ख़बर छत्तीसगढ़
75th Republic Day: मुख्यमंत्री साय ने जगदलपुर में किया ध्वजारोहण, बोले- सुशासन से करेंगे हर वादा पूरा

75th Republic Day: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज 75 वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर बस्तर जिला मुख्यालय जगदलपुर में ध्वजारोहण कर परेड की सलामी ली। गणतंत्र दिवस का यह समारोह जगदलपुर के लालबाग मैदान में हर्ष और उल्लास के वातावरण में आयोजित हुआ। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने संबोधन में कहा कि भगवान राम के प्रति अटूट श्रद्धा हमारी पहचान है। हम ‘रघुकुल रीति सदा चली आई, प्राण जाई पर वचन न जाई’ का अनुसरण करते हैं। हमारी चेतना में एकात्म मानववाद के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय का दर्शन समाहित है, जो हमें मानव धर्म के लक्ष्यों के प्रति जागरूक रखता है। इनके रास्ते पर चलते हुए हम छत्तीसगढ़ के जन-जन का सपना पूरा करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सबसे पहले मैं छत्तीसगढ़ महतारी के महान सपूतों अमर शहीद गैंद सिंह, शहीद वीर नारायण सिंह, वीर गुण्डाधूर को सादर नमन करता हूं, जिन्होंने हमारे प्रदेश को राष्ट्रीय आंदोलन से जोड़ा और पूरे छत्तीसगढ़ में त्याग-बलिदान, न्याय-समानता जैसे आदर्शों की अलख जगाई। उन्होंने राष्ट्रीय चेतना के विकास में आदिवासी अंचलों का अग्रणी योगदान दर्ज कराया था। बाद में इस राह पर चलकर प्रदेश के अनेक वीरों और राष्ट्र भक्तों ने स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई एवं प्रदेश और देश के विकास में योगदान दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम भारत के लोगों ने अपना संविधान बनाया और स्वयं ही इस संविधान को अधिनियमित और आत्मार्पित किया था। भारत के सुनहरे भविष्य की आधारशिला 26 जनवरी 1950 को, हमारे संविधान को लागू करने के साथ रख दी गई थी। हमारा संविधान, अतीत के अनुभवों, वर्तमान की जरूरतों और भविष्य की चुनौतियों को ध्यान में रखकर बनाया गया दुनिया का सर्वश्रेष्ठ संविधान है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 75 वर्षों का सफर बताता है कि हम एक सफलतम लोकतांत्रिक गणतंत्र के रूप में स्थापित हुए हैं। मैं आज बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर और संविधान सभा के सभी सदस्यों का पावन स्मरण करता हूं, जिन्होंने सामूहिक बुद्धिमत्ता से संविधान रचकर हमारे गणतंत्र को राह दिखाई। हमारा संविधान समस्त नागरिकों को सामाजिक-आर्थिक और राजनैतिक न्याय, विचार-अभिव्यक्ति-विश्वास-धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता का अधिकार प्रदान करता है।
18 लाख हितग्राहियों को मिलेंगे पक्के आवास
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा राज्य के आवासहीन परिवारों को पक्का आवास प्रदान करने की गारंटी को हमने सर्वाेच्च प्राथमिकता दी है। हमने अपनी सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में राज्य के 18 लाख से अधिक परिवारों को प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति दी है। इस तरह से हम देश में हर बेघर के सिर पर छत देने के लक्ष्य को पूरा करने में भी अपना योगदान देंगे।
घर-घर पहुंचेगा नल से जल
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास के साथ हमने जल जीवन मिशन के तहत छत्तीसगढ़ के प्रत्येक घर में पीने का शुद्ध पानी उपलब्ध कराने का वादा किया था। निर्धारित लक्ष्य जल्दी से जल्दी पूरा करने के लिए हमने अतिरिक्त धनराशि की व्यवस्था कर दी है।
12 लाख किसानों को मिले धान बोनस के 3,716 करोड़ रुपए
