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MP Cabinet: भिंड, टीकमगढ़, सीधी समेत 6 जिलों में खुलेंगे मेडिकल कॉलेज, बढ़ जाएंगी 600 एमबीबीएस सीटें

MP Cabinet: मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज समत्व भवन में कैबिनेट की बैठक हुई। इसमें प्रदेश में 6 नए मेडिकल कॉलेज खोलने की सैद्धांतिक सहमति प्रदान की गई है। नए मेडिकल कॉलेज खरगोन, धार, भिण्ड, बालाघाट, टीकमगढ़ तथा सीधी जिलों में खोले जाएंगे। प्रत्येक कॉलेज में 100 एमबीबीएस सीट की प्रवेश क्षमता होगा। इन चिकित्सा महाविद्यालय की स्थापना से क्षेत्र की जनता को तृतीयक स्तर की चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध होने के साथ-साथ प्रदेश के छात्रों के लिये चिकित्सा क्षेत्र की 600 एमबीबीएस सीटों की वृद्धि होगी।
प्रदेश में खुलेंगे 33 नए सीएम राइज स्कूल
मंत्रिपरिषद ने प्रदेश में 1335 करोड़ 20 लाख रुपए की अनुमानित लागत से 33 सर्वसुविधायुक्त सीएम राइज विद्यालयों के निर्माण किए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई। सीएम राइज योजना के प्रथम चरण में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा 275 विद्यालय विकसित किए जा रहे हैं। इनमें से 33 विद्यालयों के निर्माण के लिये डीपीआर तैयार कर परियोजना परीक्षण समिति के समक्ष 20 मार्च 2023 को प्रस्तुत किए गए।
दीनदयाल रसोई योजना में मिलेगा अब 5 रुपए प्रति थाली भोजन
प्रदेश में संचालित दीनदयाल रसोई योजना में पूर्व से स्थापित 100 रसोई केन्द्रों के अतिरिक्त, 20 नवीन स्थाई रसोई केन्द्र तथा ऐसे लोगों की मदद के लिये जो स्थाई रसोई केंद्रों पर नहीं पहुंच पाते हैं, उनके लिये 16 नगर निगमों तथा पीथमपुर एवं मण्डीदीप में कुल 25 नवीन चलित रसोई केन्द्र, इस प्रकार कुल 45 नवीन रसोई केन्द्र खोले जाने एवं मात्र रुपए 5 प्रति व्यक्ति की दर से रसोई में भोजन उपलब्ध कराने का निर्णय मंत्रि-परिषद द्वारा लिया गया है।
बता दें कि प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में व्यवसाय एवं श्रम कार्यों के लिए ग्रामीण क्षेत्रों से जरूरतमंद व्यक्तियों और परिवारों का आगमन होता है। शासन द्वारा प्रदेश के 55 नगरीय निकायों के 119 रैन बसेरा/ आश्रय-स्थलों में इनके लिए अस्थाई आश्रय तथा दीनदयाल रसोई योजना के प्रथम चरण 07 अप्रैल, 2017 से प्रदेश के 51 नगरीय निकायों के 56 रसोई केन्द्रों में किफायती दरों पर पौष्टिक भोजन की व्यवस्था की गई है।
26 फरवरी, 2021 को दीनदयाल रसोई योजना के दूसरे चरण में 52 जिला मुख्यालयों तथा 6 धार्मिक नगरों मैहर, ओंकारेश्वर, महेश्वर, अमरकंटक, ओरछा एवं चित्रकूट में कुल 100 रसोई केंद्रों का संचालन आरंभ किया गया था। योजना में प्रत्येक जरूरतमंद को 10 रुपए प्रति व्यक्ति की दर से भोजन उपलब्ध कराया जाता है। अब तक 1 करोड़ 62 लाख थालियों का वितरण किया जा चुका है।
विद्युत वितरण कंपनियों के लिए 24 हजार करोड़ रुपए से अधिक सब्सिडी की स्वीकृति
मंत्रिपरिषद द्वारा वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए निर्धारित दरों में प्रदेश के घरेलू उपभोक्ताओं के लिये अटल गृह ज्योति योजना में स्वीकृत सब्सिडी एवं विभिन्न उपभोक्ता श्रेणियों को सब्सिडी देते हुए इसके एवज में विदयुत वितरण कंपनियों को सब्सिडी दी जाने की स्वीकृति प्रदान की गई। कंपनियों को विभिन्न श्रेणियों में 24 हजार 196 करोड़ 47 लाख रुपए की सब्सिडी स्वीकृति दी गई।
