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75th Republic Day: मुख्यमंत्री साय ने जगदलपुर में किया ध्वजारोहण, बोले- सुशासन से करेंगे हर वादा पूरा

75th Republic Day: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज 75 वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर बस्तर जिला मुख्यालय जगदलपुर में ध्वजारोहण कर परेड की सलामी ली। गणतंत्र दिवस का यह समारोह जगदलपुर के लालबाग मैदान में हर्ष और उल्लास के वातावरण में आयोजित हुआ। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने संबोधन में कहा कि भगवान राम के प्रति अटूट श्रद्धा हमारी पहचान है। हम ‘रघुकुल रीति सदा चली आई, प्राण जाई पर वचन न जाई’ का अनुसरण करते हैं। हमारी चेतना में एकात्म मानववाद के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय का दर्शन समाहित है, जो हमें मानव धर्म के लक्ष्यों के प्रति जागरूक रखता है। इनके रास्ते पर चलते हुए हम छत्तीसगढ़ के जन-जन का सपना पूरा करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सबसे पहले मैं छत्तीसगढ़ महतारी के महान सपूतों अमर शहीद गैंद सिंह, शहीद वीर नारायण सिंह, वीर गुण्डाधूर को सादर नमन करता हूं, जिन्होंने हमारे प्रदेश को राष्ट्रीय आंदोलन से जोड़ा और पूरे छत्तीसगढ़ में त्याग-बलिदान, न्याय-समानता जैसे आदर्शों की अलख जगाई। उन्होंने राष्ट्रीय चेतना के विकास में आदिवासी अंचलों का अग्रणी योगदान दर्ज कराया था। बाद में इस राह पर चलकर प्रदेश के अनेक वीरों और राष्ट्र भक्तों ने स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई एवं प्रदेश और देश के विकास में योगदान दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम भारत के लोगों ने अपना संविधान बनाया और स्वयं ही इस संविधान को अधिनियमित और आत्मार्पित किया था। भारत के सुनहरे भविष्य की आधारशिला 26 जनवरी 1950 को, हमारे संविधान को लागू करने के साथ रख दी गई थी। हमारा संविधान, अतीत के अनुभवों, वर्तमान की जरूरतों और भविष्य की चुनौतियों को ध्यान में रखकर बनाया गया दुनिया का सर्वश्रेष्ठ संविधान है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 75 वर्षों का सफर बताता है कि हम एक सफलतम लोकतांत्रिक गणतंत्र के रूप में स्थापित हुए हैं। मैं आज बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर और संविधान सभा के सभी सदस्यों का पावन स्मरण करता हूं, जिन्होंने सामूहिक बुद्धिमत्ता से संविधान रचकर हमारे गणतंत्र को राह दिखाई। हमारा संविधान समस्त नागरिकों को सामाजिक-आर्थिक और राजनैतिक न्याय, विचार-अभिव्यक्ति-विश्वास-धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता का अधिकार प्रदान करता है।
18 लाख हितग्राहियों को मिलेंगे पक्के आवास
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा राज्य के आवासहीन परिवारों को पक्का आवास प्रदान करने की गारंटी को हमने सर्वाेच्च प्राथमिकता दी है। हमने अपनी सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में राज्य के 18 लाख से अधिक परिवारों को प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति दी है। इस तरह से हम देश में हर बेघर के सिर पर छत देने के लक्ष्य को पूरा करने में भी अपना योगदान देंगे।
घर-घर पहुंचेगा नल से जल
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास के साथ हमने जल जीवन मिशन के तहत छत्तीसगढ़ के प्रत्येक घर में पीने का शुद्ध पानी उपलब्ध कराने का वादा किया था। निर्धारित लक्ष्य जल्दी से जल्दी पूरा करने के लिए हमने अतिरिक्त धनराशि की व्यवस्था कर दी है।
12 लाख किसानों को मिले धान बोनस के 3,716 करोड़ रुपए
