ख़बर मध्यप्रदेश
MP Cabinet: श्रीकृष्ण पाथेय न्यास के गठन की स्वीकृति, भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े स्थानों को विकसित तथा संरक्षित किया जाएगा

Bhopal: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक बुधवार शाम को मंत्रालय में हुई। कैबिनेट द्वारा मध्यप्रदेश में भगवान श्रीकृष्ण से संबंधित स्थानों को तीर्थ के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश लोक न्यास अधिनियिम 1951 के अंतर्गत “श्रीकृष्ण पाथेय न्यास” का गठन किए जाने की स्वीकृति प्रदान की गयी। स्वीकृति अनुसार भगवान श्रीकृष्ण से संबंध क्षेत्रों का साहित्यिक व सांस्कृतिक संरक्षण और संवर्धन किया जायेगा। न्यास द्वारा भगवान श्रीकृष्ण के मंदिरों एवं संरचनाओं का प्रबंधन, सांदिपनि गुरुकुल की स्थापना के लिए परामर्श, सुझाव, श्रीकृष्ण पाथेय के स्थानों का सामाजिक, आर्थिक तथा पर्यटन की दृष्टि से विकास, पुस्तकालय, संग्रहालय की स्थापना आदि गतिविधियों का क्रियान्वयन किया जा सकेगा।
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में गठित न्यास में कुल 28 सदस्य होंगे। इसमें 23 पदेन न्यासी सदस्य तथा 5 ख्याति प्राप्त विद्वत सदस्य, अशासकीय न्यासी सदस्य के रूप में नामांकित होंगे। अशासकीय न्यासी सदस्यों का कार्यकाल अधिकतम 3 वर्ष होगा। “श्रीकृष्ण पाथेय न्यास” का मुख्यालय भोपाल होगा। इसके लिये 6 पद सृजित किये जायेंगे। श्रीकृष्ण पाथेय न्यास अपने उद्देश्य की पूर्ति के लिये शासन अथवा अन्य स्त्रोतों से अनुदान एवं दान प्राप्त कर सकता है।
न्यास के संचालन एवं उद्देश्यों की प्राप्ति के लिये शोध-सर्वेक्षण एवं विकास कार्य के लिये आवश्यकतानुसार विशेषज्ञ समितियों का गठन किया जा सकेगा। न्यास के लिए श्रीकृष्ण पाथेय न्यास विलेख तैयार किया जायेगा। विलेख मे न्यास के अधिकार, कार्यकारी समिति, सदस्यों, कार्यकारी समिति के अधिकार, न्यासी सचिव के अधिकार, मुख्य कार्यपालक अधिकारी के अधिकार, न्यास के लेखे एवं अंकेक्षण एवं न्यास के कार्यक्षेत्र एवं सीमा से संबंधित विषयों का विस्तारपूर्वक वर्णन होगा।
श्रीकृष्ण पाथेय न्यास के उद्देश्यों में मध्यप्रदेश में भगवान श्रीकृष्ण के चरण जहां-जहां पड़े उन स्थानों को तीर्थ के रुप में विकसित तथा संरक्षित करना और हमारी सामाजिक संस्कृति की गौरवशाली परम्परा के महत्व को समझने के लिए सम्बन्धित क्षेत्रों का प्रलेखन (डाक्युमेंटेशन), अभिलेखन (रिकॉर्डिंग), छायांकन, फिल्मांकन तथा चित्राकंन आदि करना शामिल है। श्रीकृष्ण पाथेय न्यास के अंतर्गत अवस्थित भगवान श्रीकृष्ण के मंदिरों एवं उनमें स्थित जल संरचनाओं, वन सम्पदा, उद्यान आदि की सुरक्षा, संरक्षण, संवर्धन एवं प्रबंधन किया जायेगा। इन धार्मिक तीर्थ स्थलों का राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जायेगा। इसके साथ ही उज्जैन में 64 कलाओं और 14 विद्याओं की विधिवत शिक्षा के लिए सांदीपनि गुरुकुल की स्थापना हेतु परामर्श, सुझाव एवं अन्य कार्यवाही की जायेगी।
श्रीकृष्ण पाथेय न्यास की अवधारणा के अनुरुप शिक्षा, संस्कृति, कृषि, गौ एवं पशुधन संवर्धन की विरासत का विकास किया जायेगा। मध्यप्रदेश राज्य की सीमा में आने वाले श्रीकृष्ण पाथेय के चिन्हांकित स्थलों के अवलोकन, पुरान्वेषण तथा धार्मिक, आध्यात्मिक, सांस्कृतिक, साहित्यिक, इतिहास आदि की दृष्टि से रचनात्मक विकास हेतु परामर्श, सुझाव एवं आवश्यकतानुसार कार्यवाही की जायेगी। युवा पीढ़ी को भगवान श्रीकृष्ण की जीवन गाथा और उज्जैन को केन्द्र में रखकर की गई उनकी यात्राओं की महत्ता से अवगत कराते हुए गंतव्य स्थलों के साथ भावनात्मक एवं अनुभवात्मक रूप से जोड़ने की योजनाएं परिकल्पित करना तथा भगवान श्रीकृष्ण से संबंधित सांस्कृतिक एवं अन्य गतिविधियां आयोजित करना इसके उद्देश्यों में शामिल होगा।
