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MP News: अमित शाह ने जारी किया एमपी का रिपोर्ट कार्ड, बोले- बीमारू राज्य बना बेमिसाल राज्य

MP News: केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज भोपाल के कुशाभाऊ कन्वेंशन सेंटर में मध्यप्रदेश सरकार का रिपोर्ट कार्ड (2003-2023) जारी किया। गरीब कल्याण महाअभियान में रिपोर्ट कार्ड(2003-2023) जारी कर अपने संबोधन में शाह ने कहा कि मध्य प्रदेश प्रगति के सभी क्षेत्रों में आगे है। भोपाल से लेकर हर चौपाल तक विकास हुआ है। मध्यप्रदेश में हॉलिस्टिक एप्रोच से कार्य हुआ है। मध्यप्रदेश को देश के विकसित राज्यों में पहुंचाने का प्रयास किया गया।
बीमारू राज्य बना बेमिसाल राज्य
गृह मंत्री शाह ने कहा कि मध्यप्रदेश कभी बीमारू कहा जाता था, आज बेमिसाल विकास का राज्य कहा जाता है। जो कभी बंटाढार माना जाता था, आज वह हर क्षेत्र में बुलंदियों पर खड़ा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1980 में आर्थिक क्षेत्र के विशेषज्ञ आशीष बोस ने तत्कालीन प्रधानमंत्री को एक प्रतिवेदन दिया था। जिसमें अविभाजित मध्यप्रदेश सहित, उत्तरप्रदेश, बिहार और राजस्थान को बीमारु राज्य कहा गया था। तब इन राज्यों को देश की ग्रोथ में बाधा मानते हुए कहा गया था कि इन राज्यों में सुधार आसान नहीं है। लेकिन मध्यप्रदेश ने इस टैग को खत्म किया।
मुख्यमंत्री शिवराज की थपथपाई पीठ
शाह ने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में मध्यप्रदेश को बीमारु राज्य से मुक्ति मिली है। प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने में सफलता मिली है। चाहे कृषि का क्षेत्र हो, युवाओं को स्वभाषा में मेडिकल और इंजीनियरिंग की पढ़ाई की सुविधा देने का प्रश्न हो, महिलाओं का कल्याण हो, सड़क, पानी, बिजली का क्षेत्र हो, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र हो, गरीबों को योजनाओं का लाभ दिलवाने का कार्य हो, सभी में मध्यप्रदेश ने बीस वर्ष में उल्लेखनीय कार्य किया है। बिजली, पानी, सड़क, स्वास्थ्य और सुशासन के साथ मजबूत कानून व्यवस्था से प्रदेश में आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिला है।
एमपी शुरू होते ही खुल जाती थी नींद- गृह मंत्री शाह
अमित शाह ने मध्यप्रदेश में खस्ताहाल सड़कों के दौर को याद करते हुए कहा कि पहले मध्यप्रदेश में जो सड़क निर्मित हुई थीं, तो सड़क में गड्ढा था या गड्ढे में सड़क थी मालूम नहीं पड़ता था। मैं कई बार दाहोद के रास्ते से महाकाल के दर्शन करने आया था। गहरी नींद में दाहोद तक सोते थे, जैसे ही एमपी शुरू होता था, गाड़ी गड्ढे में गिरते ही नींद खुल जाती थी। ऐसी 60,000 किलोमीटर सड़कें यहां थीं, अब 5,10,000 किलोमीटर सड़कें ग्रामीण सड़कों को मिलाकर बना दी गई हैं। राष्ट्रीय राज्य मार्ग 4800 किलोमीटर से बढ़कर 13000 किलोमीटर हुआ है।
मध्यप्रदेश को देश का सबसे अग्रणी राज्य बनाएंगे
