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CG News: मुख्यमंत्री के मेहमान बने बस्तर संभाग के ग्रामीण, भेंट-मुलाकात में बने थे CM के मेजबान

CG News: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेशव्यापी भेंट-मुलाकात कार्यक्रम में प्रदेश की विधानसभाओं में पहुंचकर वहां लोगों से प्रत्यक्ष मुलाकात की थी और शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी स्थिति जानी थी। इस दौरान उन्होंने विधानसभा क्षेत्र के ही ग्रामीण परिवारों के साथ उनका पारंपरिक भोजन किया था। ग्रामीण परिवारों ने भी अपने घर में मुख्यमंत्री का पारंपारिक तरीके से स्वागत किया और भोजन के दौरान मुख्यमंत्री से घर परिवार की बात की थी। आज मुख्यमंत्री ने मेजबान बनके बस्तर संभाग के इन्ही ग्रामीण परिवारों को अपने घर दोपहर भोज पर आमंत्रित किया और शानदार मेहमान नवाजी की।
मुख्यमंत्री ने अपने निवास में बस्तर से आये मेहमानों का स्वागत करते हुए कहा कि भेंट-मुलाकात कार्यक्रम में जब हम लोग बस्तर गए थे, तब बहुत से साथियों के घर मैंने भोजन किया था। आप लोगों ने बड़े अपनत्व और स्नेह के साथ स्वादिष्ट भोजन कराया था। आज आप लोग मुख्यमंत्री निवास में आए हैं, आप सभी का अभिनंदन है। आज मुझे भी आप लोगों को अपने निवास पर आमंत्रित कर स्वागत का अवसर मिला। आपके साथ परिवार के लोग और बच्चे भी आए हैं, आप सभी का स्वागत है।
मुख्यमंत्री ने स्वयं भोजन की टेबल पर जाकर ग्रामीणों से आत्मीयता के साथ मुलाकात की और उनका कुशल क्षेम पूछकर, घर परिवार की बात की। मुख्यमंत्री निवास में मेहमानों को अनेक स्वादिष्ट व्यंजनों के साथ लाई बड़ी, रमकेलिया कढ़ी, लौकी की खीर, मावा बाटी भी परोसी गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आप लोगों ने भेंट-मुलाकात के दौरान नयी नयी सब्जी-भाजी बनाई और बहुत प्यार से आपने मुझे खिलाया। पखांजूर में आश्रम में ही भोजन की व्यवस्था थी। आज यहां भानूप्रतापपुर, सुकमा, कोंडागांव सहित बस्तर संभाग की सभी विधान सभा के हमारे साथी यहां आए हैं, सबका स्वागत है। सबके घर में मैंने नमक खाया है तो मैंने सोचा कि मुख्यमंत्री निवास में सभी लोगों को बुलाकर भोजन कराऊं। सरगुजा और रायपुर संभाग के लोगों को भी मैंने बुलाया था, हर संभाग के लोगों को बुलाकर विधायक, जनप्रतिनिधियों, सरपंच और जिनके परिवार में मैंने भोजन किया है उन सभी को यहां आमंत्रित किया है।
मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि भेंट मुलाकात का कार्यक्रम हमने पिछले वर्ष 4 मई से शुरू किया था इसे 1 वर्ष हो गया और आज 17 जून है। बहुत बढ़िया भेंट मुलाकात कार्यक्रम हुआ और बहुत सारे लोग लोगों से बात भी हुई। योजनाओं की मैदानी स्थिति के बारे में भी जानकारी हुई, विकास कार्यों की मांग भी हुई, उनकी भी मैंने घोषणा की और उसके बाद फिर समाज के लोगों से मुलाकात हुई। आज मुख्यमंत्री निवास में सभी पूरे परिवार के साथ, अपने माता-पिता और बच्चों के साथ आए हुए हैं। उन्होंने आतिथ्य स्वीकार करने के लिए सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।
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Chhattisgarh: आजादी के बाद पहली बार रावघाट पहुंचेगी रेल, 20 अक्टूबर को 2 रेल लाइनों का उद्घाटन

रायपुर: छत्तीसगढ़ के रेल इतिहास में 20 अक्टूबर का दिन अहम होने जा रहा है। आजादी के बाद पहली बार रावघाट तक रेल पहुंचेगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मौजूदगी में ताड़ोकी-रावघाट और अभनपुर-कुरूद ब्रॉडगेज रेल लाइन का उद्घाटन होगा। इस दौरान रावघाट-रायपुर और रायपुर-कुरूद नई यात्री रेल सेवाओं की शुरुआत भी की जाएगी। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कार्यक्रम में शामिल होंगे।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि रावघाट तक रेल पहुंचने से बस्तर और दक्षिण छत्तीसगढ़ के दूरस्थ इलाकों में विकास, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और आवागमन की सुविधाओं का विस्तार होगा।