अन्नदाताओं की समृद्धि और खुशहाली को लेकर छत्तीसगढ़ राज्य के जन्मदाता पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के जन्म दिवस-‘सुशासन दिवस’ के अवसर पर 2 साल की धान खरीदी के बकाया बोनस के एकमुश्त भुगतान को लेकर वादा किया गया था। यह वादा हमने नियत तिथि को निभाया और 12 लाख से अधिक किसानों को एकमुश्त 3 हजार 716 करोड़ रुपए की राशि उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की।
प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी
‘कृषक उन्नति योजना’ के अंतर्गत हमने प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी का आदेश जारी करके यह व्यवस्था लागू कर दी है। व्यवस्था में सुधार हेतु ऑनलाइन धान खरीदी केन्द्रों में बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण से धान खरीदी की जा रही है। 48 घंटे के भीतर भुगतान की व्यवस्था की गई है, जिसमें काफी हद तक सफलता मिली है।
सिंचाई के लिए निःशुल्क बिजली: 1,123 करोड़ रुपए का प्रावधान
मुख्यमंत्री ने कहा कि आपको याद होगा कि कृषक जीवन ज्योति योजना, हमारी ही पूर्ववर्ती सरकार की देन थी, जिसने किसानों के जीवन में बहार लाई थी। निःशुल्क बिजली प्रदाय से उनकी सिंचाई सुविधा और उत्पादन क्षमता में बहुत बढ़ोतरी हुई थी। सरकार बनते ही हमने इस योजना की समीक्षा की और पाया कि किसानों को निःशुल्क बिजली देने की यह व्यवस्था बहुत कारगर साबित हुई है, जिसे और अधिक प्रभावी बनाने के लिए 1 हजार 123 करोड़ रुपए अतिरिक्त राशि स्वीकृत की गई है।
सरकार किसानों के साथ
किसान भाइयों और बहनों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि हमें इस बात का पूरा अहसास है कि आपको अपने जीवन में किन बड़ी-बड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। आपकी मेहनत और त्याग अनमोल है। मैं विश्वास दिलाता हूं कि कृषि तथा इससे संबंधित सभी क्षेत्रों पर हम लगातार ध्यान देंगे और समस्याओं का निराकरण करते जाएंगे। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केन्द्र योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, जैविक खेती मिशन, राष्ट्रीय बागवानी मिशन एवं राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल, राष्ट्रीय गोकुल मिशन, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना आदि योजनाओं का समय पर अधिकाधिक लाभ प्रदेश के किसानों को देने की व्यवस्था की जाएगी।
महतारी वंदन योजना में मिलेगी 12,000 रुपए की राशि
मातृशक्ति को नमन करते हुए उन्होंने कहा कि माताओं, बहनों, बेटियों के सम्मान, स्वाभिमान, स्वावलंबन और सुरक्षा के लिए हम हरसंभव कदम उठाएंगे। उनकी सेहत, शिक्षा और पोषण के लिए भी समुचित योजनाएं कारगर ढंग से लागू की जाएंगी। हमने महतारी वंदन योजना के अंतर्गत 12 हजार रुपए वार्षिक आर्थिक सहायता प्रदान करने का वादा निभाने की दिशा में पहल प्रारंभ की है।
पारदर्शीता के साथ होंगी पीएससी तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाएं
युवाओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हम विद्यार्थियों और युवाओं की चिंता से अवगत हैं। यही वजह है कि छत्तीसगढ़ पीएससी की सभी प्रमुख परीक्षाओं की प्रक्रिया को यूपीएससी की तर्ज पर सुव्यवस्थित करने हेतु प्रयास किया जा रहा है। हमने पीएससी प्रकरण की जांच सीबीआई से कराने का निर्णय लिया है। हमारी सरकार ने सभी प्रमुख परीक्षाओं की पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए अनेक स्तरों पर परीक्षण प्रारंभ कर दिया है। हम नौनिहालों और युवाओं के सुरक्षित भविष्य के लिए उनकी शिक्षा, व्यक्तित्व विकास, संस्कार, स्वास्थ्य, रोजगार जैसे सभी विषयों पर समग्रता से पहल करेंगे।
विकसित भारत संकल्प यात्रा से मिल रहा योजनाओं का लाभ