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शिवराज ने अपने संबोधन में कहा कि मैं मध्यप्रदेश की 9 करोड़ जनता को भरोसा दिलाने आया हूं कि आने वाले अमृत काल के समय में मध्यप्रदेश को देश के सबसे विकसित राज्यों की श्रेणी में रखने के लिए और संपूर्ण आत्मनिर्भर राज्य बनाने की दिशा में हम काम करेंगे। वर्ष 2003 में 23 हज़ार करोड़ से बढ़कर आज मध्यप्रदेश का बजट 3 लाख 14 हज़ार करोड़ रुपए हो गया है। देश की 5 ट्रिलियन डॉलर अर्थ-व्यवस्था के संकल्प में मध्यप्रदेश 550 बिलियन डॉलर का योगदान देने के लिए तेजी से कार्य कर रहा है। हम मिलकर मध्यप्रदेश को देश का सबसे अग्रणी राज्य बनाएंगे।
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री शाह ने गिनाईं मध्यप्रदेश की उपलब्धियां
1.देश में यदि गत दस वर्ष में 10 प्रतिशत आबादी गरीबी के चक्र से बाहर निकली है, तो उसमें मध्यप्रदेश का सर्वाधिक योगदान है।
2.शाह ने कहा कि मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हर क्षेत्र में ढेर सारे परिवर्तन किए हैं। जहां तक प्रदेश के बजट के आकार की बात हो, यह वर्ष 2002 में 23 हजार 100 करोड़ था। अब यह 3 लाख 14 हजार करोड़ से अधिक है।
3.मध्यप्रदेश में शिक्षा का बजट 2556 करोड़ से बढ़कर 38 हजार करोड़ हुआ है। कोई भी समाज शिक्षा के विकास के बिना खड़ा नहीं हो सकता।
4.मध्यप्रदेश में पूर्व सरकार के समय स्वास्थ्य का बजट सिर्फ 580 करोड़ रुपए था, जो अब 16 हजार करोड़ है। इसमें आयुष्मान भारत योजना शामिल नहीं है।
5.सर्व शिक्षा अभियान में सिर्फ 844 रुपए की राशि खर्च होती थी, अब लगभग 7 हजार करोड़ रुपए खर्च हो रहे हैं।
6.अनुसूचित जाति जनजाति और पिछड़ा वर्ग कल्याण पर में भी बजट में वृद्धि हुई है। पहले जहां 1056 करोड़ रुपए की राशि खर्च होती थी, अब 64 हजार 390 करोड़ रुपए खर्च हो रहे हैं।
7.मध्यप्रदेश में प्रति व्यक्ति आय पहले 11 हजार 700 रुपए थी, जो अब बढ़कर एक लाख 40 हजार रुपए हो गई है।
8. एमएसएमई सेक्टर में साल भर में 4 हजार 299 उद्योगों के पंजीयन होते थे। अब इनकी संख्या 3 लाख 61 हजार है।
9.सड़क निर्माण में महत्वपूर्ण कार्य हुआ है। पहले सिर्फ 60हजार किलोमीटर सड़कें थीं। अब मध्यप्रदेश में 5 लाख 10 हजार किलोमीटर लम्बाई से अधिक की सड़कें हैं जो आठ गुना से भी ज्यादा हैं। एनएच सड़कों की लंबाई 4800 से बढ़कर 13 हजार किलोमीटर हो गई।
11.कृषि क्षेत्र में कृषि विकास दर साढ़े छह गुना बढ़ गई है। गेंहूं खरीदी 4 लाख 38 हजार मीट्रिक टन से 70 लाख 96 हजार मीट्रिक टन हो गई है। धान खरीदी 0.95 हजार मीट्रिक टन से बढ़कर 46 लाख 30 हजार मीट्रिक टन हो गई है। प्रदेश में 90 लाख से अधिक किसानों को 19 हजार करोड़ रुपए से अधिक लाभ दिए गए हैं।
12.मध्यप्रदेश में नि:शुल्क राशन वितरण का लाभ सिर्फ 52 लाख परिवारों को मिलता था, जो अब करीब सवा करोड़ लोगों को मिल रहा है।
13.मेडिकल सीटें 620 थीं जो अब 4 हजार से ज्यादा हैं।
14.प्रदेश में मेडिकल कॉलेज की संख्या 4 से बढ़कर 24 तक हो गई है।
15.एकलव्य आवासी आदर्श विद्यालय बिलकुल नहीं थे, इनकी संख्या अब 63 है।
16.आईटीआई की संख्या 159 से बढ़कर 1514 हो गई है।
17.पर्यटन क्षेत्र में सड़कों के बनने से पर्यटक संख्या बढ़ी है। एक समय सिर्फ 64 लाख पर्यटक प्रतिवर्ष आते थे, इनकी संख्या बढ़कर 9 करोड़ हो गई है।