1,628 करोड़ रुपए में बनी 95 किमी रेल लाइन
दल्लीराजहरा से रावघाट के बीच करीब 1,628 करोड़ रुपए की लागत से 95 किलोमीटर लंबी रेल लाइन का निर्माण पूरा किया गया है। ताड़ोकी से रावघाट के बीच 17.5 किलोमीटर रेल लाइन का काम पूरा होने के साथ परियोजना का यह महत्वपूर्ण हिस्सा तैयार हो गया है।
रेल संपर्क बनने से क्षेत्र के लोगों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलेगी। साथ ही रावघाट क्षेत्र के लौह अयस्क के परिवहन और भिलाई इस्पात संयंत्र समेत देश के इस्पात उद्योग की जरूरतों को पूरा करने में भी मदद मिलेगी।
अभनपुर-कुरूद ब्रॉडगेज लाइन से रायपुर पहुंचना होगा आसान
अभनपुर-धमतरी गेज परिवर्तन परियोजना के तहत अभनपुर से कुरूद के बीच 22 किलोमीटर रेल लाइन का गेज परिवर्तन पूरा हो गया है। इसके शुरू होने से कुरूद और आसपास के यात्रियों को राजधानी रायपुर तक बेहतर रेल कनेक्टिविटी मिलेगी। परियोजना के कुरूद-धमतरी सेक्शन में अभी काम जारी है। नई यात्री सेवाओं से विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों, किसानों और व्यापारियों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
रायपुर में बनेगी आधुनिक रेल इंजन मेंटेनेंस सुविधा
कार्यक्रम में रायपुर में इलेक्ट्रिक रेल इंजन मेंटेनेंस फैसिलिटी का शिलान्यास भी होगा। प्रस्तावित सुविधा में भविष्य में 300 हाई हॉर्सपावर इलेक्ट्रिक रेल इंजनों के रखरखाव की क्षमता विकसित करने की योजना है। इससे रेल परिचालन और माल परिवहन की जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई रेल लाइनें और यात्री सेवाएं छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा को नई गति देंगी। रावघाट तक रेल पहुंचने से बस्तर अंचल में रोजगार, व्यापार और सामाजिक-आर्थिक विकास के नए अवसर खुलेंगे।
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Chhattisgarh: अंबिकापुर में नशे में बेसुध मिले दुर्ग के 2 पुलिसकर्मी, पास पड़ी थी इंसास राइफल; दोनों सस्पेंड

अंबिकापुर: छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में दुर्ग के दो पुलिसकर्मी शराब के नशे में बेसुध हालत में मिले। उनके पास एएसआई की सर्विस राइफल (इंसास) लावारिस पड़ी थी। स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंची अंबिकापुर पुलिस ने राइफल को कब्जे में लिया। मामले की जानकारी मिलने के बाद दुर्ग एसएसपी विजय अग्रवाल ने दोनों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है।
घटना अंबिकापुर कोतवाली थाना क्षेत्र के प्रतीक्षा बस स्टैंड के पास की है। मौके पर मौजूद लोगों ने दोनों पुलिसकर्मियों का वीडियो बनाया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
बंदी को जेल छोड़कर लौट रहे थे दोनों
जानकारी के मुताबिक, एएसआई जीवन प्रकाश एक्का और कांस्टेबल ऋषिकांत त्रिपाठी को 17 अक्टूबर को दुर्ग से एक बंदी को अंबिकापुर सेंट्रल जेल पहुंचाने और पेशी के बाद वापस जेल लाने की जिम्मेदारी दी गई थी। 18 अक्टूबर को बंदी को जेल में शिफ्ट करने के बाद दोनों पुलिसकर्मी दुर्ग लौटने के लिए प्रतीक्षा बस स्टैंड पहुंचे। शाम करीब 5:40 बजे दोनों बस स्टैंड के बाहर एक ठेले के पास बेसुध हालत में मिले। एएसआई की इंसास राइफल भी पास में लावारिस पड़ी थी।
पुलिस ने राइफल कब्जे में ली
स्थानीय लोगों ने अंबिकापुर कोतवाली पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची टीम ने राइफल अपने कब्जे में ली और सरगुजा एसएसपी राजेश अग्रवाल को जानकारी दी। इसके बाद सरगुजा एसएसपी ने दुर्ग एसएसपी को घटना से अवगत कराया। वीडियो में एएसआई वर्दी में और कांस्टेबल सिविल ड्रेस में नजर आ रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस विभाग ने कार्रवाई की।