मुख्यमंत्री शहरी अधोसंरचना विकास योजना के लिए 1700 करोड़ रुपए की स्वीकृति
कैबिनेट ने प्रदेश के समस्त नगरीय निकायों में अधो-संरचना विकास के लिए “मुख्यमंत्री शहरी अधोसंरचना विकास योजना” चतुर्थ चरण को दो वर्षों (वित्तीय वर्ष 2023-24 एवं 2024-25) के लिए राशि रु 1700 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की। योजना में सड़क निर्माण तथा अनुषांगिक कार्य, शहरी यातायात सुधार, नगरीय सौन्दर्यीकरण, सामाजिक एवं खेल अधोसंरचनाएं, उद्यान विकास सम्बन्धी कार्यों के साथ ही निकाय के कार्यालय भवन निर्माण/ उन्नयन के कार्य किये जा सकेंगे। योजना का क्रियान्वयन विभागीय मार्गदर्शन में नगरीय निकायों द्वारा किया जायेगा। इस योजना के लागू किए जाने से, विभिन्न शहरों में आवश्यक अधोसंरचनाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
“प्राइस सपोर्ट स्कीम” में मंडी एवं निराश्रित शुल्क की छूट की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद द्वारा केंद्र/राज्य शासन की संस्थाओं द्वारा भारत सरकार की “प्राइस सपोर्ट स्कीम” में प्रदेश के कृषकों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अधिसूचित कृषि उपज के उपार्जन पर मंडी शुल्क की छूट के साथ में निराश्रित शुल्क के भुगतान पर भी छूट प्रदान करने का निर्णय लिया गया। साथ ही प्राइस सपोर्ट स्कीम में वर्ष 2022 (विपणन मौसम 2022-23) में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर उपार्जित ग्रीष्मकालीन मूंग एवं ग्रीष्मकालीन उड़द पर भी निराश्रित शुल्क में छूट प्रदान की गई है।
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MP News: त्योहारों से पहले हाईअलर्ट, भोपाल कंट्रोल रूम से सीएम की सख्त चेतावनी, ‘कानून-व्यवस्था पर कोई समझौता नहीं’

Bhopal: होली और रमजान सहित आगामी त्योहारों को लेकर मध्यप्रदेश में कानून-व्यवस्था की तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री डॉ. Mohan Yadav ने भोपाल पुलिस कमिश्नरेट के कंट्रोल रूम पहुंचकर प्रदेशभर के अधिकारियों के साथ बैठक की और स्पष्ट कहा कि शांति और सौहार्द से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी जिलों के एसपी बैठक से जुड़े। त्योहारों से पहले हुई इस बैठक के बाद प्रशासन अलर्ट मोड में है। सरकार का साफ संदेश है- शांति, सुरक्षा और सौहार्द से कोई समझौता नहीं होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून-व्यवस्था के मामले में किसी भी स्तर पर कोई समझौता स्वीकार नहीं होगा। त्योहार शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हों, इसके लिए प्रशासन और पुलिस पूरी सतर्कता बरतें। उन्होंने दोहराया कि मध्यप्रदेश शांति का टापू है और इसे हर हाल में बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है।
