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CG Budget 2023-24 Highlights: आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का भत्ता 10 हजार हुआ, बेरोजगार युवाओं को हर माह मिलेंगे 2500 रुपए

CG Budget 2023-24 Highlights: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज सदन में वर्ष 2023-24 का बजट प्रस्तुत किया। बजट में उन्होंने प्रदेश के 18 से 35 वर्ष के बेरोजगार युवाओं के लिए, जिनके परिवार की वार्षिक आय ढाई लाख से कम होगी, उन्हें अधिकतम 2 साल के लिए 25 सौ रुपए महीना बेरोजगारी भत्ता देने की घोषणा की। इसके अलावा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का भत्ता भी 6500 से बढ़ाकर 10 हजार रुपए कर दिया गया है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह सहायता राशि भी 25000 से बढ़ाकर 50 हजार रुपए की गई है। इसके अलावा जनसंपर्क विभाग पत्रकार गृह निर्माण अनुदान योजना की शुरुआत की जाएगी, इसके लिए 50 लाख का प्रावधान किया गया है।
बजट की बड़ी बातें
राजधानी रायपुर और नवा रायपुर के लिए घोषणाएं
1.रायपुर के शारदा चौक से तात्यापारा तक सड़क चौड़ीकरण में लिए 10 cr का प्रावधान।
2.तेलीबांधा फ्लाई ओवर निर्माण के लिए राशि का प्रावधान।
3.रायपुर में खुलेगी विश्वस्तरीय बैडमिंटन अकादमी।
4.खारुन नदी पर रिवर फ्रंट के लिए 10 करोड़ का प्रावधान।
5.नवा रायपुर एयरपोर्ट के पास, एयरोसिटी के लिए 2 करोड़ का प्रावधान।
6.नवा रायपुर के जंगल सफारी उन्नयन के लिए 11 करोड़ का प्रावधान।
7. नवा़ रायपुर से दुर्ग तक लाइट मेट्रो की घोषणा।
मानदेय में वृद्धि का ऐलान
1. आंगनबाड़ी कार्यकर्ता का मानदेय 6500 से बढ़ाकर 10,000 प्रतिमाह किया गया।
2. मिनी आंगनवाडी कार्यकर्ताओं का मानदेय 4 हजार 500 रुपए से बढ़ाकर 7 हजार 500 रुपए प्रति माह किया जाएगा।
3. आंगनबाड़ी सहायिका का मानदेय 5000 प्रतिमाह किया।
4. मितानिन बहनों को पूर्व से दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि के अतिरिक्त राज्य मद से 22 सौ रुपए प्रति माह की दर से मानदेय दिया जाएगा।
5. ग्राम कोटवारों को सेवा भूमि के आकार के अनुसार अलग-अलग दरों पर मानदेय दिया जाता है। पूर्व प्रचलित मानदेय की राशि 22 सौ 50 रुपए को बढ़ाकर 03 हजार रुपए, 33 सौ 75 रुपए को बढ़ाकर 04 हजार 05 सौ रुपए., 04 हजार 50रुपए को बढ़ाकर 55 सौ रुपए एवं 04 हजार 05 सौ रुपए को बढ़ाकर 06 हजार रुपए प्रति माह किया जाएगा। ग्राम पटेल को दिये जा रहे 02 हजार रुपए मासिक मानदेय की राशि को बढ़ाकर 03 हजार रुपए किया जाएगा।
6. ग्राम पटेल को दिए जा रहे 2 हजार रुपए को 3 हजार करने की घोषणा।
7. मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम अंतर्गत स्कूलों में दोपहर का भोजन बनाने वाले रसोईयों को दी जा रही मानदेय की राशि रुपए 1500 को बढ़ाकर 1800 रुपए प्रति माह किया जाएगा।
8. विद्यालयों में कार्यरत स्वच्छता कर्मियों का मानदेय भी 2500 रुपए से बढ़ाकर 2800 रुपए प्रति माह किया जाएगा।
9. होमगार्ड जवानों हेतु न्यूनतम रू. 6,300 से अधिकतम रू. 6,420 प्रतिमाह
10. स्वावलंबी गोठानों की संचालन समिति के अध्यक्ष हेतु रू. 750 एवं अशासकीय सदस्यों हेतु रू. 500 प्रतिमाह
11.निराश्रित बुजुर्गाें, दिव्यांगों एवं विधवा तथा परित्यक्ता महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना अंतर्गत दी जाने वाली मासिक पेंशन की राशि 350 रू. से बढ़ाकर 500 रू प्रति माह की जाएगी।