18.प्रदेश में तीन शहरों रीवा, ग्वालियर और जबलपुर में एयर पोर्ट विकास और टर्मिनल निर्माण के कार्य हो रहे हैं। इंदौर को दिल्ली- मुम्बई कॉरीडोर में शामिल किया गया।
19.प्रदेश की ऊर्जा क्षमता 29 हजार मेगावाट से भी अधिक है।
20.सिंचाई साधनों के विस्तार से 47 लाख हेक्टर से अधिक क्षेत्र सिंचित हो रहा है।
21.प्रदेश में 46 लाख से अधिक बालिकाओं को लाड़ली लक्ष्मी योजना और 53 लाख से अधिक बहनों को स्वसहायता समूहों से जोड़कर लाभान्वित किया गया है।
22.इंदौर और भोपाल में मेट्रो रेल परियोजनाएं क्रियान्वित हो रही हैं।
23. प्रदेश में जनजातीय समाज के हित में पेसा कानून लागू करने और जनजातीय संस्कृति दिखाने वाले संग्रहालय की स्थापना की जा रही है।
24.मध्यप्रदेश औद्योगिक निवेश के लिए फेवरेट डेस्टिनेशन बना है।
25.खंडवा जिले में ओंकारेश्वर में 2400 करोड़ रुपए लागत से विद्युत उत्पादन इकाई प्रारंभ की जा रही है।
26. प्रदेश में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण की पहल हुई है।
27. प्रदेश की आर्थिक विकास दर 16 प्रतिशत से अधिक है।
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MP News: चित्रकूट में मंदाकिनी का जलस्तर खतरनाक स्तर पर, बाढ़ में रामघाट का पुल बहा, बांध टूटने से कई इलाके जलमग्न; सतना में ट्रेनों पर असर

सतना/चित्रकूट: मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश की सीमा से लगे इलाकों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से हालात बिगड़ गए हैं। चित्रकूट में गोरगी बांध टूटने की सूचना के बाद मंदाकिनी नदी उफान पर आ गई। नदी का जलस्तर करीब 30 फीट तक बढ़ने से रामघाट समेत आसपास के निचले इलाकों में पानी भर गया। रामघाट का करीब 300 मीटर लंबा पुल तेज बहाव की चपेट में आकर बहने की सूचना है।
सतना में भी बारिश और जलभराव से जनजीवन प्रभावित हुआ है। कई जगह रेलवे ट्रैक पर पानी भरने से रेल यातायात बाधित हुआ है। प्रशासन और राहत-बचाव दल प्रभावित इलाकों में सक्रिय हैं।
मंदाकिनी का रौद्र रूप, रामघाट में घुसा पानी
गोरगी बांध टूटने और लगातार बारिश के बाद मंदाकिनी का जलस्तर तेजी से बढ़ा। रामघाट और आसपास के इलाके पानी में डूब गए। कई जगह सड़क पर भी पानी भर गया, जिसके कारण आवाजाही मुश्किल हो गई। कुछ इलाकों में लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए नावों का सहारा लेना पड़ा। रामघाट का करीब 300 मीटर लंबा पुल तेज बहाव में बहने की सूचना है। इससे दोनों ओर आवागमन प्रभावित हुआ है।
भरत घाट में दो मंजिला मकान डूबा
बाढ़ का पानी भरत घाट क्षेत्र तक पहुंच गया। यहां एक दो मंजिला मकान पानी में डूबने की स्थिति में पहुंच गया। घर में फंसे परिवार को नाव की मदद से सुरक्षित निकालने की कोशिश की गई। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की जा रही है।
सतना में रेलवे ट्रैक पर पानी
चित्रकूट के साथ सतना जिले में भी बारिश ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कई निचले इलाकों में पानी भर गया है। कुछ स्थानों पर रेलवे ट्रैक पर भी पानी आने से रेल परिचालन प्रभावित हुआ। शरभंग नदी के उफान के कारण मुंबई-हावड़ा रेल मार्ग पर भी असर पड़ा और कई ट्रेनों के संचालन में बदलाव/रोक की स्थिति बनी।
