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‘गर अब भी ना सुधरे तो एक दिन ऐसा आएगा, इस देश को बेटी देने से भगवान भी घबराएगा’
बलात्कारी को फांसी देने के बाद जज ने लिखी मार्मिक कविता
चार्जशीट दायर होने के 8 वें दिन सुनाई फांसी की सजा
झुंझुनूं (राजस्थान): मलसीनगर थान इलाके में 2 अगस्त को एक 3 साल की मासूम से रेप के मामले में स्थानीय अदालत ने चालान पेश होने के 8 वें दिन फांसी की सजा सुना दी। वहीं पुलिस ने भी केस रजिस्टर्ड होने के 11 वें दिन चालान पेश कर दिया था। वहीं इस मामले में जज नीरजा दाधीज ने फैसले के साथ एक बेहद मार्मिक कविता भी लिखी है, जो समाज को आगाह करती है,कि अगर अब भी हम अपनी सोच नहीं बदलेंगे,तो आगे भगवान भी इस देश को बेटी देने में घबराएगा।
जज नीरजा दाधीज की कविता
वो मासूम नाजुक बच्ची एक आंगन की कली थी,
वह मां-बाप की आंख का तारा थी, अरमानों से पली थी।
जिसकी मासूम अदाओं से मां-बाप का दिन बन जाता था,
जिसकी एक मुस्कान के आगे पत्थर भी मोम बन जाता था।
वह छोटी सी बच्ची, ढंग से बोल नहीं पाती थी,
दिखा के जिसकी मासूमियत उदासी मुस्कान बन जाती थी।
जिसने जीवन के केवल तीन बसंत ही देखे थे,
उस पर यह अन्याय हुआ यह कैसे विधि के लेखे थे।
एक तीन साल की बेटी पे यह कैसा अत्याचार हुआ,
एक बच्ची को दरिंदों से बचा नहीं सके, यह कैसा मुल्क लाचार हुआ।
उस बच्ची पर जु्ल्म हुआ, वह कितनी रोई होगी,
मेरा कलेजा फट जाता है तो मां कैसे सोई होगी।
जिस मासूम को देख के मन में प्यार उमड़ के आता है,
देख उसी को मन में कुछ के हैवान उतर आता है।
कपड़ों के कारण होते रेप जो कहे, उन्हें बतलाऊं मैं,
आखिर तीन साल की बच्ची को साड़ी कैसे पहनाऊं मैं।
गर अब भी ना सुधरे तो एक दिन ऐसा आएगा,
इस देश को बेटी देने से भगवान भी घबराएगा।
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Maharashtra: सुनेत्रा पवार बनीं महाराष्ट्र की पहली महिला डिप्टी CM, शपथ ग्रहण समारोह में नहीं पहुंचे शरद पवार

Mumbai: महाराष्ट्र की राजनीति में शनिवार को एक ऐतिहासिक और भावनात्मक पल देखा गया जब सुनेत्रा पवार ने राज्य की पहली महिला उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की। इस मौके पर राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। समारोह मुंबई के लोक भवन में आयोजित किया गया, जहां मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने हिस्सा लिया। शपथ ग्रहण के दौरान माहौल बेहद भावुक था और बड़ी संख्या में मौजूद पार्टी कार्यकर्ताओं के ‘अजित दादा अमर रहें’ के नारों से पूरा सभागार गूंजता रहा।
सुनेत्रा पवार को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के विधायक दल और विधान परिषद सदस्यों की बैठक में सर्वसम्मति से पार्टी का नेता चुना गया। यह पद पहले अजित पवार के पास था, जिनका 28 जनवरी 2026 को बारामती में विमान दुर्घटना में निधन हो गया था। उनके निधन के बाद उपमुख्यमंत्री का पद खाली हो गया था और पार्टी ने सुनेत्रा पवार को उसी जिम्मेदारी के लिए चुना। इससे पहले सुनेत्रा पवार राज्यसभा सांसद थीं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री बनने पर बधाई दी और उनके कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि वह राज्य की जनता के कल्याण के लिए कार्य करेंगी और दिवंगत अजित पवार के सपनों को साकार करेंगी।
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Ajit Pawar Funeral: अजित पवार का अंतिम संस्कार बारामती में संपन्न, बेटों ने दी मुखाग्नि; महाराष्ट्र में 3 दिन का राजकीय शोक