केन्द्र एवं राज्य शासन के सर्व संबंधित विभागों के समन्वय से श्रीकृष्ण पाथेय के स्थानों का सामाजिक, आर्थिक तथा पर्यटन की दृष्टि से विकास तथा विभिन्न निर्माण एवं अधोसंरचना का विकास किया जायेगा। साथ ही जन-सामान्य को धार्मिक, सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक रूप से प्रबुद्ध करते हुए पर्यटकों, शोधार्थियों, युवाओं तथा सभी वर्ग के विद्यार्थियों की जानकारी के लिए पुस्तकालयों, संग्रहालयों तथा सूचना केन्द्रों की स्थापना की जायेगी।
श्रीकृष्ण पाथेय न्यास द्वारा पौराणिक काल से वर्तमान समय तक भगवान श्रीकृष्ण को जगद्गुरु स्वरुप स्थापित करने में अपना योगदान प्रदान करने वाले अनेक-अनेक तेजस्वी नायकों, दार्शनिकों, मंत्रदृष्टा ऋषियों, संतों, मनीषियों, चिंतकों, कवियों, साहित्यकारों, कलाकारों, वैज्ञानिकों के अवदान का रेखाकंन एवं वाणियों का ध्वन्यांकन तथा फिल्मांकन कराया जायेगा। भगवान श्रीकृष्ण की प्रेरक कथाओं और चित्रों का चित्रांकन, उत्कीर्णन एवं शिल्पकला की विधा के माध्यम से प्रस्तुतिकरण किया जायेगा। श्रीकृष्ण पाथेय न्यास के उद्देश्यों की पूर्ति के लिए भारत सरकार, राज्य सरकार, गैर शासकीय संस्थाओं, संगठनों, राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के निकायों तथा व्यक्तियों से समन्वय, सहयोग तथा सम्पर्क स्थापित कर वित्तीय एवं अन्य गतिविधियों का क्रियान्वयन किया जायेगा। साथ ही साथ श्रीकृष्ण पाथेय न्यास के अंतर्गत सभागारों, सामुदायिक केन्द्रों (कम्युनिटी सेंटर) और धर्मशालाओं का निर्माण एवं व्यवस्थापन कार्य किया जायेगा।
चयनित 209 स्टॉफ नर्सों को नियुक्ति दिये जाने की स्वीकृति
कैबिनेट द्वारा प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड, भोपाल (वर्तमान में मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल) द्वारा 27 जनवरी, 2022 को घोषित परीक्षा परिणाम के आधार पर स्टॉफ नर्स के पद पर चयनित 209 अभ्यार्थियों को विभाग के अधीन संचालित चिकित्सा महाविद्यालयों में वर्तमान में उपलब्ध रिक्त पदों पर नियुक्ति दिये जाने के प्रस्ताव पर स्वीकृति प्रदान की गई है।
उज्जैन में 127 करोड़ 63 लाख रुपए की लागत की इंगोरिया-उन्हेल सड़क मार्ग की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद ने उज्जैन जिला अंतर्गत इंगोरिया-उन्हेल (लंबाई 23.71 कि.मी.) 2-लेन मय पेव्हड शोल्डर सड़क निर्माण कार्य की स्वीकृति दी है। यह सड़क 23.71 कि.मी. लंबी होगी एवं 127 करोड़ 63 लाख रूपये की लागत से म.प्र. सड़क विकास निगम के माध्यम से विकसित की जायेगी।
ख़बर मध्यप्रदेश
MP बोर्ड परीक्षा 10 फरवरी से: 10वीं-12वीं में 16 लाख से ज्यादा छात्र, 3856 केंद्रों पर CCTV और फ्लाइंग स्क्वॉड

MP Board Exam 2026: मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल की बोर्ड परीक्षाओं की शुरुआत अलग-अलग तारीखों पर हो रही है। 12वीं की बोर्ड परीक्षा 10 फरवरी से, जबकि 10वीं की परीक्षा 13 फरवरी से शुरू होगी। इस बार प्रदेश भर में 16 लाख से ज्यादा छात्र बोर्ड परीक्षा देंगे। इतनी बड़ी संख्या को देखते हुए शिक्षा विभाग और प्रशासन ने परीक्षा को नकलमुक्त और व्यवस्थित ढंग से कराने के लिए कड़े इंतजाम किए हैं। पूरे प्रदेश में 3856 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। सभी परीक्षाएं सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित होंगी।
