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75th Republic Day: मुख्यमंत्री साय ने जगदलपुर में किया ध्वजारोहण, बोले- सुशासन से करेंगे हर वादा पूरा

75th Republic Day: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज 75 वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर बस्तर जिला मुख्यालय जगदलपुर में ध्वजारोहण कर परेड की सलामी ली। गणतंत्र दिवस का यह समारोह जगदलपुर के लालबाग मैदान में हर्ष और उल्लास के वातावरण में आयोजित हुआ। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने संबोधन में कहा कि भगवान राम के प्रति अटूट श्रद्धा हमारी पहचान है। हम ‘रघुकुल रीति सदा चली आई, प्राण जाई पर वचन न जाई’ का अनुसरण करते हैं। हमारी चेतना में एकात्म मानववाद के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय का दर्शन समाहित है, जो हमें मानव धर्म के लक्ष्यों के प्रति जागरूक रखता है। इनके रास्ते पर चलते हुए हम छत्तीसगढ़ के जन-जन का सपना पूरा करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सबसे पहले मैं छत्तीसगढ़ महतारी के महान सपूतों अमर शहीद गैंद सिंह, शहीद वीर नारायण सिंह, वीर गुण्डाधूर को सादर नमन करता हूं, जिन्होंने हमारे प्रदेश को राष्ट्रीय आंदोलन से जोड़ा और पूरे छत्तीसगढ़ में त्याग-बलिदान, न्याय-समानता जैसे आदर्शों की अलख जगाई। उन्होंने राष्ट्रीय चेतना के विकास में आदिवासी अंचलों का अग्रणी योगदान दर्ज कराया था। बाद में इस राह पर चलकर प्रदेश के अनेक वीरों और राष्ट्र भक्तों ने स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई एवं प्रदेश और देश के विकास में योगदान दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम भारत के लोगों ने अपना संविधान बनाया और स्वयं ही इस संविधान को अधिनियमित और आत्मार्पित किया था। भारत के सुनहरे भविष्य की आधारशिला 26 जनवरी 1950 को, हमारे संविधान को लागू करने के साथ रख दी गई थी। हमारा संविधान, अतीत के अनुभवों, वर्तमान की जरूरतों और भविष्य की चुनौतियों को ध्यान में रखकर बनाया गया दुनिया का सर्वश्रेष्ठ संविधान है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 75 वर्षों का सफर बताता है कि हम एक सफलतम लोकतांत्रिक गणतंत्र के रूप में स्थापित हुए हैं। मैं आज बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर और संविधान सभा के सभी सदस्यों का पावन स्मरण करता हूं, जिन्होंने सामूहिक बुद्धिमत्ता से संविधान रचकर हमारे गणतंत्र को राह दिखाई। हमारा संविधान समस्त नागरिकों को सामाजिक-आर्थिक और राजनैतिक न्याय, विचार-अभिव्यक्ति-विश्वास-धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता का अधिकार प्रदान करता है।
18 लाख हितग्राहियों को मिलेंगे पक्के आवास
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा राज्य के आवासहीन परिवारों को पक्का आवास प्रदान करने की गारंटी को हमने सर्वाेच्च प्राथमिकता दी है। हमने अपनी सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में राज्य के 18 लाख से अधिक परिवारों को प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति दी है। इस तरह से हम देश में हर बेघर के सिर पर छत देने के लक्ष्य को पूरा करने में भी अपना योगदान देंगे।
घर-घर पहुंचेगा नल से जल
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास के साथ हमने जल जीवन मिशन के तहत छत्तीसगढ़ के प्रत्येक घर में पीने का शुद्ध पानी उपलब्ध कराने का वादा किया था। निर्धारित लक्ष्य जल्दी से जल्दी पूरा करने के लिए हमने अतिरिक्त धनराशि की व्यवस्था कर दी है।
12 लाख किसानों को मिले धान बोनस के 3,716 करोड़ रुपए