होली इस बार दो दिन मनाई जा रही है, जिसे देखते हुए राज्य सरकार ने दो दिन का अवकाश घोषित किया है। अतिरिक्त भीड़ और आयोजनों को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने, अफवाहों और भड़काऊ गतिविधियों पर तत्काल कार्रवाई करने तथा सोशल मीडिया मॉनिटरिंग बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जुलूसों, शोभायात्राओं और अन्य धार्मिक आयोजनों के दौरान पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाए। जिला स्तर पर लगातार मॉनिटरिंग हो और किसी भी घटना पर तुरंत प्रतिक्रिया दी जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जनता का विश्वास बनाए रखना प्रशासन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
बैठक में पुलिस महानिदेशक Kailash Makwana और पुलिस आयुक्त Sanjay Kumar सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री सचिवालय और पुलिस विभाग के शीर्ष अधिकारियों ने भी तैयारियों की समीक्षा की। विदेश में फंसे प्रदेशवासियों के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र स्तर पर समन्वय जारी है और प्रधानमंत्री व केंद्रीय गृहमंत्री इस मामले को गंभीरता से देख रहे हैं। राज्य सरकार भी लगातार नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर हर संभव सहायता दी जाएगी।
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MP News: मध्यप्रदेश में SIR के बाद 34.25 लाख नाम हटे, अब 5.39 करोड़ मतदाता, गोविंदपुरा में सबसे ज्यादा असर

MP SIR Update: मध्यप्रदेश में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की चार महीने चली प्रक्रिया के बाद मतदाता सूची में बड़ा बदलाव सामने आया है। प्रदेश में कुल 34 लाख 25 हजार 78 मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। SIR शुरू होने से पहले प्रदेश में कुल मतदाता संख्या 5 करोड़ 74 लाख 6 हजार 143 थी। प्रक्रिया पूरी होने के बाद ड्राफ्ट प्रकाशन में यह घटकर 5 करोड़ 31 लाख 31 हजार 983 रह गई। दावे-आपत्तियों की प्रक्रिया के दौरान 10 लाख 85 हजार 413 नए नाम जोड़े गए, जबकि 2 लाख 36 हजार 331 नाम और हटाए गए। इस तरह शुद्ध रूप से 8 लाख 49 हजार 82 मतदाता बढ़े और अब प्रदेश में कुल मतदाताओं की संख्या 5 करोड़ 39 लाख 81 हजार 65 हो गई है। यह ड्राफ्ट के मुकाबले 1.60 प्रतिशत की वृद्धि है।
गोविंदपुरा में सबसे ज्यादा नाम कटे
राजधानी Bhopal के गोविंदपुरा विधानसभा क्षेत्र में सबसे ज्यादा असर देखने को मिला, जहां 97 हजार से अधिक नाम काटे गए। यह क्षेत्र मंत्री Krishna Gaur का विधानसभा क्षेत्र है। इसके उलट भोपाल का हुजूर विधानसभा क्षेत्र अब मतदाता संख्या के मामले में गोविंदपुरा से आगे निकल गया है।
इंदौर-5 सबसे बड़ा, कोतमा सबसे छोटा
Indore की इंदौर-5 विधानसभा प्रदेश में सबसे ज्यादा मतदाताओं वाला क्षेत्र बन गया है। यहां 3 लाख 52 हजार 849 मतदाता दर्ज किए गए हैं। वहीं मंत्री Dilip Jaiswal का कोतमा विधानसभा क्षेत्र सबसे कम मतदाताओं वाला क्षेत्र है, जहां 1 लाख 39 हजार 559 वोटर हैं।
नाम जोड़ने-हटाने की प्रक्रिया जारी
मतदाता सूची में नाम जोड़ने या सुधार की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी। नया नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म-6 भरना होगा। सुधार या स्थानांतरण के लिए संबंधित फॉर्म जमा करें। ऑनलाइन आवेदन के लिए वोटर पोर्टल https://voters.eci.gov.in पर भी आवेदन कर सकते हैं।
SIR क्या है?