अन्नदाताओं की समृद्धि और खुशहाली को लेकर छत्तीसगढ़ राज्य के जन्मदाता पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के जन्म दिवस-‘सुशासन दिवस’ के अवसर पर 2 साल की धान खरीदी के बकाया बोनस के एकमुश्त भुगतान को लेकर वादा किया गया था। यह वादा हमने नियत तिथि को निभाया और 12 लाख से अधिक किसानों को एकमुश्त 3 हजार 716 करोड़ रुपए की राशि उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की।
प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी
‘कृषक उन्नति योजना’ के अंतर्गत हमने प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी का आदेश जारी करके यह व्यवस्था लागू कर दी है। व्यवस्था में सुधार हेतु ऑनलाइन धान खरीदी केन्द्रों में बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण से धान खरीदी की जा रही है। 48 घंटे के भीतर भुगतान की व्यवस्था की गई है, जिसमें काफी हद तक सफलता मिली है।
सिंचाई के लिए निःशुल्क बिजली: 1,123 करोड़ रुपए का प्रावधान
मुख्यमंत्री ने कहा कि आपको याद होगा कि कृषक जीवन ज्योति योजना, हमारी ही पूर्ववर्ती सरकार की देन थी, जिसने किसानों के जीवन में बहार लाई थी। निःशुल्क बिजली प्रदाय से उनकी सिंचाई सुविधा और उत्पादन क्षमता में बहुत बढ़ोतरी हुई थी। सरकार बनते ही हमने इस योजना की समीक्षा की और पाया कि किसानों को निःशुल्क बिजली देने की यह व्यवस्था बहुत कारगर साबित हुई है, जिसे और अधिक प्रभावी बनाने के लिए 1 हजार 123 करोड़ रुपए अतिरिक्त राशि स्वीकृत की गई है।
सरकार किसानों के साथ
किसान भाइयों और बहनों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि हमें इस बात का पूरा अहसास है कि आपको अपने जीवन में किन बड़ी-बड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। आपकी मेहनत और त्याग अनमोल है। मैं विश्वास दिलाता हूं कि कृषि तथा इससे संबंधित सभी क्षेत्रों पर हम लगातार ध्यान देंगे और समस्याओं का निराकरण करते जाएंगे। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केन्द्र योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, जैविक खेती मिशन, राष्ट्रीय बागवानी मिशन एवं राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल, राष्ट्रीय गोकुल मिशन, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना आदि योजनाओं का समय पर अधिकाधिक लाभ प्रदेश के किसानों को देने की व्यवस्था की जाएगी।
महतारी वंदन योजना में मिलेगी 12,000 रुपए की राशि
मातृशक्ति को नमन करते हुए उन्होंने कहा कि माताओं, बहनों, बेटियों के सम्मान, स्वाभिमान, स्वावलंबन और सुरक्षा के लिए हम हरसंभव कदम उठाएंगे। उनकी सेहत, शिक्षा और पोषण के लिए भी समुचित योजनाएं कारगर ढंग से लागू की जाएंगी। हमने महतारी वंदन योजना के अंतर्गत 12 हजार रुपए वार्षिक आर्थिक सहायता प्रदान करने का वादा निभाने की दिशा में पहल प्रारंभ की है।
पारदर्शीता के साथ होंगी पीएससी तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाएं
युवाओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हम विद्यार्थियों और युवाओं की चिंता से अवगत हैं। यही वजह है कि छत्तीसगढ़ पीएससी की सभी प्रमुख परीक्षाओं की प्रक्रिया को यूपीएससी की तर्ज पर सुव्यवस्थित करने हेतु प्रयास किया जा रहा है। हमने पीएससी प्रकरण की जांच सीबीआई से कराने का निर्णय लिया है। हमारी सरकार ने सभी प्रमुख परीक्षाओं की पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए अनेक स्तरों पर परीक्षण प्रारंभ कर दिया है। हम नौनिहालों और युवाओं के सुरक्षित भविष्य के लिए उनकी शिक्षा, व्यक्तित्व विकास, संस्कार, स्वास्थ्य, रोजगार जैसे सभी विषयों पर समग्रता से पहल करेंगे।
विकसित भारत संकल्प यात्रा से मिल रहा योजनाओं का लाभ