थानों और सरकारी परिसरों में भी जलभराव
सतना के कई इलाकों में पानी पुलिस थानों और सरकारी परिसरों तक पहुंच गया है। लगातार बारिश से नदी-नालों का जलस्तर बढ़ रहा है। प्रशासन ने लोगों को उफनते नदी-नालों और पुल-पुलियों को पार नहीं करने की सलाह दी है।
चारों तरफ पानी, प्रशासन अलर्ट
चित्रकूट और सतना के प्रभावित इलाकों में प्रशासन की टीमें लगातार हालात पर नजर रख रही हैं। नदी किनारे और निचले क्षेत्रों के लोगों को सावधानी बरतने को कहा गया है। राहत और बचाव दलों को भी अलर्ट रखा गया है।
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MP News: उज्जैन में हॉर्न बजाने पर ट्रैक्टर एजेंसी मालिक की हत्या, 8-9 बदमाशों ने घेरकर चाकू से किए कई वार, 2 दोस्त भी घायल

उज्जैन: मध्यप्रदेश के उज्जैन के दमदमा में गुरुवार रात मामूली विवाद खूनी वारदात में बदल गया। रास्ते में वाहन खड़ा होने पर हॉर्न बजाने से नाराज 8-9 युवकों ने ट्रैक्टर एजेंसी संचालक यश मित्तल (27) और उसके दो दोस्तों पर चाकू से हमला कर दिया। हमले में यश की मौत हो गई, जबकि उसके दोस्त अभय व्यास और मंगल घायल हैं। पुलिस ने चार संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
दमदमा मोड़ पर रास्ता नहीं मिला तो बजाया हॉर्न
मृतक यश मित्तल ऋषि नगर एक्सटेंशन का रहने वाला था। वह मूल रूप से तराना का निवासी था और माता-पिता के साथ उज्जैन में रहता था। यश चिमनगंज मंडी में ट्रैक्टर का शोरूम संचालित करता था। परिजन के मुताबिक, गुरुवार रात यश अपने दोस्तों अभय व्यास और मंगल के साथ कार से जा रहा था। दमदमा मोड़ के पास कुछ युवक अपने वाहन सड़क पर खड़े करके बैठे थे। रास्ता नहीं मिलने पर यश और उसके दोस्तों ने हॉर्न बजाया। इसी बात को लेकर युवकों से कहासुनी हो गई।
कार से उतारकर तीनों पर चाकू से हमला
कहासुनी के बाद विवाद बढ़ गया। आरोप है कि युवकों ने यश और उसके दोनों दोस्तों पर चाकुओं से हमला कर दिया। हमलावरों ने यश को घेर लिया और उसके पेट, पैर व सीने समेत शरीर के अन्य हिस्सों पर चाकू से कई वार किए। अभय और मंगल भी हमले में घायल हुए। दोनों किसी तरह वहां से निकलकर पुलिस के पास पहुंचे और घटना की जानकारी दी।
पुलिस पहुंची तो आरोपी फरार, 3 घंटे बाद मिली लाश
दोनों घायल दोस्तों की सूचना पर पुलिस दमदमा पहुंची, लेकिन तब तक आरोपी मौके से भाग चुके थे। पुलिस ने यश की तलाश शुरू की। करीब तीन घंटे बाद सुबह 5 बजे उसका शव घटनास्थल से करीब 50 मीटर दूर जिला पंचायत कार्यालय के सामने मिला।
टीआई गजेंद्र पचौरिया के मुताबिक, हमलावर यश को घटनास्थल से कुछ दूरी तक ले गए थे। वहीं उसका शव मिला। यश के पैर और सीने में चाकू के वार के निशान मिले हैं। उसके दोनों दोस्तों की पीठ पर भी चाकू से हमला किया गया था। दोनों की हालत खतरे से बाहर बताई गई है।
4 संदिग्ध हिरासत में, कई नाम सामने आए
घटना के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। प्रारंभिक जांच में आयुष शर्मा, विजय सिंह ठाकुर, विशाल ठाकुर, आकाश, करण, सागर और शेंटू समेत अन्य युवकों के नाम सामने आए हैं। पुलिस ने चार संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगा रही है कि वारदात में कौन-कौन शामिल था और हत्या के पीछे विवाद के अलावा कोई अन्य वजह तो नहीं थी।
