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Election Commission: एमपी, यूपी, छत्तीसगढ़ समेत 12 राज्यों में SIR का ऐलान, 28 अक्टूबर से 7 फरवरी तक चलेगा

New Delhi: चुनाव आयोग ने सोमवार को दूसरे चरण के वोटर लिस्ट रिवीजन (SIR) का ऐलान कर दिया है। दूसरे चरण में 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर किया जाएगा। चुनाव आयोग के अनुसार, दूसरे चरण में मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तरप्रदेश, राजस्थान, गुजरात, गोवा, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, अंडमान और निकोबार, लक्षद्वीप और पुडुचेरी में एसआईआर किया जाएगा। देशव्यापी विशेष गहन पुनरीक्षण के दूसरे चरण के पूरे होने के बाद इन 12 राज्यों में नई मतदाता सूची 7 फरवरी 2026 को जारी की जाएगी। बता दें कि देश में 1951 से कुल आठ बार एसआईआर किया जा चुका है। अंतिम एसआईआर 21 साल पहले 2002-2004 में किया गया था।
मतदाताओं के लिए क्या होगी पात्रता?
- भारत के संविधान का अनुच्छेद 326 के अनुसार, भारत का नागरिक होगा जरूरी
- कम से कम 18 वर्ष की आयु
- निर्वाचन क्षेत्र का सामान्य निवासी
- किसी भी कानून के तहत अयोग्य नहीं
आजादी के बाद से नौवां एसआईआर- सीईसी
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि चल रहा वोटर लिस्ट रिवीजन (SIR) आजादी के बाद से नौवां ऐसा अभ्यास है। पिछला SIR 2002-04 में हुआ था। सीईसी ने कहा कि एसआईआर का पहला चरण बिहार में शून्य अपील (बिना किसी आपत्ति) के साथ पूरा हो गया था। सीईसी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘दूसरा चरण 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में आयोजित किया जाएगा। एसआईआर यह सुनिश्चित करेगा कि कोई भी पात्र मतदाता छूट न जाए और कोई भी अपात्र मतदाता सूची में शामिल न हो।’
‘आज रात 12 बजे से SIR वाले राज्यों में वोटर लिस्ट होंगी फ्रीज’
मुख्य चुनाव आयुक्त के अनुसार, ‘जिन राज्यों में एसआईआर किया जाएगा, उन सभी राज्यों की मतदाता सूचियां आज रात 12 बजे फ्रीज कर दी जाएंगी। उस सूची के सभी मतदाताओं को बीएलओ की तरफ से विशिष्ट गणना प्रपत्र दिए जाएंगे। इन गणना प्रपत्रों में वर्तमान मतदाता सूची के सभी आवश्यक विवरण होंगे। बीएलओ की तरफ से मौजूदा मतदाताओं को प्रपत्र वितरित करने के बाद, जिन सभी के नाम गणना प्रपत्रों में हैं, वे यह मिलान करने का प्रयास करेंगे कि क्या उनका नाम 2003 की मतदाता सूची में था। यदि हां, तो उन्हें कोई अतिरिक्त दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नहीं है। यदि उनका नाम नहीं, बल्कि उनके माता-पिता का नाम सूची में था, तो भी उन्हें कोई अतिरिक्त दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नहीं है। 2002 से 2004 तक की एसआईआर की मतदाता सूची http://voters.eci.gov.in पर कोई भी देख सकता है और वे खुद मिलान कर सकता हैं।’
कब दिखाने होंगे डॉक्यूमेंट ?