विकसित भारत संकल्प यात्रा की भी मुख्यमंत्री ने चर्चा की। उन्होंने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि विकसित भारत संकल्प यात्रा के माध्यम से प्रदेश में एक महाअभियान संचालित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य प्रदेश के हर वंचित और कमजोर व्यक्ति तक पहुंचना और पात्रतानुसार उन्हें विभिन्न योजनाओं का लाभ प्रदान करना है। यह यात्रा प्रदेश की सभी 11 हजार 654 ग्राम पंचायतों तथा 170 नगरीय निकायों में पहुंच रही है। भारत सरकार की जनहितकारी समस्त योजनाओं के पात्र हितग्राहियों तक पहुंचकर उनसे संबंधित योजनाओं के बारे में जागरूक कर रही है। इसके अलावा स्थल पर योजनाओं का लाभ भी प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस महाअभियान से कमजोर तबकों के सामाजिक-आर्थिक सशक्तीकरण में मदद मिल रही है।
गरीब परिवारों को पांच वर्ष तक मिलेगा निःशुल्क चावल
कोविड-19 की विश्वव्यापी आपदा से निपटने के लिए किसी भी जरूरतमंद परिवार को पोषण समस्या न हो यह ध्यान में रखते हुए केन्द्र शासन ने निःशुल्क अनाज प्रदान करने की योजना शुरू की थी। अब प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत दिसम्बर 2028 तक निःशुल्क चावल प्रदाय की व्यवस्था कर दी है। छत्तीसगढ़ में इस योजना से 67 लाख 94 हजार अंत्योदय, प्राथमिकता, एकल निराश्रित एवं निःशक्तजन राशनकार्डधारियों को मासिक पात्रता का चावल दिया जाएगा।
वन नेशन वन राशन कार्ड से पीडीएस में पारदर्शीता
मुख्यमंत्री ने पीडीएस प्रणाली से संबंधित सुधारों के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली को कारगर, पारदर्शी और सुविधाजनक बनाने के लिए ‘वन नेशन वन राशन कार्ड’ योजना प्रारंभ की गई है, जिसमें हितग्राहियों को अपनी पसंद की किसी भी राशन दुकान से राशन सामग्री प्राप्त करने की सुविधा है।
36 लाख महिलाओं को उज्ज्वला गैस कनेक्शन
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत प्रदेश में अब तक 36 लाख से अधिक नवीन गैस कनेक्शन जारी किए गए हैं। छूटे हुए पात्र हितग्राहियों को विकसित भारत संकल्प यात्रा के दौरान विशेष अभियान संचालित करते हुए उज्ज्वला गैस कनेक्शन दिए जा रहे हैं। इस योजना से महिलाओं की सेहत, सुविधा और स्वाभिमान की स्थिति में बहुत सुधार आया है।
अयोध्या के तीर्थ यात्रा के लिए रामलला दर्शन योजना
हमारा छत्तीसगढ़ धर्म, अध्यात्म और संस्कृति का प्रदेश है। यहां हर क्षेत्र में कुछ न कुछ विशेषताएं हैं, जिसका सम्मान करते हुए एक साझा संस्कृति का विकास प्रदेश में हुआ है। हमारी सरकार सभी जातियों, धर्मों, समुदायों की आस्था का सम्मान करते हुए समरस विकास के रास्ते पर चलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या धाम में प्रभु राम की प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा के प्रति लोगों की जिज्ञासा और अगाध श्रद्धा भाव का सम्मान करते हुए हमारी सरकार ने रामलला दर्शन योजना प्रारंभ करने का निर्णय लिया है, जिसके तहत प्रति वर्ष हजारों लोगों का अयोध्या धाम तथा काशी विश्वनाथ धाम, प्रयागराज की तीर्थयात्रा कराई जाएगी।
सुशासन से करेंगे हर वादा पूरा
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सुशासन के माध्यम से सही दिशा में आगे बढ़ने की आवश्यकता है। नक्सलवाद तथा विभिन्न प्रकार के अपराधों, हिंसा व अन्याय पर तेजी से रोक लगे। संविधान की भावना अनुसार सभी क्षेत्रों और सभी वर्ग के लोगों को विकास के समुचित अवसर मिलें। सेवा, सुशासन, सुरक्षा और विकास के लिए हरसंभव कदम उठाए जाएं ताकि सभी छत्तीसगढ़वासियों की आय और जीवन स्तर उन्नयन में वृद्धि का सिलसिला तेजी से आगे बढ़े। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार हर वादा पूरा करने के लिए तत्पर है। मुझे पूरा विश्वास है कि आप सबके प्यार, सहयोग और समर्थन से हम छत्तीसगढ़ महतारी का, छत्तीसगढ़ के जन-जन का हर सपना पूरा करेंगे।