अन्नदाताओं की समृद्धि और खुशहाली को लेकर छत्तीसगढ़ राज्य के जन्मदाता पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के जन्म दिवस-‘सुशासन दिवस’ के अवसर पर 2 साल की धान खरीदी के बकाया बोनस के एकमुश्त भुगतान को लेकर वादा किया गया था। यह वादा हमने नियत तिथि को निभाया और 12 लाख से अधिक किसानों को एकमुश्त 3 हजार 716 करोड़ रुपए की राशि उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की।
प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी
‘कृषक उन्नति योजना’ के अंतर्गत हमने प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी का आदेश जारी करके यह व्यवस्था लागू कर दी है। व्यवस्था में सुधार हेतु ऑनलाइन धान खरीदी केन्द्रों में बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण से धान खरीदी की जा रही है। 48 घंटे के भीतर भुगतान की व्यवस्था की गई है, जिसमें काफी हद तक सफलता मिली है।
सिंचाई के लिए निःशुल्क बिजली: 1,123 करोड़ रुपए का प्रावधान
मुख्यमंत्री ने कहा कि आपको याद होगा कि कृषक जीवन ज्योति योजना, हमारी ही पूर्ववर्ती सरकार की देन थी, जिसने किसानों के जीवन में बहार लाई थी। निःशुल्क बिजली प्रदाय से उनकी सिंचाई सुविधा और उत्पादन क्षमता में बहुत बढ़ोतरी हुई थी। सरकार बनते ही हमने इस योजना की समीक्षा की और पाया कि किसानों को निःशुल्क बिजली देने की यह व्यवस्था बहुत कारगर साबित हुई है, जिसे और अधिक प्रभावी बनाने के लिए 1 हजार 123 करोड़ रुपए अतिरिक्त राशि स्वीकृत की गई है।
सरकार किसानों के साथ
किसान भाइयों और बहनों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि हमें इस बात का पूरा अहसास है कि आपको अपने जीवन में किन बड़ी-बड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। आपकी मेहनत और त्याग अनमोल है। मैं विश्वास दिलाता हूं कि कृषि तथा इससे संबंधित सभी क्षेत्रों पर हम लगातार ध्यान देंगे और समस्याओं का निराकरण करते जाएंगे। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केन्द्र योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, जैविक खेती मिशन, राष्ट्रीय बागवानी मिशन एवं राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल, राष्ट्रीय गोकुल मिशन, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना आदि योजनाओं का समय पर अधिकाधिक लाभ प्रदेश के किसानों को देने की व्यवस्था की जाएगी।
महतारी वंदन योजना में मिलेगी 12,000 रुपए की राशि
मातृशक्ति को नमन करते हुए उन्होंने कहा कि माताओं, बहनों, बेटियों के सम्मान, स्वाभिमान, स्वावलंबन और सुरक्षा के लिए हम हरसंभव कदम उठाएंगे। उनकी सेहत, शिक्षा और पोषण के लिए भी समुचित योजनाएं कारगर ढंग से लागू की जाएंगी। हमने महतारी वंदन योजना के अंतर्गत 12 हजार रुपए वार्षिक आर्थिक सहायता प्रदान करने का वादा निभाने की दिशा में पहल प्रारंभ की है।
पारदर्शीता के साथ होंगी पीएससी तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाएं
युवाओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हम विद्यार्थियों और युवाओं की चिंता से अवगत हैं। यही वजह है कि छत्तीसगढ़ पीएससी की सभी प्रमुख परीक्षाओं की प्रक्रिया को यूपीएससी की तर्ज पर सुव्यवस्थित करने हेतु प्रयास किया जा रहा है। हमने पीएससी प्रकरण की जांच सीबीआई से कराने का निर्णय लिया है। हमारी सरकार ने सभी प्रमुख परीक्षाओं की पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए अनेक स्तरों पर परीक्षण प्रारंभ कर दिया है। हम नौनिहालों और युवाओं के सुरक्षित भविष्य के लिए उनकी शिक्षा, व्यक्तित्व विकास, संस्कार, स्वास्थ्य, रोजगार जैसे सभी विषयों पर समग्रता से पहल करेंगे।
विकसित भारत संकल्प यात्रा से मिल रहा योजनाओं का लाभ
