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CG Budget 2023-24 Highlights: आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का भत्ता 10 हजार हुआ, बेरोजगार युवाओं को हर माह मिलेंगे 2500 रुपए

CG Budget 2023-24 Highlights: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज सदन में वर्ष 2023-24 का बजट प्रस्तुत किया। बजट में उन्होंने प्रदेश के 18 से 35 वर्ष के बेरोजगार युवाओं के लिए, जिनके परिवार की वार्षिक आय ढाई लाख से कम होगी, उन्हें अधिकतम 2 साल के लिए 25 सौ रुपए महीना बेरोजगारी भत्ता देने की घोषणा की। इसके अलावा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का भत्ता भी 6500 से बढ़ाकर 10 हजार रुपए कर दिया गया है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह सहायता राशि भी 25000 से बढ़ाकर 50 हजार रुपए की गई है। इसके अलावा जनसंपर्क विभाग पत्रकार गृह निर्माण अनुदान योजना की शुरुआत की जाएगी, इसके लिए 50 लाख का प्रावधान किया गया है।
बजट की बड़ी बातें
राजधानी रायपुर और नवा रायपुर के लिए घोषणाएं
1.रायपुर के शारदा चौक से तात्यापारा तक सड़क चौड़ीकरण में लिए 10 cr का प्रावधान।
2.तेलीबांधा फ्लाई ओवर निर्माण के लिए राशि का प्रावधान।
3.रायपुर में खुलेगी विश्वस्तरीय बैडमिंटन अकादमी।
4.खारुन नदी पर रिवर फ्रंट के लिए 10 करोड़ का प्रावधान।
5.नवा रायपुर एयरपोर्ट के पास, एयरोसिटी के लिए 2 करोड़ का प्रावधान।
6.नवा रायपुर के जंगल सफारी उन्नयन के लिए 11 करोड़ का प्रावधान।
7. नवा़ रायपुर से दुर्ग तक लाइट मेट्रो की घोषणा।
मानदेय में वृद्धि का ऐलान
1. आंगनबाड़ी कार्यकर्ता का मानदेय 6500 से बढ़ाकर 10,000 प्रतिमाह किया गया।
2. मिनी आंगनवाडी कार्यकर्ताओं का मानदेय 4 हजार 500 रुपए से बढ़ाकर 7 हजार 500 रुपए प्रति माह किया जाएगा।
3. आंगनबाड़ी सहायिका का मानदेय 5000 प्रतिमाह किया।
4. मितानिन बहनों को पूर्व से दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि के अतिरिक्त राज्य मद से 22 सौ रुपए प्रति माह की दर से मानदेय दिया जाएगा।
5. ग्राम कोटवारों को सेवा भूमि के आकार के अनुसार अलग-अलग दरों पर मानदेय दिया जाता है। पूर्व प्रचलित मानदेय की राशि 22 सौ 50 रुपए को बढ़ाकर 03 हजार रुपए, 33 सौ 75 रुपए को बढ़ाकर 04 हजार 05 सौ रुपए., 04 हजार 50रुपए को बढ़ाकर 55 सौ रुपए एवं 04 हजार 05 सौ रुपए को बढ़ाकर 06 हजार रुपए प्रति माह किया जाएगा। ग्राम पटेल को दिये जा रहे 02 हजार रुपए मासिक मानदेय की राशि को बढ़ाकर 03 हजार रुपए किया जाएगा।
6. ग्राम पटेल को दिए जा रहे 2 हजार रुपए को 3 हजार करने की घोषणा।
7. मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम अंतर्गत स्कूलों में दोपहर का भोजन बनाने वाले रसोईयों को दी जा रही मानदेय की राशि रुपए 1500 को बढ़ाकर 1800 रुपए प्रति माह किया जाएगा।
8. विद्यालयों में कार्यरत स्वच्छता कर्मियों का मानदेय भी 2500 रुपए से बढ़ाकर 2800 रुपए प्रति माह किया जाएगा।
9. होमगार्ड जवानों हेतु न्यूनतम रू. 6,300 से अधिकतम रू. 6,420 प्रतिमाह
10. स्वावलंबी गोठानों की संचालन समिति के अध्यक्ष हेतु रू. 750 एवं अशासकीय सदस्यों हेतु रू. 500 प्रतिमाह
11.निराश्रित बुजुर्गाें, दिव्यांगों एवं विधवा तथा परित्यक्ता महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना अंतर्गत दी जाने वाली मासिक पेंशन की राशि 350 रू. से बढ़ाकर 500 रू प्रति माह की जाएगी।
