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MP Cabinet: अतिथि शिक्षकों के मासिक मानदेय में दोगुनी वृद्धि की स्वीकृति, विशेष भर्ती अभियान में 1 वर्ष की वृद्धि

MP Cabinet: मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज मुख्यमंत्री निवास ‘समत्व भवन’ में कैबिनेट की बैठक आयोजित की गई। मंत्रि-परिषद ने अतिथि शिक्षकों को दिये जाने वाले मासिक मानदेय में दोगुनी वृद्धि की स्वीकृति दी है। वर्ग-1 को वर्तमान में प्राप्त मानदेय 9 हजार रूपये से बढ़ाकर 18 हजार, वर्ग-2 के मानदेय 7 हजार रूपये से बढ़ाकर 14 हजार रूपये और वर्ग-3 के मानदेय 5 हजार रूपये से बढ़ाकर 10 हजार रूपये किया गया है। इसके अलावा “मुख्यमंत्री अंत्योदय आवास योजना” अब “मुख्यमंत्री लाड़ली बहना आवास योजना” के रूप में जानी जायेगी। इस योजना को सभी वर्गों के आवासहीन पात्र परिवारों के लिये मान्य किया जायेगा। भविष्य में जब-जब प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण अंतर्गत आवास निर्माण की इकाई लागत वृद्धि होगी तब-तब इस योजना के अंतर्गत भी इकाई लागत में वृद्धि की जायेगी। यह निर्णय आज मंत्रि-परिषद की बैठक में लिया गया।
रसोईयों के मासिक मानदेय में दोगुनी वृद्धि
मंत्रि-परिषद ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अन्तर्गत संचालित प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना में संलग्न रसोईयों के वर्तमान मासिक मानदेय 2 हजार रूपये में वृद्धि करते हुये नवीन मानदेय 4 हजार रूपये प्रतिमाह करने का निर्णय लिया है। इससे 2 लाख 10 हजार रसोईये लाभान्वित होंगे। इसके लिये वर्तमान वित्तीय वर्ष 2023-24 की शेष अवधि के लिये पूर्व में आवंटित राशि के अतिरिक्त 294 करोड़ 32 लाख रूपये तथा वित्तीय वर्ष 2024-25 से प्रतिवर्ष 714 करोड़ 79 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई है।
बैकलॉग/कैरी फारवर्ड पदों की पूर्ति के लिए विशेष भर्ती अभियान में 1 वर्ष की वृद्धि
मंत्रि-परिषद द्वारा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछडे वर्गों तथा दिव्यांगजनों के बैकलॉग/कैरी फारवर्ड पदों की पूर्ति के लिए विशेष भर्ती अभियान की समय-सीमा में 1 जुलाई, 2023 से 30 जून, 2024 तक एक वर्ष की वृद्धि की गई है।
लाड़ली बहनों को श्रावण मास की गैस रिफिल 450 रूपये में उपलब्ध कराने की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद द्वारा मुख्यमंत्री चौहान की 27 अगस्त 2023 को की गई घोषणा के पालन में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजनांतर्गत समस्त गैस कनेक्शनधारी महिलाओं और गैर PMUY अंतर्गत गैस कनेक्शनधारी लाड़ली बहनों को श्रावण मास (04.07.2023 से 31.08.2023) में गैस रिफिल 450 रुपए में उपलब्ध कराये जाने का निर्णय लिया है। लाड़ली बहनों के नाम से जारी गैस कनेक्शन पर श्रावण मास में कराए गए रिफिल पर अनुदान देय होगा।
म.प्र. मॉब लिंचिंग पीड़ित प्रतिकर योजना 2023 लागू किये जाने का निर्णय
मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश में मॉब लिंचिंग के अपराध पीड़ितों और उनके आश्रितों को राहत व पुनर्वास के लिये म.प्र. मॉब लिंचिंग पीड़ित प्रतिकर योजना 2023 लागू किये जाने का निर्णय लिया है। इस योजना के तहत मॉब लिंचिंग के अपराध में पांच या अधिक व्यक्तियों की भीड़ द्वारा किसी व्यक्ति या व्यक्तियों को, धर्म, जाति, लिंग, जन्म स्थान, भाषा, खानपान, यौन अभिरूचि, राजनीतिक संबद्धता, जातीयता अथवा अन्य ऐसे आधार या आधारों पर हानि या क्षति कारित करने के लिये हिंसा का कोई कृत्य या कृत्यों की कोई श्रंखला को शामिल किया गया है। योजना के तहत मॉब लिंचिंग की घटना में पीडितों को प्रतिकर राशि प्रदाय किये जाने का प्रावधान किया गया है।
NFSU भोपाल को शैक्षणिक प्रयोजन के लिये भूमि आवंटन
मंत्रि परिषद ने “National Forensic Sciences University (NFSU), गांधी नगर भोपाल द्वारा शैक्षणिक प्रयोजन के लिये ग्राम बरखेड़ा बोंदर तहसील हुजूर, भोपाल को कुल 4.8540 हेक्टेयर शासकीय भूमि शासन की शर्तों के अधीन निःशुल्क प्रब्याजि और 1 रूपये भू-भाटक पर आवंटित किये जाने का निर्णय लिया है।
शासकीय महाविद्यालयों के लिये 240 नवीन पदों के सृजन की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद ने 4 नवीन शासकीय महाविद्यालयों जिसमें शासकीय महाविद्यालय बिलासपुर (उमरिया), शासकीय महाविद्यालय भरेवा (उमरिया), शासकीय महाविद्यालय सालीचौका (नरसिंहपुर) और शासकीय महाविद्यालय रहटगाँव (हरदा) की स्थापना के लिये तथा 3 शासकीय महाविद्यालयों जिसमें शासकीय महाविद्यालय नागदा (उज्जैन), शासकीय महाविद्यालय राजपुर (बड़वानी), शासकीय महाविद्यालय सिवनी मालवा (नर्मदापुरम) में नवीन संकाय / विषय प्रारंभ किए जाने के लिये कुल 240 नवीन पदों के सृजन और आवर्ती व्यय भार 13 करोड़ 22 लाख रूपये प्रतिवर्ष एवं अन्य अनावर्ती व्यय 64 करोड़ 05 लाख 88 हजार रूपये, इस प्रकार कुल 77 करोड़ 27 लाख 88 हजार रूपये के व्यय की स्वीकृति दी।
मेधावी विद्यार्थी योजना अन्तर्गत जेईई (JEE) मेन्स परीक्षा में रैंक प्राप्त करने की बाध्यता की समाप्ति
मंत्रि-परिषद द्वारा मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना अन्तर्गत भारत सरकार व शासन के शासकीय, स्वशासी और अनुदान प्राप्त एवं उनके विश्वविद्यालयों के इंजीनियरिंग संस्थानों में प्रवेशित विद्यार्थियों को जेईई (JEE) मेन्स परीक्षा में रैंक प्राप्त करने की बाध्यता को समाप्त किया गया है।
चिकित्सकों के आकर्षक समयमान / चयन वेतनमान की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद ने प्रदेश में संचालित चिकित्सकीय संस्थाओं के शैक्षणिक एवं गैर शैक्षणिक चिकित्सा संवर्गों के चिकित्सकों को प्रोत्साहित करने के लिये वर्तमान में देय समयमान / चयन वेतनमान को और अधिक आकर्षक एवं लाभकारी बनाने की स्वीकृति दी है। स्वीकृति अनुसार शैक्षणिक संवर्ग में चिकित्सा शिक्षा के सहायक प्राध्यापक को नियुक्ति पर 7 हजार रूपये ग्रेड-पे, तीन वर्ष की सेवा अवधि पूर्ण होने पर 8 हजार रूपये, 7 वर्ष की सेवा अवधि पूर्ण होने पर 9 हजार रूपये और 14 वर्ष की सेवा अवधि पूर्ण होने पर 10 हजार रूपये ग्रेड-पे का लाभ दिया जायेगा। इसी तरह चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रदर्शक/ट्यूटर को नियुक्ति पर 6 हजार रूपये ग्रेड-पे, 5 वर्ष की सेवा अवधि पूर्ण होने पर 7 हजार रूपये , 10 वर्ष की सेवा अवधि पूर्ण होने पर 8 हजार रूपये, 15 वर्ष की सेवा अवधि पूर्ण होने पर 9 हजार रूपये और 30 वर्ष की सेवा अवधि पूर्ण होने पर 10 हजार रूपये ग्रेड-पे का लाभ दिया जायेगा।
