ख़बर मध्यप्रदेश
MP News: मुख्यमंत्री की पहल पर हुई ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण देने सर्वदलीय बैठक, सर्वसम्मति से संकल्प पारित किया गया

Bhopal: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण देने का विषय सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है। प्रदेश में सभी राजनीतिक दल अन्य पिछड़ा वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए सहमत हैं। विभिन्न पक्षों के अधिवक्ता इस विषय में न्यायालय के सामने अपने-अपने बिन्दु रख रहे हैं। सर्वोच्च न्यायालय अन्य पिछड़ा वर्ग आरक्षण विषय पर 22 सितम्बर से प्रतिदिन सुनवाई करेगा। इस विषय पर सभी दलों की सहमति हो, इस संबंध में गुरूवार को मुख्यमंत्री निवास पर सर्वदलीय बैठक हुई।
बैठक में सर्वसम्मति से संकल्प पारित किया गया कि इस विषय में सभी दल एकजुट होकर एक फोरम पर आएंगे और विभिन्न पक्षों के अधिवक्तागण भी 10 सितम्बर तक एक साथ बैठक करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण के संबंध में मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में हुई सर्वदलीय बैठक के बाद जारी अपने संदेश में यह बात कही।
बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी राजनीतिक दल एक मत से राज्य में अन्य पिछड़ा वर्ग के सदस्यों को 27 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने के लिए कटिबद्ध हैं। प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग के सदस्यों को राज्य शासन और उसके विभिन्न घटकों द्वारा की गई चयन प्रक्रिया में विभिन्न न्यायिक आदेशों के फलस्वरूप नियुक्ति आदेश जारी किए जाने से वंचित शेष 13 प्रतिशत अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र जारी किए जाने सभी दल एकजुट होकर इसे क्रियान्वित करने के लिए विधायिका, न्यायपालिका और कार्यपालिका के सभी फोरम पर मिलकर प्रयास करेंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने अन्य पिछड़ा वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण देने की अपनी प्रतिबद्धता के अनुसार हरसंभव प्रयास किए हैं। जिन विभागों में गुंजाइश थी उन सभी विभागों में आरक्षण देने में सरकार पीछे नहीं रही। कई विभाग जिनमें स्टे नहीं था, जैसे लोक निर्माण विभाग आदि में 27 प्रतिशत आरक्षण दिया गया। इस विषय में राज्य सरकार वरिष्ठतम अधिवक्ताओं की सलाह लेने और राज्य सरकार का पक्ष रखने में उनका सहयोग लेने के लिए वर्तमान में भी सहमत और तत्पर हैं। उन्होंने कहा कि अन्य पिछड़ा वर्ग को उनका हक दिलाने में प्रधानमंत्री मोदी की पहल पर हो रही जातिगत जनगणना से भी मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा इस विषय पर सर्वदलीय बैठक आयोजित करने की पहल की राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने सराहना की। सर्वदलीय बैठक में शामिल सभी राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों और सदस्यों ने अन्य पिछड़ा वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने के प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित किया। बैठक में प्रदेश अध्यक्ष कांग्रेस जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष एवं विधायक उमंग सिंघार, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कांग्रेस अरूण यादव, प्रदेश अध्यक्ष बहुजन समाज पार्टी रमाकांत पिप्प्ल, प्रदेश अध्यक्ष समाजवाद पार्टी मनोज यादव, प्रदेश अध्यक्ष गोंडवाना गणतंत्र पार्टी एवं विधायक तलेश्वर सिंह मरकाम, प्रदेश अध्यक्ष आम आदमी पार्टी एवं महापौर नगर पालिक निगम सिंगरौली रानी अग्रवाल, भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी के जे.पी दुबे, पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल तथा अधिवक्ता वरूण ठाकुर उपस्थित थे।
