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Chhattisgarh: बेरोजगारी भत्ता के लिए 1 अप्रैल से शुरू होंगे आवेदन, हर महीने मिलेंगे 2500 रुपए

Raipur: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की घोषणा के अनुसार छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में 1 अप्रैल 2023 से बेरोजगारी भत्ता (Unemployment allowance)योजना लागू हो रही है। इस योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को हर माह 2500 रुपए का भुगतान सीधे उनके बैंक खाते में किया जाएगा। बेरोजगारों को साथ ही कौशल विकास का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा और उन्हें रोजगार प्राप्त करने में सहायता दी जाएगी। बेरोजगारी भत्ता योजना का लाभ लेने आवेदक के पूरे परिवार की आय सलाना 2.50 लाख रुपए से अधिक नहीं होनी चाहिए। परिवार से तात्पर्य पति-पत्नी, आश्रित बच्चे और आश्रित माता-पिता से है।
योजना के लिए कौन होगा पात्र
बेरोजगारी भत्ता योजना के आवेदक को छत्तीसगढ़ का मूल निवासी होना आवश्यक है। योजना के लिए आवेदन किए जाने वाले वर्ष के 1 अप्रैल को आवेदक की उम्र 18 से 35 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आवेदक मान्यता प्राप्त बोर्ड से कम से कम हायर सेकेण्डरी यानी 12वीं कक्षा पास हो। साथ ही छत्तीसगढ़ के किसी भी जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र में पंजीकृत हो और आवेदन के वर्ष की 1 अप्रैल की स्थिति में हायर सेकेण्डरी या उससे अधिक योग्यता से उसका रोजगार पंजीयन न्यूनतम दो वर्ष पुराना हो। आवेदक की स्वयं का आय का कोई स्रोत न हो और आवेदक के परिवार के सभी स्रोतों से वार्षिक आय 2.50 लाख रुपए से अधिक न हो। पारिवारिक आय हेतु तहसीलदार या उससे उच्च राजस्व अधिकारी द्वारा जारी आय प्रमाण पत्र बेरोजगारी भत्ता की आवेदन तिथि से 1 वर्ष के अंदर ही बना हो।
योजना के लिए कौन होगा अपात्र
-बेरोजगारी भत्ता योजना के आवेदक के परिवार के एक से अधिक सदस्य यदि पात्रता की शर्ताें को पूरा करते हैं, तो परिवार के एक ही सदस्य को बेरोजगारी भत्ता स्वीकृत किया जाएगा। ऐसी स्थिति में बेरोजगारी भत्ता उस सदस्य को स्वीकृत किया जाएगा, जिसकी उम्र अधिक हो। उम्र समान होने की स्थिति में रोजगार कार्यालय में पहले पंजीयन करने वाले सदस्य को बेरोजगारी भत्ता के लिए पात्र किया जाएगा। उम्र और रोजगार पंजीयन की तिथि, दोनों समान होने की स्थिति में उस सदस्य को पात्र किया जाएगा जिसकी शैक्षणिक योग्यता अधिक हो।
-आवेदक के परिवार का कोई भी सदस्य केंद्र या राज्य सरकार की किसी भी संस्था या स्थानीय निकाय में चतुर्थ श्रेणी या फिर ग्रुप डी को छोड़कर अन्य किसी भी श्रेणी की नौकरी में होने पर ऐसा आवेदक बेरोजगारी भत्ते के लिए अपात्र होगा। यदि आवेदक को स्वरोजगार या शासकीय अथवा निजी क्षेत्र में किसी नौकरी का ऑफर दिया जाता है, परंतु आवेदक ऑफर स्वीकार नहीं करता है तो वह योजना के लिए अपात्र हो जाएगा।
-पूर्व और वर्तमान मंत्रियों, राज्य मंत्रियों और संसद या राज्य विधानसभाओं के पूर्व या वर्तमान सदस्य, नगर निगमों के पूर्व और वर्तमान महापौर और जिला पंचायतों के पूर्व और वर्तमान अध्यक्ष के परिवार के सदस्य बेरोजगारी भत्ते के लिए अपात्र होंगे। साथ ही ऐसे पेंशनभोगी जो 10 हजार रुपए या उससे अधिक की मासिक पेंशन प्राप्त करते हैं, उनके परिवार के सदस्य भत्ते के लिए अपात्र होंगे।
-इनकम टैक्स भरने वाले परिवार के सदस्य, डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, चार्टड एकाउंटेंट और पेशेवर निकायों के साथ पंजीकृत आर्किटेक्ट के परिवार के सदस्य बेरोजगारी भत्ते के लिए अपात्र होंगे।
आवेदन की प्रक्रिया
1.बेरोजगारी भत्ता योजना के लिए प्रतिवर्ष संचालक, रोजगार एवं प्रशिक्षण द्वारा विज्ञापन प्रकाशित किया जाएगा। इच्छुक आवेदकों को बेरोजगारी भत्ता लेने के लिए www.berojgaribhatta.cg.nic.in में ऑनलाइन आवेदन करना होगा। ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
