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Chhattisgarh: साय सरकार का विधानसभा में प्रथम अनुपूरक बजट पारित, मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना फिर होगी शुरू

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Chhattisgarh: Sai government's first supplementary budget passed in the Assembly, Chief Minister's pilgrimage scheme will start again

Raipur: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार का विधानसभा में प्रथम अनुपूरक बजट ध्वनिमत से पारित हो गया। वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी द्वारा वर्ष 2024-25 के लिए प्रस्तुत किए गए 7 हजार 329 करोड़ रूपए के प्रथम अनुपूरक बजट में महतारी वंदन योजना, लोकनायक जयप्रकाश सम्मान निधि, नियद नेल्लानार, पीएम जनमन योजना के साथ ही खेल सुविधाओं, आंगनबाड़ी भवन, देवगुड़ियों के निर्माण उन्नयन, इन्क्यूबवेशन सेंटर की स्थापना सहित अनेक विकास कार्यों के लिए प्रावधान रखे गए हैं। मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना फिर शुरू की जा रही है, इसके लिए भी बजट प्रावधान रखा गया है।

साय सरकार ने प्रधानमंत्री मोदी के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने छत्तीसगढ़ विजन (अमृतकाल 2047) को दृष्टिगत रखते हुए अनुपूरक बजट विधानसभा में प्रस्तुत किया, जिसे विस्तृत चर्चा के पश्चात ध्वनिमत से पारित किया गया। वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने विधानसभा में अनुपूरक बजट में चर्चा के दौरान बताया कि वर्ष 2024-25 के मुख्य बजट में व्यय का प्रावधान – 1 लाख 47 हजार 446 करोड़ तथा प्रथम अनुपूरक 7 हजार 329 करोड़ रूपए को मिलाकर अब बजट का आकार 01 लाख 54 हजार 775 करोड़ रूपए हो गया है। प्रथम अनुपूरक में राजस्व व्यय – 6 हजार 825 करोड,़ पूंजीगत व्यय – 504 करोड़, कुल व्यय – 7 हजार 329 करोड़ है।

वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि राज्य में महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन एवं सशक्तीकरण को बढ़ावा देने के लिए संचालित की जा रही है। महतारी वंदन योजना के लिए प्रथम अनुपूरक में 4 हजार 900 करोड़ का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है। राज्य के लोकतंत्र सेनानियों (मीसाबंदियों) को लोकनायक जयप्रकाश नारायण सम्मान निधि अंतर्गत 42 करोड़ का आकस्मिकता निधि अग्रिम स्वीकृत करते हुए भुगतान किया गया है। अग्रिम की प्रतिपूर्ति हेतु प्रथम अनुपूरक में 42 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

वित्त मंत्री ने बताया कि राज्य के बस्तर क्षेत्र में वामपंथ उग्रवाद से अधिक प्रभावित 5 जिलों- दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर, नारायणपुर एवं कांकेर के गांवों में अंतिम छोर तक विकास सुनिश्चित करने के उद्देश्य से नियद नेल्लानार – आपका अच्छा गांव योजना अंतर्गत 53 सीआरपीएफ कैंपों के निर्माण एवं क्षेत्र के समग्र विकास हेतु प्रथम अनुपूरक में 5 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इन क्षेत्रों में खेल सुविधाआंे के विकास हेतु 2 करोड़ का प्रावधान किया गया है। 18 नवीन प्राथमिक शाला खोले जाने हेतु प्रथम अनुपूरक में 1 करोड़ का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है। 02 नवीन छात्रावास एवं 12 छात्रावासों में सीट वृद्धि हेतु प्रथम अनुपूरक में 88 लाख का प्रावधान किया गया है।

वित्त मंत्री ने कहा कि देश के सभी आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में पीवीटीजी के समग्र विकास हेतु चलाई जा रही प्रधानमंत्री जनमन योजना तहत राज्य में विशेष रूप से पिछड़ी जनजाति समूह के परिवारों एवं बसाहटों के विकास हेतु बहुउद्देश्यीय केन्द्रों के निर्माण के लिये प्रथम अनुपूरक में 20 करोड़ का प्रावधान है। इन क्षेत्रों में 57 मोबाईल मेडिकल यूनिट के संचालन हेतु अनुपूरक में 2 करोड़ 72 लाख का प्रावधान है। पीव्हीटीजी बसाहटों के विद्युतीकरण हेतु अनुपूरक बजट में 3 करोड़ 76 लाख का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है।