छत्तीसगढ़ की सेहत का ख्याल
1.मनेंद्रगढ़, जांजगीर, कवर्धा और गीदम में नए मेडिकल कॉलेज खुलेंगे।
2.डॉ. भीमराव अम्बेडकर अस्पताल रायपुर में 700 बिस्तर के एकीकृत अस्पताल भवन के लिए 85 करोड़ रुपए का प्रावधान।
3. 20 लाख ग्रामीण परिवारों तक स्वच्छ जल, शेष परिवारों तक जल पहुंचाने 2 हजार करोड़ रुपए की राशि (राज्यांश से)
4.सुदूर क्षेत्रों में मोबाइल मेडिकल यूनिट की स्थापना हेतु 5 करोड़ का प्रावधान।
5.डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना हेतु ₹990 करोड़ का प्रावधान।
कृषि क्षेत्र के लिए ऐलान
1. राजनांदगांव, रायगढ़ जिले में नवीन उर्वरक प्रयोगशाला की स्थापना की जाएगी। इसके अतिरिक्त सेटअप के लिए प्रावधान।
2.रासायनिक एवं जैविक कीटनाशकों की गुणवत्ता युक्त परीक्षण हेतु रायपुर में नवीन प्रयोगशाला की स्थापना का प्रावधान।
3.आधुनिक तकनीकों के प्रदर्शन हेतु रायपुर अटल नगर में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की जाएगी।
4.नवा रायपुर, अटल नगर में 60 करोड़ की लागत से कृषि एवं किसान कल्याण भवन के निर्माण हेतु प्रावधान है।
5.सीड लॉ एन्फोर्समेन्ट के लिए रायपुर में नवीन प्रयोगशाला की स्थापना की जायेगी।
6. पांच नये जिलों में उप संचालक, कृषि कार्यालय की स्थापना तथा दंतेवाड़ा, नारायणपुर, सुकमा, दुर्ग एवं मुंगेली में अनुविभागीय अधिकारी, कृषि कार्यालय की स्थापना की जायेगी।
7.पशु चिकित्सा दतरेंगा रायपुर में राज्य पशु चिकित्सा के लिए प्रावधान।
शिक्षा एवं खेलकूद को बढ़ावा
1.प्राथमिक एवं उच्चतर शिक्षा के विकास के लिए 400 करोड़ का प्रावधान।
2.अनु.जाति अनु.जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग के छात्रों के लिए मुख्यमंत्री प्रोत्साहन योजना की शुरुआत।
3. 101 नवीन स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों के लिए ₹807 करोड़ का प्रावधान।
4.झीरम में स्पोर्ट्स अकादमी की स्थापना।
5.नारायणपुर में मलखम्ब अकादमी की घोषणा।
6.कुनकुरी में एडवेंचर स्पोर्ट सेंटर की घोषणा।
7. छत्तीसगढ़िया ओलंपिक के लिए 25 cr का प्रावधान।
8. मुख्यमंत्री धरोहर दर्शन योजना शुरू की जायगी। योजना अंतर्गत विद्यार्थियों को राज्य संरक्षित धरोहरों का दर्शन कराया जाएगा।
9.शिक्षकों में पढ़ने-पढ़ाने के उचित कौशल विकास हेतु नवा रायपुर, अटल नगर में राष्ट्रीय स्तर का शिक्षक प्रशिक्षण संस्थान खोलने के लिए 1 करोड़ का प्रावधान।
10.प्रदेश की शालाओं में उच्च स्तर की अधोसंरचनात्मक सुविधाएं विकसित करने के लिए मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना शुरू की जायेगी। इसके लिए 05 सौ करोड़ का प्रावधान।
11.मेडिकल एवं इंजीनियरिंग संस्थानों की प्रवेश परीक्षा के पूर्व कोचिंग हेतु कोटा राजस्थान जाने वाले राज्य के विद्यार्थियों की सुविधा के लिए कोटा में छात्रावास निर्माण हेतु प्रावधान।
12. 7 प्राथमिक शालाओं को पूर्व माध्यमिक शाला में, 08 पूर्व माध्यमिक शालाओं को हाई स्कूल में तथा 17 हाई स्कूलों को हायर सेकेण्डरी विद्यालय में उन्नयन किया जायेगा।
13. 13 प्राथमिक शाला, 05 पूर्व माध्यमिक शाला, 10 हाई स्कूल एवं 18 हायर सेकेण्डरी स्कूल के भवन निर्माण हेतु 30 करोड़ का प्रावधान।
