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75th Republic Day: मुख्यमंत्री साय ने जगदलपुर में किया ध्वजारोहण, बोले- सुशासन से करेंगे हर वादा पूरा

75th Republic Day: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज 75 वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर बस्तर जिला मुख्यालय जगदलपुर में ध्वजारोहण कर परेड की सलामी ली। गणतंत्र दिवस का यह समारोह जगदलपुर के लालबाग मैदान में हर्ष और उल्लास के वातावरण में आयोजित हुआ। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने संबोधन में कहा कि भगवान राम के प्रति अटूट श्रद्धा हमारी पहचान है। हम ‘रघुकुल रीति सदा चली आई, प्राण जाई पर वचन न जाई’ का अनुसरण करते हैं। हमारी चेतना में एकात्म मानववाद के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय का दर्शन समाहित है, जो हमें मानव धर्म के लक्ष्यों के प्रति जागरूक रखता है। इनके रास्ते पर चलते हुए हम छत्तीसगढ़ के जन-जन का सपना पूरा करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सबसे पहले मैं छत्तीसगढ़ महतारी के महान सपूतों अमर शहीद गैंद सिंह, शहीद वीर नारायण सिंह, वीर गुण्डाधूर को सादर नमन करता हूं, जिन्होंने हमारे प्रदेश को राष्ट्रीय आंदोलन से जोड़ा और पूरे छत्तीसगढ़ में त्याग-बलिदान, न्याय-समानता जैसे आदर्शों की अलख जगाई। उन्होंने राष्ट्रीय चेतना के विकास में आदिवासी अंचलों का अग्रणी योगदान दर्ज कराया था। बाद में इस राह पर चलकर प्रदेश के अनेक वीरों और राष्ट्र भक्तों ने स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई एवं प्रदेश और देश के विकास में योगदान दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम भारत के लोगों ने अपना संविधान बनाया और स्वयं ही इस संविधान को अधिनियमित और आत्मार्पित किया था। भारत के सुनहरे भविष्य की आधारशिला 26 जनवरी 1950 को, हमारे संविधान को लागू करने के साथ रख दी गई थी। हमारा संविधान, अतीत के अनुभवों, वर्तमान की जरूरतों और भविष्य की चुनौतियों को ध्यान में रखकर बनाया गया दुनिया का सर्वश्रेष्ठ संविधान है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 75 वर्षों का सफर बताता है कि हम एक सफलतम लोकतांत्रिक गणतंत्र के रूप में स्थापित हुए हैं। मैं आज बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर और संविधान सभा के सभी सदस्यों का पावन स्मरण करता हूं, जिन्होंने सामूहिक बुद्धिमत्ता से संविधान रचकर हमारे गणतंत्र को राह दिखाई। हमारा संविधान समस्त नागरिकों को सामाजिक-आर्थिक और राजनैतिक न्याय, विचार-अभिव्यक्ति-विश्वास-धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता का अधिकार प्रदान करता है।
18 लाख हितग्राहियों को मिलेंगे पक्के आवास
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा राज्य के आवासहीन परिवारों को पक्का आवास प्रदान करने की गारंटी को हमने सर्वाेच्च प्राथमिकता दी है। हमने अपनी सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में राज्य के 18 लाख से अधिक परिवारों को प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति दी है। इस तरह से हम देश में हर बेघर के सिर पर छत देने के लक्ष्य को पूरा करने में भी अपना योगदान देंगे।
घर-घर पहुंचेगा नल से जल
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास के साथ हमने जल जीवन मिशन के तहत छत्तीसगढ़ के प्रत्येक घर में पीने का शुद्ध पानी उपलब्ध कराने का वादा किया था। निर्धारित लक्ष्य जल्दी से जल्दी पूरा करने के लिए हमने अतिरिक्त धनराशि की व्यवस्था कर दी है।
12 लाख किसानों को मिले धान बोनस के 3,716 करोड़ रुपए
अन्नदाताओं की समृद्धि और खुशहाली को लेकर छत्तीसगढ़ राज्य के जन्मदाता पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के जन्म दिवस-‘सुशासन दिवस’ के अवसर पर 2 साल की धान खरीदी के बकाया बोनस के एकमुश्त भुगतान को लेकर वादा किया गया था। यह वादा हमने नियत तिथि को निभाया और 12 लाख से अधिक किसानों को एकमुश्त 3 हजार 716 करोड़ रुपए की राशि उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की।