लोक स्वास्थ्य तथा परिवार कल्याण विभाग तथा गृह विभाग अंतर्गत विशेषज्ञ संवर्ग अंतर्गत नियुक्ति पर 6 हजार 600 रूपये ग्रेड-पे, तीन वर्ष की सेवा अवधि पूर्ण होने पर 7 हजार 600 रूपये , 7 वर्ष की सेवा अवधि पूर्ण होने पर 8 हजार 700 रूपये और 14 वर्ष की सेवा अवधि पूर्ण होने पर 8 हजार 900 रूपये ग्रेड-पे का लाभ दिया जायेगा। साथ ही चिकित्सा शिक्षा विभाग/ लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग/ गृह / श्रम विभाग (ईएसआई) अंतर्गत मेडिकल ऑफिसर (समस्त संवर्ग)/ आकस्मिक चिकित्सा अधिकारी/ महिला चिकित्सा अधिकारी/ दंत चिकित्सक को नियुक्ति पर 5 हजार 400 रूपये ग्रेड-पे, 5 वर्ष की सेवा अवधि पूर्ण होने पर 6 हजार 600 रूपये, 10 वर्ष की सेवा अवधि पूर्ण होने पर 7 हजार 600 रूपये, 15 वर्ष की सेवा अवधि पूर्ण होने पर 8 हजार 700 रूपये ग्रेड-पे और 30 वर्ष की सेवा अवधि पूर्ण होने पर 8 हजार 900 रूपये ग्रेड-पे का लाभ दिया जायेगा।
सिविल अस्पताल कैलाश नाथ काटजू को 300 बिस्तरीय सिविल अस्पताल में उन्नयन की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद ने भोपाल के 100 बिस्तरीय सिविल अस्पताल कैलाश नाथ काटजू को 300 बिस्तरीय मातृ एवं शिशु विशेषज्ञता सिविल अस्पताल में उन्नयन करने के लिये कुल 195 पदों के सृजन और आवर्ती व्यय की स्वीकृति प्रदान की है। साथ ही कैलाश नाथ काटजू के 300 बिस्तरीय सिविल अस्पताल में चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टॉफ के अतिरिक्त नॉन कोर सेवायें जैसे साफ-सफाई एवं हाउस कीपिंग, भोजन व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था एवं सी.सी.टी.वी. सर्वेलेन्स, इलेक्ट्रिक संधारण तथा लिफ्ट ऑपरेशन, जल आपूर्ति, फायर सेफ्टी तथा प्लम्बबिंग, कीट एवं पशु नियंत्रण, पार्किंग व्यवस्था और धुलाई व्यवस्था को कराये जाने की स्वीकृति प्रदान की है।
केन-बेतवा लिंक परियोजना के प्रभावितों को विशेष पुनर्वास पैकेज की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद द्वारा केन-बेतवा लिंक परियोजना के अंतर्गत डूब प्रभावित 22 ग्रामों की भूमि को सहमति से क्रय करने और प्रभावित परिवारों की इच्छा एवं सुविधा से पुनर्वास करने के उद्देश्य से विशेष पुनर्वास पैकेज दिए जाने का निर्णय लिया गया है। डूब क्षेत्र में क्रय / अर्जित की जाने वाले भूमि के लिए प्रति हेक्टेयर कलेक्टर गाईड लाईन दर से निर्धारित मूल्य और राशि का 100 प्रतिशत सोलेशियम राशि अथवा प्रति हेक्टेयर 12 लाख 50 हजार रूपये की दर से एकमुश्त राशि, जो भी अधिक हो, देय होगी। इसके अतिरिक्त विस्थापित हो रहे प्रत्येक परिवार को कम से कम 12 लाख 50 हजार रूपये विशेष अनुदान के रूप में देय होगा।
अन्य निर्णय
मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास नीति 2021 में संशोधन कर तेल उत्पादक सॉल्वेंट, एक्सट्रैक्शन प्लांट एवं एक्सपेलर इकाईयों को नीति अंतर्गत सुविधाओं के लाभ के लिये पात्र किया गया है। इसके अतिरिक्त केन्द्र या राज्य सरकार द्वारा विनिर्माण के लिये प्रतिबंधित उत्पादकों को नीति अंतर्गत सुविधाओं के लाभ के लिये अपात्र किया गया है। साथ ही नीति में उल्लेखित राज्य स्तरीय साधिकार समिति के सदस्यों में परिवर्तन कर उसे पुर्नगठित किया गया है।