बैठक में पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर, अध्यक्ष पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग रामकृष्ण कुसमारिया, विधायक एवं प्रदेश अध्यक्ष भाजपा हेमंत खंडेलवाल, सतना सांसद गणेश सिंह तथा विधायक प्रदीप शामिल हुए। बैठक में एडवोकेट जनरल प्रशांत सिंह ने वर्चुअली सहभागिता की। मुख्य सचिव अनुराग जैन, प्रमुख सचिव विधि एन.पी. सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सर्वदलीय बैठक को स्वागत योग्य पहल बताया। समाजवाटी पार्टी के मनोज यादव ने कहा कि अन्य पिछड़ा वर्ग को उनका अधिकार मिलना चाहिए। पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडलवाल तथा भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के जे.पी. दुबे ने भी अपने विचार रखे।
अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए शिक्षा एवं सेवाओं में आरक्षण 27 प्रतिशत किए जाने संबंधी जानकारी
दिनांक 8 मार्च 2019 को म.प्र. शासन द्वारा अध्यादेश जारी कर अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए शिक्षा एवं सेवाओं में आरक्षण 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत किया गया। दिनांक 14 अगस्त 2019 को विधानसभा में विधेयक पारित कर इसे कानून के रूप में लागू किया गया।
वर्तमान में 19 मार्च 2019 को दायर WP 5901/ 2019 (आशिता दुबे विरुद्ध मध्यप्रदेश शासन) सहित 40 से अधिक प्रकरण उच्चतर न्यायालयों में प्रचलन में हैं, जिनमें मूलतः अंतरिम आदेश द्वारा अध्यादेश/अधिनियम में 14 प्रतिशत से अधिक आरक्षण के क्रियान्वयन पर रोक लगाई गई है, परंतु अधिनियम की वैधानिकता पर न्यायालय द्वारा कोई प्रतिकूल टिप्पणी नहीं की गई है। अतः उपरोक्त अधिनियम आज की स्थिति में वैधानिक है एवं इसकी वैधानिकता पर वर्तमान में उच्चतम न्यायालय में याचिका क्रमांक Writ Petition (s) (Civil) No(s). 606/2025 में अंतिम सुनवाई 22 सितंबर 2025 से प्रारंभ होना नियत है।
दिनांक 19 मार्च 2019 को दायर याचिका WP 5901/2019 (आशिता दुबे विरुद्ध मध्यप्रदेश शासन) में अंतरिम आदेश द्वारा अध्यादेश के आधार पर 14 प्रतिशत से अधिक आरक्षण महाविद्यालय में प्रवेश के दौरान न देने के निर्देश दिये। (चिकित्सा शिक्षा विभाग) WP No.-25181/2019, WP No.-8923/2020 एवं 40 अन्य याचिकाओं में 27 प्रतिशत आरक्षण के साथ प्रकाशित विज्ञापनों (यथा MPPSC, PEB, TET आदि) पर रोक लगाई गई। उपरोक्त प्रकरणों में समय-समय पर पारित अंतरिम आदेश के कारण प्रावधानित 27 प्रतिशत अन्य पिछडा वर्ग आरक्षण का क्रियान्वयन प्रायोगिक रूप से संभव नहीं हो पाया है।
शासन द्वारा उच्च न्यायालय जबलपुर में प्रचलित WP No.-25181/2019, WP No.-8923/2020 एवं 40 अन्य याचिकाओं को WP 5901/2019 के साथ सम्मिलित कराया गया। उपरोक्त याचिकाओं में पारित अंतरिम आदेशों के मद्देनजर महाधिवक्ता के माध्यम से मध्यप्रदेश शासन द्वारा प्रभावी प्रतिरक्षण की कार्यवाही सुनिश्चित की गई।
दिनांक 29 सितंबर 2022 को सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग को परीक्षा परिणाम दो भागों में, 87 प्रतिशत पदों पर मुख्य तथा 13 प्रतिशत पदों पर प्रावधिक परिणाम घोषित करने के निर्देश जारी किये गए।