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वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य में ग्रीन ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देने हेतु ई-बस सेवा योजना अंतर्गत रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर एवं कोरबा हेतु कुल 240 बसों के इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, जिसकी अनुमानित लागत 66 करोड़ है, के लिए प्रथम अनुपूरक में 40 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसी प्रकार छत्तीसगढ़ राज्य इलेक्ट्रिक वाहन नीति के तहत इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीदी को प्रोत्साहित करने के लिए लोगों को सब्सिडी प्रदाय करने हेतु वर्ष 2024-25 के मुख्य बजट में 30 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इस योजना को लोगों का अच्छा प्रतिसाद मिला है। अतः योजना में अतिरिक्त आवश्यकता को देखते हुए प्रथम अनुपूरक में 20 करोड़ का अतिरिक्त प्रावधान रखा गया है।

वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य में सड़कों के अनुरक्षण एवं संधारण हेतु 150 करोड़ का प्रावधान प्रथम अनुपूरक में किया गया है। प्रदेश में 3 हजार 352 आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण हेतु प्रथम अनुपूरक में 50 करोड़ का प्रावधान रखा गया है। ग्रामीण क्षेत्र में सभी आंगनबाड़ियों के भवन स्वीकृत हो गये हैं। लोक निर्माण विभाग के विश्राम भवनों, ट्रांजिट हॉस्टल एवं कार्यालय भवनों में ऑनग्रिड सोलर प्लांट की स्थापना एवं अनुरक्षण कार्य हेतु प्रथम अनुपूरक में 5 करोड़ का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं विकास योजना अंतर्गत मुख्य बजट में 94 करोड़ 38 लाख का प्रावधान है। ग्रामीण क्षेत्रों में 67 नवीन सड़कों के निर्माण कार्य, जिनकी अनुमानित लागत 170 करोड़ है, के लिए प्रथम अनुपूरक में 25 करोड़ का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है।

वित्त मंत्री ने कहा कि वन प्रबंधन समितियों को बांस कूपों एवं काष्ठ कूपों के विदोहन से प्राप्त होने वाले वनोपज के मूल्य का लाभांश वितरण हेतु 31 करोड़ का प्रावधान किया गया है। बिगड़े वनों के सुधार एवं बांस वनों के सुधार हेतु 25 करोड़ का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है। कानन पेण्डारी जूलॉजिकल गार्डन बिलासपुर में वन्यप्राणियों की खाद्य सामग्री हेतु 10 करोड़ का प्रावधान किया गया है। 27वीं अखिल भारतीय वन खेलकूद प्रतियोगिता आयोजित करने हेतु 7 करोड़ 50 लाख का प्रावधान किया गया है। तेन्दूपत्ता संग्राहक परिवारों को चरणपादुका प्रदाय करने हेतु 5 करोड़ का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है।

वित्त मंत्री ने कहा कि मिलेट उत्पादों के प्रचार-प्रसार एवं विकास कार्यों के लिए 5 करोड़ का प्रावधान किया गया है। संयुक्त वन प्रबंधन का सुदृढी़करण एवं विकास योजना अंतर्गत देवगुड़ियों के निर्माण, उन्नयन एवं संरक्षण हेतु 3 करोड़ का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है। राज्य में लाख उत्पादन में वृद्धि तथा उत्पादित लाख प्रसंस्करण आदि को बढ़ावा देकर कृषकों के आय में वृद्धि करने हेतु केन्द्रों के सुदृढ़ीकरण, अनुसंधान एवं क्षमता विकास कार्य के लिए 1 करोड़ का प्रावधान किया गया है। छत्तीसगढ़ राज्य जलवायु परिवर्तन केन्द्र के उन्नयन एवं सुदृढ़ीकरण हेतु 2 करोड़ 50 लाख का प्रावधान किया गया है।