नवा छत्तीसगढ़ की ओर तेजी से बढ़ते कदम
1.अंतागढ़, कटघोरा, सरायपाली में अपर कलेक्टर कार्यालय, सात नवीन तहसीलों का गठन।
2.राजस्व भूमि का पुनः सर्वेक्षण रडार के जरिए, 7 करोड़ का प्रावधान।
3.कबीरधाम में नवीन जंगल सफारी के लिए दो करोड़ का प्रावधान।
4.राम वन गमन पथ के लिए 2 cr का प्रावधान।
5. राजिम माघी पुन्नी मेला के विकास एवं सुविधाओं के लिए नवीन मद में 20 करोड़ 73 लाख का प्रावधान।
6. 97 नवीन न्यायालयों की स्थापना, 23 करोड़ 25 लाख का प्रावधान।
7.50 रेलवे ओवरब्रिज निर्माण के लिए प्रावधान।
8. बैकुंठपुर में नवीन हवाई पट्टी, कोरबा में व्यावसायिक पट्टी निर्माण का प्रावधान।
बुनियादी ढांचे की बेहतरी पर जोर
1.सड़कों के लिए 500 करोड़ का प्रावधान।
2.नगरीय क्षेत्रों में अधोसंरचना ₹1000 करोड़ का प्रावधान।
3.नगरीय क्षेत्र में औद्योगिक पार्क ₹50 करोड़।
4. कोरबा में नवीन ताप विद्युत गृह ₹25 करोड़।
5.आवास योजना के तहत 3 हजार 2 सौ 38 करोड़ का प्रावधान।
6.मुख्यमंत्री सुगम सड़क योजना के तहत पहुंचमार्ग निर्माण के लिए 150 करोड़ का प्रावधान।
7.ग्रामीण मार्गों के निर्माण (नाबार्ड से) में 150 करोड़ का प्रावधान।
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Raipur: छत्तीसगढ़ सरकार का खर्चों पर सख्त नियंत्रण, विदेश यात्राओं पर रोक, वर्चुअल बैठकों और EV को बढ़ावा

Raipur: छत्तीसगढ़ सरकार ने शासकीय खर्चों में कटौती और वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए नए निर्देश जारी किए हैं। वित्त विभाग द्वारा जारी आदेशों के तहत सरकारी संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग, अनावश्यक खर्चों पर रोक और डिजिटल कार्यप्रणाली को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है। वित्त विभाग के सचिव रोहित यादव द्वारा जारी ये निर्देश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं और 30 सितंबर 2026 तक प्रभावी रहेंगे। निर्देश सभी विभागों, संभागीय आयुक्तों, कलेक्टरों और विभागाध्यक्षों को भेजे गए हैं।
कारकेड और ईंधन खर्च पर नियंत्रण
सरकार ने मुख्यमंत्री, मंत्रिपरिषद, निगम-मंडल और आयोगों के पदाधिकारियों के कारकेड में केवल जरूरी वाहनों के उपयोग के निर्देश दिए हैं। साथ ही पेट्रोल और डीजल पर होने वाले खर्च को न्यूनतम रखने के लिए वाहन पूलिंग व्यवस्था लागू करने को कहा गया है।
इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा
राज्य के सरकारी वाहनों को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक वाहनों में बदलने की तैयारी की जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे ईंधन खर्च कम होगा और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
विदेश यात्राओं पर रोक
नई गाइडलाइन के अनुसार अत्यंत जरूरी परिस्थितियों को छोड़कर सरकारी खर्च पर विदेश यात्राओं पर रोक रहेगी। किसी भी आवश्यक विदेशी दौरे के लिए मुख्यमंत्री की पूर्व अनुमति अनिवार्य होगी।
ऑनलाइन बैठकों पर जोर
वित्त विभाग ने भौतिक बैठकों की जगह वर्चुअल और ऑनलाइन बैठकों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। विभागीय समीक्षा बैठकें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित होंगी और फिजिकल मीटिंग्स को यथासंभव महीने में एक बार तक सीमित रखा जाएगा।
बिजली और कागज बचाने पर फोकस
