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MP News: ओरक्षा में मुख्यमंत्री ने किया श्री राम राजा लोक का भूमि-पूजन, 81 करोड़ की लागत से होगा निर्माण

MP News(Orcha): मुख्यमंत्रीशिवराज सिंह चौहान ने आज ओरछा में श्री रामराजा मंदिर परिसर में श्री रामराजा लोक का भूमि-पूजन किया और निर्माण कार्य की आधारशिला रखी। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि “उज्जैन बदल गया श्री महाकाल लोक से और अब ओरछा बदलेगा श्री राम राजा लोक से।” भगवान श्री राम की नगरी ओरछा में 81 करोड़ की लागत से श्री रामराजा मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र मिलाकर श्री राम राजा लोक का भव्य निर्माण होगा।
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12 एकड़ में विकसित होगा श्री रामराजा लोक
निवाड़ी जिले में विश्व धरोहर ओरछा का प्रमुख केन्द्र श्री रामराजा मंदिर है। यहां बड़ी संख्या में श्रृद्धालुओं तथा पर्यटकों का आगमन होता है। श्रृद्धालुओं एवं पर्यटकों की भावनाओं तथा सुविधाओं को दृष्टिगत रखते हुए ओरछा में श्री रामराजा मंदिर में श्री रामराजा लोक का विकास किया जाएगा। श्री रामराजा मंदिर परिसर लगभग 2.86 एकड़ में स्थित है। मंदिर के आसपास लगभग 12 एकड़ क्षेत्र में श्री रामराजा लोक विकसित किया जायेगा। श्री रामराजा लोक का प्रारंभ प्रवेश द्वार पर भव्य दरबार गलियारे से होगा।
श्री राम के बाल स्वरूप का होगा वर्णन
मंदिर परिसर में 41 करोड़ की लागत से श्री रामराजा लोक प्रवेश द्वार के साथ प्लाजा का विकास, प्रसादालय, कतार परिसर, श्री जानकी मंदिर परिसर का विकास, फूड प्लाजा, आसपास की दुकानों की पुर्नस्थापना, जनसमूह प्रबंधन, दुकानों का सौन्दर्यीकरण और श्रीराम के बाल स्वरूप श्री रामराजा के दरबार के वर्णन सहित गलियारे एवं प्रांगण का विकास होगा. जिसमें बाल काण्ड का वर्णन होगा। प्रांगण में रामायण से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण वस्तुओं का इस्तेमाल किया जाएगा। सुन्दर कमल नयन से प्रेरित कमल स्तम्भ और पुष्पक विमान देखने को मिलेंगे। इस लोक में स्थानीय वास्तुकला, मंदिर प्रांगण और ऐतिहासिक इमारतों का अनूठा स्वरूप बखूबी देखने को मिलेगा। श्री रामराजा लोक की वास्तुकला बुंदेलखंड की प्रामाणिकता और अखडण्ता का उदाहरण होगी।
स्मारकों का संरक्षण
श्रीराम के बाल स्वरूप एवं राजा राम के दरबार के वर्णन सहित गलियारे एवं प्रांगण का विकास 6 करोड़ 25 लाख की लागत से होगा और 20 करोड़ की लागत से श्रीराम राजा मंदिर पुरातत्व महत्व के भवनों का संरक्षण किया जायेगा। इसमें श्रीराम राजा मंदिर, श्री पाताल हनुमान मंदिर, श्रीजानकी माता के मंदिर परिसरों में जरूरी कार्य होंगे और 9 करोड़ की लागत से प्रकाश व्यवस्था और 4 करोड़ 75 लाख की लागत से जन-सुविधाओं का विकास कार्य होगा।
मंदिर के सामने विकसित होगा शॉपिंग प्लाजा
श्री राम राजा लोक में बाल काण्ड प्रांगण श्री राम की बाल लीलाओं के दर्शन होंगे। उत्तर काण्ड को चित्र प्रस्तुतियों से प्रदर्शित किया जायेगा। श्री राम भगवान के राजा के रूप में कथाओं के माध्यम से प्रदर्शित किया जायेगा। श्री रामराजा लोक में जनसमूह प्रबंधन तथा सार्वजनिक सुविधाओं के विकास के साथ स्थानीय श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के सामने के चौक को शॉपिंग प्लाजा की तरह विकसित करते हुए व्यवस्थित दुकानों का निर्माण किया जायेगा।
पर्यटकों को मिलेंगी सुविधाएं