10वीं में 9 लाख, 12वीं में 7 लाख छात्र
इस साल कक्षा 10वीं की परीक्षा में 9 लाख 7 हजार छात्र, जबकि कक्षा 12वीं की परीक्षा में करीब 7 लाख विद्यार्थी शामिल होंगे। राजधानी भोपाल में ही 10वीं के 30,746 और 12वीं के 26,627 छात्र परीक्षा देंगे। यहां 104 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।
हर जिले में फ्लाइंग स्क्वॉड, पुलिस-प्रशासन की निगरानी
नकल रोकने के लिए हर जिले में चार फ्लाइंग स्क्वॉड गठित किए गए हैं। इनमें दो स्क्वॉड विकासखंड स्तर पर और दो जिला स्तर पर काम करेंगे। हर स्क्वॉड में तीन-तीन अधिकारी शामिल रहेंगे, ताकि किसी भी गड़बड़ी पर तुरंत कार्रवाई हो सके।
संवेदनशील केंद्रों पर CCTV, प्रश्न-पत्र वितरण की वीडियोग्राफी
संवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है। इन केंद्रों की मॉनिटरिंग भोपाल स्थित बोर्ड कार्यालय से की जाएगी। इसके अलावा थानों से प्रश्न-पत्र निकालने से लेकर परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी अनिवार्य की गई है।
स्कूलों को निर्देश: संशोधित टाइम टेबल हर छात्र तक पहुंचे
माध्यमिक शिक्षा मंडल ने संशोधित टाइम टेबल पहले ही जारी कर दिया है। छात्रों में भ्रम न हो, इसके लिए सभी स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि यह जानकारी हर छात्र और अभिभावक तक नोटिस बोर्ड, असेंबली और व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए पहुंचाई जाए।
परीक्षा केंद्रों पर सख्त एंट्री नियम
जिला शिक्षा अधिकारी एनके अहिरवार ने बताया कि परीक्षार्थियों को सुबह 8:30 बजे के बाद परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। परीक्षा केंद्रों के आसपास अनावश्यक भीड़ पर रोक रहेगी और सभी केंद्रों पर लगातार निगरानी की जाएगी।
ख़बर मध्यप्रदेश
MP News: रीवा में रफ्तार का कहर, ऑडी कार ने बाइक सवार परिवार को रौंदा, पिता-बेटा और भांजी की मौके पर मौत

Rewa: मध्यप्रदेश के रीवा जिले में शनिवार दोपहर एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। रीवा-रायपुर मार्ग पर कोष्टा गांव के पास तेज रफ्तार ऑडी कार ने बाइक सवार परिवार को पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और तीनों सवार उछलकर दूर जा गिरे। हादसे में बाइक चला रहे भागवत विश्वकर्मा, उनके छोटे बेटे शिवम विश्वकर्मा और भांजी शीतल विश्वकर्मा की मौके पर ही मौत हो गई। टक्कर के बाद सड़क पर अफरा-तफरी मच गई और कुछ ही देर में लोगों की भारी भीड़ जुट गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ऑडी कार रायपुर की ओर से तेज रफ्तार में आ रही थी और पीछे से बाइक को टक्कर मार दी। हादसे के बाद कार चालक मौके से फरार हो गया।
भगवान को पहला शादी का कार्ड देने जा रहे थे
पुलिस के अनुसार, मृतक भागवत विश्वकर्मा के बेटे शुभम की 25 फरवरी को शादी तय थी। हिंदू परंपरा के अनुसार, शादी का पहला निमंत्रण भगवान को अर्पित किया जाता है। इसी रस्म के तहत पूरा परिवार बाइक से चिरहुला नाथ मंदिर जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही यह हादसा उनकी जिंदगी छीन ले गया।
ऑडी कार जब्त, ड्राइवर की तलाश जारी