अगर किसी व्यक्ति का नाम 2003 की मतदाता सूची में नहीं था और उसके माता-पिता का नाम भी लिस्ट में नहीं था तो उसे कोई एक डॉक्यूमेंट दिखाना होगा, जिससे वह अपनी नागरिकता साबित कर सके। इसके अलावा आधार कार्ड दिखाने पर भी उसका नाम मतदाता सूची में जुड़ जाएगा। हालांकि, उसे यह बताना होगा कि 2003 में वह या उसके माता-पिता कहां थे।
बीएलओ इन डॉक्यूमेंट को करेगा मान्य
1. किसी भी केंद्र सरकार/राज्य सरकार/सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम के नियमित कर्मचारी/पेंशनभोगी को जारी किया गया कोई भी पहचान पत्र/पेंशन भुगतान आदेश।
2. 01.07.1987 से पहले भारत में सरकार/स्थानीय प्राधिकरणों/बैंकों/डाकघर/एलआईसी/सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों द्वारा जारी किया गया कोई भी पहचान पत्र/प्रमाणपत्र/दस्तावेज।
3. सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी जन्म प्रमाण पत्र।
4.पासपोर्ट
5. मान्यता प्राप्त बोर्ड/विश्वविद्यालयों द्वारा जारी मैट्रिकुलेशन/शैक्षणिक प्रमाण पत्र।
6. सक्षम राज्य प्राधिकारी द्वारा जारी स्थायी निवास प्रमाण पत्र।
7. वन अधिकार प्रमाण पत्र।
8. सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी ओबीसी/एससी/एसटी या कोई भी जाति प्रमाण पत्र।
9. राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (जहाँ भी मौजूद हो)
10. राज्य/स्थानीय प्राधिकारियों द्वारा तैयार किया गया परिवार रजिस्टर।
11. सरकार द्वारा कोई भी भूमि/मकान आवंटन प्रमाण पत्र
12. आधार के लिए, आयोग के पत्र संख्या 23/2025-ईआरएस/खंड II दिनांक 09.09.2025 द्वारा जारी निर्देश लागू होंगे।
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SIR Phase 3: चुनाव आयोग का SIR फेज-3 शुरू, 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में 36.73 करोड़ वोटरों का होगा वेरिफिकेशन

SIR Phase 3: चुनाव आयोग ने गुरुवार को स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तीसरे फेज की घोषणा कर दी। इस चरण में हरियाणा, झारखंड, उत्तराखंड और दिल्ली समेत 16 राज्यों तथा 3 केंद्र शासित प्रदेशों में 36.73 करोड़ मतदाताओं का वेरिफिकेशन किया जाएगा।
चुनाव आयोग के मुताबिक, तीसरे फेज के पूरा होने के बाद हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को छोड़कर पूरे देश में SIR प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। इन तीन क्षेत्रों में मौसम और जनगणना के दूसरे चरण को देखते हुए बाद में शेड्यूल जारी किया जाएगा।
3.94 लाख BLO करेंगे घर-घर वेरिफिकेशन
आयोग ने बताया कि तीसरे फेज में 3.94 लाख बूथ लेवल अधिकारी (BLO) तैनात किए जाएंगे। इनके साथ राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त 3.42 लाख बूथ लेवल एजेंट (BLA) भी प्रक्रिया में सहयोग करेंगे। दिल्ली में SIR प्रक्रिया पूरी होने के बाद अंतिम वोटर लिस्ट 7 अक्टूबर को जारी की जाएगी।
पहले दो फेज में 59 करोड़ वोटर कवर
चुनाव आयोग ने 24 जून 2025 को पूरे देश में SIR कराने का आदेश जारी किया था। अब तक दो चरणों में 10 राज्य और 3 केंद्र शासित प्रदेशों को कवर किया जा चुका है।
पहले चरण में बिहार में SIR हुआ था। वहीं दूसरे चरण में उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, तमिलनाडु, केरल, गोवा, पुडुचेरी, अंडमान-निकोबार और लक्षद्वीप में प्रक्रिया पूरी की गई।
आयोग के अनुसार, पहले दो चरणों में करीब 59 करोड़ मतदाताओं का वेरिफिकेशन किया गया। इस दौरान 6.3 लाख BLO और 9.2 लाख BLA प्रक्रिया में शामिल हुए।
क्या है SIR प्रक्रिया?