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भोजशाला विवाद: बसंत पंचमी पर पूजा के अधिकार को लेकर सुप्रीम कोर्ट में 22 जनवरी को सुनवाई

Bhojshala Dispute: मध्य प्रदेश के धार स्थित भोजशाला में बसंत पंचमी के दिन पूजा के अधिकार को लेकर एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होने जा रही है। हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस ने शीर्ष अदालत में याचिका दाखिल कर मांग की है कि 23 जनवरी को बसंत पंचमी के अवसर पर हिंदुओं को वाग्देवी (माता सरस्वती) की पूजा का पूरे दिन का अधिकार दिया जाए और उस दिन भोजशाला परिसर में नमाज की अनुमति न दी जाए।
इस याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में 22 जनवरी को सुनवाई तय की गई है। याचिका वरिष्ठ अधिवक्ता विष्णुशंकर जैन की ओर से दायर की गई है, जो इससे पहले अयोध्या राम जन्मभूमि और काशी ज्ञानवापी–श्रृंगारगौरी मामलों में भी याचिकाकर्ताओं की पैरवी कर चुके हैं।
याचिका में तर्क दिया गया है कि बसंत पंचमी वर्ष में केवल एक बार आती है और यह देवी सरस्वती की पूजा का विशेष पर्व है, जबकि जुमे की नमाज के लिए पूरे वर्ष लगभग 50 शुक्रवार उपलब्ध रहते हैं। याचिका में यह भी उल्लेख किया गया है कि धार शहर में करीब 25 मस्जिदें हैं, जबकि वाग्देवी की पूजा के लिए केवल एक ही ऐतिहासिक स्थल भोजशाला है। ऐसे में मुस्लिम समुदाय उस दिन अन्य मस्जिदों में नमाज अदा कर सकता है।
हिंदू संगठनों ने बसंत पंचमी पर भोजशाला में सूर्योदय से सूर्यास्त तक अखंड पूजन का आह्वान किया है। इसे देखते हुए धार जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस लगातार फ्लैग मार्च कर रही है और शहर में करीब 8 हजार अतिरिक्त पुलिस जवान तैनात किए गए हैं।
याचिका में आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (ASI) के 7 अप्रैल 2003 के आदेश की अस्पष्टता का भी हवाला दिया गया है। इस आदेश के अनुसार, हिंदुओं को हर मंगलवार और बसंत पंचमी पर पूजा की अनुमति है, जबकि मुसलमानों को शुक्रवार को दोपहर 1 से 3 बजे तक नमाज की अनुमति दी गई है। याचिकाकर्ता का कहना है कि यह आदेश उन परिस्थितियों को स्पष्ट नहीं करता, जब बसंत पंचमी शुक्रवार के दिन पड़ती है।
याचिका में 2013 और 2016 के उदाहरण भी पेश किए गए हैं, जब बसंत पंचमी शुक्रवार को पड़ी थी। याचिकाकर्ताओं के अनुसार, इन दोनों अवसरों पर एक साथ पूजा और नमाज़ होने से कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ी और सांप्रदायिक तनाव उत्पन्न हुआ था। इस वर्ष फिर से वही संयोग बन रहा है, जिससे विवाद की आशंका जताई गई है। इसी आधार पर राज्य सरकार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश देने की मांग की गई है।
इसके अलावा याचिका में यह भी कहा गया है कि भोजशाला का धार्मिक स्वरूप तय किए बिना वहां जुमे की नमाज़ की अनुमति देना प्राचीन स्मारक और पुरातात्विक स्थल एवं अवशेष अधिनियम की भावना के विपरीत है। हिंदू पक्ष का दावा है कि भोजशाला में सरस्वती पूजा की परंपरा ऐतिहासिक रूप से पुरानी रही है और जुमे की नमाज़ की अनुमति इस परंपरा के विशेषाधिकार का उल्लंघन करती है।