विकसित भारत संकल्प यात्रा की भी मुख्यमंत्री ने चर्चा की। उन्होंने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि विकसित भारत संकल्प यात्रा के माध्यम से प्रदेश में एक महाअभियान संचालित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य प्रदेश के हर वंचित और कमजोर व्यक्ति तक पहुंचना और पात्रतानुसार उन्हें विभिन्न योजनाओं का लाभ प्रदान करना है। यह यात्रा प्रदेश की सभी 11 हजार 654 ग्राम पंचायतों तथा 170 नगरीय निकायों में पहुंच रही है। भारत सरकार की जनहितकारी समस्त योजनाओं के पात्र हितग्राहियों तक पहुंचकर उनसे संबंधित योजनाओं के बारे में जागरूक कर रही है। इसके अलावा स्थल पर योजनाओं का लाभ भी प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस महाअभियान से कमजोर तबकों के सामाजिक-आर्थिक सशक्तीकरण में मदद मिल रही है।
गरीब परिवारों को पांच वर्ष तक मिलेगा निःशुल्क चावल
कोविड-19 की विश्वव्यापी आपदा से निपटने के लिए किसी भी जरूरतमंद परिवार को पोषण समस्या न हो यह ध्यान में रखते हुए केन्द्र शासन ने निःशुल्क अनाज प्रदान करने की योजना शुरू की थी। अब प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत दिसम्बर 2028 तक निःशुल्क चावल प्रदाय की व्यवस्था कर दी है। छत्तीसगढ़ में इस योजना से 67 लाख 94 हजार अंत्योदय, प्राथमिकता, एकल निराश्रित एवं निःशक्तजन राशनकार्डधारियों को मासिक पात्रता का चावल दिया जाएगा।
वन नेशन वन राशन कार्ड से पीडीएस में पारदर्शीता
मुख्यमंत्री ने पीडीएस प्रणाली से संबंधित सुधारों के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली को कारगर, पारदर्शी और सुविधाजनक बनाने के लिए ‘वन नेशन वन राशन कार्ड’ योजना प्रारंभ की गई है, जिसमें हितग्राहियों को अपनी पसंद की किसी भी राशन दुकान से राशन सामग्री प्राप्त करने की सुविधा है।
36 लाख महिलाओं को उज्ज्वला गैस कनेक्शन
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत प्रदेश में अब तक 36 लाख से अधिक नवीन गैस कनेक्शन जारी किए गए हैं। छूटे हुए पात्र हितग्राहियों को विकसित भारत संकल्प यात्रा के दौरान विशेष अभियान संचालित करते हुए उज्ज्वला गैस कनेक्शन दिए जा रहे हैं। इस योजना से महिलाओं की सेहत, सुविधा और स्वाभिमान की स्थिति में बहुत सुधार आया है।
अयोध्या के तीर्थ यात्रा के लिए रामलला दर्शन योजना
हमारा छत्तीसगढ़ धर्म, अध्यात्म और संस्कृति का प्रदेश है। यहां हर क्षेत्र में कुछ न कुछ विशेषताएं हैं, जिसका सम्मान करते हुए एक साझा संस्कृति का विकास प्रदेश में हुआ है। हमारी सरकार सभी जातियों, धर्मों, समुदायों की आस्था का सम्मान करते हुए समरस विकास के रास्ते पर चलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या धाम में प्रभु राम की प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा के प्रति लोगों की जिज्ञासा और अगाध श्रद्धा भाव का सम्मान करते हुए हमारी सरकार ने रामलला दर्शन योजना प्रारंभ करने का निर्णय लिया है, जिसके तहत प्रति वर्ष हजारों लोगों का अयोध्या धाम तथा काशी विश्वनाथ धाम, प्रयागराज की तीर्थयात्रा कराई जाएगी।
सुशासन से करेंगे हर वादा पूरा
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सुशासन के माध्यम से सही दिशा में आगे बढ़ने की आवश्यकता है। नक्सलवाद तथा विभिन्न प्रकार के अपराधों, हिंसा व अन्याय पर तेजी से रोक लगे। संविधान की भावना अनुसार सभी क्षेत्रों और सभी वर्ग के लोगों को विकास के समुचित अवसर मिलें। सेवा, सुशासन, सुरक्षा और विकास के लिए हरसंभव कदम उठाए जाएं ताकि सभी छत्तीसगढ़वासियों की आय और जीवन स्तर उन्नयन में वृद्धि का सिलसिला तेजी से आगे बढ़े। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार हर वादा पूरा करने के लिए तत्पर है। मुझे पूरा विश्वास है कि आप सबके प्यार, सहयोग और समर्थन से हम छत्तीसगढ़ महतारी का, छत्तीसगढ़ के जन-जन का हर सपना पूरा करेंगे।