स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) चुनाव आयोग की एक विशेष प्रक्रिया है, जिसके तहत वोटर लिस्ट को अपडेट किया जाता है। इसमें घर-घर जाकर फॉर्म भरवाए जाते हैं। इस प्रक्रिया में 18 साल से ऊपर के नए वोटरों को जोड़ा जाता है।
मृत या दूसरी जगह शिफ्ट हो चुके लोगों के नाम हटाए जाते हैं। नाम, पता और अन्य जानकारी में हुई गलतियों को सुधारा जाता है। आयोग का कहना है कि इसका उद्देश्य मतदाता सूची को ज्यादा सटीक और अपडेट रखना है।
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Kerala CM: वीडी सतीशन होंगे केरलम के नए मुख्यमंत्री, 10 दिन बाद नाम पर लगी मुहर

Kerala CM: केरल में विधानसभा चुनाव नतीजों के 10 दिन बाद कांग्रेस ने आखिरकार मुख्यमंत्री चेहरे का ऐलान कर दिया। वीडी सतीशन को राज्य का नया मुख्यमंत्री चुना गया है। पार्टी ने गुरुवार को इसकी आधिकारिक घोषणा की। 61 वर्षीय सतीशन पारावूर सीट से विधायक हैं और लंबे समय से कांग्रेस के प्रमुख विपक्षी चेहरे माने जाते रहे हैं।
कांग्रेस नेता दीपा दासमुंशी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि 7 मई को तिरुवनंतपुरम में हुई बैठक और बाद में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे तथा राहुल गांधी से चर्चा के बाद सतीशन के नाम पर सहमति बनी। नाम के ऐलान के बाद सतीशन ने कहा कि वे इस जिम्मेदारी को निजी उपलब्धि नहीं, बल्कि “दैवीय कृपा” मानते हैं। उन्होंने कहा कि वे केसी वेणुगोपाल और रमेश चेन्निथला समेत सभी वरिष्ठ नेताओं को साथ लेकर चलेंगे।
CM रेस में तीन बड़े चेहरे
मुख्यमंत्री पद की दौड़ में वीडी सतीशन, केसी वेणुगोपाल और रमेश चेन्निथला के नाम प्रमुख रूप से सामने थे। चुनाव परिणाम आने के बाद केरल कांग्रेस अलग-अलग गुटों में बंटी नजर आई। एक धड़ा सतीशन के समर्थन में था, जिन्हें युवा नेतृत्व और आक्रामक विपक्षी चेहरा माना जाता है। वहीं दूसरा धड़ा वेणुगोपाल और चेन्निथला के पक्ष में सक्रिय था। चर्चा थी कि कई विधायक वेणुगोपाल के समर्थन में थे, क्योंकि उन्हें केंद्रीय नेतृत्व का करीबी माना जाता है।
हालांकि सतीशन का मजबूत जनाधार और कार्यकर्ताओं के बीच लोकप्रियता उनके पक्ष में भारी पड़ी। इस दौरान वेणुगोपाल को मुख्यमंत्री न बनाए जाने की मांग को लेकर पोस्टरबाजी भी हुई।
वायनाड में लगे पोस्टर
कांग्रेस समर्थकों ने वायनाड में सतीशन के समर्थन में पोस्टर लगाए थे। पोस्टरों में हाईकमान को चेतावनी देते हुए लिखा गया था कि अगर केसी वेणुगोपाल को मुख्यमंत्री बनाया गया तो इसका राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। कुछ पोस्टरों में “वायनाड अगला अमेठी होगा” जैसे संदेश भी लिखे गए थे।
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India Oil Reserve: भारत के पास 60 दिन का तेल स्टॉक, पेट्रोलियम मंत्री बोले- घबराने की जरूरत नहीं, PM की अपील का गलत मतलब न निकालें

India Oil Reserve: देश में ऊर्जा संकट और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच केंद्र सरकार ने भरोसा दिलाया है कि फिलहाल ईंधन सप्लाई को लेकर कोई खतरा नहीं है। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मंगलवार को कहा कि भारत के पास 60 दिन का कच्चा तेल, 60 दिन की LNG और 45 दिन की LPG का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।
दिल्ली में आयोजित CII एनुअल बिजनेस समिट में पुरी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की ईंधन बचत की अपील को लेकर बेवजह अफरा-तफरी मचाई जा रही है। उन्होंने कहा कि पीएम की बातों का मनगढ़ंत मतलब नहीं निकाला जाना चाहिए।
PM मोदी ने लगातार 2 दिन की थी अपील
