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75th Republic Day: मुख्यमंत्री साय ने जगदलपुर में किया ध्वजारोहण, बोले- सुशासन से करेंगे हर वादा पूरा

75th Republic Day: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज 75 वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर बस्तर जिला मुख्यालय जगदलपुर में ध्वजारोहण कर परेड की सलामी ली। गणतंत्र दिवस का यह समारोह जगदलपुर के लालबाग मैदान में हर्ष और उल्लास के वातावरण में आयोजित हुआ। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने संबोधन में कहा कि भगवान राम के प्रति अटूट श्रद्धा हमारी पहचान है। हम ‘रघुकुल रीति सदा चली आई, प्राण जाई पर वचन न जाई’ का अनुसरण करते हैं। हमारी चेतना में एकात्म मानववाद के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय का दर्शन समाहित है, जो हमें मानव धर्म के लक्ष्यों के प्रति जागरूक रखता है। इनके रास्ते पर चलते हुए हम छत्तीसगढ़ के जन-जन का सपना पूरा करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सबसे पहले मैं छत्तीसगढ़ महतारी के महान सपूतों अमर शहीद गैंद सिंह, शहीद वीर नारायण सिंह, वीर गुण्डाधूर को सादर नमन करता हूं, जिन्होंने हमारे प्रदेश को राष्ट्रीय आंदोलन से जोड़ा और पूरे छत्तीसगढ़ में त्याग-बलिदान, न्याय-समानता जैसे आदर्शों की अलख जगाई। उन्होंने राष्ट्रीय चेतना के विकास में आदिवासी अंचलों का अग्रणी योगदान दर्ज कराया था। बाद में इस राह पर चलकर प्रदेश के अनेक वीरों और राष्ट्र भक्तों ने स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई एवं प्रदेश और देश के विकास में योगदान दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम भारत के लोगों ने अपना संविधान बनाया और स्वयं ही इस संविधान को अधिनियमित और आत्मार्पित किया था। भारत के सुनहरे भविष्य की आधारशिला 26 जनवरी 1950 को, हमारे संविधान को लागू करने के साथ रख दी गई थी। हमारा संविधान, अतीत के अनुभवों, वर्तमान की जरूरतों और भविष्य की चुनौतियों को ध्यान में रखकर बनाया गया दुनिया का सर्वश्रेष्ठ संविधान है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 75 वर्षों का सफर बताता है कि हम एक सफलतम लोकतांत्रिक गणतंत्र के रूप में स्थापित हुए हैं। मैं आज बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर और संविधान सभा के सभी सदस्यों का पावन स्मरण करता हूं, जिन्होंने सामूहिक बुद्धिमत्ता से संविधान रचकर हमारे गणतंत्र को राह दिखाई। हमारा संविधान समस्त नागरिकों को सामाजिक-आर्थिक और राजनैतिक न्याय, विचार-अभिव्यक्ति-विश्वास-धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता का अधिकार प्रदान करता है।
18 लाख हितग्राहियों को मिलेंगे पक्के आवास
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा राज्य के आवासहीन परिवारों को पक्का आवास प्रदान करने की गारंटी को हमने सर्वाेच्च प्राथमिकता दी है। हमने अपनी सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में राज्य के 18 लाख से अधिक परिवारों को प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति दी है। इस तरह से हम देश में हर बेघर के सिर पर छत देने के लक्ष्य को पूरा करने में भी अपना योगदान देंगे।
घर-घर पहुंचेगा नल से जल
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास के साथ हमने जल जीवन मिशन के तहत छत्तीसगढ़ के प्रत्येक घर में पीने का शुद्ध पानी उपलब्ध कराने का वादा किया था। निर्धारित लक्ष्य जल्दी से जल्दी पूरा करने के लिए हमने अतिरिक्त धनराशि की व्यवस्था कर दी है।
12 लाख किसानों को मिले धान बोनस के 3,716 करोड़ रुपए