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Koriya Murder Case: रेत विवाद में भाजपा नेता को जिंदा जलाया, कोरिया में पूर्व जनपद अध्यक्ष की हत्या, एक और युवक की इलाज के दौरान मौत

Koriya Murder Case: छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में रेत कारोबार को लेकर चल रहे विवाद ने खूनी रूप ले लिया। सोनहत थाना क्षेत्र में भाजपा के पूर्व जनपद पंचायत अध्यक्ष भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह की कथित तौर पर जिंदा जलाकर हत्या कर दी गई। आरोप है कि रेत कारोबार से जुड़े लोगों ने उनकी फॉर्च्यूनर कार को हाईवा वाहनों से घेरकर पेट्रोल छिड़का और आग लगा दी। इस सनसनीखेज वारदात में गंभीर रूप से घायल एक अन्य युवक विरेंद्र सिंह की भी इलाज के दौरान मौत हो गई है। इसके साथ ही मामले में मृतकों की संख्या बढ़कर दो हो गई है।
कार में जिंदा जल गए भाजपा नेता
जानकारी के अनुसार, घटना देर रात सोनहत क्षेत्र के नौगई गांव में हुई। पूर्व जनपद पंचायत अध्यक्ष भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह अपनी फॉर्च्यूनर कार में सवार थे। आरोप है कि हमलावरों ने कार के आगे और पीछे हाईवा वाहन लगाकर रास्ता रोक दिया। इसके बाद कार पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी गई। आग लगने से भरत सिंह कार के भीतर ही फंस गए और मौके पर उनकी मौत हो गई।
बाहर निकले तो फरसे और डंडों से हमला
कार में भरत सिंह के साथ उनके भाई नागेंद्र सिंह, मयंक सिंह और रायपुर निवासी विरेंद्र सिंह भी मौजूद थे। तीनों किसी तरह कार से बाहर निकलने में सफल रहे, लेकिन आरोपियों ने उन पर भी हमला कर दिया। हमले में विरेंद्र सिंह के गले पर फरसे से वार किया गया, जबकि अन्य लोगों की बेरहमी से पिटाई की गई।
इलाज के दौरान विरेंद्र सिंह ने तोड़ा दम
गंभीर रूप से घायल विरेंद्र सिंह को अंबिकापुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। सरगुजा रेंज के आईजी ने विरेंद्र सिंह की मौत की पुष्टि की है। विरेंद्र रायपुर में एक निजी कंपनी में कार्यरत थे।
तीन अन्य घायल, रायपुर रेफर
हमले में मयंक सिंह के चेहरे पर गंभीर चोटें आई हैं। नागेंद्र सिंह के हाथ और चेहरे पर चोटें हैं तथा वे झुलस भी गए हैं। वहीं योगेंद्र सिंह का हाथ टूट गया है और उन्हें अंदरूनी चोटें आई हैं। तीनों घायलों को बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर किया गया है।
रेत घाट के ठेके को लेकर चल रहा था विवाद
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, नौगई रेत घाट का ठेका नागेंद्र सिंह के बेटे ने लिया था। रेत खनन और परिवहन को लेकर उनका भाजपा नेता मनोज त्रिपाठी के परिवार से लंबे समय से विवाद चल रहा था। बताया जा रहा है कि इसी विवाद के चलते देर रात दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ा और मामला हिंसक संघर्ष में बदल गया।
पुलिस जांच में जुटी
घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल है। पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं। मामले की जांच शुरू कर दी गई है और आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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Electricity Tariff: छत्तीसगढ़ में बिजली दरों में संशोधन, 41 लाख घरेलू उपभोक्ताओं को राहत, किसानों पर नहीं पड़ेगा अतिरिक्त भार

Raipur: छत्तीसगढ़ में वर्ष 2026-27 के लिए बिजली दरों में संशोधन किया गया है। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग ने औसतन 6.23 प्रतिशत यानी करीब 42 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि को मंजूरी दी है। हालांकि राज्य सरकार का दावा है कि विभिन्न राहत योजनाओं और सब्सिडी के कारण अधिकांश उपभोक्ताओं पर इसका असर बेहद सीमित रहेगा।