छत्तीसगढ़ की सेहत का ख्याल
1.मनेंद्रगढ़, जांजगीर, कवर्धा और गीदम में नए मेडिकल कॉलेज खुलेंगे।
2.डॉ. भीमराव अम्बेडकर अस्पताल रायपुर में 700 बिस्तर के एकीकृत अस्पताल भवन के लिए 85 करोड़ रुपए का प्रावधान।
3. 20 लाख ग्रामीण परिवारों तक स्वच्छ जल, शेष परिवारों तक जल पहुंचाने 2 हजार करोड़ रुपए की राशि (राज्यांश से)
4.सुदूर क्षेत्रों में मोबाइल मेडिकल यूनिट की स्थापना हेतु 5 करोड़ का प्रावधान।
5.डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना हेतु ₹990 करोड़ का प्रावधान।
कृषि क्षेत्र के लिए ऐलान
1. राजनांदगांव, रायगढ़ जिले में नवीन उर्वरक प्रयोगशाला की स्थापना की जाएगी। इसके अतिरिक्त सेटअप के लिए प्रावधान।
2.रासायनिक एवं जैविक कीटनाशकों की गुणवत्ता युक्त परीक्षण हेतु रायपुर में नवीन प्रयोगशाला की स्थापना का प्रावधान।
3.आधुनिक तकनीकों के प्रदर्शन हेतु रायपुर अटल नगर में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की जाएगी।
4.नवा रायपुर, अटल नगर में 60 करोड़ की लागत से कृषि एवं किसान कल्याण भवन के निर्माण हेतु प्रावधान है।
5.सीड लॉ एन्फोर्समेन्ट के लिए रायपुर में नवीन प्रयोगशाला की स्थापना की जायेगी।
6. पांच नये जिलों में उप संचालक, कृषि कार्यालय की स्थापना तथा दंतेवाड़ा, नारायणपुर, सुकमा, दुर्ग एवं मुंगेली में अनुविभागीय अधिकारी, कृषि कार्यालय की स्थापना की जायेगी।
7.पशु चिकित्सा दतरेंगा रायपुर में राज्य पशु चिकित्सा के लिए प्रावधान।
शिक्षा एवं खेलकूद को बढ़ावा
1.प्राथमिक एवं उच्चतर शिक्षा के विकास के लिए 400 करोड़ का प्रावधान।
2.अनु.जाति अनु.जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग के छात्रों के लिए मुख्यमंत्री प्रोत्साहन योजना की शुरुआत।
3. 101 नवीन स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों के लिए ₹807 करोड़ का प्रावधान।
4.झीरम में स्पोर्ट्स अकादमी की स्थापना।
5.नारायणपुर में मलखम्ब अकादमी की घोषणा।
6.कुनकुरी में एडवेंचर स्पोर्ट सेंटर की घोषणा।
7. छत्तीसगढ़िया ओलंपिक के लिए 25 cr का प्रावधान।
8. मुख्यमंत्री धरोहर दर्शन योजना शुरू की जायगी। योजना अंतर्गत विद्यार्थियों को राज्य संरक्षित धरोहरों का दर्शन कराया जाएगा।
9.शिक्षकों में पढ़ने-पढ़ाने के उचित कौशल विकास हेतु नवा रायपुर, अटल नगर में राष्ट्रीय स्तर का शिक्षक प्रशिक्षण संस्थान खोलने के लिए 1 करोड़ का प्रावधान।
10.प्रदेश की शालाओं में उच्च स्तर की अधोसंरचनात्मक सुविधाएं विकसित करने के लिए मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना शुरू की जायेगी। इसके लिए 05 सौ करोड़ का प्रावधान।
11.मेडिकल एवं इंजीनियरिंग संस्थानों की प्रवेश परीक्षा के पूर्व कोचिंग हेतु कोटा राजस्थान जाने वाले राज्य के विद्यार्थियों की सुविधा के लिए कोटा में छात्रावास निर्माण हेतु प्रावधान।
12. 7 प्राथमिक शालाओं को पूर्व माध्यमिक शाला में, 08 पूर्व माध्यमिक शालाओं को हाई स्कूल में तथा 17 हाई स्कूलों को हायर सेकेण्डरी विद्यालय में उन्नयन किया जायेगा।
13. 13 प्राथमिक शाला, 05 पूर्व माध्यमिक शाला, 10 हाई स्कूल एवं 18 हायर सेकेण्डरी स्कूल के भवन निर्माण हेतु 30 करोड़ का प्रावधान।
नवा छत्तीसगढ़ की ओर तेजी से बढ़ते कदम
1.अंतागढ़, कटघोरा, सरायपाली में अपर कलेक्टर कार्यालय, सात नवीन तहसीलों का गठन।
2.राजस्व भूमि का पुनः सर्वेक्षण रडार के जरिए, 7 करोड़ का प्रावधान।
3.कबीरधाम में नवीन जंगल सफारी के लिए दो करोड़ का प्रावधान।