अन्नदाताओं की समृद्धि और खुशहाली को लेकर छत्तीसगढ़ राज्य के जन्मदाता पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के जन्म दिवस-‘सुशासन दिवस’ के अवसर पर 2 साल की धान खरीदी के बकाया बोनस के एकमुश्त भुगतान को लेकर वादा किया गया था। यह वादा हमने नियत तिथि को निभाया और 12 लाख से अधिक किसानों को एकमुश्त 3 हजार 716 करोड़ रुपए की राशि उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की।
प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी
‘कृषक उन्नति योजना’ के अंतर्गत हमने प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी का आदेश जारी करके यह व्यवस्था लागू कर दी है। व्यवस्था में सुधार हेतु ऑनलाइन धान खरीदी केन्द्रों में बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण से धान खरीदी की जा रही है। 48 घंटे के भीतर भुगतान की व्यवस्था की गई है, जिसमें काफी हद तक सफलता मिली है।
सिंचाई के लिए निःशुल्क बिजली: 1,123 करोड़ रुपए का प्रावधान
मुख्यमंत्री ने कहा कि आपको याद होगा कि कृषक जीवन ज्योति योजना, हमारी ही पूर्ववर्ती सरकार की देन थी, जिसने किसानों के जीवन में बहार लाई थी। निःशुल्क बिजली प्रदाय से उनकी सिंचाई सुविधा और उत्पादन क्षमता में बहुत बढ़ोतरी हुई थी। सरकार बनते ही हमने इस योजना की समीक्षा की और पाया कि किसानों को निःशुल्क बिजली देने की यह व्यवस्था बहुत कारगर साबित हुई है, जिसे और अधिक प्रभावी बनाने के लिए 1 हजार 123 करोड़ रुपए अतिरिक्त राशि स्वीकृत की गई है।
सरकार किसानों के साथ
किसान भाइयों और बहनों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि हमें इस बात का पूरा अहसास है कि आपको अपने जीवन में किन बड़ी-बड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। आपकी मेहनत और त्याग अनमोल है। मैं विश्वास दिलाता हूं कि कृषि तथा इससे संबंधित सभी क्षेत्रों पर हम लगातार ध्यान देंगे और समस्याओं का निराकरण करते जाएंगे। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केन्द्र योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, जैविक खेती मिशन, राष्ट्रीय बागवानी मिशन एवं राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल, राष्ट्रीय गोकुल मिशन, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना आदि योजनाओं का समय पर अधिकाधिक लाभ प्रदेश के किसानों को देने की व्यवस्था की जाएगी।
महतारी वंदन योजना में मिलेगी 12,000 रुपए की राशि
मातृशक्ति को नमन करते हुए उन्होंने कहा कि माताओं, बहनों, बेटियों के सम्मान, स्वाभिमान, स्वावलंबन और सुरक्षा के लिए हम हरसंभव कदम उठाएंगे। उनकी सेहत, शिक्षा और पोषण के लिए भी समुचित योजनाएं कारगर ढंग से लागू की जाएंगी। हमने महतारी वंदन योजना के अंतर्गत 12 हजार रुपए वार्षिक आर्थिक सहायता प्रदान करने का वादा निभाने की दिशा में पहल प्रारंभ की है।
पारदर्शीता के साथ होंगी पीएससी तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाएं
युवाओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हम विद्यार्थियों और युवाओं की चिंता से अवगत हैं। यही वजह है कि छत्तीसगढ़ पीएससी की सभी प्रमुख परीक्षाओं की प्रक्रिया को यूपीएससी की तर्ज पर सुव्यवस्थित करने हेतु प्रयास किया जा रहा है। हमने पीएससी प्रकरण की जांच सीबीआई से कराने का निर्णय लिया है। हमारी सरकार ने सभी प्रमुख परीक्षाओं की पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए अनेक स्तरों पर परीक्षण प्रारंभ कर दिया है। हम नौनिहालों और युवाओं के सुरक्षित भविष्य के लिए उनकी शिक्षा, व्यक्तित्व विकास, संस्कार, स्वास्थ्य, रोजगार जैसे सभी विषयों पर समग्रता से पहल करेंगे।
विकसित भारत संकल्प यात्रा से मिल रहा योजनाओं का लाभ