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। हादसे में शामिल ऑडी कार को जब्त कर लिया गया है। पुलिस फरार ड्राइवर की तलाश में जुटी हुई है और आसपास के CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
ख़बर मध्यप्रदेश
MP Cabinet: निमाड़ के 25,602 विस्थापित परिवार बनेंगे जमीन के मालिक, सरकार कराएगी मुफ्त रजिस्ट्री, 600 करोड़ का राजस्व छोड़ा

MP Cabinet Decision: सरदार सरोवर बांध के कारण निमाड़ अंचल के बड़वानी, अलीराजपुर, धार और खरगोन जिलों में विस्थापित हुए 25,602 परिवार अब अपने आवासीय भूखंडों के स्थायी मालिक बनेंगे। राज्य सरकार इन परिवारों को पट्टे पर दिए गए आवासीय भूखंडों की रजिस्ट्री नि:शुल्क कराएगी। इस फैसले के बाद ये परिवार अपने भूखंडों की खरीद-बिक्री, मॉर्टगेज कर बैंक से लोन लेने जैसे अधिकार भी हासिल कर सकेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
600 करोड़ का राजस्व छोड़ा, NNVDA करेगा प्रतिपूर्ति
सरकार के इस निर्णय से राज्य को करीब 600 करोड़ रुपए के राजस्व का नुकसान होगा। हालांकि कैबिनेट ने व्यवस्था दी है कि पहले से तय एसओपी के तहत रजिस्ट्री शुल्क और स्टाम्प ड्यूटी की यह राशि नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण (NVDA) द्वारा वहन की जाएगी।
8 विधानसभा क्षेत्रों के आदिवासी परिवारों को लाभ
एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप ने बताया कि इस फैसले से 8 विधानसभा क्षेत्रों के आदिवासी परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा। इनमें 4 सीटों पर कांग्रेस विधायक भी हैं, जिनमें नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का क्षेत्र शामिल है। मंत्री ने कहा कि सरकार ने यह निर्णय बिना किसी राजनीतिक भेदभाव के लिया है।
बाणसागर बांध से मैहर-कटनी के लिए दो नई सिंचाई परियोजनाएं मंजूर
कैबिनेट ने सोन नदी पर बने बाणसागर बांध से मैहर और कटनी जिलों के लिए दो नई सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी दी है। 620.65 करोड़ रुपए की लागत से 14,300 से अधिक किसानों की 23,500 हेक्टेयर जमीन सिंचित होगी।
परियोजनाओं का विवरण
धनवाही सूक्ष्म दबाव सिंचाई परियोजना: लागत: 53.73 करोड़
9 गांव, 3,500 हेक्टेयर क्षेत्र
2,810 किसान लाभान्वित
बरही-बरही सूक्ष्म लिफ्ट सिंचाई परियोजना: लागत: 566.92 करोड़
27 गांव, 20,000 हेक्टेयर क्षेत्र
11,500 किसान लाभान्वित
समाज कल्याण बोर्ड के कर्मचारियों का संविलियन
राज्य सरकार द्वारा भंग किए गए राज्य समाज कल्याण बोर्ड के कर्मचारियों का संविलियन अब महिला एवं बाल विकास विभाग में किया जाएगा। कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। इससे बोर्ड से जुड़े 7 कर्मचारियों की नौकरी पर बना संकट खत्म हो गया है।
जनहित की 10 योजनाओं की अवधि 5 साल बढ़ी
कैबिनेट ने 6 विभागों की जनहित से जुड़ी 10 योजनाओं की अवधि मार्च 2026 से बढ़ाकर मार्च 2030 तक कर दी है। इन योजनाओं के लिए 15,009 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं।
प्रमुख योजनाएं
मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल 2.0)
विधानसभा क्षेत्र निर्वाचन योजना
डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना
ब्लॉक ग्रांट योजना
पशु विकास एवं गौ संवर्धन योजना
किशोर कल्याण निधि योजना
घरेलू हिंसा पीड़िता सहायता योजना
अल्पसंख्यक स्वरोजगार/उद्यम योजना
ख़बर मध्यप्रदेश
MP News: केंद्रीय करों में MP का हिस्सा घटा: अगले 5 साल में हर साल 7500 करोड़ का नुकसान, इस साल ही 2314 करोड़ कम मिलेंगे

