्रत्येक जिले में अंतिम मतदाता सूची की दो प्रतियां (एक फोटोयुक्त प्रिंटेड और एक बिना फोटो सॉफ्ट कॉपी) निशुल्क उपलब्ध कराई गई हैं।
ऑनलाइन ऐसे चेक करें अपना नाम
मतदाता सूची सभी मतदान केंद्रों और निर्धारित स्थानों पर उपलब्ध है। इसके अलावा जिला निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट Chief Electoral Officer Chhattisgarh की आधिकारिक वेबसाइट https://ceochhattisgarh.nic.in मतदाता यहां अपना नाम, विधानसभा और अन्य विवरण जांच सकते हैं।
नाम कट गया तो क्या करें?
- नया नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म-6 भरें
- संशोधन या स्थानांतरण के लिए फॉर्म-8 भरें
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Jashpur: CM विष्णुदेव साय ने बच्चों के बीच मनाया 62वां जन्मदिन, जगन्नाथ मंदिर में पूजा कर प्रदेश की खुशहाली की कामना

Jashpur: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने अपना 62वां जन्मदिन जशपुर जिले में सादगी और आत्मीयता के साथ मनाया। इस अवसर पर उन्होंने जहां बगिया स्थित बालक आश्रम के बच्चों के बीच पहुंचकर खुशियां बांटी, वहीं दोकड़ा के ऐतिहासिक Shri Jagannath Temple Dokda में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।
बच्चों के साथ पारिवारिक माहौल में जन्मदिन
मुख्यमंत्री जब बगिया स्थित बालक आश्रम पहुंचे तो बच्चों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी। बच्चे दौड़कर उनके पास आए और माहौल कुछ ही पलों में पारिवारिक उत्सव में बदल गया। मुख्यमंत्री ने बच्चों के साथ केक काटा, उनसे बातचीत की, उनके नाम पूछे और पढ़ाई व सपनों के बारे में जाना। उन्होंने बच्चों को अपने हाथों से केक और चॉकलेट खिलाई तथा सिर पर हाथ फेरकर आशीर्वाद दिया। मुख्यमंत्री ने कहा, “आप सबकी मुस्कान ही मेरे जन्मदिन का सबसे बड़ा उपहार है।” उनके इन शब्दों ने बच्चों के मन में आत्मीयता और विश्वास का भाव भर दिया।
जगन्नाथ मंदिर में की विशेष पूजा
अपने जन्मदिन के अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने दोकड़ा स्थित प्राचीन श्री जगन्नाथ मंदिर पहुंचकर भगवान श्री जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इस दौरान उनकी धर्मपत्नी कौशल्या साय और परिवार के अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे।उन्होंने मंदिर परिसर में परिक्रमा कर प्रदेशवासियों के स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि और निरंतर प्रगति की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनकल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और प्रदेश के विकास के लिए शासन पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रहा है।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की उपस्थिति
इस अवसर पर विधायक गोमती साय, कमिश्नर नरेंद्र दुग्गा, आईजी दीपक कुमार झा, कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उम्मेद सिंह सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री का यह जन्मदिन समारोह सादगी, संवेदनशीलता और जनसंपर्क का प्रतीक बन गया, जिसने बच्चों और स्थानीय नागरिकों के मन में गहरी छाप छोड़ी।
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CG Teacher Recruitment: छत्तीसगढ़ में 5000 शिक्षकों की भर्ती का विज्ञापन जल्द, सहायक शिक्षक से व्याख्याता तक पद, व्यापम कराएगा परीक्षा

CG Teacher Recruitment: छत्तीसगढ़ में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर है। स्कूल शिक्षा विभाग जल्द ही 5,000 पदों पर भर्ती का विज्ञापन जारी करने जा रहा है। इन पदों में सहायक शिक्षक, शिक्षक, व्याख्याता और सहायक शिक्षक विज्ञान (प्रयोगशाला) शामिल हैं। राज्य सरकार ने परीक्षा आयोजन के लिए Chhattisgarh Professional Examination Board (छत्तीसगढ़ व्यापम) को अधिकृत किया है। विभाग ने भर्ती से संबंधित सभी औपचारिकताएं पूरी कर आवश्यक दस्तावेज व्यापम को सौंप दिए हैं।
फरवरी 2026 में भर्ती प्रक्रिया शुरू होने की तैयारी है। चयन लिखित परीक्षा के माध्यम से किया जाएगा। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद यह कदम राज्य के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए उठाया गया है।
हजारों युवाओं को मिलेगा मौका
इस भर्ती से प्रदेश के हजारों युवाओं को सरकारी सेवा में अवसर मिलेगा। अलग-अलग योग्यता वाले अभ्यर्थियों के लिए अलग पद तय किए गए हैं, जिससे व्यापक स्तर पर रोजगार के अवसर बनेंगे। सरकार का मानना है कि इससे न सिर्फ बेरोजगार युवाओं को राहत मिलेगी, बल्कि स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था भी मजबूत होगी।
2023 भर्ती प्रक्रिया पूरी
स्कूल शिक्षा विभाग की शिक्षक सीधी भर्ती 2023 की प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है। पांचवें चरण में माननीय न्यायालय के निर्देशानुसार सेवा समाप्त किए गए 2621 बी.एड. अर्हताधारियों के स्थान पर डी.एड. अर्हताधारी अभ्यर्थियों को नियुक्ति का अवसर दिया गया है। विभाग जल्द ही विस्तृत दिशा-निर्देश और पात्रता संबंधी जानकारी जारी करेगा। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे आधिकारिक सूचना का इंतजार करें और नियमित रूप से व्यापम की वेबसाइट पर अपडेट देखते रहें।