स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) चुनाव आयोग की प्रक्रिया है, जिसके तहत 18 वर्ष से अधिक आयु के नए मतदाताओं को जोड़ा जाता है। मृत या स्थायी रूप से स्थानांतरित लोगों के नाम हटाए जाते हैं। डुप्लीकेट नामों को हटाया जाता है, नाम और पते की त्रुटियों को सुधारा जाता है और BLO घर-घर जाकर फॉर्म भरवाते हैं। 1951 से 2004 तक SIR हो चुका है, लेकिन पिछले 21 वर्षों से व्यापक पुनरीक्षण नहीं हुआ था। इस दौरान माइग्रेशन, डुप्लीकेट नाम और अन्य विसंगतियों को दूर करना आवश्यक हो गया था।
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MP Weather: MP में मौसम फिर पलटा: फरवरी में तीसरी बार बारिश, दिन का पारा गिरा; 23-24 को फिर बरसात के आसार

MP Weather: मध्य प्रदेश में फरवरी का महीना मौसम के लिहाज से असामान्य साबित हो रहा है। महीने की शुरुआत में ही दो बार ओले, आंधी और बारिश का दौर पड़ चुका है। इससे रबी फसलों को काफी नुकसान हुआ था और सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में सर्वे भी कराया था। 18 फरवरी से प्रदेश एक बार फिर भीग गया। 19 फरवरी को भी सिस्टम का असर बना रहा। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक 23 और 24 फरवरी को चौथी बार बारिश होने के आसार हैं। मौसम विभाग का कहना है कि किसानों को फसलों की सुरक्षा के लिए सतर्क रहने की जरूरत है, क्योंकि अगले सप्ताह फिर मौसम करवट ले सकता है।
दिन में ठंडक, रात में राहत
बारिश और सर्द हवाओं के कारण दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई। गुरुवार को कई शहरों में ठंडी हवा चली, जिससे लोगों को फिर से गर्म कपड़े निकालने पड़े। हालांकि, रात के तापमान में हल्की बढ़ोतरी देखी गई। प्रदेश के पांच बड़े शहर- भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर में न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। खजुराहो और कल्याणपुर में ही पारा 10 डिग्री से नीचे रहा, जबकि अन्य शहरों में तापमान इससे ज्यादा रहा।
अगले दो दिन कैसा रहेगा मौसम
21 फरवरी: बारिश का कोई अलर्ट नहीं, दिन में धूप खिलने की संभावना।
22 फरवरी: मौसम साफ रहेगा, फिलहाल कहीं भी बारिश की चेतावनी नहीं।
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MP Budget 2026-27: ₹4.38 लाख करोड़ का GYANII बजट, किसानों- महिलाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा फोकस

Bhopal: मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने 18 फरवरी को विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹4,38,317 करोड़ का बजट पेश किया। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने करीब डेढ़ घंटे के भाषण में इसे राज्य का पहला रोलिंग बजट बताया और कहा कि यह विकसित भारत @2047 के विजन के अनुरूप है। सरकार ने स्पष्ट किया कि लगातार तीसरी बार कोई नया टैक्स नहीं बढ़ाया गया है। इसके साथ ही सरकार ने स्पष्ट किया कि किसी भी सामाजिक योजना को बंद नहीं किया जा रहा, बल्कि उनमें पर्याप्त निवेश किया जा रहा है।
बजट की आधार थीम: GYANII मॉडल
प्रधानमंत्री के ‘GYAN’ मंत्र को आगे बढ़ाते हुए राज्य सरकार ने इसमें एक अतिरिक्त ‘I’ जोड़कर इसे GYANII मॉडल नाम दिया है।
G-गरीब
Y- युवा
A-अन्नदाता,
N-नारी शक्ति
I-इंफ्रास्ट्रक्चर
I- इंडस्ट्री
इन प्राथमिकताओं के लिए बजट का बड़ा हिस्सा केंद्रित किया गया है।
महिलाओं और पोषण पर बड़ा प्रावधान
मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना: ₹23,882 करोड़
- महिला एवं बाल विकास विभाग: ₹32,730 करोड़