दोनों पुलिसकर्मी सस्पेंड, 5 दिन में जांच रिपोर्ट
दुर्ग एसएसपी विजय अग्रवाल ने एएसआई जीवन प्रकाश एक्का और कांस्टेबल ऋषिकांत त्रिपाठी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। दोनों को रक्षित केंद्र अटैच किया गया है। रक्षित निरीक्षक को मामले की जांच सौंपी गई है। उन्हें पांच दिन के भीतर जांच रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए गए हैं।
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राजनांदगांव: गायों के कटे सिर मिलने के मामले में 11 गिरफ्तार, आरोपियों को भीड़ ने पीटा

राजनांदगांव: छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में गायों के कटे सिर मिलने के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी अब्दुल अलीम उर्फ कनवा समेत 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों में मुख्य आरोपी की पत्नी और नाबालिग बेटी भी शामिल हैं। मामले में गौमांस की खरीद-बिक्री में सहयोग करने के आरोप में भी गिरफ्तारियां की गई हैं।
आरोपियों को कोर्ट से बाहर लाते समय नाराज लोगों ने उनके साथ मारपीट की और स्याही फेंकी। पुलिस ने आरोपियों का जुलूस भी निकाला।
गौरी नगर में दो जगह मिले थे गायों के कटे सिर
मामला कोतवाली थाना क्षेत्र के गौरी नगर का है। यहां दो अलग-अलग जगहों पर गायों के कटे सिर मिलने के बाद लोगों में आक्रोश फैल गया था। हिंदू संगठनों ने प्रदर्शन कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। पुलिस ने मुख्य आरोपी अब्दुल अलीम उर्फ कनवा को गिरफ्तार किया है। वह मूल रूप से नागपुर का रहने वाला है और कुछ समय से गौरी नगर में किराए के मकान में रह रहा था।
आधी रात मवेशियों को ले जाने का आरोप
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में सामने आया कि आरोपी कथित तौर पर रात में घूमने वाले मवेशियों को तालाब की ओर ले गया। वहां गाय को काटने के बाद उसके शरीर के हिस्से घर लाए गए। पुलिस का आरोप है कि मांस के छोटे टुकड़े करने में आरोपी की पत्नी अंजुम बेगम और नाबालिग बेटी ने भी सहयोग किया। पुलिस ने मामले में गौमांस की खरीद-बिक्री में सहयोग करने के आरोप में अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया है। मामले की आगे जांच की जा रही है।
अतिक्रमण हटाने की मांग, नगर निगम की कार्रवाई
घटना के बाद रविवार दोपहर बड़ी संख्या में वार्डवासी जुटे और आरोपी के कथित अवैध अतिक्रमण पर बुलडोजर कार्रवाई की मांग की। पुलिस के मुताबिक, अवैध अतिक्रमण कर गौमांस बेचने की सूचना मिली थी। इसके बाद नगर निगम की टीम ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
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बिलासपुर: बच्ची को बचाने की कोशिश में दादी की चाकू मारकर हत्या; पुरानी रंजिश में वारदात का आरोप

बिलासपुर: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में तीन साल की बच्ची को कथित तौर पर जबरन ले जाने की कोशिश कर रहे पड़ोसी युवक ने उसकी दादी पर चाकू से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल राजकुमारी यादव (56) की सिम्स अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी प्रशांत शुक्ला (26) को गिरफ्तार कर लिया है। घटना सकरी थाना क्षेत्र के मेंड्रा गांव की है।
बच्ची को ले जाने से रोकने पर किया हमला
पुलिस के मुताबिक, 17 अक्टूबर की रात करीब 8:30 बजे प्रशांत शुक्ला पड़ोस के घर में खेल रही तीन साल की बच्ची को धारदार हथियार के साथ ले जाने की कोशिश कर रहा था। बच्ची की मां और दादी राजकुमारी यादव ने उसे देख लिया और रोकने का प्रयास किया। इसी दौरान आरोपी ने राजकुमारी यादव पर चाकू से कई वार कर दिए।