प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी
‘कृषक उन्नति योजना’ के अंतर्गत हमने प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी का आदेश जारी करके यह व्यवस्था लागू कर दी है। व्यवस्था में सुधार हेतु ऑनलाइन धान खरीदी केन्द्रों में बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण से धान खरीदी की जा रही है। 48 घंटे के भीतर भुगतान की व्यवस्था की गई है, जिसमें काफी हद तक सफलता मिली है।
सिंचाई के लिए निःशुल्क बिजली: 1,123 करोड़ रुपए का प्रावधान
मुख्यमंत्री ने कहा कि आपको याद होगा कि कृषक जीवन ज्योति योजना, हमारी ही पूर्ववर्ती सरकार की देन थी, जिसने किसानों के जीवन में बहार लाई थी। निःशुल्क बिजली प्रदाय से उनकी सिंचाई सुविधा और उत्पादन क्षमता में बहुत बढ़ोतरी हुई थी। सरकार बनते ही हमने इस योजना की समीक्षा की और पाया कि किसानों को निःशुल्क बिजली देने की यह व्यवस्था बहुत कारगर साबित हुई है, जिसे और अधिक प्रभावी बनाने के लिए 1 हजार 123 करोड़ रुपए अतिरिक्त राशि स्वीकृत की गई है।
सरकार किसानों के साथ
किसान भाइयों और बहनों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि हमें इस बात का पूरा अहसास है कि आपको अपने जीवन में किन बड़ी-बड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। आपकी मेहनत और त्याग अनमोल है। मैं विश्वास दिलाता हूं कि कृषि तथा इससे संबंधित सभी क्षेत्रों पर हम लगातार ध्यान देंगे और समस्याओं का निराकरण करते जाएंगे। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केन्द्र योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, जैविक खेती मिशन, राष्ट्रीय बागवानी मिशन एवं राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल, राष्ट्रीय गोकुल मिशन, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना आदि योजनाओं का समय पर अधिकाधिक लाभ प्रदेश के किसानों को देने की व्यवस्था की जाएगी।
महतारी वंदन योजना में मिलेगी 12,000 रुपए की राशि
मातृशक्ति को नमन करते हुए उन्होंने कहा कि माताओं, बहनों, बेटियों के सम्मान, स्वाभिमान, स्वावलंबन और सुरक्षा के लिए हम हरसंभव कदम उठाएंगे। उनकी सेहत, शिक्षा और पोषण के लिए भी समुचित योजनाएं कारगर ढंग से लागू की जाएंगी। हमने महतारी वंदन योजना के अंतर्गत 12 हजार रुपए वार्षिक आर्थिक सहायता प्रदान करने का वादा निभाने की दिशा में पहल प्रारंभ की है।
पारदर्शीता के साथ होंगी पीएससी तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाएं
युवाओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हम विद्यार्थियों और युवाओं की चिंता से अवगत हैं। यही वजह है कि छत्तीसगढ़ पीएससी की सभी प्रमुख परीक्षाओं की प्रक्रिया को यूपीएससी की तर्ज पर सुव्यवस्थित करने हेतु प्रयास किया जा रहा है। हमने पीएससी प्रकरण की जांच सीबीआई से कराने का निर्णय लिया है। हमारी सरकार ने सभी प्रमुख परीक्षाओं की पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए अनेक स्तरों पर परीक्षण प्रारंभ कर दिया है। हम नौनिहालों और युवाओं के सुरक्षित भविष्य के लिए उनकी शिक्षा, व्यक्तित्व विकास, संस्कार, स्वास्थ्य, रोजगार जैसे सभी विषयों पर समग्रता से पहल करेंगे।
विकसित भारत संकल्प यात्रा से मिल रहा योजनाओं का लाभ
विकसित भारत संकल्प यात्रा की भी मुख्यमंत्री ने चर्चा की। उन्होंने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि विकसित भारत संकल्प यात्रा के माध्यम से प्रदेश में एक महाअभियान संचालित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य प्रदेश के हर वंचित और कमजोर व्यक्ति तक पहुंचना और पात्रतानुसार उन्हें विभिन्न योजनाओं का लाभ प्रदान करना है। यह यात्रा प्रदेश की सभी 11 हजार 654 ग्राम पंचायतों तथा 170 नगरीय निकायों में पहुंच रही है। भारत सरकार की जनहितकारी समस्त योजनाओं के पात्र हितग्राहियों तक पहुंचकर उनसे संबंधित योजनाओं के बारे में जागरूक कर रही है। इसके अलावा स्थल पर योजनाओं का लाभ भी प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस महाअभियान से कमजोर तबकों के सामाजिक-आर्थिक सशक्तीकरण में मदद मिल रही है।