भोजशाला विवाद को करीब 700 साल पुराना बताया जाता है। हिंदू पक्ष का कहना है कि 11वीं शताब्दी में परमार राजा भोज ने धारा नगरी (वर्तमान धार) में वाग्देवी मंदिर का निर्माण कराया था, जिसे भोजशाला कहा जाता है। वहीं मुस्लिम पक्ष का दावा है कि यह स्थल कमाल मौला मस्जिद है, जिसका निर्माण 13वीं–14वीं शताब्दी में मालवा सल्तनत के दौरान हुआ था। दोनों पक्ष अपने-अपने ऐतिहासिक दावों के आधार पर लंबे समय से अधिकार की मांग करते आ रहे हैं।
धार स्थित भोजशाला में बसंत पंचमी के दिन पूजा के अधिकार को लेकर सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को फिर सुनवाई होने जा रही है। हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल कर मांग की है कि 23 जनवरी को बसंत पंचमी के अवसर पर हिंदुओं को वाग्देवी (माता सरस्वती) की पूजा का पूरे दिन का एकाधिकार दिया जाए और उस दिन भोजशाला में नमाज की अनुमति न दी जाए।
इस अर्जी पर सुप्रीम कोर्ट में 22 जनवरी को सुनवाई तय की गई है। यह अर्जी एडवोकेट विष्णुशंकर जैन की ओर से दाखिल की गई है, जो अयोध्या राम जन्मभूमि विवाद व काशी ज्ञानवापी-श्रृंगारगौरी केस में भी याचिकाकर्ताओं की ओर से पैरवी कर चुके हैं।
बता दें कि हिंदू संगठनों ने बसंत पंचमी पर भोजशाला में सूर्योदय से सूर्यास्त तक अखंड पूजन का आह्वान किया है। इसको लेकर धार जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है। पुलिस लगातार फ्लैग मार्च निकाल रही है। धार शहर में 8 हजार अतिरिक्त पुलिस जवान तैनात कर दिए गए हैं।
तर्क- नमाज के लिए साल में 50 शुक्रवार, 25 मस्जिदें, पूजा के लिए साल में 1 दिन, 1 स्थल
अर्जी में कहा गया है कि बसंत पंचमी वर्ष में एक बार आती है और यह देवी सरस्वती की पूजा का विशेष दिन है। जुमे की नमाज के लिए पूरे वर्ष में लगभग 50 शुक्रवार उपलब्ध रहते हैं। याचिका में यह भी उल्लेख किया गया है कि धार शहर में 25 मस्जिदें हैं, जबकि वाग्देवी की पूजा के लिए केवल एक ही ऐतिहासिक स्थल भोजशाला है। इसी आधार पर मांग की गई है कि बसंत पंचमी के दिन मुस्लिम समुदाय के सदस्य अन्य मस्जिदों में नमाज़ अदा कर सकते हैं।
याचिका में आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (एएसआई) के 7 अप्रैल 2003 के आदेश की अस्पष्टता का भी उल्लेख किया गया है। आदेश के अनुसार हिंदुओं को हर मंगलवार और बसंत पंचमी पर पूजा की अनुमति है, जबकि मुसलमानों को शुक्रवार को दोपहर 1 से 3 बजे तक नमाज़ की अनुमति दी गई है। याचिकाकर्ता का कहना है कि यह आदेश उन परिस्थितियों को स्पष्ट नहीं करता, जब बसंत पंचमी शुक्रवार के दिन पड़ती है।
अर्जी में 2013 और 2016 के उदाहरण भी दिए गए हैं। वर्ष 2013 में 15 फरवरी और 2016 में 12 फरवरी को बसंत पंचमी शुक्रवार के दिन पड़ी थी। याचिका के अनुसार, उन दोनों अवसरों पर एक साथ पूजा और नमाज़ होने से कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ गई थी और सांप्रदायिक तनाव पैदा हुआ था। इस वर्ष फिर से वही संयोग बन रहा है, जिससे विवाद की आशंका जताई गई है। इसी को देखते हुए राज्य सरकार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश देने की मांग भी की गई है।