4.राम वन गमन पथ के लिए 2 cr का प्रावधान।
5. राजिम माघी पुन्नी मेला के विकास एवं सुविधाओं के लिए नवीन मद में 20 करोड़ 73 लाख का प्रावधान।
6. 97 नवीन न्यायालयों की स्थापना, 23 करोड़ 25 लाख का प्रावधान।
7.50 रेलवे ओवरब्रिज निर्माण के लिए प्रावधान।
8. बैकुंठपुर में नवीन हवाई पट्टी, कोरबा में व्यावसायिक पट्टी निर्माण का प्रावधान।
बुनियादी ढांचे की बेहतरी पर जोर
1.सड़कों के लिए 500 करोड़ का प्रावधान।
2.नगरीय क्षेत्रों में अधोसंरचना ₹1000 करोड़ का प्रावधान।
3.नगरीय क्षेत्र में औद्योगिक पार्क ₹50 करोड़।
4. कोरबा में नवीन ताप विद्युत गृह ₹25 करोड़।
5.आवास योजना के तहत 3 हजार 2 सौ 38 करोड़ का प्रावधान।
6.मुख्यमंत्री सुगम सड़क योजना के तहत पहुंचमार्ग निर्माण के लिए 150 करोड़ का प्रावधान।
7.ग्रामीण मार्गों के निर्माण (नाबार्ड से) में 150 करोड़ का प्रावधान।
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Chhattisgarh: रायगढ़ में शुरू हुई अत्याधुनिक FSL लैब, अब स्थानीय स्तर पर होगी वैज्ञानिक जांच, पुलिस विवेचना होगी तेज

Raigarh: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में सुशासन तिहार के दौरान मुख्यमंत्री साय ने क्षेत्रीय न्यायिक विज्ञान प्रयोगशाला (FSL लैब) का शुभारंभ किया। राजामहल के पास शुरू हुई इस अत्याधुनिक प्रयोगशाला से रायगढ़, सक्ती और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिलों की पुलिस जांच व्यवस्था को बड़ी मजबूती मिलेगी।
नई लैब शुरू होने के बाद हत्या, दुष्कर्म, आत्महत्या और NDPS जैसे गंभीर मामलों की वैज्ञानिक जांच के लिए नमूनों को बिलासपुर भेजने की जरूरत काफी हद तक खत्म हो जाएगी। इससे जांच प्रक्रिया तेज होगी और मामलों के निपटारे में तेजी आएगी।
मुख्यमंत्री बोले- वैज्ञानिक जांच अपराध नियंत्रण का सबसे प्रभावी माध्यम
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार कानून व्यवस्था को आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक जांच प्रणाली से मजबूत बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि आज के समय में केवल पारंपरिक तरीकों से अपराधों की जांच संभव नहीं है और फॉरेंसिक जांच अपराधियों तक पहुंचने का सबसे प्रभावी माध्यम बन चुकी है। उन्होंने कहा कि रायगढ़ में अत्याधुनिक FSL लैब शुरू होने से पुलिस को बड़ी सुविधा मिलेगी और अपराध अनुसंधान अधिक प्रभावी होगा।
मोबाइल फॉरेंसिक यूनिट से भी मिलेगी ताकत
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने इसे रायगढ़ जिले के लिए ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि अब स्थानीय स्तर पर वैज्ञानिक परीक्षण होने से पुलिस को समय पर जांच रिपोर्ट मिलेगी और पीड़ितों को जल्द न्याय मिल सकेगा। सरकार के अनुसार अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक यूनिट के जरिए पुलिस विवेचना और भी मजबूत होगी। इससे मौके पर ही तकनीकी साक्ष्य जुटाने और विश्लेषण करने में मदद मिलेगी।
अब स्थानीय स्तर पर होंगे अधिकांश परीक्षण
अब तक ब्लड सैंपल, विसरा, स्लाइड, मादक पदार्थ, केमिकल और अल्कोहल जांच के लिए पुलिस को बिलासपुर स्थित लैब पर निर्भर रहना पड़ता था। इससे जांच में देरी होती थी। लेकिन रायगढ़ में क्षेत्रीय FSL लैब शुरू होने के बाद अधिकांश परीक्षण स्थानीय स्तर पर ही संभव होंगे, जिससे विवेचना की समय-सीमा कम होगी और लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आएगी।