2.वेबसाइट में आवेदक को सबसे पहले अपना मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड करना होगा। रजिस्ट्रेशन के समय ओटीपी की एंट्री करनी होगी। ओटीपी सत्यापन के बाद आवेदक को अपना लॉग-इन पासवर्ड बनाना होगा और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर के आधार पर पोर्टल में आवेदन के लिए लॉग-इन करना होगा। आवेदक को अपनी सभी मूलभूत जानकारी निर्धारित फार्मेट के अनुसार पोर्टल में अपलोड करनी होगी।
3.आवेदक को ऑनलाइन आवेदन में पते के रूप में उसी जनपद पंचायत या नगरीय निकाय का पता देना होगा, जहां से उसका छत्तीसगढ़ का स्थानीय निवास प्रमाण पत्र जारी हुआ है। ताकि उसे प्रमाण पत्रों के सत्यापन के लिए उसी पंचायत या निकाय क्षेत्र में बुलाया जा सके। विवाहित महिलाओं को अपने पति के निवास प्रमाण पत्र से संबंधित क्षेत्र के निवास का पता देना होगा।
4.ऑनलाइन आवेदन करने के बाद आवेदक को आवेदन का प्रिंट निकालकर उसपर हस्ताक्षर करना होगा और उसके साथ अन्य सभी प्रमाण पत्रों की मूल प्रति के साथ उसे सत्यापन तिथि को निर्धारित समय और स्थान पर आना अनिवार्य होगा। सत्यापन तिथि, स्थान और समय की जानकारी पोर्टल के डैशबोर्ड पर उपलब्ध कराई जाएगी। डैशबोर्ड पर ही पात्रता, अपात्रता, अपील पर लिए गए निर्णय, बेरोजगारी भत्ते के भुगतान और कौशल प्रशिक्षण के ऑफर की जानकारी मिलेगी।
अपील एवं शिकायत की प्रक्रिया एवं उसका निराकरण
-अपात्र घोषित होने पर आवेदक को 15 दिन के अंदर पोर्टल में अपने दस्तावेजों के साथ ऑनलाइन अपील करना होगा। आवेदक के अपील का निराकरण कलेक्टर या कलेक्टर द्वारा अधिकृत अधिकारी 15 दिन के अंदर करेंगे और अपील का निर्णय पोर्टल में अपलोड किया जाएगा।
-यदि कोई अपात्र आवेदक पात्र घोषित कर दिया जाता है, तो इसके खिलाफ कोई भी व्यक्ति कलेक्टर या अधिकृत अधिकारी को तथ्यों के साथ शिकायत कर सकता है। इस शिकायत पर 15 दिनों के अंदर सुनवाई कर निर्णय लिया जाएगा। इस निर्णय की जानकारी को भी पोर्टल में अपलोड किया जाएगा। शिकायत सही पाए जाने पर आवेदक का बेरोजगारी भत्ता बंद कर दिया जाएगा और उसके खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जाएगी।
बेरोजगारी भत्ता का भुगतान
बेरोजगारी भत्ता योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को रोजगार एवं प्रशिक्षण संचालनालय, नवा रायपुर द्वारा प्रतिमाह 2500 रुपए का भुगतान सीधे हितग्राही के बैंक खाते में हस्तांतरित किया जाएगा। आवेदन करते समय आवेदक को अपने बचत बैंक खाते का खाता नंबर, आईएफएससी कोड की सही जानकारी देनी होगी। बैंक खाता में त्रुटि के कारण भुगतान नहीं हो पाने की जिम्मेदारी आवेदक की होगी।
बेरोजगारी भत्ता की अवधि
योजना के अंतर्गत बेरोजगारी भत्ता के लिए पात्र आवेदक को एक वर्ष के लिए बेरोजगारी भत्ता देय होगा। यदि हितग्राही विशेष को एक वर्ष की इस अवधि में लाभकारी नियोजन प्राप्त नहीं होता है, तो इस अवधि को एक और वर्ष के लिए बढ़ाया जा सकेगा। किसी भी स्थिति में यह अवधि दो वर्ष से अधिक नहीं होगी।
कौशल प्रशिक्षण
योजना अंतर्गत जिन आवेदकों को बेरोजगारी भत्ता स्वीकृत किया जाएगा, उन्हें एक वर्ष की समयावधि में कौशल विकास प्रशिक्षण का ऑफर दिया जाएगा। कौशल विकास प्रशिक्षण के बाद आवेदक को रोजगार प्राप्त करने में सहायता की जाएगी। आवेदन में उल्लेखित व्यवसायों में से किसी एक व्यवसाय में कौशल विकास प्रशिक्षण निशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा। यदि आवेदक प्रशिक्षण लेने से इंकार करते है या ऑफर किया गया, रोजगार स्वीकार नहीं करते है तो उनका बेरोजगारी भत्ता बंद कर दिया जाएगा।
बेरोजगारी भत्ता हितग्राहियों की समीक्षा