- ‘यशोदा दुग्ध प्रदाय योजना’ के तहत कक्षा 8वीं तक टेट्रा पैक दूध
- स्कूलों में मध्यान्ह भोजन के साथ दूध उपलब्ध कराने के लिए 5 वर्षों में ₹6,600 करोड़
किसान कल्याण वर्ष: कृषि पर रिकॉर्ड प्रबंधन
सरकार ने 2026 को किसान कल्याण वर्ष बताते हुए विभिन्न योजनाओं के तहत ₹1,15,013 करोड़ के प्रावधान का प्रबंधन किया है। इसके अलावा 1 लाख किसानों को सोलर पंप देने की योजना भी बजट में शामिल है।
- किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग: ₹31,758 करोड़
- पशुपालन एवं डेयरी: ₹2,365 करोड़
- सहकारिता विभाग: ₹1,679 करोड़
- उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण: ₹772 करोड़
- मछुआरा कल्याण एवं मत्स्य विकास: ₹413 करोड़
- खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण: ₹1,863 करोड़
इंफ्रास्ट्रक्चर और धार्मिक आयोजन
- जर्जर पुल-पुलियाओं की मरम्मत: ₹900 करोड़
- सड़कों के उन्नयन और मरम्मत के लिए अलग से प्रावधान
- वीबी-जी-राम-जी मद में ₹28,000 करोड़
- सिंहस्थ 2028 के लिए ₹3,060 करोड़
शिक्षा, युवा और प्रशासन
- 15 हजार शिक्षकों की भर्ती का ऐलान
- स्कूल शिक्षा विभाग: ₹36,730 करोड़
- उच्च शिक्षा विभाग: ₹4,247 करोड़
- खेल एवं युवा कल्याण: ₹715 करोड़
प्रशासनिक मजबूती के लिए
- गृह विभाग: ₹13,411 करोड़
- राजस्व विभाग: ₹13,876 करोड़
- विधि एवं विधायी कार्य: ₹3,829 करोड़
- सामान्य प्रशासन: ₹1,172 करोड़
- जेल विभाग: ₹895 करोड़
- संसदीय कार्य विभाग: ₹153 करोड़
पर्यावरण और विशेष प्रावधान
- पर्यावरण विभाग: ₹31 करोड़ (वन्य प्राणी संरक्षण सहित)
- भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास: ₹175 करोड़
क्या है नया और महत्वपूर्ण?
- पहला रोलिंग बजट मॉडल, जिससे दीर्घकालिक परियोजनाओं की निरंतर फंडिंग सुनिश्चित होगी।
- 2047 तक समृद्ध मध्य प्रदेश का लक्ष्य।
- सामाजिक योजनाओं में कटौती नहीं, बल्कि विस्तार की नीति।
- कृषि, महिला सशक्तिकरण और बुनियादी ढांचे को समान प्राथमिकता।
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MP Weather: मध्य प्रदेश में बारिश-आंधी का अलर्ट, 15 जिलों के लिये तेज बरसात, गरज-चमक और बिजली गिरने के आसार

MP Weather: मध्य प्रदेश में मौसम विभाग ने नए सिस्टम के कारण 15 जिलों के लिये बारिश-आंधी अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना भी जताई गई है। सबसे ज़्यादा असर 18 फरवरी को रहने की संभावना है। इसके बाद सिस्टम कमजोर होगा, लेकिन 19 फरवरी को हल्की बूंदाबांदी होने के आसार हैं।
कहां रहेगा मौसम सक्रिय?
मौसम विभाग ने 15 जिलों में अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में 18 फरवरी को बारिश के साथ तेज हवा, गरज-चमक और बिजली गिरने का ख़तरा है।
- ग्वालियर
- श्योपुर
- मुरैना
- भिंड
- दतिया
- शिवपुरी
- गुना
- अशोकनगर
- राजगढ़
- आगर-मालवा
- नीमच
- मंदसौर
- निवाड़ी
- टीकमगढ़
- छतरपुर
फरवरी में तीसरी बार बारिश
फरवरी की शुरुआत में ही प्रदेश में दो बार बारिश, ओले और आंधी की घटनाएं हो चुकी हैं, जिन्होंने फसलों को नुकसान पहुँचाया था। उसके बाद सरकार ने प्रभावित फसलों का सर्वे पूरा कराया। अब 18 फरवरी से यह सिस्टम तीसरी बार प्रदेश पर सक्रिय होगा और भारी बरसात की संभावना से मौसम प्रभावित रहेगा।
अगले 2 दिनों का मौसम
17 फरवरी:
कई जिलों में बादल छाए रहने की संभावना, लेकिन बारिश कम।
भोपाल और इंदौर में दिन भर गर्मी का असर रहेगा।
18 फरवरी:
मौसम का असर बढ़ेगा। 15 जिलों में बारिश-आंधी तथा गरज-चमक का अलर्ट।
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