विकसित भारत संकल्प यात्रा की भी मुख्यमंत्री ने चर्चा की। उन्होंने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि विकसित भारत संकल्प यात्रा के माध्यम से प्रदेश में एक महाअभियान संचालित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य प्रदेश के हर वंचित और कमजोर व्यक्ति तक पहुंचना और पात्रतानुसार उन्हें विभिन्न योजनाओं का लाभ प्रदान करना है। यह यात्रा प्रदेश की सभी 11 हजार 654 ग्राम पंचायतों तथा 170 नगरीय निकायों में पहुंच रही है। भारत सरकार की जनहितकारी समस्त योजनाओं के पात्र हितग्राहियों तक पहुंचकर उनसे संबंधित योजनाओं के बारे में जागरूक कर रही है। इसके अलावा स्थल पर योजनाओं का लाभ भी प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस महाअभियान से कमजोर तबकों के सामाजिक-आर्थिक सशक्तीकरण में मदद मिल रही है।
गरीब परिवारों को पांच वर्ष तक मिलेगा निःशुल्क चावल
कोविड-19 की विश्वव्यापी आपदा से निपटने के लिए किसी भी जरूरतमंद परिवार को पोषण समस्या न हो यह ध्यान में रखते हुए केन्द्र शासन ने निःशुल्क अनाज प्रदान करने की योजना शुरू की थी। अब प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत दिसम्बर 2028 तक निःशुल्क चावल प्रदाय की व्यवस्था कर दी है। छत्तीसगढ़ में इस योजना से 67 लाख 94 हजार अंत्योदय, प्राथमिकता, एकल निराश्रित एवं निःशक्तजन राशनकार्डधारियों को मासिक पात्रता का चावल दिया जाएगा।
वन नेशन वन राशन कार्ड से पीडीएस में पारदर्शीता
मुख्यमंत्री ने पीडीएस प्रणाली से संबंधित सुधारों के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली को कारगर, पारदर्शी और सुविधाजनक बनाने के लिए ‘वन नेशन वन राशन कार्ड’ योजना प्रारंभ की गई है, जिसमें हितग्राहियों को अपनी पसंद की किसी भी राशन दुकान से राशन सामग्री प्राप्त करने की सुविधा है।
36 लाख महिलाओं को उज्ज्वला गैस कनेक्शन
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत प्रदेश में अब तक 36 लाख से अधिक नवीन गैस कनेक्शन जारी किए गए हैं। छूटे हुए पात्र हितग्राहियों को विकसित भारत संकल्प यात्रा के दौरान विशेष अभियान संचालित करते हुए उज्ज्वला गैस कनेक्शन दिए जा रहे हैं। इस योजना से महिलाओं की सेहत, सुविधा और स्वाभिमान की स्थिति में बहुत सुधार आया है।
अयोध्या के तीर्थ यात्रा के लिए रामलला दर्शन योजना
हमारा छत्तीसगढ़ धर्म, अध्यात्म और संस्कृति का प्रदेश है। यहां हर क्षेत्र में कुछ न कुछ विशेषताएं हैं, जिसका सम्मान करते हुए एक साझा संस्कृति का विकास प्रदेश में हुआ है। हमारी सरकार सभी जातियों, धर्मों, समुदायों की आस्था का सम्मान करते हुए समरस विकास के रास्ते पर चलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या धाम में प्रभु राम की प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा के प्रति लोगों की जिज्ञासा और अगाध श्रद्धा भाव का सम्मान करते हुए हमारी सरकार ने रामलला दर्शन योजना प्रारंभ करने का निर्णय लिया है, जिसके तहत प्रति वर्ष हजारों लोगों का अयोध्या धाम तथा काशी विश्वनाथ धाम, प्रयागराज की तीर्थयात्रा कराई जाएगी।
सुशासन से करेंगे हर वादा पूरा
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सुशासन के माध्यम से सही दिशा में आगे बढ़ने की आवश्यकता है। नक्सलवाद तथा विभिन्न प्रकार के अपराधों, हिंसा व अन्याय पर तेजी से रोक लगे। संविधान की भावना अनुसार सभी क्षेत्रों और सभी वर्ग के लोगों को विकास के समुचित अवसर मिलें। सेवा, सुशासन, सुरक्षा और विकास के लिए हरसंभव कदम उठाए जाएं ताकि सभी छत्तीसगढ़वासियों की आय और जीवन स्तर उन्नयन में वृद्धि का सिलसिला तेजी से आगे बढ़े। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार हर वादा पूरा करने के लिए तत्पर है। मुझे पूरा विश्वास है कि आप सबके प्यार, सहयोग और समर्थन से हम छत्तीसगढ़ महतारी का, छत्तीसगढ़ के जन-जन का हर सपना पूरा करेंगे।
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SuShasan Tihar 2026: सीएम साय ने निर्माणाधीन पीएम आवास में किया श्रमदान, ‘लखपति दीदी’ की दुकान पहुंचकर खरीदा सामान