हमारी सरकार के पिछले कार्यकाल में प्रारंभ की गयी मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना, जिसे पिछली सरकार द्वारा बंद कर दिया गया था, को पुनः प्रारंभ किया गया है। इस योजना के अंतर्गत प्रदेश के वरिष्ठ नागरिकों एवं दिव्यांगों को देश के प्रमुख तीर्थों की यात्रा कराने हेतु अनुपूरक में 25 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

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राज्य की नदियों, नालों को प्रदूषण से बचाने हेतु सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाकर जल को उपचारित कर शुद्ध बनाने के लिये 260 करोड़ का प्रावधान किया गया है। प्रदेश में साईंस सिटी की स्थापना हेतु 36 करोड़ 81 लाख का प्रावधान किया गया है। नवा रायपुर अटल नगर में इनोवेशन हब एवं Incubation Center की स्थापना हेतु 10 करोड़ का प्रावधान किया गया है। वर्ष 2014 में 300 स्टार्टअप से आज वर्ष 2024 में भारत में स्टार्टअप की संख्या 400 गुना बढ़कर लगभग 1,27,000 हो गई है। इनमें 100 से अधिक यूनिकॉर्न हैं।

नवा रायपुर में खेल काम्पलेक्स निर्माण हेतु 2 करोड़ का प्रावधान किया गया है। राज्य में राष्ट्रीय खेल 2028 (नेशनल गेम्स) के आयोजन से संबंधित आवश्यक तैयारियों हेतु 1 करोड़ का प्रावधान किया गया है। 30 बिस्तर सिविल अस्पताल माना, जिला-रायपुर में 150 बिस्तरीय प्रांतीय नेत्र संस्थान की स्थापना के लिये 61 पदों के सृजन हेतु 1 करोड़ का प्रावधान किया गया है। नगरीय निकायों में नालंदा परिसर की तर्ज पर 22 स्थानों पर सेन्ट्रल लाईब्रेरी सह रीडिंग जोन के निर्माण हेतु वर्ष 2024-25 के मुख्य बजट में 148 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इनमें से 13 नगरीय निकायों में सेन्टल लाईब्रेरी सह रीडिंग जोन निर्माण हेतु 85 करोड़ की स्वीकृति दी गयी है।

एक जुलाई 2024 से लागू 3 नये आपराधिक कानूनों-भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता एवं भारतीय साक्ष्य संहिता के नियमों के सफलतापूर्वक क्रियान्वयन हेतु प्रशिक्षण एवं सूचना प्रौद्योगिकी संबंधित मदों में अनुपूरक अंतर्गत 10 करोड़ का प्रावधान किया गया है। समग्र शिक्षा अंतर्गत 1464 शालाओं के लिए 4392 गैर शिक्षकीय पदों के सृजन तथा 10 कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय के उन्नयन हेतु 2 करोड़ का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है। दवाई क्रय हेतु स्वास्थ्य विभाग के वर्ष 2024-25 के बजट में 154 करोड़ का प्राावधान है तथा प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों, उप, प्राथमिक, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में दवाई की समुचित उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु 90 करोड़ का अतिरिक्त प्रावधान किया है।

वर्ष 2024-25 के प्रथम अनुपूरक बजट की चर्चा में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, विधायक अटल श्रीवास्तव, उमेश पटेल, अनिला भेड़िया, संगीता सिन्हा, रामकुमार यादव, देवेंद्र यादव, कुंवर सिंह निषाद, राघवेन्द्र कुमार सिंह ने अनुदान मांगों के विरोध में अपनी बात रखी। इसी प्रकार अजय चंद्राकर, धर्मजीत सिंह, अनुज शर्मा, भावना बोहरा, नीलकंठ टेकाम, मोती लाल साहू, गुरु खुशवंत सिंह साहेब, गजेन्द्र यादव ने अनुदान मांगों के पक्ष में अपनी बात रखी।

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रायपुर साहित्य उत्सव 2026: साहित्य प्रेमियों के लिए बड़ी सुविधा, तीन दिनों तक निःशुल्क बस सेवा