गंभीर रूप से घायल महिला जमीन पर गिर पड़ीं। उनकी चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, जिसके बाद आरोपी वहां से भाग गया। परिजन घायल महिला को इलाज के लिए छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) लेकर पहुंचे। यहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
पुरानी रंजिश में बच्ची को नुकसान पहुंचाने का आरोप
पुलिस के अनुसार, परिवार मजदूरी करके गुजर-बसर करता है। आरोपी पड़ोस में रहता है और परिवार के साथ उसका पहले से विवाद चल रहा था। पुलिस का आरोप है कि इसी पुरानी रंजिश के चलते आरोपी बच्ची को नुकसान पहुंचाने की नीयत से उसे ले जाने का प्रयास कर रहा था। घटना के बाद पुलिस ने आरोपी प्रशांत शुक्ला को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
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छत्तीसगढ़ में CAT की स्थायी पीठ पर हाईकोर्ट सख्त, केंद्र से 3 सप्ताह में मांगा जवाब

बिलासपुर: छत्तीसगढ़ में केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (CAT) की स्थायी पीठ स्थापित करने की मांग पर हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से विस्तृत जवाब मांगा है। छत्तीसगढ़ सीनियर लॉयर फोरम की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश कृष्ण राम महापात्रा और न्यायमूर्ति संतोष शर्मा की पीठ ने केंद्र को तीन सप्ताह के भीतर सक्षम अधिकारी का शपथपत्र पेश करने का निर्देश दिया है।
हाईकोर्ट ने केंद्र से पूछा है कि स्थायी पीठ की स्थापना के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं और इसकी वर्तमान स्थिति क्या है। याचिका में कहा गया है कि स्थायी व्यवस्था नहीं होने से राज्य के सरकारी कर्मचारियों और अन्य पक्षकारों को प्रशासनिक मामलों में परेशानी उठानी पड़ रही है।
साल में 5 बार आती है सर्किट बेंच
याचिका के मुताबिक, बिलासपुर में CAT की सर्किट बेंच सीमित अवधि के लिए संचालित होती है। मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित मुख्य पीठ की सर्किट बेंच साल में केवल पांच बार बिलासपुर आती है। हर बार इसका संचालन करीब एक सप्ताह तक होता है।
सीमित कार्यदिवसों के कारण कई मामलों की सुनवाई पूरी नहीं हो पाती। इसके बाद ऑनलाइन सुनवाई का सहारा लेना पड़ता है। नए आवेदन जमा करने, दस्तावेजों में लिपिकीय गलतियां सुधारने और दूसरी शुरुआती प्रक्रियाओं के लिए पक्षकारों को जबलपुर जाना पड़ता है। इससे समय और पैसे दोनों का अतिरिक्त खर्च होता है।
जमीन आवंटित, फिर भी छोटे कमरे में चल रही बेंच
जनहित याचिका में CAT के बुनियादी ढांचे का मुद्दा भी उठाया गया है। याचिकाकर्ता के अनुसार, बिलासपुर में CAT भवन बनाने के लिए जमीन आवंटित की जा चुकी है, लेकिन फिलहाल सर्किट बेंच जिला उपभोक्ता फोरम की पहली मंजिल पर स्थित एक छोटे कमरे से संचालित हो रही है।
याचिकाकर्ता पक्ष का कहना है कि स्थायी पीठ बनने से सरकारी कर्मचारियों और उनके वकीलों को बार-बार जबलपुर जाने की जरूरत कम होगी। इससे प्रशासनिक मामलों की सुनवाई अधिक सुविधाजनक और व्यवस्थित हो सकेगी।
केंद्र ने जवाब दाखिल करने के लिए मांगा समय
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता संस्था की ओर से अधिवक्ता बीपी राव, विकास बाजपेयी, अरविंद सिन्हा और पूजा सिन्हा ने पक्ष रखा। केंद्र सरकार की ओर से उप सॉलिसिटर जनरल रमाकांत मिश्रा और अधिवक्ता अन्नपूर्णा तिवारी पेश हुए।
केंद्र के प्रतिनिधियों ने स्थायी पीठ की स्थापना के लिए अब तक उठाए गए कदमों और मौजूदा स्थिति का विवरण देने के लिए सक्षम अधिकारी का शपथपत्र पेश करने हेतु समय मांगा। इसके बाद हाईकोर्ट ने तीन सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।
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