दिनांक 27 जनवरी 2024 को सामान्य प्रशासन विभागद्वारा मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन बोर्ड को परीक्षा परिणाम दो भागों में, 87 प्रतिशत पदों पर मुख्य तथा 13 प्रतिशत पदों पर प्रावधिक परिणाम घोषित करने के निर्देश जारी किये गए।
50 प्रतिशत की उपरोक्त सीमा के संबंध में विद्यमान असाधारण परिस्थितियों (Extra ordinary circumstances) का विवरण/विश्लेषण का आधार अधिनियम में स्पष्ट नहीं है। अधिनियम के प्रभावी प्रतिरक्षण का सशक्त प्रयास मध्यप्रदेश शासन द्वारा महाधिवक्ता के माध्यम से किया जा रहा है।
दिनांक 02 सितंबर 2021 को मध्यप्रदेश पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग का गठन किया गया। मध्यप्रदेश पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग के उद्देश्य अनुसार – पिछड़े वर्गों की सामाजिक, शैक्षणिक एवं आर्थिक प्रस्थिति, इस वर्ग के पिछड़ेपन के कारणों के अध्ययन हेतु शासन आदेश दिनांक 06/10/2023 द्वारा दो सदस्यों की नियुक्ति की गई। अन्य असाधारण परिस्थितियों का चिन्हांकन भी उद्देश्यों में शामिल है।
दिनांक 05 मई 2022 को मध्यप्रदेश पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग द्वारा म.प्र. शासन को प्रथम प्रतिवेदन एवं दिनांक 12 मई 2022 को द्वितीय प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया।
सुरेश महाजन बनाम म.प्र. शासन WP 278/2022 केस में दिनांक 18 मई 2022 को उच्चतम न्यायालय द्वारा स्थानीय निर्वाचन (ग्रामीण एवं नगरीय निकाय), अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण (35 प्रतिशत तक) के साथ चुनाव करवाने हेतु अनुमति प्रदान की गई। अन्य पिछड़ा वर्ग के राजनैतिक प्रतिनिधित्व के लिए यह अभूतपूर्व कदम था।
विभिन्न राज्यों में अन्य पिछड़ा वर्ग आरक्षण और कुल आरक्षण की सापेक्ष स्थिति के दृष्टिगत भी राज्य सरकार अपना पक्ष रख रही है।
उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण के संबंध में विचाराधीन समस्त याचिकाएँ उच्चतम न्यायालय नई दिल्ली, स्थानांतरित की गयी। वर्तमान में उच्चतम न्यायालय में याचिका क्रमांक Writ Petition(s) (Civil) No(s). – 606/2025 में अंतिम सुनवाई 22 सितंबर 2025 से प्रारंभ होना नियत है।
दिनांक 23 जुलाई 2025 को पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग के नए अध्यक्ष और सदस्य की नियुक्ति की गई है।
मध्यप्रदेश पिछडा वर्ग कल्याण आयोग ने शासन स्तर पर अन्य पिछड़ा वर्ग के सामाजिक, शैक्षणिक, आर्थिक एवं राजनैतिक आंकड़ों को एकत्रित करने के साथ साथ उनके पिछड़ेपन के कारणों का सर्वेक्षण तथा वैज्ञानिक अध्ययन करने के लिए डॉ. बी.आर. अम्बेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय (महू) एवं म.प्र. जन अभियान परिषद (योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग) को कार्य सौंपा है। साथ ही उपलब्ध आंकड़ों के सामाजिक-वैज्ञानिक अनुसन्धान एवं सांख्यिकीय विश्लेषण हेतु विशेषज्ञ संस्थाओं की सेवायें भी ली जा रही हैं।
मध्यप्रदेश पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग द्वारा उपरोक्त बिन्दुओं पर अनुभवजन्य एवं विश्लेषणात्मक प्रतिवेदन तैयार करने की प्रक्रिया प्रचलन में है। प्रतिवेदन प्राप्त होने के उपरांत शासन द्वारा आगामी कार्यवाही की जाएगी।
ख़बर मध्यप्रदेश
MP News: पचमढ़ी में 17 साल की छात्रा से गैंगरेप, जिप्सी चालक समेत 3 हिरासत में