गरीब परिवारों को पांच वर्ष तक मिलेगा निःशुल्क चावल
कोविड-19 की विश्वव्यापी आपदा से निपटने के लिए किसी भी जरूरतमंद परिवार को पोषण समस्या न हो यह ध्यान में रखते हुए केन्द्र शासन ने निःशुल्क अनाज प्रदान करने की योजना शुरू की थी। अब प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत दिसम्बर 2028 तक निःशुल्क चावल प्रदाय की व्यवस्था कर दी है। छत्तीसगढ़ में इस योजना से 67 लाख 94 हजार अंत्योदय, प्राथमिकता, एकल निराश्रित एवं निःशक्तजन राशनकार्डधारियों को मासिक पात्रता का चावल दिया जाएगा।
वन नेशन वन राशन कार्ड से पीडीएस में पारदर्शीता
मुख्यमंत्री ने पीडीएस प्रणाली से संबंधित सुधारों के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली को कारगर, पारदर्शी और सुविधाजनक बनाने के लिए ‘वन नेशन वन राशन कार्ड’ योजना प्रारंभ की गई है, जिसमें हितग्राहियों को अपनी पसंद की किसी भी राशन दुकान से राशन सामग्री प्राप्त करने की सुविधा है।
36 लाख महिलाओं को उज्ज्वला गैस कनेक्शन
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत प्रदेश में अब तक 36 लाख से अधिक नवीन गैस कनेक्शन जारी किए गए हैं। छूटे हुए पात्र हितग्राहियों को विकसित भारत संकल्प यात्रा के दौरान विशेष अभियान संचालित करते हुए उज्ज्वला गैस कनेक्शन दिए जा रहे हैं। इस योजना से महिलाओं की सेहत, सुविधा और स्वाभिमान की स्थिति में बहुत सुधार आया है।
अयोध्या के तीर्थ यात्रा के लिए रामलला दर्शन योजना
हमारा छत्तीसगढ़ धर्म, अध्यात्म और संस्कृति का प्रदेश है। यहां हर क्षेत्र में कुछ न कुछ विशेषताएं हैं, जिसका सम्मान करते हुए एक साझा संस्कृति का विकास प्रदेश में हुआ है। हमारी सरकार सभी जातियों, धर्मों, समुदायों की आस्था का सम्मान करते हुए समरस विकास के रास्ते पर चलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या धाम में प्रभु राम की प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा के प्रति लोगों की जिज्ञासा और अगाध श्रद्धा भाव का सम्मान करते हुए हमारी सरकार ने रामलला दर्शन योजना प्रारंभ करने का निर्णय लिया है, जिसके तहत प्रति वर्ष हजारों लोगों का अयोध्या धाम तथा काशी विश्वनाथ धाम, प्रयागराज की तीर्थयात्रा कराई जाएगी।
सुशासन से करेंगे हर वादा पूरा
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सुशासन के माध्यम से सही दिशा में आगे बढ़ने की आवश्यकता है। नक्सलवाद तथा विभिन्न प्रकार के अपराधों, हिंसा व अन्याय पर तेजी से रोक लगे। संविधान की भावना अनुसार सभी क्षेत्रों और सभी वर्ग के लोगों को विकास के समुचित अवसर मिलें। सेवा, सुशासन, सुरक्षा और विकास के लिए हरसंभव कदम उठाए जाएं ताकि सभी छत्तीसगढ़वासियों की आय और जीवन स्तर उन्नयन में वृद्धि का सिलसिला तेजी से आगे बढ़े। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार हर वादा पूरा करने के लिए तत्पर है। मुझे पूरा विश्वास है कि आप सबके प्यार, सहयोग और समर्थन से हम छत्तीसगढ़ महतारी का, छत्तीसगढ़ के जन-जन का हर सपना पूरा करेंगे।
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Balodabazar accident: सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर संचालन और मेंटेनेंस पर रोक, CM साय के निर्देश पर सख्त कार्रवाई