ओरछा के महत्वपूर्ण स्मारकों के संरक्षण तथा आसपास पर्यटकों के लिए सुविधाओं के विकास के लिए 19 करोड़ 72 लाख रूपये स्वीकृत किये गये हैं। इसमें तुलसी घाट का विकास-बोट क्लब, चेंजिंग रूम, लॉकर, जन-सुविधाएं पर 1.05 करोड़, ’स्मारकों के समीप आंतरिक मार्ग एवं पाथवे तथा किले के चारों और पैदल पथ, जन-सुविधाएँ, साइनेज तथा घाट के समीप बोट क्लब 4.07 करोड़ की लागत से, किला काम्प्लेक्स के समीप सौन्दर्यीकरण’ पर 1.50 करोड़ की लागत से, स्मारकों के समीप लाइटिंग आदिपर 5 करोड़ 75 लाख, चतुर्भुज मंदिर के समीप इन्टरप्रेटेशन सेन्टर पर एक करोड़, कंचना घाट/छतरियों के समीप घाट उन्नयन, जन-सुविधाएँ, साइनेज फूड स्टाल तथा क्राफ्ट बाजार के विकास पर 1 करोड़ 40 लाख, लक्ष्मी मंदिर के समीप जन-सुविधाओं, साइनेज तथा इन्टरप्रटेशन सेन्टर का विकास पर एक करोड़ तथा अन्य कार्यों पर 3 करोड़ 95 लाख रुपए व्यय होंगे।
स्मारकों का होगा पुनर्निर्माण
स्वीकृत राशि से 70 एकड़ के क्षेत्रफल में फैले स्मारकों के संरक्षण, चतुर्भुज मंदिर, लक्ष्मी मंदिर, छतरियों, तुलसी घाट के आसपास स्मारकों का पुनर्निर्माण कर जन-सुविधाएं कर उपयोगी बनाना तथा आंतरिक पहुंच मार्ग, लाइटिंग, इन्टरप्रेटेशन सेंटर के कार्य एवं कंचना घाट के उन्नयन तथा आसपास पर्यटकों की सुविधा तथा स्थानीय जनों के रोजगार में वृद्धि के लिए फूड मार्केट, क्राफ्ट बाजार का विकास होगा। श्री रामराजा मंदिर के अतिरिक्त बुन्देला शासकों द्वारा स्थापित स्मारक के सरंक्षण के लिए राज्य पुरातत्व बजट से लगभग 7 करोड़ 50 लाख की स्वीकृति दी गई है।
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MP Cabinet: मकर संक्रांति से पहले शिक्षकों को तोहफा, एमपी कैबिनेट में बड़ा फैसला

Bhopal: मध्यप्रदेश सरकार ने मकर संक्रांति से ठीक एक दिन पहले प्रदेश के शिक्षकों को बड़ी सौगात दी है। मंगलवार को हुई मोहन सरकार की कैबिनेट बैठक में प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में कार्यरत सहायक शिक्षक (LDT) और उच्च श्रेणी शिक्षक (UDT) को चौथा क्रमोन्नति वेतनमान देने का निर्णय लिया गया। सरकार के इस फैसले से प्रदेश के करीब 1.22 लाख शिक्षक लाभान्वित होंगे, जिन्होंने 35 वर्ष की सेवा पूरी कर ली है। लंबे समय से लंबित चौथे क्रमोन्नति वेतनमान की मांग को इस निर्णय के साथ पूरा कर दिया गया है।
सरकार के अनुसार, चौथा क्रमोन्नति वेतनमान लागू होने के बाद LDT शिक्षकों का औसत वेतन लगभग 1.15 लाख रुपये और UDT शिक्षकों का औसत वेतन 1.25 लाख रुपये से अधिक हो जाएगा।
1 जुलाई 2023 से लागू होगा नया वेतनमान
यह नया वेतनमान 1 जुलाई 2023 से प्रभावी माना जाएगा। जिन शिक्षकों की 35 साल की सेवा जुलाई 2023 से पहले पूरी हो चुकी है, उन्हें उसी तारीख से अब तक का पूरा एरियर मिलेगा। अनुमान है कि यह एरियर राशि 1.20 लाख से 1.80 लाख रुपये तक हो सकती है।
वहीं, जिन शिक्षकों की सेवा अवधि 2023 से 2026 के बीच 35 वर्ष पूरी करेगी, उन्हें सेवा पूर्ण होने की तिथि से एरियर का भुगतान किया जाएगा।
MP में लागू हुई स्पेस टेक नीति–2026
कैबिनेट बैठक में स्पेस टेक नीति–2026 को भी मंजूरी दे दी गई। इसके साथ ही मध्यप्रदेश, केरल और ओडिशा के बाद देश का तीसरा राज्य बन गया है जहां यह नीति लागू हुई है। इस नीति के जरिए उपग्रह निर्माण को बढ़ावा मिलेगा और कृषि, आपदा प्रबंधन व शहरी नियोजन में आधुनिक तकनीक के उपयोग को बढ़ाया जाएगा। सरकार का अनुमान है कि अगले पांच वर्षों में इससे ₹1000 करोड़ का निवेश और करीब 8 हजार रोजगार सृजित होंगे।
800 मेगावाट सोलर-स्टोरेज परियोजनाओं को मंजूरी
कैबिनेट ने सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 800 मेगावाट क्षमता की तीन सोलर-सह-स्टोरेज परियोजनाओं को हरी झंडी दी। इनमें—
300 मेगावाट (4 घंटे स्टोरेज)
300 मेगावाट (6 घंटे स्टोरेज)
200 मेगावाट (24 घंटे सोलर-सह-स्टोरेज)
शामिल हैं।
ई-कैबिनेट की शुरुआत, टैबलेट लेकर पहुंचे मंत्री
यह बैठक मोहन सरकार की पहली ई-कैबिनेट रही। मुख्यमंत्री सहित सभी मंत्री फाइलों की जगह टैबलेट लेकर बैठक में शामिल हुए। सरकार का उद्देश्य पेपरलेस सिस्टम को बढ़ावा देना, पारदर्शिता लाना और समय की बचत करना है।