Bhopal: मध्य प्रदेश की केंद्रीय करों में हिस्सेदारी बढ़ने की उम्मीदों को झटका लगा है। केंद्र सरकार ने 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों को मंजूरी दे दी है। इसके तहत अप्रैल 2026 से मार्च 2031 तक एमपी की हिस्सेदारी 7.86% से घटाकर 7.34% कर दी गई है।वित्त विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, 0.503% की इस कटौती से राज्य को हर साल करीब 7500 करोड़ रुपए का नुकसान होगा। सिर्फ भविष्य ही नहीं, मौजूदा वित्तीय वर्ष में भी असर दिखेगा। पहले जहां 31 मार्च 2026 तक 1,11,662 करोड़ रुपए मिलने का अनुमान था, वह अब घटकर 1,09,348 करोड़ रुपए रह गया है। यानी इस साल ही प्रदेश को 2314 करोड़ रुपए कम मिलेंगे। यह कटौती ऐसे वक्त में हुई है जब राज्य सरकार कई योजनाओं में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की तैयारी कर रही है, जिससे वित्तीय दबाव और बढ़ सकता है।
एक्सपर्ट की राय: कैपिटल एक्सपेंडिचर से मिल सकती है राहत
हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि केंद्रीय करों में हिस्सेदारी घटने के बावजूद कैपिटल एक्सपेंडिचर (पूंजीगत खर्च) के जरिए मध्य प्रदेश को फायदा मिल सकता है। अनुमान है कि केंद्रीय करों की हिस्सेदारी से इस बार एमपी को करीब 1.12 लाख करोड़ रुपए मिल सकते हैं। साथ ही इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए 2000 करोड़ रुपए अतिरिक्त मिलने की संभावना है।
टियर-2 और टियर-3 शहरों को 12 लाख करोड़ का पैकेज
रविवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपना 9वां केंद्रीय बजट पेश किया। बजट में टियर-2 और टियर-3 शहरों के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए 12 लाख करोड़ रुपए का बड़ा प्रावधान किया गया है। इसका फायदा मध्य प्रदेश के करीब 10 शहरों को मिल सकता है। भोपाल, इंदौर जैसे बड़े शहरों को 7 हजार करोड़ रुपए तक, बाकी शहरों को करीब 5 हजार करोड़ रुपए मिलने का अनुमान है। यह राशि सड़क, जल आपूर्ति, सीवरेज और अन्य बुनियादी सुविधाओं पर खर्च की जाएगी।
भोपाल को मिल सकती है यूनिवर्सिटी टाउनशिप
देश में प्रस्तावित 5 यूनिवर्सिटी टाउनशिप में से एक भोपाल को मिलने की संभावना है। एयरपोर्ट के पास भौंरी क्षेत्र में राज्य सरकार पहले से ही AI और नॉलेज सिटी विकसित कर रही है। अगर इसे यूनिवर्सिटी टाउनशिप में बदला गया, तो केंद्र को पहला प्रस्ताव तुरंत भेजा जा सकता है।
सिंहस्थ 2028 के लिए स्पेशल पैकेज नहीं
मध्य प्रदेश सरकार ने सिंहस्थ 2028 के आयोजन के लिए 20 हजार करोड़ रुपए के स्पेशल पैकेज की मांग की थी, लेकिन इस बजट में केंद्र की ओर से इस पर कोई घोषणा नहीं की गई।
अमृत बॉन्ड से नगर निगमों को फायदा
भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर और उज्जैन जैसे बड़े नगर निगम 1000 करोड़ रुपए तक के अमृत बॉन्ड जारी कर सकेंगे। 200 करोड़ तक के बॉन्ड पर केंद्र सरकार 18% की सहायता देगी। अमृत 2.0 मिशन के तहत 2025-26 के लिए 7022 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं, जिनका फोकस जल आपूर्ति और सीवरेज पर है।
महिला अमृत मित्र की तैनाती
पेयजल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए 10,000 ‘महिला अमृत मित्र’ तैनात की जाएंगी। ये महिलाएं स्थानीय स्तर पर पानी की जांच करेंगी, ताकि पेयजल और सीवरेज लाइनों के संपर्क से होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