याचिका में यह भी कहा गया है कि भोजशाला का धार्मिक स्वरूप तय किए बिना यहां जुमे की नमाज़ की अनुमति देना प्राचीन स्मारक और पुरातात्विक स्थल एवं अवशेष अधिनियम की भावना के खिलाफ है। हिंदू पक्ष का दावा है कि भोजशाला में सरस्वती पूजा की परंपरा ऐतिहासिक रूप से पुरानी रही है और जुमे की नमाज़ की अनुमति इस परंपरा के विशेषाधिकार का उल्लंघन करती है।
700 साल पुराना विवाद : भोजशाला विवाद करीब 700 साल पुराना है। हिंदू पक्ष का दावा है कि 11वीं शताब्दी में परमार राजा भोज ने धारा नगरी (अब धार) में वाग्देवी मंदिर का निर्माण कराया था, जिसे भोजशाला कहा जाता है। वहीं मुस्लिम पक्ष का कहना है कि यह स्थल कमाल मौला मस्जिद है, जिसका निर्माण 13वीं–14वीं शताब्दी में मालवा सल्तनत काल में हुआ। हिंदू पक्ष का यह भी दावा है कि मंदिर को तोड़कर उसके ऊपर मस्जिद का निर्माण किया गया था। दोनों पक्ष अपने-अपने ऐतिहासिक दावों के आधार पर अधिकार की मांग करते रहे हैं।
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MP Cabinet: मकर संक्रांति से पहले शिक्षकों को तोहफा, एमपी कैबिनेट में बड़ा फैसला

Bhopal: मध्यप्रदेश सरकार ने मकर संक्रांति से ठीक एक दिन पहले प्रदेश के शिक्षकों को बड़ी सौगात दी है। मंगलवार को हुई मोहन सरकार की कैबिनेट बैठक में प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में कार्यरत सहायक शिक्षक (LDT) और उच्च श्रेणी शिक्षक (UDT) को चौथा क्रमोन्नति वेतनमान देने का निर्णय लिया गया। सरकार के इस फैसले से प्रदेश के करीब 1.22 लाख शिक्षक लाभान्वित होंगे, जिन्होंने 35 वर्ष की सेवा पूरी कर ली है। लंबे समय से लंबित चौथे क्रमोन्नति वेतनमान की मांग को इस निर्णय के साथ पूरा कर दिया गया है।
सरकार के अनुसार, चौथा क्रमोन्नति वेतनमान लागू होने के बाद LDT शिक्षकों का औसत वेतन लगभग 1.15 लाख रुपये और UDT शिक्षकों का औसत वेतन 1.25 लाख रुपये से अधिक हो जाएगा।
1 जुलाई 2023 से लागू होगा नया वेतनमान
यह नया वेतनमान 1 जुलाई 2023 से प्रभावी माना जाएगा। जिन शिक्षकों की 35 साल की सेवा जुलाई 2023 से पहले पूरी हो चुकी है, उन्हें उसी तारीख से अब तक का पूरा एरियर मिलेगा। अनुमान है कि यह एरियर राशि 1.20 लाख से 1.80 लाख रुपये तक हो सकती है।
वहीं, जिन शिक्षकों की सेवा अवधि 2023 से 2026 के बीच 35 वर्ष पूरी करेगी, उन्हें सेवा पूर्ण होने की तिथि से एरियर का भुगतान किया जाएगा।
MP में लागू हुई स्पेस टेक नीति–2026
कैबिनेट बैठक में स्पेस टेक नीति–2026 को भी मंजूरी दे दी गई। इसके साथ ही मध्यप्रदेश, केरल और ओडिशा के बाद देश का तीसरा राज्य बन गया है जहां यह नीति लागू हुई है। इस नीति के जरिए उपग्रह निर्माण को बढ़ावा मिलेगा और कृषि, आपदा प्रबंधन व शहरी नियोजन में आधुनिक तकनीक के उपयोग को बढ़ाया जाएगा। सरकार का अनुमान है कि अगले पांच वर्षों में इससे ₹1000 करोड़ का निवेश और करीब 8 हजार रोजगार सृजित होंगे।
800 मेगावाट सोलर-स्टोरेज परियोजनाओं को मंजूरी