निर्देशों में कार्यालयीन समय के बाद सभी लाइट, पंखे, एसी और कंप्यूटर बंद रखने को अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा बैठकों में प्रिंटेड दस्तावेजों की जगह PDF और PPT जैसे डिजिटल दस्तावेजों के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जाएगा।
साथ ही कार्यालयीन पत्राचार और नोटशीट को अनिवार्य रूप से e-Office के माध्यम से संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि कागज और स्टेशनरी खर्च में कमी लाई जा सके।
iGOT कर्मयोगी पोर्टल पर जोर
सरकार ने प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए भौतिक ट्रेनिंग की जगह iGOT Karmayogi पोर्टल के अधिकतम उपयोग के निर्देश दिए हैं। विभागों से अपने प्रशिक्षण पाठ्यक्रम इस पोर्टल पर अपलोड करने को कहा गया है। सरकार का मानना है कि इन उपायों से न केवल खर्चों में कमी आएगी, बल्कि प्रशासनिक दक्षता और जवाबदेही में भी सुधार होगा।
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Raipur: छत्तीसगढ़ में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं, अफवाहों से बचें, जरूरत अनुसार ही ईंधन लें- CM विष्णुदेव साय

Raipur: छत्तीसगढ़ में पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता को लेकर फैल रही आशंकाओं के बीच मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने प्रदेशवासियों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि राज्य में ईंधन का पर्याप्त भंडारण उपलब्ध है और सभी ऑयल डिपो में नियमित रूप से सप्लाई जारी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार और ऑयल कंपनियां पूरी समन्वय व्यवस्था के साथ स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद भारत सरकार ने ईंधन आपूर्ति को लेकर जरूरी तैयारियां की हैं और किसी प्रकार की कमी की स्थिति नहीं है।
जरूरत अनुसार ही लें ईंधन
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi ने भी देशवासियों से अनावश्यक खरीदारी और भंडारण से बचने की अपील की है। उन्होंने लोगों से संयम और जिम्मेदारी दिखाने का आग्रह करते हुए कहा कि केवल आवश्यकता अनुसार ही पेट्रोल-डीजल लें और किसी भी भ्रामक सूचना या अफवाह से दूर रहें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों की जागरूकता, सहयोग और संयम से छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में ईंधन व्यवस्था सुचारू बनी रहेगी। उन्होंने नागरिकों से राष्ट्रहित में सकारात्मक सोच और जिम्मेदार व्यवहार अपनाने की अपील भी की।
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Raipur: राजधानी को जल्द मिलेगी ट्रैफिक से राहत, कचना ओवर-ब्रिज का 96% काम पूरा, जल्द शुरू होगा यातायात

Raipur: राजधानी रायपुर में खम्हारडीह-कचना रेलवे क्रॉसिंग पर बन रहा बहुप्रतीक्षित रेलवे ओवर-ब्रिज अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। उप मुख्यमंत्री और लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने गुरुवार को निर्माणाधीन ओवर-ब्रिज का निरीक्षण कर अधिकारियों और निर्माण एजेंसी को जल्द से जल्द काम पूरा करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान उप मुख्यमंत्री ने ओवर-ब्रिज पर पैदल चलकर तकनीकी मानकों की जानकारी ली और यहां बेहतर गुणवत्ता की लाइटिंग व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस दौरान लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल, प्रमुख अभियंता V. K. Bhatpahari और सेतु संभाग के मुख्य अभियंता एसके कोरी भी मौजूद रहे।