प्रधानमंत्री मोदी ने लगातार दो दिन लोगों से पेट्रोल-डीजल और अन्य संसाधनों का सीमित उपयोग करने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि जहां संभव हो, लोग मेट्रो, इलेक्ट्रिक बस और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करें। साथ ही अनावश्यक विदेशी यात्राओं से भी बचें।
तेल कंपनियों को रोज 1000 करोड़ का नुकसान
हरदीप पुरी ने कहा कि पश्चिम एशिया संकट का असर पूरी दुनिया पर पड़ा है, लेकिन सरकार ने इसका बोझ सीधे आम जनता पर नहीं आने दिया। उन्होंने बताया कि तेल कंपनियों को रोजाना करीब 1,000 करोड़ रुपए का नुकसान हो रहा है।
पुरी ने कहा कि यदि यही स्थिति जारी रही तो कुल घाटा 1.98 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच सकता है। उन्होंने बताया कि पहले अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 64-65 डॉलर प्रति बैरल थी, जो अब बढ़कर 115 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच चुकी है।
होर्मुज स्ट्रेट संकट से बढ़ी चिंता
पेट्रोलियम मंत्री ने कहा कि दुनिया की लगभग 20% ऊर्जा सप्लाई होर्मुज स्ट्रेट से गुजरती है। भारत के कच्चे तेल आयात का 85% हिस्सा भी इसी रूट से आता था। इसके अलावा घरेलू LPG जरूरत का लगभग 60% हिस्सा भी इसी रास्ते से आता था। उन्होंने कहा कि संकट बढ़ने के बाद सरकार ने वैकल्पिक इंतजाम किए और घरेलू उत्पादन बढ़ाने पर फोकस किया।
LPG उत्पादन में बड़ा इजाफा
पुरी ने बताया कि संकट से पहले देश में रोजाना 35-36 हजार मीट्रिक टन LPG का उत्पादन होता था। अब इसे बढ़ाकर 54 हजार मीट्रिक टन प्रतिदिन कर दिया गया है। उन्होंने इसे बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि इससे घरेलू गैस सप्लाई को स्थिर बनाए रखने में मदद मिली है।
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Monsoon 2026: देश में मानसून 25-27 मई के बीच केरल पहुंचने के आसार, कई राज्यों में बारिश का अलर्ट

Monsoon 2026: देश में इस बार दक्षिण-पश्चिम मानसून तय समय से पहले दस्तक दे सकता है। आमतौर पर मानसून 1 जून तक केरल पहुंचता है, लेकिन मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक इस बार यह 25 से 27 मई के बीच केरल तट पर पहुंच सकता है।
बंगाल की खाड़ी में बना सिस्टम, मानसून को मिल रही रफ्तार
बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिम हिस्से में एक मौसम प्रणाली सक्रिय हुई है, जो अगले 48 घंटे में और मजबूत हो सकती है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इसी सिस्टम की वजह से मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है और दक्षिण भारत में बारिश की गतिविधियां बढ़ रही हैं।
यूपी-बिहार समेत कई राज्यों में बारिश का अलर्ट
देश के कई हिस्सों में मौसम बदला हुआ है। बिहार और उत्तराखंड के सभी जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है, जबकि उत्तर प्रदेश के 38 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। यूपी, बिहार, उत्तराखंड और पहाड़ी राज्यों में तेज हवाओं और बिजली गिरने की भी आशंका है।
हिमाचल में तूफान से नुकसान
Himachal Pradesh के कुल्लू में आंधी-तूफान और बारिश से 5 घरों और 7 गोशालाओं की छतें उड़ गईं। कई इलाकों में पेड़ गिरने और बिजली बाधित होने की खबरें भी सामने आई हैं।
राजस्थान और MP में हीटवेव जारी
एक तरफ कई राज्यों में बारिश हो रही है, वहीं पश्चिम और मध्य भारत में भीषण गर्मी का असर जारी है। सोमवार को राजस्थान का बाड़मेर देश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां तापमान 47.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जैसलमेर में 46.5°C, फलोदी में 45.6°C और बीकानेर में 45.3°C तापमान रिकॉर्ड हुआ। मध्यप्रदेश के रतलाम में भी पारा 45 डिग्री के पार पहुंच गया।
दक्षिण और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश की संभावना
केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में 14 से 17 मई के बीच भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा असल, मेघालय और मणिपुर में भी बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है।
ओडिशा में 6 दिन तक बारिश का अनुमान
बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम का असर ओडिशा में भी दिखाई देगा। राज्य के कई हिस्सों में अगले 6 दिनों तक बारिश की संभावना है। 20 जिलों में तेज हवाओं और बिजली गिरने के साथ बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है।
अगले दो दिन का मौसम अपडेट
13 मई
- पूर्वी यूपी, बिहार और राजस्थान के कुछ हिस्सों में बारिश और गरज-चमक
- हिमाचल और उत्तराखंड में बारिश व ओलावृष्टि
- पंजाब और हरियाणा में तेज हवाओं की संभावना
- मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और ओडिशा में बिजली गिरने का अलर्ट
14 मई
- दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और पश्चिमी यूपी में 30-60 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं
- जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में बारिश और ओलावृष्टि
- बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ और पूर्वोत्तर राज्यों में बिजली गिरने की चेतावनी
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NEET UG 2026: पेपर लीक के आरोपों के बाद NTA का बड़ा फैसला, NEET UG 2026 परीक्षा रद्द, CBI करेगी जांच

NEET UG 2026: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 3 मई को आयोजित हुई NEET UG 2026 परीक्षा रद्द कर दी है। एजेंसी ने कहा है कि केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद यह फैसला लिया गया है। अब परीक्षा दोबारा कराई जाएगी और नई तारीखों की घोषणा जल्द की जाएगी।
CBI करेगी पूरे मामले की जांच
भारत सरकार ने NEET पेपर लीक मामले की जांच सीबीआई को सौंपने का फैसला किया है। NTA ने कहा कि जांच एजेंसियों से मिले इनपुट और निष्कर्षों के आधार पर यह तय किया गया कि मौजूदा परीक्षा प्रक्रिया को जारी रखना संभव नहीं था। एजेंसी जांच में CBI को सभी रिकॉर्ड और जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराएगी।
8 मई से चल रही थी जांच
NTA के मुताबिक, 8 मई 2026 को ही मामले से जुड़ी जांच केंद्रीय एजेंसियों को सौंप दी गई थी। इसके बाद मिली जानकारी के आधार पर 3 मई को हुई NEET (UG) 2026 परीक्षा को रद्द करने का निर्णय लिया गया। एजेंसी का कहना है कि पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए परीक्षा दोबारा आयोजित की जाएगी।
राजस्थान से सामने आया था पेपर लीक का मामला
पेपर लीक की आशंका सबसे पहले राजस्थान से सामने आई थी। जांच में कई छात्रों के पास हाथ से लिखा हुआ ‘गेस पेपर’ मिला, जिसके सवाल असली परीक्षा से मैच कर रहे थे। 10 मई को राजस्थान SOG ने देहरादून, सीकर और झुंझुनूं में कार्रवाई करते हुए 13 संदिग्धों को हिरासत में लिया था। इनमें एक कोचिंग संस्थान से जुड़े करियर काउंसलर का नाम भी शामिल है।
720 में से 600 नंबर के सवाल मैच होने का दावा
जांच एजेंसियों के मुताबिक, परीक्षा से दो दिन पहले ही सीकर में छात्रों तक ऐसे सवाल पहुंच गए थे, जो असली पेपर से मेल खा रहे थे। बताया जा रहा है कि केरल के एक मेडिकल कॉलेज में MBBS कर रहे छात्र ने 1 मई को यह गेस पेपर अपने दोस्त को भेजा था। बाद में यह पेपर कई छात्रों तक पहुंच गया। प्रारंभिक जांच में दावा किया गया है कि 720 में से करीब 600 नंबर के सवाल असली पेपर से कॉमन पाए गए।
छात्रों में बढ़ी चिंता
परीक्षा रद्द होने के बाद देशभर के लाखों छात्रों और अभिभावकों में चिंता बढ़ गई है। अब सभी की नजर NTA द्वारा घोषित की जाने वाली नई परीक्षा तारीखों पर टिकी है।
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