-संबंधित पंचायत व निकाय नियमित रूप से हर 6 माह में बेरोजगारी भत्ता प्राप्त करने वाले हितग्राहियों की जांच कर यह सुनिश्चित करेंगे कि वे अभी भी बेरोजगारी भत्ता प्राप्त करने के लिए पात्र हैं या नहीं। जांच में अपात्र होने वाले हितग्राहियों को नोटिस जारी किया जाएगा और सुनवाई के बाद उनका बेरोजगारी भत्ता बंद करने का आदेश जारी किया जाएगा एवं इसकी जानकारी पोर्टल में अपलोड की जाएगी।
बेरोजगारी भत्ता प्राप्त करने वाले हितग्राही को यदि किसी प्रकार का रोजगार प्राप्त हो जाता है तो इसकी जानकारी हितग्राही को स्वयं पोर्टल में अपलोड करनी होगी। इस संबंध में जानकारी नहीं देने पर संबंधित निकाय या पंचायत को इसकी जानकारी अन्य माध्यम से प्राप्त होती है तो हितग्राही का भत्ता तत्काल बंद करने की जानकारी की प्रविष्टि पोर्टल में करेंगे और संबंधित हितग्राही के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जाएगी।
-इस योजना के लिए कौशल विभाग, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है। पात्र हितग्राहियों को प्रतिमाह ऑनलाइन बेरोजगारी भत्ता का भुगतान, संचालनालय रोजगार एवं प्रशिक्षण (रोजगार) द्वारा किया जाएगा।
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Chhattisgarh: प्रदेश में में खाद की कमी नहीं, खरीफ सीजन से पहले 9.29 लाख मीट्रिक टन उर्वरक स्टॉक, सरकार अलर्ट मोड पर

Raipur: खरीफ सीजन 2026 से पहले छत्तीसगढ़ सरकार ने किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने के लिए व्यापक तैयारी की है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में कृषि विभाग, सहकारिता विभाग, मार्कफेड और जिला प्रशासन प्रदेशभर में उर्वरकों के भंडारण और वितरण व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखे हुए हैं।
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में फिलहाल खाद की कोई कमी नहीं है। वर्तमान में गोदामों और सहकारी समितियों में 9.29 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का स्टॉक उपलब्ध है। वहीं केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ को खरीफ सीजन 2026 के लिए 15.55 लाख मीट्रिक टन उर्वरक आवंटित किया है।
केंद्र से मिला 15.55 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का लक्ष्य
राज्य को आवंटित उर्वरकों में शामिल हैं:
- यूरिया : 7.25 लाख मीट्रिक टन
- डीएपी : 3 लाख मीट्रिक टन
- एनपीके : 2.50 लाख मीट्रिक टन
- एसएसपी : 2 लाख मीट्रिक टन
- एमओपी : 80 हजार मीट्रिक टन
कृषि विभाग के अनुसार 1 जून की स्थिति में रायपुर, महासमुंद, रायगढ़ और बालोद के रेक पॉइंट्स पर 6600 मीट्रिक टन अतिरिक्त यूरिया की खेप पहुंच रही है।
जिलों में पर्याप्त खाद उपलब्ध
कृषि विभाग के मुताबिक गरियाबंद में 17,818 मीट्रिक टन, बस्तर में 29,719 मीट्रिक टन, रायपुर में 9,102 मीट्रिक टन यूरिया, राजनांदगांव में 42,997 मीट्रिक टन तथा बिलासपुर में 41,560 मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध है। धमतरी जिले में 15,040 मीट्रिक टन और कोरिया जिले में भी पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराया गया है। सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को लगातार खाद वितरण किया जा रहा है।
जमीन के रकबे के अनुसार मिलेगा यूरिया
किसानों को सुगम वितरण सुनिश्चित करने के लिए नई व्यवस्था लागू की गई है। 2.5 एकड़ तक भूमि वाले किसानों को एकमुश्त यूरिया, 2.5 से 5 एकड़ तक वाले किसानों को दो किश्तों में और 5 एकड़ से अधिक भूमि वाले किसानों को तीन किश्तों में खाद उपलब्ध कराया जाएगा।
नैनो डीएपी और नैनो यूरिया पर जोर
राज्य सरकार किसानों को संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन के लिए नैनो डीएपी और नैनो यूरिया के उपयोग के प्रति भी जागरूक कर रही है। कृषि वैज्ञानिक और विभागीय अधिकारी किसानों को इनके लाभों की जानकारी दे रहे हैं। हालांकि कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि नैनो उर्वरकों का उपयोग पूरी तरह स्वैच्छिक है और किसानों की सहमति के आधार पर ही उपलब्ध कराया जा रहा है।