https://khabritaau.com/75th-republic-day-tableau-of-chhattisgarh-on-the-kartavya-path-in-delhi-glimpse-of-primitive-peoples-parliament-muria-darbar-seen/
ख़बर छत्तीसगढ़
Chhattisgarh: मुख्यमंत्री साय ने गौधाम योजना का किया शुभारंभ, सभी गौधाम अब ‘सुरभि गौधाम’ कहलाएंगे

Bilaspur: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शुक्रवार को प्रदेश में गौधाम योजना की शुरुआत करते हुए गोधन संरक्षण की दिशा में नई पहल की। मुख्यमंत्री ने लाखासार गांव में बने गौधाम का शुभारंभ किया और गोमाता की पूजा-अर्चना कर परिसर का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने गौधाम में आश्रय प्राप्त बेसहारा और आवारा पशुओं की देखभाल, चारा-पानी तथा स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने चारागाह क्षेत्र का भी जायजा लिया।
25 एकड़ में विकसित हुआ गौधाम
लाखासार में करीब 25 एकड़ क्षेत्र में गौधाम विकसित किया गया है, जिसमें से लगभग 19 एकड़ भूमि पर हरे चारे की खेती की जा रही है। इस गौधाम का संचालन कामधेनु गौशाला समिति द्वारा किया जा रहा है।
सभी गौधाम अब ‘सुरभि गौधाम’ कहलाएंगे
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य के सभी गौधाम अब “सुरभि गौधाम” के नाम से जाने जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस योजना का उद्देश्य बेसहारा मवेशियों को सुरक्षित आश्रय देना, गोधन संरक्षण को बढ़ावा देना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गोधन हमारी ग्रामीण संस्कृति, कृषि व्यवस्था और अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है, इसलिए इसके संरक्षण और संवर्धन के लिए राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है।
गौधामों में प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर
मुख्यमंत्री ने बताया कि गौधामों में पशुपालन, हरा चारा उत्पादन और गोबर से उपयोगी वस्तुएं बनाने जैसे प्रशिक्षण कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे। इससे स्थानीय लोगों को स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
गांव के विकास के लिए कई घोषणाएं
मुख्यमंत्री ने लाखासार ग्राम के विकास के लिए कई घोषणाएं कीं, जिनमें महतारी सदन का निर्माण, मिनी स्टेडियम निर्माण तथा 500 मीटर लंबाई के गौरव पथ के निर्माण की घोषणा की। इसके साथ ही लाखासार गौधाम में प्रशिक्षण भवन निर्माण के लिए 25 लाख रुपये स्वीकृत करने तथा एक काऊ कैचर और एक पशु एम्बुलेंस उपलब्ध कराने की घोषणा की, जिससे क्षेत्र में गौसंरक्षण और स्थानीय विकास कार्यों को और मजबूती मिलेगी। इसके अलावा गौधाम में प्रशिक्षण भवन निर्माण के लिए 25 लाख रुपए स्वीकृत करने के साथ काऊ कैचर और पशु एम्बुलेंस उपलब्ध कराने की भी घोषणा की।
जनप्रतिनिधियों ने सरकार की पहल की सराहना की
कार्यक्रम में तखतपुर विधायक धर्मजीत सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में तेजी से विकास हो रहा है और तखतपुर क्षेत्र को भी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की सौगात मिली है। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, कृषि एवं पशुधन विकास मंत्री रामविचार नेताम, विधायक अमर अग्रवाल, धरमलाल कौशिक, सुशांत शुक्ला, कमिश्नर बिलासपुर सुनील जैन, आईजी रामगोपाल गर्ग, कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसएसपी रजनेश सिंह, संचालक पशु चिकित्सा चंद्रकांत वर्मा सहित बड़ी संख्या में किसान, पशुपालक एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे।