Ajit Pawar Funeral: महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार का गुरुवार को बारामती के काटेवाड़ी स्थित विद्या प्रतिष्ठान मैदान में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। उनके दोनों बेटों पार्थ पवार और जय पवार ने पिता को मुखाग्नि दी। पत्नी सुनेत्रा पवार ने पार्थिव शरीर पर गंगाजल अर्पित कर अंतिम विदाई दी। अंतिम संस्कार के दौरान एनसीपी प्रमुख शरद पवार, सांसद सुप्रिया सुले और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत कई प्रमुख नेता मौजूद रहे।
अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब
अंतिम संस्कार में महाराष्ट्र के अलावा अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में लोग बारामती पहुंचे। देर रात से ही समर्थकों का पहुंचना शुरू हो गया था। सुबह के समय शहर के कई इलाकों में यातायात जाम की स्थिति बन गई। समर्थक बाइक, ट्रैक्टर-ट्रॉली और बसों के जरिए पहुंचे। अंतिम यात्रा के दौरान एक से दो किलोमीटर तक लोगों का सैलाब नजर आया।
प्लेन क्रैश में हुआ था निधन
अजित पवार का निधन बुधवार सुबह एक विमान हादसे में हुआ था। उनका चार्टर्ड प्लेन सुबह 8:45 बजे बारामती एयरपोर्ट के पास लैंडिंग के दौरान क्रैश हो गया था। हादसे के वक्त उनकी उम्र 66 वर्ष थी। इस दुर्घटना में अजित पवार के अलावा उनके सुरक्षाकर्मी, दो पायलट और एक महिला क्रू सदस्य समेत कुल 5 लोगों की मौत हुई थी।
चुनावी कार्यक्रम में जाने वाले थे पुणे
अजित पवार 5 फरवरी को पुणे में होने वाले जिला परिषद चुनावों के सिलसिले में चार चुनावी रैलियों को संबोधित करने वाले थे। उनके निधन पर महाराष्ट्र सरकार ने 3 दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है।
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UGC Rules 2026: यूजीसी के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट की रोक, जनरल कैटेगरी से भेदभाव के आरोपों पर 19 मार्च को सुनवाई

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) के नए नियमों पर गुरुवार को अगले आदेश तक रोक लगा दी है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या की पीठ ने कहा कि नियमों के प्रावधान स्पष्ट नहीं हैं और इनके दुरुपयोग की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। यह टिप्पणी उन याचिकाओं की सुनवाई के दौरान की गई, जिनमें आरोप लगाया गया है कि UGC के नए नियम जनरल कैटेगरी के छात्रों के साथ भेदभाव करते हैं। UGC ने ये नियम 13 जनवरी 2026 को अधिसूचित किए थे, जिसके बाद देशभर में इनका विरोध शुरू हो गया।
केंद्र और UGC को नोटिस, नियमों का नया ड्राफ्ट लाने के निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और UGC को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। साथ ही अदालत ने नियमों का संशोधित और स्पष्ट ड्राफ्ट तैयार करने का निर्देश दिया है। इस मामले में अगली सुनवाई अब 19 मार्च 2026 को होगी।
क्या है UGC का नया कानून?
UGC के नए नियमों का नाम है- ‘प्रमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशंस रेगुलेशंस, 2026’। इनका उद्देश्य कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में SC, ST और OBC छात्रों के खिलाफ जातिगत भेदभाव को रोकना बताया गया है।
नए नियमों के प्रमुख प्रावधान
- उच्च शिक्षण संस्थानों में विशेष शिकायत समितियों का गठन
- जातिगत भेदभाव की शिकायतों के लिए हेल्पलाइन व्यवस्था
- शिकायतों की निगरानी के लिए मॉनिटरिंग टीमें
- संस्थानों की जवाबदेही तय करने के निर्देश
- सरकार का कहना है कि इन बदलावों से उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता और पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।
जनरल कैटेगरी के छात्रों का विरोध
जनरल कैटेगरी और सवर्ण जाति के छात्रों का आरोप है कि नए नियमों में जातिगत भेदभाव की परिभाषा गैर-समावेशी और अस्पष्ट है। उनका कहना है कि इससे कॉलेज परिसरों में अराजकता पैदा हो सकती है और सवर्ण छात्रों को नियमों के तहत ‘स्वाभाविक अपराधी’ की तरह पेश किया गया है। छात्रों का दावा है कि इससे उनके खिलाफ संस्थागत भेदभाव को बढ़ावा मिलेगा। इन्हीं आशंकाओं को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल नियमों के अमल पर रोक लगाई है।
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Ajit Pawar Death: महाराष्ट्र के डिप्टी CM अजित पवार का निधन: बारामती में चार्टर्ड प्लेन क्रैश, 5 की मौत