सरकार के अनुसार मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत योजना, बिजली बिल समाधान योजना और पीएम सूर्यघर योजना के चलते प्रदेश के लाखों परिवारों को बिजली दर वृद्धि से राहत मिलेगी।
41 लाख घरेलू उपभोक्ताओं पर असर बेहद कम
प्रदेश में लगभग 51 लाख घरेलू बिजली उपभोक्ता हैं। इनमें 14.5 लाख बीपीएल परिवारों को हर महीने 30 यूनिट तक बिजली मुफ्त दी जा रही है, जिसका पूरा खर्च राज्य सरकार वहन कर रही है। इसके अलावा 26.5 लाख ऐसे उपभोक्ता हैं जिनकी मासिक खपत 400 यूनिट तक है। इन्हें 200 यूनिट तक बिजली खपत पर 50 प्रतिशत तक की छूट मिल रही है। सरकार के मुताबिक इन दोनों योजनाओं के कारण करीब 41 लाख घरेलू उपभोक्ताओं पर बिजली दर वृद्धि का प्रभाव शून्य से लेकर अधिकतम 3.65 प्रतिशत तक ही रहेगा।
किसानों पर नहीं बढ़ेगा बिजली खर्च
राज्य के 8.65 लाख कृषि उपभोक्ताओं के लिए ऊर्जा प्रभार में 40 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है, लेकिन इसका अतिरिक्त खर्च राज्य सरकार सब्सिडी के रूप में वहन करेगी। इसके साथ ही कृषि पंपों पर लगने वाला स्थायी प्रभार भी पहले की तरह यथावत रखा गया है। इससे किसानों पर किसी प्रकार का अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा।
सौर ऊर्जा से हजारों परिवारों का बिल हुआ जीरो
पीएम सूर्यघर योजना के तहत छत्तीसगढ़ में अब तक करीब 66 हजार उपभोक्ता लाभान्वित हो चुके हैं। इनमें से 16 हजार परिवारों का बिजली बिल शून्य हो गया है। वर्तमान में 89 हजार घरों में सोलर प्लांट लगाने का काम जारी है। राज्य सरकार ने आने वाले वर्षों में 5 लाख घरों तक इस योजना का विस्तार करने का लक्ष्य रखा है।
बिजली बिल समाधान योजना से 749 करोड़ की राहत
मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना के तहत बीपीएल उपभोक्ताओं को मूल बकाया राशि में 75 प्रतिशत और सरचार्ज में 100 प्रतिशत छूट दी जा रही है। वहीं घरेलू और कृषि उपभोक्ताओं को मूल बकाया राशि में 50 प्रतिशत तथा पूरे सरचार्ज में छूट का लाभ मिल रहा है। शेष राशि को 60 किस्तों में जमा करने की सुविधा भी दी गई है। अब तक 6 लाख बीपीएल, 1.5 लाख घरेलू और 33 हजार कृषि उपभोक्ता इस योजना से जुड़ चुके हैं। करीब 1328 करोड़ रुपए के बकाया बिलों का निपटारा किया गया है, जिसमें उपभोक्ताओं को 749 करोड़ रुपए की राहत मिली है।
उद्योगों और छात्रावासों को भी राहत
राज्य सरकार ने औद्योगिक प्रतिस्पर्धा बनाए रखने के लिए स्टील उद्योगों को मिलने वाली 25 प्रतिशत लोड फैक्टर छूट को जारी रखा है। वहीं बस्तर और सरगुजा आदिवासी विकास प्राधिकरण क्षेत्रों में संचालित छात्रावासों को गैर-घरेलू श्रेणी से घरेलू श्रेणी में शामिल कर बिजली खर्च में राहत दी गई है।
कम बिजली खर्च करने पर मिलेगी छूट
10 किलोवाट से अधिक लोड वाले घरेलू, व्यावसायिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं को ऑफ-पीक समय यानी सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक बिजली उपयोग पर 5 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी। वहीं पीक आवर्स में बिजली खपत पर 5 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क देना होगा। इससे उपभोक्ताओं को बिजली उपयोग का बेहतर प्रबंधन करने का अवसर मिलेगा।
बिजली व्यवस्था मजबूत करने हजारों करोड़ का निवेश
