गुना: बीजेपी विधायक का विवादास्पद बयान,’महिलाएं समाज में विकृति पैदा करने वाले बच्चों को जन्म न दें ‘
गुना:मध्यप्रदेश के गुना सीट से भाजपा विधायक पन्नालाल शाक्य एक बार फिर अपने बोल की वजह से विवादों में आ गए हैं। इस बार वो महिलाओं को ये नसीहत दे रहे हैं,कि वो कैसे बच्चे पैदा करें? विधायक जी ने ज्ञान दिया है कि, ‘महिलाएं बांझ रहें, मगर ऐसे बच्चे को जन्म न दें, जो संस्कारी न हो और जो समाज में विकृति पैदा करते हों’
बुधवार को बहक गए पन्नालाल शाक्य
गुना से बीजेपी विधायक ने महिलाओं को लेकर आपत्तिजनक बयान बुधवार को एक कार्यक्रम में दिया। दरअसल कांग्रेस पर निशाना साधते -साधते पन्ना लाल शाक्य अचानक नेता से संत बन गए, उन्होंने कहा कि ‘कांग्रेस के शासनकाल में गलत नीतियां बनाने वाले नेता पैदा हुए, महिलाएं बांझ रहें, मगर ऐसे बच्चे पैदा न करें ,जो न तो संस्कारी हों,और समाज में विकृति पैदा करते हों’ । कार्यक्रम में मौजूद महिलाएं भी उनके बयान पर बगलें झांकती नजर आईं ।
बयानों से चर्चा में रहना पसंद करते हैं पन्नालाल शाक्य !
अगर आप लगातार ख़बरों पर नजर रखते हैं,तो आपको याद होगा कि गुना से बीजेपी पन्नालाल शाक्य हमेशा इसी तरह के बयान देकर सुर्खियां बटोरते हैं । इससे पहले इन्होेने विराट कोहली और अनुष्का शर्मा की शादी पर भी सवाल उठाया था। पन्नालाल शाक्य ने कहा था, ‘विराट ने पैसा भारत में कमाया, लेकिन विवाह संस्कार करवाने के लिए उन्हें हिन्दुस्तान में कहीं जगह नहीं मिली. क्या हिंदुस्तान इतना अछूत है ? उन्होंने कहा, ‘भगवान राम, भगवान कृष्ण, विक्रमादित्य, युधिष्ठिर का विवाह इसी भूमि पर हुआ है. आप सबके भी हुए होंगे या होने वाले होंगे. मगर हममें से विवाह करने के लिए कोई विदेश नहीं जाता. उन्होंने ( कोहली ) पैसा यहां कमाया और विवाह में अरबों रुपये वहां (इटली) खर्च किए’ ।

ख़बर देश
Monsoon 2026: 11 दिन से थमा मानसून, 19 राज्यों तक पहुंचने के बाद तेलंगाना में अटका, 7 राज्यों में बारिश की भारी कमी

Monsoon 2026: दक्षिण-पश्चिम मानसून 15 दिनों में देश के 19 राज्यों तक पहुंच चुका है, लेकिन 8 जून से इसकी रफ्तार थम गई है। मानसून पिछले 11 दिनों से तेलंगाना के भद्राचलम क्षेत्र में रुका हुआ है, जिसके कारण उत्तर और मध्य भारत के कई राज्यों में बारिश का इंतजार लंबा हो गया है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार देश में अब तक सामान्य से 38 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है।
मानसून की धीमी प्रगति का असर मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, छत्तीसगढ़, हरियाणा और दिल्ली समेत कई राज्यों पर पड़ा है। इन क्षेत्रों में प्री-मानसून गतिविधियां जारी हैं, लेकिन नियमित मानसूनी बारिश नहीं होने से गर्मी और उमस का असर बना हुआ है।
गुजरात और महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा बारिश की कमी
1 जून से 18 जून के बीच हुई बारिश के आंकड़ों के अनुसार गुजरात में सामान्य से 79 प्रतिशत और महाराष्ट्र में 78 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसून की रफ्तार थमने से कृषि और जल भंडारण पर भी असर पड़ सकता है।
एक साथ सक्रिय पांच मौसमीय सिस्टम बने वजह
विशेषज्ञों के मुताबिक मानसून की धीमी चाल के पीछे एक साथ कई मौसमीय सिस्टम सक्रिय होना प्रमुख कारण है। अरब सागर से पर्याप्त नमी वाली हवाएं नहीं पहुंच पा रही हैं, जबकि दक्षिण भारत से उठने वाले बादल उत्तर की ओर बढ़ने में असफल रहे हैं। इसके अलावा वायुमंडलीय परिस्थितियां भी मानसून के पक्ष में नहीं हैं।
सात राज्यों में गर्मी बरकरार, पारा 40 डिग्री के पार
बारिश की कमी के बीच कई राज्यों में गर्मी का असर बना हुआ है। बुधवार को उत्तर प्रदेश के बांदा में देश का सबसे अधिक तापमान 43.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