Ajit Pawar Plane Crash: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और एनसीपी नेता अजित पवार (66) का बुधवार सुबह एक भीषण विमान हादसे में निधन हो गया। यह दुर्घटना सुबह 8:45 बजे बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान हुई, जब मुंबई से आ रहा उनका चार्टर्ड विमान रनवे से पहले ही क्रैश हो गया और उसमें आग लग गई। हादसे में डिप्टी सीएम अजित पवार के अलावा उनके एक सुरक्षाकर्मी, दो पायलट और एक महिला क्रू मेंबर समेत कुल 5 लोगों की मौत हो गई। पवार पुणे में होने वाले जिला परिषद चुनावों के सिलसिले में चार चुनावी रैलियों को संबोधित करने जा रहे थे। वे सुबह 8:10 बजे मुंबई से रवाना हुए थे।
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने बताया कि पायलट ने पहले लैंडिंग की कोशिश की, लेकिन रनवे साफ नजर नहीं आने पर विमान को दोबारा ऊपर ले जाया गया। इसके बाद रनवे-11 पर दूसरी बार लैंडिंग का प्रयास किया गया, इसी दौरान विमान रनवे से पहले गिर गया। हादसे से पहले कोई इमरजेंसी या ‘मेडे’ कॉल नहीं दी गई। अजित पवार का अंतिम संस्कार 29 जनवरी 2026 को होगा।
घटना की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस बारामती पहुंच गए। राज्य सरकार ने आज स्कूलों में छुट्टी और 3 दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है। अजित पवार का अंतिम संस्कार गुरुवार सुबह 11 बजे बारामती में किया जाएगा। उनके चाचा शरद पवार, पत्नी सुनेत्रा पवार, दोनों बेटे और बहन सुप्रिया सुले भी बारामती पहुंच चुकी हैं।
इधर, एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने हादसे की जांच शुरू कर दी है। एक टीम दिल्ली में विमान की ऑपरेटर कंपनी VSR वेंचर्स के दफ्तर पहुंची है, जबकि दूसरी टीम घटनास्थल पर जांच कर रही है। कंपनी ने दावा किया है कि विमान में कोई तकनीकी खामी नहीं थी और पायलट को 16 हजार घंटे का उड़ान अनुभव था।
अजित पवार की पार्टी एनसीपी, भाजपा-शिवसेना गठबंधन सरकार का हिस्सा है। पार्टी के पास कुल 41 विधायक हैं। पवार स्वयं उपमुख्यमंत्री थे, जबकि पार्टी के 7 कैबिनेट और 1 राज्य मंत्री सरकार में शामिल हैं।
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UGC New Rules Protest: UGC के नए नियमों के खिलाफ देशभर में विरोध तेज, दिल्ली में बढ़ाई गई सुरक्षा

UGC New Rules n India: यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) के नए नियमों को लेकर देशभर में जनरल कैटेगरी के छात्रों और सवर्ण समाज का विरोध तेज हो गया है। मंगलवार को नई दिल्ली स्थित UGC मुख्यालय के बाहर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। प्रदर्शन कारियों को परिसर में प्रवेश से रोकने के लिए बड़ी संख्या में बैरिकेडिंग की गई।
उत्तर प्रदेश के कई जिलों- लखनऊ, रायबरेली, वाराणसी, मेरठ, प्रयागराज और सीतापुर में छात्रों, युवाओं और विभिन्न संगठनों ने प्रदर्शन किए। इन प्रदर्शनों में UGC के नए नियमों को वापस लेने की मांग की गई।
रायबरेली में अनोखा विरोध
रायबरेली में विरोध के दौरान भाजपा किसान नेता रमेश बहादुर सिंह और गौरक्षा दल के अध्यक्ष महेंद्र पांडेय ने सवर्ण सांसदों को चूड़ियां भेजकर अपना आक्रोश जाहिर किया। यह विरोध सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट का इस्तीफा
उत्तर प्रदेश के बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने UGC के नए नियमों के विरोध में अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इस घटनाक्रम के बाद प्रशासनिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई है।
मशहूर कवि कुमार विश्वास का तंज
UGC के नियमों को लेकर कवि कुमार विश्वास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर तंज कसते हुए लिखा- “चाहे तिल लो या ताड़ लो राजा, राई लो या पहाड़ लो राजा, मैं अभागा ‘सवर्ण’ हूं… मेरा रोंया-रोंया उखाड़ लो राजा।” उनकी इस पोस्ट पर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
शिक्षा मंत्री का बयान
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसी को भी नए नियमों का गलत इस्तेमाल करने का अधिकार नहीं होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी छात्र के साथ अत्याचार या भेदभाव नहीं होने दिया जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला
UGC के नए नियमों के खिलाफ वकील विनीत जिंदल ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। याचिका में नियमों पर रोक लगाने, सभी छात्रों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने और इक्विटी हेल्पलाइन सुविधाएं देने की मांग की गई है।
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