पोस्टमॉर्टम के बाद परिजन को सौंपा शव
यश के शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया, जिसके बाद शव परिजन को सौंप दिया गया। पुलिस घटना में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।
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MP News: मध्यप्रदेश में UCC लागू होने की प्रक्रिया आगे बढ़ी, राज्यपाल ने दी मंजूरी, अब राष्ट्रपति की स्वीकृति का इंतजार

भोपाल: मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता यानी UCC लागू करने की प्रक्रिया एक कदम और आगे बढ़ गई है। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने विधानसभा से पारित मध्यप्रदेश समान नागरिक संहिता विधेयक-2026 को मंजूरी दे दी है। अब विधि एवं विधायी विभाग इसे राष्ट्रपति की स्वीकृति के लिए केंद्र सरकार के माध्यम से भेजेगा।
विधानसभा ने यह विधेयक 21 जुलाई 2026 को पारित किया था। राज्यपाल की मंजूरी के बाद अब इसकी अगली संवैधानिक प्रक्रिया शुरू होगी। विधेयक के कई प्रावधान केंद्रीय कानूनों से जुड़े होने के कारण राष्ट्रपति की मंजूरी जरूरी है।
राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद लागू होगा कानून
राज्यपाल की मंजूरी मिलने के बाद विधेयक को राष्ट्रपति के विचार के लिए भेजा जाएगा। राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलने के बाद ही इसे राज्य में कानून के रूप में लागू किया जा सकेगा। इसके बाद विधि एवं विधायी विभाग राजपत्र में अधिसूचना जारी करेगा। इसलिए फिलहाल मध्य प्रदेश में UCC लागू नहीं हुआ है, बल्कि इसे लागू करने की संवैधानिक प्रक्रिया आगे बढ़ी है।
बहुविवाह और निकाह हलाला पर रोक का प्रावधान
प्रस्तावित UCC में विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और लिव-इन संबंधों को लेकर समान कानूनी व्यवस्था का प्रावधान है।विधेयक के मुताबिक प्रदेश में एक से अधिक विवाह की अनुमति नहीं होगी। निकाह हलाला पर भी रोक का प्रावधान है। तलाक के लिए निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन करना होगा।
लिव-इन रिलेशनशिप का कराना होगा पंजीयन
UCC में लिव-इन संबंधों को भी कानूनी व्यवस्था के दायरे में लाने का प्रावधान है। ऐसे संबंधों का पंजीयन कराना अनिवार्य होगा। विधेयक में लिव-इन संबंध से जन्म लेने वाली संतान के अधिकारों का भी प्रावधान किया गया है। उत्तराधिकार और संपत्ति से जुड़े अधिकारों को लेकर भी व्यवस्था प्रस्तावित है।
आदिवासी समुदाय को रखा गया है दायरे से बाहर
विधेयक की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि अनुसूचित जनजाति समुदाय को इसके दायरे से बाहर रखा गया है, ताकि उनकी परंपराओं और प्रथाओं की सुरक्षा बनी रहे।
9.5 लाख लोगों के सुझावों का रिकॉर्ड सुरक्षित
राज्य सरकार ने UCC तैयार करने की प्रक्रिया में मिले सुझावों से जुड़े करीब 9.5 लाख लोगों के रिकॉर्ड सुरक्षित रखे हैं। सरकार ने इसे विधेयक तैयार करने की प्रक्रिया में मिले व्यापक जन सुझावों का हिस्सा बताया है।