ख़बर छत्तीसगढ़
CG Assistant Professor Vacancy: छत्तीसगढ़ के सरकारी कॉलेजों में 700 पदों पर भर्ती, सहायक प्राध्यापक के 625 पद

Raipur: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर छत्तीसगढ़ के शासकीय महाविद्यालयों में बड़ी भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। राज्य के उच्च शिक्षा विभाग ने कॉलेजों में शिक्षण और सहायक सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए कुल 700 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया प्रारंभ की है। इस भर्ती के तहत 625 सहायक प्राध्यापक, 50 ग्रंथपाल और 25 क्रीड़ा अधिकारी के पदों पर नियुक्ति की जाएगी।
CGPSC को भेजा गया प्रस्ताव
छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग को भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के लिए 24 फरवरी 2026 को विस्तृत प्रस्ताव भेजा जा चुका है। विभाग ने राज्य सरकार के नियमों के अनुसार आरक्षण रोस्टर और विषयवार पदों का विस्तृत ब्रेक-अप भी तैयार कर लिया है। आयोग प्रशासनिक और तकनीकी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद भर्ती का विज्ञापन जारी करेगा, जिसके बाद योग्य अभ्यर्थियों से आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे।
इन विषयों में होगी भर्ती
राज्य के शासकीय महाविद्यालयों में कई प्रमुख विषयों में सहायक प्राध्यापकों की भर्ती होगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्य के शासकीय महाविद्यालयों में सहायक प्राध्यापक के हिन्दी, अंग्रेजी, समाजशास्त्र, राजनीति शास्त्र, भौतिक शास्त्र, गणित, रसायन शास्त्र, वनस्पति शास्त्र एवं प्राणीशास्त्र के 50-50 पदों, अर्थशास्त्र, इतिहास, भूगोल के 25-25 पदों, कम्प्यूटर एप्लीकेशन के 15, वाणिज्य के 75, विधि के 10 पदों पर भर्ती के साथ ही क्रीड़ा अधिकारी के 25 पद तथा ग्रंथपाल के 50 पदों सहित कुल 700 पदों पर भर्ती की जाएगी।
कॉलेजों में मजबूत होगी शिक्षण व्यवस्था
सरकार का कहना है कि इन पदों पर नियुक्ति होने से राज्य के शासकीय महाविद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था को मजबूती मिलेगी और विद्यार्थियों को बेहतर उच्च शिक्षा उपलब्ध हो सकेगी। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि स्थायी भर्ती होने तक कॉलेजों में पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए अतिथि प्राध्यापकों की नियुक्ति की व्यवस्था पहले से लागू है। अधिकांश अतिथि शिक्षक पीएचडी डिग्रीधारी हैं और NET तथा SET जैसी पात्रता परीक्षाएं उत्तीर्ण कर चुके हैं।
ख़बर छत्तीसगढ़
Raipur: छत्तीसगढ़ में अफीम की अवैध खेती पर सख्त कार्रवाई, CM विष्णु देव साय के निर्देश, जिलों में सर्वे के आदेश

Raipur: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश में अवैध रूप से हो रही अफीम की खेती के मामलों को गंभीरता से लेते हुए कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि राज्य में किसी भी कीमत पर अवैध मादक पदार्थों की खेती को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इसमें संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री के निर्देशों के परिपालन में आयुक्त, भू-अभिलेख छत्तीसगढ़ द्वारा सभी जिला कलेक्टरों को अपने-अपने जिलों के संवेदनशील और संभावित क्षेत्रों में व्यापक सर्वे कराने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टरों को 15 दिनों के भीतर सर्वे पूरा कर रिपोर्ट शासन को भेजने के लिए कहा गया है।
दुर्ग में अफीम की खेती का भंडाफोड़