SuShasan Tihar 2026: छत्तीसगढ़ में चल रहे सुशासन तिहार के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का संवेदनशील और जमीन से जुड़ा अंदाज जशपुर जिले में देखने को मिला। एक ओर उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बन रहे घर में खुद ईंट जोड़कर श्रमदान किया, तो दूसरी ओर ‘लखपति दीदी’ सुमिला कोरवा की छोटी किराना दुकान पहुंचकर सामान खरीदा और खुद भुगतान भी किया। मुख्यमंत्री की इन दोनों पहल ने ग्रामीणों के बीच खास संदेश दिया।
निर्माणाधीन घर पहुंचे CM, ईंट जोड़कर किया श्रमदान
जशपुर जिले के पत्थलगांव विकासखंड के ग्राम भैंसामुड़ा में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अचानक प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बन रहे घरों का निरीक्षण करने पहुंच गए। इसी दौरान उनकी नजर हितग्राही अनुसुइया पैंकरा के निर्माणाधीन मकान पर पड़ी। मुख्यमंत्री तुरंत वाहन से उतरे और निर्माण कार्य का जायजा लेने लगे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मजदूरों और राजमिस्त्रियों से बातचीत की। फिर अचानक खुद कन्नी उठाकर सीमेंट-गारा लगाया और ईंट जोड़कर श्रमदान किया। मुख्यमंत्री को इस तरह निर्माण कार्य में हिस्सा लेते देख ग्रामीण भावुक हो गए।
हितग्राही अनुसुइया पैंकरा ने कहा कि उनका वर्षों पुराना पक्के घर का सपना अब पूरा हो रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि अब परिवार को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन मिलेगा। मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद राजमिस्त्री मोहन चक्रेश से भी बातचीत की और उनकी आय, रोजगार व परिवार की स्थिति की जानकारी ली। साथ ही शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।
‘लखपति दीदी’ की दुकान पहुंचे मुख्यमंत्री
सुशासन तिहार के दौरान मुख्यमंत्री का एक और अलग अंदाज जशपुर के चंदागढ़ गांव में देखने को मिला। यहां वे अचानक ‘लखपति दीदी’ सुमिला कोरवा की किराना दुकान पहुंच गए। मुख्यमंत्री को सामने देखकर सुमिला भावुक हो गईं और उन्होंने लौंग-इलायची खिलाकर पारंपरिक स्वागत किया।
बातचीत में सुमिला ने बताया कि उन्होंने मुद्रा योजना के तहत 1 लाख रुपए का लोन लेकर दुकान शुरू की थी। अब उनकी दुकान गांव में अच्छी तरह चल रही है। दुकान में किराना सामान के साथ फोटो कॉपी मशीन और फ्रिज जैसी सुविधाएं भी हैं।
मुख्यमंत्री ने दुकान से ठंडा पानी और फलाहारी चिवड़ा खरीदा। जब सुमिला ने पैसे लेने से मना किया तो मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए कहा, “यह आपकी मेहनत की कमाई है, इसे जरूर लीजिए।”
‘करोड़पति दीदी’ बनने का दिया आशीर्वाद
मुख्यमंत्री साय ने सुमिला की मेहनत की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है। उन्होंने कहा, “आपने मेहनत से ‘लखपति दीदी’ बनने का सफर तय किया है, आगे चलकर ‘करोड़पति दीदी’ भी बनेंगी।” सुमिला ने बताया कि खेती के साथ उन्होंने दुकान शुरू की थी। अब दुकान परिवार की आय का बड़ा जरिया बन चुकी है। उनकी बेटी प्रियंका स्कूल में प्रथम आई है और छुट्टियों में दुकान संभालने में मदद करती है। मुख्यमंत्री का यह सहज और मानवीय व्यवहार ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बना रहा। लोगों ने कहा कि पहली बार किसी मुख्यमंत्री को इतने करीब से गांव में लोगों के बीच देखा।
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Chhattisgarh: डिजिटल जनगणना 2027 की शुरुआत, 51 हजार कर्मचारी घर-घर पहुंच रहे, पहली बार मोबाइल ऐप से जुटेगा डेटा

Census 2027: छत्तीसगढ़ में ‘भारत की जनगणना 2027’ का पहला चरण शुरू हो गया है। 1 मई से राज्यभर में मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का फील्ड वर्क शुरू हुआ, जो 30 मई 2026 तक चलेगा। इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल मोड में की जा रही है। इसके लिए प्रदेशभर में 51 हजार 300 प्रगणक और 9 हजार पर्यवेक्षकों की तैनाती की गई है, जो घर-घर जाकर मोबाइल ऐप के जरिए जानकारी जुटा रहे हैं।