उत्तराखंड के बाद MP की ओर बढ़ा कदम
उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जहां UCC लागू हो चुका है। गुजरात ने भी UCC विधेयक पारित कर केंद्र की मंजूरी के लिए भेजा है। मध्य प्रदेश अब राज्यपाल की मंजूरी के बाद राष्ट्रपति की स्वीकृति की प्रक्रिया में पहुंच गया है।
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MP Cabinet: सिवनी-बालाघाट फोरलेन को हरी झंडी; युवाओं के रोजगार पर भी फोकस

भोपाल: मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मध्यप्रदेश कैबिनेट की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। सरकार ने अलग-अलग विकास कार्यों और योजनाओं के लिए कुल 10,620 करोड़ रुपए की स्वीकृतियां दी हैं। बैठक में बारिश से बने हालात, किसानों को राहत और खाद की उपलब्धता को लेकर भी चर्चा हुई।
कैबिनेट ने सिवनी-बालाघाट के 91.64 किलोमीटर लंबे मार्ग को फोरलेन करने की मंजूरी दी है। इस परियोजना पर करीब 3,458 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसके अलावा युवाओं को शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण, रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए भी नई कार्ययोजना तैयार करने का फैसला लिया गया है।
जन्माष्टमी और रक्षाबंधन के चलते जन विश्वास अभियान के कार्यक्रमों की तारीखों में भी बदलाव किया गया है। अब 28 अगस्त का कार्यक्रम 29 अगस्त और 4 सितंबर का कार्यक्रम 5 सितंबर को होगा।
10,620 करोड़ की स्वीकृतियां, पशुपालन और दिव्यांग कल्याण पर भी जोर
कैबिनेट ने विभिन्न विभागों और योजनाओं के लिए कुल 10,620 करोड़ रुपए की स्वीकृतियां दी हैं। इसमें पशुपालन और डेयरी विभाग की योजनाओं के लिए 2,073 करोड़ रुपए, दिव्यांग कल्याण की 19 योजनाओं को जारी रखने के लिए 1,740 करोड़ रुपए, सिक्योरिटी एंड स्टेट रेस्पॉन्स ऑपरेशन्स सेंटर के लिए 80 करोड़ रुपए, सेंटर के लिए 25 नए पदों को मंजूरी, धन्वंतरि विश्वविद्यालय में आवश्यक पदों के सृजन की मंजूरी शामिल है।
सिवनी-बालाघाट फोरलेन को मंजूरी
कैबिनेट ने सिवनी-बालाघाट के बीच 91.64 किमी सड़क को फोरलेन करने की मंजूरी दी है। परियोजना की अनुमानित लागत करीब 3,458 करोड़ रुपए है। यह सड़क हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल पर बनाई जाएगी। इसके बनने के बाद दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय करीब दो घंटे से घटकर लगभग एक घंटे होने की उम्मीद है। इसके अलावा हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल पर 12 नई सड़कों के निर्माण की भी योजना है। इनके लिए नाबार्ड से करीब 4,600 करोड़ रुपए का ऋण लेने का प्रस्ताव है।
पढ़ाई और नौकरी से दूर युवाओं की होगी पहचान
कैबिनेट बैठक में ऐसे युवाओं पर विशेष ध्यान देने का फैसला लिया गया, जो न तो पढ़ाई कर रहे हैं, न रोजगार में हैं और न ही किसी प्रशिक्षण से जुड़े हैं। सरकार ऐसे युवाओं की पहचान कर उन्हें शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण, रोजगार या स्वरोजगार से जोड़ने की योजना बनाएगी। इसके लिए उच्च शिक्षा, स्कूल शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास और युवा कल्याण विभागों का एक वर्किंग ग्रुप बनाया जाएगा। नीति आयोग की रिपोर्ट के आधार पर युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास की रणनीति तैयार की जाएगी।