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Raipur Literature Festival 2026: A great convenience for literature lovers, free bus service for three days

Raipur: रायपुर साहित्य उत्सव 2026 के दौरान आम नागरिकों, साहित्य प्रेमियों, विद्यार्थियों और युवाओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए शहर में निःशुल्क बस सेवा संचालित की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि परिवहन की किसी भी असुविधा के कारण कोई भी व्यक्ति इस महत्वपूर्ण साहित्यिक आयोजन में शामिल होने से वंचित न रह जाए।

यह निःशुल्क बस सेवा 23, 24 और 25 जनवरी 2026—तीन दिनों तक लगातार संचालित की जाएगी। इन दिनों बसों में यात्रा पूरी तरह निःशुल्क रहेगी, जिससे शहरवासी बिना किसी अतिरिक्त खर्च के रायपुर साहित्य उत्सव में सहभागिता कर सकेंगे। यह व्यवस्था विशेष रूप से विद्यार्थियों, वरिष्ठ नागरिकों और साहित्य प्रेमियों के लिए अत्यंत लाभकारी मानी जा रही है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस सुविधा के अंतर्गत लगभग 15 बसें चलाई जाएंगी। ये बसें उत्सव स्थल तक आने-जाने—दोनों दिशाओं में संचालित होंगी, ताकि कार्यक्रम समाप्ति के बाद भी दर्शकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। भीड़ को देखते हुए बसों की संख्या इस तरह निर्धारित की गई है कि आवागमन सुचारु बना रहे।

शहर के अधिकतम क्षेत्रों को इस सुविधा से जोड़ने के लिए कुल 6 प्रमुख रूट तय किए गए हैं। इन रूट्स के माध्यम से रायपुर के विभिन्न हिस्सों से लोग सीधे उत्सव स्थल तक पहुंच सकेंगे। सभी बसें पुराने रायपुर क्षेत्र से पुरखौती मुक्तांगन, नवा रायपुर स्थित रायपुर साहित्य उत्सव स्थल तक संचालित की जाएंगी।

निःशुल्क बस सेवा में शामिल सभी बसों पर रायपुर साहित्य उत्सव की विशेष ब्रांडिंग की जाएगी। इससे न केवल शहर में साहित्य उत्सव का उत्साहपूर्ण माहौल बनेगा, बल्कि नागरिकों के बीच आयोजन को लेकर जागरूकता भी बढ़ेगी और पूरे रायपुर में उत्सव की पहचान स्पष्ट रूप से दिखाई देगी।

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बसों की विस्तृत समय-सारणी शीघ्र जारी की जाएगी, जिसे विभिन्न माध्यमों से सार्वजनिक किया जाएगा ताकि नागरिक अपनी सुविधा के अनुसार यात्रा की योजना बना सकें। प्रशासन द्वारा यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि बस सेवा समयबद्ध, सुरक्षित और सुव्यवस्थित रूप से संचालित हो।

उल्लेखनीय है कि रायपुर साहित्य उत्सव छत्तीसगढ़ की समृद्ध साहित्यिक और सांस्कृतिक परंपरा को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। निःशुल्क बस सेवा की यह व्यवस्था अधिकाधिक नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है, ताकि समाज के हर वर्ग को इस साहित्यिक उत्सव से जुड़ने का अवसर मिल सके।

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मोरध्वज आरंग महोत्सव 2026 का भव्य समापन, मुख्यमंत्री साय ने की विकास से जुड़ी अहम घोषणाएं

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Raipur: The Mordhwaj Arang Festival 2026 concluded, and Chief Minister Sai made important announcements related to development

Raipur:राजा मोरध्वज की त्याग, धर्म और सत्यनिष्ठा की गौरवशाली परंपरा को समर्पित मोरध्वज आरंग महोत्सव–2026 का भव्य समापन ऐतिहासिक गरिमा और उत्साहपूर्ण वातावरण के साथ सम्पन्न हुआ। समापन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राजा मोरध्वज का जीवन छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक चेतना और नैतिक मूल्यों का अमर प्रतीक है, जो आज भी समाज को सत्य, कर्तव्य और सेवा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आरंग की पुण्यभूमि त्रेता युग में प्रभु श्रीराम के चरण-स्पर्श से और द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण की स्मृतियों से अनुप्राणित रही है। उन्होंने बागेश्वर बाबा में विधिवत जलाभिषेक एवं पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और निरंतर विकास की कामना की।

समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के सर्वांगीण विकास को गति देने वाली कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने समोदा उप तहसील को पूर्ण तहसील का दर्जा देने तथा वहां पूर्णकालिक तहसीलदार की पदस्थापना की घोषणा की। इसके साथ ही मोरध्वज महोत्सव के लिए शासकीय अनुदान ₹5 लाख से बढ़ाकर ₹10 लाख किए जाने की घोषणा भी की गई। मुख्यमंत्री ने क्षेत्र में प्रस्तावित खेल परिसर सहित अन्य अधोसंरचना विकास कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराने का आश्वासन दिया।

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार “मोदी की गारंटी” के अनुरूप जनहित को सर्वोपरि रखते हुए कार्य कर रही है। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, रोजगार और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण को सरकार की विकास नीति का प्रमुख आधार बताया। उन्होंने कहा कि संवेदनशील शासन, त्वरित निर्णय और जनता से सीधा संवाद ही सरकार की कार्यशैली की पहचान है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रसिद्ध सैंड आर्टिस्ट हेमचंद साहू को रेत से भगवान श्रीकृष्ण, भगवान श्रीराम और भगवान बागेश्वरनाथ की दिव्य आकृतियां उकेरने के लिए सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कलाकार की सृजनशीलता की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी कला न केवल हमारी आस्था और सांस्कृतिक विरासत को सशक्त करती है, बल्कि छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान भी दिलाती है।

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समापन समारोह में जनप्रतिनिधियों, साधु-संतों, मातृशक्ति, युवाओं और बड़ी संख्या में उपस्थित नागरिकों की सहभागिता ने आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया। मुख्यमंत्री ने आयोजन समिति को सफल एवं भव्य आयोजन के लिए बधाई देते हुए प्रदेशवासियों को मोरध्वज आरंग महोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

समारोह में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल, गुरु बालकदास साहेब, सांसद विजय बघेल, बृजमोहन अग्रवाल, विधायक इंद्रकुमार साहू, मोतीलाल साहू, रोहित साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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धान खरीदी में अनियमितता पर सख्त रुख: 53 हजार क्विंटल धान की कमी पर कार्रवाई, प्रभारी निलंबित

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Strict action taken against irregularities in paddy procurement: Action taken over shortage of 53,000 quintals of paddy, officer in charge suspended

Raipur: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि धान खरीदी व्यवस्था में किसी भी तरह की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार पारदर्शिता, जवाबदेही और अनुशासन के साथ धान खरीदी एवं भंडारण प्रणाली को संचालित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के दौरान जिला बेमेतरा के धान संग्रहण केंद्र सरदा-लेंजवारा में कुल 12,72,389.56 क्विंटल धान का भंडारण किया गया था। कलेक्टर बेमेतरा के निर्देश पर इस धान के भौतिक सत्यापन एवं गुणवत्ता परीक्षण के लिए राजस्व, खाद्य, मार्कफेड, नागरिक आपूर्ति निगम, सहकारिता, कृषि उपज मंडी, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक दुर्ग सहित संबंधित विभागों की संयुक्त जांच टीम गठित की गई।

संयुक्त जांच दल द्वारा 31 दिसंबर 2025 को किए गए भौतिक सत्यापन में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। जांच के दौरान पाया गया कि धान के स्टैक पूर्ण स्थिति में नहीं थे, बोरे अस्त-व्यस्त पड़े थे और ऑनलाइन स्टॉक एवं मौके पर उपलब्ध धान में बड़ा अंतर पाया गया।
जांच में धान मोटा 4,209.19 क्विंटल और धान सरना 49,430.03 क्विंटल, कुल 53,639.22 क्विंटल धान की कमी दर्ज की गई। इस संबंध में तैयार जांच प्रतिवेदन शासन को आवश्यक कार्रवाई हेतु भेजा गया है।