पचमढ़ी: मध्य प्रदेश के पचमढ़ी में 17 साल की नाबालिग छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पुलिस ने मामले में एक स्थानीय जिप्सी चालक समेत तीन आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। आरोप है कि आरोपियों ने छात्रा के दोस्त को बंधक बनाकर उसे डराया-धमकाया और वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने हरिओम, पवन बंसल और अभिषेक वंशकार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।
घूमने के बहाने जंगल में ले गए
पुलिस के मुताबिक, पीड़िता पचमढ़ी में पढ़ाई करती है। 19 अगस्त की दोपहर करीब 2 बजे उसका स्कूल फ्रेंड उससे मिलने पचमढ़ी आया था। बस स्टैंड पर दोनों की मुलाकात जिप्सी चालक हरिओम से हुई। उस समय उसके साथ पवन बंसल और अभिषेक वंशकार भी मौजूद थे। इसके बाद सभी जिप्सी से घूमने के लिए निकले।
आरोप है कि तीनों युवक छात्रा और उसके दोस्त को दक्षिण स्काउट गाइड के पास जंगल की ओर ले गए। वहां दोनों को डराया-धमकाया गया। विरोध करने पर छात्रा के दोस्त को बंधक बना लिया गया और इसके बाद छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया।
वारदात के बाद आरोपी दोनों को बस स्टैंड पर छोड़कर चले गए। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने घटना के बारे में किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी भी दी।
स्कूल जाना बंद करने पर हुआ मामले का खुलासा
घटना के बाद पीड़िता डर के कारण घर लौट आई और स्कूल जाना बंद कर दिया। बड़ी बहन ने जब स्कूल नहीं जाने की वजह पूछी तो उसने पूरी घटना बताई। इसके बाद रविवार रात पीड़िता परिजनों के साथ पचमढ़ी थाने पहुंची और शिकायत दर्ज कराई।
तीनों आरोपियों पर पॉक्सो एक्ट में केस
मामले की जानकारी मिलने के बाद पिपरिया से महिला सब-इंस्पेक्टर मोनिका सिंह पचमढ़ी पहुंचीं और पीड़िता के बयान दर्ज किए। पुलिस ने हरिओम, पवन बंसल और अभिषेक वंशकार के खिलाफ BNS की धारा 70(2), 115(2), 351(3), 3(5) और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपियों से जुड़ी अन्य जानकारी भी जुटाई जा रही है।
ख़बर मध्यप्रदेश
MP Weather: प्रदेश में मानसून फिर एक्टिव, 5 जिलों में अति भारी बारिश का अलर्ट, प्रशासन को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश

भोपाल: मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। इसके चलते प्रदेश के कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। मौसम की गंभीर स्थिति को देखते हुए राहत आयुक्त कार्यालय, भोपाल ने जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के कलेक्टरों और संभागीय आयुक्तों को वायरलेस संदेश भेजकर अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं।
5 जिलों में अति भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग की चेतावनी के मुताबिक 20 अगस्त की सुबह 8:30 बजे तक सतना, कटनी, पन्ना, दमोह और मैहर में कुछ स्थानों पर 115.6 से 204.4 मिलीमीटर तक अति भारी बारिश हो सकती है। इन जिलों में बारिश के साथ गरज-चमक, आकाशीय बिजली गिरने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना जताई गई है।
9 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
इसके अलावा सीधी, रीवा, मऊगंज, शहडोल, जबलपुर, मंडला, सागर, छतरपुर और टीकमगढ़ में भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में 64.5 से 115.5 मिलीमीटर तक बारिश होने की संभावना है। यहां भी गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने का अनुमान है।
निचले इलाकों और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों पर खास नजर