विकसित भारत संकल्प यात्रा की भी मुख्यमंत्री ने चर्चा की। उन्होंने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि विकसित भारत संकल्प यात्रा के माध्यम से प्रदेश में एक महाअभियान संचालित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य प्रदेश के हर वंचित और कमजोर व्यक्ति तक पहुंचना और पात्रतानुसार उन्हें विभिन्न योजनाओं का लाभ प्रदान करना है। यह यात्रा प्रदेश की सभी 11 हजार 654 ग्राम पंचायतों तथा 170 नगरीय निकायों में पहुंच रही है। भारत सरकार की जनहितकारी समस्त योजनाओं के पात्र हितग्राहियों तक पहुंचकर उनसे संबंधित योजनाओं के बारे में जागरूक कर रही है। इसके अलावा स्थल पर योजनाओं का लाभ भी प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस महाअभियान से कमजोर तबकों के सामाजिक-आर्थिक सशक्तीकरण में मदद मिल रही है।
गरीब परिवारों को पांच वर्ष तक मिलेगा निःशुल्क चावल
कोविड-19 की विश्वव्यापी आपदा से निपटने के लिए किसी भी जरूरतमंद परिवार को पोषण समस्या न हो यह ध्यान में रखते हुए केन्द्र शासन ने निःशुल्क अनाज प्रदान करने की योजना शुरू की थी। अब प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत दिसम्बर 2028 तक निःशुल्क चावल प्रदाय की व्यवस्था कर दी है। छत्तीसगढ़ में इस योजना से 67 लाख 94 हजार अंत्योदय, प्राथमिकता, एकल निराश्रित एवं निःशक्तजन राशनकार्डधारियों को मासिक पात्रता का चावल दिया जाएगा।
वन नेशन वन राशन कार्ड से पीडीएस में पारदर्शीता
मुख्यमंत्री ने पीडीएस प्रणाली से संबंधित सुधारों के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली को कारगर, पारदर्शी और सुविधाजनक बनाने के लिए ‘वन नेशन वन राशन कार्ड’ योजना प्रारंभ की गई है, जिसमें हितग्राहियों को अपनी पसंद की किसी भी राशन दुकान से राशन सामग्री प्राप्त करने की सुविधा है।
36 लाख महिलाओं को उज्ज्वला गैस कनेक्शन
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत प्रदेश में अब तक 36 लाख से अधिक नवीन गैस कनेक्शन जारी किए गए हैं। छूटे हुए पात्र हितग्राहियों को विकसित भारत संकल्प यात्रा के दौरान विशेष अभियान संचालित करते हुए उज्ज्वला गैस कनेक्शन दिए जा रहे हैं। इस योजना से महिलाओं की सेहत, सुविधा और स्वाभिमान की स्थिति में बहुत सुधार आया है।
अयोध्या के तीर्थ यात्रा के लिए रामलला दर्शन योजना
हमारा छत्तीसगढ़ धर्म, अध्यात्म और संस्कृति का प्रदेश है। यहां हर क्षेत्र में कुछ न कुछ विशेषताएं हैं, जिसका सम्मान करते हुए एक साझा संस्कृति का विकास प्रदेश में हुआ है। हमारी सरकार सभी जातियों, धर्मों, समुदायों की आस्था का सम्मान करते हुए समरस विकास के रास्ते पर चलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या धाम में प्रभु राम की प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा के प्रति लोगों की जिज्ञासा और अगाध श्रद्धा भाव का सम्मान करते हुए हमारी सरकार ने रामलला दर्शन योजना प्रारंभ करने का निर्णय लिया है, जिसके तहत प्रति वर्ष हजारों लोगों का अयोध्या धाम तथा काशी विश्वनाथ धाम, प्रयागराज की तीर्थयात्रा कराई जाएगी।
सुशासन से करेंगे हर वादा पूरा
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सुशासन के माध्यम से सही दिशा में आगे बढ़ने की आवश्यकता है। नक्सलवाद तथा विभिन्न प्रकार के अपराधों, हिंसा व अन्याय पर तेजी से रोक लगे। संविधान की भावना अनुसार सभी क्षेत्रों और सभी वर्ग के लोगों को विकास के समुचित अवसर मिलें। सेवा, सुशासन, सुरक्षा और विकास के लिए हरसंभव कदम उठाए जाएं ताकि सभी छत्तीसगढ़वासियों की आय और जीवन स्तर उन्नयन में वृद्धि का सिलसिला तेजी से आगे बढ़े। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार हर वादा पूरा करने के लिए तत्पर है। मुझे पूरा विश्वास है कि आप सबके प्यार, सहयोग और समर्थन से हम छत्तीसगढ़ महतारी का, छत्तीसगढ़ के जन-जन का हर सपना पूरा करेंगे।