जांच रिपोर्ट के आधार पर जिला विपणन अधिकारी, बेमेतरा द्वारा संग्रहण केंद्र सरदा-लेंजवारा के प्रभारी नितीश पाठक (क्षेत्र सहायक) को दिनांक 14 जनवरी 2026 से समस्त दायित्वों से मुक्त करते हुए निलंबन एवं विभागीय जांच के आदेश जारी किए गए हैं। प्रशासनिक कार्यों की निरंतरता बनाए रखने के लिए हेमंत कुमार देवांगन, क्षेत्र सहायक को आगामी आदेश तक धान संग्रहण केंद्र लेंजवारा (सरदा) एवं भंडारण केंद्र बेमेतरा का प्रभारी नियुक्त किया गया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है।

भौतिक सत्यापन के दौरान सरदा एवं लेंजवारा संग्रहण केंद्रों में कुल 11,648.62 क्विंटल धान उपलब्ध पाया गया, जिसमें से 3,000 क्विंटल धान का उठाव किया जा चुका है। शेष धान का उठाव नियमानुसार सतत जारी है। जांच में यह भी सामने आया कि संग्रहण केंद्रों में प्लास्टिक बोरों में धान का भंडारण किया गया था, जो निर्धारित मानकों के विरुद्ध है। इस अनियमितता को भी विभागीय जांच के दायरे में शामिल किया गया है।

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार का स्पष्ट संदेश है कि “धान का हर दाना खरीदा जाएगा, किसानों को समय पर पूरा भुगतान मिलेगा, लेकिन अनियमितता करने वालों पर कठोरतम कार्रवाई तय है।” सरकार धान खरीदी व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी, जवाबदेह और किसान हितैषी बनाने के लिए सख़्ती और संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है।

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वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ: छत्तीसगढ़ में 19 से 26 जनवरी तक द्वितीय चरण के राज्यव्यापी कार्यक्रम

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150th anniversary of Vande Mataram: Second phase of statewide programs in Chhattisgarh from January 19 to 26

Raipur: राष्ट्रगीत वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर छत्तीसगढ़ शासन के संस्कृति विभाग द्वारा राज्यभर में विशेष आयोजनों की श्रृंखला संचालित की जा रही है। इसी क्रम में द्वितीय चरण के कार्यक्रम 19 से 26 जनवरी 2026 तक आयोजित किए जाएंगे। इन आयोजनों में मंत्रीगण, सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी, सामाजिक हस्तियां और बड़ी संख्या में नागरिक सहभागिता करेंगे।

गणतंत्र दिवस 26 जनवरी को रायपुर में राज्यपाल तथा जगदलपुर में मुख्यमंत्री के आतिथ्य में भव्य राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित होंगे। इसके साथ ही प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों, ब्लॉक मुख्यालयों, ग्राम पंचायतों और शैक्षणिक संस्थानों में ध्वजारोहण एवं राष्ट्रगान के पश्चात सामूहिक वंदे मातरम् गायन किया जाएगा।

द्वितीय चरण के अंतर्गत 19 से 26 जनवरी तक राज्य के स्कूलों और कॉलेजों में एनसीसी, एनएसएस, स्काउट एवं गाइड की भागीदारी से संगीतमय प्रस्तुतियाँ, विशेष सभाएँ, निबंध प्रतियोगिता, वाद-विवाद, प्रश्नोत्तरी, पोस्टर निर्माण, रंगोली, चित्रकला और प्रदर्शनी जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा, राज्य पुलिस बैंड द्वारा सार्वजनिक स्थलों पर वंदे मातरम् एवं देशभक्ति गीतों की विशेष प्रस्तुतियाँ दी जाएंगी।

जनभागीदारी को और व्यापक बनाने के लिए सार्वजनिक एवं निजी सहयोग से प्रदेशभर में वंदे मातरम् ऑडियो-वीडियो बूथ स्थापित किए जाएंगे, जहां नागरिक अपनी आवाज में वंदे मातरम् का गायन रिकॉर्ड कर अभियान के आधिकारिक पोर्टल पर अपलोड कर सकेंगे। पोर्टल पर पूर्व रिकॉर्डेड धुन के साथ गायन की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी।