बारिश और खाद की उपलब्धता की भी समीक्षा
कैबिनेट बैठक में प्रदेश में बारिश की मौजूदा स्थिति की समीक्षा की गई। किसानों को राहत देने और खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को लेकर भी अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
विजय शाह के बयान से जुड़ा प्रस्ताव नहीं हो सका पेश
जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह के कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर दिए गए विवादित बयान के मामले में मंत्री के खिलाफ अभियोजन की अनुमति से संबंधित प्रस्ताव कैबिनेट में पेश नहीं हो सका।
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MP News: पचमढ़ी में 17 साल की छात्रा से गैंगरेप, जिप्सी चालक समेत 3 हिरासत में

पचमढ़ी: मध्य प्रदेश के पचमढ़ी में 17 साल की नाबालिग छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पुलिस ने मामले में एक स्थानीय जिप्सी चालक समेत तीन आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। आरोप है कि आरोपियों ने छात्रा के दोस्त को बंधक बनाकर उसे डराया-धमकाया और वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने हरिओम, पवन बंसल और अभिषेक वंशकार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।
घूमने के बहाने जंगल में ले गए
पुलिस के मुताबिक, पीड़िता पचमढ़ी में पढ़ाई करती है। 19 अगस्त की दोपहर करीब 2 बजे उसका स्कूल फ्रेंड उससे मिलने पचमढ़ी आया था। बस स्टैंड पर दोनों की मुलाकात जिप्सी चालक हरिओम से हुई। उस समय उसके साथ पवन बंसल और अभिषेक वंशकार भी मौजूद थे। इसके बाद सभी जिप्सी से घूमने के लिए निकले।
आरोप है कि तीनों युवक छात्रा और उसके दोस्त को दक्षिण स्काउट गाइड के पास जंगल की ओर ले गए। वहां दोनों को डराया-धमकाया गया। विरोध करने पर छात्रा के दोस्त को बंधक बना लिया गया और इसके बाद छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया।
वारदात के बाद आरोपी दोनों को बस स्टैंड पर छोड़कर चले गए। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने घटना के बारे में किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी भी दी।
स्कूल जाना बंद करने पर हुआ मामले का खुलासा
घटना के बाद पीड़िता डर के कारण घर लौट आई और स्कूल जाना बंद कर दिया। बड़ी बहन ने जब स्कूल नहीं जाने की वजह पूछी तो उसने पूरी घटना बताई। इसके बाद रविवार रात पीड़िता परिजनों के साथ पचमढ़ी थाने पहुंची और शिकायत दर्ज कराई।
तीनों आरोपियों पर पॉक्सो एक्ट में केस
मामले की जानकारी मिलने के बाद पिपरिया से महिला सब-इंस्पेक्टर मोनिका सिंह पचमढ़ी पहुंचीं और पीड़िता के बयान दर्ज किए। पुलिस ने हरिओम, पवन बंसल और अभिषेक वंशकार के खिलाफ BNS की धारा 70(2), 115(2), 351(3), 3(5) और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपियों से जुड़ी अन्य जानकारी भी जुटाई जा रही है।

