पहली बार डिजिटल माध्यम से हो रही इस जनगणना में मकानों की स्थिति, परिवारों को उपलब्ध सुविधाओं और परिसंपत्तियों से जुड़े कुल 33 सवालों का डेटा एकत्र किया जा रहा है। सरकार का दावा है कि इससे प्रक्रिया ज्यादा तेज, पारदर्शी और सटीक बनेगी।
जनगणना कार्य को लेकर प्रशासन ने सख्ती भी दिखाई है। रायपुर नगर निगम में ड्यूटी से अनुपस्थित रहने वाले 44 कर्मचारियों को जनगणना अधिनियम 1948 और छत्तीसगढ़ सिविल आचरण नियमों के तहत नोटिस जारी किया गया है। अधिकारियों ने साफ कहा है कि जनगणना कार्य में लापरवाही या बाधा डालना दंडनीय अपराध माना जाएगा।
इस अभियान में दूरस्थ इलाकों से भी सकारात्मक तस्वीर सामने आई है। बस्तर जिले की तोकापाल तहसील के ग्राम गाटम में एक प्रगणक ने विषम परिस्थितियों के बावजूद पहले ही दिन अपना काम पूरा कर लिया। इससे फील्ड में काम कर रहे कर्मचारियों का उत्साह बढ़ा है। कई जिलों में कलेक्टर और नगर निगम आयुक्त खुद मैदान में उतरकर निरीक्षण कर रहे हैं।
डिजिटल साक्षरता का असर भी देखने को मिला है। 16 से 30 अप्रैल के बीच राज्य में 1 लाख 49 हजार 862 परिवारों ने वेब पोर्टल के जरिए स्वयं अपनी गणना पूरी की। इसे प्रशासन ने बड़ी उपलब्धि बताया है।
जनगणना निदेशालय ने नागरिकों को भरोसा दिलाया है कि उनकी सभी व्यक्तिगत जानकारियां पूरी तरह गोपनीय रहेंगी। जनगणना अधिनियम 1948 के तहत इन आंकड़ों का इस्तेमाल टैक्स, पुलिस जांच या कोर्ट केस में नहीं किया जा सकता। यहां तक कि सूचना के अधिकार (RTI) के जरिए भी व्यक्तिगत डेटा साझा नहीं होगा। इन आंकड़ों का उपयोग केवल योजनाएं बनाने और जनकल्याणकारी कार्यों के लिए किया जाएगा।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि जब प्रगणक घर पहुंचे तो सही और सटीक जानकारी दें, क्योंकि यह केवल सरकारी प्रक्रिया नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण में नागरिकों की भागीदारी है।
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SuShasan Tihar 2026: गांव-गांव पहुंचे मंत्री, पहले ही दिन हजारों आवेदन; मौके पर ही कई समस्याओं का समाधान

SuShasan Tihar 2026: छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में शुक्रवार से प्रदेशव्यापी ‘सुशासन तिहार 2026’ की शुरुआत हो गई। 1 मई से 10 जून तक चलने वाले इस अभियान का उद्देश्य आम जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान कर शासन और लोगों के बीच सीधा संवाद स्थापित करना है। अभियान के पहले दिन ही प्रदेश के कई जिलों में जनसमस्या निवारण शिविर लगाए गए, जहां मंत्री, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी खुद मौजूद रहे।
सरकार का दावा है कि यह अभियान पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन की दिशा में बड़ा कदम है। शिविरों में लोगों ने जमीन, राशन, पेंशन, स्वास्थ्य, रोजगार और विभिन्न योजनाओं से जुड़े आवेदन दिए। कई मामलों का मौके पर ही निराकरण भी किया गया।
बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के ग्राम रिसदा में आयोजित शिविर में भारी भीड़ उमड़ी। यहां 573 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें करीब 47 प्रतिशत मामलों का तुरंत समाधान कर दिया गया। राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी आवेदनों का तय समय-सीमा में निराकरण हो और आवेदकों से संतुष्टि फीडबैक भी लिया जाए।
कोरबा जिले के कटघोरा विकासखंड के ग्राम धनरास में आयोजित शिविर में 332 आवेदन मिले, जिनमें से 103 का तत्काल निराकरण किया गया। वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि सुशासन तिहार शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बन रहा है।