‘संकल्प से समाधान’ अभियान 31 मार्च तक
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि ‘संकल्प से समाधान’ अभियान के तहत 16 विभागों की 91 योजनाओं के पात्र हितग्राहियों को घर-घर जाकर जोड़ा जाएगा। यह अभियान चार चरणों में संचालित होगा और 31 मार्च तक चलेगा।
अन्य अहम निर्णय
1.200 नए सांदीपनि विद्यालयों को मंजूरी, कुल लागत ₹2660 करोड़
2. वर्ष 2026 में आयोजित व्यापार मेलों के दौरान ऑटोमोबाइल पर 50% परिवहन टैक्स में छूट
3. SAF जवान के परिजनों को ₹90 लाख की अनुग्रह राशि देने का फैसला
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MP News: छतरपुर के नौगांव में मंदिर का निर्माणाधीन गेट गिरा, 1 की मौत, 3 मजदूर घायल

Chhatarpur: मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले के नौगांव में धौर्रा मंदिर का निर्माणाधीन गेट गिर गया। जिसके मलबे में दबकर एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि तीन घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसा शुक्रवार शाम निर्माण कार्य के दौरान हुआ। मृतक मजदूर छतरपुर के गंज के करारा गांव का रहने वाला है। बता दें कि धौर्रा हनुमान मंदिर मध्य प्रदेश-उत्तर प्रदेश केबॉर्डर पर स्थिति है। आसपास के इलाके के लोग दर्शन करने आते हैं।
घटना की जानकारी लगते ही छतरपुर सीएमएचओ आरके गुप्ता और सिविल सर्जन शरद चौरसिया जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने घायलों के इलाज की जानकारी ली और उनके इलाज के निर्देश दिए। कलेक्टर के आदेश पर मृतक के परिजन को तत्काल 20 हजार रुपए और घायलों के परिवार को 5000 रुपए की सहायता दी गई है।
निर्माण कार्य की जांच करेगी तकनीकी टीम
धौर्रा मंदिर के निर्माणाधीन गेट की निर्माण सामग्री की जांच के लिए एक तकनीकी टीम गठित जा रही है। नौगांव एसडीएम जीएस पटेल ने कहा- हादसा लेंटर की कमी या निर्माण सामग्री की खराब क्वालिटी के कारण हुआ, यह तकनीकी टीम की जांच के बाद स्पष्ट होगा। टीआई बाल्मिक चौबे ने बताया कि मंदिर के गेट का निर्माण चल रहा था। इसी दौरान हादसा हो गया। एक मजदूर की मौत हो गई है। 3 अस्पताल में भर्ती हैं। वहीं, नगर पालिका अध्यक्ष अनूप तिवारी बोले- नगर पालिका द्वारा कराए जा रहे कामों की समय-समय पर जांच की जाती है। हादसे की जांच के निर्देश दिए हैं। जो भी अधिकारी-कर्मचारी या ठेकेदार लापरवाही के लिए जिम्मेदार पाया जाएगा, उस पर कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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MP Weather: मध्यप्रदेश में कड़ाके की ठंड, शीतलहर ने बढ़ाई गलन, कई जिलों में स्कूलों के टाइम बदले

Bhopal: मध्यप्रदेश में कड़ाके की ठंड, घने कोहरे और शीत लहर का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। कई जिलों में शीतलहर के चलते जनजीवन प्रभावित हो रहा है। वहीं बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को देखते हुए राज्य के विभिन्न जिलों में स्कूलों की समय-सारिणी में बदलाव किया गया है। वहीं कुछ जगह अवकाश की घोषणा भी की गई है। राजधानी भोपाल में बढ़ती ठंड और कोहरे को देखते हुए नर्सरी से कक्षा आठवीं तक के सभी स्कूल अब सुबह 9:30 बजे के बाद ही संचालित होंगे। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में भी पड़ रही कड़ाके की ठंड
शीतलहर के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए ग्वालियर जिले में कक्षा 1 से 8वीं तक के विद्यार्थियों के लिए 5 और 6 जनवरी को अवकाश घोषित किया गया है। कलेक्टर रुचिका चौहान के निर्देश पर डीईओ ने यह आदेश जारी किया है। यह आदेश एमपी बोर्ड, सीबीएसई और आईसीएसई से संबद्ध सभी शासकीय एवं अशासकीय, मान्यता प्राप्त स्कूलों पर लागू होगा। श्योपुर जिले में भी स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है। जिले में नर्सरी से कक्षा आठवीं तक की कक्षाएं सुबह 9:30 बजे से पहले नहीं लगेंगी।