जल्द खुलेगा ओवर-ब्रिज, हजारों लोगों को मिलेगी राहत
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि कचना ओवर-ब्रिज का करीब 96 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है और शेष काम तेजी से किया जा रहा है। ओवर-ब्रिज शुरू होने के बाद रायपुर शहर और आसपास के गांवों के हजारों लोगों को रेलवे फाटक बंद होने और ट्रैफिक जाम की समस्या से राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार राजधानी की यातायात व्यवस्था को बेहतर, तेज और व्यवस्थित बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। कचना ओवर-ब्रिज इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण परियोजना है, जिसका लंबे समय से लोग इंतजार कर रहे थे।
49 करोड़ की लागत से बन रहा पुल
लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के मुताबिक रायपुर-वाल्टेयर रेलवे लाइन पर खम्हारडीह और कचना के बीच लगभग 49 करोड़ रुपए की लागत से यह रेलवे ओवर-ब्रिज बनाया जा रहा है। पुल के रेलवे हिस्से के साथ दोनों ओर पहुंच मार्ग और संरचना का काम पूरा हो चुका है। फिलहाल पेंटिंग और फिनिशिंग का काम चल रहा है। इसके बाद नाली निर्माण और लाइटिंग कार्य शुरू किया जाएगा। ओवर-ब्रिज शुरू होने के बाद इस रूट पर यातायात अधिक व्यवस्थित और तेज होने की उम्मीद है।
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Chhattisgarh: LEADS 2025 रिपोर्ट में चमका राज्य, ‘हाई परफॉर्मर’ राज्य बना, सड़क-परिवहन और रोजगार में तेजी

Raipur: बेहतर सड़क, तेज़ परिवहन व्यवस्था और बढ़ते रोजगार अवसरों के दम पर छत्तीसगढ़ ने राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। भारत सरकार के उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) की LEADS 2025 रिपोर्ट में राज्य को ‘हाई परफॉर्मर’ का दर्जा मिला है।
राज्य सरकार ने इसे सुशासन, मजबूत कनेक्टिविटी और जनहितकारी योजनाओं का सकारात्मक परिणाम बताया है। सरकार का दावा है कि इसका सीधा फायदा आम जनता, किसानों, व्यापारियों और युवाओं को मिलेगा।
विष्णु देव साय ने कहा कि सरकार केवल उद्योगों के विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि आम लोगों का जीवन आसान बनाने पर फोकस कर रही है। बेहतर सड़क और परिवहन व्यवस्था से किसानों की उपज तेजी से बाजार तक पहुंच रही है, व्यापार को गति मिल रही है और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पारदर्शिता और तेज़ निर्णय प्रक्रिया के कारण राज्य में निवेश बढ़ रहा है। गांव से शहर तक कनेक्टिविटी मजबूत करने, वेयरहाउसिंग सुविधाएं बढ़ाने और उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल तैयार करने पर लगातार काम किया जा रहा है।
लॉजिस्टिक्स नीति 2025 से बढ़ेगी रफ्तार
लखन लाल देवांगन ने कहा कि राज्य में लॉजिस्टिक्स और परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाया जा रहा है, जिससे उद्योगों के साथ छोटे व्यापारियों, किसानों और स्थानीय उद्यमियों को भी फायदा मिलेगा।