रायपुर जिले के अभनपुर विकासखंड के ग्राम कठिया में आयोजित शिविर में मंत्री गुरु खुशवंत साहेब की मौजूदगी में कई हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिया गया। महिलाओं को मनरेगा जॉब कार्ड वितरित किए गए, जबकि दिव्यांग हितग्राही योगेश यादव को मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल प्रदान की गई।
शिविरों में अलग-अलग विभागों द्वारा वन-स्टॉप समाधान केंद्र भी बनाए गए थे। यहां आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, किसान क्रेडिट कार्ड, उज्ज्वला योजना, कृषि उपकरण और मत्स्य पालन सामग्री जैसी सुविधाएं मौके पर उपलब्ध कराई गईं। स्वास्थ्य विभाग ने कई स्थानों पर डिजिटल एक्स-रे जैसी सेवाएं भी दीं, जिससे ग्रामीणों को राहत मिली।
सरकार का कहना है कि सुशासन तिहार सिर्फ शिकायत निवारण अभियान नहीं, बल्कि लोगों को योजनाओं के प्रति जागरूक कर आत्मनिर्भर बनाने की पहल भी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय खुद अभियान की मॉनिटरिंग कर रहे हैं और समय-समय पर औचक निरीक्षण भी करेंगे।
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Raipur: अवैध रेत खनन पर सख्त हुई साय सरकार, कलेक्टरों को चेताया- लापरवाही हुई तो तय होगी जिम्मेदारी

Raipur: छत्तीसगढ़ सरकार ने अवैध रेत खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ कार्रवाई और तेज कर दी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर खनिज विभाग ने साफ कर दिया है कि प्रदेश में “जीरो टॉलरेंस” नीति के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
खनिज विभाग के सचिव और मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद ने बुधवार को रेत आपूर्ति वाले प्रमुख 11 जिलों के कलेक्टरों की वर्चुअल बैठक लेकर स्थिति की समीक्षा की। बैठक में रायपुर, बिलासपुर, बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा, सक्ती, महासमुंद, गरियाबंद, धमतरी, एमसीबी, बलरामपुर और कांकेर जिलों के अधिकारी शामिल हुए।
“रेत की कमी नहीं होनी चाहिए”
बैठक में सचिव दयानंद ने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रदेश में रेत की आपूर्ति किसी भी हालत में प्रभावित नहीं होनी चाहिए। सभी स्वीकृत रेत खदानों से उनकी क्षमता के अनुसार उत्पादन कराया जाए और आम लोगों को उचित दरों पर रेत उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने पीएम आवास योजना के हितग्राहियों को रॉयल्टी मुक्त रेत उपलब्ध कराने के आदेशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही चेतावनी दी कि इस योजना की आड़ में किसी भी तरह की अवैध गतिविधि नहीं होनी चाहिए।
कई जिलों की धीमी प्रगति पर नाराजगी
खनिज सचिव ने रेत खदानों की नीलामी प्रक्रिया की समीक्षा के दौरान पाया कि गरियाबंद, कांकेर और जांजगीर-चांपा जिलों में 100 प्रतिशत से ज्यादा नीलामी हो चुकी है। वहीं धमतरी, बिलासपुर और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-बैकुंठपुर जिलों में प्रगति धीमी रही। इस पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए संबंधित कलेक्टरों को तुरंत अधिक खदानों की नीलामी प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए। साथ ही खनन योजना और पर्यावरण स्वीकृति की प्रक्रिया को प्राथमिकता से पूरा करने को कहा।
मीडिया रिपोर्ट और शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई के निर्देश
बैठक में सचिव दयानंद ने कहा कि अवैध खनन वाले क्षेत्रों की पहचान कर लगातार कार्रवाई की जाए। मीडिया में प्रकाशित खबरों और शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच और कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने दो टूक कहा कि यदि किसी जिले में केंद्रीय उड़नदस्ता दल को जाकर कार्रवाई करनी पड़ रही है, तो यह संबंधित जिला प्रशासन की लापरवाही मानी जाएगी।