कालाबाजारी और गड़बड़ी पर सख्ती
कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि किसानों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कोरिया जिले की जिल्दा सहकारी समिति में उर्वरक वितरण में अनियमितता मिलने पर संबंधित समिति प्रबंधक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि खरीफ सीजन के दौरान किसानों को खाद, बीज और अन्य कृषि आदानों की उपलब्धता में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए उर्वरकों के भंडारण, परिवहन और वितरण की नियमित समीक्षा की जा रही है।
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Sushasan Tihar 2026: अबूझमाड़ के गारपा पहुंचे CM विष्णुदेव साय, जन चौपाल में ग्रामीणों से सीधा संवाद, PHC-सड़क और थाना समेत कई बड़ी सौगातें

Narayanpur: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रविवार को सुशासन तिहार के तहत नारायणपुर जिले के ओरछा विकासखंड स्थित अबूझमाड़ अंचल के ग्राम गारपा पहुंचकर जन चौपाल में ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। लंबे समय तक नक्सल हिंसा और विकास की कमी से जूझते रहे इस इलाके में मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य, सड़क, शिक्षा और सुरक्षा से जुड़े कई बड़े विकास कार्यों की घोषणा की।
मुख्यमंत्री के गारपा पहुंचने पर ग्रामीणों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ स्वागत किया। जन चौपाल में मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं, योजनाओं की जमीनी स्थिति जानी और कहा कि राज्य सरकार अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
‘अबूझमाड़ में विकास की नई गाथा लिखी जा रही’
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अबूझमाड़ और बस्तर क्षेत्र लंबे समय तक नक्सल हिंसा से प्रभावित रहे, जिससे विकास कार्य बाधित हुए। लेकिन अब हालात बदल रहे हैं और क्षेत्र में सड़क, पुल-पुलिया, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और संचार सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आदिवासी और दूरस्थ क्षेत्रों के विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। प्रधानमंत्री जनमन योजना के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है।
महिलाओं ने बताई महतारी वंदन योजना की कहानी
मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना की हितग्राही महिलाओं से भी बातचीत की। महिलाओं ने बताया कि योजना से मिलने वाली राशि का उपयोग घरेलू जरूरतों के साथ बेटियों के भविष्य के लिए सुकन्या समृद्धि खाते में जमा करने में किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इसे महिला सशक्तिकरण की सकारात्मक पहल बताया।
ग्रामीणों को मिलीं कई बड़ी सौगातें
जन चौपाल के दौरान मुख्यमंत्री ने गारपा और आसपास के क्षेत्रों के लिए कई विकास कार्यों की घोषणा की। इनमें-
- गारपा में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) की स्थापना
- गारपा में पुलिस थाना खोलने की घोषणा
- तुमेराड़ी में दो पुलियों का निर्माण
- गारपा में 1 किलोमीटर आंतरिक सीसी सड़क
- आंगनबाड़ी केंद्र गारपा में बाउंड्रीवाल निर्माण
- उप स्वास्थ्य केंद्र से राजकुमार के खेत तक 1 किमी सड़क
- मसपुर में मुख्य मार्ग से गुडरापारा तक 1 किमी सड़क
- आश्रम शाला गारपा में बाउंड्रीवाल निर्माण
मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि क्षेत्र के विकास के लिए धन और संसाधनों की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।
राशन के लिए 40 किमी जाना पड़ता था
ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को बताया कि पहले राशन लेने के लिए करीब 40 किलोमीटर दूर जाना पड़ता था, जिसमें कई दिन लग जाते थे। अब गांवों के आसपास सुविधाएं पहुंचने से लोगों को राहत मिल रही है। मुख्यमंत्री ने मनरेगा, राशन कार्ड और अन्य योजनाओं की स्थिति की भी जानकारी ली। वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में अबूझमाड़ जैसे दूरस्थ क्षेत्रों तक विकास पहुंचाने का ऐतिहासिक काम किया जा रहा है।
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Raipur: जनता से अशिष्ट व्यवहार पर CM साय का एक्शन, दुर्ग जनपद CEO सस्पेंड, बोले-सुशासन में जवाबदेही सर्वोपरि

Durg: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जनता से अशिष्ट व्यवहार और कर्तव्य में लापरवाही के मामले में जीरो टॉलरेंस का संदेश देते हुए दुर्ग जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) रूपेश कुमार पाण्डेय को तत्काल प्रभाव से निलंबित करा दिया। सुशासन तिहार के दौरान जनसमस्या निवारण शिविर में आम लोगों से कथित दुर्व्यवहार का मामला सामने आने के बाद मुख्यमंत्री ने इसे गंभीरता से लेते हुए दुर्ग संभागायुक्त को कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद दुर्ग संभागायुक्त ने रूपेश कुमार पाण्डेय के निलंबन का आदेश जारी कर दिया। आदेश में कहा गया है कि ग्राम थनौद में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर के दौरान सामने आए वीडियो क्लिप और कलेक्टर दुर्ग से प्राप्त प्रस्ताव के आधार पर प्रथम दृष्टया यह पाया गया कि अधिकारी ने कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही और आम नागरिकों से अशिष्ट व्यवहार किया।
आयुक्त द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, यह आचरण छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-3 के विपरीत माना गया है। इस मामले में पहले कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, लेकिन अधिकारी का जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। निलंबन अवधि के दौरान रूपेश कुमार पाण्डेय को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री साय ने साफ संदेश दिया कि सुशासन में जवाबदेही सर्वोपरि है और जनता से अशिष्ट व्यवहार किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में लोकसेवकों का व्यवहार शिष्ट, संवेदनशील और जवाबदेह होना चाहिए।
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Sushasan Tihar: दुर्ग को 739 करोड़ की विकास सौगात, CM विष्णुदेव साय बोले- जनता के बीच जाकर सरकार दे रही रिपोर्ट कार्ड

Durg: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुशासन तिहार के तहत दुर्ग जिले को 739.38 करोड़ रुपए के विकास कार्यों की बड़ी सौगात दी। मुख्यमंत्री ने दुर्ग में आयोजित समाधान शिविर में 251 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इनमें शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल, नगरीय अधोसंरचना और प्रशासनिक सुविधाओं से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन केवल योजनाएं बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि सरकार जनता के बीच जाकर अपने काम का रिपोर्ट कार्ड भी दे रही है। उन्होंने कहा कि 1 मई से शुरू हुआ सुशासन तिहार 10 जून तक प्रदेश के सभी 33 जिलों में चल रहा है, जहां समाधान शिविरों के जरिए समस्याओं का त्वरित निराकरण और योजनाओं का लाभ सीधे लोगों तक पहुंचाया जा रहा है।
251 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन
मुख्यमंत्री ने 362.46 करोड़ रुपए की लागत के 98 विकास कार्यों का लोकार्पण और 376.92 करोड़ रुपए के 153 नए विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि ये परियोजनाएं दुर्ग जिले में नागरिक सुविधाओं और विकास को नई दिशा देंगी।
दुर्ग में बनेगा संयुक्त जिला कार्यालय भवन