Balodabazar accident:बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में हुए भीषण औद्योगिक हादसे के बाद प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर रियल इस्पात एंड एनर्जी प्रा. लि. के किल्न क्रमांक-01 को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया है। कारखाना अधिनियम के तहत किल्न के संचालन और मेंटेनेंस से जुड़े सभी कार्यों पर रोक लगा दी गई है। प्रशासन की शुरुआती जांच में फैक्ट्री प्रबंधन द्वारा सुरक्षा मानकों के गंभीर उल्लंघन की पुष्टि हुई है। यह कार्रवाई तब तक जारी रहेगी, जब तक कंपनी सभी जरूरी सुरक्षा इंतजाम पूरे कर प्रमाणित दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करती।
850 से 900 डिग्री तापमान में कराया गया काम
कार्यालय सहायक संचालक, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा, बलौदाबाजार-भाटापारा के अनुसार 22 जनवरी की सुबह करीब 9.40 बजे किल्न-01 के डस्ट सेटलिंग चेंबर के दूसरे तल पर काम के दौरान अचानक विस्फोट हुआ। इस दौरान लगभग 850 से 900 डिग्री सेल्सियस तापमान की गर्म ऐश श्रमिकों पर गिर गई। हादसे में 6 मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 5 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
बिना शटडाउन कराया गया खतरनाक काम
संयुक्त जांच टीम के निरीक्षण में सामने आया कि फैक्ट्री प्रबंधन ने एसओपी का पालन नहीं किया। किल्न को शटडाउन किए बिना काम कराया गया। हाइड्रोलिक स्लाइड गेट बंद नहीं किया गया। वर्क परमिट जारी नहीं हुआ। साथ ही नियमित मेंटेनेंस नहीं किया गया। मजदूरों को सुरक्षा प्रशिक्षण और हीट रेसिस्टेंट एप्रन, हेलमेट, सेफ्टी शूज जैसे उपकरण भी नहीं दिए गए।
इमिनेंट डेंजर की स्थिति, इसलिए सील
जांच में किल्न-01 को इमिनेंट डेंजर जोन में पाया गया। इसके चलते कारखाना अधिनियम 1948 की धारा 40(2) के तहत किल्न के संचालन और सभी मेंटेनेंस कार्यों पर प्रतिबंध लगाया गया है।
मजदूरों का वेतन नहीं रोका जाएगा
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि प्रतिबंध की अवधि के दौरान फैक्ट्री में कार्यरत सभी श्रमिकों को समय पर पूरा वेतन और भत्ते देना अनिवार्य होगा।
प्रशासन का सख्त संदेश
सहायक संचालक, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा ने कहा कि श्रमिकों की सुरक्षा शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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Raipur: रायपुर साहित्य उत्सव का भव्य आगाज आज से, 3 दिन तक चलेगा साहित्य का महाकुंभ

Raipur: राजधानी रायपुर में तीन दिवसीय रायपुर साहित्य उत्सव का भव्य शुभारंभ आज 23 जनवरी को पुरखौती मुक्तांगन परिसर में होगा। उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश होंगे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्यमंत्री विष्णु देव साय करेंगे। शुभारंभ समारोह सुबह 10.30 बजे से विनोद कुमार शुक्ल मंडप में आयोजित किया जाएगा।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह अतिविशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे। उपमुख्यमंत्री अरूण साव और विजय शर्मा, महात्मा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी विश्वविद्यालय वर्धा की कुलपति डॉ. कुमुद शर्मा तथा प्रसिद्ध रंगकर्मी और अभिनेता मनोज जोशी विशिष्ट अतिथि रहेंगे।
3 दिन साहित्य, संवाद और संस्कृति
रायपुर साहित्य उत्सव में छत्तीसगढ़ और देशभर के नामचीन साहित्यकार, पत्रकार, कवि और विचारक हिस्सा लेंगे। उत्सव के दौरान साहित्यिक परिचर्चाएं, गोष्ठियां और संवाद सत्र आयोजित किए जाएंगे। साथ ही राष्ट्रीय पुस्तक मेला, इंगेजमेंट जोन, ओपन टैलेंट मंच, पेंटिंग कार्यशाला और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी आकर्षण का केंद्र रहेंगी। दर्शकों की सुविधा के लिए फूड जोन की भी व्यवस्था की गई है।
4 मंडप, रोज 4 सत्र
मुख्य कार्यक्रम विनोद कुमार शुक्ल की स्मृति में बनाए गए विनोद कुमार शुक्ल मंडप में होंगे। इसके अलावा लाला जगदलपुरी मंडप, श्यामलाल चतुर्वेदी मंडप और अनिरूद्ध नीरव मंडप में साहित्यिक परिचर्चाएं और गोष्ठियां आयोजित होंगी।
प्रतिदिन चार सत्र होंगे—
पहला सत्र: दोपहर 12.30 बजे
दूसरा सत्र: 2.15 बजे