ड्रोन सर्वे में गड़बड़ी मिली तो होगी कार्रवाई
खनिज सचिव ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि ड्रोन सर्वे या केंद्रीय उड़नदस्ता जांच में किसी जिले में अवैध खनन के प्रमाण मिलते हैं, तो संबंधित कलेक्टर और खनिज अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। सरकार ने साफ संकेत दिए हैं कि अवैध खनन के खिलाफ अब प्रशासनिक जवाबदेही भी तय होगी।
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Raipur: छत्तीसगढ़ विधानसभा में 33% महिला आरक्षण पर 10 घंटे बहस, विपक्ष के वॉकआउट के बीच शासकीय संकल्प पारित

Raipur: छत्तीसगढ़ विधानसभा में महिला आरक्षण को लेकर शुक्रवार को जोरदार राजनीतिक घमासान देखने को मिला। लोकसभा और विधानसभा में परिसीमन के बाद 33 फीसदी महिला आरक्षण लागू करने संबंधी शासकीय संकल्प को विपक्ष की गैरमौजूदगी में पारित कर दिया गया। सदन में इस मुद्दे पर करीब 10 घंटे तक चर्चा चली, जिसमें सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायकों के बीच कई बार तीखी बहस और नोकझोंक हुई।
बहस के दौरान कांग्रेस ने सदन से वॉकआउट कर दिया। इसके बाद सत्ता पक्ष ने संकल्प पारित कराया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने बताया कि अगला मानसून सत्र जुलाई के दूसरे सप्ताह में संभावित है। इसके साथ ही सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई।
विपक्ष बोला- जनगणना के बाद लागू हो आरक्षण
सदन में विपक्ष ने कहा कि सरकार पहले निंदा प्रस्ताव की बात कर रही थी, लेकिन अब शासकीय संकल्प लाकर चर्चा कर रही है। कांग्रेस का कहना था कि महिला आरक्षण जनगणना और परिसीमन के बाद ही लागू किया जाना चाहिए।
नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा की “पुरुषवादी और मनुवादी सोच” महिलाओं को बराबरी का अधिकार नहीं देना चाहती। उन्होंने कहा कि यदि 850 सीटों पर 33 प्रतिशत आरक्षण लागू होता तो करीब 280 सीटें महिलाओं को मिलतीं, जिससे पुरुष वर्चस्व पर असर पड़ता।
कांग्रेस विधायक अनिला भेड़िया ने भी आरक्षण बिल को “चुनावी झुनझुना” बताते हुए कहा कि महिलाओं को उनके अधिकारों का पूरा ज्ञान है और वे समझती हैं कि 2023 में बिल पास होने के बावजूद अब तक लागू क्यों नहीं हुआ।
मुख्यमंत्री साय बोले- विरोध के लिए विरोध कर रहा विपक्ष
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि केंद्र सरकार महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने के लिए नारी शक्ति वंदन संशोधन अधिनियम लेकर आई, लेकिन विपक्ष ने परिसीमन और जनगणना का मुद्दा उठाकर इसका विरोध किया, जो समझ से परे है।
साय ने कहा कि परिसीमन से बड़े क्षेत्रों का विभाजन होता है और ज्यादा लोगों को प्रतिनिधित्व का अवसर मिलता है। उन्होंने अपना उदाहरण देते हुए कहा कि रायगढ़ लोकसभा क्षेत्र लगभग 350 किलोमीटर तक फैला है, जहां एक सांसद के लिए हर क्षेत्र तक पहुंचना मुश्किल होता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने इस मुद्दे पर सकारात्मक पहल की, लेकिन विपक्ष ने सिर्फ राजनीति के लिए इसका विरोध किया। उन्होंने कहा कि जनता ऐसे रवैये को कभी माफ नहीं करेगी।
महिला एवं बाल विकास मंत्री ने क्या कहा
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि सरकार महिला आरक्षण लागू करने की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष को महिलाओं को आरक्षण दिया जाना रास नहीं आ रहा, इसलिए हर बार इसका विरोध किया जाता है।
सदन में मौजूद थीं 500 से ज्यादा महिला जनप्रतिनिधि
इस विशेष चर्चा के दौरान विधानसभा में 500 से ज्यादा महिला जनप्रतिनिधि मौजूद रहीं। महिला आरक्षण पर हुई बहस को लेकर पूरे दिन सदन में राजनीतिक माहौल गर्म रहा।

