राहत आयुक्त कार्यालय ने संबंधित जिलों के कलेक्टर, संभागीय आयुक्त और पुलिस अधिकारियों को मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन को निचले इलाकों, जलभराव वाले स्थानों और संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है। साथ ही किसी भी आपात स्थिति में राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
ख़बर मध्यप्रदेश
MP Cabinet: लाड़ली बहना-लक्ष्मी योजना अगले 5 साल जारी रखने का फैसला, 18 प्रस्तावों को मंजूरी

भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में राज्य सरकार ने कई अहम फैसलों को मंजूरी दी। मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना और मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना को अगले पांच साल तक जारी रखने का फैसला किया गया है। दोनों योजनाओं पर सरकार कुल 1 लाख 30 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च करेगी।
कैबिनेट ने इसके अलावा प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं, किसानों से जुड़ी तीन योजनाओं और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की योजनाओं को भी अगले पांच साल तक जारी रखने की मंजूरी दी है। बैठक में ‘निर्मल एवं अविरल मां नर्मदा मिशन’ यानी नमन मिशन के गठन को भी मंजूरी मिली।
लाड़ली बहना योजना पर 1.14 लाख करोड़ खर्च
महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रस्ताव के मुताबिक मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना-2023 अगले पांच साल तक जारी रहेगी। इस अवधि में योजना पर 1,14,365 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। वहीं मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना को भी अगले पांच साल तक जारी रखने का फैसला किया गया है। इस योजना के लिए 16,326 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
मातृ वंदना योजना के लिए 2,137 करोड़
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना को वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है। योजना में 60% हिस्सा केंद्र सरकार और 40% हिस्सा राज्य सरकार का रहेगा। अगले पांच साल में इस योजना पर 2,137 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।
स्वास्थ्य योजनाओं पर 11,835 करोड़ रुपए
लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की मौजूदा योजनाओं को भी अगले पांच साल तक जारी रखने की मंजूरी मिली है। इनमें उप स्वास्थ्य केंद्रों की निरंतरता, स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना, अस्पताल और औषधालय भवनों का निर्माण शामिल है। आशा कार्यकर्ताओं को मिलने वाले अतिरिक्त प्रोत्साहन को भी जारी रखा जाएगा। स्वास्थ्य क्षेत्र की इन योजनाओं पर पांच साल में 11,835 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।
नर्मदा मिशन को मंजूरी
कैबिनेट ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के ‘निर्मल एवं अविरल मां नर्मदा मिशन’ यानी नमन मिशन के गठन को मंजूरी दे दी है। इसका उद्देश्य नर्मदा नदी से जुड़े संरक्षण और विकास कार्यों को संस्थागत रूप से आगे बढ़ाना है।लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि मां नर्मदा को अविरल बनाए रखने के लिए इस मिशन को मंजूरी दी गई है। उन्होंने बताया कि प्रदेश की 35% से अधिक आबादी नर्मदा नदी के किनारे रहती है।
किसानों की 3 योजनाएं भी 5 साल तक जारी
किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग की 500 करोड़ रुपए से कम वित्तीय आकार वाली तीन विभागीय योजनाओं को भी पांच साल तक जारी रखने की मंजूरी मिली है। इन योजनाओं की अवधि 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक रहेगी।
सड़क विकास निगम में 35 नए पद
मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के सुचारू संचालन के लिए 35 नए पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है। साथ ही पहले से स्वीकृत 7 पदों को 19 सितंबर 2026 के बाद अगले पांच साल तक बनाए रखने की अनुमति भी दी गई है।
विज्ञान विभाग की योजनाओं के लिए 492 करोड़ से ज्यादा
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की अनुसंधान, योजना एवं विकास गतिविधियां, निर्देशन एवं प्रशासन तथा विज्ञान को लोकप्रिय बनाने और उसके प्रसार से जुड़ी योजनाओं को भी जारी रखने की मंजूरी मिली है। मंत्री राकेश सिंह के मुताबिक, विभाग में अगले पांच साल के लिए 492 करोड़ रुपए से अधिक की योजनाएं प्रस्तावित हैं।
पुलिस कर्मियों के मेडिकल बिल मंजूर
गृह विभाग के दो मामलों में राज्य के बाहर निजी अस्पतालों में कराए गए इलाज के देयकों के भुगतान को मंजूरी दी गई है। इनमें भोपाल के निरीक्षक कर्ण सिंह और छतरपुर के सहायक उप निरीक्षक स्वर्गीय चन्द्रभान सिंह के मामले शामिल हैं।
वनपाल की 10% पेंशन तीन साल तक रुकेगी
वन विभाग के सेवानिवृत्त तत्कालीन वनपाल रघुवीर सिंह यादव के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इसमें हानि की राशि की वसूली और तीन साल तक 10% पेंशन रोकने का फैसला शामिल है।
सहकारी निरीक्षक के खिलाफ विभागीय जांच
कैबिनेट ने सेवानिवृत्त सहकारी निरीक्षक प्रवीण जैन के खिलाफ विभागीय जांच शुरू करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है।
कृषि विज्ञान केंद्र के लिए 20 हेक्टेयर जमीन
आईसीएआर के नेशनल सोयाबीन रिसर्च इंस्टीट्यूट के कृषि विज्ञान केंद्र निर्माण के लिए सीहोर जिले की इछावर तहसील के ग्राम भाउखेड़ी में जमीन आवंटित करने को मंजूरी मिली है। कुल 36.022 हेक्टेयर भूमि में से 20 हेक्टेयर जमीन स्थायी पट्टे पर दी जाएगी।
ख़बर मध्यप्रदेश
MP News: भिंड में पिकअप-ट्रक की भिड़ंत, यूपी के 8 मजदूरों की मौत, 23 घायल, धान रोपाई कर लौट रहे थे

भिंड: मध्य प्रदेश के भिंड जिले में नेशनल हाईवे-719 पर सोमवार देर रात भीषण सड़क हादसा हो गया। गोहद इलाके में तेज रफ्तार पिकअप वाहन सामने से आ रहे ट्रक से टकरा गया। हादसे में 8 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 23 लोग घायल हैं। घायलों में ट्रक चालक भी शामिल है। हादसे के वक्त पिकअप में कुल 29 मजदूर सवार थे। सभी ग्वालियर में धान की रोपाई का काम पूरा करने के बाद उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी स्थित अपने गांव लौट रहे थे।
गायों को बचाने के दौरान हुआ हादसा
गोहद चौराहा थाना प्रभारी रामनरेश यादव के मुताबिक, पिकअप की रफ्तार करीब 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे होने का अनुमान है। छीमका गांव के पास हाईवे पर कुछ गायें सड़क पर बैठी थीं। अचानक सामने आए मवेशियों को बचाने के प्रयास में चालक ने पिकअप मोड़ी, लेकिन सामने से आ रहे ट्रक से उसकी जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि पिकअप बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे के बाद पुलिस और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और घायलों को वाहन से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया।
29 मजदूरों में 8 की मौत, 23 घायल
घायल नंदलाल के मुताबिक, पिकअप में 29 मजदूर सवार थे और सभी अलग-अलग गांवों के रहने वाले थे। शुरुआती जानकारी में 4 मजदूरों की मौत और 25 के घायल होने की बात सामने आई थी। बाद में मृतकों की संख्या बढ़कर 8 हो गई। पांच शव गोहद और तीन शव ग्वालियर में रखे गए हैं। मृतकों में 6 लोगों की पहचान हो चुकी है, जबकि 2 की पहचान की जा रही है।