राज्य सरकार बिजली उत्पादन और वितरण क्षमता बढ़ाने के लिए बड़े स्तर पर निवेश कर रही है। 2×660 मेगावाट क्षमता के सुपरक्रिटिकल ताप विद्युत संयंत्र का निर्माण शुरू हो चुका है, जिसकी पहली इकाई मार्च 2029 तक चालू होने की संभावना है। इसके अलावा मड़वा में 800 मेगावाट के नए बिजली संयंत्र की योजना पर भी काम चल रहा है। राज्यभर में नए ग्रिड, उपकेंद्र और वितरण नेटवर्क विस्तार की परियोजनाएं भी प्रस्तावित हैं। सरकार का कहना है कि बढ़ती उत्पादन लागत और ऊर्जा अधोसंरचना विस्तार की जरूरतों के बाजूद उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त भार को न्यूनतम रखने का प्रयास किया गया है।
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Arun Sao Action: बस्तर में धीमे निर्माण कार्यों पर सख्ती, 2 ठेकेदारों का पंजीयन निरस्त, 8 को नोटिस

Raipur: बस्तर में सड़कों और पुलों के निर्माण कार्यों में लगातार हो रही देरी पर उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने सख्त रुख अपनाया है। उनके निर्देश के बाद लोक निर्माण विभाग ने दो ठेकेदारों का पंजीयन निरस्त कर दिया है, जबकि आठ ठेकेदारों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इसके अलावा दो अन्य ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई के लिए मुख्य अभियंता से प्रतिवेदन भी मांगा गया है।
हाल ही में चार दिवसीय बस्तर प्रवास के दौरान उप मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन परियोजनाओं का निरीक्षण और विभागीय समीक्षा बैठकें ली थीं। इस दौरान उन्होंने कई कार्यों की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए जिम्मेदार ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
दो ठेकेदारों का पंजीयन दो वर्षों के लिए निरस्त
लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता ने चार पुल निर्माण कार्यों में लगातार खराब प्रगति के चलते मेसर्स गुप्ता कंस्ट्रक्शन कंपनी का पंजीयन दो वर्षों के लिए निरस्त कर दिया है।
कंपनी कोंडागांव जिले में भवरडींग नदी पर अदनार-तोतर मार्ग, घोटिया-मुंडा-चांदाबेड़ा मार्ग और पलना-मरीगांव-कुंडई मार्ग पर उच्च स्तरीय पुलों का निर्माण कर रही थी। इसके अलावा कबीरधाम जिले में बांटीपथरा-कुई (दमगढ़) मार्ग पर हॉफ नदी में पुल निर्माण का कार्य भी इसी कंपनी को सौंपा गया था।
वहीं कांकेर जिले में आमाबेड़ा-सेमर गांव मार्ग पर नेरूल नदी और बोड़ागांव-खासगांव-तरादुल मार्ग पर डुमरीकेल नाला में उच्च स्तरीय पुल निर्माण में देरी के कारण ठेकेदार निर्भय राम साहू का पंजीयन भी आगामी दो वर्षों के लिए निरस्त कर दिया गया है।
दो अन्य ठेकेदारों पर कार्रवाई की तैयारी
नारायणपुर-सोनपुर-मरोदा सड़क चौड़ीकरण एवं सुधार कार्य की धीमी प्रगति को लेकर ठेकेदार पंकज हालदार के खिलाफ आगे की कार्रवाई के लिए मुख्य अभियंता से रिपोर्ट मांगी गई है।
इसी तरह सुकमा जिले में पैकपारा-धनीकोड़ता मार्ग और केरलापाल-पटेलपारा-सिरसट्टी सड़क निर्माण में अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर ठेकेदार आशीष भदौरिया के मामले में भी मुख्य अभियंता से प्रतिवेदन तलब किया गया है।
8 ठेकेदारों को कारण बताओ नोटिस
लोक निर्माण विभाग ने बस्तर संभाग में कई सड़क परियोजनाओं की धीमी गति को लेकर आठ ठेकेदारों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं।
इनमें कांकेर-अमोड़ा-नरहरपुर मार्ग के ठेकेदार मेसर्स बीएमएस प्रोजेक्ट, कोंडागांव के हडेली-कुदूर मार्ग के ठेकेदार मेसर्स सुराना एंड कंपनी तथा जगदलपुर-चित्रकोट मार्ग के ठेकेदार मेसर्स एसके अरोरा शामिल हैं।
इसके अलावा सुकमा जिले में चिंतलनार-मरियागुड़म सड़क, कोंटा-गोलापल्ली मार्ग और भेज्जी-चिंतागुफा सड़क निर्माण कार्यों से जुड़े ठेकेदारों को भी नोटिस जारी किए गए हैं।
केशलूर रेलवे ओवरब्रिज पर भी नोटिस
राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर केशलूर के पास निर्माणाधीन फोरलेन रेलवे ओवरब्रिज परियोजना की धीमी प्रगति पर भी विभाग ने 10 जून को ठेकेदार मेसर्स अशोक कुमार मित्तल को नोटिस जारी किया था। विभाग ने निर्माण कार्यों में तेजी लाने और निर्धारित माइलस्टोन के अनुसार प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