अन्य प्रमुख शहरों में तापमान इस प्रकार रहा-
- ओडिशा के बौध में 42.8°C
- महाराष्ट्र के ब्रह्मपुरी में 42.3°C
- झारखंड के डाल्टनगंज में 42°C
- छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में 41.6°C
- बिहार के छपरा में 41.6°C
- मध्य प्रदेश के खजुराहो में 41.4°C
अल नीनो के संकेत बढ़ा रहे चिंता
अमेरिकी राष्ट्रीय महासागरीय एवं वायुमंडलीय प्रशासन (NOAA) की रिपोर्ट में अल नीनो जैसी परिस्थितियां बनने के संकेत मिले हैं। रिपोर्ट के अनुसार इंटरट्रॉपिकल कन्वर्जेंस जोन (ITCZ) सामान्य गति से सक्रिय नहीं हो पाया है, जिससे मानसून की प्रगति प्रभावित हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अल नीनो की स्थिति मजबूत होती है तो देश के कुछ हिस्सों में लंबे समय तक सूखा और असमान बारिश देखने को मिल सकती है।
अगले दो दिनों का मौसम
20 जून
- बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में बारिश की संभावना।
- बिहार में 50 से 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
- असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भारी बारिश के आसार।
- राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में गरज-चमक के साथ बारिश तथा तेज हवाएं चल सकती हैं।
21 जून
- सिक्किम, उत्तर बंगाल, असम और मेघालय में भारी बारिश की संभावना।
- राजस्थान और मध्य प्रदेश में तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है।
- झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में गरज-चमक की गतिविधियां बनी रहेंगी।
- तमिलनाडु, पुडुचेरी, कर्नाटक और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में बारिश जारी रहने के आसार हैं।
जेट स्ट्रीम कमजोर होने पर बढ़ेगा मानसून
मौसम विभाग के अनुसार ऊपरी वायुमंडल में सक्रिय जेट स्ट्रीम फिलहाल मानसून की प्रगति को प्रभावित कर रही है। जैसे ही इसका प्रभाव कमजोर होगा, मानसूनी हवाएं तेज होंगी और अगले 4 से 5 दिनों में मानसून महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, कर्नाटक तथा अन्य हिस्सों में आगे बढ़ सकता है। जेट स्ट्रीम पृथ्वी की सतह से लगभग 8 से 15 किलोमीटर की ऊंचाई पर बहने वाली अत्यंत तेज हवाएं होती हैं, जो मानसून और पश्चिमी विक्षोभ दोनों को प्रभावित करती हैं।
ख़बर छत्तीसगढ़
CM Vishnu Deo Sai: देर रात बैठक पर बोले- इमरजेंसी मीटिंग नहीं थी, UCC लागू होगा लेकिन अभी नहीं

Raipur: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मुख्यमंत्री निवास में देर रात तक चली हाई-लेवल बैठक को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लगा दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कोई इमरजेंसी बैठक नहीं थी, बल्कि केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों और अभियानों की समीक्षा बैठक थी।
मोदी सरकार के 12 वर्ष पर हुई समीक्षा
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि केंद्र सरकार के 12 साल पूरे होने पर “12 साल विश्वास के, 12 साल विकास के, 12 साल बेमिसाल” जैसे अभियानों के तहत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि सभी मंत्रियों और विधायकों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। बैठक में इन्हीं कार्यों की समीक्षा की गई और आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा पर चर्चा हुई।
छत्तीसगढ़ में UCC लागू होगा, लेकिन अभी नहीं
बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में UCC लागू करने की दिशा में सरकार काम कर रही है और इसके लिए समिति का गठन भी किया जा चुका है।हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि आगामी मानसून सत्र में UCC विधेयक लाए जाने की संभावना कम है।