मृतकों में एक ही गांव के 4 लोग
हादसे में थाना मोहम्मदी के बेला तरसिया गांव के रहने वाले उपदेश, अमर सिंह, सुखदेव और रजनीश की मौत हुई। इसके अलावा किशनपुर गांव के गुड्डू, पसगवां के अजीत और हरना निउली के सुभाष की भी जान गई। अन्य मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है।
सीएम योगी ने जताया दुख
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए हैं।
ख़बर मध्यप्रदेश
MP News: पिस्तौल की तलाश में पहुंची पुलिस, अलमारी से मिला करीब 3 करोड़ कैश, गिनती के लिए मंगानी पड़ी मशीन

सागर: मध्य प्रदेश के सागर में पुलिस एक युवक के घर पिस्तौल की तलाश में पहुंची, लेकिन तलाशी के दौरान कुछ ऐसा मिला कि पुलिस भी हैरान रह गई। एक लॉक अलमारी के अंदर रखे बैग से करीब 3 करोड़ रुपए नकद बरामद किए गए। रकम इतनी ज्यादा थी कि नोटों की गिनती के लिए मशीन मंगानी पड़ी। मामला गोपालगंज थाना क्षेत्र के तिली तिगड्डा का है।
इंस्टाग्राम पर पिस्तौल के साथ फोटो मिली थी
पुलिस के मुताबिक, सागर में ऐसे सोशल मीडिया प्रोफाइल की स्क्रीनिंग की जा रही है, जिनमें आपराधिक प्रवृत्ति के लोग पिस्तौल या चाकू के साथ फोटो पोस्ट करते हैं। इसी दौरान दो इंस्टाग्राम प्रोफाइल में पिस्तौल के साथ तस्वीरें मिली थीं। इसी जांच के तहत पुलिस सौरभ अहिरवार के घर पहुंची थी। यहां पिस्तौल के संबंध में पूछताछ और तलाशी ली गई।
लॉक अलमारी खुलवाई तो मिला कैश से भरा बैग
तलाशी के दौरान पुलिस को एक अलमारी लॉक मिली। परिवार के पास उसकी चाबी नहीं थी। इसके बाद पुलिस ने पंचों की मौजूदगी में अलमारी खुलवाई। अलमारी के अंदर एक बैग रखा मिला, जिसमें बड़ी मात्रा में नकदी थी। शुरुआती गिनती में करीब 3 करोड़ रुपए मिलने की बात सामने आई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जब्ती की कार्रवाई गवाहों की मौजूदगी में की जा रही है।
परिवार बोला- रिश्तेदार रख गया था पैसा
पुलिस के मुताबिक, सौरभ अहिरवार ड्राइवर है और उसका भाई ऑटो चलाता है। परिवार का कहना है कि अलमारी और उसमें रखा पैसा उनका नहीं है। परिजनों के अनुसार, उनके रिश्तेदार रमेश अहिरवार करीब 8-9 महीने पहले यह रकम यहां रख गए थे। परिवार का दावा है कि रमेश भोपाल के चूना भट्टी इलाके में रहते हैं और PWD में इंजीनियर हैं।पुलिस अब इस दावे की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इतनी बड़ी रकम कहां से आई।
संबंधित एजेंसियों को दी जाएगी जानकारी
मौके पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी पहुंच गए हैं और परिवार के लोगों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पहले जब्ती और नकदी की गिनती की कार्रवाई पूरी की जाएगी। इसके बाद मामले की जानकारी संबंधित जांच एजेंसियों को दी जाएगी। फिलहाल, कैश के वास्तविक स्रोत और उसके मालिकाना हक को लेकर जांच जारी है।
ख़बर दुनिया24 hours agoBangladesh: हिंदू परिवार के 4 लोगों की संदिग्ध मौत, बंद घर से रिटायर्ड शिक्षक, पत्नी, बेटी और 12 साल के बेटे के शव मिले
ख़बर छत्तीसगढ़8 hours agoChhattisgarh: IGKV पेपर लीक मामले में 6 गिरफ्तार, प्राचार्य और मास्टरमाइंड बर्खास्त
ख़बर देश2 hours agoअमरावती जिला अस्पताल के NICU में आग, 3 नवजातों की मौत, 39 बच्चे भर्ती थे; वेंटिलेटर में धमाके के बाद आग लगने की आशंका
ख़बर मध्यप्रदेश28 minutes agoMP News: पचमढ़ी में 17 साल की छात्रा से गैंगरेप, जिप्सी चालक समेत 3 हिरासत में

