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Chhattisgarh: प्रदेश में एलपीजी आपूर्ति सुचारु, कमर्शियल उपभोक्ताओं के लिए नई प्राथमिकता व्यवस्था लागू

Raipur: छत्तीसगढ़ में एलपीजी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। खाद्य सचिव रीना बाबासाहेब कंगाले के निर्देश पर कमर्शियल गैस उपभोक्ताओं के लिए प्राथमिकता आधारित वितरण व्यवस्था लागू की गई है। सरकार का फोकस इस बात पर है कि घरेलू उपभोक्ताओं को गैस की कमी का सामना न करना पड़े। इसके लिए भारत सरकार और ऑयल कंपनियों के दिशा-निर्देशों के अनुसार कमर्शियल उपभोक्ताओं को पिछले महीनों की खपत के आधार पर अधिकतम 20% तक एलपीजी देने पर सहमति बनी है।
नई व्यवस्था के तहत आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता दी गई है। शैक्षणिक संस्थानों, अस्पतालों, सैन्य और अर्द्धसैन्य कैंप, जेल, हॉस्टल, समाज कल्याण संस्थान, रेलवे और एयरपोर्ट कैंटीन को 100% गैस आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। वहीं शासकीय कार्यालयों, सार्वजनिक उपक्रमों और उनके गेस्ट हाउस व कैंटीन को 50% तथा पशु आहार संयंत्र, बीज उत्पादन इकाइयों, होटल और रेस्टोरेंट को 20% गैस आपूर्ति दी जाएगी।
सरकार ने पारदर्शिता बनाए रखने के लिए कमर्शियल एलपीजी वितरण की रोजाना मॉनिटरिंग का भी निर्णय लिया है। ऑयल कंपनियां इसकी दैनिक रिपोर्ट खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग को देंगी। खाद्य सचिव ने कहा कि आम नागरिकों को बिना बाधा गैस उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि आवश्यक सेवाओं पर इसका कोई असर न पड़े।
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Raipur: छत्तीसगढ़ बोर्ड 12वीं हिंदी पेपर लीक के दावे पर FIR, माशिमं ने पुलिस और साइबर सेल से जांच शुरू कराई

Raipur: छत्तीसगढ़ बोर्ड ने कक्षा 12वीं की हिंदी बोर्ड परीक्षा के कथित प्रश्नपत्र लीक मामले को गंभीरता से लेते हुए एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बोर्ड के अनुसार 14 मार्च 2026 को 12वीं हिंदी विषय की परीक्षा सफलतापूर्वक संपन्न हुई थी। इसके बाद 15 मार्च की शाम सोशल मीडिया (व्हाट्सएप) और 16 मार्च को मीडिया रिपोर्ट्स के माध्यम से यह जानकारी सामने आई कि एक छात्र संगठन ने परीक्षा से पहले प्रश्नों से जुड़ा पर्चा वायरल होने का दावा किया है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ हस्तलिखित पर्चा
रिपोर्ट्स के मुताबिक 13 मार्च को सोशल मीडिया पर हिंदी विषय के प्रश्नों से जुड़ा एक हस्तलिखित पर्चा वायरल हुआ था। दावा किया गया कि उस पर्चे में लिखे कुछ प्रश्न परीक्षा में आए बी-सेट प्रश्नपत्र से मिलते-जुलते हैं। हालांकि बोर्ड का कहना है कि वायरल पर्चा स्पष्ट और पठनीय नहीं है, इसलिए उसकी सत्यता की प्रत्यक्ष पुष्टि फिलहाल संभव नहीं हो पा रही है।
बोर्ड का दावा: परीक्षा के बाद सामने आई सामग्री
मंडल सचिव ने स्पष्ट किया है कि वायरल वीडियो और अन्य सामग्री परीक्षा संपन्न होने के बाद सामने आई है, इसलिए प्रथम दृष्टया इसे प्रश्नपत्र लीक की घटना नहीं माना जा सकता। इसके बावजूद परीक्षा की संवेदनशीलता को देखते हुए बोर्ड ने एहतियातन एफआईआर दर्ज कर पुलिस और साइबर सेल से विस्तृत जांच कराने का निर्णय लिया है, ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।
पारदर्शिता बनाए रखने की बात
बोर्ड ने कहा है कि परीक्षाओं की गोपनीयता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए मण्डल पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यदि जांच में किसी भी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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Raipur: बिजली बिल योजना के नाम पर साइबर ठगी से सावधान, पॉवर कंपनी की उपभोक्ताओं से अपील