दुर्ग जिले के समोदा गांव में अवैध अफीम की खेती के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में अफीम के पौधों को जब्त कर नष्ट किया गया। आरोपियों के खिलाफ NDPS Act के तहत मामला दर्ज किया गया है। साथ ही अवैध कब्जे को हटाने के लिए जेसीबी से कार्रवाई भी की गई।
बलरामपुर में 2 करोड़ की अफीम जब्त
इसी तरह बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के कोरंधा थाना क्षेत्र के तुर्रीपानी (खजुरी) गांव में राजस्व, पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए लगभग 1.47 एकड़ जमीन पर उगाई जा रही अवैध अफीम की खेती का खुलासा किया। कार्रवाई के दौरान करीब 18 क्विंटल 83 किलोग्राम अफीम के पौधे, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 2 करोड़ रुपये बताई जा रही है, जब्त किए गए। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
जीरो टॉलरेंस नीति पर सरकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई है। अफीम की खेती, भंडारण, परिवहन या कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे मामलों में संलिप्त लोगों के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
ख़बर छत्तीसगढ़
Raipur: छत्तीसगढ़ बिजली बिल समाधान योजना 2026, 28 लाख उपभोक्ताओं को 757 करोड़ राहत, CM साय ने लॉन्च की योजना

Raipur: विष्णु देव साय ने गुरुवार को मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026 का शुभारंभ किया। राजधानी रायपुर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने योजना के तहत लाभार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किए और अधिक से अधिक उपभोक्ताओं से इसका लाभ लेने की अपील की। सरकार के मुताबिक इस योजना से प्रदेश के 28 लाख 42 हजार बिजली उपभोक्ताओं को कुल 757 करोड़ रुपये से अधिक की राहत मिलेगी। योजना का उद्देश्य आर्थिक कारणों से बकाया बिजली बिल का भुगतान नहीं कर पाने वाले उपभोक्ताओं को राहत देना है।
सरचार्ज में 100% और मूल बकाया में 75% तक छूट
सरकार ने योजना के तहत उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए अधिभार (सरचार्ज) में 100 प्रतिशत छूट और मूल बकाया राशि में 75 प्रतिशत तक छूट देने का प्रावधान किया है। इस योजना का लाभ लेने के लिए उपभोक्ताओं को पंजीयन कराना होगा। पंजीयन के समय बकाया राशि का कम से कम 10 प्रतिशत भुगतान करना अनिवार्य होगा, जबकि शेष राशि किस्तों में जमा की जा सकेगी। यह योजना 30 जून 2026 तक लागू रहेगी।
तीन श्रेणियों के उपभोक्ताओं को मिलेगा लाभ
योजना के अंतर्गत उपभोक्ताओं को तीन श्रेणियों में शामिल किया गया है-
- 31 मार्च 2023 की स्थिति में निष्क्रिय उपभोक्ता
- सक्रिय एकल बत्ती कनेक्शनधारी उपभोक्ता
- सक्रिय अशासकीय घरेलू और कृषि उपभोक्ता
- इन सभी वर्गों को योजना के तहत बकाया बिजली बिल भुगतान में राहत दी जाएगी।
योजना के हितग्राहियों को भी मिली सब्सिडी
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने PMhar Muft Bijli Yojana के अंतर्गत 2931 हितग्राहियों को 8 करोड़ 79 लाख रुपये की सब्सिडी का अंतरण भी किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में अब तक लगभग 36 हजार लोग सूर्यघर योजना से जुड़ चुके हैं, जिससे घरों में सौर ऊर्जा का उपयोग बढ़ रहा है।
बिजली अब जीवन की मूलभूत जरूरत
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली आज लोगों की मूलभूत जरूरत बन चुकी है। कई परिवार आर्थिक कारणों से समय पर बिल नहीं भर पाते, जिससे सरचार्ज बढ़ जाता है। इसी समस्या को दूर करने के लिए समाधान योजना शुरू की गई है। उन्होंने नागरिकों से बिजली बचाने और अनावश्यक उपयोग से बचने की भी अपील की। साथ ही ऊर्जा विभाग को निर्देश दिए कि शिविर लगाकर अधिक से अधिक लोगों को योजना से जोड़ा जाए।