CM साय ने दुर्ग में सर्वसुविधायुक्त संयुक्त जिला कार्यालय भवन निर्माण की घोषणा की। उन्होंने कहा कि बेहतर प्रशासनिक अधोसंरचना से नागरिक सेवाएं अधिक पारदर्शी, सरल और प्रभावी होंगी।
PM आवास, महतारी वंदन और युवाओं पर फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 18 लाख गरीब परिवारों के लिए प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए हैं और सभी मंजूरियां जारी हो चुकी हैं। वहीं महतारी वंदन योजना के तहत महिलाओं के खातों में हर महीने 1000 रुपए भेजे जा रहे हैं। उन्होंने दुर्ग में आईटी पार्क, नालंदा परिसर, छात्रावास और मल्टीलेवल पार्किंग जैसी परियोजनाओं को युवाओं और शहर विकास के लिए अहम बताया।
समाधान शिविर में मिला योजनाओं का लाभ
शिविर में युवाओं को ड्राइविंग लाइसेंस, मत्स्यपालकों को जाल, आयुष्मान कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, महिला समूहों को सहायता, छात्रवृत्ति और आवास स्वीकृति सहित कई योजनाओं का लाभ दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।
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Chhattisgarh: PM आवास योजना- ग्रामीण को नई रफ्तार, जिलों को 2677 करोड़ जारी, ढाई साल में 10.60 लाख घर बने

Raipur: छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण को नई गति देने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत आवास निर्माण कार्यों में तेजी लाने के लिए राज्य के सभी जिलों को 2677.15 करोड़ रुपए की केंद्रीय और राज्यांश राशि जारी की गई है। यह राशि SNA SPARSH मॉड्यूल के जरिए जिलों को आवंटित की गई है, ताकि पात्र हितग्राहियों के पक्के घर समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पूरे किए जा सकें।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में “हर गरीब को पक्का घर” का संकल्प छत्तीसगढ़ में तेजी से साकार हो रहा है। सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि कोई भी पात्र परिवार पक्के आवास जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित न रहे।
हर दिन बन रहे 1600 से ज्यादा पक्के मकान
मुख्यमंत्री के अनुसार प्रदेश में प्रतिदिन 1600 से अधिक पक्के आवासों का निर्माण किया जा रहा है। पिछले ढाई वर्षों में 10.60 लाख से अधिक आवास पूरे किए जा चुके हैं। वहीं, वित्तीय वर्ष 2025-26 में ही 6 लाख से अधिक आवास बनाकर छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी राज्यों में शामिल रहा है। उन्होंने कहा कि पक्का घर केवल चार दीवारें नहीं, बल्कि परिवार की सुरक्षा, सम्मान और बेहतर भविष्य की मजबूत नींव है।
10 हजार से ज्यादा महिलाएं बनीं ‘लखपति दीदी’
योजना के क्रियान्वयन में महिला स्व-सहायता समूहों की भूमिका भी अहम रही है। भवन निर्माण सामग्री की आपूर्ति से जुड़कर हजारों महिलाएं आजीविका कमा रही हैं। सरकार के मुताबिक 10 हजार से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं।
नक्सल प्रभावित परिवारों को भी मिल रहा लाभ
राज्य सरकार आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल प्रभावित परिवारों को भी योजना से जोड़ रही है। ऐसे परिवारों को पक्का आवास देकर उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
रेन वाटर हार्वेस्टिंग और QR कोड जैसी पहल
प्रदेश में नवाचार के तहत 1.5 लाख से अधिक आवासों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम विकसित किया गया है। साथ ही शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए टोल फ्री हेल्पलाइन 1800-233-1290 संचालित की जा रही है। योजना में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए ग्राम पंचायतों में QR कोड भी प्रदर्शित किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जारी राशि का उपयोग योजना के दिशा-निर्देशों के अनुरूप करते हुए पात्र हितग्राहियों के आवास जल्द पूरे कराए जाएं।

