Raipur: छत्तीसगढ राज्य पॉवर कंपनी ने बिजली उपभोक्ताओं को साइबर ठगों से सतर्क रहने की अपील की है। कंपनी ने कहा है कि मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना के नाम पर भेजे जा रहे किसी भी अनजान व्हाट्सएप, ई-मेल या एसएमएस लिंक पर क्लिक न करें। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि किसी भी योजना या सेवा के लिए कोई APK फाइल या संदिग्ध वेब लिंक कभी नहीं भेजे जाते, इसलिए ऐसे संदेशों से बचना जरूरी है।
सिर्फ आधिकारिक ऐप से करें भुगतान
पॉवर कंपनी के एमडी भीम सिंह के अनुसार उपभोक्ता अपना बिजली बिल या पंजीयन शुल्क केवल Mor Bijli App, कंपनी की वेबसाइट, एटीपी सेंटर या नजदीकी कार्यालय में ही जमा करें। साथ ही उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि मैदानी कर्मचारियों को नकद भुगतान न करें। कंपनी ने यह भी बताया कि “मोर बिजली” मोबाइल एप सिर्फ Google Play Store या Apple App Store से ही डाउनलोड करें।
इसी ID से आते हैं आधिकारिक संदेश
पॉवर कंपनी के अनुसार बिजली बिल या अन्य जानकारी से जुड़े सभी आधिकारिक संदेश “CSPDCL-S” सेंडर ID से ही भेजे जाते हैं। यदि किसी अन्य नंबर या लिंक से संदेश प्राप्त होता है तो उस पर भरोसा न करें।
जानकारी के लिए टोल फ्री नंबर
कंपनी ने कहा कि मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना या बिजली सेवाओं से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए उपभोक्ता टोल-फ्री नंबर 1912 पर कॉल कर सकते हैं या नजदीकी बिजली कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।
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Chhattisgarh: मुख्यमंत्री साय ने गौधाम योजना का किया शुभारंभ, सभी गौधाम अब ‘सुरभि गौधाम’ कहलाएंगे

Bilaspur: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शुक्रवार को प्रदेश में गौधाम योजना की शुरुआत करते हुए गोधन संरक्षण की दिशा में नई पहल की। मुख्यमंत्री ने लाखासार गांव में बने गौधाम का शुभारंभ किया और गोमाता की पूजा-अर्चना कर परिसर का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने गौधाम में आश्रय प्राप्त बेसहारा और आवारा पशुओं की देखभाल, चारा-पानी तथा स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने चारागाह क्षेत्र का भी जायजा लिया।
25 एकड़ में विकसित हुआ गौधाम
लाखासार में करीब 25 एकड़ क्षेत्र में गौधाम विकसित किया गया है, जिसमें से लगभग 19 एकड़ भूमि पर हरे चारे की खेती की जा रही है। इस गौधाम का संचालन कामधेनु गौशाला समिति द्वारा किया जा रहा है।
सभी गौधाम अब ‘सुरभि गौधाम’ कहलाएंगे
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य के सभी गौधाम अब “सुरभि गौधाम” के नाम से जाने जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस योजना का उद्देश्य बेसहारा मवेशियों को सुरक्षित आश्रय देना, गोधन संरक्षण को बढ़ावा देना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गोधन हमारी ग्रामीण संस्कृति, कृषि व्यवस्था और अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है, इसलिए इसके संरक्षण और संवर्धन के लिए राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है।
गौधामों में प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर
मुख्यमंत्री ने बताया कि गौधामों में पशुपालन, हरा चारा उत्पादन और गोबर से उपयोगी वस्तुएं बनाने जैसे प्रशिक्षण कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे। इससे स्थानीय लोगों को स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
गांव के विकास के लिए कई घोषणाएं