ख़बर छत्तीसगढ़
Jagdalpur: जगदलपुर में रेड कार्पेट सरेंडर,108 नक्सली करोड़ों की नकदी- सोना और 101 हथियार डालकर लौटे

Jagdalpur: छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में बुधवार को बड़ी संख्या में नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया। कुल 108 माओवादी कैडरों ने पुलिस और प्रशासन के सामने सरेंडर किया, जिन पर मिलाकर लगभग 3.95 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था। सरेंडर के दौरान इन नक्सलियों ने करीब 1 किलो सोना (करीब 1.64 करोड़ रुपये मूल्य), 3 करोड़ 61 लाख रुपये नकद और 101 हथियार सुरक्षा बलों को सौंप दिए। बताया जा रहा है कि यह रकम नक्सलियों ने लेवी वसूली के जरिए इकट्ठा की थी।
44 महिला कैडर भी शामिल
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस आत्मसमर्पण को बस्तर में चल रही नक्सल विरोधी मुहिम की बड़ी सफलता बताया। उन्होंने कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले कैडरों में 44 महिला माओवादी भी शामिल हैं, जो यह संकेत देता है कि बस्तर में अब हिंसा की जगह विकास और शांति पर भरोसा बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की पुनर्वास नीति, सुरक्षा बलों के प्रयास और क्षेत्र में तेज़ी से हो रहे विकास कार्यों के कारण बड़ी संख्या में माओवादी मुख्यधारा में लौट रहे हैं।
नक्सलियों के पास से बड़ी मात्रा में बरामद हुए हथियार
सरेंडर करने वाले नक्सलियों के पास से कई आधुनिक हथियार बरामद हुए हैं, जिनमें 7 AK-47 राइफल, 10 इंसास राइफल, 5 SLR राइफल, 4 MG राइफल, 20 नग .303 राइफल, 11 BGM लॉन्चर शामिल हैंं। सुरक्षा बलों ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सली दंडकारण्य क्षेत्र में सक्रिय थे।
कांकेर में मुठभेड़ की भी खबर
इसी बीच कांकेर जिले के कोयलीबेड़ा इलाके में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ की खबर भी सामने आई है। करीब आधे घंटे तक चली फायरिंग के बाद दोनों पक्षों के पीछे हटने की सूचना है। एसपी निखिल राखेचा ने घटना की पुष्टि की है। फिलहाल किसी के हताहत होने की जानकारी नहीं मिली है।
2026 तक नक्सलवाद खत्म करने का लक्ष्य
राज्य के गृह मंत्री Vijay Sharma ने हाल ही में विधानसभा में कहा था कि राज्य में 31 मार्च 2026 तक सशस्त्र नक्सलवाद खत्म करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि बस्तर में तैनात अधिकांश केंद्रीय बलों को 31 मार्च 2027 तक वापस बुलाने की योजना है। हालांकि कुछ बल इससे पहले भी वापस जा सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah के मार्गदर्शन में नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई जारी है। उन्होंने दोहराया कि सरकार का लक्ष्य बस्तर सहित पूरे छत्तीसगढ़ को भयमुक्त, शांतिपूर्ण और विकसित बनाना है।
ख़बर देश6 hours agoIndia LPG Supply Crisis: पश्चिम एशिया संकट के बीच भारत में LPG आपूर्ति सुरक्षित, 92,700 मीट्रिक टन गैस लेकर टैंकर भारत आ रहे
ख़बर उत्तरप्रदेश7 hours agoUP Police SI Recruitment: UP दरोगा भर्ती परीक्षा शुरू, जूते-बेल्ट उतरवाकर एंट्री, 75 जिलों के 1090 सेंटर पर कड़ी सुरक्षा
ख़बर देश2 hours agoCommercial LPG Cylinder: 5 दिन बाद कमर्शियल LPG सिलेंडर की सप्लाई शुरू, 29 राज्यों में वितरण, कालाबाजारी पर देशभर में छापे
ख़बर मध्यप्रदेश1 hour agoMP Weather: मार्च में ही झुलसा मध्य प्रदेश, नर्मदापुरम में 40.4°C, कई जिलों में लू का कहर
ख़बर छत्तीसगढ़5 hours agoChhattisgarh: मुख्यमंत्री साय ने गौधाम योजना का किया शुभारंभ, सभी गौधाम अब ‘सुरभि गौधाम’ कहलाएंगे