मुख्यमंत्री ने कहा, “प्रदेश में UCC लागू होगा, लेकिन मानसून सत्र में इतनी जल्दी इसे लाना संभव नहीं है। समिति अपना काम कर रही है और उसकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की प्रक्रिया होगी।”
देर रात तक चली बैठक से बढ़ी थीं अटकलें
गुरुवार रात मुख्यमंत्री निवास में आयोजित बैठक में राज्य सरकार के सभी मंत्री और संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक देर रात तक चली, जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में मंत्रिमंडल विस्तार और संभावित फेरबदल को लेकर चर्चाएं तेज हो गई थीं।
सूत्रों के अनुसार बैठक रात करीब दो बजे तक चली, जिससे कयास लगाए जा रहे थे कि सरकार और संगठन के स्तर पर कोई बड़ा निर्णय लिया जा सकता है। हालांकि मुख्यमंत्री के बयान के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री मोदी सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर आयोजित कार्यक्रमों की समीक्षा और रणनीति तय करना था।
UCC को लेकर बढ़ी राजनीतिक हलचल
मुख्यमंत्री के बयान के बाद एक बार फिर छत्तीसगढ़ में UCC को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है। राज्य सरकार पहले ही इस विषय पर अध्ययन और सुझावों के लिए समिति गठित कर चुकी है। अब समिति की रिपोर्ट आने के बाद ही सरकार आगे की रणनीति तय करेगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि UCC को लेकर सरकार चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ना चाहती है, ताकि व्यापक सहमति और कानूनी तैयारी के बाद ही इसे लागू किया जा सके।
ख़बर उत्तरप्रदेश
Ayodhya: राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर बोले योगी- 15 दिन इंतजार करिए, दोषी कोई भी हो बचेगा नहीं, SIT दूध का दूध और पानी का पानी करेगी

Ayodhya: राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को अयोध्या पहुंचे। यहां जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने राम मंदिर, विपक्षी दलों और चल रही SIT जांच को लेकर बड़ा बयान दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राम मंदिर निर्माण का विरोध करने वाले लोग आज अयोध्या और रामभक्तों की चिंता जताने का दिखावा कर रहे हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच पूरी पारदर्शिता से होगी और यदि कोई दोषी पाया गया तो उसे बख्शा नहीं जाएगा।
कांग्रेस और सपा पर साधा निशाना
योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर हमला बोलते हुए कहा कि जिन लोगों ने राम मंदिर निर्माण का विरोध किया, वे आज रामभक्तों की चिंता जताने का नाटक कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “राम मंदिर बन न सके, इसके लिए कांग्रेस ने एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया था। सुप्रीम कोर्ट में कहा गया था कि भगवान राम का अस्तित्व ही नहीं था। आज वही लोग अयोध्या को लेकर सबसे ज्यादा बेचैन दिखाई दे रहे हैं।”
सपा पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कारसेवकों और रामभक्तों पर गोली चलवाने वाले लोग अब रामभक्तों के सम्मान की बात कर रहे हैं।
“15 दिन इंतजार करिए, सच्चाई सामने आएगी”
मुख्यमंत्री ने कहा कि ट्रस्ट के अनुरोध पर राज्य सरकार ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। उन्होंने कहा, “अगर किसी के पास कोई सबूत है तो वह SIT को सौंपे। प्रभु श्रीराम ने मर्यादा का पाठ पढ़ाया है। 500 वर्षों तक राम मंदिर के लिए संघर्ष हुआ है, इसलिए 15 दिन और इंतजार कर लीजिए। चिंता मत करिए, यदि कोई अपराधी है तो वह बचेगा नहीं।”
योगी ने लोगों से अपील की कि वे किसी भी तरह की भ्रामक या अनर्गल टिप्पणियों से बचें, जिससे रामभक्तों की भावनाएं आहत हों या अयोध्या की छवि प्रभावित हो।
चार दिनों में SIT ने की कई स्तरों पर जांच
राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण की जांच कर रही SIT लगातार मंदिर ट्रस्ट, कर्मचारियों और वित्तीय व्यवस्था से जुड़े लोगों से पूछताछ कर रही है।
पहले दिन
SIT ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्ट के आमंत्रित सदस्य गोपाल राव से जानकारी ली। जिन कर्मचारियों पर संदेह जताया गया था, उनसे करीब छह घंटे तक पूछताछ की गई।
दूसरे दिन
जांच टीम ने चंपत राय और गोपाल राव से चार-चार घंटे तक विस्तृत पूछताछ की और कई बिंदुओं पर स्पष्टीकरण लिया।
तीसरे दिन
SIT ने बैंक अधिकारियों और नोटों की गिनती करने वाली निजी एजेंसी के प्रतिनिधियों से पूछताछ की। इस दौरान बैंक रिकॉर्ड और वित्तीय दस्तावेजों की भी जांच की गई।
चौथे दिन
जांच टीम लगभग 10 घंटे तक मंदिर परिसर में मौजूद रही। ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र से करीब चार घंटे तक पूछताछ की गई। उनसे दान राशि की गिनती, सुरक्षित रखरखाव, बैंक में जमा प्रक्रिया और कर्मचारियों की नियुक्ति से जुड़े सवाल पूछे गए।
इसके अलावा टिन्नू यादव से भी करीब डेढ़ घंटे तक पूछताछ की गई। टीम ने विभिन्न पक्षों के बयानों का मिलान कर तथ्यों की पुष्टि करने का प्रयास किया।
जांच रिपोर्ट पर टिकी निगाहें
राम मंदिर में चढ़ावे की कथित हेराफेरी के आरोपों के बाद पूरे मामले ने राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा बटोरी है। अब सभी की नजर SIT की अंतिम रिपोर्ट पर है, जिससे यह स्पष्ट होगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और क्या किसी स्तर पर वित्तीय अनियमितता हुई है।
ख़बर दुनिया
US Iran Deal: अमेरिका-ईरान के बीच अंतरिम शांति समझौता लागू, ट्रम्प ने वर्साय पैलेस में किए हस्ताक्षर, होर्मुज स्ट्रेट खोलने पर सहमति

US Iran Deal: अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से जारी तनाव और सैन्य संघर्ष को रोकने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए दोनों देशों ने अंतरिम शांति समझौते (MoU) पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने फ्रांस के वर्साय पैलेस में समझौते पर हस्ताक्षर किए, जबकि ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से दस्तखत किए। समझौता तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।
समझौते के तहत दोनों देशों ने सैन्य कार्रवाई रोकने, होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलने और अमेरिका द्वारा लागू नौसैनिक नाकेबंदी को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने पर सहमति जताई है। साथ ही अगले 60 दिनों के भीतर स्थायी समझौते के लिए वार्ता जारी रखने का फैसला किया गया है।
ट्रम्प बोले- डील साइन हो गई
समझौते पर हस्ताक्षर के बाद वर्साय पैलेस से बाहर निकलते समय ट्रम्प ने मीडिया से कहा, “डील साइन हो गई है।” फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों भी इस दौरान मौजूद थे। वर्साय में आयोजित समारोह को इस समझौते का प्रतीकात्मक और ऐतिहासिक क्षण माना जा रहा है।
समझौते की प्रमुख बातें
- ईरान और अमेरिका के बीच सैन्य टकराव पर रोक।
- लेबनान में सैन्य गतिविधियां समाप्त करने का प्रावधान।
- होर्मुज स्ट्रेट को अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों के लिए फिर से खोलना।
- अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी को 30 दिनों के भीतर हटाना।
- 60 दिनों के भीतर स्थायी समझौते के लिए नई वार्ता।
- ईरान के परमाणु कार्यक्रम और प्रतिबंधों पर आगे चर्चा।
होर्मुज स्ट्रेट पर दुनिया की नजर
होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक तेल आपूर्ति का प्रमुख मार्ग माना जाता है। दुनिया के लगभग 20% तेल और एलएनजी (LNG) का परिवहन इसी रास्ते से होता है। समझौते के बाद इस समुद्री मार्ग के दोबारा खुलने से वैश्विक ऊर्जा बाजारों को राहत मिलने की उम्मीद है।