तीसरा सत्र: 3.45 बजे
चौथा सत्र: शाम 5.15 से 6.30 बजे तक
पहले दिन महिला लेखन से डिजिटल साहित्य तक
23 जनवरी को पहले सत्र में समकालीन महिला लेखन, वंदेमातरम संवाद के तहत भारत के स्व-जागरण और डिजिटल साहित्य में प्रकाशकों की चुनौतियों पर चर्चा होगी। दूसरे सत्र में वाचिक परंपरा, कविता की नई चाल और संवाद कार्यक्रम होगा, जिसमें राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश शामिल होंगे। तीसरे और चौथे सत्र में जनजातीय विमर्श, छत्तीसगढ़ का साहित्यिक योगदान, सेक्युलरिज्म और काव्य पाठ जैसे विषयों पर परिचर्चाएं होंगी। शाम 7 बजे सांस्कृतिक संध्या में मनोज जोशी के चर्चित नाटक ‘चाणक्य’ का मंचन किया जाएगा।
24 और 25 जनवरी को भी गहन विमर्श
रायपुर साहित्य उत्सव में 24 जनवरी को लोकगीत, मीडिया, सिनेमा, उपनिषद से एआई तक साहित्य, भारतीय ज्ञान परंपरा, अंबेडकर विचार और बाल साहित्य जैसे विषयों पर चर्चा होगी। 25 जनवरी को संविधान और भारतीय मूल्य, पत्रकारिता, नाट्यशास्त्र, शासन और साहित्य, सिनेमा और समाज जैसे विषयों पर सत्र आयोजित किए जाएंगे। अंतिम दिन छत्तीसगढ़ी काव्य पाठ भी होगा।
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मुख्यमंत्री साय के निर्देश: 5 हजार शिक्षकों की भर्ती तुरंत शुरू हो, फरवरी तक निकले विज्ञापन

Raipur: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य में शिक्षकों की कमी को गंभीरता से लेते हुए 5000 पदों पर शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह भर्ती प्रक्रिया व्यापमं के माध्यम से कराई जाएगी और इसके लिए फरवरी 2026 तक विज्ञापन जारी किया जाए, ताकि समयबद्ध रूप से नियुक्तियां पूरी हो सकें।
बैठक में शिक्षक भर्ती परीक्षा-2023 से जुड़े मामलों पर भी चर्चा हुई। इस दौरान निर्णय लिया गया कि परीक्षा-2023 की प्रतीक्षा सूची की मान्यता नहीं बढ़ाई जाएगी, जिससे पिछले वर्षों में उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को भी शासकीय सेवा में अवसर मिल सके।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इस दिशा में सभी आवश्यक निर्णय तेजी से लिए जा रहे हैं।
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Chhattisgarh: बलौदाबाजार स्पंज आयरन फैक्ट्री में भीषण ब्लास्ट, डस्ट सेटलिंग चैंबर फटा, 6 मजदूरों की मौत, 5 गंभीर घायल

Balodabazar-Bhatapara News: छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में गुरुवार को बड़ा औद्योगिक हादसा हो गया। भाटापारा ग्रामीण थाना क्षेत्र के ग्राम बकुलाही स्थित रियल इस्पात एंड पावर लिमिटेड की स्पंज आयरन फैक्ट्री में क्लिनिकल फर्नेस के दौरान जोरदार धमाका हुआ। हादसे में 6 मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 5 मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद प्लांट में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया।
डस्ट सेटलिंग चैंबर में हुआ विस्फोट
जिला कलेक्टर दीपक सोनी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि फैक्ट्री की यूनिट के डस्ट सेटलिंग चैंबर (DSC) में विस्फोट हुआ। धमाके के बाद गर्म धूल और मलबा मजदूरों पर गिर गया, जिससे वे बुरी तरह झुलस गए। तकनीकी सिस्टम फेल होने और अत्यधिक दबाव को हादसे की संभावित वजह माना जा रहा है।
घायलों को बिलासपुर किया गया रेफर
घायलों को पहले भाटापारा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बिलासपुर स्थित छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (CIMS) रेफर किया गया है। सभी घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
CM साय ने जताया गहरा शोक
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस हादसे को अत्यंत दुखद और हृदयविदारक बताया। उन्होंने मृत श्रमिकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार इस कठिन समय में पीड़ित परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि घायलों के इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो और उन्हें सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही, हादसे के कारणों की तथ्यपरक जांच कर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है।