कार्यक्रम में लोकसभा सांसद राधेश्याम राठिया, राज्यसभा सांसद देवेन्द्र प्रताप सिंह, नगर निगम रायगढ़ के महापौर जीवर्धन चौहान, कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
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Chhattisgarh: जनगणना 2027 की तैयारी में छत्तीसगढ़ आगे, 60% से ज्यादा मकान सूचीकरण पूरा, GPM जिला बना नंबर-1

Census 2027: प्रदेश में जनगणना 2027 की तैयारियां तेज़ी से आगे बढ़ रही हैं। राज्य में मकान सूचीकरण ब्लॉकों (HLB) के गठन और सत्यापन का काम 60% से अधिक पूरा हो चुका है। आधिकारिक रिपोर्ट के मुताबिक अब तक कुल 48,742 ब्लॉकों में से 29,602 ब्लॉकों का कार्य पूरा कर लिया गया है, जो कुल लक्ष्य का 60.73% है। राज्य सरकार ने इस प्रगति को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की ‘सुशासन नीति’ और डिजिटल मॉनिटरिंग व्यवस्था का असर बताया है।
GPM जिला 100% लक्ष्य हासिल कर बना नंबर-1
राज्य में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिला सबसे आगे रहा है। जिले ने अपने सभी 528 मकान सूचीकरण ब्लॉकों का कार्य 100% पूरा कर राज्य में पहला स्थान हासिल किया है। इसके बाद जशपुर (99.87%) और मोहला- मानपुर-अंबागढ़ चौकी (99.84%) जिले भी पूर्णता के बेहद करीब हैं। इसके अलावा बेमेतरा (97.8%) और मुंगेली (96.52%) जिलों में भी काम लगभग खत्म होने की कगार पर है।
मुख्यमंत्री ने टीमों को दी बधाई
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जिला प्रशासन और मैदानी प्रगणकों को बधाई देते हुए कहा कि सटीक जनगणना ही भविष्य की विकास योजनाओं और जनकल्याणकारी नीतियों की मजबूत नींव बनेगी। उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीकों का उपयोग कर तय समय में काम पूरा करना सराहनीय है। साथ ही बड़े शहरों और नगर निगम क्षेत्रों में धीमी प्रगति पर चिंता जताते हुए अधिकारियों को मैदानी मॉनिटरिंग बढ़ाने के निर्देश दिए।
कलेक्टर बोले- माइक्रो प्लानिंग से मिली सफलता
GPM कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन ने कहा कि दुर्गम और आदिवासी बहुल क्षेत्र होने के बावजूद माइक्रो प्लानिंग और रोजाना डिजिटल मॉनिटरिंग की मदद से जिला ‘शून्य पेंडेंसी’ तक पहुंचा। उन्होंने कहा कि प्रगणकों, पर्यवेक्षकों और जिला प्रशासन की टीम भावना के कारण 17 मई की मध्यरात्रि तक 100% लक्ष्य हासिल कर लिया गया।
बड़े शहरों की रफ्तार धीमी
एक तरफ जहां ग्रामीण और दूरस्थ जिलों ने बाजी मारी है, वहीं राज्य के बड़े शहरों और नगर निगम (Municipal Corporation) क्षेत्रों में काम की रफ्तार चिंताजनक रूप से धीमी दर्ज की गई है। रायगढ़ नगर निगम सूची में सबसे निचले पायदान पर है, जहां महज 4.65% काम ही पूरा हो सका है। औद्योगिक हब भिलाई नगर में केवल 7.84% और रिसाली में 8.33% कार्य ही संपन्न हुआ है। राजधानी रायपुर की बात करें तो यहां कुल 1,964 ब्लॉकों में से केवल 203 ही पूरे हो पाए हैं, जो कि कुल लक्ष्य का मात्र 10.34% है। कि राहत की बात यह है कि अधिकांश जिलों में काम शुरू हो चुका है और प्रशासन ने बचे हुए कार्यों को तेजी से पूरा करने के लिए विशेष नोडल अधिकारियों की तैनाती के निर्देश दिए हैं।
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Raipur: छत्तीसगढ़ सरकार का खर्चों पर सख्त नियंत्रण, विदेश यात्राओं पर रोक, वर्चुअल बैठकों और EV को बढ़ावा