किसानों, छात्राओं और स्वास्थ्य सेक्टर को राहत
75 लाख छोटे किसानों को फायदा
ड्रोन तकनीक, डिजिटल कृषि मिशन और माइक्रो इरिगेशन के जरिए छोटे किसानों की आय बढ़ाने पर जोर दिया गया है।
हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल
मध्य प्रदेश के 55 जिलों में गर्ल्स हॉस्टल बनाए जाएंगे, जिससे खासकर आदिवासी इलाकों की छात्राओं को फायदा मिलेगा।
हर जिला अस्पताल में ट्रॉमा सेंटर
अब प्रदेश के सभी 52 जिला अस्पतालों में ट्रॉमा सेंटर स्थापित किए जाएंगे।
टेक्सटाइल सेक्टर को बढ़ावा
पीएम मित्र पार्क से प्रदेश में 3 लाख रोजगार और 6 लाख किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
ख़बर मध्यप्रदेश
MP Weather: प्रदेश में दो सिस्टम एक्टिव, 30+ जिलों में बारिश-ओले, ग्वालियर में ढाई इंच पानी, फसलों को नुकसान

Bhopal: मध्य प्रदेश में दो मौसम प्रणालियों के सक्रिय होने से बारिश, तेज आंधी और ओलावृष्टि का दौर जारी है। बीते 24 घंटे में भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर समेत 30 से ज्यादा जिलों में बारिश दर्ज की गई। सबसे ज्यादा बारिश ग्वालियर में ढाई इंच हुई, जबकि 8 जिलों में ओलावृष्टि भी दर्ज की गई है। इससे गेहूं, चना और सरसों की फसलों को नुकसान पहुंचा है।
मौसम विभाग के मुताबिक, भोपाल, इंदौर, हरदा, विदिशा, नर्मदापुरम, खंडवा, बड़वानी, रतलाम, श्योपुर, उज्जैन, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, रीवा, सतना, टीकमगढ़, छतरपुर, शाजापुर, मंदसौर, आगर-मालवा, देवास, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, खरगोन, सीहोर, सागर, मऊगंज, धार सहित कई जिलों में बारिश का दौर रहा।
ग्वालियर में सबसे ज्यादा ढाई इंच, गुना, शिवपुरी और सागर में करीब 1 इंच, दतिया में पौन इंच और राजगढ़ में आधा इंच बारिश दर्ज की गई। वहीं उज्जैन, शाजापुर, आगर-मालवा, देवास, मुरैना, सीहोर, सागर, रायसेन सहित कई जिलों में ओले भी गिरे।
बारिश और ओलावृष्टि के बीच बुधवार सुबह घना कोहरा भी छाया रहा। ग्वालियर में सबसे कम विजिबिलिटी दर्ज की गई, जहां 50 मीटर के बाद कुछ नजर नहीं आया। इसके अलावा खजुराहो, भोपाल, दतिया, नर्मदापुरम, नौगांव, रीवा, सतना, राजगढ़, सागर, गुना, रायसेन, श्योपुर, बालाघाट, उमरिया, सिवनी, मंडला, छिंदवाड़ा, दमोह और जबलपुर में भी कोहरा दर्ज किया गया। हालांकि, रात के तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिली है।
ग्वालियर-शिवपुरी में स्कूलों की छुट्टी
बारिश और ठंड को देखते हुए ग्वालियर प्रशासन ने बुधवार को कक्षा 8वीं तक के स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी है। भोपाल और इंदौर में मंगलवार को गरज-चमक के साथ बारिश हुई, जबकि ग्वालियर में लगातार बारिश के चलते ठंड बढ़ गई।
ख़बर छत्तीसगढ़22 hours agoChhattisgarh: सीएम साय ने जीपीएम में नवीन जिला अस्पताल भवन निर्माण कार्य का किया शुभारंभ,
ख़बर उत्तरप्रदेश17 hours agoUP Budget: 2027 से पहले योगी का मेगा बजट, 9.12 लाख करोड़ का ऐलान, 10 लाख रोजगार और बेटियों की शादी के लिए मिलेंगे ₹1 लाख
ख़बर छत्तीसगढ़14 hours agoCG Cabinet: होली से पहले किसानों को 10 हजार करोड़ की सौगात: 3100 रु./क्विंटल के हिसाब से मिलेगा धान का अंतर
ख़बर देश16 hours agoVande Mataram: जन गण मन से पहले गाया जाएगा वंदे मातरम, सभी 6 अंतरे अनिवार्य, स्कूलों में राष्ट्रगीत से होगी पढ़ाई की शुरुआत; राष्ट्रपति कार्यक्रमों में भी बजे