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MP News: विदिशा में छेड़छाड़ का विरोध करने पर युवक की हत्या, चाकुओं से गोदकर ली जान

Vidisha: मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। इंद्रप्रस्थ कॉलोनी में शनिवार, 3 जनवरी रात एक युवती के साथ छेड़छाड़ का विरोध करने पर 22 साल के शुभम चौबे की चाकू से गोदकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। पूरी घटना CCTV में कैद हो गई, जिसमें कुछ लोग युवक के साथ मारपीट करते नजर आ रहे हैं। वारदात के बाद इलाके में दहशत है। मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र की इंद्रप्रस्थ कॉलोनी का है।
पुलिस ने जानकारी दी है कि शुभम चौबे करैया खेड़ा रोड का रहने वाला था। उसने आरोपी चुन्नी और उसके साथियों को युवती से छेड़छाड़ करने से रोका था। शनिवार रात चुन्नी अपने साथियों संग बाइक से इंद्रप्रस्थ कॉलोनी पहुंचा। उसने शुभम को बाहर बुलाया और फिर इस घटना को अंजाम दिया। पहले बहस, फिर मारपीट और उसके बाद उन लोगों ने शुभम पर चाकू से ताबड़तोड़ वार किए।
आरोपियों के हमले में युवक शुभम लहूलुहान हो गया और सड़क पर तड़पता रहा। वारदात के बाद आरोपी उसे इसी हालत में छोड़ मौके से फरार हो गए। इसके बाद स्थानीय लोग उसे तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने शुभम को मृत घोषित कर दिया। घटना के सामने आए CCTV फुटेज में देखने मिल रहा है कि किस तरह बाइक पर सवार होकर कई लोग आए और उन्होंने शुभम संग मारपीट शुरू कर दी।
पुलिस फिलहाल घटना की जांच में जुटी है। आरोपियों की तलाश की जा रही है। विदिशा के ASP डॉ. प्रशांत ने कहा है कि हत्या चाकू से की गई है। सीसीटीवी फुटेज मिले हैं। घटनास्थल की बारीकी से जांच की जा रही है। सीसीटीवी के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उनकी तलाश की जा रही है।
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MP News: पाइपलाइन में लीकेज से दूषित हुआ पानी बना 14 मौतों की वजह, रिपोर्ट में हुई पुष्टि

Indore: इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से होने वाली मौतों का सिलसिला नहीं रुक रहा है। गुरुवार को बस्ती के दो परिवारों ने दावा किया कि उनके परिजनों की मौत भी उल्टी-दस्त के कारण हुई। लैब से आई सरकारी जांच रिपोर्ट में भी दूषित पानी से मौतों और बीमारियों पर सरकारी रिपोर्ट की मुहर भी लग गई है। हालांकि प्रशासन डायरिया से चार मौतें ही मान रहा है। जबकि 25 दिसंबर से 31 दिसंबर तक 12 मौतें हो चुकी हैं।
राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (NHRC) ने दूषित पानी से मौतों की मीडिया रिपोर्ट पर स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग के अनुसार, अगर मीडिया रिपोर्ट में कही गई बातें सही हैं तो इससे यह पीड़ितों के मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन का मुद्दा उठता है। शिकायतों के बावजूद कथित रूप से अधिकारियों ने दूषित पानी की आपूर्ति के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। बता दें कि देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से अब तक 14 लोगों की मौत की जानकारी मिली है। वहीं, करीब 1400 लोग इन्फेक्शन के शिकार हुए हैं।
CMHO डॉ. माधव हसानी ने कहा- महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज की लैब में जांचे गए पानी के नमूनों की रिपोर्ट आज स्वास्थ्य विभाग को मिल गई है। इसमें साफ तौर पर पुष्टि हुई है कि दूषित पानी पीने से ही लोग बीमार पड़े और उनकी जान गई। हसानी ने कहा- पाइपलाइन में लीकेज के कारण पानी दूषित हुआ है। यह किस जगह और किस लेवल का है, इसके बारे में संबंधित अधिकारी ही बता पाएंगे।