मुख्यमंत्री ने लाखासार ग्राम के विकास के लिए कई घोषणाएं कीं, जिनमें महतारी सदन का निर्माण, मिनी स्टेडियम निर्माण तथा 500 मीटर लंबाई के गौरव पथ के निर्माण की घोषणा की। इसके साथ ही लाखासार गौधाम में प्रशिक्षण भवन निर्माण के लिए 25 लाख रुपये स्वीकृत करने तथा एक काऊ कैचर और एक पशु एम्बुलेंस उपलब्ध कराने की घोषणा की, जिससे क्षेत्र में गौसंरक्षण और स्थानीय विकास कार्यों को और मजबूती मिलेगी। इसके अलावा गौधाम में प्रशिक्षण भवन निर्माण के लिए 25 लाख रुपए स्वीकृत करने के साथ काऊ कैचर और पशु एम्बुलेंस उपलब्ध कराने की भी घोषणा की।
जनप्रतिनिधियों ने सरकार की पहल की सराहना की
कार्यक्रम में तखतपुर विधायक धर्मजीत सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में तेजी से विकास हो रहा है और तखतपुर क्षेत्र को भी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की सौगात मिली है। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, कृषि एवं पशुधन विकास मंत्री रामविचार नेताम, विधायक अमर अग्रवाल, धरमलाल कौशिक, सुशांत शुक्ला, कमिश्नर बिलासपुर सुनील जैन, आईजी रामगोपाल गर्ग, कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसएसपी रजनेश सिंह, संचालक पशु चिकित्सा चंद्रकांत वर्मा सहित बड़ी संख्या में किसान, पशुपालक एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे।
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CG Assistant Professor Vacancy: छत्तीसगढ़ के सरकारी कॉलेजों में 700 पदों पर भर्ती, सहायक प्राध्यापक के 625 पद

Raipur: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर छत्तीसगढ़ के शासकीय महाविद्यालयों में बड़ी भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। राज्य के उच्च शिक्षा विभाग ने कॉलेजों में शिक्षण और सहायक सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए कुल 700 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया प्रारंभ की है। इस भर्ती के तहत 625 सहायक प्राध्यापक, 50 ग्रंथपाल और 25 क्रीड़ा अधिकारी के पदों पर नियुक्ति की जाएगी।
CGPSC को भेजा गया प्रस्ताव
छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग को भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के लिए 24 फरवरी 2026 को विस्तृत प्रस्ताव भेजा जा चुका है। विभाग ने राज्य सरकार के नियमों के अनुसार आरक्षण रोस्टर और विषयवार पदों का विस्तृत ब्रेक-अप भी तैयार कर लिया है। आयोग प्रशासनिक और तकनीकी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद भर्ती का विज्ञापन जारी करेगा, जिसके बाद योग्य अभ्यर्थियों से आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे।
इन विषयों में होगी भर्ती
राज्य के शासकीय महाविद्यालयों में कई प्रमुख विषयों में सहायक प्राध्यापकों की भर्ती होगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्य के शासकीय महाविद्यालयों में सहायक प्राध्यापक के हिन्दी, अंग्रेजी, समाजशास्त्र, राजनीति शास्त्र, भौतिक शास्त्र, गणित, रसायन शास्त्र, वनस्पति शास्त्र एवं प्राणीशास्त्र के 50-50 पदों, अर्थशास्त्र, इतिहास, भूगोल के 25-25 पदों, कम्प्यूटर एप्लीकेशन के 15, वाणिज्य के 75, विधि के 10 पदों पर भर्ती के साथ ही क्रीड़ा अधिकारी के 25 पद तथा ग्रंथपाल के 50 पदों सहित कुल 700 पदों पर भर्ती की जाएगी।
कॉलेजों में मजबूत होगी शिक्षण व्यवस्था
सरकार का कहना है कि इन पदों पर नियुक्ति होने से राज्य के शासकीय महाविद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था को मजबूती मिलेगी और विद्यार्थियों को बेहतर उच्च शिक्षा उपलब्ध हो सकेगी। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि स्थायी भर्ती होने तक कॉलेजों में पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए अतिथि प्राध्यापकों की नियुक्ति की व्यवस्था पहले से लागू है। अधिकांश अतिथि शिक्षक पीएचडी डिग्रीधारी हैं और NET तथा SET जैसी पात्रता परीक्षाएं उत्तीर्ण कर चुके हैं।
