गौरतलब है कि इस अभियान का प्रथम चरण 7 से 14 नवंबर 2025 के बीच सफलतापूर्वक आयोजित किया जा चुका है।
वहीं तृतीय चरण 7 से 15 अगस्त 2026 को हर घर तिरंगा अभियान के साथ तथा चतुर्थ चरण 1 से 7 नवंबर 2026 के दौरान आयोजित किया जाएगा।

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भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप यह आयोजन ग्राम पंचायत से लेकर राज्य स्तर तक व्यापक जनभागीदारी के साथ संपन्न किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य नागरिकों में राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के प्रति भावनात्मक जुड़ाव और राष्ट्रभक्ति की भावना को और सशक्त करना है।

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Chhattisgarh: समर्थन मूल्य पर धान खरीदी में अनियमितता, 31 निलंबित, 3 पर FIR, एक बर्खास्त

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Chhattisgarh: Irregularities in paddy procurement at support price, 31 suspended, FIR registered against 3, one dismissed

Raipur: राज्य में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के दौरान समर्थन मूल्य पर धान खरीदी में सामने आई अनियमितताओं पर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। जांच के बाद समिति प्रबंधकों सहित धान खरीदी से जुड़े 38 कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई है। इनमें 31 कर्मचारियों को निलंबित, तीन के खिलाफ एफआईआर, एक की सेवा समाप्त, दो को सेवा से पृथक और एक को कार्य से पृथक किया गया है। यह कार्रवाई प्रदेश के 12 जिलों—दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, सक्ती, जगदलपुर, रायपुर, गरियाबंद, महासमुंद और बलौदाबाजार-भाटापारा में की गई है। सरकार का संदेश स्पष्ट है कि धान खरीदी में पारदर्शिता से कोई समझौता नहीं होगा।अनियमितता पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

किन कारणों से हुई कार्रवाई

  • स्कंध में कमी के 5 मामले
  • अधिक स्कंध व अव्यवस्थित स्टेकिंग के 3 मामले
  • नीति व निर्देशों के उल्लंघन के 4 मामले
  • अमानक धान खरीदी के 5 मामले
  • धान खरीदी में अनियमितता के 11 मामले
  • अवकाश के दिन खरीदी के 3 मामले
  • फर्जी खरीदी, टोकन अनियमितता, बिना आवक पर्ची, अवैध वसूली व अव्यवस्था के मामले
  • बारदाना वितरण में अनियमितता के 2 मामले सामने आए हैं।

प्रमुख जिलों में कार्रवाई की झलक

दुर्ग: स्कंध गड़बड़ी व नीति उल्लंघन पर 8 अधिकारी-कर्मचारी निलंबित

बेमेतरा: अमानक व फर्जी धान खरीदी पर निलंबन, एक पर एफआईआर

कबीरधाम: स्कंध कमी व बारदाना अनियमितता पर निलंबन, एक पर एफआईआर

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बिलासपुर: खराब धान खरीदी पर निलंबन, 920 बोरे कम मिलने पर एफआईआर

जांजगीर-चांपा: छुट्टी के दिन खरीदी व टोकन गड़बड़ी पर निलंबन

रायगढ़: धान खरीदी अनियमितता पर चार सहायक प्रबंधक निलंबित

सक्ती: बिना आवक पर्ची खरीदी पर एक प्रभारी सेवा से पृथक

जगदलपुर: दो समिति प्रबंधक निलंबित

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रायपुर: किसानों से अवैध वसूली पर लिपिक-ऑपरेटर की सेवा समाप्त

गरियाबंद: लापरवाही व अनियमितता पर निलंबन व कार्य से पृथक

महासमुंद: अनियमितता पर दो प्रभारी पर एफआईआर, एक निलंबित

बलौदाबाजार-भाटापारा: नीति उल्लंघन व स्कंध कमी पर निलंबन, एक सेवा से पृथक

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