राज्य सरकार की लॉजिस्टिक्स नीति 2025 के तहत परिवहन लागत कम करने, माल ढुलाई को तेज़ बनाने और निवेश आकर्षित करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग सेक्टर को उद्योग का दर्जा मिलने से निवेश और रोजगार की नई संभावनाएं बन रही हैं।
रायपुर में बनेगा सिटी लॉजिस्टिक्स प्लान
Raipur के लिए तैयार सिटी लॉजिस्टिक्स प्लान के जरिए ट्रैफिक दबाव कम करने और माल परिवहन को व्यवस्थित बनाने पर काम किया जाएगा। वहीं OneClick Single Window Portal के माध्यम से उद्योगों के लिए अनुमति प्रक्रिया आसान बनाई गई है, जिससे निवेशकों को तेजी से मंजूरी मिल रही है।
वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार ने कहा कि छत्तीसगढ़ तेजी से आधुनिक और तकनीक-सक्षम लॉजिस्टिक्स व्यवस्था विकसित कर रहा है। इससे व्यापार, उद्योग और रोजगार को नई गति मिल रही है और राज्य उभरते औद्योगिक एवं निवेश केंद्र के रूप में पहचान बना रहा है।
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Raipur: ‘सरकारी वाहन चरणबद्ध तरीके से होंगे EV में तब्दील’, मुख्यमंत्री साय का बड़ा बयान

Raipur: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ईंधन संरक्षण और संसाधनों के संयमित उपयोग को लेकर बड़ा संदेश दिया है।मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी के आह्वान का समर्थन करते हुए कहा कि पेट्रोल-डीजल जैसे संसाधनों का जिम्मेदारी से उपयोग करना हर नागरिक का राष्ट्रीय दायित्व है।
‘ऊर्जा संरक्षण राष्ट्रनिर्माण में योगदान’
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ऊर्जा संरक्षण केवल आर्थिक जरूरत नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा बचत की दिशा में उठाया गया हर कदम राष्ट्रनिर्माण में योगदान है।
सरकारी कारकेड में कम होंगे वाहन
मुख्यमंत्री ने बताया कि अब उनके आधिकारिक दौरों में केवल अत्यावश्यक वाहनों को ही कारकेड में शामिल किया जाएगा। साथ ही मंत्रियों और विभिन्न निगम-मंडलों के पदाधिकारियों से भी सरकारी वाहनों और संसाधनों के सीमित उपयोग की अपील की गई है।
सरकारी वाहन बनेंगे इलेक्ट्रिक
राज्य सरकार ने सरकारी परिवहन व्यवस्था को पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में भी पहल शुरू कर दी है। सीएम साय ने कहा कि शासकीय वाहनों को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) में बदला जाएगा। इससे ईंधन की बचत के साथ प्रदूषण नियंत्रण और हरित ऊर्जा को भी बढ़ावा मिलेगा।
जनता से सार्वजनिक परिवहन अपनाने की अपील
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अधिक से अधिक सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने, कारपूलिंग अपनाने और अनावश्यक निजी वाहनों के इस्तेमाल से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी आदतों में बदलाव लाकर बड़े सकारात्मक परिणाम हासिल किए जा सकते हैं।
‘नेशन फर्स्ट’ की भावना से जुड़ें लोग
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ईंधन संरक्षण को जनभागीदारी का अभियान बनाना समय की जरूरत है। उन्होंने लोगों से ‘नेशन फर्स्ट’ की भावना के साथ ऊर्जा सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक मजबूती के लिए जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाने का आह्वान किया।
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