कैबिनेट ने सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 800 मेगावाट क्षमता की तीन सोलर-सह-स्टोरेज परियोजनाओं को हरी झंडी दी। इनमें—
300 मेगावाट (4 घंटे स्टोरेज)
300 मेगावाट (6 घंटे स्टोरेज)
200 मेगावाट (24 घंटे सोलर-सह-स्टोरेज)
शामिल हैं।
ई-कैबिनेट की शुरुआत, टैबलेट लेकर पहुंचे मंत्री
यह बैठक मोहन सरकार की पहली ई-कैबिनेट रही। मुख्यमंत्री सहित सभी मंत्री फाइलों की जगह टैबलेट लेकर बैठक में शामिल हुए। सरकार का उद्देश्य पेपरलेस सिस्टम को बढ़ावा देना, पारदर्शिता लाना और समय की बचत करना है।
‘संकल्प से समाधान’ अभियान 31 मार्च तक
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि ‘संकल्प से समाधान’ अभियान के तहत 16 विभागों की 91 योजनाओं के पात्र हितग्राहियों को घर-घर जाकर जोड़ा जाएगा। यह अभियान चार चरणों में संचालित होगा और 31 मार्च तक चलेगा।
अन्य अहम निर्णय
1.200 नए सांदीपनि विद्यालयों को मंजूरी, कुल लागत ₹2660 करोड़
2. वर्ष 2026 में आयोजित व्यापार मेलों के दौरान ऑटोमोबाइल पर 50% परिवहन टैक्स में छूट
3. SAF जवान के परिजनों को ₹90 लाख की अनुग्रह राशि देने का फैसला
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MP News: छतरपुर के नौगांव में मंदिर का निर्माणाधीन गेट गिरा, 1 की मौत, 3 मजदूर घायल

Chhatarpur: मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले के नौगांव में धौर्रा मंदिर का निर्माणाधीन गेट गिर गया। जिसके मलबे में दबकर एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि तीन घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसा शुक्रवार शाम निर्माण कार्य के दौरान हुआ। मृतक मजदूर छतरपुर के गंज के करारा गांव का रहने वाला है। बता दें कि धौर्रा हनुमान मंदिर मध्य प्रदेश-उत्तर प्रदेश केबॉर्डर पर स्थिति है। आसपास के इलाके के लोग दर्शन करने आते हैं।
घटना की जानकारी लगते ही छतरपुर सीएमएचओ आरके गुप्ता और सिविल सर्जन शरद चौरसिया जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने घायलों के इलाज की जानकारी ली और उनके इलाज के निर्देश दिए। कलेक्टर के आदेश पर मृतक के परिजन को तत्काल 20 हजार रुपए और घायलों के परिवार को 5000 रुपए की सहायता दी गई है।
निर्माण कार्य की जांच करेगी तकनीकी टीम
धौर्रा मंदिर के निर्माणाधीन गेट की निर्माण सामग्री की जांच के लिए एक तकनीकी टीम गठित जा रही है। नौगांव एसडीएम जीएस पटेल ने कहा- हादसा लेंटर की कमी या निर्माण सामग्री की खराब क्वालिटी के कारण हुआ, यह तकनीकी टीम की जांच के बाद स्पष्ट होगा। टीआई बाल्मिक चौबे ने बताया कि मंदिर के गेट का निर्माण चल रहा था। इसी दौरान हादसा हो गया। एक मजदूर की मौत हो गई है। 3 अस्पताल में भर्ती हैं। वहीं, नगर पालिका अध्यक्ष अनूप तिवारी बोले- नगर पालिका द्वारा कराए जा रहे कामों की समय-समय पर जांच की जाती है। हादसे की जांच के निर्देश दिए हैं। जो भी अधिकारी-कर्मचारी या ठेकेदार लापरवाही के लिए जिम्मेदार पाया जाएगा, उस पर कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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MP Weather: मध्यप्रदेश में कड़ाके की ठंड, शीतलहर ने बढ़ाई गलन, कई जिलों में स्कूलों के टाइम बदले