Raipur: छत्तीसगढ़ सरकार ने शासकीय खर्चों में कटौती और वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए नए निर्देश जारी किए हैं। वित्त विभाग द्वारा जारी आदेशों के तहत सरकारी संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग, अनावश्यक खर्चों पर रोक और डिजिटल कार्यप्रणाली को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है। वित्त विभाग के सचिव रोहित यादव द्वारा जारी ये निर्देश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं और 30 सितंबर 2026 तक प्रभावी रहेंगे। निर्देश सभी विभागों, संभागीय आयुक्तों, कलेक्टरों और विभागाध्यक्षों को भेजे गए हैं।
कारकेड और ईंधन खर्च पर नियंत्रण
सरकार ने मुख्यमंत्री, मंत्रिपरिषद, निगम-मंडल और आयोगों के पदाधिकारियों के कारकेड में केवल जरूरी वाहनों के उपयोग के निर्देश दिए हैं। साथ ही पेट्रोल और डीजल पर होने वाले खर्च को न्यूनतम रखने के लिए वाहन पूलिंग व्यवस्था लागू करने को कहा गया है।
इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा
राज्य के सरकारी वाहनों को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक वाहनों में बदलने की तैयारी की जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे ईंधन खर्च कम होगा और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
विदेश यात्राओं पर रोक
नई गाइडलाइन के अनुसार अत्यंत जरूरी परिस्थितियों को छोड़कर सरकारी खर्च पर विदेश यात्राओं पर रोक रहेगी। किसी भी आवश्यक विदेशी दौरे के लिए मुख्यमंत्री की पूर्व अनुमति अनिवार्य होगी।
ऑनलाइन बैठकों पर जोर
वित्त विभाग ने भौतिक बैठकों की जगह वर्चुअल और ऑनलाइन बैठकों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। विभागीय समीक्षा बैठकें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित होंगी और फिजिकल मीटिंग्स को यथासंभव महीने में एक बार तक सीमित रखा जाएगा।
बिजली और कागज बचाने पर फोकस
निर्देशों में कार्यालयीन समय के बाद सभी लाइट, पंखे, एसी और कंप्यूटर बंद रखने को अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा बैठकों में प्रिंटेड दस्तावेजों की जगह PDF और PPT जैसे डिजिटल दस्तावेजों के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जाएगा।
साथ ही कार्यालयीन पत्राचार और नोटशीट को अनिवार्य रूप से e-Office के माध्यम से संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि कागज और स्टेशनरी खर्च में कमी लाई जा सके।
iGOT कर्मयोगी पोर्टल पर जोर
सरकार ने प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए भौतिक ट्रेनिंग की जगह iGOT Karmayogi पोर्टल के अधिकतम उपयोग के निर्देश दिए हैं। विभागों से अपने प्रशिक्षण पाठ्यक्रम इस पोर्टल पर अपलोड करने को कहा गया है। सरकार का मानना है कि इन उपायों से न केवल खर्चों में कमी आएगी, बल्कि प्रशासनिक दक्षता और जवाबदेही में भी सुधार होगा।
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Raipur: छत्तीसगढ़ में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं, अफवाहों से बचें, जरूरत अनुसार ही ईंधन लें- CM विष्णुदेव साय