‘गुणवत्ता और समय-सीमा सर्वोच्च प्राथमिकता’
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि सड़क और पुल निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और समय-सीमा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। निर्धारित समय में परियोजनाएं पूरी नहीं होने से आम लोगों को परेशानी होती है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बस्तर में बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए सभी निर्माणाधीन परियोजनाओं को समय पर पूरा करना आवश्यक है और काम में लापरवाही या देरी करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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Chhattisgarh: शाला प्रवेश उत्सव को जनआंदोलन बनाने की अपील, CM साय ने जनप्रतिनिधियों को लिखा पत्र

Raipur: मुख्यमंत्री साय ने प्रदेशभर में 16 जून से 27 जून 2026 तक आयोजित होने वाले “शाला प्रवेश उत्सव” को जनआंदोलन का स्वरूप देने का आह्वान किया है। इसके लिए उन्होंने प्रदेश के सभी जनप्रतिनिधियों को पत्र लिखकर अभियान में सक्रिय सहभागिता की अपील की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज और राष्ट्र की प्रगति का सबसे मजबूत आधार है। ऐसे में यह सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है कि प्रदेश का कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।
हर बच्चे को स्कूल से जोड़ने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में प्रदेश के विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों और शिक्षा जगत से जुड़े सभी लोगों को नए शैक्षणिक सत्र की शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि शाला प्रवेश उत्सव का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक बालक और बालिका का विद्यालय में प्रवेश सुनिश्चित करना तथा नियमित अध्ययन से जोड़ना है। विशेष रूप से उन बच्चों की पहचान और नामांकन पर ध्यान दिया जाएगा जो अब तक स्कूल से नहीं जुड़े हैं या बीच में पढ़ाई छोड़ चुके हैं।
जनप्रतिनिधियों से विद्यालय पहुंचने की अपील
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंत्रियों, सांसदों, विधायकों, जिला पंचायत एवं जनपद पंचायत अध्यक्षों, महापौरों और नगरीय निकायों के जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया है कि वे अपने क्षेत्र के किसी विद्यालय में पहुंचकर इस अभियान में सहभागी बनें। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी से अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप मिलेगा और अधिक से अधिक बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जा सकेगा।
शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने पत्र में उल्लेख किया है कि राज्य सरकार विद्यालयी शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। पीएम श्री विद्यालयों के माध्यम से बेहतर शैक्षणिक वातावरण विकसित किया जा रहा है। इसके अलावा वर्ष 2026 से प्रदेश में 150 विवेकानंद विद्यालय स्थापित किए जाएंगे, जो गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के नए मानक तय करेंगे।
नई शिक्षा नीति के अनुरूप हो रहा विकास
मुख्यमंत्री ने बताया कि नई शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप शासकीय विद्यालयों को आधुनिक, तकनीक-संपन्न और छात्र-केंद्रित संस्थानों के रूप में विकसित किया जा रहा है। विद्यार्थियों को मध्यान्ह भोजन, नि:शुल्क पाठ्यपुस्तकें, गणवेश तथा बालिकाओं को सरस्वती साइकिल जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, ताकि आर्थिक कारणों से कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि जनप्रतिनिधियों के सहयोग और व्यापक जनभागीदारी से शाला प्रवेश उत्सव को सफल बनाते हुए प्रदेश के प्रत्येक बच्चे तक शिक्षा का अधिकार पहुंचाने के लक्ष्य को हासिल किया जा सकेगा।