Bhopal: मध्यप्रदेश में कड़ाके की ठंड, घने कोहरे और शीत लहर का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। कई जिलों में शीतलहर के चलते जनजीवन प्रभावित हो रहा है। वहीं बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को देखते हुए राज्य के विभिन्न जिलों में स्कूलों की समय-सारिणी में बदलाव किया गया है। वहीं कुछ जगह अवकाश की घोषणा भी की गई है। राजधानी भोपाल में बढ़ती ठंड और कोहरे को देखते हुए नर्सरी से कक्षा आठवीं तक के सभी स्कूल अब सुबह 9:30 बजे के बाद ही संचालित होंगे। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में भी पड़ रही कड़ाके की ठंड
शीतलहर के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए ग्वालियर जिले में कक्षा 1 से 8वीं तक के विद्यार्थियों के लिए 5 और 6 जनवरी को अवकाश घोषित किया गया है। कलेक्टर रुचिका चौहान के निर्देश पर डीईओ ने यह आदेश जारी किया है। यह आदेश एमपी बोर्ड, सीबीएसई और आईसीएसई से संबद्ध सभी शासकीय एवं अशासकीय, मान्यता प्राप्त स्कूलों पर लागू होगा। श्योपुर जिले में भी स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है। जिले में नर्सरी से कक्षा आठवीं तक की कक्षाएं सुबह 9:30 बजे से पहले नहीं लगेंगी।
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MP News: विदिशा में छेड़छाड़ का विरोध करने पर युवक की हत्या, चाकुओं से गोदकर ली जान

Vidisha: मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। इंद्रप्रस्थ कॉलोनी में शनिवार, 3 जनवरी रात एक युवती के साथ छेड़छाड़ का विरोध करने पर 22 साल के शुभम चौबे की चाकू से गोदकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। पूरी घटना CCTV में कैद हो गई, जिसमें कुछ लोग युवक के साथ मारपीट करते नजर आ रहे हैं। वारदात के बाद इलाके में दहशत है। मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र की इंद्रप्रस्थ कॉलोनी का है।
पुलिस ने जानकारी दी है कि शुभम चौबे करैया खेड़ा रोड का रहने वाला था। उसने आरोपी चुन्नी और उसके साथियों को युवती से छेड़छाड़ करने से रोका था। शनिवार रात चुन्नी अपने साथियों संग बाइक से इंद्रप्रस्थ कॉलोनी पहुंचा। उसने शुभम को बाहर बुलाया और फिर इस घटना को अंजाम दिया। पहले बहस, फिर मारपीट और उसके बाद उन लोगों ने शुभम पर चाकू से ताबड़तोड़ वार किए।
आरोपियों के हमले में युवक शुभम लहूलुहान हो गया और सड़क पर तड़पता रहा। वारदात के बाद आरोपी उसे इसी हालत में छोड़ मौके से फरार हो गए। इसके बाद स्थानीय लोग उसे तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने शुभम को मृत घोषित कर दिया। घटना के सामने आए CCTV फुटेज में देखने मिल रहा है कि किस तरह बाइक पर सवार होकर कई लोग आए और उन्होंने शुभम संग मारपीट शुरू कर दी।
पुलिस फिलहाल घटना की जांच में जुटी है। आरोपियों की तलाश की जा रही है। विदिशा के ASP डॉ. प्रशांत ने कहा है कि हत्या चाकू से की गई है। सीसीटीवी फुटेज मिले हैं। घटनास्थल की बारीकी से जांच की जा रही है। सीसीटीवी के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उनकी तलाश की जा रही है।