Raipur: छत्तीसगढ़ में पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता को लेकर फैल रही आशंकाओं के बीच मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने प्रदेशवासियों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि राज्य में ईंधन का पर्याप्त भंडारण उपलब्ध है और सभी ऑयल डिपो में नियमित रूप से सप्लाई जारी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार और ऑयल कंपनियां पूरी समन्वय व्यवस्था के साथ स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद भारत सरकार ने ईंधन आपूर्ति को लेकर जरूरी तैयारियां की हैं और किसी प्रकार की कमी की स्थिति नहीं है।
जरूरत अनुसार ही लें ईंधन
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi ने भी देशवासियों से अनावश्यक खरीदारी और भंडारण से बचने की अपील की है। उन्होंने लोगों से संयम और जिम्मेदारी दिखाने का आग्रह करते हुए कहा कि केवल आवश्यकता अनुसार ही पेट्रोल-डीजल लें और किसी भी भ्रामक सूचना या अफवाह से दूर रहें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों की जागरूकता, सहयोग और संयम से छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में ईंधन व्यवस्था सुचारू बनी रहेगी। उन्होंने नागरिकों से राष्ट्रहित में सकारात्मक सोच और जिम्मेदार व्यवहार अपनाने की अपील भी की।
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Raipur: राजधानी को जल्द मिलेगी ट्रैफिक से राहत, कचना ओवर-ब्रिज का 96% काम पूरा, जल्द शुरू होगा यातायात

Raipur: राजधानी रायपुर में खम्हारडीह-कचना रेलवे क्रॉसिंग पर बन रहा बहुप्रतीक्षित रेलवे ओवर-ब्रिज अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। उप मुख्यमंत्री और लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने गुरुवार को निर्माणाधीन ओवर-ब्रिज का निरीक्षण कर अधिकारियों और निर्माण एजेंसी को जल्द से जल्द काम पूरा करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान उप मुख्यमंत्री ने ओवर-ब्रिज पर पैदल चलकर तकनीकी मानकों की जानकारी ली और यहां बेहतर गुणवत्ता की लाइटिंग व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस दौरान लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल, प्रमुख अभियंता V. K. Bhatpahari और सेतु संभाग के मुख्य अभियंता एसके कोरी भी मौजूद रहे।
जल्द खुलेगा ओवर-ब्रिज, हजारों लोगों को मिलेगी राहत
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि कचना ओवर-ब्रिज का करीब 96 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है और शेष काम तेजी से किया जा रहा है। ओवर-ब्रिज शुरू होने के बाद रायपुर शहर और आसपास के गांवों के हजारों लोगों को रेलवे फाटक बंद होने और ट्रैफिक जाम की समस्या से राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार राजधानी की यातायात व्यवस्था को बेहतर, तेज और व्यवस्थित बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। कचना ओवर-ब्रिज इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण परियोजना है, जिसका लंबे समय से लोग इंतजार कर रहे थे।
49 करोड़ की लागत से बन रहा पुल
लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के मुताबिक रायपुर-वाल्टेयर रेलवे लाइन पर खम्हारडीह और कचना के बीच लगभग 49 करोड़ रुपए की लागत से यह रेलवे ओवर-ब्रिज बनाया जा रहा है। पुल के रेलवे हिस्से के साथ दोनों ओर पहुंच मार्ग और संरचना का काम पूरा हो चुका है। फिलहाल पेंटिंग और फिनिशिंग का काम चल रहा है। इसके बाद नाली निर्माण और लाइटिंग कार्य शुरू किया जाएगा। ओवर-ब्रिज शुरू होने के बाद इस रूट पर यातायात अधिक व्यवस्थित और तेज होने की उम्मीद है।
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