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जांजगीर-चांपा को 295 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात: CM साय ने 341 कार्यों का किया लोकार्पण-भूमिपूजन

Janjgir Champa News: मुख्यमंत्री साय ने जांजगीर-चांपा जिले को 295 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों की बड़ी सौगात दी है। नवागढ़ विकासखंड के ग्राम पोंड़ी (राछा) में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 341 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया।
इनमें 70.10 करोड़ रुपए से अधिक लागत के 159 कार्यों का लोकार्पण तथा 224.90 करोड़ रुपए से अधिक लागत के 182 कार्यों का भूमिपूजन शामिल है। इन परियोजनाओं से सड़क, पेयजल, सिंचाई, स्वास्थ्य, नगरीय अधोसंरचना और ग्रामीण विकास से जुड़ी सुविधाओं का विस्तार होगा।
जिले के लिए ऐतिहासिक दिन: मुख्यमंत्री
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विधिविधान से पूजा-अर्चना कर विकास कार्यों का भूमिपूजन किया और बटन दबाकर पूर्ण हो चुके कार्यों का लोकार्पण कर उन्हें जनता को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि जांजगीर-चांपा जिले के लिए यह ऐतिहासिक दिन है। करीब 295 करोड़ रुपए के विकास कार्यों से क्षेत्र में आधारभूत सुविधाएं मजबूत होंगी और लोगों का जीवन अधिक सुगम बनेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के सभी क्षेत्रों के संतुलित और समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। सड़क, पेयजल, सिंचाई, स्वास्थ्य और अधोसंरचना से जुड़े कार्यों के माध्यम से लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
कई विभागों की परियोजनाएं शामिल
मुख्यमंत्री द्वारा लोकार्पित 159 कार्यों में जल संसाधन, वन विभाग, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, लोक निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, सीजीएमएससी, नगरीय प्रशासन तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की परियोजनाएं शामिल हैं।
वहीं 182 कार्यों के भूमिपूजन में जल संसाधन विभाग, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, लोक निर्माण विभाग, सीजीएमएससी, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल, नगरीय प्रशासन तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं।
विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना लक्ष्य
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि विकास कार्य केवल निर्माण परियोजनाएं नहीं होते, बल्कि लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का माध्यम बनते हैं। राज्य सरकार का उद्देश्य विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है और इसी सोच के साथ जनकल्याण तथा अधोसंरचना विकास के कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है।
उन्होंने विश्वास जताया कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से जिले में विकास की नई संभावनाएं पैदा होंगी और आम नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा।
कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, सांसद कमलेश जांगड़े तथा छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष सौरभ सिंह सहित जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
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