स्वास्थ्य मंत्री ने दिए जांच और इलाज के निर्देश
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने भी घटना पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने कलेक्टर से चर्चा कर घायलों को बेहतर इलाज मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं। मंत्री ने कहा कि हादसे की गहन जांच कर दोषियों के खिलाफ त्वरित और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने दिवंगत आत्माओं की शांति और शोक संतप्त परिवारों को इस अपूरणीय क्षति को सहने की शक्ति देने की कामना की।
प्रशासन मौके पर, जांच जारी
हादसे की जानकारी मिलते ही कलेक्टर दीपक सोनी और एसपी भावना गुप्ता मौके पर पहुंचे। प्रशासन की ओर से हादसे की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों के पालन में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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Raipur: छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति की गूंज आयरलैंड तक, डबलिन में भव्य सांस्कृतिक आयोजन

Raipur: छत्तीसगढ़ की समृद्ध कला और लोकसंस्कृति ने अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई है। आयरलैंड की राजधानी डबलिन में स्टेट कल्चरल इवेंट सीरीज़ के तहत भारतीय दूतावास द्वारा छत्तीसगढ़ केंद्रित भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया, जिसमें भारत की विविध सांस्कृतिक विरासत की प्रभावशाली झलक देखने को मिली।
कार्यक्रम का उद्घाटन आयरलैंड में भारत के राजदूत अखिलेश मिश्रा ने किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ की जनजातीय परंपराओं, सांस्कृतिक विरासत और विशिष्ट पहचान को रेखांकित करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन भारत की सांस्कृतिक विविधता को वैश्विक मंच पर मजबूती से प्रस्तुत करते हैं। इस अवसर पर आयरलैंड में रह रहे भारतीय समुदाय ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
आयोजन के दौरान छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति, परंपरा और विकास यात्रा पर आधारित विशेष प्रस्तुति दी गई। साथ ही राज्य के पारंपरिक हस्तशिल्प की प्रदर्शनी ने आगंतुकों का विशेष ध्यान आकर्षित किया, जहां कारीगरों की बारीक कारीगरी और कलात्मक सौंदर्य की सराहना की गई।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में पारंपरिक वेशभूषा में प्रस्तुत लोकनृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कलाकारों की जीवंत प्रस्तुतियों ने छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति की आत्मा को आयरलैंड की धरती तक पहुंचाया।
कार्यक्रम का समापन छत्तीसगढ़ के पारंपरिक व्यंजनों के साथ हुआ, जिसने उपस्थित अतिथियों को राज्य की समृद्ध पाक परंपरा से परिचित कराया। कुल मिलाकर यह आयोजन छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति और पहचान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि डबलिन में आयोजित यह सांस्कृतिक कार्यक्रम छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति को वैश्विक पहचान दिलाने वाला है और यह पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से राज्य के कलाकारों, कारीगरों और स्थानीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई संभावनाएं मिलती हैं।
मुख्यमंत्री ने भारतीय दूतावास, डबलिन और वहां रह रहे भारतीय समुदाय की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार राज्य की कला और संस्कृति के संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को देश-विदेश में इसी तरह मंच मिलता रहेगा।
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