नेतन्याहू बोले- दक्षिणी लेबनान से सेना नहीं हटेगी
अमेरिका-ईरान समझौते के बाद इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने पहली प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इजराइल दक्षिणी लेबनान से अपनी सेना नहीं हटाएगा। उन्होंने कहा कि उत्तरी सीमा की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दक्षिणी लेबनान में सुरक्षा क्षेत्र बनाए रखना आवश्यक है। जब तक इजराइल की सुरक्षा जरूरतें बनी रहेंगी, सेना वहां तैनात रहेगी।
स्थायी समझौते पर टिकी निगाहें
विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता फिलहाल युद्धविराम और तनाव कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंधों और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर स्थायी समाधान अभी बाकी है। अगले 60 दिनों की वार्ता इस समझौते के भविष्य को तय करेगी।
ख़बर देश
Rajya Sabha Election 2026: NDA को 19, INDIA ब्लॉक को 6 सीटें, झारखंड में क्रॉस वोटिंग से बदला खेल

Rajya Sabha Election 2026: देश के 12 राज्यों की 26 राज्यसभा सीटों के लिए हुई चुनाव प्रक्रिया गुरुवार को पूरी हो गई। चुनाव परिणामों में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को 19 सीटें, INDIA ब्लॉक को 6 सीटें और मिजोरम की एक सीट क्षेत्रीय दल जोराम पीपुल्स मूवमेंट (ZPM) के खाते में गई। इस चुनाव में NDA और INDIA ब्लॉक दोनों को एक-एक सीट का शुद्ध लाभ मिला है। अधिकांश सीटों पर उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए, जबकि झारखंड और मिजोरम में मतदान कराना पड़ा।
झारखंड में क्रॉस वोटिंग से NDA समर्थित उम्मीदवार की जीत
झारखंड की दो राज्यसभा सीटों के लिए हुए चुनाव में NDA समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार और उद्योगपति परिमल नाथवानी तथा झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के उम्मीदवार बैद्यनाथ राम विजयी रहे। चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा को हार का सामना करना पड़ा। परिणाम के बाद कांग्रेस ने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और वाम दलों पर सहयोग नहीं करने का आरोप लगाया है।
मिजोरम में ZPM उम्मीदवार की जीत
मिजोरम की एकमात्र राज्यसभा सीट पर जोराम पीपुल्स मूवमेंट (ZPM) के उम्मीदवार के. लल्टलुआंगकिमा ने जीत हासिल की। इस सीट पर मुकाबला होने के कारण मतदान कराया गया था।
23 सीटों पर उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए
राज्यसभा की 26 सीटों में से 23 सीटों पर उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए। दरअसल, 10 राज्यों की 24 सीटों पर सदस्यों का कार्यकाल पूरा होने के कारण चुनाव हुए थे। इनमें 8 राज्यों की 21 सीटों पर केवल उतने ही उम्मीदवार मैदान में थे जितनी सीटें थीं, इसलिए वे निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिए गए। इसके अलावा महाराष्ट्र और तमिलनाडु में एक-एक राज्यसभा सीट पर उपचुनाव भी हुए, जहां उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए।
NDA और INDIA ब्लॉक के लिए क्या रहे नतीजे
राज्यसभा चुनाव के नतीजों में NDA को कुल 19 सीटें मिलीं, जबकि INDIA गठबंधन को 6 सीटों पर सफलता मिली। एक सीट क्षेत्रीय दल ZPM के खाते में गई। झारखंड में क्रॉस वोटिंग और कुछ सीटों पर राजनीतिक समीकरणों में बदलाव के कारण दोनों प्रमुख गठबंधनों को एक-एक सीट का अतिरिक्त फायदा हुआ। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि राज्यसभा की बदलती संख्या आने वाले समय में संसद के उच्च सदन में विधायी रणनीतियों को प्रभावित कर सकती है।
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